जिसने बदल दी भारतीय क्रिकेट की सोच | Sourav Ganguly Story | Happy Birthday Dada

कोलकाता में जन्मे सौरव गांगुली बचपन से ही क्रिकेट के माहौल में पले-बढ़े। उनके पिता एक सफल बिजनेसमैन थे और परिवार का क्रिकेट से गहरा जुड़ाव था। लेकिन भारतीय टीम तक का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। 1992 में डेब्यू के बाद उन्हें सिर्फ़ एक वनडे खेलकर टीम से बाहर कर दिया गया। हार मानने की बजाय उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाए और चार साल बाद ज़ोरदार वापसी की। लॉर्ड्स में अपने पहले टेस्ट में शतक जड़ा और फिर मैच-फिक्सिंग संकट के बाद टीम इंडिया की कमान संभाली।
युवा खिलाड़ियों पर भरोसा, विदेशों में जीतने का आत्मविश्वास और लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराने वाला पल — ये सिर्फ़ एक कप्तान की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नई सोच की शुरुआत थी।
11,000+ ODI रन, 22 शतक और अनगिनत यादगार जीतों से बढ़कर उनकी सबसे बड़ी विरासत एक ऐसी टीम इंडिया है जिसने दुनिया से डरना छोड़ दिया।
@souravganguly

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चोटिल प्रतिका रावल की जगह लॉर्ड्स टेस्ट के लिए शामिल हुई यह खिलाड़ी

ENGvsIND लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ़ ऐतिहासिक वन-ऑफ़ टेस्ट से पहले भारत को एक झटका लगा है क्योंकि प्रतिका रावल इस मैच से बाहर हो गई हैं। दूसरे वनडे मैच के दौरान रावल के घुटने पर कट लग गया था और इस वजह से वह सीरीज़ के आखिरी मैच में भी नहीं खेल पाई थीं।इंग्लैंड में इंडिया ए टीम का हिस्सा रहीं प्रिया पुनिया को रावल की जगह टीम में शामिल किया गया है।

हेड कोच अमोल मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की, “प्रतिका रावल ‘A’ सीरीज़ के दौरान लगी चोट के कारण टेस्ट मैच से बाहर हो गई हैं। उनके घुटने पर कट लग गया था जिसके लिए कुछ टांके लगाने पड़े। वह टेस्ट मैच से बाहर हैं और प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है।”

जहां रावल ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ वाका में अपना टेस्ट डेब्यू किया था, वहीं पुनिया ने अभी तक टेस्ट लेवल पर डेब्यू नहीं किया है। हालांकि, ‘A’ सीरीज़ में इंग्लैंड के खिलाफ़ लगातार दो हाफ़-सेंचुरी लगाने के बाद वह इस मैच के लिए अच्छी फ़ॉर्म में हैं।25 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह चोट एक और झटका है; इससे पहले पिछले साल चोट के कारण वह वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में नहीं खेल पाई थीं। वह डब्ल्यूपीएल में भी नहीं खेली थीं और ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैचों के ज़रिए वापसी की थी।

पुनिया को हाल ही में इंडिया ए सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में वापस बुलाया गया है, जहां उन्होंने दो अर्धशतक लगाए थे। अगर उन्हें चुना जाता है, तो यह अनुभवी बल्लेबाज़ लॉर्ड्स में अपना टेस्ट डेब्यू कर सकती हैं। भारत की जिन खिलाड़ियों का टेस्ट डेब्यू हो सकता है, उनमें हरलीन देओल, अच्छी फ़ॉर्म में चल रही स्पिनर श्री चरणी और तेज़ गेंदबाज़ नंदिनी शर्मा शामिल हैं।

दूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम में पांच ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला है; इनमें एलिस कैपसी, टिली कॉर्टीन-कोलमैन, मैडी विलियर्स, ग्रेस पॉट्स और एली थ्रेलकेल शामिल हैं।टैमी ब्यूमोंट का विदाई मैच इंग्लैंड की अनुभवी ओपनर टैमी ब्यूमोंट ने भारत के खिलाफ़ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं।

वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

62 की उम्र में कर्टली एम्ब्रोस का गेंदबाजी करते हुए वीडियो वायरल

तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है।

एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी।

एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है।

एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप  आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का  विषय है।

वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।

मेलबर्न में PM मोदी ने किया भारत के GenZ का खास जिक्र, उनके बारे में इंडियन डायस्पोरा को ये अलग ही बात बता गए

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के बाद अब अपने दो दिन के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया में हैं। वहीं इस दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम में 30 हजार भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मैं 12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया आया हूं, यानी कि मेरी हैट्रिक हो गई है। मेरे आने और ऑस्ट्रेलिया-इंडिया के रिश्तों में सबसे बड़ी भूमिका आप लोगों की है। ये शो हाउसफुल है।

PM मोदी ने किया भारत के GenZ का खास जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों के भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के बदलते वैश्विक स्वरूप और विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प का संदेश दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने Gen Z जनरेशन का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में आज कल भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड चल रहा है, इसको हमारी Gen Z ड्राइव कर रही है और यहां ऑस्ट्रेलिया में मैंने सुना है कि आपका वीकेंड आस्था और आध्यात्म से भरा रहता है। कहीं किसी के घर भगवान सत्यनारायण की कथा, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चों द्वारा भांगडा या भरतनाट्यम की प्रस्तुति, कहीं कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए ये समझौते 

इससे पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को ऊर्जा सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ ऑस्ट्रेलिया से भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम के आयात का रास्ता साफ हो गया है। दोनों देशों के बीच कुल 18 समझौते किए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा- ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम मिलने से भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती मिलेगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी।

पीएम ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता क्रिकेट जैसा है। हमारी मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडे में वनडे जैसा फोकस है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से होते हैं और हमारी साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत है।

बता दें कि, दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन (PACTS) पार्टनरशिप शुरू करने पर सहमति जताई है। इसके तहत दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल रेजिलिएंस जैसे क्षेत्रों में एकसाथ रिसर्च करेंगे।

गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैचों के लिए शुरु की नेट प्रेक्टिस (Video)

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय सीरीज के  लिए नेट्स पर पसीना बहाना शुरु कर दिया है। वैसे तो हर सीरीज ही रोहित शर्मा के लिए अहम होती है लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की एकदिवसीय सीरीज उनके लिए काफी अहम है क्योंकि वह एकदिवसीय  विश्वकप 2027 के लिए हर सीरीज में अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

एक अग्रणी डिजिटल खेल यूट्यूब चैनल ने यह बताया कि रोहित शर्मा को टीम प्रबंधन ने साफ साफ बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप के लिए टीम की योजनाओं में शामिल नहीं है। ऐसे में टीम  प्रबंधन रोहित जैसे सितारे को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रबंधन चाहता है कि रोहित शर्मा खुद ही संन्यास के बारे में सोचे।

लॉर्ड्स में होने वाला है एतिहासिक भारत इंग्लैंड टेस्ट मैच, क्या बोले कोच

ENGvsIND इंग्लैंड के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में भारत बनाम इंग्लैंड की महिला टीम दो दो हाथ करने वाली है। लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम लाल गेंद का क्रिकेट खेलेगी। महिला विश्वकप के बीच और भारत  पुरुष इंग्लैंड दौरे और आयरलैंड दौरे की सुर्खियों के बीच यह टेस्ट दब सा गया था लेकिन इस टेस्ट के लिए भी लगभग 30 हजार लोगों ने टिकट खरीद रखा है।

भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले ऐतिहासिक चार-दिवसीय मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा। मेहमान टीम वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नई शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया से उपविजेता रहने के बाद इस टेस्ट मैच में उतरेगी।

मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि लॉर्ड्स में पहले कभी महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया। उन्होंने इस मौके को एक ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “बिल्कुल, मेरा मतलब है, लेकिन यह बात मुझे हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला टेस्ट मैच है। फिर भी, हम बहुत भाग्यशाली हैं और मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो इसमें शामिल हैं। यह एक शानदार मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा कि लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलना किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है और उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही ड्रेसिंग रूम में इस मैच के बारे में बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा, “किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलने की तो बात ही अलग है। मुझे यकीन है कि जो भी खिलाड़ी सफ़ेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेगा, उसे इस बात पर गर्व होगा। हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही बात कही है कि हमने पारंपरिक रूप से टेस्ट मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच की बात कर रहे थे, अब वह समय आ गया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे इसे लेकर उत्साहित होंगे।”

भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने पिछला चार दिन का मैच चार महीने पहले खेला था – वाका में पिंक-बॉल टेस्ट, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, उन्होंने 2025 में कोई टेस्ट नहीं खेला था; उनका पिछला टेस्ट 2024 में था, जब उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लैंड ने भी हाल के समय में बहुत कम रेड-बॉल क्रिकेट खेला है; उनका पिछला टेस्ट जनवरी 2025 में था, जब उन्हें एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पारी से हार का सामना करना पड़ा था।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।

Dada The Sourav Ganguly Story: गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार नहीं आयुष्मान खुराना थे मेकर्स की पहली पसंद! फिल्म का पोस्टर हुआ रिलीज

भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ का पहला पोस्टर रिलीज हो गया है। फिल्म में राजकुमार राव पूर्व भारतीय कप्तान का किरदार निभाते नजर आएंगे। सौरव गांगुली के जन्मदिन के मौके पर जारी किए गए इस फर्स्ट लुक के साथ मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। ये फिल्म 14 मई 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं फिल्म के फर्स्ट लुक को देखकर फैंस बेसब्री से इसके रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे।

राव नहीं थे पहली पंसद

रिपोर्ट्स के अनुसार, सौरव गांगुली की बायोपिक के लिए राजकुमार राव मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे। शुरुआत में आयुष्मान खुराना को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन किसी वजह से बात आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में यह अहम भूमिका राजकुमार राव को मिल गई।

 

रिलीज हुआ फिल्म का पहला पोस्टर

फिल्म के फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में राजकुमार राव ने सौरव गांगुली के करियर के सबसे चर्चित पल को पर्दे पर रीक्रिएट किया है। इसमें सौरव गांगुली साल 2002 में इंग्लैंड पर मिली ऐतिहासिक नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत के बाद लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराते नजर आते हैं। उनका ये जश्न आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार लम्हों में गिना जाता है। सौरव गांगुली की बेखौफ कप्तानी और टीम इंडिया के नए दौर की पहचान माना जाता है।

सौरव गांगुली की कहानी

राजकुमार राव का इस ऐतिहासिक पल को पर्दे पर दोबारा जीवंत करना क्रिकेट और सिनेमा प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिल्म ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ में सौरव गांगुली के एक युवा क्रिकेटर से भारतीय टीम के सफल और प्रभावशाली कप्तान बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा। फिल्म में उनकी मेहनत, संघर्ष, बेखौफ नेतृत्व और भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने वाली कहानी को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा।

विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लव रंजन और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को टी-सीरीज, डीबीएल और लव फिल्म्स प्रस्तुत कर रहे हैं। फर्स्ट लुक सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। फैंस बेसब्री से बड़े पर्दे पर सौरव गांगुली की कहानी देखने का इंतजार है।

IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

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