दिल्ली से दूर नहीं, लेकिन खूबसूरती में किसी हिल स्टेशन से कम नहीं हैं ये 7 जगहें

बारिश का मौसम आते ही दिल्ली (Delhi) और आसपास का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। सूखी सड़कें हरियाली से भर जाती हैं, झीलें (lakes) और पार्क (parks) ताजगी से खिल उठते हैं और ठंडी हवाएं सफर का मजा दोगुना कर देती हैं। ऐसे मौसम में घर पर बैठने के बजाय छोटी-सी रोड ट्रिप (short road trip) का प्लान बनाना एक बेहतरीन आइडिया हो सकता है।

अगर आपके पास लंबी छुट्टी नहीं है, तो भी चिंता की बात नहीं। दिल्ली से करीब 4 घंटे या उससे कम दूरी पर कई ऐसी शानदार जगहें हैं, जहां आप दोस्तों या परिवार के साथ आराम से वीकेंड (weekend) बिता सकते हैं। यहां आपको नेचर, इतिहास, झीलें, किले, बर्ड वॉचिंग और शानदार खाने का मजा एक साथ मिलेगा:

Agra, आगरा: बारिश में और भी खूबसूरत लगता है ताजमहल

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दिल्ली (Delhi) से लगभग 3 से 4 घंटे की दूरी पर स्थित आगरा (Agra) सिर्फ ताजमहल (Agra) के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड और ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी मशहूर है। मानसून के दौरान बादलों के बीच ताजमहल का नजारा और भी अट्रैक्टिव लगता है। यहां आगरा किला (Agra Fort) देखने के साथ लोकल मार्केट और मशहूर पेठा का स्वाद भी जरूर लें।

Sohna, सोहना: कम समय में शानदार वीकेंड

Aravalli hills Images - Free Download on Magnific (formerly Freepik)

अगर ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते, तो सोहना बेहतरीन ऑप्शन है। यह दिल्ली से केवल 1.5 से 2 घंटे की दूरी पर है। अरावली की पहाड़ियों (Aravalli hills) के बीच बसा यह इलाका अपने रिजॉर्ट, हरियाली और प्राकृतिक गर्म पानी के झरनों के लिए जाना जाता है। फैमिली के साथ एक दिन की छोटी और आरामदायक ट्रिप के लिए यह जगह परफेक्ट है।

Sultanpur National Park, सुल्तानपुर नेशनल पार्क: नेचर लवर के लिए खास

Sultanpur National Park: A Birdwatcher's Paradise Near Delhi

दिल्ली (Delhi) से करीब 1 से 1.5 घंटे की दूरी पर सुल्तानपुर नेशनल पार्क बर्ड वॉचिंग (birdwatching) के लिए मशहूर है। बारिश के मौसम में यहां कई तरह के पक्षी देखने को मिलते हैं। सुबह या शाम के समय पार्क घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। यहां बैटरी से चलने वाली गाड़ियां भी अवेलेबल हैं, जिससे बुजुर्ग और बच्चों के साथ घूमना आसान हो जाता है।

Rewari, रेवाड़ी: हिस्ट्री और लोकल फ्लेवर का यूनिक एक्सपीरियंस

Kerala Road Trip Itinerary – Explore Lush Green Kerala

दिल्ली से लगभग 2 से 2.5 घंटे की दूरी पर रेवाड़ी (Rewari) उन लोगों के लिए खास है जो कुछ अलग देखना चाहते हैं। यहां मौजूद रेवाड़ी स्टीम लोकोमोटिव शेड भारत के सबसे पुराने स्टीम इंजन शेड में से एक है। इसके अलावा आप शहर के लोकल बाजार (local market) घूम सकते हैं और हरियाणा के पारंपरिक खाने (Haryanvi cuisine) का स्वाद भी ले सकते हैं।

Alwar, अलवर: हिस्ट्री और नेचर का शानदार ब्लेंड

Bala Quila Fort Alwar | History, Timings, Entry Fee & Safari

राजस्थान (Rajasthan) का अलवर दिल्ली से लगभग 3 से 4 घंटे की दूरी पर है। बारिश के मौसम में अरावली की पहाड़ियां (Aravalli hills) हरी-भरी हो जाती हैं और यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है। यहां आप बाला किला (Bala Quila), सिटी पैलेस (City Palace)और सिलीसेढ़ झील (Siliserh Lake)घूम सकते हैं। अगर भीड़ से दूर शांत जगह पर समय बिताना चाहते हैं, तो अलवर अच्छा ऑप्शन है।

Neemrana Fort Palace, नीमराना फोर्ट पैलेस: शाही अंदाज में बिताएं वीकेंड

Neemrana Fort Palace| Heritage Resort near Jaipur | Stay near Jaipur

दिल्ली से करीब 2.5 से 3 घंटे की दूरी पर बना नीमराना फोर्ट पैलेस इतिहास और लग्जरी का शानदार ब्लेंड है। कई सौ साल पुराने इस किले को अब हेरिटेज होटल (heritage hotel) में बदल दिया गया है। यहां की छतों, बगीचों और पुराने आंगनों से बारिश के बाद का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यहां एक दिन बिताकर भी रॉयल फील का एक्सपीरियंस लिया जा सकता है।

Bharatpur, भरतपुर: पक्षियों और हरियाली के बीच सुकून भरा दिन

The Palaces of Deeg — Google Arts & Culture

दिल्ली से करीब 3.5 से 4 घंटे की दूरी पर भरतपुर (Bharatpur) मानसून (monsoon) में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां का केवलादेव नेशनल पार्क (Keoladeo National Park) बारिश के बाद हरियाली से भर जाता है और देश-विदेश के कई पक्षी यहां दिखाई देते हैं। पार्क को देखने के लिए साइकिल या साइकिल रिक्शा सबसे अच्छा ऑप्शन’है। अगर आपको फोटोग्राफी या नेचर पसंद है, तो यह जगह आपको जरूर पसंद आएगी।

सफर पर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

8 Best Places for a Romantic Stay During Monsoon in India 2026

मानसून ट्रिप (monsoon trip) पर निकलने से पहले कुछ छोटी-छोटी तैयारियां आपकी जर्नी को और आसान बना सकती हैं। कोशिश करें कि सुबह जल्दी निकलें ताकि ट्रैफिक से बच सकें और दिनभर घूमने का पूरा समय मिले। घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लें। अपने साथ छाता या हल्की रेन जैकेट, आरामदायक वॉटरप्रूफ जूते, पानी की बोतल, हल्के स्नैक्स और जरूरी दवाइयां जरूर रखें। बारिश के दौरान गाड़ी सावधानी से चलाएं और जल्दबाजी करने के बजाय रास्ते की हरियाली, ठंडी हवाओं और खूबसूरत नजारों का भी भरपूर आनंद लें।

बारिश में कुछ टेस्टी खाने का है मन? ट्राई करें ये 5 मानसून स्पेशल रेसिपीज

The image caption features a message about monsoon special snack recipes, accompanied by a photo of plates arranged with Palak Patta Chaat, Dal Vada, Samosas, and Potato Tacos

Rainy Day Snacks: रिमझिम फुहारें और ठंडी हवाएं… मानसून का मौसम आते ही दिल कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने के लिए मचलने लगता है। इस मौसम में बालकनी में बैठकर बारिश को निहारते हुए अगर हाथ में स्नैक्स की प्लेट हो, तो मजा दोगुना हो जाता है। अगर आप भी इस बार पारंपरिक पकौड़ों से हटकर कुछ नया और बेहद लाजवाब ट्राई करना चाहते हैं, तो यहाँ 5 मानसून स्पेशल स्नैक्स रेसिपीज दी गई हैं:ALSO READ: बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

 

1. चटपटा 'पालक पत्ता चाट' 

बारिश में चाट खाने का अपना ही मजा है। यह स्नैक दिखने में जितना फैंसी है, बनाने में उतना ही आसान।

 

कैसे बनाएं: पालक के बड़े और साफ पत्तों को बेसन, अजवाइन और नमक के गाढ़े घोल में डुबोकर एकदम क्रिस्पी होने तक तल लें। अब इन कुरकुरे पत्तों को एक प्लेट में सजाएं। ऊपर से फेंटा हुआ मीठा दही, हरी चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी, चाट मसाला और नायलॉन सेव डालकर तुरंत सर्व करें।

 

2. गरमा-गरम 'दाल वड़ा' 

दक्षिण भारत का यह मशहूर स्नैक मानसून में कमाल का लगता है। यह ऊपर से बेहद कुरकुरा और अंदर से सॉफ्ट होता है।

 

कैसे तैयार करें: चना दाल को 3-4 घंटे भिगोकर बिना पानी के दरदरा पीस लें। अब इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, ढेर सारा कढ़ी पत्ता, अदरक और हींग मिलाएं। इस मिश्रण की छोटी-छोटी टिक्कियां बनाकर गरम तेल में सुनहरा होने तक डीप फ्राई करें। इसे नारियल की चटनी के साथ परोसें। चाय के साथ गरमा-गरम 'दाल वड़ा' का आनंद लें।

 

3. अचारी पनीर टिक्का समोसा

आलू समोसा तो हमेशा खाते हैं, इस बार बारिश में कुछ रॉयल ट्राई करें। समोसे के अंदर पनीर टिक्का की स्टफिंग हर बाइट में मजा ला देगी।

 

कैसे तैयार करें: पनीर के छोटे टुकड़ों को दही, तंदूरी मसाला, कसूरी मेथी और थोड़े से अचार के मसाले के साथ मैरीनेट करें और तवे पर हल्का सा टॉस कर लें। अब समोसे की पट्टी (शीट्स) में इस अचारी पनीर को भरकर समोसे का आकार दें और फ्राई करें। पुदीने की तीखी चटनी के साथ यह लाजवाब लगता है।

 

4. क्रिस्पी पोटैटो टाकोस

अगर बच्चों और बड़ों दोनों को खुश करना है, तो यह इंडो-मैक्सिकन फ्यूजन स्नैक बेस्ट है।

 

कैसे बनाएं: उबले हुए आलुओं में चाट मसाला, चिली फ्लेक्स, प्याज और हरा धनिया मिलाकर एक स्टफिंग तैयार करें। अब बची हुई रोटियों या मैदा की शीट पर इस स्टफिंग को फैलाएं, ऊपर से ढेर सारा चीज डालें और इसे आधे चांद के आकार में मोड़ लें। तवे पर मक्खन या तेल लगाकर इसे दोनों तरफ से एकदम क्रिस्पी होने तक सेकें।

 

5. मॉनसून स्पेशल 'चीज़ कॉर्न बॉल्स' 

बारिश और भुट्टे का रिश्ता बहुत पुराना है। इस बार भुट्टे को एक चीजी और क्रिस्पी ट्विस्ट दें।

 

कैसे तैयार करें: उबले हुए कॉर्न को थोड़ा दरदरा क्रश कर लें। इसमें उबला आलू, कद्दूकस किया हुआ मोजेरेला चीज, काली मिर्च और नमक मिलाएं। इसके छोटे-छोटे बॉल्स बनाएं, उन्हें कॉर्नफ्लोर के घोल में डुबोएं और फिर ब्रेड क्रम्ब्स में लपेटकर कुरकुरा होने तक तल लें।

 

स्मार्ट कुकिंग टिप: बारिश के मौसम में स्नैक्स को और भी क्रिस्पी बनाने के लिए बेसन या मैदे के घोल में 1 से 2 चम्मच चावल का आटा या गरम तेल जरूर मिलाएं। इससे स्नैक्स लंबे समय तक कुरकुरे रहते हैं।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

The image depicts the problems that occur when blood sugar levels drop

Signs of Low Blood Sugar: शरीर में शुगर यानी ग्लूकोज का स्तर कम होना एक ऐसी स्थिति है जिसे मेडिकल भाषा में हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) कहा जाता है। हमारे दिमाग और शरीर को ठीक से काम करने के लिए ग्लूकोज की लगातार जरूरत होती है। जब इसका स्तर 70 mg/dL से नीचे चला जाता है, तो शरीर तुरंत खतरे के संकेत भेजने लगता है।

 

आमतौर पर यह समस्या मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों में अधिक देखी जाती है, लेकिन कई बार लंबे समय तक भूखे रहने, अत्यधिक व्यायाम, कुछ दवाओं के सेवन या अन्य स्वास्थ्य कारणों से गैर-डायबिटिक लोगों में भी हो सकती है। शुरुआत में हल्की कमजोरी, पसीना आना या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि शुगर कम होने पर शरीर में क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं, उनके शुरुआती संकेत क्या हैं और ऐसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए।

 

शरीर में शुगर कम होने पर दिखने वाले लक्षणों को हम इस तरह समझ सकते हैं:ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

 

1. जब शुगर कम होना शुरू होती है, जानें शुरुआती लक्षण

जैसे ही ब्लड शुगर का लेवल गिरता है, शरीर में एड्रेनालाईन (Adrenaline) हार्मोन बढ़ने लगता है, जिससे ये शुरुआती परेशानियां होती हैं:

 

अचानक तेज भूख लगना: शरीर ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए तुरंत खाने के संकेत देता है।

 

चक्कर आना या कमजोरी: सिर हल्का महसूस होने लगता है और पैर डगमगाने लगते हैं।

 

चिड़चिड़ापन या मूड बदलना: अचानक बिना बात के गुस्सा आना, रोने का मन करना या घबराहट होना।

 

हाथ-पैरों में कंपन या घबराहट: बिना किसी कारण के शरीर में कंपकंपी महसूस होने लगती है।

 

अत्यधिक पसीना आना और ठंड लगना: बिना गर्मी के भी अचानक विशेषकर गर्दन के पीछे ठंडा पसीना आने लगता है।

 

दिल की धड़कन तेज होना: ऐसा महसूस होना कि दिल बहुत तेजी से धड़क रहा है (Palpitations)।

 

2. जब शुगर बहुत ज्यादा गिर जाएल जानें गंभीर लक्षण

यदि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए और दिमाग को पर्याप्त ग्लूकोज न मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है:

 

आंखों के सामने धुंधलापन आना: साफ दिखाई न देना या एक की जगह दो चीजें दिखना।

 

भ्रम की स्थिति: बात समझने में दिक्कत होना या लड़खड़ाती आवाज में बोलना या सही से बोल न पाना।

 

नींद न खुलना या सुस्ती: बहुत ज्यादा सुस्ती छा जाना और सोने की इच्छा होना।

 

दौरे पड़ना या बेहोशी: यह सबसे खतरनाक स्थिति है, जहां व्यक्ति अचानक अचेत (Unconscious) हो सकता है।ALSO READ: पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas

 

आपातकालीन स्थिति में क्या करें? 

यदि आपको या आपके आस-पास किसी को शुगर कम होने के लक्षण दिखें, तो तुरंत '15:15 का नियम' अपनाएं:

 

1. तुरंत करें ये उपाय

15 ग्राम तुरंत पचने वाला कार्बोहाइड्रेट लें: जैसे ही लक्षण दिखें, मरीज को 3-4 चम्मच चीनी/ग्लूकोज पाउडर, 1/2 कप फ्रूट जूस, या 4-5 टॉफी चूसने के लिए दें। ध्यान रखें: चॉकलेट या बिस्कुट न दें, क्योंकि इनमें मौजूद फैट शुगर को जल्दी बढ़ने नहीं देता।

 

2. 15 मिनट का इंतजार करें

कुछ भी मीठा खिलाने के बाद मरीज को शांत बैठने दें या आराम करने दें और 15 मिनट तक इंतजार करें ताकि शुगर शरीर में एब्जॉर्ब हो सके।

 

3. ब्लड शुगर दोबारा चेक करें

15 मिनट बाद ग्लूकोमीटर से शुगर लेवल दोबारा मापें। यदि लेवल अभी भी 70 mg/dL से कम है, तो स्टेप 1 को दोबारा दोहराएं।

 

4. नॉर्मल खाना या स्नैक दें

जब शुगर लेवल 70 mg/dL से ऊपर आ जाए, तो मरीज को एक रोटी या बिस्कुट जैसी ठोस चीज खिलाएं ताकि शुगर लेवल दोबारा नीचे न गिरे। यह शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करेंगा।

 

महत्वपूर्ण चेतावनी: यदि व्यक्ति बेहोश हो गया हो या कुछ भी निगलने की स्थिति में न हो, तो उसके मुंह में जबरदस्ती पानी, जूस या चीनी बिल्कुल न डालें। इससे वह उसकी सांस की नली में फंस सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाएं ताकि उसे ग्लूकोज का इंजेक्शन (IV Fluids) दिया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

कमजोर मानसून का असर: खरीफ बुवाई पिछले साल से 6% पीछे, दालों-तिलहन की खेती पर पड़ा ये इंपैक्ट

Weak Monsoon Impact: देश के कई प्रमुख फसल उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की भारी कमी और बारिश में देरी का सीधा असर इस साल खरीफ फसलों की बुवाई पर देखने को मिल रहा है। मनी कंट्रोल के ईशान गेरा की रिपोर्ट के मुताबिक 17 जुलाई तक देश में खरीफ फसलों का रकबा पिछले साल की तुलना में 6 प्रतिशत पीछे चल रहा है। किसानों ने इस अवधि तक 65.82 मिलियन हेक्टेयर में बुवाई की है जबकि 2025 की इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 70.05 मिलियन हेक्टेयर था। बारिश की इस लगातार बनी हुई कमी से सबसे ज्यादा मार दालों, मोटे अनाज, तिलहन और कपास की खेती पर पड़ी है। आइए जानते हैं कि मानसून की सुस्ती ने किस फसल की बुवाई को कितना प्रभावित किया है और देश में पानी के जलाशयों का क्या हाल है.

दालों की बुवाई में आई सबसे बड़ी गिरावट (15.1% की कमी)

खरीफ फसलों में दालों की खेती सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। दालों का कुल रकबा पिछले साल के 81.52 लाख हेक्टेयर से 15.1 प्रतिशत घटकर अब 69.23 लाख हेक्टेयर रह गया है। अरहर की बुवाई में करीब 18 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर 2.48 मिलियन हेक्टेयर पर आ गई है। मूंग का रकबा 11 प्रतिशत घटकर 2.398 मिलियन हेक्टेयर रहा। उड़द की बुवाई में लगभग 6 प्रतिशत की कमी आई है और यह 1.351 मिलियन हेक्टेयर दर्ज की गई।

क्यों चिंताजनक है यह गिरावट?

दालों की बुवाई में यह कमी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत घरेलू उत्पादन और खपत के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए पहले से ही आयात पर निर्भर रहता है।

धान, मोटे अनाज, तिलहन और कपास का क्या है हाल?

राहत की बात यह है कि धान की बुवाई पर मानसून की कमी का असर अपेक्षाकृत कम पड़ा है। यह 16.64 मिलियन हेक्टेयर पर पहुंच चुकी है जो पिछले साल की इसी अवधि के 16.78 मिलियन हेक्टेयर की तुलना में सिर्फ 0.8 प्रतिशत कम है। मोटे अनाज के रकबे में 11.2 प्रतिशत की तेज गिरावट आई है। यह पिछले साल के 13.41 मिलियन हेक्टेयर से गिरकर 11.9 मिलियन हेक्टेयर पर आ गया है। इसमें बाजरा की बुवाई में 18.5 प्रतिशत और मक्का की बुवाई में 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। तिलहन का रकबा 5.5 प्रतिशत घटकर 14.71 मिलियन हेक्टेयर रह गया है। कपास की बुवाई में भी 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

मानसून में 24% की कमी, इन राज्यों में गंभीर सूखा

1 जून से 19 जुलाई के बीच भारत में 253.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य स्तर से 24 प्रतिशत कम है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का यह घाटा अलग अलग है-

  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत: सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश
  • दक्षिण प्रायद्वीप: 27 प्रतिशत की कमी
  • उत्तर-पश्चिम भारत: 23 प्रतिशत की कमी
  • मध्य भारत: 14 प्रतिशत की कमी

राज्यों के स्तर पर बारिश का घाटा

कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण कई राज्यों में बारिश का गंभीर संकट बना हुआ है। बिहार में सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है। झारखंड में 41 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। पंजाब में ये कमी 41 प्रतिशत की है। केरल में 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है। तेलंगाना में 31 प्रतिशत बारिश कम हुई है। तटीय कर्नाटक में 31 फीसदी कम बारिश देखने को मिली है।

जलाशयों का जलस्तर पिछले साल से 39% नीचे

कम बारिश की वजह से देश के जलाशयों में पानी का भंडारण भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अभी देश के 166 प्रमुख जलाशयों में कुल क्षमता का सिर्फ 34.46 प्रतिशत पानी ही बचा है। यह उपलब्ध पानी पिछले साल की इसी अवधि के जलस्तर का सिर्फ 60.84 प्रतिशत ही है। यानी 39 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली है। यह जलस्तर पिछले 10 वर्षों के औसत स्तर से भी 1.8 प्रतिशत नीचे चला गया है।

US Iran War News: क्या ईरान ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर? ट्रंप के मंत्री ने तेहरान से बातचीत के दिए संकेत

US Iran War News: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को कई माध्यमों से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान बातचीत करना चाहता है। हालांकि, ईरानी नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद भी बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। CNN से बातचीत में रुबियो ने कहा, “हमें कई चैनलों के जरिए ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वहां की सत्ता और नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे को लेकर विभाजन भी बढ़ रहा है।”

सैन्य कार्रवाई के बीच कूटनीति के संकेत

रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य हमले जारी हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।

इससे पहले भी रुबियो ने आरोप लगाया था कि ईरान क्षेत्रीय संघर्ष में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने अन्य देशों से भी वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजरानी की सुरक्षा के लिए अधिक सहयोग देने की अपील की।

दुनिया के देशों से सहयोग की अपील

फिलीपींस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अमेरिका समुद्री रूट्स की सुरक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा। लेकिन अन्य देशों को भी उपकरण, संसाधन और आर्थिक सहयोग देकर इस जिम्मेदारी में भागीदारी करनी चाहिए।

लगातार नौवीं रात अमेरिकी हमले

ईरान पर अमेरिकी हमलों का सिलसिला लगातार नौवीं रात भी जारी रहा। ईरानी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई धमाके हुए। इसके अलावा मौजूदा अभियान के दौरान पहली बार उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज (Tabriz) में भी विस्फोटों की खबर सामने आई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सैन्य अभियान का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है।

ट्रंप बोले- फिर किया जोरदार हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा हमलों के बाद कहा कि यह कार्रवाई उन तीन महान देशभक्तों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ‘फीफा क्लब विश्व कप’ फाइनल से वॉशिंगटन लौटने के बाद ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात फिर उन पर बहुत जोरदार हमला किया।”

बातचीत का रास्ता अब भी खुला

हालांकि, सैन्य संघर्ष लगातार तेज हो रहा है, लेकिन मार्को रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं, और यदि ईरान वार्ता के लिए आगे आता है तो अमेरिका उस विकल्प पर भी विचार करने को तैयार है।

ये भी पढ़ें- Monsoon Session 2026: ’56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा…’; पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज, पढ़ें- बड़ी बातें

दिल्ली जाने का नया ट्रेंड, लग्जरी बस से रोड ट्रिप पर कम खर्च में पाएं फाइव-स्टार जैसा सफर

बारिश का मौसम रोड ट्रिप का मजा कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में अब कई ट्रैवलर फ्लाइट की बजाय लग्जरी बसों को चुन रहे हैं। आरामदायक सीटें, मॉडर्न सुविधाएं और रास्तेभर दिखने वाले खूबसूरत नज़ारे इस सफर को सिर्फ जर्नी नहीं, बल्कि यादगार एक्सपीरियंस बना देते हैं:

 

सफर की शुरुआत बिना भागदौड़ के

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फ्लाइट पकड़ने के लिए घंटों पहले एयरपोर्ट पहुंचने और लंबी सुरक्षा जांच से गुजरने की जरूरत होती है। वहीं लग्ज़री बस में तय समय पर पहुंचकर आसानी से अपनी सीट पर बैठ सकते हैं। इससे जर्नी की शुरुआत ही स्ट्रेस फ्री हो जाती है।

 

 

 

आरामदायक सुविधाएं बनाती हैं लंबा सफर आसान

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आज की प्रीमियम बसों में रिक्लाइनर या स्लीपर सीट, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, एसी, पढ़ने की लाइट और साफ-सुथरा इंटीरियर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इससे रातभर का सफर भी काफी आरामदायक महसूस होता है।

 

 

 

रास्ते के खूबसूरत नज़ारों का मिलता है आनंद

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मानसून (monsoon) के दौरान हरे-भरे पहाड़, झरने, जंगल और बादलों से ढकी रोड जर्नी को खास बना देती हैं। बस की खिड़की से इन प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है, जो फ्लाइट में पॉसिबल नहीं होता।

 

 

 

जेब पर भी पड़ता है कम असर

This may contain: the inside of a bus with many seats and televisions on each side of it

कई बार अचानक बढ़े हुए फ्लाइट किराए की तुलना में लग्ज़री बसें काफी किफायती ऑप्शन साबित होती हैं। खासकर वीकेंड (weekend) या मानसून ट्रिप के दौरान यह बजट में कम्फर्टेबल ट्रैवल का अच्छा ऑप्शन बन जाती हैं।

 

 

टूरिस्ट डेस्टिनेशन तक सीधी पहुंच

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दिल्ली से मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, धर्मशाला, कसौली और आगरा जैसे कई पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए लग्ज़री बस सेवाएं आसानी से अवेलेबल हैं। इससे बार-बार वाहन बदलने की परेशानी भी कम हो जाती है और सफर ज्यादा सुविधाजनक बनता है।

Jeep Wrangler Rubicon long term review, 27000km report

Jeep Wrangler long term review

Cross-town excursions in Mumbai need some planning in the Wrangler Rubicon. Will there be parking when I get there? Will I be allowed to park it myself rather than give it to a valet who might find the size and width intimidating? And most importantly: will the on- and off-ramps be wide enough to access the parking levels easily? A quick phone call to NMACC, the Ambani cultural center in BKC Mumbai, confirms all of the above. “Some of our parking spaces and access ramps have been designed to house the largest and widest luxury cars,” comes the polite answer, “and, of course, you can park yourself.”

With its wheels pushed out and big plastic fenders, it’s pretty wide and, at times, is a squeeze.

The early morning trudge up along the coastal road brings its own set of challenges. While the wide, open vistas of the sea are an absolute treat, as is the road’s ability to shrink time and distance in the city, what you do have to contend with at highway speeds is the loud hum from the off-road tyres.

Not the best place for long drives as the seats are placed low and space is at a premium.

Apart from that, the Rubicon feels just ice cool to drive around. For one, it’s the real thing; a true icon with a direct link to the off-roader that started it all. And a real ‘tool’ of a car with genuine functionality. And that means something. To top it off, its proportions are seriously alluring, and Jeep has given this one a massive amount of embellishments to make it ‘pop.’ Talk about being eye candy, this off-roader gets more eyeballs and attention than the Maybachs and Range Rovers at NMACC. It’s tall, however, and I was worried about all the low ducting and plumbing in the parking lot, but the Rubicon managed just fine. 

Subwoofer adds some nice thump to the audio system; plays loud even with roof off.

Also, after having driven it for a bit, the size isn’t as intimidating as it originally was. Sure, I still crane my neck to get a glimpse of the plastic fenders that stick out when parking, and I sometimes forget just how long it is when reversing into a tight slot, but otherwise, I’m much more comfortable with the size. And what makes it even more agreeable to drive in the city is its direct, meaty steering and the surprisingly strong responses from the 270hp engine. 

With a hefty right foot, the gearbox and turbo engine deliver a nice shove in the back.

The Rubicon is also unique in another way; you can remove all the doors, remove the roof, drop the windscreen and drive it around with as much of an open and airy feeling as a bike. And that’s just what we’ll be doing next, subsequently finding out how well the cabin gets along with the rain and, of course, what it’s like on a long off-road trail in the monsoon. That, and other fascinating stuff, coming up from the off-roader that started the SUV craze. 

Odometer 26,900km
Price Rs 68.31 lakh (ex-showroom)
Economy 8.0kpl
Maintenance CostNone
Faults None 

धुंध में लिपटे पहाड़ और झरनों की गर्जना, मॉनसून 2026 में एशिया की 10 सबसे खूबसूरत जगहें!

बारिश का मौसम सिर्फ ठंडी हवाएं और सुकून ही नहीं लाता, बल्कि कई जगहों की खूबसूरती भी कई गुना बढ़ा देता है। एशिया में ऐसे कई ट्रैवल डेस्टिनेशन (travel destination) हैं, जो मानसून (monsoon)के दौरान धुंध से ढकी पहाड़ियों, झरनों, हरियाली और खूबसूरत नजारों से किसी फिल्मी सीन जैसे लगते हैं। अगर आपको बारिश में घूमना पसंद है, तो ये जगहें आपकी अगली ट्रिप (trip) के लिए बेहतरीन साबित हो सकती हैं:

Udaipur, India (उदयपुर, भारत)

Udaipur in Monsoon: Best Places to Visit, Things to Do & Stays

राजस्थान का उदयपुर बारिश के मौसम में और भी खूबसूरत दिखने लगता है। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों से यहां ट्रेन, फ्लाइट और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मानसून में पिछोला झील (Lake Pichola) पानी से भर जाती है और सिटी पैलेस का नजारा देखने लायक होता है। आप मानसून पैलेस (Monsoon Palace) , फतेह सागर झील (Fateh Sagar Lake)और बोट राइड का भी आनंद ले सकते हैं।

Munnar, India (मुन्नार, भारत)

10 Places In India That Feel Like Europe During Monsoon

केरल का मुन्नार मानसून में किसी हरे स्वर्ग जैसा नजर आता है। कोच्चि एयरपोर्ट से लगभग 4 घंटे की रोड ट्रिप करके यहां पहुंचा जा सकता है। बारिश के दौरान चाय के बागान, अट्टुकल वॉटरफॉल (Attukal Waterfalls) और धुंध से ढकी पहाड़ियां पर्यटकों (tourists) को खूब आकर्षित करती हैं। यहां बैठकर गर्म चाय के साथ बारिश का आनंद लेना एक अलग ही एक्सपीरियंस है।

Baguio, Philippines (बगियो, फ़िलीपींस)

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अगर आप बारिश के मौसम में ठंडी हवा और पहाड़ों का मजा लेना चाहते हैं, तो फिलीपींस का बगियो शहर बेहतरीन जगह है। मनीला (Manila) से करीब 4 से 6 घंटे की सड़क यात्रा (road trip) करके यहां पहुंचा जा सकता है। में यहां की पहाड़ियां धुंध से ढक जाती हैं और मौसम काफी ठंडा हो जाता है। बरनहम पार्क (Burnham Park) में घूमना, लोकल कैफे में गर्म कॉफी पीना और आसपास के व्यू पॉइंट्स से नजारे देखना यहां का खास एक्सपीरियंस है।

Ubud, Indonesia (उबुद, इंडोनेशिया)

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उबुद बाली द्वीप ( island ) पर है। भारत से पहले बाली (Denpasar) की फ्लाइट लें और वहां से करीब डेढ़ घंटे की टैक्सी राइड करके उबुद पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में यहां के धान के खेत, झरने और जंगल बेहद हरे-भरे हो जाते हैं। सुबह की सैर, योग सेशन और तेगालालंग राइस टैरेस (Tegalallang Rice Terrace) की खूबसूरती इस मौसम में और बढ़ जाती है।

Chiang Mai, Thailand (चियांग माई, थाईलैंड)

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थाईलैंड (Thailand )का चियांग माई मानसून में हरियाली से भर जाता है। बैंकॉक (Bangkok) से फ्लाइट या ट्रेन के जरिए यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां, धान के खेत और दोई इनथानोन नेशनल पार्क (Doi Inthanon National Park) बेहद खूबसूरत दिखते हैं। सुबह मंदिर घूमने और शाम को नाइट मार्केट का मजा लेने का यह अच्छा समय माना जाता है।

 

Hoi An, Vietnam (होई आन, वियतनाम)

24,900+ Hoi An Vietnam Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

होई आन अपने पुराने शहर और रंग-बिरंगी लालटेनों के लिए मशहूर है। दा नांग एयरपोर्ट से करीब 45 मिनट की रोड ट्रिप करके यहां पहुंचा जा सकता है। बारिश के मौसम में यहां की गलियां और नदी किनारा और भी अट्रेक्टिव दिखते हैं। आप लालटेन बनाने की वर्कशॉप, लोकल फूड और नदी किनारे शाम बिताने का आनंद ले सकते हैं।

Luang Prabang, Laos (लुआंग प्रबांग, लाओस)

Luang Prang Laos View. Mount Phousi. South East Asia, View Town and Surrounding Countryside. Golden Pagoda of Wat Chom Stock Image - Image of mountain, prabang: 251752541

लाओस का यह शांत शहर मानसून में हरियाली से भर जाता है। यहां फ्लाइट से पहुंचना सबसे आसान तरीका है। बारिश के दौरान कुआंग सी वॉटरफॉल (Kuang Si Waterfall) पूरे वेग से बहता है और देखने लायक नजारा पेश करता है। मंदिरों की सैर, मेकांग नदी में बोट राइड और नाइट मार्केट घूमना यहां की खास एक्टिविटी हैं।

Kyoto, Japan (क्योटो, जापान)

Tsuyu Rainy Days In Kyoto, Japan | Outlook Traveller

जापान का क्योटो बारिश के मौसम में बेहद शांत और खूबसूरत लगता है। टोक्यो या ओसाका से बुलेट ट्रेन के जरिए आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। मानसून में यहां के मंदिर, मॉस गार्डन (moss garden) और हाइड्रेंजिया (hydrangea) के फूल बेहद सुंदर नजर आते हैं। इस मौसम में टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है, जिससे आराम से घूमने का मौका मिलता है।

George Town, Malaysia (जॉर्ज टाउन, मलेशिया)

 Kek Lok Si Temple complex George Town Malaysia aerial drone Southeast Asia Penang island

मलेशिया के पेनांग द्वीप (Penang Island) पर जॉर्ज टाउन अपने हेरिटेज (street food) और स्ट्रीट फूड (street food) के लिए जाना जाता है। पेनांग एयरपोर्ट (Penang Airport) से कुछ ही देर में यहां पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में पुरानी इमारतें और सड़कें अलग ही खूबसूरती बिखेरती हैं। यहां का लोकल खाना, कैफे और स्ट्रीट आर्ट टूरिस्ट को खूब पसंद आते हैं।

Arugam Bay, Sri Lanka (अरुगम बे, श्रीलंका)

Sri Lanka with arugam bay coastline wild tropical plants southwest monsoon season 78542208 Stock Photo at Vecteezy

अगर आपको सर्फिंग पसंद है, तो श्रीलंका का अरुगम बे (Arugam Bay) बारिश के मौसम में शानदार जगह है। कोलंबो (Colombo) से डोमेस्टिक फ्लाइट या रोड के जरिए यहां पहुंचा जा सकता है। मानसून के दौरान यहां समुद्र की ऊंची लहरें सर्फिंग के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं। इसके अलावा शांत बीच, ताजा सी-फूड और खूबसूरत सूर्योदय भी यहां की खास पहचान हैं।

कभी एक्टिंग छोड़ना चाहती थीं अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम | Tillotama Shome | Struggle Story | Ikka Movie

तुम कभी इतना पैसा नहीं कमा पाओगी।”
ये सुनकर टूटने के बजाय तिलोत्तमा शोम ने खुद से वादा किया —
“मैं साबित करके दिखाऊंगी।”
आज वो न सिर्फ एक शानदार एक्ट्रेस हैं, बल्कि इंडस्ट्री की वो आवाज़ भी हैं
जो उम्र और रंगभेद जैसे मुद्दों पर बेबाक बोलने से नहीं डरती।
ये है उनके संघर्ष की कहानी —
जो हर उस लड़की को ताक़त देगी
जिससे कभी कहा गया था — “तुम कुछ नहीं कर पाओगी…”

@tillotamashom

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मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

An image showing the allergic reaction in the skin caused by a mosquito bite

Mosquito Bite Scientific Reason: मच्छर का काटना केवल एक छोटी सी सुई चुभने जैसा होता है, लेकिन उसके कुछ ही सेकंड बाद होने वाली तेज खुजली और लाल निशान हमें परेशान कर देते हैं। अधिकांश मामलों में यह समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन यदि गंभीर एलर्जी, संक्रमण या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।ALSO READ: Monsoon health tips: सावधान! बारिश में बीमारियों के खतरे से कैसे बचाएं खुद को, ये लक्षण दिखें तो ना करें नजरअंदाज

 

आइए इसके पीछे छिपे बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण और इससे राहत पाने के आसान घरेलू व डॉक्टरी उपचारों को समझते हैं।

 

मच्छर का काटना, वैज्ञानिक कारण

जब कोई मादा मच्छर (सिर्फ मादा मच्छर ही खून पीती हैं) हमारी त्वचा पर बैठती है, तो वह खून चूसने के लिए अपनी सूंड (Proboscis) को त्वचा में डालती है। इस प्रक्रिया के दौरान असली कारण शुरू होता है:

 

लार का प्रवेश (Saliva Injection): मच्छर की लार में विशेष प्रकार के प्रोटीन और थक्कारोधी (Anticoagulants) तत्व होते हैं। यह लार खून को जमने से रोकती है ताकि मच्छर बिना किसी रुकावट के आसानी से खून चूस सके। जैसे ही यह बाहरी लार हमारे शरीर में प्रवेश करती है, हमारा इम्यून सिस्टम इसे एक हमलावर मानकर तुरंत सक्रिय हो जाता है। इस लार से लड़ने के लिए हमारा शरीर 'हिस्टामाइन' नाम का एक रसायन छोड़ता है।

 

सूजन और खुजली: हिस्टामाइन के कारण प्रभावित हिस्से के आसपास की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इससे वहां खून का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे त्वचा लाल हो जाती है, सूज जाती है और वहां की नसें मस्तिष्क को खुजली का संकेत भेजने लगती हैं।

 

मच्छर के काटने पर क्या करें और क्या न करें?

सबसे जरूरी नियम: मच्छर के काटने वाली जगह को कभी भी जोर से न खुजलाएं। खुजलाने से त्वचा की ऊपरी परत छिल सकती है, जिससे बैक्टीरिया का संक्रमण यानी इंफेक्शन (Infection) होने का खतरा बढ़ जाता है और निशान भी गहरा हो जाता है।ALSO READ: Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

 

* खुजली और सूजन दूर करने के आसान उपचार

यदि मच्छर ने काट लिया है और तेज खुजली हो रही है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से तुरंत राहत पा सकते हैं:

 

1. घरेलू उपचार

* बर्फ की सिकाई: प्रभावित जगह पर बर्फ का टुकड़ा कपड़े में लपेटकर 5 से 10 मिनट रखें। ठंडा तापमान नसों को सुन्न कर देता है, जिससे हिस्टामाइन का असर कम होता है और सूजन व खुजली तुरंत शांत हो जाती है।

 

एलोवेरा जेल: एलोवेरा में प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी यानी सूजन रोधी गुण होते हैं। इसे काटने वाली जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है।

 

शहद: शहद में प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं। इसकी एक बूंद प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली कम होती है।

 

बेकिंग सोडा पेस्ट: एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे 10 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। यह त्वचा के pH स्तर को संतुलित कर आराम देता है।

 

2. मेडिकल उपचार

कैलामाइन लोशन: Calamine Lotion इसे लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और खुजली तुरंत बंद हो जाती है।

 

एंटीहिस्टामाइन क्रीम: यदि खुजली बहुत ज्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह से ओटीसी हाइड्रोकार्टिसोन (Hydrocortisone) या कोई हल्की एंटीहिस्टामाइन क्रीम  (Antihistamine Cream) लगाई जा सकती है जो हिस्टामाइन के प्रभाव को सीधे रोक देती है।

 

डॉक्टर के पास कब जाएं?

आमतौर पर मच्छर के काटने के निशान 2 से 3 दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि आपको काटने वाली जगह पर अत्यधिक दर्द, मवाद/ पस, लगातार बढ़ता लाल घेरा, या फिर बुखार, सिरदर्द और ठंड लगने जैसे लक्षण महसूस हों, तो यह डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?