इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार में कितने अनचाहे रिकॉर्ड बना गई टीम इंडिया

दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार के बाद भारतीय टीम ने बहुत सारे अनचाहे रिकॉर्ड बना लिए हैं। यह पहली बार है जब भारतीय टीम इस प्रारुप में 100 से ज्यादा रनों से हारी हो। भारतीय टीम 76 रनों पर सिमट गई और जैसे तैसे इस प्रारुप में अपने न्यूनतम स्कोर से एक कदम आगे आ पाई।

202 रनों का पीछा करते हुए भारत के पांच विकेट पांच ओवर में 52 रन पर गिर गए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले और जीत के लिये कोई प्रयास भी नहीं किया। यह पहली बार है जब एक पॉवरप्ले में भारत ने 5 विकेट गंवाए हों। श्रेयस अय्यर का बतौर कप्तान हार का सिलसिला अब पांच मैचों का हो गया है ।यह पहली बार है जब भारत लगातार 5  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में से एक भी जीतने में नाकामयाब रहा।

भारतीय बल्लेबाजी पर नाराज हुए श्रेयस अय्यर

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड से 125 रन की करारी हार के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन को ‘‘बेहद खराब’’ करार दिया और कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।अय्यर की कप्तानी में भारत ने अभी तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीता है। मंगलवार को खेले गए मैच में तो उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा जब टीम 202 रन की लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 11.4 ओवर में 76 रन पर आउट हो गई और उसे रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक था, इतने बड़े अंतर से हारना स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले हमें हार को स्वीकार करना होगा और नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।’’इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुरुवार को ब्रिस्टल में चौथा टी20 मैच और शनिवार को साउथेम्प्टन में अंतिम मैच खेला जाएगा। पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।

अय्यर का मानना ​​था कि ट्रेंट ब्रिज की इस पिच पर गेंदबाजों को 200 रन नहीं देने चाहिए थे।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह 200 विकेट वाली पिच थी। हमने पावरप्ले में चार विकेट गंवा दिए और इसी वजह से हम पिछड़ गए। आप कितनी भी योजना बना लें, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद आपको परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है। मुझे लगा कि हार्ड लेंथ पर शॉट लगाना मुश्किल था और हम उसे ठीक से अंजाम नहीं दे पाए।’’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें अब अतीत के बारे में नहीं सोचना होगा और मजबूत वापसी करनी होगी। हमारे प्रत्येक खिलाड़ी को इस पर विचार करना होगा कि वह किस तरह से योगदान दे सकता है।’’

गौतम ने कहा गंभीरता से खेले टीम इंडिया

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम अच्छा नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में बहुत बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज। टीम में न तो हार्दिक पंड्या हैं और न ही जसप्रीत बुमराह हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम का पुनर्गठन (रिसेट) करते हैं तो थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) पारी का आगाज कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं, हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। हम अंत में सिर्फ नतीजों को देखते हैं और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक भी होना होगा। ’’

गंभीर ने जोर देकर कहा कि कई झटकों के बावजूद भारत महज चार मैच के नतीजे के आधार पर खराब टीम नहीं बन जाता।उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी टीम आपसे बेहतर खेलती है। कभी-कभी आप हालात का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें ठीक से समझ नहीं पाते। खेल को समझना भी उतना ही जरूरी है। आयरलैंड के बाद से हमने ऐसा नहीं किया है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘हम हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाए हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, सच्चाई यही है। अगर हमने बेहतर ढंग से खुद को ढाला होता और बेहतर क्रिकेट खेला होता, तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते। ’’

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

Asia Cup 2027: अगले साल होने वाले एशिया कप 2027 की तारीखों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। इस बार टूर्नामेंट बांग्लादेश की मेजबानी में 50-ओवर फॉर्मेट में खेला जाना तय है। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआत 18 जून को होगी वहीं इसका फाइनल मुकबाला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। टूर्नामेंट सभी मुकाबले मीरपुर, चटगांव और सिलहट को संभावित मेजबान शहरों के रूप में चुना गया है। वहीं एशिया कप खेलने के लिए भारतीय टीम का बांग्लादेश जाना अभी तय नहीं है। पिछले साल से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है।

कब शुरू होगा एशिया कप

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआट वनडे वर्ल्ड कप से पहले 18 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। मंगलवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की सुरक्षा समिति के चेयरमैन सईद इब्राहिम अहमद ने बताया कि, एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने प्रस्तावित तीनों स्टेडियमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए इस दिशा में काम चल रहा है।

एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू की रिपोर्ट

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमसे संपर्क किया गया है और एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इस मामले को औपचारिक रूप दे दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम बोगुरा के शहीद चंदू स्टेडियम पर भी काम कर रहे हैं। वहीं, फिलहाल हमारी प्राथमिकता ढाका, सिलहट और चटगांव के वेन्यू हैं। बोगुरा को लेकर भी तैयारी जारी है, लेकिन अभी पूरा ध्यान इन तीन शहरों पर है।”

सफल टूर्मामेंट का हो आयोजन

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इन तीनों वेन्यू में से हर एक पर कम से कम एक मैच जरूर खेला जाएगा। अंतिम फैसला होने के बाद हम अगले कुछ दिनों में और जानकारी शेयर करेंगे। हमें भरोसा है कि इतने सालों बाद एशिया कप फिर से बांग्लादेश लौटेगा। हमारी कोशिश है कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक सफल टूर्नामेंट आयोजित किया जाए।”

पिछले साल हुए थी तनातनी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 एशिया कप पर इस बार क्रिकेट के साथ-साथ राजनीतिक माहौल का भी असर देखने को मिल सकता है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों को लेकर कई चर्चाएं हुई थीं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सितंबर में भारत के प्रस्तावित सीमित ओवरों के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अब इस दौरे के होने की उम्मीद फिर से बढ़ गई है।

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हर दौरे पर आने वाली टीम की सुरक्षा हमेशा एक अहम मुद्दा होती है, खासकर बड़ी क्रिकेट टीमों के लिए। अभी तक हमारी उनकी (BCCI) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। हमें उम्मीद है कि अगर दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो सुरक्षा को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं होगी।”

अफगानिस्तान के बाएं हाथ के पेसर का लंबी बीमारी के बाद निधन

अफगानिस्तान के प्रमुख बाएं हाथ के पेसर शापूर जदरान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 एकदिवसीय और 36 टी20 मैच खेले।सलामी गेंदबाज होने के  बाद भी साल 2015 के एकदिवसीय विश्वकप में स्कॉटलैंड के खिलाफ उनके बल्ले से ही टीम को विजयी रन मिले। यह अफगानिस्तान की एकदिवसीय विश्वकप में पहली जीत थी। वह टीम के लिए टी-20 विश्वकप का भी हिस्सा थे।

वह एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ (HLH) से पीड़ित थे।एचएलएल एक ‘हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम’ है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है।

मंगलवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने उनके निधन की घोषणा की।एसीबी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बहुत दुख और अफसोस के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’’

एसीबी ने कहा कि लंबे-कद के गेंदबाज जादरान अफगानिस्तान की कई यादगार जीतों का हिस्सा रहे और ‘अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे।’एसीबी ने कहा, ‘‘शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके समर्पण, जुनून और अटूट प्रतिबद्धता ने हमारे देश में खेल के उत्थान और विकास में अहम भूमिका निभाई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह उन क्रिकेटरों में से एक थे जो अफगानिस्तान के शुरुआती क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहे और उन्होंने उस रास्ते को बनाने में मदद की जिसने अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।’’

एसीबी ने कहा कि जादरान ना केवल अफगानिस्तान में बल्कि दुनिया भर के कई युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे।ACB ने लिखा, ‘‘अपने पूरे करियर के दौरान शापूर ने सम्मान, साहस और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियां हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का अहम हिस्सा रहेंगी और राष्ट्रीय टीम की सेवा में उनके प्रयासों को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर अपनी उपलब्धियों के अलावा शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा के सच्चे स्रोत थे।’’

एसीबी ने कहा, ‘‘उनके लड़ने के जज्बे, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्यार ने कई लोगों को उम्मीद दी और एक पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी कमी बहुत खलेगी और उनकी यादें हमेशा अफगानिस्तान के लोगों और क्रिकेट की दुनिया के दिलों में जिंदा रहेंगी।’’

सूर्यकुमार ने कहा बाहर से करता हूं टीम इंडिया का समर्थन, बाकी पोस्ट फेक

Suryakumar Yadav

पूर्व टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सुर्यकुमार यादव ने वायरल हो रही पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि वह टीम से बाहर रहकर भी टीम इंडिया का समर्थन करते हैं। सूर्यकुमार यादव ने साथ ही कहा कि फैंस ऐसी किसी भी पोस्ट पर यकीन ना  करें जो यह बताए कि वह टीम इंडिया के हालिया फॉर्म को देखते हुए बहुत खुश है।


सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि 35 वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है।

IND vs ZIM: लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सैमसन और अर्शदीप बाहर, इन नए चेहरों की हुई एंट्री

जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के बीसीसीआई ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। इस बार टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 टीम में संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला है। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड दौरे पर हैं।

वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में संजू को ड्रॉप किया गया था। संजू की जगह सैमसन को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था। लगातार तीन मैचों से फ्लॉप होने के बाद संजू को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ा। वहीं अब जिम्बाब्वे के खिलाफ भी टीम में शामिल नहीं हैं। वहीं हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौर पर भारतीय टीम लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

इन खिलाड़ियों को मिला मौका

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। वहीं, विदर्भ के ही तेज गेंदबाज यश ठाकुर को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज में इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को भी पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है।

रिंकू सिंह की हुई वापसी

पंजाब किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन तब उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। भारतीय टीम में रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी वापसी हुई है। केकेआर के बल्लेबाज रिंकू को एक बार फिर मौका मिला है, जबकि मयंक यादव लंबे समय बाद टीम में लौटे हैं। मयंक ने आखिरी बार 2024 में भारत के लिए मैच खेला था और इसके बाद वह चोट के कारण टीम से बाहर रहे। अब चयनकर्ताओं ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया है।

इन खिलाड़ियों को नहीं मिला जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी टीम में यह साफ नहीं किया गया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर किया गया है या उन्हें आराम दिया गया है। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर मौजूद छह अन्य खिलाड़ियों अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवि बिश्नोई को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम प्रबंधन अक्सर जिम्बाब्वे दौरे का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए करता रहा है। इस बार भी कई नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे के लिए भारत की पूरी टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर)

3 नो बॉल और 60 रन देने वाले रवि विश्नोई का तीसरे T-20I से बाहर होना लगभग तय

भले ही श्रेयस अय्यर ने लेग स्पिनर रवि विश्नोई का बचाव किया हो लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से उनका अंतिम ग्यारह से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की चार विकेट से हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने 17वें ओवर में 29 रन लुटाने वाले स्पिनर रवि बिश्नोई का बचाव किया।

इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी लेकिन बिश्नोई ने 17वें ओवर में दो नॉ बॉल के साथ 29 रन लुटा दिये और मैच पूरी तरह से भारत के हाथ से निकल गया।इससे पहले विश्नोई ने अपने स्पैल की पहली ही गेंद नो बॉल की थी।चार ओवर में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने के बाद उनकी टीम में जगह पर सवाल उठने लगे हैं।

ट्रेंट ब्रिज की परिस्थितियों को देखते हुए बिश्नोई का अंतिम एकादश में शामिल होना मुश्किल माना जा रहा है। उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है। स्विंग और पिच से अतिरिक्त हरकत हासिल करने की उनकी क्षमता उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा से बेहतर विकल्प बनाती है, जिनकी ‘बैक-ऑफ-द-लेंथ’ गेंदें टी20 क्रिकेट में अपेक्षाकृत आसान साबित होती हैं।

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में शुरुआती ओवर में दो विकेट समेत कुल तीन विकेट झटके थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक द्वारा उनके एक ओवर में बनाए गए 27 रन भी भारत की हार का बड़ा कारण बने। इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था।

टीम के मुख्य गेंदबाज को मैच के अंतिम लम्हों पर कंधो पर चोट लगी थी लेकिन फिर भी अर्शदीप ने 19वां  ओवर पूरा किया। टीम प्रबंधन की निगाह उनकी चोट पर भी होगी अगर ऐअर्शदीप सिंह फिट नहीं होते हैं तो प्रसिद्ध कृष्णा को भी मौका मिल सकता है।

IND vs ENG: ‘अगला नंबर हमारा हो सकता है’ गौतम गंभीर और टीम के माहौल पर अश्विन ने दिया बड़ा बयान

भारतीय टीम इस समय 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। पहला मुकाबला बारिश में रद्द होने के बाद दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की आगे है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वहीं फैंस पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की मांग कर रहे थे। वहीं वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू और संजू सैमसन को बाहर करने पर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपना रिएक्शन दिया है।

भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को मौका नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, टीम चयन केवल प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और यह नहीं लगना चाहिए कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं का असर फैसलों पर पड़ रहा है।

वैभव ने किया डेब्यू

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन मैचों में कम रन बनाने के बाद संजू सैमसन को मैनचेस्टर टी20 की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला, जिसका क्रिकेट प्रशंसकों को लंबे समय से इंतजार था। वहीं वैभव अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 14 रन ही बना सके और भारत को इस मैच में इंग्लैंड के हाथों चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। अब सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई, मंगलवार को खेला जाएगा। भारत सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी बढ़त और मजबूत करना चाहेगा।

संजू के निकाले जाने के फैसले से हुए हैरान

अपने YouTube चैनल ऐश की बात पर बात करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर किया जाना उन्हें समझ नहीं आया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के लिए सैमसन को ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया था। अश्विन ने कहा, “अभी मैं काफी परेशान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि संजू सैमसन को इतनी जल्दी टीम से बाहर क्यों कर दिया गया। अब संजू क्या सोच रहे होंगे? जब वह नेट्स में अभ्यास करने जाएंगे तो उनके मन में कितनी प्रेरणा होगी?” उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि भारत को संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी कराने के ऑप्शन पर विचार करना चाहिए।

संजू को तीसरे नंबर पर बैटिंग करना चाहिए

अश्विन ने कहा, “अभी टीम के टॉप ऑर्डर में पहले से ही तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं—अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन। ऐसे में मुझे लगता है कि अब संजू सैमसन को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए जरूर विचार किया जाएगा। मैं पूरे भरोसे के साथ यह कह रहा हूं। कोचिंग स्टाफ और गौतम गंभीर समेत सभी जानते हैं कि संजू के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। अब उन्हें इस स्थिति को किसी न किसी तरह संभालना होगा।” उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान सूर्यकुमार यादव के बाद अब संजू भी बाहर हो गए, ऐसे में सभी खिलाड़ियों को लग सकता है कि अगला नंबर उनका होने वाला है। ये टीम के लिए अच्छा नहीं है।’

रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि टीम चुनते समय कई बार मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, उन्हें थोड़ा ज्यादा भरोसा और मौके मिलने चाहिए।

श्रीलंका के क्रिकेटर की हो गई पिच पर मौत, रद्द हुआ टूर्नामेंट (Video)

श्रीलंका में हो रहे एक दोस्ताना क्रिकेट मैच के दौरान एक क्रिकेट खिलाड़ी की मृत्यू हो गई जिससे पूरा टूर्नामेंट रद्द करना पड़ा। यह दुखद घटना श्रीलंका के बेरुवाला में  घटित हुई जहां ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन द्वारा आयोजित क्रिकेट कार्निवल मैच चल रहा था।

लगभग 45 वर्षीय क्रिकेटर जुल्फिकार अचानक क्रीज पर गिर गए और दर्शक से लेकर खिलाड़ियों तक सब भौंचक्के रह गए। जब यह घटना हुई तो उनकी टीम का स्कोर 3.4 ओवर में 37/5 था और खेल तुरंत रोक दिया गया। उनको खिलाड़ियों और दर्शकों ने बेरुवाला रीजनल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यू हो गई।

इस घटना से खिलाड़ी, आयोजक और दर्शक सदमें में पहुंच गए और पूरा टूर्नामेंट स्थगित कर दिया गया। मृतक बेरुवाला के चाइना फोर्ट क्षेत्र के एक प्रमुख मुस्लिम स्कूल के पूर्व छात्र था और अपने स्कूल के पूर्व दोस्तों के साथ खेलने आया था। प्रथम दृश्या यह माना जा रहा है कि जुल्फिकार की मृत्यू दिन का दौरा पड़ने से हुई है। हालांकि मेडीकल रिपोर्ट का इंतजार बेरुवाला पुलिस को भी है जो इस मामले की जांच कर रही है।


ईशान किशन ने बताया इंग्लैंड में जीत का स्वाद चखना है तो बल्लेबाजों को करना होगा यह (Video)

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मानना ​​है कि भारत को इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहतर तरीके से ढलना होगा और बीच के ओवरों में धीमी गति से बल्लेबाजी करने की समस्या से निजात पाना होगा जिसके कारण उसे दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।भारत अपने पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत हासिल नहीं कर पाया है।

आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला का पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था जबकि दूसरे मैच में वह चार विकेट से हार गया था। इस मैच में भारतीय टीम बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाई थी।

किशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बिल्कुल उनके पास गेंदबाजी के सबसे अच्छे विकल्प होंगे। उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी। लेकिन हम भी सुधार की कोशिश कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाड़ी हमारे खिलाफ क्या कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ज्यादा जानकारी है। हमें यह समझना होगा कि हम एक टीम के रूप में 20 अतिरिक्त रन कहां बना सकते हैं। हम इस पर बात करेंगे और आगे इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैच शुरू से ही हमारी पकड़ में था। मैच हमारे हाथ में था लेकिन दो फ्री हिट मिलने से इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव कम हुआ। उन्होंने इसका फायदा उठाया।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छी गेंदबाजी की। हमारी अपनी रणनीति थीं, लेकिन साथ ही, हमें बेथेल को इसका श्रेय देना होगा क्योंकि वह लंबे समय तक टिके रहे और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया।’’

किशन ने स्वीकार किया कि लगातार हार से मानसिकता में बहुत बड़ा फर्क पड़ता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इतने परिपक्व हैं कि वे एक टीम के रूप में हार को समझ सकते हैं और उससे उबर सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘भले ही हम जीत नहीं पाए लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम यह समझें कि हम कहां सुधार कर सकते हैं। हम सब सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

किशन ने कहा, ‘‘हारने से भी सोच पर प्रभाव पड़ता है लेकिन हम सभी इतने परिपक्व हैं जो यह समझते हैं कि क्या हो रहा है और एक टीम के रूप में हम कहां सुधार कर सकते हैं।’’

पृथ्वी शॉ की जिंदगी में एक और विवाद, मंगेतर ने कहा ‘धोखेबाज’

भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताने वाले पृथ्वी शॉ का जीवन विवादों से इतना भरा रहा है कि पता ही नहीं चलता कौन सा विवाद पहले हुआ और कौन सा बाद में। अब वह एक और विवाद में फंस गए हैं। उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उनके स्नैपशॉ्टस वायरल हो रहे हैं जिस पर लिखा है कि एक बार धोखा खाने के बाद भी बार बार धोखा मिला रहा है।

विवादों से भरा रहा है करियर

2 साल पहले एमसीए के एक सीनियर अधिकारी ने कहा  था कि खराब फिटनेस, रवैये और अनुशासन मसले के कारण कई बार टीम को मैदान पर उसे छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था।शॉ ने 16 सदस्यीय विजय हजारे ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये गुस्सा निकाला था । वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थे।

शॉ ने किशोरावस्था में पदार्पण करते हुए टेस्ट शतक बनाया था। 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी।

भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा था और छह सत्र पहले टेस्ट पदार्पण पर शतक लगाने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ गई थीं।

भारत के लिये 5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 T20I मैच खेल चुके शॉ आईपीएल मेगा नीलामी 2024  में नहीं बिके। पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम से 2021 से दूर चल रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था।

264 वर्ष के शॉ टीम के अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से भाग नहीं ले रहे और उनका वजन भी बढ गया है।कई फैंस के मन में चिंता भी थी कि साल 2018 के Under19 विश्वकप विजेता कप्तान बच्चे जैसे लगते थे और अब 26 साल की उम्र में भी उनका यह हाल हो गया।