कल का मौसम 25 जून: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से बिहार-बंगाल तक दिखेगा रौद्र रूप

IMD Weather Update for 25 June 2026: देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष इलाकों के साथ छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। मानसून की इस सक्रियता और अलग-अलग राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन और ऑल इंडिया वेदर मैप के मुताबिक 25 जून को देश के 11 राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार और बंगाल तक करीब 18 से अधिक राज्यों या उप-मंडलों में तेज आंधी, बिजली चमकने और थंडरस्कॉल का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं 25 जून को आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज-

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने 25 जून को देश के कई हिस्सों, विशेष रूप से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। यहां नीचे उन राज्यों, इलाकों के नाम दिए गए हैं जहां भारी बारिश देखने को मिलेगी:-

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय (पूर्वोत्तर भारत)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड (पूर्वी भारत)

ओडिशा

कोंकण और गोवा (पश्चिमी तट)

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा के कुछ हिस्सों सहित)

तटीय कर्नाटक (दक्षिण भारत)

तेलंगाना

बिहार से राजस्थान तक थंडरस्कॉल का अलर्ट: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 जून को कुछ राज्यों में मौसम बहुत उग्र हो सकता है। यहां 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) के साथ थंडरस्कॉल और बिजली चमकने की आशंका है:-

बिहार

झारखंड

पश्चिमी राजस्थान (यहां अलग-अलग जगहों पर धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका है)

पश्चिम मध्य प्रदेश

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और यूपी का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 25 जून को आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 25 जून को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है।

पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी कल 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

पूर्वी राजस्थान: यहां भी बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की चेतावनी है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 जून को छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी।

मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में आंधी-बिजली का कहर

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कल 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान की आशंका है। छत्तीसगढ़ में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जून को मध्य भारत में गंभीर रूप से बिजली चमकने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल के इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ तूफान और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 25 जून को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी आकाशीय बिजली के साथ आंधी का अलर्ट है। इसके अलावा पूरे कर्नाटक में तेज सतही हवाएं लने का अनुमान है।

मानसून के बीच इन 3 राज्यों में हीट वेव का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं कुछ मैदानी और पूर्वी हिस्सों में अभी भी तीखी गर्मी और लू का संकट बना हुआ है। आईएमडी के मुताबिक 25 जून को नीचे दिए गए राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में लू की स्थिति देखने को मिल सकती है-

पूर्वी उत्तर प्रदेश

बिहार

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश

तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 25 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 26 से 28 जून के बीच तापमान 2-3°C बढ़ सकता है। मध्य भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

DDA Housing Scheme 2026: दिल्‍ली की सस्ता फ्लैट लेने का सुनहरा मौका! पाएं 25% का विशेष डिस्काउंट, आज ही अपना ड्रीम होम बुक करें!

DDA Housing Scheme 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नागरिक आवास योजना 2026 के तहत रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक का स्पेशल डिस्काउंट देने की घोषणा की है। इच्छुक खरीदार ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा। आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में किफायती और तैयार आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नागरिक आवास योजना 2026 को आकर्षक ऑफर के साथ पेश किया है। योजना के तहत पात्र खरीदारों को चयनित रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है, जिससे घर खरीदने की लागत में बड़ी कमी आएगी।

DDA के अनुसार, योजना में शामिल सभी आवास तत्काल रहने योग्य हैं और खरीदारों को निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑनलाइन अप्लाई और बुकिंग की सुविधा के कारण लोग घर बैठे ही अपनी पसंद के फ्लैट का चयन कर सकते हैं। यह योजना दिल्ली में घर खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।

तुरंत करें अप्लाई

योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो आवेदक पहले आवेदन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक लोगों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। DDA का कहना है कि सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। विशेष छूट का लाभ भी निर्धारित अवधि तक ही मिलेगा। नरेला और सिरसपुर में स्थित इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा।

मीडियम क्लास के लोगों को लिए शानदार मौका

DDA की यह योजना खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की अंतिम तिथि 30 जून 2026 से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वे रियायती दरों पर अपना घर खरीदने के अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। अपने सपनों का घर पाने का यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें।

हाउसिंग स्कीम की बड़ी बातें

फ्लैट पर 25% तक का विशेष डिस्काउंट

रेडी-टू-मूव फ्लैट्स उपलब्ध

ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा

FCFS आधार पर आवंटन

सीमित संख्या में आवास

आवेदन की आखिरी तारीख: 30 जून 2026

कितने फ्लैट्स हैं?

DDA की हाउसिंग स्कीम 2026 के तहत राजधानी में विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 1,712 फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें नरेला में 1,301 और सिरसपुर में 411 फ्लैट्स शामिल हैं। फ्लैट्स की कैटेगरी संख्या देखें तो हाई इनकम ग्रुप (HIG) के 298, मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के 459, लो इनकम ग्रुप (LIG) के 892 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 63 फ्लैट्स उपलब्ध हैं।

कीमत

कीमतों की बात करें तो EWS कैटेगरी के फ्लैट 9.60 लाख रुपये से शुरू होते हैं। LIG फ्लैट्स की कीमत 11.5 लाख से 15.3 लाख रुपये के बीच है। वहीं, MIG फ्लैट्स 66 लाख से 82 लाख रुपये और HIG फ्लैट्स 95 लाख रुपये से 1.13 करोड़ रुपये तक उपलब्ध हैं। बुकिंग के लिए आवेदकों को कैटेगरी के अनुसार एडवांस राशि जमा करनी होगी।

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HIG फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, MIG के लिए 4 लाख रुपये, LIG के लिए 1 लाख रुपये और EWS कैटेगरी के लिए 50 हजार रुपये बुकिंग अमाउंट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी आवेदकों को DDA आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 रुपये की एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य (नॉन-रिफंडेबल) फीस भी जमा करनी होगी। इच्छुक खरीदारों को लास्ट डेट से पहले आवेदन करने की सलाह दी गई है।

बागी गुट ने TMC चेयरपर्सन पद से हटाया पर उससे पहले ही ममता बनर्जी चल चुकी थीं अपनी चाल! इनसाइड स्टोरी अब सामने आई

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद अब ममता बनर्जी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को गंवाने के खतरे से जूझ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी फाउंडर ममता बनर्जी के लिए स्थितियां और विकट तब हो गईं जब पार्टी के बागी खेमे ने उन्हें चेयरपर्सन के पद से ही हटा दिया। एक बारगी ऐसा लगा कि क्या अब टीएमसी ममता बनर्जी के हाथों से पूरी तरह फिसल गई। पर अब एक नई जानकारी सामने आ रही है।

ममता बनर्जी के खेमे ने एक बड़ा खुलासा किया है। कोलकाता में बागी गुट द्वारा एक बैठक में पार्टी संस्थापक और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाए जाने के ठीक एक दिन बाद ममता बनर्जी की ओर से एक बड़ा जवाबी दांव चला गया है।

सामने आई इनसाइड स्टोरी के मुताबिक बागी गुट द्वारा उन्हें पद से हटाए जाने से पहले ही ममता बनर्जी अपनी चाल चल चुकी थीं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की एक नई पुनर्गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति की सूची तैयार कर भारतीय चुनाव आयोग को सौंप दी थी। इसमें खुद ममता बनर्जी को ही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का चेयरपर्सन बताया गया है।

बागी गुट के कदम से पहले ही ममता ने सुरक्षित किया दावा

न्यूज एजेंसी पीटीआई और दूसरी रिपोर्टों के मुताबिक जब बागी नेता पार्टी के भीतर संगठनात्मक तख्तापलट की तैयारी कर रहे थे ठीक उसी समय ममता बनर्जी ने 1998 में अपने द्वारा स्थापित की गई पार्टी के तंत्र पर अपना नियंत्रण सुरक्षित करने के लिए कदम उठा दिया था। ममता बनर्जी के करीबी नेताओं ने बताया कि शनिवार को ही पार्टी के नए नेतृत्व ढांचे और 24 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति को अंतिम रूप दे दिया गया था।

सोमवार दोपहर को ही इस सूची को चुनाव आयोग के पास जमा कर दिया गया था। यह सब तब हुआ जब कोलकाता में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले असंतुष्ट खेमे ने अपना विशेष सत्र भी आयोजित नहीं किया था।

ममता खेमे के एक वरिष्ठ नेता ने पीटीआई को बताया कि जब बागी खेमा अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति बनाने की तैयारियां कर रहा था, तब ममता बनर्जी ने पहले ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप दे दिया था और टीएमसी की चेयरपर्सन के रूप में यह सूची चुनाव आयोग को भेज दी थी।

ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग भेजी गई लिस्ट में कौन-कौन?

चुनाव आयोग को सौंपे गए आधिकारिक दस्तावेज पर खुद ममता बनर्जी के हस्ताक्षर हैं। इस नई सूची में निम्नलिखित नेताओं को प्रमुख पदाधिकारी बनाया गया है-

चेयरपर्सन: ममता बनर्जी

उपाध्यक्ष: सुब्रत बख्शी

राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा नेता: अभिषेक बनर्जी

संयुक्त सचिव और राज्यसभा नेता: डेरेक ओ’ब्रायन

संयुक्त सचिव: डोला सेन

कोषाध्यक्ष: सुभाशीष चक्रवर्ती

ममता के करीबी नेताओं ने बताया कि चुनाव आयोग को भेजी गई इस नई कमेटी का ढांचा पुराने संगठनात्मक प्रबंधों से बिल्कुल अलग है। इस लिस्ट से असंतुष्ट और बागी खेमे से जुड़े कई नेताओं की छुट्टी कर दी गई है। यहां तक कि इस महीने की शुरुआत में गठित राष्ट्रीय कार्यसमिति का हिस्सा रहे अरूप बिस्वास को भी इस संशोधित सूची से बाहर कर दिया गया है।

दूसरी तरफ बागी गुट ने अरूप रॉय को चुना नया चेयरपर्सन

दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने सोमवार को कोलकाता में हुए विशेष सत्र के बाद पार्टी में संगठनात्मक विभाजन को और गहरा कर दिया। बागी खेमे ने घोषणा की कि उन्होंने ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटा दिया है और उनकी जगह वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया चेयरपर्सन चुना है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन किया और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की। बागी खेमे का दावा है कि यह विशेष सत्र तृणमूल कांग्रेस के संविधान के अनुसार ही बुलाया गया था और इस सत्र में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी औपचारिक रूप से चुनाव आयोग को दी जाएगी।

ममता खेमे का पलटवार- यह सिर्फ एक कॉमेडी शो और सर्कस है

ममता बनर्जी खेमे ने बागियों के इस पूरे सत्र और अभ्यास को पूरी तरह से अमान्य और खारिज कर दिया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असंतुष्ट नेताओं के पास न तो ऐसा सत्र बुलाने का कोई अधिकार था और न ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को बदलने का कोई जनादेश था।

कुणाल घोष ने स्पष्ट रूप से कहा कि, ‘यह एक कॉमेडी शो है। एक व्यक्ति जिसे टीएमसी से निष्कासित किया जा चुका है, वह विशेष सत्र आयोजित कर रहा है। यह मामला कोर्ट में है और हमें विश्वास है कि न्याय होगा। हम इस तरह के हास्यास्पद व्यवहार को कोई महत्व नहीं देते हैं। टीएमसी का मतलब ही ममता बनर्जी है, बाकी सब एक सर्कस है।’

कई बड़े नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी

पार्टी के भीतर बगावत पर कड़ा रुख अपनाते हुए ममता बनर्जी खेमे की अनुशासन समिति ने कई वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, अरूप रॉय, जावेद खान, रथिन घोष, बिप्लव मित्रा, स्नेहाशीष चक्रवर्ती और सबीना यास्मिन के नाम शामिल हैं। इन सभी नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

ममता बनर्जी के लिए आगे क्या? लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के आसार

कोलकाता के एक राजनीतिक विश्लेषक के मुताबिक अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चुनाव आयोग किस संगठनात्मक ढांचे को वैध और असली टीएमसी के रूप में मान्यता देगा। दोनों गुटों द्वारा किए जा रहे परस्पर विरोधी दावों ने टीएमसी के भीतर संकट को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां दोनों धड़े अब पार्टी की विधायी और संगठनात्मक दोनों शाखाओं पर अपना दावा ठोक रहे हैं।

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ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि यह विवाद चुनाव आयोग के सामने लड़ा जाएगा और अंततः अदालतों तक भी पहुंच सकता है। इससे एक बात तो साफ है कि ममता बनर्जी द्वारा 1998 में स्थापित की गई इस पार्टी पर नियंत्रण के लिए एक लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का मंच तैयार हो गया है।

Lucknow fire update: हाथ से उतर गई चमड़ी… लखनऊ में आग लगी तो दूसरी मंजिल से कूदने वाले मोहम्मद आसिफ ने उस खौफनाक मंजर को किया बयान

Lucknow fire tragedy update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार 22 जून को एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने सिर्फ 15 लोगों की जान ही नहीं ली। बल्कि उनके साथ जुड़े अनगिनत सपनों, उम्मीदों को भी हमेशा के लिए राख कर दिया। कोई अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था, तो कोई बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने का सपना देख रहा था। कोई अपने करियर की शुरुआत कर रहा था, तो कोई छुट्टियां बिताने की तैयारी में जुटा था। लेकिन इस भीषण अग्निकांड ने उनके जीवन के साथ-साथ उनके सपनों को भी निगल लिया।

लखनऊ के आशियाना निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद आसिफ उस भयावह अग्निकांड के चश्मदीद और पीड़ित हैं, जो अलीगंज स्थित बिल्डिंग में हुआ। आसिफ दूसरी मंजिल पर मौजूद गेमिंग स्टूडियो में काम करते थे। उन्होंने News18 को बताया बताया कि हादसे के वक्त सब कुछ सामान्य था। लेकिन कुछ ही पलों में माहौल मौत के मंजर में बदल गया। आसिफ के बताया, “हम लोग बैठे हुए थे और मस्ती कर रहे थे। अचानक सब कुछ एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। धुआं इतना ज्यादा था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।”

उन्होंने आशंका जताई कि बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में मौजूद पेट स्टोर में बड़ी मात्रा में रखा सामान आग को तेजी से फैलाने का कारण बना। जान बचाने के लिए आसिफ को दूसरी मंजिल से छलांग लगानी पड़ी। उन्होंने बताया, “मैं हाईटेंशन वायर के सहारे नीचे कूदा। गर्मी इतनी ज्यादा थी कि तार भी पिघल चुका था। उसे पकड़ने के दौरान मेरे हाथों की चमड़ी तक उधड़ गई। अगर मैं 10-15 सेकंड और देर करता तो शायद मेरी भी मौत हो जाती।”

आसिफ ने राहत और उचित इलाज व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी काफी देर तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली। उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त ने भी जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। लेकिन उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। आसिफ ने कहा, “वह काफी देर तक सड़क पर ही पड़ा रहा, मदद समय पर नहीं पहुंची।”

आसिफ के अनुसार हादसे के दौरान इमारत में सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नाकाम साबित हुईं। उन्होंने आगे कहा, “टेरेस का दरवाजा बंद था, वाटर स्प्रिंकलर काम नहीं कर रहे थे और बायोमेट्रिक दरवाजे लॉक थे। इसी वजह से कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।” इस हादसे ने इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

15 लोगों की गई जान

अलीगंज स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में सोमवार दोपहर लगी आग में 15 लोगों की झुलसकर मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है और पीछे छूट गए हैं बूढ़े माता-पिता, भाई-बहन और वे अधूरे सपने, जो अब कभी पूरे नहीं हो सकेंगे।

मृतकों में 22 वर्षीय आईटी तकनीशियन अब्दुल रहमान भी शामिल हैं। वह पिछले एक वर्ष से ‘एरिया स्टूडियो’ में कार्यरत थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पिता अफजल कई वर्षों से लकवाग्रस्त हैं। रहमान की मौत के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

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इस भीषण अग्निकांड में मोहम्मद इमरान के इकलौते बेटे शाहजान (18) की भी मौत हो गई। जानकीपुरम निवासी शाहजान एक छोटे कारोबारी परिवार से थे। पिछले कुछ समय से कंप्यूटर की ट्रेनिंग ले रहे थे। परिजनों के अनुसार, वह बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाने की योजना बना रहे थे। सुखमनी सिंह (22) भी इस हादसे का शिकार हो गईं। उनके परिवार में पिता प्रभजोत सिंह, मां और एक छोटा भाई हैं। प्रभजोत सिंह सिविल डिफेंस में कार्यरत हैं।

Ram Mandir Daan Chori Case: एसआईटी ने सरकार को सौंपी राम मंदिर में कथित चंदा चोरी की रिपोर्ट, जानें- बड़ी बातें

Ayodhya Ram temple donation case: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार (23 जून) को यूपी सरकार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी। लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को यह शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच अभी भी चल रही है। मामले में अभी जानकारी जुटाई जा रही है।

अयोध्या राम मंदिर में मिले चंदे के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया था। SIT द्वारा शुरुआती रिपोर्ट सौंपने के बाद, पंत ने PTI वीडियो को बताया कि SIT अगले 10 से 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की कोशिश कर रही है। पंत ने कहा, “अब तक सामने आई जानकारी और हमारे पास मौजूद तथ्यों के आधार पर हमने आज पहली रिपोर्ट सौंपी है। यह केवल शुरुआती रिपोर्ट है और अंतिम रिपोर्ट कुछ समय बाद सौंपी जाएगी।”

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट गोपनीय है। उन्हें इस चरण में मीडिया के साथ जांच के नतीजों का विवरण साझा करने की अनुमति नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम आगे की जांच के लिए अयोध्या लौटेगी क्योंकि सौंपी गई रिपोर्ट केवल शुरुआती थी? इस पर पंत ने PTI से कहा, “बिल्कुल, हम जरूरत के हिसाब से ऐसा करेंगे।”

अखिलेश यादव ने उठाया था मामला

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को उन रिपोर्टों का हवाला दिया था जिनमें दावा किया गया था कि राम मंदिर में दिए गए चंदे में से करोड़ों रुपये गायब हैं। उन्होंने अदालतों से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया था। यादव ने SIT जांच पर रोज़ाना जानकारी देने की मांग की थी। साथ ही आरोप लगाया था कि एजेंसी पर जनता का भरोसा कम हो गया है, जिसे उन्होंने BJP सरकार के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का नतीजा बताया था।

मंदिर से जुड़े लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने का निर्देश

राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने रविवार को लखनऊ रवाना होने से पहले यह निर्देश दिए। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ सहित रोजाना की जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा रही हैं। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज रही है।

सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी कथित अनियमितता कुंभ मेले के दौरान सामने आई, जब करीब दो महीने की अवधि में रोजाना लगभग 10 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। दान पेटियां दो घंटे के भीतर ही नोटों से भर जाती थीं। यही वजह है कि एसआईटी इस दान की निगरानी एवं हिसाब-किताब की गहराई से जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में भगवान राम को चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और अन्य कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई है।

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Bank Holiday List: इस सप्ताह तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, ब्रांच जाने से पहले जरूर देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holiday Alert: जून 2026 का आखिरी सप्ताह बैंक ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि आप इस हफ्ते बैंक ब्रांच में जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले छुट्टियों का कैलेंडर जरूर देख लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार 26 जून से 28 जून के बीच लगातार तीन दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि, इस दौरान इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI, ATM और अन्य डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।

26 से 28 जून के बीच बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी> लेकिन शाखाओं से जुड़े कार्यों के लिए पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा।

कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

26 जून (शुक्रवार): मुहर्रम के अवसर पर अवकाश रहेगा।

मुहर्रम के कारण देश के कई शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। जिन प्रमुख शहरों में बैंक अवकाश रहेगा, उनमें शामिल हैं:-

नई दिल्ली

लखनऊ

मुंबई

कोलकाता

चेन्नई

बेंगलुरु

हैदराबाद

भोपाल

पटना

कानपुर

नागपुर

रायपुर

रांची

विजयवाड़ा

अगरतला

आइजोल

बेलापुर

जम्मू

श्रीनगर

इन शहरों में ग्राहकों को ब्रांच आधारित सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

27 जून (शनिवार): चौथा शनिवार

RBI के नियमों के अनुसार हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को देशभर के बैंक बंद रहते हैं। जून 2026 का चौथा शनिवार 27 जून को पड़ रहा है। इसलिए सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक बंद रहेंगे।

28 जून (रविवार): साप्ताहिक अवकाश

रविवार होने के कारण 28 जून को देशभर में सभी बैंक ब्रांच बंद रहेंगी।

जून के अंत में और भी हैं रहेगी छुट्टी

29 जून: संत गुरु कबीर जयंती

29 जून को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संत गुरु कबीर जयंती के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे।

30 जून: रेमना नी (Remna Ni)

30 जून को आइजोल में क्षेत्रीय पर्व रेमना नी के कारण बैंक अवकाश रहेगा।

बैंक बंद रहेंगे, लेकिन ये सेवाएं चलती रहेंगी

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में कोई परेशानी नहीं होगी। निम्नलिखित सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी:-

UPI भुगतान

मोबाइल बैंकिंग

इंटरनेट बैंकिंग

फंड ट्रांसफर (NEFT/IMPS)

बिल भुगतान

बैलेंस चेक

एटीएम से नकदी निकासी

ऑनलाइन अकाउंट मैनेजमेेेट

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ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

यदि आपको चेक जमा करना है, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना है, केवाईसी अपडेट करानी है या कोई अन्य शाखा आधारित काम करना है, तो उसे छुट्टियों से पहले पूरा कर लें। लगातार तीन दिन बैंक बंद रहने से अंतिम समय में परेशानी हो सकती है।

एक नजर में छुट्टियां

तारीख                                                               दिन                                        कारण

26 जून 2026                                                     शुक्रवार                                   मुहर्रम

27 जून 2026                                                     शनिवार                         चौथा शनिवार

28 जून 2026                                                     रविवार                साप्ताहिक अवकाश

29 जून 2026                                                     सोमवार             संत गुरु कबीर जयंती(शिमला)

30 जून 2026                                                    मंगलवार                            रेमना नी (आइजोल)

Rakhigarhi Human Skeletal Remains: 3 पूरे कंकाल और कब्रों से मिले कुछ इंसानी कंकाल के टुकड़े! राखीगढ़ी के इस रहस्य की पड़ताल अब AnSI करेगी

Rakhigarhi Human Skeletal Remains: हरियाणा के ऐतिहासिक सिंधु-सरस्वती सभ्यता स्थल राखीगढ़ी (Rakhigarhi) से हाल ही में मिले मानव कंकालों ने इतिहासकारों और वैज्ञानिकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। राखीगढ़ी के इस प्राचीन रहस्य से पर्दा उठाने के लिए अब देश की दो बड़ी राष्ट्रीय संस्थाएं एक साथ आई हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने विस्तृत वैज्ञानिक जांच और उन्नत अनुसंधान के लिए इन मानव अवशेषों को भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण (AnSI) को सौंप दिया है। दोनों संस्थाओं के बीच हुए एक MoU के तहत इस ऐतिहासिक शोध को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मलबे और कब्रों से क्या मिला?

राखीगढ़ी को सिंधु-सरस्वती सभ्यता का अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात स्थल माना जाता है। यह हरियाणा में लगभग 550 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां प्रारंभिक हड़प्पा काल से लेकर परिपक्व हड़प्पा काल तक के निरंतर निवास के प्रमाण मिले हैं। हाल ही में एएसआई (ASI) की उत्खनन शाखा-II द्वारा फील्ड सीजन 2025-26 के दौरान राखीगढ़ी के टीला नंबर 7 में खुदाई की गई थी।

यह इलाका पहले से ही एक कब्रिस्तान के रूप में चिन्हित है। इस खुदाई के दौरान कुल आठ कब्रों का पता चला। इन कब्रों से 3 पूरे मानव कंकाल बरामद किए गए। दूसरे कब्रों से मानव कंकालों के कई महत्वपूर्ण टुकड़े भी मिले हैं। इन सभी अवशेषों को विस्तृत जांच के लिए कोलकाता स्थित AnSI की प्राचीन मानव कंकाल प्रयोगशाला और रिपोजिटरी में स्थानांतरित कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इस साइट से मिले बाकी अवशेषों को भी अगले कुछ दिनों में सौंप दिया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से खुलेंगे इतिहास के पन्ने

AnSI के महानिदेशक प्रो बीवी शर्मा के मुताबिक इस ट्रांसफर से सिंधु-सरस्वती सभ्यता के इस महत्वपूर्ण शहरी केंद्र के बहु-विषयक अनुसंधान को बड़ी गति मिलेगी। वैज्ञानिक इन कंकालों पर कई आधुनिक और उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे। कंकालों के जेनेटिक्स और जीनोमिक इतिहास की पड़ताल की जाएगी।

स्थिर आइसोटोप अध्ययन से उस दौर के लोगों के खान-पान और गतिशीलता को समझने की कोशिश होगी। ऑस्टियोलॉजिकल और पैलियोपैथोलॉजिकल जांच से कंकालों की शारीरिक बनावट, बीमारियों के प्रसार और स्वास्थ्य के स्तर को जानने का प्रयास किया जाएगा। पर्यावरण पुनर्निर्माण से हड़प्पा काल के दौरान मानव और पर्यावरण के बीच के संबंधों को समझने की कोशिश की जाएगी।

देश-विदेश के बड़े संस्थान मिलकर करेंगे रिसर्च

इस ऐतिहासिक खोज के रहस्यों को सुलझाने के लिए AnSI अकेले काम नहीं कर रही है, बल्कि वह देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ साझेदारी करेगी। इस रिसर्च टीम में शामिल होंगे। इसमें बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), ब्रिटेन का यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) शामिल हैं।

सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB), हैदराबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ कुमारस्वामी थनगराज ने बताया कि इन अवशेषों पर ‘एंशिएंट डीएनए टेक्नोलॉजी’ के इस्तेमाल से ईसा पूर्व 3000 (3000 BCE) के समय से मानव जीनोम के विकास, अनुकूलन और प्राकृतिक चयन को समझने में मदद मिलेगी। वहीं बीएचयू के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि इससे हड़प्पा आबादी के वंश, स्वास्थ्य और जीवन शैली के पुख्ता सबूत मिलेंगे।

4। सालों बाद AnSI के इस गौरवशाली शोध का पुनरुद्धार

अधिकारियों ने बताया कि साल 1945 में अपनी स्थापना के समय से ही AnSI के पास सिंधु-सरस्वती स्थलों से मिले अवशेषों पर ऑस्टियोलॉजिकल शोध की एक लंबी परंपरा रही है। विभिन्न चुनौतियों की वजह से बीते वर्षों में यह काम धीमा पड़ गया था। अब संस्थान ने विशेष अनुसंधान टीमों का गठन कर और वैज्ञानिकों को विशेष प्रशिक्षण देकर ‘पैलियोएंथ्रोपोलॉजिकल रिसर्च’ (पुरामानवविज्ञानी अनुसंधान) को पुनर्जीवित करने के प्रयास शुरू किए हैं।

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डेक्कन कॉलेज (पुणे) के पूर्व प्रोफेसर सुभाष वालिंबे और राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर किशोर के। बासा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शहरीकरण ने मानव जीवविज्ञान को कैसे प्रभावित किया, यह समझने के लिए गहन नृवंशविज्ञान परीक्षा बेहद जरूरी है।

Lucknow fire tragedy update: अब तक 15 लोगों की मौत, 4 आरोपी गिरफ्तार, चार अधिकारी निलंबित… लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में अब तक क्या हुआ?

Lucknow fire tragedy update:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार (22 जून) को तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने के कारण झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई। जबकि 9 लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले की पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। इस बिल्डिंग में एक एनिमेशन सेंटर था जहां छात्र मौजूद थे। साथ ही निचली मंजिलों पर एक पेट शॉप और एक क्लिनिक भी था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

पॉश रिहायशी इलाके में है कोचिंग सेंटर

घटना अलीगंज थाना इलाके में उषा मेहता मार्ग पर स्थित तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में दोपहर करीब तीन बजे हुई। पुरनिया बाजार से चंद कदमों की दूरी पर स्थित यह बिल्डिंग अलीगंज के पॉश रिहायशी इलाके में है, जहां कई कोचिंग सेंटर और कैफे मौजूद हैं।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बचाव दल ने इस घटना में घायल कुल 22 लोगों को केजीएमयू पहुंचाया, जिनमें से 15 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मतृकों की हुई पहचान

अस्पताल द्वारा जारी लिस्ट के अनुसार हादसे में मरने वालों की शिनाख्त सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या के रूप में हुई है। के.के. सिंह ने बताया कि हादसे में घायल हुए नौ लोगों में से सात को छुट्टी दे दी गई है। जबकि दो अन्य का इलाज किया जा रहा है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

SIT में कौन-कौन अधिकारी शामिल?

बयान के अनुसार एसआईटी में पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। उसे सात दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस मामले में पुलिस ने देर रात चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, चार अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।

चार अरेस्ट, 4 सस्पेंड

लखनऊ पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल बिल्डिंग के संयुक्त रूप से मालिक हैं।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मामले में मुख्यमंत्री के आदेश पर जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

घायलों से मिले सीएम योगी, पीएम मोदी ने जताया दुख

घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री अलीगढ का अपना दौरा बीच में ही छोडकर लखनऊ लौटे और घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वह अस्पताल भी पहुंचे और घायल पीड़ितों से मुलाकात करके संवेदना प्रकट की। रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बाद में उन्होंने केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और मुख्यमंत्री को फोन करके घटना की जानकारी ली।

मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जाहिर करते हुए मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है। इसके अलावा सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है।

अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री शाम करीब छह बजकर 15 मिनट पर घटनास्थल पर पहुंचे। फिर हादसे की शिकार इमारत की स्थिति का जायजा लिया और इमारत की ऊपरी मंजिलों का भी दौरा किया। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आदित्यनाथ केजीएमयू पहुंचे, दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात करके उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

कैसे लगी आग?

घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे नगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आग लगने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आग शायद इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई। उन्होंने कहा कि बाहर निकलने का सही रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने से मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। स्थानीय बीजेपी विधायक नीरज बोरा ने पीटीआई को बताया कि इस हादसे में मरने वाले लोगों में से आधे स्थानीय निवासी थे।

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India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Update Today (23 June): देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए देशव्यापी मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बड़ा अलर्ट घोषित किया है। मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण आज बिहार समेत देश के 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मुंबई और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई (IMD Mumbai Warning): मुंबई के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र दौर की बारिश होने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान में महातूफान की आशंका: आज पूरे राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलने का अलर्ट है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी वेदर बुलेटिन के मुताबिक आज देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश होने वाली है:-

बेहद भारी बारिश: असम और मेघालय में मानसून का सबसे रौद्र रूप दिखेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है।

भारी बारिश वाले अन्य 10 राज्य

बिहार और ओडिशा: कल मानसून के आगे बढ़ने के बाद आज इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है।

कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र: पश्चिमी तट से सटे इन इलाकों में भारी मानसूनी बारिश होगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भारी बारिश का कड़ा अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR समेत देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का कहर

देश के एक बहुत बड़े हिस्से में आज तेज आंधी-पानी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों में मौसम खराब रहेगा।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात रीजन, कोंकण एवं गोवा, पूरे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हिमाचल प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

विदर्भ में हीटवेव और गर्म रात का टॉर्चर जारी

जहां एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा मानसून की फुहारों से भीग रहा है। वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का टॉर्चर अभी भी बरकरार है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में आज भीषण से अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद असहज और गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज भी लू का असर देखने को मिलेगा।

ममता बनर्जी के हाथों से फिसली TMC की कमान, तृणमूल के बागी 58 विधायकों ने अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना

TMC Crisis Update: पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी सबसे बड़े संकट से जूझ रही हैं। ममता बनर्जी का अब पार्टी पर कंट्रोल भी खत्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण की कोशिश में विपक्ष के नेता रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुन लिया है। यह पार्टी संस्थापक ममता बनर्जी के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है। इस कदम से संकेत मिलता है कि विधानसभा से शुरू हुई और बाद में संसद तक फैली बगावत अब TMC के संगठनात्मक गढ़ तक पहुंच गई है।

बागी विधायकों, पार्षदों और अन्य नेताओं की मौजूदगी में एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विधायक फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। जबकि रीताब्रता बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव बनाया गया। इस नए ढांचे के जरिए बागी गुट ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद से प्रभावी रूप से हटा दिया है।

रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमां अंसारी को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बैठक के बाद रीताब्रता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “तृणमूल कांग्रेस नेताओं और सदस्यों के विशेष सत्र में सर्वसम्मति से अरूप रॉय को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया।” बागी गुट के नेता ने इस प्रक्रिया को वैध ठहराने की कोशिश करते हुए कहा कि पूरी कार्यवाही पार्टी के संविधान के अनुसार की गई है।

विशेष सत्र का डिटेल्स निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। बागी गुट के सूत्रों के अनुसार, रीताब्रता बनर्जी ने न्यू टाउन के एक होटल में बैठक की, जिसमें कोलकाता नगर निगम के लगभग 60 विधायक और 70 पार्षद मौजूद थे। उन्होंने इन फैसलों का समर्थन किया।

संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू

उन्होंने कहा, “यह असली या नकली होने का सवाल नहीं है। हम ही तृणमूल कांग्रेस हैं और आज के विशेष सत्र की कार्यवाही की जानकारी निर्वाचन आयोग को देंगे।” बनर्जी ने कहा, “हमने पार्टी के नियमों के अनुसार काम किया है और यह विशेष सत्र आहूत किया है। क्या सही है और क्या गलत, इसका फैसला निर्वाचन आयोग करेगा।” उन्होंने बताया कि नवगठित नेतृत्व जल्द ही विभिन्न स्तरों पर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे का गठन शुरू करेगा। बनर्जी ने कहा, “हम जल्द ही जिला समितियों, प्रदेश इकाई और प्रवक्ताओं के एक पैनल का गठन करेंगे।”

440 करोड़ रुपये के लेन-देन पर भी रोक

इस बीच, पुलिस ने बागी विधायकों की शिकायत पर पार्टी के तीन बैंक खातों में मौजूद करीब 440 करोड़ रुपये के लेन-देन पर भी रोक लगा दी है। ये शिकायतें वित्तपोषण के स्रोत को लेकर की गई थीं। हालांकि, बनर्जी ने ममता के प्रति नरम रुख अपनाते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो बागी गुट की मुख्य सलाहकार बन सकती हैं। उन्होंने कहा, “यदि ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार बनना चाहें, तो उनका स्वागत है।”

ममता गुट का बयान

ममता बनर्जी के खेमे ने हालांकि इस पूरी कवायद को सिरे से खारिज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा कि बागियों को पार्टी संविधान के तहत ऐसा कोई सत्र बुलाने या संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “तृणमूल और ममता बनर्जी एक-दूसरे के पूरक हैं। बागियों के पास ऐसा करने की कोई शक्ति नहीं है।”

ममता के वफादार नेताओं ने संकेत दिया है कि यह मामला अब पार्टी की वैधता को लेकर कानूनी लड़ाई में बदल सकता है। एक वफादार नेता ने बताया कि पार्टी की अनुशासन समिति जल्द ही बागी गतिविधियों में शामिल होने के लिए अरूप रॉय, फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास सहित अन्य नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी।

यह विशेष सत्र पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में उत्पन्न अभूतपूर्व संकट के बीच आयोजित किया गया। कुछ ही दिन पहले पार्टी के 80 विधायकों में से 58 ने विपक्ष के नेता पद के लिए रीताब्रता बनर्जी के दावे का समर्थन किया था। साथ ही पार्टी नेतृत्व की पसंद को खारिज कर दिया था। बागी गुट का दावा है कि इसके बाद उनकी संख्या और बढ़ गई है।

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हाल में पार्टी को संसद में एक और झटका तब लगा जब उसके 28 में से 20 लोकसभा सदस्य तृणमूल संसदीय दल से अलग हो गए और उन्होंने नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर लिया। साथ ही BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने की घोषणा की है।