FIFA World Cup 2026: अमिताभ बच्चन ने उठाए ‘अनुचित फैसलों’ पर सवाल, वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

FIFA World Cup 2026: अमिताभ बच्चन ने उठाए ‘अनुचित फैसलों’ पर सवाल, वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने रोमांचक आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है और इसी बीच बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में एक लंबी पोस्ट लिखकर फुटबॉल के इस महासंग्राम में हो रहे बड़े बदलावों, चौंकाने वाले नतीजों और कुछ फैसलों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले ऐसे रहे जिन्हें देखकर हैरानी हुई, लेकिन खेल की यही खूबसूरती है कि परिस्थितियां बदलती रहती हैं और मुकाबला आगे बढ़ता रहता है।

 

बिग बी बोले- वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

अमिताभ बच्चन ने हल्के अंदाज में अपनी बात शुरू करते हुए लिखा कि फीफा वर्ल्ड कप की टाइमिंग ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। देर रात होने वाले मुकाबलों के कारण उनका समय का हिसाब बिगड़ गया है।

 

उन्होंने लिखा कि मैच देखते हुए कभी खुशी मिलती है, कभी निराशा होती है और कई बार ऐसे फैसले देखने को मिलते हैं जिन्हें लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने खास तौर पर उन फैसलों का जिक्र किया जिन्हें उन्होंने एक टीम के पक्ष में और दूसरी के खिलाफ अनुचित महसूस किया।

 

बड़े फुटबॉल देशों की हार और नए सितारों का उदय

अमिताभ बच्चन ने कहा कि इस बार वर्ल्ड कप में कई मशहूर फुटबॉल देशों को हार का सामना करना पड़ा, जो काफी चौंकाने वाला है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि जिन टीमों से ज्यादा उम्मीद नहीं थी, उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई।

 

बिग बी के मुताबिक, यही खेल की सबसे बड़ी खासियत है कि नए खिलाड़ी और नई टीमें अचानक दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखा देती हैं।

 

IPL से जोड़कर समझाया टीम भावना का महत्व

अमिताभ बच्चन ने फुटबॉल और भारतीय क्रिकेट लीग आईपीएल के बीच एक समानता भी बताई। उन्होंने कहा कि आईपीएल में खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों के लिए खेलते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं, लेकिन जब वे राष्ट्रीय टीम के लिए मैदान में उतरते हैं तो सभी एक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना एक अलग तरह के चरित्र और जिम्मेदारी की मांग करता है।

 

17-18 साल के युवा खिलाड़ियों ने बदली तस्वीर

बिग बी ने फीफा वर्ल्ड कप में उभरती युवा प्रतिभाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ल्ड कप नई प्रतिभाओं और नई रणनीतियों को सामने लाता है।

 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 17 और 18 साल के खिलाड़ी भी अब पूरी दुनिया के सामने अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और खेल की दिशा बदल रहे हैं।

 

समय के साथ बदलती दुनिया पर भी की बात

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में बदलते समय और पीढ़ियों के बदलाव पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि दुनिया लगातार बदल रही है और ऐसी कई चीजें सामने आ रही हैं जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की गई थी।

 

उनके मुताबिक, तेजी से हो रहे बदलाव नई पीढ़ी के लिए अवसर लेकर आते हैं। युवा इन बदलावों का फायदा उठाते हैं, जबकि पुरानी पीढ़ी इन्हें देखकर हैरान होती है कि ये सब उनके समय में क्यों नहीं हुआ।

 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई पीढ़ी इन बदलावों की गवाह बनेगी और यही संतोष की बात है।

 

फीफा वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में पहुंचा रोमांच

कई रोमांचक और कांटे के मुकाबलों के बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब सेमीफाइनल चरण में पहुंच चुका है। खिताब की दौड़ में फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और अर्जेंटीना जैसी बड़ी टीमें आमने-सामने हैं।

 

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि कौन सी टीम फाइनल में जगह बनाकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के करीब पहुंचती है।

लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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वर्ल्ड कप 2027 में विराट-रोहित के खेलने को लेकर सस्पेंस खत्म! कप्तान का बड़ा बयान

इंग्लैंड और भारत के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं ये सीरीज अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी अभी से कर रही है। उन्होंने बताया कि वह विराट कोहली के साथ मिलकर टीम के सही कॉम्बिनेशन पर लगातार बात कर रहे हैं।

गिल के मुताबिक, विराट का अनुभव टीम के लिए बहुत अहम है और आने वाले विश्व कप की तैयारियों में उनकी भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

वर्ल्ड कप को लेकर कर रहे तैयारी

इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल ने बताया कि वह 2027 वनडे विश्व कप को लेकर विराट कोहली के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “दो दिन पहले ही हमारी 2027 विश्व कप की तैयारियों को लेकर बातचीत हुई थी। हमने टीम के संयोजन पर विचार किया और यह भी चर्चा की कि कौन-कौन से खिलाड़ी भविष्य में टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। साथ ही यह भी देखा कि कौन सा खिलाड़ी किस भूमिका में टीम के लिए सबसे बेहतर रहेगा, भले ही वह अभी टीम का हिस्सा न हो।”

रोहित-विराट ने किया शानदार प्रदर्शन

अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली की बढ़ती उम्र को लेकर लगातार चर्चा हो रही है, लेकिन शुभमन गिल ने कहा कि, दोनों खिलाड़ी अब भी भारतीय वनडे टीम के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा और विराट कोहली पिछले 10 साल से भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी रहे हैं। दोनों आज भी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। उनके पास जो अनुभव और खेल की समझ है, वह टीम के लिए बहुत मूल्यवान है। हमने वर्षों से देखा है कि उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।”

भविष्य की योजना का हिस्सा है विराट

शुभमन गिल के बयान से साफ पता चलता है कि विराट कोहली अभी भी भारतीय टीम की भविष्य की योजनाओं का अहम हिस्सा हैं। हाल ही में विराट ने कहा था कि वह ऐसी टीम में नहीं खेलना चाहते, जहां उन्हें बार-बार खुद को साबित करना पड़े। ऐसे में गिल का उनके साथ टीम की रणनीति पर चर्चा करना दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट विराट के अनुभव और सलाह को काफी महत्व दे रहा है।

कोहली का रिकॉर्ड

भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली नेतृत्व की भूमिका में कम नजर आए थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी फिर से बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 95 मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया, जिनमें से 65 मैचों में भारत को जीत मिली। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 68.42 रहा, जो एक से अधिक वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले सभी कप्तानों में सबसे बेहतर माना जाता है।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में टीम इंडिया ने कर दी जल्दबाजी? इंग्लैंड के सीरीज हारने के बाद फूटा इस पूर्व खिलाड़ी का गुस्सा

इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खत्म हो गई है। इस सीरीज को इंग्लैंड ने 4-0 से अपने नाम किया है। वहीं इस सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इस सीरीज में वैभव कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। शुरुआती तीन मैचों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन की ही पारी खेल सके। वहीं वैभव के डेब्यू पर पूर्व भारतीय वसीम जाफर ने अपनी राय रखी है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के मुताबिक कि, युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थोड़ा और समय देकर मौका दिया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट ने उनकी लोकप्रियता और पब्लिक हाइप को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लिया, जबकि पहले से टीम का बल्लेबाजी क्रम तय था। जाफर का कहना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को इंटरनेशनल स्तर पर उतारने से पहले उसे घरेलू और दूसरे स्तर पर पर्याप्त अनुभव हासिल करने का मौका मिलना चाहिए।

जल्द ही करवा दिया डेब्यू

वसीम जाफर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने में थोड़ी जल्दबाजी की। उनके आसपास काफी चर्चा और उत्साह था, इसलिए लोग उन्हें जल्द खेलते हुए देखना चाहते थे। लेकिन मेरा मानना है कि भारत को संजू सैमसन के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “वैभव अभी बहुत युवा हैं। अगर वह कुछ समय तक भारतीय टीम के साथ रहते, माहौल को समझते और सही मौके का इंतजार करते, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता। इतनी जल्दी उन्हें अंतिम एकादश में जगह देना सही फैसला नहीं था।”

हाइप की वजह से किया गया शामिल

वसीम जाफर ने भारत के टॉप ऑर्डर में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की बढ़ती मांग और उनके आसपास बने माहौल से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगा कि हम मीडिया में बनी चर्चा के साथ बह गए। जब भी वैभव प्लेइंग इलेवन में नहीं होते थे, तो इसे लेकर काफी बातें होती थीं। अगर टीम को लगता था कि संजू सैमसन फॉर्म में नहीं हैं, तो वह अलग बात है। लेकिन आखिर में ऐसा महसूस हुआ कि वैभव को टीम में शामिल करने का फैसला कुछ ज्यादा जल्दी कर लिया गया।”

संजू को लेकर कही ये बात

वसीम जाफर ने संजू सैमसन के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पांचवें टी20 मैच के लिए उन्हें दोबारा टीम में शामिल किया गया, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन भारत के लिए सिर्फ टी20 फॉर्मेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। मुझे लगता है कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा होंगे, लेकिन जिस तरह उनके साथ फैसले लिए गए, वह काफी हैरान करने वाला था।”

इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज कल से शुरु, इन 3 भारतीय चेहरों पर रहेगी नजर

ENGvsIND इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसको की उम्मीदें एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ अच्छी खबर सुनने की तरफ होगी क्योंकि इस प्रारुप में वरिष्ठ खिलाड़ी फैंस को हार के सिलसिले को तोड़ने का माद्दा रखते हैं क्योंकि उन्होंने भरपूर आराम लिया है।कोहली, रोहित और जसप्रीत बुमराह उस प्रारूप में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं।

रोहित हाल ही में अफगानिस्तान सीरीज में शिरकत करते देखे गए थे। लेकिन विराट कोहली ने फरवरी में इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच खेला था। बुमराह की बात की जाए तो वह तो 2 साल से टी-20 विश्वकप के लिए तैयारी कर रहे थे। 2 बार टीम को कप जिताने के बाद अब वह अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अंतिम एकदिवसीय मैच भी विश्वकप फाइनल 2023 खेला था।

रोहित और कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है और वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित और कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल ज़रूर बढेगा।

कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है जिसे बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी।

भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है।

वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 श्रृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया। लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए यह फायदे की बात होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है।बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा हालांकि टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा।

बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है।

भारतीय दल में अब दाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा रहेंगें इस कारण सैम करन और लियाम डॉसन की भूमिका ज्यादा होगी। इंग्लैंड ने लगभग टी-20 का दल ही एकदिवसीय मैचों के लिए रखा है इस कारण कागज पर भारत बेहतर दल लग रहा है।फिल साल्ट की जगह बेन डकेट सलामी बल्लेबाजी संभालेंगे।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद।

समय: दोपहर 3:30 बजे

लॉर्डस पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रनों से हराया

ENGvsIND लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों से हराकर एकमात्र टेस्ट में जीत अर्जित की। इस जीत से भारत का टी-20विश्वकप में सेमीफाइनल में जगह ना बना पाने का दुख थोड़ा कम हुआ। भारत की ओर से यस्तिका भाटिया ने शतक जड़ा और क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5 विकेट लिए और कुल 7 विकेट झटके। स्मृति मंधाना ने दोनों पारियों में अर्धशतकीय पारी खेली।

भारत को यह मैच जीतने के लिए सोमवार को सिर्फ 4 विकेट की दरकार थी। कल 130 पर 6 विकेट गंवाने वाली इंग्लैंड आज इस स्कोर में 50 रन और जोड़ पाई। सोफी इकेस्लिटन ने अर्धशतक बनाया और वह अंतिम विकेट के रुप में गिरी।

इससे पहले यास्तिका भाटिया (113), स्मृति मंधाना (70) और ऋचा घोष (नाबाद 50) की शानदार पारियों के बाद भारतीय महिला टीम ने एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन रविवार को अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन के स्कोर बनाने के बाद पारी घोषित कर दी। भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रनों की बढ़त मिली थी और अब इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य मिला।

टॉस जीतकर गेंदबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भारत को तो 285 रनों पर रोक दिया। लेकिन पहली पारी में मेजबान टीम 170 रनों पर सिमट गई। यहां से मैच का रुख भारत की ओर पलट गया।

T20I की हार से रोहित का गंभीर पर पलड़ा भारी, इँग्लैंड में फ्लॉप होने पर भी रहेंगे बरकरार

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है। माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी। लेकिन अब युवा टीम के टी-20 सीरीज में वाइटवॉश होने के बाद वह इँग्लैंड में फ्लॉप भी हुए तो एकदिवसीय टीम में बने रहेंगे।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।लेकिन शायद इस बार इसकी जरुरत ना पड़े क्योंकि गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

टेस्ट में बैजबॉल खत्म, मक्कलम अब सिर्फ इंग्लैंड के सफदे गेंद के कोच

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ब्रेंडन मक्कलम को इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया है। हालांकि वह सीमित ओवर के क्रिकेट में इंग्लैंड के कोच बने रहेंगे। यह फैसल ऐसे समय आया है जब महज तीन महीने पहले ही ऐशेज में ऑस्ट्रेलिया से 4-1 की हार के बावजूद मक्कलम को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया गया था।

मक्कलम ने अपने बयान में कहा, “बेशक मैं आगे यह भूमिका नहीं निभा पाने से बेहद दुखी हूं, लेकिन मैं इस फै़सले का सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा ध्यान वनडे और टी-20 टीमों को आगे बढ़ाने और इंग्लैंड क्रिकेट को लगातार बेहतर बनाने पर रहेगा। मैं टेस्ट टीम की सफलता की कामना करता हूं।”

ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने मार्च में कहा था कि मक्कलम “काफ़ी सीख सकते हैं” और ऑस्ट्रेलिया में हुई ग़लतियों से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने तब यह भी कहा था कि उन्हें हटाना “सबसे आसान विकल्प” होगा। लेकिन केवल तीन टेस्ट बाद न्यूजीलैंड से घरेलू मैदान पर 2-1 की हार के बाद, ईसीबी ने वही निर्णय किया।

गोल्ड ने कहा, “ब्रेंडन ने इंग्लैंड पुरुष टेस्ट टीम में नई जान फूंक दी थी। उनके कार्यकाल में हमें कई यादगार जीत मिलीं और इस भूमिका में उनके योगदान के लिए हम उनके आभारी हैं। अब हमें लगता है कि अगले साल ऐशेज़ जीतने के लक्ष्य को देखते हुए टेस्ट टीम के लिए बदलाव का यही सही समय है।”

उल्लेखनीय है कि मक्कलम ने 2022 में इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी और कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मिलकर अपने पहले 11 मैचों में 10 जीत दिलाई थी। उस दौरान इंग्लैंड ने अभूतपूर्व आक्रामक अंदाज में क्रिकेट खेली। हालांकि इसके बाद टीम के नतीजे लगातार खराब होते गए और उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया या भारत के खिलाफ एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत सका।

टेस्ट कोच के रूप में मक्कलम का रिकॉर्ड 27 जीत, दो ड्रॉ और 20 हार का रहा। इनमें से सात हार इंग्लैंड के पिछले नौ टेस्ट मैचों में आईं। उनका कार्यकाल अपने देश न्यूजीलैंड के खिलाफ़ घरेलू सीरीज से शुरू हुआ था, जिसमें इंग्लैंड ने 2022 में 3-0 से जीत दर्ज की थी। वहीं पिछले महीने उसी टीम से घरेलू सीरीज हारने के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हुआ। इसी सीरीज़ के बाद बेन स्टोक्स ने अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

IND vs ENG: इंग्लैंड से मिली हार का बदला लेने उतरेंगे विराट-रोहित? कब खेला जाएगा पहला वनडे

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज भारत को 4-0 से क्लीन स्पीप का सामना करना पड़ा। टी20 सीरीज खत्म होने के बाद अब भारतीय टीम इस हार को भूल कर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने उतरेगी। भारत के वनडे टीम में दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है। वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। वनडे टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में हैं। फैंस को उम्मीद है कि वनडे सीरीज में टी20 में मिली हार का बदला लिया जाएगा। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें ये मुकाबला

भारत की स्थिती मजबूत

वनडे क्रिकेट में भारत का हालिया रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ काफी मजबूत रहा है। पिछली वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने अपने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड को 3-0 से हराकर सीरीज अपने नाम की थी। वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि श्रेयस अय्यर उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में बरकरार रखा गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी शानदार गेंदबाजी को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर फिर भरोसा जताया है।

विराट-कोहली की वापसी

इंग्लैंड की टीम कप्तान हैरी ब्रूक और अनुभवी जोस बटलर की मौजूदगी में पूरे आत्मविश्वास के साथ वनडे सीरीज में उतरेगी। टी20 सीरीज जीतने के बाद मेजबान टीम अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेगी। दूसरी ओर, भारतीय टीम को बल्लेबाजी में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें होंगी। वहीं तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारत की गेंदबाजी भी पहले से ज्यादा मजबूत नजर आएगी।

भारत और इंग्लैंड की पूरी टीम

भारत की पूरी टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेट कीपर), ईशान किशन (विकेट कीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दूबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड की पूरी टीम: रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग।

वनडे मैच का पूरा शेड्यूल

  • पहला ODI: 14 जुलाई, जगह: एजबेस्टन, बर्मिंघम

    समय: 3:30 PM

  • दूसरा ODI: 16 जुलाई, 2026, जगह: सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ

    समय: 5:30 PM

  • तीसरा ODI: 19 जुलाई, 2026, जगह: लॉर्ड्स, लंदन

    समय: 3:30 PM

कहां पर देखें मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के अलग-अलग टीवी चैनलों पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे इस सीरीज़ की लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे।