गोल्डमैन सैक्स ने इंडिया के ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाया, कहा-क्रूड में नरमी से इकोनॉमी पर घटा है दबाव

अमेरिका-ईरान में डील का पॉजिटिव असर इंडियन इकोनॉमी पर पड़ेगा। गोल्डमैन सैक्स ने भारत की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा दिया है। इनफ्लेशन को लेकर भी उसकी राय बदली है, क्योंकि क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है। साथ ही सरकार के इंपोर्ट बिल में कमी आई है।

क्रूड में नरमी से भारत के लिए अच्छी संभावनाएं

गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मध्यपूर्व में तनाव घटने और क्रूड ऑयल में नरमी से भारतीय इकोनॉमी के लिए संभावनाएं बेहतर हुई हैं। उसने कहा है, “इस साल की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ हमारे पहले के अनुमान से ज्यादा रह सकता है। इससे हमें ग्रोथ के अपने अनुमान को बढ़ाना पड़ा है।” अमेरिकी इनवेस्टमेंट बैंक ने इस साल यानी 2026 में भारत के ग्रोथ के अनुमान को 0.3 फीसदी बढ़ाकर 6.8 फीसदी कर दिया है।

सप्लाई बढ़ने से क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट 

अमेरिका-ईरान में डील के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल टैंकर्स और दूसरे जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे क्रूड ऑयल की सप्लाई बढ़ी है। भारत क्रूड की अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है। भारत आने वाला काफी क्रूड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है। हालांकि, इस साल की दूसरी छमाही में गोल्डमैन सैक्स क्रूड की औसत कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया है, जो इसकी मौजूदा कीमत से ज्यादा है।

गोल्डमैन सैक्स ने इनफ्लेशन के अनुमान को घटाया

गोल्डमैन सैक्स ने भारत में इनफ्लेशन के अपने अनुमान को भी घटाया है। उसने इसे 5.1 फीसदी से घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया गया है। उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ग्लोबल यूरिया प्राइस में बड़ा करेक्शन आया है। इससे फर्टिलाइजर सब्सिडी में कमी आएगी। साथ ही क्रूड सस्ता होने से भी सरकार पर वित्तीय दबाव घटेगा।

मानसून में कम बारिश का अनुमान एक बड़ी चुनौती

गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, पहले के मुकाबले स्थितियां पॉजिटिव होने के बावजूद भारत के लिए कुछ चुनौतियां नजर आ रही हैं। मौसम विभाग ने इस साल मानसून की बारिश कम होने का अनुमान जताया है। इस साल अल नीनो के असर का भी अनुमान जताया गया है। ऐसा होने पर ग्रामीण इलाकों में डिमांड पर असर पड़ सकता है।

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आरबीआई रेपो रेट 0.50 फीसदी बढ़ा सकता है

उसने कहा है कि आरबीआईआ इस साल रेपो रेट में 0.50 फीसदी का इजाफा कर सकता है। हालांकि, पेट्रोकेमिकल्स की कीमतों में लगातार गिरावट से इनफ्लेशन पर दबाव घटेगा, जिससे आरबीआई अपनी पॉलिसी सख्त करने में देर कर सकता है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। इससे भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ाने को मजबूर हुई। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया।

Tumbbad 2: सोहम शाह स्टारर ‘तुम्बाड 2’ का महाराष्ट्र के मानसून से है तगड़ा कनेक्शन, जानें फुल अपडेट

Tumbbad 2: सोहम शाह स्टारर ‘तुंबाड’ भारत की सबसे यादगार हॉरर फ़िल्मों में से एक है। 2018 में राही अनिल बर्वे के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म की कई खासियतों में से एक है इसका डरावना माहौल, जिसमें लगातार होती बारिश कहानी का एक अहम हिस्सा बन गई थी।

लगातार होती बारिश ने इस भारतीय पौराणिक हॉरर फ़िल्म की दुनिया को और भी डरावना और असरदार बना दिया था। यह कहना गलत नहीं होगा कि बारिश खुद एक किरदार की तरह थी। खबरों के मुताबिक, मेकर्स इसके सीक्वल में भी वही जादू फिर से पैदा करने की योजना बना रहे हैं। कहा जा रहा है कि वे शूटिंग शेड्यूल में बदलाव कर रहे हैं और दूर-दराज की जगहों की तलाश कर रहे हैं ताकि फ़िल्म की शूटिंग असली बारिश में हो सके।

जहां ‘तुंबाड’ की शूटिंग चार मॉनसून सीज़न के दौरान हुई थी, वहीं खबर है कि इसके सीक्वल के शेड्यूल में कई बार बदलाव किए जा रहे हैं ताकि एक बार फिर असली बारिश को कैमरे में कैद किया जा सके। फिल्म के मेकर्स उस यादगार माहौल को फिर से बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, जिसने पहली फिल्म को इतना खास बनाया था।

सूत्रों के मुताबिक, मॉनसून के असामान्य और अनिश्चित व्यवहार के कारण प्रोडक्शन टीम ने अपनी शूटिंग की योजनाओं में पूरी तरह से बदलाव किया है। महाराष्ट्र में बारिश का पैटर्न लगातार अनिश्चित होता जा रहा है, इसलिए मेकर्स मौसम की स्थिति पर रियल-टाइम नज़र रख रहे हैं और जिन इलाकों में सबसे ज़्यादा बारिश हो रही है, वहाँ के हिसाब से अपने शेड्यूल में बदलाव कर रहे हैं।

अंदरूनी सूत्रों का यह भी कहना है कि टीम ने बड़े पैमाने पर कृत्रिम वर्षा व्यवस्था पर निर्भर न रहने का विकल्प चुना है, बल्कि तुम्बाड से जुड़ी प्रामाणिकता को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक वर्षा को इकट्ठा करना पसंद किया है, साथ ही कई क्षेत्रों में चल रही पानी की कमी के बीच पानी के उपयोग से संबंधित व्यापक चिंताओं का भी ध्यान रखा है।

खबर है कि टीम महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों में दूर-दराज और बारिश वाली जगहों की तलाश कर रही है, ताकि ‘तुंबाड’ वाली वैसी ही शानदार दुनिया बनाई जा सके जिससे दर्शक जुड़े हुए हैं। कहा जाता है कि इन जगहों तक पहुंचना ही अपने आप में एक चुनौती है। सेट पर पहुंचने के लिए कास्ट और क्रू को घने और मुश्किल रास्तों से होकर लगभग दो से तीन घंटे की पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने कहा, “मज़ेदार बात यह है कि जहां ‘तुंबाड’ चार मॉनसून सीज़न में शूट होने की वजह से मशहूर हुई थी, वहीं ‘तुंबाड 2’ के लिए टीम असल में मॉनसून का पीछा कर रही है।” उन्होंने आगे कहा, “‘तुंबाड’ की दुनिया में बारिश हमेशा से एक अहम किरदार रही है और मेकर्स इसे असलियत के साथ दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

सूत्र ने यह भी बताया कि कुछ जगहों को खास तौर पर इसलिए चुना गया क्योंकि वहां बाकी जगहों के मुकाबले ज़्यादा बारिश हो रही थी। सोहम शाह इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और इसे उनके ही बैनर तले बनाया जा रहा है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी भी फ़िल्म में एक अहम भूमिका में नज़र आएंगे। फ़िल्ममेकर आदेश प्रसाद इस सीक्वल को डायरेक्ट कर रहे हैं। ‘तुम्बाड 2’ 3 दिसंबर, 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

यहां सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा किसानों को आम का दाम, तोतापरी की हजारों एकड़ की खेती पेड़ पर ही सड़ने को छोड़ी!

देश में इस समय भले ही लोग मानसून का इंतजार कर रहे हो पर झमाझम बारिश के पहले आम का सीजन अपने चरम पर पहुंच गया है। मार्केट में अलग-अलग वैरायटी और अलग-अलग नाम के आम देखने को मिल रहे हैं। वहीं बाजर में मिल रहे इन आमों में तोतापरी आम अपनी अलग ही जगह बना कर रखी हुई है। आम के सीजन में इस आम की भी अच्छी खासी डिमांड देखने को मिलती है।

इस आम की मिठास हर किसी को पसंद आती है, लेकिन इन्हीं आमों को उगाने वाले किसान आज भारी संकट से जूझ रहे हैं। तमिलनाडु के मदुरै जिले में तोतापरी आम की फसल का ऐसा हाल है कि किसानों को सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो का दाम मिल रहा है।

सिर्फ 3 रुपये किलो मिल रहा आम

तमिलनाडु के मदुरै जिले के मेलूर तालुक में एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में आम की खेती होती है। यहां उगने वाले ‘किली मूकु’ (तोतापरी) आम की सप्लाई देश के कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी की जाती है। लेकिन इस साल किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि उन्हें आम के सिर्फ 3 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं, जबकि यही आम खुदरा बाजार में 40 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक कीमत पर बिक रहा है।

कीमत में भारी अंतर से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई किसानों का कहना है कि उन्हें फल तोड़ने और मजदूरों का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। इसी वजह से कई किसानों ने आम की तुड़ाई नहीं कराने का फैसला किया है और फल पेड़ों पर ही छोड़ दिए हैं, जहां वे धीरे-धीरे खराब हो रहे हैं।

क्यों खास हैं तोतापरी आम

तोतापरी आम का जो आकार होता है, वह तोते की चोंच की तरह होता है। इसके साथ ही इस आम का लाल कलर होता है। इसलिए इस आम का नाम तोता परी आम रखा गया है। इसका स्वाद थोड़ा खट्टा मीठा होता है। इसके साथ ही यह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश इन क्षेत्रों में ज्यादा पाया जाता है। इस आम का साइज बहुत बड़ा होता है।

Monsoon & El Nino Impact: El Nino पर IMD ने जारी किया बिग अपडेट, क्या कमजोर पड़ेगा मानसून या जुलाई में तेज होगी बारिश?

El Nino Impact on Southwest Monsoon 2026: देश में अब आगे बढ़ रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अल नीनो (El Niño) और आने वाले दो हफ्तों की बारिश को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट जारी किया है। जून के महीने में अब तक देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या जुलाई में मानसून रफ्तार पकड़ेगा या अल नीनो का साया इसे कमजोर कर देगा?

आईएमडी की 25 जून को जारी लेटेस्ट प्रेस रिलीज के मुताबिक देश में मौसम का मिजाज अगले दो हफ्तों में पूरी तरह बदलने वाला है। आइए जानते हैं अल नीनो पर मौसम विभाग का क्या कहना है और जुलाई के पहले हफ्ते में आपके इलाके में कैसी बारिश होगी।

El Nino पर IMD का बड़ा अलर्ट: क्या बढ़ेगा खतरा?

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं और इसके दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान और अधिक मजबूत होने की आशंका है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम के मॉडल भी संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अल नीनो की स्थिति और गहरा सकती है।

राहत की बात: हालांकि अल नीनो मजबूत हो रहा है लेकिन हिंद महासागर में फिलहाल न्यूट्रल इंडियन ओशन डिपोल की स्थिति बनी हुई है, जो पूरे मानसून सीजन में ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इसके अलावा मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) फेज-5 में है, जो जुलाई के शुरुआती दिनों में बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा।

जून में बारिश का क्या रहा हाल?

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। 1 जून से 24 जून 2026 तक पूरे भारत में कुल संचयी बारिश सामान्य से 42% कम दर्ज की गई है। बीते सप्ताह (18-24 जून) के दौरान भी देश भर में सामान्य से 47% कम बारिश हुई।

अगले दो हफ्तों का फोरकास्ट: क्या जुलाई में तेज होगी बारिश?

मौसम विभाग ने 25 जून से 8 जुलाई 2026 तक के लिए दो चरणों में अपना विस्तृत अनुमान जारी किया है।

पहला हफ्ता (25 जून से 01 जुलाई 2026): धीमी शुरुआत, गर्मी से थोड़ी राहत

मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही हैं। अगले कुछ दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस हफ्ते में मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होगी। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-28 जून के बीच लू से गंभीर लू की स्थिति रह सकती है। बिहार और झारखंड में भी 25-26 जून को हीटवेव का असर दिखेगा, जिसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। ओवरऑल बात करें तो पहले हफ्ते में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।

दूसरा हफ्ता (02 जुलाई से 08 जुलाई 2026): मानसून पकड़ेगा तूफानी रफ्तार!

जुलाई का पहला हफ्ता बीतते-बीतते देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और अल नीनो के प्रभाव को पछाड़ते हुए भारी बारिश लेकर आएगा। इस हफ्ते में मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों सहित दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बचे हुए भागों में दस्तक दे देगा। कम ऊंचाई वाली सोमाली जेट हवाएं और मजबूत होंगी। इससे अरब सागर से भारी नमी आएगी। इसके प्रभाव से गुजरात के तटीय इलाकों, कोंकण व गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में भी भीषण बारिश जारी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक दूसरे हफ्ते (2-8 जुलाई) के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव की कोई संभावना नहीं है।

IMD की जरूरी सलाह: किसान और आम जनता रखें ध्यान

शहरी इलाकों के लिए चेतावनी: भारी बारिश के कारण मुंबई, कोंकण और तटीय शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

किसानों के लिए एग्रो-एडवाइजरी: पूर्वोत्तर राज्यों, असम, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की नर्सरी, मक्का और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी का पुख्ता इंतजाम करें। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के किसान गर्मी को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई करें और नमी बचाने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें।

आंधी-तूफान से बचाव: वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के दौरान कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, पेड़ों के नीचे न छिपें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें।

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Delhi-NCR Monsoon Watch: दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को मानसून की फुहारों के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दिल्ली में मानसून की एंट्री अपनी सामान्य तारीख से आगे बढ़ गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली में मानसूनी बारिश की शुरुआत अब 30 जून के भी पार यानी अगले हफ्ते जुलाई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक एक्सटेंडेड फोरकास्ट पीरियड के दूसरे सप्ताह यानी 2 जुलाई से 8 जुलाई के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR सहित देश के अन्य हिस्सों में मानसून की दस्तक और बारिश की शुरुआत को लेकर क्या नया अनुमान जारी किया है।

दिल्ली में क्यों हो रही है मानसून की एंट्री में देरी?

आमतौर पर दिल्ली में मानसून के दस्तक देने की सामान्य तारीख 30 जून के आसपास होती है। इस बार मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। इस बार मानसून एंट्री की यह तारीख अब आगे खिसक कर जुलाई के पहले सप्ताह (2 से 8 जुलाई) में पहुंच गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मौसमी परिस्थितियां उत्तर और मध्य भारत में लगातार नमी के प्रवाह और मानसूनी गतिविधियों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह मददगार साबित हो रही हैं।

अगले हफ्ते (2 से 8 जुलाई) के बीच क्यों मजबूत होगा मानसून?

IMD ने अपने बुलेटिन में उन प्रमुख भौगोलिक और वायुमंडलीय बदलावों का जिक्र किया है, जो अगले हफ्ते मानसून को तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

सोमाली जेट: निचले क्षोभमंडल स्तर पर सोमाली जेट के और मजबूत होने की संभावना है। इससे दक्षिणी अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो को बढ़ावा मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण: जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर बंगाल की खाड़ी के निचले से मध्य क्षोभमंडल स्तरों पर एक असामान्य चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की संभावना है।

पछुआ हवाओं का असर: देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय हिस्सों में निचले क्षोभमंडल स्तरों पर पछुआ हवाएं हावी रहेंगी।

दूसरी मौसमी प्रणालियां: सक्रिय बंगाल की खाड़ी का परिसंचरण, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का सहायक चरण, तिब्बती एंटीसाइक्लोन का अपनी सामान्य स्थिति में अधिक स्पष्ट होना और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत पर ईस्ट-वेस्ट शियर जोन का विकसित होना मानसून को आगे ले जाने में मदद करेगा।

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में कब से शुरू होगी बारिश?

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 जुलाई से 8 जुलाई के बीच देश के इस बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज ऐसा रहेगा।

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में इस अवधि के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और निचले क्षोभमंडल स्तर की पछुआ हवाओं के असर की वजह से जुलाई के पहले सप्ताह में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में कुछ दिनों के लिए अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

देश के अन्य राज्यों में मानसून की क्या है स्थिति?

फिलहाल दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

पहले सप्ताह का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान सप्ताह में मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बचे हुए हिस्सों, झारखंड और बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

दूसरे सप्ताह (2 से 8 जुलाई) का अनुमान: अगले हफ्ते परिस्थितियां और बेहतर होंगी। इससे मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के शेष बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह प्रवेश कर जाएगा। इसके साथ ही जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में भी मानसून अपनी दस्तक दे देगा।

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आज का मौसम (India Mausam Today): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से देश के 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान व गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार के बचे हुए इलाकों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में आज भारी बारिश का अलर्ट है।

बिहार, राजस्थान और एमपी में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी

बुलेटिन के मुताबिक कुछ राज्यों में सामान्य आंधी से ज्यादा खतरनाक तीव्र आंधी चलने की आशंका है:

बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तीव्र आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बिहार में बिजली गिरने की भी आशंका है।

दिल्ली-NCR समेत इन 18 राज्यों/इलाकों में आंधी और बिजली का अलर्ट

देश के करीब 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं, गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ।

पूर्वी और दक्षिणी भारत: झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी बिजली कड़कने का अलर्ट है। कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

पूर्वी यूपी और झारखंड में लू की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। पूर्वी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद (29 जून से) तापमान में 3-5°C की गिरावट आएगी। झारखंड के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहेगी।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में शुक्रवार, 26 जून को मौसम फिर से बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का अनुमान लगाया है। हालांकि, दिन में तापमान ज्यादा रहने की उम्मीद है, लेकिन शाम तक बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। यह गुरुवार को दिल्ली में बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश के एक दिन बाद हो रहा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री ज्यादा था, जबकि उमस की वजह से लोगों को तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस जैसा महसूस हुआ।

दिल्ली में आज बारिश और आंधी-तूफान की संभावना

IMD के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर व शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। आंधी-तूफान के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जमीनी हवाएं चलने और हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है।

आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

आज गर्मी से राहत जारी रह सकती है

अगले दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। IMD ने 27 जून को फिर से हल्की बारिश, आंधी-तूफान और 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अनुमान लगाया है, साथ ही तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

हालांकि, 29 जून से तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और यह 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रहने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से बीच-बीच में राहत मिलती रहेगी।

अनुमान है कि 1 जुलाई तक तापमान में और गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही राजधानी में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है, जो प्री-मानसून गतिविधियों के बने रहने का संकेत है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहें, पेड़ों, कमजोर दीवारों, बिजली के खंभों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण लेने से बचें और घर से बाहर निकलने से पहले मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी जरूर देख लें।

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बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

monsoon mein konsi drinks piye: मानसून का मौसम जहां एक ओर ठंडी हवा और भीगी मिट्टी की खुशबू लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर यह समय बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा देता है। सर्दी-जुकाम, पेट से जुड़ी समस्याएं, कमजोरी और स्किन प्रॉब्लम्स जैसे कई संक्रमण इस समय शरीर को कमजोर बना सकते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपनी डाइट में कुछ ऐसे ड्रिंक्स शामिल करें जो न सिर्फ आपके शरीर को अंदर से गर्म रखें, बल्कि इम्युनिटी भी बढ़ाएं और डाइजेशन को बेहतर बनाएं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे बारिश के मौसम में ज़रूर पीने योग्य 5 हेल्दी ड्रिंक्स जो न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन हैं बल्कि हेल्थ के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद हैं।

 

1. अदरक और तुलसी वाली हर्बल चाय

बारिश के मौसम में अगर कोई एक ड्रिंक सबसे ज़्यादा असरदार है तो वो है हर्बल चाय। अदरक, तुलसी और दालचीनी से बनी हर्बल चाय शरीर में गर्माहट लाने के साथ-साथ सर्दी-जुकाम से भी बचाव करती है। इसमें मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और गले में खराश या सांस की दिक्कत से राहत दिलाते हैं। सुबह के वक्त या शाम को स्नैक्स के साथ इस चाय का सेवन करने से शरीर एक्टिव बना रहता है।

 

2. हल्दी वाला दूध (गोल्डन मिल्क)

हल्दी को नेचुरल एंटीबायोटिक माना जाता है और दूध में इसे मिलाकर पीना तो आयुर्वेद में भी सलाह दी गई है। हल्दी दूध मानसून में वायरल इंफेक्शन, बुखार और इम्युनिटी वीकनेस से लड़ने में मदद करता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी वाला दूध पीने से न केवल अच्छी नींद आती है, बल्कि शरीर की अंदरूनी सफाई भी होती है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

 

3. नींबू-शहद पानी (विटामिन C बूस्टर)

मानसून में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद ज़रूरी है। ऐसे में नींबू और शहद से बना गर्म पानी सबसे अच्छा ऑप्शन होता है। इसमें विटामिन C भरपूर होता है, जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत करता है और पाचन में सुधार लाता है। सुबह खाली पेट इस ड्रिंक का सेवन करने से शरीर में डीटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया तेज होती है और दिन भर एनर्जी बनी रहती है।

 

4. सूप 

बारिश के मौसम में कुछ हल्का, गर्म और पौष्टिक खाने का मन करता है, ऐसे में सूप सबसे बेस्ट होता है। हॉट वेजिटेबल सूप या प्रोटीन से भरपूर चिकन सूप न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें मिनरल्स, विटामिन्स और ऐंटीऑक्सिडेंट्स की भरमार होती है। यह इम्युनिटी को बूस्ट करता है और गले की खराश से राहत देता है। शाम के वक्त एक बाउल गर्म सूप आपकी बॉडी और मूड दोनों को सुकून देता है।

 

5. काढ़ा

कोरोना काल के बाद काढ़ा हर घर में एक नियमित ड्रिंक बन गया है, और सही भी है। तुलसी, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी और अदरक जैसी हर्ब्स से बना यह काढ़ा मानसून के मौसम में वायरल संक्रमण और खांसी-जुकाम से बचाव करता है। इसे रोज़ाना एक बार जरूर लेना चाहिए, खासकर बारिश के दिनों में जब ठंडी हवा और नमी शरीर को तुरंत प्रभावित करती है।

 


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Share Markets Closing: आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंतिम 75 मिनट में सेंसेक्स 500 अंक गिर गया?

इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव रहा। ज्यादातर समय बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में शानदार तेजी दिखी। लेकिन, कारोबार के करीब एक-सवा घंटे में सूचकांकों ने अपनी काफी बढ़त गंवा दी। अंतिम कुछ मिनटों में प्रॉफिट बुकिंग ने बाजार पर दबाव बना दिया।

75 मिनट में सेंसेक्स ने गंवाएं 500 अंक

दो दिनों के कारोबार में 1700 अंक चढ़ने वाले सेंसेक्स ने अंतिम कुछ मिनटों में घुटने टेक दिए। 1:50 बजे सेंसेक्स 77,594 अंक पर था। 3:05 में यह गिरकर 77,095 अंक पर आ गया। यह सिर्फ 75 मिनट में 500 अंक की गिरावट है। इस गिरावट ने इनवेस्टर्स को चौंकाया। खासकर लॉन्ग पोजीशन वाले इनवेस्टर्स ज्यादा परेशान दिखे।

26 जून को बीएसई-एनएसई में छुट्टी

इक्विरियस वेल्थ के एमडी और डायरेक्टर अंकुर पुंज ने रायटर्स को बताया, “चूंकि शेयर बाजार 26 जून को बंद रहेंगे, इसलिए इनवेस्टर्स ने कारोबार के अंतिम पलों में अपने पोजीशन काटे।” 26 जून को शेयर बाजारों में मुहर्रम की छुट्टी है। इसलिए बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। 29 जून यानी सोमवार को बीएसई और एनएसई खुलेंगे।

मानसून में कम बारिश बाजार के लिए रिस्क

बजाज फिनसर्व एएमसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “मानसून में सामान्य से कम बारिश शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म रिस्क है। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने फॉरेन करेंसी डिपॉजिट बढ़ाने के उपाय किए हैं। सरकार ने फॉरेन इनवेस्टर्स को बॉन्ड्स में निवेश पर टैक्स में छूट दी है। इससे मार्केट में इनफ्लो बढ़ना चाहिए।”

एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेजी

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर अंत तक तेजी बनाए रखने में सफल रहा। यह 4.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। क्रूड में नरमी का असर एविएशन कंपनियों के शेयरों पर दिखा। स्पाइसजेट के शेयरों में भी मजबूती दिखी। ऑटो और इससे संबंधित सेक्टर की कंपनियों में भी मजबूत दिखी।

ऑटो शेयरों ने भी दिखाई रफ्तार

Bajaj Auto, Maruti Suzuki, Tata Motors PV और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1-4 फीसदी चढ़कर बंद हुए। TVS Motor, Ashok Leyland और टाटा मोटर्स सीवी के शेयर तो 4-5 फीसदी तक उछल गए। Motherson Sumi Wiring का शेयर तो 9 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

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भारतीय बाजार का बुरा दौर हो रहा खत्म

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। क्रूड में नरमी है। घरेलू डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। इससे आगे कॉर्पोरेट अर्निंग्स बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान में लड़ाई खत्म होने से महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है। एआई कंपनियों में निवेश को लेकर उत्साह ठंडा पड़ रहा है। इससे बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रह सकता है।

कल का मौसम 26 जून: IMD ने बिहार संग इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली और इन इलाकों में आएगा 60kmph स्पीड वाली आंधी-तूफान

Weather update for June 26: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल माहौल के बीच 26 जून के लिए मौसम का लेटेस्ट बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत देश के 11 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब सहित कई मैदानी इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी भी दी है।

आइए जानते हैं कि 26 जून को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और आईएमडी ने किन इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है-

इन 11 से ज्यादा राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 26 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है:-

बहुत भारी बारिश: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

भारी बारिश वाले राज्य: बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR और इन राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान

मौसम विभाग के मुताबिक 26 जून को देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं का दौर देखा जाएगा। बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी-तूफान आने की आशंका है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी और झारखंड में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी का सितम अभी जारी रहेगा। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 26 जून को भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद ही राहत मिलने की उम्मीद है। झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भी 26 जून को लू चलने की चेतावनी दी गई है।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बचे हुए हिस्सों, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

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