NEET UG Counselling 2026: मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आज से काउंसलिंग शुरू, जानें पूरा शेड्यूल, नए नियम और जरूरी डॉक्युमेंट लिस्ट

NEET UG Counselling 2026: डॉक्टर बनकर देश के चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए आज अहम दिन है। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। मेडिकल काउंसिल कमेटी ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। नीट यूजी 2026 में सफल परीक्षार्थी एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

एमसीसी 15% एक्यूआई सीटों के लिए करेगा काउंसलिंग

एमसीसी केवल 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों के लिए काउंसलिंग कराती है। इसके अलावा एम्स, जेआईपीएमईआर केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी, एफएमएस और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में प्रवेश भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से होगा। ध्यान रहे, 85% स्टेट कोटा की सीटों के लिए अलग से संबंधित राज्य की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा, क्योंकि स्टेट काउंसलिंग स्वतंत्र रूप से आयोजित की जाती है।

राउंड-1 का पूरा शेड्यूल

रजिस्ट्रेशन शुरू : 5 अगस्त 2026 (दोपहर 1 बजे से)

रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख : 9 अगस्त 2026 (दोपहर 12 बजे तक)

फीस जमा करने की आखिरी तारीख : 9 अगस्त 2026 (दोपहर 3 बजे तक)

चॉइस फिलिंग : 6 अगस्त से 10 अगस्त 2026

चॉइस लॉकिंग : 10 अगस्त 2026 (शाम 4 बजे से रात 11:55 बजे तक)

सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया : 11 से 12 अगस्त 2026

राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट : 13 अगस्त 2026

अलॉट किए गए कॉलेज में रिपोर्टिंग : 14 से 18 अगस्त 2026

इंस्टीट्यूट द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन : 19 से 20 अगस्त 2026

राउंड-2 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू : 22 अगस्त 2026

क्या है फ्रीज-फ्लोट विकल्प?

इस साल काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक डिजिटल बनाया गया है ताकि छात्रों को बार-बार कॉलेज ना जाना पड़े।

फ्रीज-फ्लोट व्यवस्था

अगर छात्र सीट मिलने के बाद फ्रीज (Freeze) विकल्प चुनता है, तो उसे संबंधित कॉलेज जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, फ्लोट विकल्प चुनने वाले छात्र अगले राउंड में भाग ले सकेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन करा सकेंगे। ऐसी स्थिति में तीसरे राउंड तक सीट बरकरार रहने पर ही कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी।

ऑनलाइन छोड़ सकेंगे सीट 

अब योग्य छात्र आवंटित सीट को एमसीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन छोड़ सकेंगे। इसके लिए कॉलेज जाकर अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

अन्य नए सुधार

ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

एनआरआई एडमिशन प्रोसेस का डिजिटाइजेशन

PwBD छात्रों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं

साइबर सिक्योरिटी को मजबूत किया गया

शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाया गया

रजिस्ट्रेशन से पहले तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट

रजिस्ट्रेशन करने से पहले छात्र नीचे बताए गए डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें:

  • नीट यूजी 2026 स्कोरकार्ड
  • नीट यूजी एडमिट कार्ड
  • कक्षा 10 का सर्टिफिकेट (डेट ऑफ बर्थ प्रूफ)
  • 12वीं कक्षा की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
  • सरकारी फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट आदि)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • SC/ST/OBC-NCL/EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • डोमिसाइल सर्टिफिकेट (जहां आवश्यक हो)
  • NRI कोटा के लिए पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट
  • एमसीसी इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में मांगे गए अन्य डॉक्यूमेंट्स

कैसे मिलेगी सीट?

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद छात्रों को काउंसलिंग फीस जमा करनी होगी और अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स को चुनकर उन्हें लॉक करना होगा। बता दें सीट अलॉटमेंट निम्न आधारों पर किया जाएगा:

  • नीट यूजी 2026 रैंक
  • आरक्षण कैटेगरी
  • भरी गई पसंद
  • उपलब्ध सीटें

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NEET-PG cut-off case: डीजीएचएस की अध्यक्षता वाली समिति करेगी नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया का ऑडिट, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

NEET-PG cut-off case: नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 12 सदस्यों वाली एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया में मौजूद कमियों की पहचान करेगी। इसे ठीक करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को सलाह देगी और आंतरिक ऑडिट के लिए एक व्यवस्था बनाएगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। शीर्ष अदालत में नीट पीजी 2025-26 प्रवेश के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि समिति का गठन 23 जुलाई के नोटिफिकेशन के जरिए कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक किया गया था। कमेटी को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डी लवनीश जी कृष्णा हेड कर रहे हैं, जबकि असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ प्रवीण कुमार दास मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर काम करेंगे।

इसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) और हेल्थ मिनिस्ट्री के दूसरे अधिकारियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हैं। भाटी ने कहा कि कमेटी का काम मौजूदा पीजी प्रवेश प्रक्रिया के विस्तृत आंतरिक ऑडिट के लिए एक तंत्र बनाना और सुधार लागू करने लायक सुझाव देना है। उन्होंने बेंच को बताया कि इस काम में आठ हफ्ते लगेंगे। केंद्र का जवाब दर्ज करने के बाद बेंच ने कमेटी को आठ हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद हम इस मुद्दे पर सक्रिय तौर से चर्चा करेंगे।” पीठ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कमेटी नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH) से मेंबर्स को को-ऑप्ट कर सकती है।

पिटीशनर हरिशरण देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद और एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने एक एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का सुझाव दिया। भाटी ने जवाब दिया कि सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह को इस मामले में पहले ही एमिकस अपॉइंट किया जा चुका है।

नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया पर याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन और डॉक्टर सौरव कुमार, लक्ष्य मित्तल और आकाश सोनी की तरफ से फाइल की गई है। इसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के 13 जनवरी के नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसमें नीट पीजी 2025-26 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम कर दिया गया था।

संशोधित योग्यता मापदंड के तहत, सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 कर दिया गया, जबकि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर सातवें पर्सेंटाइल पर आ गया। SC, ST और OBC कैंडिडेट्स के लिए, कट-ऑफ स्कोर 235 से घटाकर माइनस 40 कर दिया गया। पिटीशनर्स का कहना है कि यह फैसला मनमाना, गैर-संवैधानिक है और संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: दिल्ली सरकर ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खास पहल की है। देश के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को दिल्ली सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग कराई जाएगी। दिल्ली सरकार की इस विशेष पहल के तहत एक साल का मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रोग्राम घोषित किया गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर इस पहल की जानकारी दी है। फ्री कोचिंग प्रोग्राम पुणे की गैर लाभकारी संस्था दक्षिणा फाउंडेशन की स्पॉन्सर्ड स्कॉलरशिप के तहत दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों में कक्षा 12 में पढ़ने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के छात्रों के लिए एक साल का फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम अनाउंस किया है। दिल्ली सरकार और सरकारी मदद वाले स्कूलों में मौजूद शैक्षिक सत्र के दौरान कक्षा 12 (साइंस) में एनरोल छात्र इस पहल का लाभ ले सकते हैं। डीओई ने सभी सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों को इस पहल के बारे में सूचित किया है।

निदेशालय की ओर से योग्य छात्रों से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने को कहा गया है। छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के जरिए होगा, जो दिसंबर 2026 में होगी। प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे जिले के कडूस गांव में मौजूद फाउंडेशन के कैंपस दक्षिणा वैली में एक साल के लिए फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग दी जाएगी।

डीओई ने कहा कि स्कॉलरशिप की राशि से कार्यक्रम का पूरा खर्च मैनेज हो जाएगा। स्कॉलरशिप में जेईई और नीट के लिए फ्री कोचिंग, एक साल के कोर्स के पूरे समय के लिए हॉस्टल में रहने की जगह और खाना शामिल है। दिल्ली सरकार और दक्षिणा फाउंडेशन की ये पहल खासतौर से ईडब्लूएस वर्ग के उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी, जो इंजीनियरिंग और मेडिसिन में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं अफोर्ड कर सकते हैं।

इस प्रोग्राम का मकसद देश भर के बड़े इंजीनियरिंग और मेडिकल इंस्टिट्यूट में सरकारी स्कूल के छात्रों की उपस्थिति को बेहतर बनाना है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे योग्य छात्रों के बीच स्कॉलरशिप के बारे में जागरूकता फैलाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इस मौके का फायदा उठा सकें। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सरकारें टारगेटेड स्कॉलरशिप प्रोग्राम और शैक्षिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पहुंच को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

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NEET UG 2026 Merit List: नीट यूजी चॉइस फिलिंग और रजिस्ट्रेशन कल, पुडुचेरी ने जारी की राज्यवार मेरिट लिस्ट

NEET UG 2026 Merit List: चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्र अब नीट यूजी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के जरिए स्नातक स्तरीय (UG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू होने वाली है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों के लिए नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। पुडुचेरी के हेल्थ और फैमिली वेलफेयर सर्विसेज विभाग ने भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट health.py.gov.in पर स्टेट मेरिट लिस्ट जारी कर दी है।

पुडुचेरी मेरिट लिस्ट में एक अनोखी बात सामने आई है जिसने कैंडिडेट्स का ध्यान खींचा है। सबसे ज़्यादा रैंक वाले कैंडिडेट को 670 मार्क्स मिले हैं, लेकिन लिस्ट में ऐसे कैंडिडेट्स भी शामिल हैं जिन्हें -1 से -23 मार्क्स मिले हैं। इन कैंडिडेट्स के शामिल होने से छात्रों में उत्सुकता बढ़ गई है, भले ही मेरिट लिस्ट में उनके नाम होने से एमबीबीएस सीट की गारंटी नहीं है।

कुल 10 छात्रों को नीट यूजी परीक्षा में नेगेटिव मार्क्स मिले हैं। नेगेटिव मार्क्स में -1, -3, -6, -7, -9, -11, -14, -15, -16 और -23 शामिल हैं। इन कैंडिडेट्स की रैंक 4707 और 4716 के बीच है। कृष्णाथ अभिनव एम 670 अंक और एआईआर 553 के साथ राज्य की मेरिट लिस्ट में टॉप पर हैं। दूसरे नंबर पर प्रवीण ए हैं, जिन्होंने 646 अंक और ओवरऑल रैंक 1721 हासिल की है, और लिस्ट में तीसरे नंबर पर रामानीश्वर ए हैं, जिन्होंने 646 मार्क्स और ओवरऑल रैंक 1756 हासिल की है।

जिन छात्रों को जारी मेरिट लिस्ट पर आपत्ति है, वे 5 अगस्त, 2026 तक ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकते हैं। वे अपने ऑब्जेक्शन DMS@PY.GOV.IN पर ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।

नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट: रैंक लिस्ट कैसे चेक करें

  • मेरिट लिस्ट चेक करने के लिए, कैंडिडेट्स नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।
  • ऑफिशियल वेबसाइट health.py.gov.in पर जाएं।
  • होम पेज पर मौजूद NEET UG 2026 मेरिट लिस्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • एक नया पेज खुलेगा जहां कैंडिडेट अपनी रैंक चेक कर सकते हैं।
  • आगे इस्तेमाल के लिए फाइल डाउनलोड करें।

नीट यूजी काउंसलिंग पंजीकरण कल, 5 अगस्त, 2026 से शुरू होगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 12 अगस्त, 2026 है। चॉइस फिलिंग 6 अगस्त से शुरू होगी और 13 अगस्त, 2026 को बंद हो जाएगी। सीट आवंटन रिजल्ट 17 अगस्त को घोषित किया जाएगा। जिन छात्रों को सीट आवंटित होगी, वे 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2026 तक इंस्टीट्यूट में रिपोर्ट कर सकते हैं।

बता दें, नीट यूजी री-एग्जाम रिजल्ट 16 जुलाई, 2026 को अनाउंस किया गया था। एग्जाम 21 जून, 2026 को हुआ था। स्टेट मेरिट लिस्ट से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए, कैंडिडेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सर्विसेज, पुडुचेरी की ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते हैं।

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MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, यहां देखें पूरा शेड्यूल

MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में फार्मेसी से जुड़े पाठ्यक्रमों में शैक्षिक वर्ष 2026-27 में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के बड़ा और अहम अपडेट है। महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) सेल ने सेंट्रलाइज्ड प्रवेश प्रक्रिया (CAP) के जरिए बी फार्मा और डी फार्मा पाठ्क्रमों के फर्स्ट ईयर में प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार सीईटी सेल की आधिकारिक वेबसाइट ph2026.mahacet.org पर शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ, कैंडिडेट को ऊपर बताए गए पोर्टल पर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने होंगे।

एमएचटी सीईटी की ओर से बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए पूरा शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित कर दिया है। इसके मुताबिक, प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए 10 अगस्त शाम 5 बजे तक आवेदन जमा करने की रजिस्ट्रेशन विंडो एक्टिव रहेगी। आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने के बाद, परीक्षार्थियों को ऑनलाइन या फिजिकल मोड में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए उपस्थित होना होगा। फार्मेसी कोर्स में प्रवेश चाहने वाले छात्रों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो गया है। पंजीकृत छात्रों को 11 अगस्त शाम 5 बजे से पहले वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करना होगा, नहीं तो, उनका एप्लीकेशन अपने आप कैंसल हो जाएगा।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस देखें

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए ई-स्क्रूटनी मोड चुनने वाले कैंडिडेट पूरा प्रोसेस ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं और उन्हें ई-स्क्रूटनी सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। आधिकारिक सूचना ब्रोशर के अनुसार, फैसिलिटेशन सेंटर ऑनलाइन जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगा। अप्रूव होने के बाद, वेरिफिकेशन स्टेटस और एक्नॉलेजमेंट रसीद कैंडिडेट के लॉगिन से मिल जाएगी। आवेदन फॉर्म में गड़बड़ी मिलने पर उसे कैंडिडेट को वापस कर दिया जाएगा, जिसे जरूरी सुधार करने के बाद तय शेड्यूल के अंदर इसे दोबारा जमा करना होगा।

फिजिकल स्क्रूटनी चुनने वाले छात्रों को तय तारीख और समय पर अपने चुने हुए फिजिकल स्क्रूटनी सेंटर पर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ जाना होगा। सेंटर डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगा और जमा करने के बाद एप्लीकेशन को अप्रूव करेगा। कैंडिडेट को बाद में एक एक्नॉलेजमेंट रसीद मिलेगी। सीईटी सेल 13 अगस्त को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी करेगा। कैंडिडेट को लिस्ट में अपनी डिटेल्स चेक करनी होंगी और अगर उन्हें कोई गलती मिलती है, तो 17 अगस्त तक सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ शिकायत दर्ज करानी होगी। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स के नामों वाली फाइनल मेरिट लिस्ट 19 अगस्त को ऑनलाइन जारी की जाएगी।

NEET UG 2026 Admission Process: 4 अगस्त को होगी नीट यूजी की काउंसलिंग और चॉइस फिलिंग प्रक्रिया, यहां देखें इसकी स्टेप बाय स्टेप गाइड

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

Abhijeet Deepke

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी अमेरिका में पढ़ाई के खर्चे को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी बोस्टन यूनिवर्सिटी में एमएस (पब्लिक रिलेशंस) की डिग्री स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरी हुई। उन्होंने स्कॉलरशिप दस्तावेज भी सार्वजनिक रूप से दिखाने की पेशकश की है।

अभिजीत दीपके ने पत्रकार बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप प्राप्त की थी और बाकी खर्च के लिए एजुकेशन लोन लिया था, जिसे मुझे अभी चुकाना है।” उन्होंने डीन स्कॉलरशिप का दस्तावेज साझा करते हुए बताया कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें प्रति सेमेस्टर 12,500 डॉलर की स्कॉलरशिप दी, जो तीन सेमेस्टर के लिए कुल 37,500 डॉलर (लगभग 30 लाख रुपये से अधिक) बनी।
 
विवाद की शुरुआत : विवाद तब शुरू हुआ जब सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके (महाराष्ट्र सरकार के रिटायर्ड जूनियर इंजीनियर) की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की। तिवारी ने सवाल उठाया कि मासिक वेतन लगभग 60-65 हजार रुपए वाले रिटायर्ड कर्मचारी ने अमेरिका जैसी महंगी पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग, इनकम टैक्स विभाग और महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर जांच की अपील की थी।

अभिजीत ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि वे अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन दस्तावेज दिखाने को तैयार हैं। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर चुनौती दी, “मैं अपना स्कॉलरशिप लेटर और एजुकेशन लोन लेटर दिखाने को तैयार हूं। क्या सम्राट अपना डिग्री दिखाएंगे?” कितना खर्च आया पढ़ाई पर? अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के मास्टर कोर्स पर ट्यूशन फीस, रहन-सहन, स्वास्थ्य बीमा आदि मिलाकर कुल खर्च 30 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकता है। अभिजीत की स्कॉलरशिप ने काफी हिस्सा कवर किया, जबकि बाकी लोन से पूरा हुआ। उनके पिता ने पहले भी लोन लेकर बेटे को पढ़ाने की बात कही थी।

CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल : अभिजीत दीपके ने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद वे अमेरिका गए और हाल ही में जून 2026 में भारत लौटकर बड़े प्रदर्शन आंदोलन का नेतृत्व किया। CJP की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं, जिस पर उन्होंने क्राउडफंडिंग और पूर्ण पारदर्शिता का वादा किया है।यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग दीपके के जवाब और RTI कार्यकर्ता के सवालों पर अपनी राय रख रहे हैं। अभिजीत दीपके की स्पष्टता ने कई सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। अभिजीत दीपके ने बयान दिया है कि पढ़ाई का खर्च स्कॉलरशिप और लोन से हुआ। अब लोन चुकाना है।

बता दें कि अभिजीत दीपके कॉकरोच पार्टी बनाकर चर्चा में आए थे। पार्टी बनाने के बाद उन्‍होंने दिल्‍ली के जंतर मंतर में प्रोटेस्‍ट किया। बाद में ये प्रोटेस्‍ट जेंनजी प्रोटेस्‍ट बन गया। जिसका असर यह हुआ कि नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्‍तीफा देना पडा। 

‘जॉब नहीं मिलेगा तो सिंहासन हिलेगा…’ 8 अगस्त के लिए राहुल गांधी ने किया बड़ा ऐलान, ये है पूरा प्लान

जंतर-मंतर में Gen Z के प्रदर्शन की ताकत देखने के बाद कांग्रेस अब इसे लेकर एक नई रणनीति पर चलती हुई दिख रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। राहुल गांधी एक बार फिर बेरोजगारी, पेपर लीक और रुकी हुई सरकारी भर्तियों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी करते दिख रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में छात्र संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रयागराज के छात्रों के लिए एक पोस्ट शेयर किया है।

राहुल गांधी ने किया ये ऐलान

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।” उन्होंने कहा कि कोटा और देहरादून के बाद अब “छात्रों की गूंज” प्रयागराज पहुंच रही है। अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का वर्तमान छीन लिया है, जबकि रुकी हुई भर्तियों ने उनके भविष्य को भी संकट में डाल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में दिल्ली में अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी युवाओं की आवाज लगातार उठाती रहेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि अब बहानों का समय खत्म हो चुका है। अपने पोस्टच के अंत में राहुल गांधी ने युवाओं से 8 अगस्त को प्रयागराज में मिलने की अपील भी की।

कांग्रेस ने बदली रणनीति

बता दें कि, कांग्रेस ने 17 जून को कोटा से छात्रों की गूंज अभियान का पहले चरण की शुरुआत करने के बाद दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में हुआ था। इसके बाद तीसरा चरण प्रयागराज में 8 अगस्त को होना तय हो गया है। बता दें कि, इससे पहले राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों ने बड़ा प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंर्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।

इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस अपनी रणनीति में बदलाव करती दिख रही है। पार्टी अब इसी असंतोष को राजनीतिक समर्थन में बदलने की कोशिश कर रही है। जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक और सरकारी नौकरियों के घटते अवसर जैसे विषयों पर पार्टी फोकस करती नजर आ रही है।

‘मेरी बेटी को नई जिंदगी मिली’: PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए लड़की की मां क्या बोली?

CJP Protest News Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए पहले माफी मांग चुकी 15 साल की छात्रा ने अब सार्वजनिक रूप से पहली बार खुलकर बात की है। छात्रा ने कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसे माफ कर दिया जाएगा। उसने PM मोदी के संदेश को दूसरी जिंदगी मिलने जैसा बताया।

उसने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वह अपने आस-पास के लोगों से प्रभावित थी। आरोप लगाया कि उसे धमकियां मिल रही हैं। उसने कहा कि उसके खिलाफ दर्ज पुलिस केस अभी तक वापस नहीं लिया गया है। छात्रा ने कहा कि उसने अनजाने में वे बातें नहीं कही थीं। बल्कि वह विरोध प्रदर्शन वाली जगह के माहौल और दूसरे लोग जो उसे बता रहे थे, उससे प्रभावित थी।

लड़की की मां ने क्या कहा?

वहीं, लड़की की मां ने कहा कि PM मोदी के माफ करने के फैसले की वजह से उनकी बेटी को नई जिंदगी मिली है। न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए लड़की की मां ने कहा कि वे PM मोदी की शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने बदला लेने के बजाय माफ करने का रास्ता चुना। उन्होंने इसे अपनी बेटी के लिए एक दूसरा मौका बताया।

उन्होंने कहा, “PM मोदी ने उस बच्ची को माफ करके अपनी महानता दिखाई है, जिसने इतने गंदे और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया था। आज उसका जन्मदिन है और PM मोदी ने उसे सबसे बड़ा तोहफा दिया है जीवनदान….। आज इस लड़की का पुनर्जन्म हुआ है।” शुक्रवार को PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके संयम बरतने की अपील की थी।

यह अपील जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अपशब्दों वाले नारे लगाए जाने के बाद की गई थी। प्रधानमंत्री ने उन्हें अपशब्द कहने वालों को गुमराह बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसका समाधान गुस्से या बदले की भावना में है।

‘बहकावे में आ गई थी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली लड़की ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। खुद को 15 साल का बताने वाली लड़की ने कहा कि वीडियो में प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने संबंधी उसका वीडियो सोशल मीडिया पर उसने खुद पोस्ट नहीं किया था। उसने कहा कि वह इस पर बहुत शर्मिंदा है।

पीटीआई द्वारा संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शुक्रवार को एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द कहने वालों को माफ करने की बात कही।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन गुमराह बच्चों को माफ किए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज में व्याप्त आक्रोश को समझते हैं। लेकिन यह गुमराह बच्चों को अपनाने और उन्हें सही राह दिखाने का समय है।

जंतर-मंतर कैसे पहुंचीं लड़की?

माफी वाले वीडियो में लड़की ने कहा, “मैं अपने दोस्तों के साथ सीपी (कनॉट प्लेस) गई थी, जहां प्रदर्शन हो रहा था।…वहां लोग बहुत चीजें बोल रहे थे। प्रधानमंत्री जी को बहुत गालियां दे रहे थे। उन लोगों के बहकावे में आकर मैंने वे सब चीजें बोलीं।”

लड़की ने कहा, “मैं अभी मात्र 15 साल की हूं। मैंने जो किया वह माफी के लायक नहीं है। मैंने बहुत गंदी चीजें बोलीं। लेकिन यह मेरी पहली और आखिरी गलती होगी। इसके बाद मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी। न ही वो चीज मैंने कभी पोस्ट की थी।…मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मैं इतनी शर्मिंदा हूं कि अपनी नजरें भी नहीं उठा पा रही हूं।”

गाजियाबाद में शिकायत दर्ज

लड़की का यह वीडियो गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की ओर से 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग आवासीय सोसाइटी की निवासी लड़की ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची।

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पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर जीरो FIR दर्ज की गई और उसे जांच के लिए दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने इस कंटेंट के प्रसार को लेकर साइबर सेल थाने में FIR दर्ज की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को इसे हटाने का नोटिस जारी कर जांच के तहत संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा था।

NEET PG 2026 Exam: एक ही शिफ्ट में एग्जाम, घर के पास होगा परीक्षा केंद्र, नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने बड़े सुधारों का किया ऐलान

NEET PG 2026 Exam: सरकार NEET-PG परीक्षा के लिए कई बदलाव किए हैं। इसमें परीक्षा केंद्र के विकल्पों का दायरा बढ़ाना, उम्मीदवारों को परीक्षा वाले शहरों तक यात्रा की योजना बनाने के लिए ज्यादा समय देना और टेस्ट के दौरान हर सवाल के लिए अधिक समय देना शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, NEET परीक्षा अब एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इस कदम का मकसद मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में आपातकालीन स्थितियों या परीक्षा स्थगित होने के कारण एग्जाम कई शिफ्ट में आयोजित करनी पड़ी थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन सुधारों का मकसद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “पेपर पत्र तैयार करने और उसे पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को कई स्तरों पर मज़बूत किया गया है।”

एक ही शिफ्ट में होगा एग्जाम

न्यूज एजेंसी PTI ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि एक ही शिफ्ट में परीक्षा कराने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सभी उम्मीदवार एक जैसी परिस्थितियों में एक ही पेपर दें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार 1 अगस्त को NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। नड्डा ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी आधारित तरीके से आयोजित की जाए।

NEET-PG 2026 के एग्जाम सेंटर घर के पास होंगे

इससे पहले ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (first-come, first-served) वाली व्यवस्था थी। लेकिन अब उम्मीदवारों से आवेदन करते समय तीन राज्यों की प्राथमिकता बताने को कहा जाएगा। उनका राज्य अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता होगी, जिससे अधिकारियों को उनके घर के पास परीक्षा केंद्र आवंटित करने में आसानी होगी। पहले उन्हें अक्सर पास के केंद्र पूरी तरह भरे हुए मिलते थे और परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

कब होगा एग्जाम?

NEET PG 2026 की परीक्षा 30 अगस्त 2026 (रविवार) को आयोजित होगी। यह एग्जाम कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उम्मीदवारों को 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित टेस्ट शहर के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

इससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। पहले, शहर और वेन्यू की जानकारी परीक्षा की तारीख के बहुत करीब जारी की जाती थी। इससे कई उम्मीदवारों को यात्रा और ठहरने की व्यवस्था करने में परेशानी होती थी।

तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे

मंत्रालय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अपने एग्जाम सेंटर के लिए तीन राज्यों को विकल्प के तौर पर चुन सकेंगे। उनके रहने की जगह के पास केंद्र आवंटित करने में आसानी के लिए पहली प्राथमिकता के तौर पर अपने गृह राज्य को चुनना अनिवार्य होगा।

एक सूत्र ने बताया कि पहले एग्जाम सेंटर वाले शहर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाते थे, जिससे रजिस्ट्रेशन विंडो खुलते ही उम्मीदवार जल्दबाजी में आवेदन करते थे। जो लोग देर करते थे, उन्हें अक्सर पास के परीक्षा केंद्र के विकल्प पूरी तरह भरे हुए मिलते थे। इससे उन्हें परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था।

तीन सप्ताह पहले मिल जाएगी जानकारी

एक और अहम बदलाव में उम्मीदवारों को परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उनके आवंटित परीक्षा शहर के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। मंत्रालय ने बताया कि NBEMS ने परीक्षा पैटर्न को भी तर्कसंगत बनाया है, जिसके तहत उम्मीदवारों को 210 मिनट में 180 सवालों के जवाब देने होंगे। इससे उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलता है। जबकि परीक्षा की कुल अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2,73,183 उम्मीदवारों ने कराया रजिस्ट्रेशन

NEET-PG 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। यह परीक्षा लगभग 340 शहरों और 1,300 से अधिक एग्जाम सेंटरों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।

काउंसलिंग चार अगस्त से शुरू होगी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत MBBS और दूसरे अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से शुरू होगा। 2026-27 बैच का एकेडमिक सेशन 8 सितंबर से शुरू होगा।

कमेटी की ओर से जारी काउंसलिंग शेड्यूल के मुताबिक, डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए AIQ काउंसलिंग का पहला राउंड 4 अगस्त से 17 अगस्त तक होगा। एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 22 अगस्त होगी।

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शेड्यूल के अनुसार, AIQ काउंसलिंग का दूसरा राउंड 24 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा। इसके बाद तीसरा राउंड होगा, जो 10 सितंबर से 18 सितंबर तक चलेगा। स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग का पहला राउंड 13 अगस्त से 22 अगस्त तक होगा, जिसमें कैंडिडेट्स को 28 अगस्त तक अपना एडमिशन पूरा करना होगा। दूसरा राउंड 31 अगस्त से 8 सितंबर तक और तीसरा राउंड 16 सितंबर से 26 सितंबर तक होगा।

NEET UG 2026 Counselling Mistakes: 7 अगस्त तक शुरू हो सकती है काउंसलिंग, इसमें आपकी छोटी सी गलती से हाथ से निकल जाएगी एमबीबीएस की सीट

NEET UG 2026 Counselling Mistakes: नीट यूजी 2026 का री-एग्जाम हो चुका है। इसके नतीजे भी घोषित हो चुके हैं। इस उतार-चढ़ाव भरी प्रक्रिया में सफल परीक्षार्थियों को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम चरण का इंतजार है। नीट यूजी परीक्षा पास करना इस प्रक्रिया का आधा हिस्सा है। असल चुनौती मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया का काउंसलिंग राउंड होती है। अक्सर देखने को मिलता है कि परीक्षा पास करने के बावजूद कई मेधावी छात्र मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने से चूक जाते हैं। नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सतर्कता और सही स्ट्रैटेजी की जरूरत होती है। फीस न भरने या किसी ऑप्शन को ठीक से न समझने की छोटी सी लापरवाही आपको नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर सकती है। इसलिए नीट यूजी 2026 काउंसलिंग 07 अगस्त के आस-पास शुरू होने से पहले आइए इसमें अमूमन होने वाली आम गलतियों को जान लें और उससे बचने का तरीका भी समझ लें।

चॉइस फिलिंग में जल्दबाजी और ओवर-कॉन्फिडेंस

ये नीट यूजी काउंसलिंग में सबसे बड़ी गलती होती है। कई छात्र सिर्फ चुनिंदा टॉप कॉलेजों का नाम भरकर छोड़ देते हैं। अगर आपके मार्क्स के हिसाब से उन कॉलेजों की कट-ऑफ हाई चली गई तो आप राउंड से बाहर हो जाएंगे। अपनी रैंक का सही आकलन करें और सुरक्षित बैकअप के तौर पर कॉलेजों की लिस्ट तैयार रखें।

लॉक करने से पहले चॉइस का रिव्यू न करना

चॉइस फिल करने के बाद उसे ध्यान से री-चेक करें। कई बार छात्र सीट की प्रेफरेंस सही क्रम में नहीं लगाते हैं। चॉइस लॉक करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। अगर आपने किसी कम पसंद वाले कॉलेज को ऊपर रख दिया तो हो सकता है कि आपको वही अलॉट कर दिया जाए। इसलिए यह स्टेप बहुत सावधानी से पूरा करें।

फर्जी या गलत डॉक्यूमेंट्स जमा करना

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट, गलत कैटेगरी सर्टिफिकेट या डुप्लिकेट डाक्यूमेंट्स देना किसी अपराध से कम नहीं है। ऐसा करने पर न केवल आपका अलॉटमेंट कैंसिल हो जाएगा, बल्कि एंटी-रैगिंग और मेडिकल काउंसिल के सख्त नियमों के तहत 3 से 5 साल तक के लिए बैन भी किया जा सकता है।

फ्री एग्जिट रूल्स को न समझना

नीट यूजी काउंसलिंग के हर राउंड के अपने नियम होते हैं। उदाहरण के लिए, राउंड-1 में आमतौर पर ‘फ्री एग्जिट’ मिलता है, लेकिन राउंड-2 या मॉप-अप (स्ट्रे वैकेंसी) राउंड में अगर सीट अलॉट हो जाती है और आप रिपोर्ट नहीं करते हैं तो सिक्योरिटी मनी जब्त हो सकती है। इसके आगे के राउंड्स से बाहर भी किया जा सकता है।

डेडलाइन और फीस पेमेंट में देरी

नीट यूजी काउंसलिंग पोर्टल पर हर स्टेप की सख्त डेडलाइन होती है। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या फिर कॉलेज में रिपोर्टिंग का समय- इनमें से किसी भी काम में कुछ घंटों की देरी भी एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन रद्द करवा सकती है।

स्टेट और ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में तालमेल न रखना

15% ऑल इंडिया कोटा और 85% स्टेट कोटा की काउंसलिंग की डेट्स अक्सर आस-पास होती हैं। अगर आप दोनों जगह ट्राई कर रहे हैं तो सभी नियमों को बहुत ध्यान से पढ़ लें। किसी एक जगह सीट फाइनल होने के बाद दूसरी जगह की गाइडलाइंस का पालन न करना आपको कानूनी और तकनीकी उलझन में फंसा सकता है।

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