Monsoon : 315 जिलों में कम बारिश की आशंका ने खरीफ की फसलों को लेकर बढ़ाई चिंता! कमजोर मानसून की ये तैयारियां शुरू

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्त रफ्तार ने कृषि क्षेत्र के सामने चिंता खड़ी कर दी है। देश के 315 जिलों में कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ सकता है। हालांकि कमजोर मानसून के इस अनुमान को देखते हुए सरकार ने पहले से ही अपनी एडवांस तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि आयुक्त पीके सिंह ने इसे लेकर विस्तार से जानकारी साझा की है।

40 से 43 फीसदी तक कम हुई बारिश, 111 जिले सबसे ज्यादा संवेदनशील

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मानसून में देरी हुई है और अब तक 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 जुलाई को समाप्त होने वाले सप्ताह तक मानसून के कमजोर रहने की संभावना है। सरकार ने 111 जिलों को सबसे ज्यादा संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है, क्योंकि इन जिलों में सिंचाई की सुविधा 25 प्रतिशत से भी कम है। चिंता की बात यह है कि इन 111 सबसे संवेदनशील जिलों में से अकेले 20 जिले महाराष्ट्र में हैं।

जिला स्तर पर मानसून आकस्मिक योजनाएं तैयार

वहीं कृषि आयुक्त पीके सिंह ने बताया कि IMD से मिले इनपुट्स के आधार पर जिला स्तर पर मानसून आकस्मिक योजनाएं तैयार कर ली गई हैं। इन योजनाओं को वहां और तब लागू किया जाएगा जहां भी और जब भी बारिश की स्थिति के कारण इनकी आवश्यकता होगी। कृषि आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में मौजूदा स्थितियां साल 2015 के सुपर अल नीनो जैसी ही दिख रही हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि साल 2015 की तुलना में आज देश की स्थिति बहुत बेहतर और कम संवेदनशील है क्योंकि तब से लेकर अब तक देश में सिंचाई के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का काफी विस्तार हुआ है।

गेहूं और चावल के भंडार मजबूत

खाद्य सुरक्षा और अनाज के संकट पर कृषि आयुक्त ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत के पास अनाज का बफर स्टॉक बिल्कुल सुरक्षित और आरामदायक स्थिति में है। देश में चावल और गेहूं का भंडार बहुत मजबूत स्थिति में है। इस बार चने की फसल भी बहुत अच्छी हुई है और इसका भंडार भी बेहतरीन है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कहीं कोई कमी आती है तो उसे देखा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो अनाज या दालों का आयात भी किया जाएगा। अरहर का आयात पहले भी किया गया है और जरूरत पड़ने पर इस बार भी किया जाएगा।

कम पानी वाली फसलों की तरफ बढ़ रहे किसान, मूंग का रकबा बढ़ा

मानसून में देरी या सूखे जैसी स्थिति का एक सकारात्मक पहलू यह देखा जा रहा है कि देश के किसान अब कम पानी की खपत वाली फसलों की तरफ रुख कर रहे हैं। किसान अब उन दालों और तिलहन की बुवाई की ओर बढ़ रहे हैं जिन्हें कम पानी की आवश्यकता होती है और जो कम समय में तैयार हो जाती हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल दालों और तिलहन का रकबा बढ़ा है। विशेषकर मूंग का रकबा इस बार काफी ज्यादा बढ़ गया है।

अब तक कुल खरीफ क्षेत्र के 10 प्रतिशत हिस्से को कवर किया जा चुका है। 22 जून 2026 तक सभी खरीफ फसलों का कुल रकबा 11.79 मिलियन हेक्टेयर रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि के 11.3 मिलियन हेक्टेयर से अधिक है। पश्चिम एशिया संकट के बीच उर्वरकों की उपलब्धता पर कृषि आयुक्त ने कहा कि सरकार का ध्यान एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और उर्वरकों के अत्यधिक डायवर्जन को रोकने पर है। सॉइल हेल्थ कार्ड के जरिए किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का सीमित और सही इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

फसलों के विविधीकरण से उर्वरकों की मांग अपने आप कम हो जाती है। जैसे अगर मक्के में 125 किलोग्राम नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है तो वहीं सोयाबीन में केवल 12.5 या 25 किलोग्राम की ही जरूरत होती है। सरकार दालों, तिलहन और कपास के विशेष मिशनों के जरिए किसानों को कम लागत और कम इनपुट वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित कर रही है। अत्यधिक पानी और पोषक तत्वों की मांग करने वाले चावल (धान) के क्षेत्रों की समीक्षा की जा रही है ताकि वहां फसलों को डायवर्ट किया जा सके।

Monsoon 2026: मौसम विभाग ने बताया किन 5 बड़े कारण से थमी मानसून की रफ्तार, क्या किसानों के लिए है ये चिंता की बात?

Monsoon 2026: इस साल मानसून की शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 22 जून तक देश में सामान्य से करीब 43% कम बारिश हुई है। मानसून फिलहाल दक्षिण महाराष्ट्र के आसपास अटका हुआ है। इसका असर मध्य भारत, पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में दिख रहा है, जहां बारिश उम्मीद से काफी कम हुई है।

यह स्थिति किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का यही सबसे अहम समय होता है। अगर बारिश में ज्यादा देरी होती है, तो खेती और पानी की उपलब्धता दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

कितनी कम हुई है बारिश?

IMD के मुताबिक, 20 जून तक देश में सिर्फ 45.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस समय तक सामान्य तौर पर 84.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी बारिश करीब 46% कम रही। 22 जून तक यह कमी थोड़ी घटकर 43% पर पहुंची।

यह तुलना लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) से की जाती है। आसान भाषा में कहें तो यह कई दशकों की औसत बारिश का आंकड़ा होता है।

आखिर मानसून आगे क्यों नहीं बढ़ रहा?

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून के लिए जरूरी सही हालात नहीं बन रहे हैं। इसी वजह से मानसून की चाल धीमी पड़ गई है। IMD ने इसके पीछे पांच बड़ी वजहें बताई हैं।

1. अरब सागर से नमी कम आ रही है

मानसून को आगे बढ़ाने में अरब सागर की बड़ी भूमिका होती है। यहां से आने वाली नम हवाएं देश के अलग-अलग हिस्सों तक पानी पहुंचाती हैं और बारिश कराती हैं।

लेकिन इस समय अरब सागर से वैसी मजबूत नम हवाएं नहीं आ रही हैं। नतीजा यह है कि बादल कम बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।

2. मानसूनी हवाएं कमजोर हो गई हैं

मौसम विभाग के मुताबिक, अरब सागर के ऊपर चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं की ताकत कम हो गई है।

इसी वजह से महाराष्ट्र और उसके आसपास के अंदरूनी इलाकों तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंच रही। जब नमी कम पहुंचेगी तो बादल भी कम बनेंगे और बारिश भी कम होगी।

3. हिंद महासागर से भी कम मिल रही मदद

मानसून को नमी पहुंचाने में हिंद महासागर की भी अहम भूमिका होती है। भूमध्य रेखा पार करके आने वाली हवाएं काफी मात्रा में नमी लेकर आती हैं।

लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में ये हवाएं भी कमजोर पड़ गई हैं। इसका असर पूरे देश की मानसूनी गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है।

4. बारिश कराने वाले बड़े सिस्टम नहीं बन रहे

आमतौर पर कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवाती परिसंचरण और दूसरे मौसमीय सिस्टम बनते हैं, जो मानसून को आगे बढ़ाने और अच्छी बारिश कराने में मदद करते हैं।

लेकिन फिलहाल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं बना है। यही वजह है कि मानसून की चाल थम सी गई है।

5. MJO भी कमजोर पड़ गया है

मेडन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) नाम का एक मौसमीय सिस्टम भी बारिश को प्रभावित करता है। जब यह सक्रिय रहता है तो दक्षिण भारत के ऊपर ज्यादा बादल बनते हैं और बाद में ये बादल मानसूनी हवाओं के साथ उत्तर भारत की तरफ बढ़ते हैं।

लेकिन फिलहाल MJO कमजोर स्थिति में है। इसका असर भी बारिश पर पड़ रहा है।

क्या अल नीनो भी बारिश कम कर रहा है?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका असर भी दिख रहा है। IMD ने कहा है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और मानसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है।

अल नीनो के दौरान समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इतिहास बताता है कि ऐसे समय भारत में मानसून अक्सर कमजोर पड़ जाता है। इसी वजह से बारिश कम होने की आशंका बढ़ जाती है।

IOD से भी नहीं मिल रही मदद

भारतीय महासागर द्विध्रुव यानी IOD फिलहाल तटस्थ स्थिति में है। इसका मतलब है कि यह न तो मानसून को मजबूत कर रहा है और न ही उसे कमजोर कर रहा है।

कई बार सकारात्मक IOD, अल नीनो के असर को कुछ हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार फिलहाल ऐसी कोई मदद नहीं मिल रही है।

किसानों की क्यों बढ़ रही परेशानी?

मानसून का रुकना ऐसे समय हुआ है, जब किसान धान, सोयाबीन, कपास, मक्का जैसी खरीफ फसलों की बुआई कर रहे हैं। इन फसलों को शुरुआती दौर में अच्छी बारिश की जरूरत होती है।

अगर आने वाले दिनों में बारिश नहीं बढ़ती, तो बुआई प्रभावित हो सकती है। जलाशयों में पानी कम जमा होगा और आगे चलकर सिंचाई पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि किसान, मौसम वैज्ञानिक और सरकार सभी आने वाले हफ्तों की बारिश पर नजर बनाए हुए हैं।

कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

India Weather Update 24 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा समेत देश के 9 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। इसके साथ ही बिहार समेत देश के 16 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वेदर मैप में भी देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम-

इन 9 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने कल 24 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है-

भारी से बहुत भारी बारिश:

तटीय कर्नाटक

कोंकण और गोवा

(इन दोनों क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।)

भारी बारिश: असम और मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना, गुजरात और कोंकण से सटे हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

बिहार समेत इन 16 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

24 जून को देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने हवा की रफ्तार के आधार पर अलर्ट को दो श्रेणियों में बांटा है-

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं और आंधी

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख
  • मध्य प्रदेश
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • कोंकण और गोवा
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल और माहे
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं

राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में कल तेज आंधी के बिना सिर्फ लाइटनिंग की संभावना जताई गई है।

बिहार, विदर्भ और पूर्वी यूपी में अभी भी लू का प्रकोप

भले ही मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। 24 जून को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड के कुछ हिस्सों में कल रात का मौसम काफी गर्म और असहज रहने वाला है।

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समुद्र में मौसम खराब: मछुआरों को न जाने की सलाह

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे से लेकर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, कोंकण-गोवा और कर्नाटक तट से सटे समुद्र में 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 23 से 28 जून के दौरान इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। मन्नार की खाड़ी, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों पर 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। यहां भी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।

मानसून का अगला पड़ाव: यूपी-गुजरात की तरफ कदम

आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, उत्तरी अरब सागर, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के बचे हिस्सों और मध्य प्रदेश में आगे बढ़ जाएगा। इसके ठीक बाद के 3-4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार-झारखंड के बाकी इलाकों में अपनी दस्तक दे देगा।

IMD Heavy Rain Alert: मानसून की यूपी में एंट्री की आहट के बीच IMD ने इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, कहां-कहां आंधी तूफान?

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून को मानसून की ताजा स्थिति और देशभर के लिए भारी बारिश का विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक की आहट के बीच मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मानसून की ताजा स्थिति और यूपी में एंट्री की आहट

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मानसून फिलहाल मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, मध्य अरब सागर के बचे हुए भागों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। इसके ठीक बाद यानी अगले 3-4 दिनों के दौरान बिहार-झारखंड के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

देश के इन 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी बुलेटिन के मुताबिक इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आज और आने वाले दिनों के लिए प्रभावित 14 प्रमुख राज्य/क्षेत्र यहां नीचे दिए गए हैं-

  • कोंकण और गोवा: यहां 23 जून को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-26 जून के दौरान भी यहां भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।
  • बिहार: यहां 25 से 29 जून के दौरान भारी बारिश होगी जबकि 28 जून को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
  • ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 23-27 जून के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां 23 जून और फिर 25-29 जून के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
  • असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में 23 जून और फिर 26-27 जून को मूसलाधार (भारी से बहुत भारी) बारिश की आशंका है।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 23 जून और 26-27 जून को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
  • मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 23 जून और 26 जून को बहुत भारी बारिश जबकि मराठवाड़ा में 25-26 जून को भारी बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण गुजरात: यहां 23 जून को भारी बारिश की संभावना है।

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 23-26 जून के बीच बहुत भारी बारिश और 27-29 जून को भारी बारिश होगी। आंतरिक कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में 24-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है।

  • केरल और माहे: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • तेलगंगाना: मानसून के सक्रिय होने से यहां 23 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 26 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश में 23 जून और 25-27 जून को जबकि रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश हो सकती है।

कहां-कहां आएगा आंधी-तूफान?

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार में भी 25 और 26 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख (23-24 जून), उत्तराखंड (23-25 जून), हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब (23-26 जून और 29 जून)। इसके अलावा राजस्थान में 23 जून को तेज हवाएं चलेंगी और बाद में इसकी रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहेगी।

दक्षिण और पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड (23-29 जून) और ओडिशा (23-25 जून)। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी इस अवधि में तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट है।

विदर्भ और पूर्वी यूपी समेत कुछ हिस्सों में लू का सितम जारी

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश से भीग रहा है, वहीं कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: यहां अगले 4-5 दिनों तक (23-27 जून) लू की स्थिति बनी रहेगी।
  • विदर्भ और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश: विदर्भ में अगले 2-3 दिनों (23-25 जून) तक लू का प्रकोप रहेगा जबकि दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार में 23-24 जून को लू चलने की आशंका है।
  • झारखंड में गर्म रातें: झारखंड के कुछ हिस्सों में 24-25 जून को रातें भी बेहद गर्म और असहज रहने वाली हैं।

Monsoon Breaking: डाल्टेनगंज, मोतिहारी से गुजर रहा मानसून, अब IMD ने बताई यूपी में इसकी एंट्री की तारीख

Monsoon Entry in UP Forecast: उत्तर प्रदेश समेत देश के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। दो हफ्तों तक पश्चिमी भारत में सुस्त पड़े रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब झारखंड के डाल्टेनगंज और बिहार के मोतिहारी से गुजर रहा है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री की तारीख भी साफ कर दी है। केंद्रीय और पश्चिमी क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही लोगों को भीषण लू से भी बड़ी राहत मिलेगी।

डाल्टेनगंज और मोतिहारी पहुंची मानसून की सीमा

IMD के मुताबिक 23 जून को मानसून की उत्तरी सीमा अब देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को पार कर चुकी है। आज की तारीख में मानसून की यह रेखा दहानू, वर्धा, रायपुर, डाल्टेनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मानसून ने मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए क्षेत्रों को पूरी तरह कवर कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में इस दिन होगी मानसून की एंट्री

IMD ने अपने लेटेस्ट वेदर बुलेटिन में देश के विभिन्न राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने का एक अनुमानित टाइमफ्रेम जारी किया है। अगले 2-3 दिनों में उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे देगा।

मध्य प्रदेश में एंट्री के बाद मानसून अगले 3-5 दिनों में आगे बढ़ेगा और झारखंड व बिहार के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। यानी अगले एक हफ्ते के भीतर यूपी में मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

दो हफ्ते तक क्यों अटका रहा मानसून?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसून ने 8 जून को ही दक्षिणी महाराष्ट्र में दस्तक दे दी थी लेकिन इसके बाद करीब दो हफ्तों तक इसकी रफ्तार थम गई थी। मौसम अधिकारियों के मुताबिक भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून की प्रगति रुक गई थी। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाते हैं लेकिन कभी-कभी ये मानसूनी हवाओं के मार्ग में रुकावट भी पैदा कर देते हैं। अब यह बाधा दूर हो चुकी है और मानसून दोबारा मोमेंटम पकड़ रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और खेती के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

भारत की लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। देश की करीब आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। भारत की लगभग आधी कृषि भूमि सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। यह चार महीने का मानसून देश की सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा देता है। इससे जल स्रोतों की रीफिलिंग भी होती है।

जून में अब तक सामान्य से कम रही है बारिश

मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव के चलते इस साल जून के पहले 21 दिनों में भारत में औसत से 42.2% कम बारिश दर्ज की गई है। इस पूरे हफ्ते भी बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इससे पहले मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि चार महीने के इस मानसूनी सीजन में देश में दीर्घावधि औसत (LPA) की 90% बारिश होने की संभावना है जबकि अकेले जून महीने में एल नीनो के कारण एलपीए (LPA) की 92% बारिश होने का अनुमान जताया गया था।

Mumbai Weather: मुंबई में आज गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट, 60 kmph की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Mumbai Weather: मंगलवार, 23 जून को मुंबई में आसमान बादलों से ढका रहा, क्योंकि शहर और आसपास के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश, बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश देखने को मिली। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, लोनावला में भी आज सुबह बारिश हुई, जिससे आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना हो गया।

IMD का अलर्ट

इस बीच, मुंबई और रायगढ़ के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का हवाला देते हुए मंगलवार को मौसम को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

IMD ने मुंबई और रायगढ़ के लिए आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अचानक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और जोरदार बारिश होने की उम्मीद है।

मुंबई में जल्द पहुंचेगा मॉनसून

इससे पहले, IMD ने कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून महाराष्ट्र के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और अगले 48 घंटों में मुंबई समेत और भी इलाकों में इसके पहुंचने की संभावना है।

रीजनल मौसम केंद्र (RMC) के मुताबिक, मॉनसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ गया है। साथ ही, इसने कर्नाटक के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लिया है और छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ इलाकों में भी फैल गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल है। इस दौरान मानसून मध्य अरब सागर के बाकी हिस्सों, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य इलाकों, तेलंगाना और ओडिशा के शेष भागों, साथ ही छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के और क्षेत्रों में पहुंच सकता है।

IMD के अनुसार, पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने और मानसून के लगातार आगे बढ़ने की वजह से आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना है।

बता दें कि 22 जून से 26 जून के बीच कोंकण क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इसी दौरान मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की भी भविष्यवाणी की है।

मराठवाड़ा के लिए, 22 जून से 24 जून के बीच बिजली कड़कने, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की उम्मीद है।

IMD ने दक्षिण महाराष्ट्र-गोवा तट के मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है और उन्हें सलाह दी है कि खराब मौसम के कारण 22 जून से 26 जून तक समुद्र में न जाएं। इस दौरान हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है, और हवा के झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकते हैं।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और शहरों में जलभराव, अचानक बाढ़, सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं में रुकावट, खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान और तट के पास समुद्र की स्थिति खराब होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, कमजोर या जर्जर इमारतों और पेड़ों से दूर रहें, तूफान के दौरान जलाशयों के पास न जाएं और खराब मौसम में सुरक्षित जगहों पर शरण लें।

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India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Update Today (23 June): देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए देशव्यापी मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बड़ा अलर्ट घोषित किया है। मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण आज बिहार समेत देश के 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मुंबई और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई (IMD Mumbai Warning): मुंबई के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र दौर की बारिश होने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान में महातूफान की आशंका: आज पूरे राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलने का अलर्ट है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी वेदर बुलेटिन के मुताबिक आज देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश होने वाली है:-

बेहद भारी बारिश: असम और मेघालय में मानसून का सबसे रौद्र रूप दिखेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है।

भारी बारिश वाले अन्य 10 राज्य

बिहार और ओडिशा: कल मानसून के आगे बढ़ने के बाद आज इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है।

कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र: पश्चिमी तट से सटे इन इलाकों में भारी मानसूनी बारिश होगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भारी बारिश का कड़ा अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR समेत देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का कहर

देश के एक बहुत बड़े हिस्से में आज तेज आंधी-पानी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों में मौसम खराब रहेगा।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात रीजन, कोंकण एवं गोवा, पूरे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हिमाचल प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

विदर्भ में हीटवेव और गर्म रात का टॉर्चर जारी

जहां एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा मानसून की फुहारों से भीग रहा है। वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का टॉर्चर अभी भी बरकरार है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में आज भीषण से अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद असहज और गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज भी लू का असर देखने को मिलेगा।

Monsoon Alert: अगले 48 घंटों में इस ओर बढ़ने का इशारा कर रही मानसून की रफ्तार, IMD ने जारी किया लेटेस्ट अनुमान

देशभर में मानसून धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 22 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान मानसून के मुंबई समेत महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

यहां भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने मेघालय और असम के कुछ इलाकों में  भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है।

बिहार, ओडिशा और झारखंड में बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। बिहार में 22 से 23 जून और फिर 27 से 28 जून के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ओडिशा में 25 जून तक कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं झारखंड में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है। राजस्थान में 22 और 23 जून को आंधी और तेज हवाओं का असर अधिक देखने को मिल सकता है।

पश्चिमी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

कोंकण, गोवा और तटीय महाराष्ट्र में अगले सात दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। गुजरात, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कोंकण और गोवा क्षेत्र में कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

दक्षिण भारत में कई राज्यों के लिए चेतावनी

दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। तेलंगाना में 23 से 28 जून के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं तटीय कर्नाटक और केरल में भी तेज बारिश का अनुमान है।

कई इलाकों में अभी भी गर्मी का कहर

एक तरफ देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ में 22 से 26 जून तक लू से लेकर गंभीर लू चल सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना के कुछ इलाकों में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तेज हवाएं और आंधी बढ़ाएंगी परेशानी

बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कई अन्य राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है।

मछुआरों के लिए खास चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं और खराब समुद्री परिस्थितियां बनने की चेतावनी दी है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। खासकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, गोवा और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में सतर्क रहने को कहा गया है।

लोगों के लिए सलाह

भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम की जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। वहीं लू प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, आने वाला सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और बदलते मौसम का रहने वाला है। जहां मानसून कई राज्यों को राहत देगा, वहीं कुछ इलाकों में भारी बारिश और कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी लोगों की चुनौती बनी रहेगी।

Monsoon Rain crisis: 18 जून तक इस इलाके में हुई सिर्फ 2% बुवाई, बारिश का ये आंकड़ा तो डरा रहा है!

Monsoon Rain Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून की सुस्ती और बारिश में हो रही देरी ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में खेती का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। पानी की कमी और रूठे मानसून की वजह से इस क्षेत्र के आठ जिलों में खरीफ की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 18 जून तक मराठवाड़ा में बुवाई का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले महज 2 प्रतिशत रह गया है। सूखे की मार झेलने वाले इस इलाके के किसानों और प्रशासन के लिए बारिश और बुवाई का यह आंकड़ा बेहद डराने वाला है।

बुवाई के आंकड़े: 10 लाख हेक्टेयर के मुकाबले सिर्फ 1 लाख हेक्टेयर

मराठवाड़ा मध्य महाराष्ट्र का एक अर्ध-शुष्क क्षेत्र है। यहां की खेती पूरी तरह से मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। पीटीआई ने एक रिपोर्ट को कोट करते हुए बताया है कि यहां बारिश में देरी से बुवाई के आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट आई है। इस साल 18 जून तक पूरे क्षेत्र में अब तक केवल 1.07 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर ही बुवाई हो पाई है। पिछले साल इसी दिन तक यह आंकड़ा 10.77 लाख हेक्टेयर था। पिछले पांच वर्षों में इस पूरे क्षेत्र में औसतन लगभग 49.72 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलें बोई जाती रही हैं। आंकड़ों से साफ है कि पिछले साल 18 जून तक जितनी बुवाई हुई थी, उसकी तुलना में इस साल अब तक केवल 2 प्रतिशत ही बुवाई हो सकी है।

जिलावार बुवाई का हाल (बीड सबसे आगे, लातूर सबसे पीछे)

मराठवाड़ा के कुल आठ जिले (छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव, परभणी, हिंगोली और नांदेड़) बारिश की इस देरी का सीधा खामियाजा भुगत रहे हैं। इन 1.07 लाख हेक्टेयर में से आधी से ज्यादा बुवाई (68,572 हेक्टेयर) अकेले बीड जिले में हुई है। दूसरे जिले अपने ऐतिहासिक स्तर से मीलों पीछे हैं। उदाहरण के तौर पर छत्रपति संभाजीनगर में पिछले साल इसी अवधि में 1.64 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी जबकि इस साल यहां सिर्फ 3072 हेक्टेयर में ही फसल बोई जा सकी है।

बारिश और जलाशयों का गहराता संकट

बुवाई में इस भयंकर गिरावट का सीधा कारण बारिश का न होना और जलाशयों में पानी की कमी है। एक अधिकारी के मुताबिक, जून महीने में मराठवाड़ा में औसतन 98.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन 18 जून तक इस क्षेत्र में अपने सामान्य कोटे की मात्र 42.7% बारिश (यानी सिर्फ 42.7 मिमी) ही दर्ज की गई है। मराठवाड़ा में मौजूद 11 प्रमुख मेगा प्रोजेक्ट्स (बांधों) में जल स्तर लगातार गिर रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 18 जून तक इन बांधों में सिर्फ 60.84 टीएमसी (Thousand Million Cubic Feet – tmc) पानी बचा था, जबकि पिछले साल इसी दिन यह 67.35 टीएमसी था।

कल का मौसम 23 जून: IMD ने बिहार समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-यूपी से झारखंड तक आंधी-तूफान

Tomorrow Weather Update (23 June 2026): दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होते ही देश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए एक बड़ा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी किया है। मानसून अब छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के रास्ते आगे बढ़ रहा है। इससे कई राज्यों में भीषण बारिश का दौर शुरू होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 23 जून को बिहार और असम समेत देश के 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश से लेकर झारखंड और दक्षिण भारत तक देश के 21 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झंझावात का तांडव देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य में मौसम का हाल:-

इन 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 23 जून देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। प्रभावित राज्यों को दो श्रेणियों में बांटा गया है-

भारी से बहुत भारी बारिश

असम और मेघालय में 23 जून को मानसून सबसे प्रचंड रूप में रहेगा, जहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

भारी बारिश का अलर्ट

देश के अन्य 12 राज्यों/क्षेत्रों में 23 जून को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है:-

बिहार और ओडिशा के कई जिलों में मानसून के आगे बढ़ने से भारी वर्षा होगी। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भी 23 जून को मानसून जमकर बरसेगा।

राजस्थान में ‘महातूफान’, दिल्ली से झारखंड तक 21 राज्यों में आंधी-पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून को देश के एक बड़े हिस्से में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का व्यापक असर देखने को मिलेगा।

राजस्थान में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्क्वाल: 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसके झोंके 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

दिल्ली-NCR और मैदानी इलाके: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।

बिहार, झारखंड और यूपी: बिहार और झारखंड में भी कल 40-50 किमी/घंटे की तेज रफ्तार हवाओं और गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी चलेगी। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।

इन राज्यों में भी आंधी का अलर्ट: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश (30-40 किमी/घंटे), मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात रीजन, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, महाराष्ट्र (मराठवाड़ा समेत), आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक (आंतरिक हिस्सों में 30-40 किमी/घंटे की हवाएं) समेत कुल 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का कड़ा अलर्ट है।

यूपी और विदर्भ समेत इन इलाकों में अभी भी हीटवेव

एक तरफ जहां देश के आधे हिस्से में मानसून और आंधी-पानी की बौछारें राहत देंगी, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 23 जून को भीषण से अत्यधिक भीषण लू का प्रकोप जारी रहेगा। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भी लू का सितम बना रहेगा। छत्तीसगढ़ में भी लू चलने की आशंका है।