NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी में चॉइस फिलिंग की आखिरी तारीख बढ़ी, अब आज रात 11.59 बजे तक बता सकते हैं अपनी पसंद

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 में सफल छात्र अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से आयोजित की जा रही काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। इसके तहत पहले राउंड में अपनी पसंद की मेडिकल सीट भरने और लॉक करने की सुविधा छात्रों को दी जाती है। एमसीसी ने काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे छात्रों को सहूलियत देते हुए नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस भरने और लॉक करने की डेडलाइन बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत चॉइस लॉक करने की सुविधा भी बढ़ा दी गई है। कैंडिडेट 18 अगस्त, 2026 को रात 11:59 बजे तक यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

काउंसलिंग प्रक्रिया 15% ऑल इंडिया कोटा (AQI) के तहत अंडरग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल कोर्स के लिए तय है। बदले हुए शेड्यूल के मुताबिक, नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस फिलिंग विंडो, जो 7 अगस्त को खुली थी, 18 अगस्त रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस फिलिंग : बदली हुई तारीखें

कैंडिडेट 17 अगस्त शाम 5:30 बजे से 18 अगस्त, 2026 रात 11:59 बजे तक अपनी पसंद अंतिम रूप से लॉक कर सकते हैं। नीचे दी गई जरूरी डिटेल्स देखें :

राउंड 1 चॉइस फिलिंग : 7 अगस्त से 18 अगस्त, 2026

राउंड 1 चॉइस लॉकिंग : 17 अगस्त, शाम 5:30 बजे से 18 अगस्त, रात 11:59 बजे तक

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 के लिए चॉइस कैसे भरें?

प्रेफरेंस पूरी करने के लिए ये स्टेप्स हैं:

  • ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।
  • नीट यूजी काउंसलिंग पंजीकरण या कैंडिडेट लॉगिन लिंक पर क्लिक करें। जरूरी क्रेडेंशियल्स के साथ साइन इन करें।
  • चॉइस फिलिंग सेक्शन खोलें।
  • अपनी पसंद के क्रम में कॉलेज और कोर्स चुनें।
  • पूरी प्रेफरेंस लिस्ट देखें।
  • अगर जरूरत हो, तो बदलाव करें या चॉइस बदलें।
  • चॉइस लॉक करें और फाइनल लिस्ट सबमिट करें।

कैंडिडेट्स को याद रखना चाहिए कि सिर्फ पंजीकृत छात्र ही चॉइस फिलिंग की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। लॉक करने से पहले प्रेफरेंस ऑर्डर को ध्यान से देखना जरूरी है, क्योंकि सबमिट की गई चॉइस राउंड 1 सीट अलॉटमेंट में अहम भूमिका निभाएंगी।

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‘शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है’; Insta reels पसंद करने वाली Gen Z को PM मोदी का संदेश

PM Modi message to reel-loving Gen Z: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने और दूसरों के संघर्षों से सीखने की अपील। एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बुधवार (12 अगस्त) को अपील करते हुए कहा कि रील के युग में रह रहे युवाओं को याद रखना चाहिए कि शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविंद का जीवन दिखाता है कि दृढ़ संकल्प किसी व्यक्ति को मुश्किलों से उबरने और सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में कैसे मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी कोविंद के लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया। बल्कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति के प्रयास भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर योगदान का हिस्सा हैं।

युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इनसे किसी खास दौर को उस व्यक्ति के जीवन के जरिए समझने का मौका मिलता है जिसने उसे खुद अनुभव किया हो। उन्होंने कहा, “आज रील का जमाना है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आपको कहीं न कहीं खींच ले जाते हैं लेकिन इस दौर में भी, रेलवे स्टेशन पर लिखी बात याद रखें, ‘शॉर्टकट’ आपको नुकसान पहुंचा सकता है।”

PM मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर ‘जेन जी’ से जुड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। नीट का पेपर लीक होने के खिलाफ पिछले महीने हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा था कि वे युवाओं से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें और रील पोस्ट करें।

पीएम मोदी भी शेयर कर रहे हैं रील्स

हाल के हफ्तों में पीएम मोदी ने स्वयं युवाओं को संबोधित करते हुए कई बार रील शेयर की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र की धरोहर बनेगी। साथ ही नई पीढ़ी को इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “हमें भविष्य में और ऐसे कई युवाओं की जरूरत है जो कोविंद की हों। ऐसे लोग जो हालात से हार न मानें, बल्कि हर चुनौती से पार पाने का पुख्ता इरादा रखें। वे आत्मनिर्भर भारत का रास्ता बनाएंगे और यह आत्मकथा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

उन्होंने कहा कि आत्मकथा का शीर्षक बिल्कुल सही है क्योंकि कोविंद का जीवन और संघर्ष भले ही व्यक्तिगत थे। लेकिन उन संघर्षों की जीत भारतीय लोकतंत्र की है। पीएम मोदी ने याद किया कि बचपन में घर का सामान बचाने की कोशिश के दौरान लगी आग में कोविंद ने अपनी मां को खो दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद घटना कोविंद को तोड़ सकती थी। लेकिन इसके बजाय इसने उन्हें और मजबूत बनाया।

अच्छे संस्कार का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद में अच्छे संस्कार डालने में उनके पिता की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति उनसे ऐसी बातें करते थे जिनकी प्रोटोकॉल के तहत आम तौर पर अनुमति नहीं होती थी। PM मोदी के मना करने के बावजूद वे उन्हें खुद कार तक छोड़ने आते थे। कोविंद ने इस अवसर पर अपने बचपन की मुश्किलों और अपने आस-पास के माहौल से मिली सीख को याद किया।

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उन्होंने याद किया कि कैसे उनके घर की छत से बारिश का पानी टपकता था। उनका परिवार बारिश रुकने का इंतजार करता था। कोविंद ने कहा कि सरकारी आवास योजनाओं के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को सिर पर छत मिली है और उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका मिला है। कोविंद ने कहा कि वह BJP से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी नजर में यह पार्टी परिवार या समुदाय के हितों से ऊपर देश को रखती है।

Diamond State Summit: ‘हमारे युवा प्रतिभाशाली हैं…’ , CM योगी ने की Gen-Z युवाओं की जमकर तारीफ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम डायमंड स्टेट समिट में देश युवाओं की काफी तारीफ की। डायमंड स्टेट्स समिट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, युवा देश का भविष्य हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की मदद के लिए उनकी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।

बता दें कि, सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में दिल्ली में नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक विवाद को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में Gen-Z युवाओं का बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था। न्यूज18 इंडिया के ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी परीक्षा पास कर चुके लोग इस योजना के तहत कम से कम एक घंटे का समय उन छात्रों को देते हैं, जो यूपीएससी, नीट, आईआईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

युवाओं पर सीएम योगी आदित्यनाथ का फोकस

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सबसे युवा आबादी का नेतृत्व करता है। हमारा युवा प्रतिभाशाली है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए हैं, जहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी सिखाई जा रही है। AI, स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर तमाम आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यूपी के सरकारी इंटर कॉलेजों का कायाकल्प किया गया। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिला। UPSC, UPPSC, NEET और IIT-JEE की तैयारी के लिए वर्चुअल और फिजिकल कोचिंग की व्यवस्था की गई। जिलों में तैनात UPSC पास अधिकारी युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे।

सीएम योगी ने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की बड़ी युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में काफी लंबी दूरी तय की है और क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह सिर्फ आंकड़ों के आधार पर बदलाव की बात नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जब आम लोग खुद अपनी आंखों से बदलाव देख रहे हैं, तो यह साफ है कि वास्तव में काफी बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज को छोड़कर किसी दूसरे इलाके में विश्वविद्यालय नहीं था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में गोरखपुर, आजमगढ़, बलरामपुर और मिर्जापुर में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में भदोही में भी काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के बनने से प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

NEET UG Counselling 2026:दिव्यांग छात्रों के लिए एमसीसी ने असेसमेंट फ्रेमवर्क में बदलाव का नोटिस किया जारी, बोर्ड करेगा विकलांगता का आकलन

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में सफल छात्रों की काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू हो चुका है। इसके बाद छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे। काउंसलिंग में हिस्सा लेने वाले दिव्यांग छात्रों के आकलन के लिए संशोधित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बेंचमार्क डिसएबिलिटी (PwBD) उम्मीदवारों के असेसमेंट के लिए जारी किया है।

इसके तहत 27 जुलाई को जारी डिसएबिलिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क के कुछ नियमों में बदलाव किया गया है, ताकि उन्हें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ एम्पॉवरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटी की की ओर से जारी निर्देशों के अनुरूप बनाया जा सके। संशोधित गाइडलाइंस बेंचमार्क विकलांगता सर्टिफिकेशन और असेसमेंट से जुड़े नियमों को अपडेट करती हैं, जिनका पालन अब काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान तय विकलांगता मूल्यांकन बोर्ड करेंगे। इन बदलावों का मकसद PwBD कोटे के तहत एडमिशन चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए विकलांगता मूल्यांकन के नियमों को एक समान रूप से लागू करना है।

काउंसलिंग शेड्यूल बदलने पर जारी अटकलों का दौर

यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्ट्स के बीच आया है जिनमें दावा किया गया था कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की वेबसाइट पर राउंड 1 की चॉइस फिलिंग प्रक्रिया को टालने का एक नोटिस कुछ समय के लिए दिखाई दिया था। हालांकि उस नोटिस में काउंसलिंग की समय-सीमा में बदलाव का संकेत दिया गया था, लेकिन अभी आधिकारिक पोर्टल पर ऐसा कोई नोटिफिकेशन मौजूद नहीं है और एमसीसी ने संशोधित शेड्यूल के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ओसीआई और एनआरआई के लिए अलग एडवाइजरी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने एनआरआई कोटे के तहत आवेदन करने वाले ओसीआई और एनआरआई उम्मीदवारों के लिए एक अलग से एडवाइजरी जारी की है। कमेटी ने कहा है कि ऐसे उम्मीदवारों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए सबसे पहले एमसीसी की एनआरआई दस्तावेज सत्यापन टीम से अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।

सत्यापन के बाद ही वे चॉइस फिलिंग प्रक्रिया के दौरान एनआरआई कोटे और अनारक्षित दोनों तरह की सीटें देख सकेंगे। एमसीसी ने कहा है कि ओसीआई और एनआरआई उम्मीदवारों को पंजीकरण के समय “क्या आप एनआरआई कोटा सीटों के लिए आवेदन करना चाहते हैं” वाले विकल्प में “हां” (Yes) चुनें और चॉइस फिलिंग के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस को समय रहते पूरा कर लें।

NEET UG Counselling 2026: पहले राउंड की काउंसलिंग शुरू, 13 अगस्त तक भर सकते हैं अपनी प्राथमिकता

‘Gen Z को गुमराह करने की कोशिश…’; शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने पर धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार तोड़ी चुप्पी

Dharmendra Pradhan: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है। प्रधान ने शनिवार (8 जुलाई) को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘जेन जी’ को गुमराह करने की कोशिशें की गईं। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के दो सप्ताह बाद संबलपुर के जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर पहली बार प्रतिक्रिया दी।

प्रधान ने कहा, “जेन जी हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। भारत में हर साल कम से कम दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले 10 वर्षों में 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं। उनकी अपनी आकांक्षाएं हैं। वे भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाएंगे। मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था।”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। NEET मुद्दे पर भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटने के ठीक दो हफ़्ते बाद उन्होंने यह बयान दिया।

‘मेरे लिए पद महत्वपूर्ण नहीं था’

शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधान ने कहा कि उस समय उन्हें कोई निजी समस्या नहीं थी। उनके लिए मंत्री पद से अधिक जरूरी युवा भारतीयों की उम्मीदें थीं। प्रधान ने कहा, “Gen Z हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मुझे कोई निजी समस्या नहीं थी।” उन्होंने कहा कि भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। पिछले दशक में करीब 20 करोड़ बच्चे पैदा हुए हैं।

प्रधान ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क किया था और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटने की पेशकश की थी। रायराखोल में एक और बैठक में प्रधान ने अपने खिलाफ आयोजित विरोध-प्रदर्शनों को लेकर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD प्रमुख नवीन पटनायक पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी आलोचना किए जाने को लेकर पटनायक पर भी पलटवार किया।

प्रधान ने कहा, “नवीन बाबू मुझे ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा इंसान भी कहते हैं।” उन्होंने BJD अध्यक्ष पर अपने खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा, “क्या मैंने कभी ऐसा कुछ किया है जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े?” इस पर वहां मौजूद लोगों ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।

प्रधान ने कहा कि भले ही उन्होंने ओडिशा का नाम रोशन न किया हो। लेकिन उन्होंने अपने काम से कभी ऐसा कुछ नहीं किया जिससे राज्य की बदनामी हो। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि मैं राज्य के लिए सम्मान न लाया होऊं। लेकिन मैंने अपने काम से कभी लोगों को शर्मिंदा नहीं किया। मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे राज्य की प्रतिष्ठा पर आंच आए।”

‘भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से केंद्रीय मंत्री बना’

प्रधान ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी समलेश्वरी के आशीर्वाद से वे 12 साल पहले केंद्रीय मंत्री बने थे। पटनायक के खिलाफ उनकी यह टिप्पणी एक ऐसे कार्यक्रम में आई जहां BJD विधायक और ओडिशा विधानसभा में उप-नेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे।

प्रधान ने कहा कि BJD के विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए उन्होंने आचार्य से सलाह ली थी कि क्या उन्हें कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए। BJD के संबलपुर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रोहित पुजारी ने प्रधान के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि BJP नेता को इसलिए आलोचना का सामना करना पड़ा क्योंकि सरकार ने छात्र विरोध-प्रदर्शनों को जिस तरह से संभाला, वह गलत था।

उन्होंने तर्क दिया कि प्रधान को उन घटनाओं की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस की कार्रवाई के लिए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री को क्यों दोषी ठहराया जाएगा। सूत्रों ने PTI को बताया कि संबलपुर पुलिस ने एहतियात के तौर पर BJD के लगभग 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

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NEET UG Counselling 2026: पहले राउंड की काउंसलिंग शुरू, 13 अगस्त तक भर सकते हैं अपनी प्राथमिकता

NEET UG Counselling 2026: नीटी यूजी परीक्षा में सफल छात्रों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया का पहला राउंड शुरू हो गया है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने राउंड 1 चॉइस फिलिंग प्रोसेस शुरू कर दिया है। कैंडिडेट अब आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स सबमिट कर सकते हैं। चॉइस फिलिंग पूरी करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त, 2026 सुबह 11 बजे तक है। कैंडिडेट को अपनी प्राथमिकता लिस्ट तैयार कर लेनी चाहिए क्योंकि काउंसलिंग के दौरान सबमिट की गई चॉइस सीट अलॉटमेंट में अहम भूमिका निभाएंगी। एमसीसी, नीट यूजी स्कोर और लागू प्रवेश नियमों के आधार पर मेडिकल कोर्स के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 चॉइस फिलिंग डेट्स

एमसीसी नीट यूजी काउंसलिंग 2026 शेड्यूल के अनुसार, चॉइस फिलिंग 7 अगस्त को शाम 4 बजे शुरू हुई। कैंडिडेट 13 अगस्त तक अपनी पसंद जोड़ या बदल सकते हैं। नीचे चॉइस भरने की जरूरी तारीखें देखें :

चॉइस भरना शुरू : 7 अगस्त, शाम 4 बजे

चॉइस लॉक करना शुरू : 12 अगस्त, शाम 4 बजे

चॉइस भरना/लॉक करना खत्म : 13 अगस्त, सुबह 11 बजे

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 चॉइस भरना कैसे पूरा करें?

  • एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।
  • यूजी मेडिकल टैब पर क्लिक करें।
  • ज़रूरी क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • कैंडिडेट डैशबोर्ड पर चॉइस-फिलिंग सेक्शन खोलें।
  • उपलब्ध कॉलेज और कोर्स देखें।
  • पसंद के हिसाब से चॉइस चुनें और अरेंज करें।
  • सभी चॉइस रिव्यू करें और पसंद सेव करें।
  • लॉकिंग विंडो खुलने के बाद फाइनल चॉइस लॉक करें।
  • भविष्य में इस्तेमाल के लिए सबमिट की गई चॉइस डाउनलोड या प्रिंट करें।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 सीट अलॉटमेंट, नीट यूजी रैंक, सबमिट की गई चॉइस, सीट की उपलब्धता और लागू रिज़र्वेशन नियमों जैसे फैक्टर पर आधारित होगा। इसलिए, स्टूडेंट्स को रैंडम तरीके से कॉलेज चुनने के बजाय एक बैलेंस्ड प्रेफरेंस लिस्ट बनानी चाहिए।

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NEET UG Counselling 2026: 12 अगस्त तक खुला रहेगा रीसेट का विकल्प, नीट यूजी काउंसलिंग में गलती सुधारने का मौका

NEET UG Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1 के लिए पंजीकरण रीसेट का विकल्प एक्टिवेट कर दिया है। यह सुविधा उन उम्मीदवारों की मदद के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया पूरा करते समय गलती से गलत जानकारी डाल दी हो या गलत ऑप्शन चुन लिए हों।

आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, योग्य उम्मीदवार अनलॉक/री-सेट रजिस्ट्रेशन विकल्प का इस्तेमाल करके अपनी पंजीकरण डिटेल्स ठीक कर सकते हैं। यह सुधार विंडो 12 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे तक उपलब्ध रहेगी। कैंडिडेट्स को यह भी सलाह दी गई है कि वे काउंसलिंग से जुड़ी ताजा घोषणा और अपडेट के लिए नियमित एमसीसी वेबसाइट देखते रहें।

नीट यूजी काउंसलिंग 2026 राउंड 1: जरूरी तारीखें

रजिस्ट्रेशन और फीस पेमेंट: 5 अगस्त से 12 अगस्त, 2026 (दोपहर 03:00 बजे तक)

पेमेंट की सुविधा बंद होने की तारीख: 12 अगस्त, 2026 (शाम 06:00 बजे)

चॉइस फिलिंग: 6 अगस्त से 13 अगस्त, 2026 (सुबह 11:00 बजे तक)

चॉइस लॉकिंग: 11 अगस्त (शाम 4:00 बजे) से 13 अगस्त (सुबह 11:00 बजे)

सीट अलॉटमेंट प्रोसेसिंग: 13 अगस्त से 16 अगस्त, 2026

राउंड 1 रिजल्ट: 17 अगस्त, 2026

रिपोर्टिंग/जॉइनिंग: 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2026

इंस्टीट्यूट द्वारा जॉइन किए गए कैंडिडेट का वेरिफिकेशन: 23 अगस्त, 2026

रजिस्ट्रेशन रीसेट सुविधा का इस्तेमाल कौन कर सकता है?

  • रजिस्ट्रेशन रीसेट ऑप्शन उन कैंडिडेट्स के लिए है जिन्होंने:
  • रजिस्टर करते समय गलत जानकारी दी हो।
  • रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान गलत ऑप्शन चुने हों।
  • राउंड 1 की डेडलाइन से पहले अपनी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स ठीक करनी हों।

एमसीसी ने सभी उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी है कि वे आगे के किसी भी नोटिफिकेशन, बदले हुए शेड्यूल या काउंसलिंग से जुड़ी घोषणाओं के लिए रेगुलर ऑफिशियल वेबसाइट देखते रहें। जिन कैंडिडेट्स को अपने राउंड 1 रजिस्ट्रेशन में सुधार चाहिए, उन्हें 12 अगस्त, 2026 को सुबह 11 बजे से पहले रीसेट सुविधा का इस्तेमाल करना चाहिए।

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Tamil Nadu Budget 2026: शादी पर लड़की को सोने का सिक्का, जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी, जानें बजट में क्या-क्या है

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु के वित्तमंत्री मैरी विल्सन ने 5 अगस्त को विजय सरकार का पहला बजट पेश किया। इस बजट में कई वेल्फेयर स्कीम के लिए बड़ा आवंटन किया गया है। साथ ही सरकार का फोकस टेंडर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। लेकिन, बजट में कुछ स्कीम के लिए आवंटित फंड की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।

लड़की की शादी पर सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी

सरकार ने दो गोल्ड असिस्टेंस स्कीम के लिए 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया है। गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के तहत लड़की की शादी पर सरकार सोने का एक 8 ग्राम का सिक्का और सिल्क की एक साड़ी देगी। दरअसल, टीवीके प्रमुख सी जोसफ विजय ने चुनाव से पहले राज्य की जनता से ये वादे किए थे।

सरकारी अस्पताल में जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी

गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के लिए 812 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 560 करोड़ रुपये का आवंटन गोल्ड रिंग स्कीम के लिए किया गया है। इस स्कीम के तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे को सरकार की तरफ से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस स्कीम से सरकार अस्पताल की सेवाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप के लिए 2000 करोड़ आवंटन

बजट में कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप देने की स्कीम के लिए 2,000 रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने हज सब्सिडी का भी ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत पहली बार हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को सरकारी की तरफ 35,000 से 25,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

राज्य सरकार पर पहले से 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज 

राज्य के वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में NEET की जगह 12वीं के मार्क्स के आधार पर दाखिला देने की अपील केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के लिए कई उपाय कर रही है। इससे पहले टीवीके सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक व्हाइट पेपर पेश किया था। इस राज्य पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी गई।

9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न स्कूल बनेंगे

राज्य के बजट में स्कूलों के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर एक खास स्कीम शुरू करने जा रही है। इस स्कीम में 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा मॉडर्न रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में अतिरिक्त 125 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

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परिवारों को मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम पहले से लागू

वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही परिवारों के लिए मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम शुरू कर चुकी है। शराब की 717 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। विल्सन ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्यायन और सभी के लिए आवास पर है।

Tamil Nadu Budget 2026: सीएम विजय का Gen Z बजट! युवाओं के लिए AI, फ्री लैपटॉप और रोजगार का बड़ा पैकेज

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार का पहला बजट (2026-27) विधानसभा में पेश कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली इस नई सरकार ने अपने पहले बजट के जरिए साफ संदेश दिया है युवा और Gen Z इस सरकार के एजेंडे के सबसे बड़े केंद्र बिंदु हैं। सिर्फ पारंपरिक कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित रहने के बजाय 2026-27 का यह बजट शिक्षा में सुधार, डिजिटल पहुंच, रोजगार क्षमता, कौशल विकास और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर फोकस किया गया है।

बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, खेल और रोजगार से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों की घोषणा की। इसके साथ ही तमिलनाडु सरकार ने नीट (NEET) परीक्षा का विरोध दोहराते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि राज्य में मेडिकल प्रवेश को कक्षा 12वीं की पब्लिक परीक्षा के अंकों के आधार पर ही बहाल किया जाए।

स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए खोला खजाना

शिक्षा क्षेत्र को इस बजट में सबसे बड़ा आवंटन दिया गया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44527 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग के लिए 8393 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। पल्ली निरईवु थिटम योजना के तहत 2132 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 3734 सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष के लिए योजना को 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 10 हजार स्कूलों के लिए सुपर क्लीन, सुपर कैंपस अभियान के तहत पहले चरण में 139 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत रोजना की सफाई, साफ पेयजल, शौचालय रखरखाव और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

पेरुंथलैवर कामराजर मॉडल स्कूल का ऐलान हुआ है। इनमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को आवासीय सुविधाएं, शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, आवास, पाठ्यपुस्तकें और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त दी जाएगी।

फ्री लैपटॉप, साइकिलें और इंटीग्रेटेड हॉस्टल

टीवीके सरकार ने छात्रों के कल्याण को कक्षाओं से आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की लागत से वेत्री लैपटॉप योजना शुरू की जा रही है। पुथिया पयनम, पुथिया वेगम योजना के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा 11वीं के 5.3 लाख स्टूडेंट्स को मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी। इन साइकिलों में सुरक्षा हेलमेट और वाटर बोतल भी लगी होगी। इस पर 277 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राज्य में हॉस्टल व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘तमिलनाडु स्टूडेंट हॉस्टल्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन’ (TNSHIC) का गठन किया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 3200 करोड़ रुपये की लागत से 200 इंटिग्रेटेड हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनमें 1 लाख छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी। पाठ्यक्रम सुधार कार्यक्रम ‘कत्रलिल मुधलीदम तमिलनाडु’ के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा मदुरै में 300 वार्षिक सीटों की क्षमता वाला नया लॉ कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई है।

AI मिशन, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और फ्यूचर स्किल्स

प्रौद्योगिकी के महत्व को समझते हुए बजट में AI और टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया गया है। तमिलनाडु AI मिशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, वर्चुअल रियलिटी और दूसरी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘तमिलनाडु AI मिशन’ का गठन किया जाएगा। यह मिशन e-Sevai 2.0 के साथ मिलकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाएगा। AI और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के लिए बजट में 398 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने कहा है कि 2031 तक इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) के 5 लाख छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।

रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्पोर्ट्स पर जोर

शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वेत्रीथिरन ट्रेनिंग स्कीम के तहत 13 लाख युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के मौके दिए जाएंगे। एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस (IBPS) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जिला रोजगार केंद्रों के माध्यम से कोचिंग कक्षाओं का संचालन होगा। इसके लिए 3.38 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 90 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए ITI स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, TN Spark कार्यक्रम का विस्तार 5,000 स्कूलों से बढ़ाकर 7,600 सरकारी स्कूलों तक किया जाएगा। खेलों और एथलेटिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए तमिलनाडु भर में 50 करोड़ रुपये के बजट के साथ 10 ओलंपिक सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।

बजट में क्यों छाया रहा Gen Z और युवा वर्ग?

मौजूदा समय में पूरे देश में सरकारें Gen Z और युवाओं की आकांक्षाओं को साधने का प्रयास कर रही हैं। बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्किल गैप, डिजिटल अवसर, AI तकनीक और उच्च शिक्षा जैसे मुद्दे सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में हैं। युवा मतदाता राजनीतिक नैरेटिव को दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सीएम विजय का यह पहला बजट युवाओं की इसी बदलती सोच और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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