महेंद्र सिंह धोनी बने चेन्नई सुपर किंग्स के कोच, अश्विन ने दी सलाह

पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग के सत्र से गायब रहने वाले महेंद्र सिंह धोनी को उनके चेन्नई सुपर किंग्स स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सलाह दी है कि वह अब इस फ्रैंचाइजी के कोच बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी और जाने वाले स्टीफन फ्लेमिंग के इस फ्रैंचाईजी में 18 साल हो गए हैं।

धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है।

धोनी ने पिछले आईपीएल में 14 मैच खेले थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए फिनिशर की भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से उन्हें घुटने की समस्या से बार-बार जूझना पड़ा है और 2023 में उनकी सर्जरी भी हुई थी।

धोनी 2008 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। वे 18 सीजन में 5,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम विकेट के पीछे भी 200 से ज्यादा सफलताएं दर्ज है। धोनी इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। वे चेन्नई को 5 बार खिताब दिला चुके हैं।

अश्विन ने कहा अब कोच बनने की बारी

अश्विन ने कहा, “फ़्लेमिंग ने वास्तव में वह समझा कि क्या एमएस धोनी को पसंद है और धोनी ने यह समझा कि फ़्लेमिंग अच्छे नायक हैं और इसीलिए ये साझेदारी इतनी लंबी चली। मैं कहूंगा कि अब समय आ गया था कि सीएसके आगे देखे।” उन्होंने कहा,”यदि धोनी वह करने के इच्छुक हैं (कोच बनने के) तो उनसे बेहतर विकल्प सीएसके के पास कुछ और नहीं है। यदि ऐसा नहीं है तो उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति को खोजना होगा जो स्वतंत्र रूप से काम कर सके और अपने एक्शन की पूरी जिम्मेदारी ले सके।” अश्विन को लगता है कि नए कोच का काम आसान नहीं रहने वाला है क्योंकि उसे अपना काम करने के साथ ही ख़ुद को धोनी की छाया से भी बचाना होगा। धोनी का 2027 में खेलना फिलहाल साफ़ नहीं है। 2026 सीज़न में चोट के कारण वह एक भी मैच नहीं खेल सके और पूरे सीज़न फ्रेंचाइज़ी ने उनकी चोट पर कुछ खुलकर नहीं बताया।

अश्विन ने कहा, “उस ड्रेसिंग रूम में जो भी आएगा उसके लिए एक छोटी ही सही लेकिन अनिश्चितता रहेगी। धोनी एक बड़ा नाम है वह आज भी उस बातचीत का बेहद अहम हिस्सा हैं जिसमें ये तय किया जाता है कि कौन सी टीम खेलने वाली है। और एक ऐसा व्यक्ति भी होगा जो उस टीम के लिए बड़े भाई या मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा, जिसे इतने सालों से उनकी आदत रही है। ऐसे में, ड्रेसिंग रूम में आने वाले और स्टीफ़न फ़्लेमिंग से कमान संभालने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत नाजुक स्थिति होगी, क्योंकि वे यह नहीं समझते कि फ़्लेमिंग ने उस फ्रेंचाइज़ी को क्या दिया है। इसलिए उन्हें सहजता से उस भूमिका में ढलना होगा, जो बहुत ही मुश्किल हो सकता है।”


वेस्टइंडीज को बदहाल क्रिकेट को सुधारने के लिए मिली 1.28 करोड़ डॉलर की बड़ी राशि

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा घोषित अभिशासन, सदस्यता और सदस्यों की सहायता में में बदलावों के तहत कैरिबियाई क्रिकेट को लोन मिलेगा। एडिनबर्ग में हुई सिलसिलेवार वार्षिक बैठक के बाद सदस्यों से जुड़े कई फ़ैसले लिए गए, जिनमें वेस्टइंडीज़ क्रिकेट को आर्थिक मदद देना भी शामिल रहा।

अफ्रीकी देश मॉरिशस को ICC का 111वां मेंबर बनाया गया है, जिससे इसके 12 स्थायी सदस्य और 98 अन्य एसोसिएट सदस्य की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है। इसके अलावा, ICC ने घोषणा की कि क्रिकेट कनाडा के लिए बहाली की शर्तें मंज़ूर कर ली गई हैं; इस बोर्ड पर लगे मौजूदा निलंबन को हटाने से पहले इन शर्तों को पूरा करना ज़रूरी है।

वहीं दूसरी ओर ICC को श्रीलंका क्रिकेट से संशोधित संविधान के बारे में अपडेट मिला है। फ़िलहाल, चुनाव होने तक श्रीलंका क्रिकेट ICC बोर्ड की बैठकों में प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा। इस बीच, ICC सदस्यता मानदंड का उल्लंघन करने के कारण फ़्रांस क्रिकेट को नोटिस दिया गया है।

वेस्टइंडीज़ क्रिकेट के लिए समर्थन

ICC ने क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को समर्थन के तौर पर 1.28 करोड़ डॉलर का लोन दिया है। यह बोर्ड, जो कई सालों से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है, आईसीसी से मदद की मांग करता रहा है। यह बात समय-समय पर कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी उठाया है।

30 सितंबर, 2025 को समाप्त हुए साल के वित्तीय विवरण के अनुसार, CWI को 28 मिलियन डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले साल उसे 24 मिलियन डॉलर का शुद्ध लाभ हुआ था। 2026 चक्र में 26 मिलियन डॉलर के लॉस के अनुमान के साथ, CWI के स्टेटमेंट में अनुदान की कमी को पूरा करने के लिए ICC से Loan Financing और Commercial Banking क्रेडिट सुविधाओं का ज़िक्र किया गया था। अब यह हकीकत बन गया है।

इससे पहले 2012 में, तत्कालीन वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड को ज़िम्बाब्वे के साथ ICC से सहायता फ़ंडिंग मिली थी। 2020 में, COVID-19 महामारी के दौरान, क्रिकेट वेस्टइंडीज़ को ECB से 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन मिला था, जिसे समय पर चुका दिया गया।

पुर्तगाल से खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से लिया संन्यास इस ऑलराउंडर ने

ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के लिए खेलने वाले क्रिकेटर पुर्तगाल जैसी असोसिएट देश के लिए खेलेने के लिए भला क्यों ही दिलचस्पी दिखाएगा। लेकिन ऐसा हुआ है। बिग बैश लीग (BBL) और ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्स ने घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर स्थानीय फैंस को चौंका दिया है। वह अपने जन्मस्थान पुर्तगाल के लिए ना केवल एसोसिएट क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे बल्कि अहर्ता प्राप्त करने के बाद टी-20 विश्वकप क्वालिफायर का भी हिस्सा रहेंगे।

मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जो कभी भी किसी विश्व खिताब का हिस्सा नहीं रहे क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में कभी कभार ही मौके मिले। 39 साल के हेनरिक्स ने मार्च 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले समर में न्यू साउथ वेल्स के लिए ए लिस्ट क्रिकेट खेला और जनवरी में सिक्सर्स को BBL फाइनल तक पहुंचाया। उन्हें सिक्सर्स के साथ नया अनुबंध नहीं मिला और BBL की दूसरी टीमों की दिलचस्पी के बावजूद उन्होंने एक ही क्लब के लिए खेलने वाले खिलाड़ीके तौर पर अपना करियर खत्म करने का फैसला किया।

संन्यास की घोषणा करते हुए हेनरिक्स ने कहा, “मैं बहुत किस्मत वाला रहा हूं कि पिछले 22 सालों से एक प्रोफेशनल एथलीट के तौर पर क्रिकेट मेरा काम रहा है। मुझे दूसरी बीबीएल टीमों से भी ऑफर मिले थे, लेकिन कहीं और जाना मुझे सही नहीं लगा।जिन लोगों के साथ मुझे खेलने और काम करने का मौका मिला, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। अगर वे रिश्ते और उनके लिए मेरा गहरा लगाव न होता, तो मुझे यकीन है कि मैं इस दिन तक बहुत पहले ही पहुंच गया होता। मुझे लगता है कि अब मेरे करियर को खत्म करने और अपनी ज़िंदगी के अगले पड़ाव की ओर देखने का समय आ गया है।”

ऐसा रहा करियर

उन्होंने BBL के सभी 15 सीजन में 154 मैच खेले है, जिसमें उनके पहले और आखिरी सीज़न का फ़ाइनल भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में सभी फ़ॉर्मेट में हेनरिक्स के 420 घरेलू मैचों से ज़्यादा किसी ने नहीं खेले हैं; इसमें NSW के लिए 110 प्रथम श्रेणी मैच और 112 A List मैच शामिल हैं। उन्होंने NSW के लिए 38 टी-20 मैच और 2012-13 में चैंपियंस लीग जीतने वाली सिक्सर्स टीम के लिए छह मैच भी खेले। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। उनके नाम 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T-20I मैच दर्ज हैं।

एकदिवसीय और T-20I विश्वकप का बदला फॉर्मेट, इस टेबल से समझिए

कुछ दिन पहले मीडिया में छपी खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद एकदिवसीय विश्वकप के लिए सुपर 6 प्रणाली का क्रियान्वन करने वाला था जो कि साल 2003 की प्रणाली से मेल खाती थी। लेकिन अब ने ना केवल एकदिवसीय विश्वकप में सुपर 6 की जगह सुपर 7 चरण बल्कि टी-20 विश्वकप में सुपर 8 की जगह सुपर 10 चरण प्रणाली अपनाई है। इसे फैंस आसानी से इन दो टेबल से समझ सकते हैं।

एकदिवसीय विश्वकप 2027

टूर्नामेंट के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीम पहले सुपर सीरीज दौर खेलेंगी। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी जहां छह टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा।प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीम और दोनों ग्रुप में अगली सबसे बेहतर टीम Super-7 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी (पहले यहां Super-6 चरण होना था)। सुपर-7 चरण की चार सर्वश्रेष्ठ टीम सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

इस टूर्नामेंट में 10 टीम सीधे क्वालीफाई करेंगी। तीन मेजबान देशों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण अपने आप क्वालीफाई करेंगे। तीसरा मेजबान देश नामीबिया एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगा।वनडे रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें बाकी 10 स्थानों को पूरा करेंगी। बची हुई चार टीम का फैसला वैश्विक क्वालीफायर के जरिए होगा।

T20I विश्व कप 2028

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के बाद अब सुपर-8 की जगह सुपर-10 चरण होगा।टूर्नामेंट में चार-चार टीम के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीम सुपर-10 में पहुंचेंगी।

पिछले चरण में सुपर-8 के प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। नए प्रारूप में अब प्रत्येक ग्रुप की केवल शीर्ष टीम ही सीधे अंतिम चार में पहुंचेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम विपरीत ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी जिससे प्रतियोगिता में एक नया रोमांच जुड़ जाएगा।

वहीं 2026 टी20 विश्व कप में खेलने वाली लेकिन स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाने वाली बाकी टीम सीधे वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी।वैश्विक क्वालीफायर के अन्य आठ स्थानों के लिए क्षेत्रीय क्वालीफिकेशन होगा। इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीम जबकि अमेरिका और पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम क्वालीफाई करेगी।वैश्विक क्वालीफायर में प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वश्रेष्ठ टीम 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

ODI और T20 World Cup का फॉर्मेट पूरी तरह बदल गया, ICC ने किया बड़ा ऐलान! जानिए क्या है सुपर 7 और सुपर 10 का गणित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।

समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित

चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।

चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।

चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।

सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।

कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?

इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।

2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।

समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण

नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।

सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।

एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।

टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?

बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।

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19 नवंबर 2023 के बाद वनडे खेला जसप्रीत बुमराह ने, बनाया यह रिकॉर्ड (Video)

जसप्रीत बुमराह ने मंगलवार को अपने उल्लेखनीय करियर में एक और शानदार अध्याय जोड़ा, वह इंग्लैंड में एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के सबसे सफल विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए और 150 एकदिवसीय विकेट के मील के पत्थर तक भी पहुंच गए।

तेज़ गेंदबाज़ ने वनडे के दौरान इंग्लैंड के हैरी ब्रूक को आउट करके दोहरी उपलब्धि हासिल की, और इंग्लैंड में 31 विकेट के साथ भारत के सर्वकालिक वनडे विकेट चार्ट में रवींद्र जड़ेजा के 30 विकेटों को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंच गए।

जसप्रीत बुमराह का ऐतिहासिक विकेट अलग  अंदाज़ में आया। तेज गेंदबाज ने चतुराई से छिपी धीमी गेंद से ब्रुक को धोखा दिया जो पिच से अजीब तरीके से उछल गयी। इंग्लैंड का बल्लेबाज केवल गेंद का बचाव कर सका, जो गेंद से टकराकर पहली स्लिप में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के पास पहुंची।

ब्रुक तीन गेंदों में एक रन बनाकर आउट हो गए और बुमराह ने भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। इस विकेट से वनडे क्रिकेट में बुमराह का 150वां विकेट भी जुड़ गया, जो भारत के महानतम सफेद गेंद गेंदबाजों में से एक के रूप में उनकी स्थिति को रेखांकित करता है।

उच्च दबाव वाली परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए माने जाने वाले, बुमराह ने लगातार सभी परिस्थितियों में भारत के तेज आक्रमण का नेतृत्व किया है, इंग्लैंड में उनके कारनामे सीम-अनुकूल वातावरण में उनकी महारत के प्रमाण के रूप में सामने आए हैं।

इंग्लैंड में भारत के प्रमुख एकदिवसीय विकेट लेने वालों की अद्यतन सूची अब इस प्रकार है: जसप्रीत बुमराह (31), रवींद्र जड़ेजा (30), भुवनेश्वर कुमार (28), मदन लाल (27) और मोहम्मद शमी (26)। ये दोनों मील के पत्थर भारत के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में से एक के रूप में बुमराह की विरासत को और मजबूत करते हैं, 32 वर्षीय गेंदबाज जब भी मैदान पर उतरते हैं तो रिकॉर्ड बुक को फिर से लिखना जारी रखते हैं।

जल्द क्रिकेट खेल पाएंगी अफगानिस्तान की महिलाएं, ICC ने बनाई योजना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एडिनबर्ग में अपनी वार्षिक कॉन्फ्रेंस में अफ़गान शरणार्थी महिला क्रिकेटरों  के विकास के लिए एक योजना बनाई है। एक विशेष टास्कफोर्स को भी फिर से बनाया और उसे 2030 तक आईसीसी के क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेने के लिए अफ़गान रिफ्यूजी महिला टीम के लिए एक योजना बनाने की ज़िम्मेदारी दी।

ICC ने अपने  डायरेक्टर डॉ. रोस रिवाज़ और चीफ एग्जीक्यूटिव्स समिति की सदस्य सारा कीन को स्पेशल टास्क फोर्स में अपॉइंट करने को भी मंज़ूरी दी। वे टास्क फोर्स में इसके मौजूदा मेंबर्स (BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB) के साथ शामिल होंगे और प्रोग्राम की चल रही निगरानी में मदद करेंगे, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व और प्रतियोगी की ज़रूरतों को को संतुलित किया जा सके।

डॉ. रोस रिवाज़ ने कहा: “मुझे ICC Special task force में शामिल होकर और इस ज़रूरी पहल में योगदान देकर गर्व महसूस हो रहा है। टास्क फ़ोर्स को एक साफ़ और टिकाऊ रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है जो अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लगातार विकास में मदद करे, इसके लिए सही कोचिंग, सार्थक सोच-विचार वाले प्रोग्राम और मौकों के हिसाब से सही प्रोग्राम हों। आईसीसी क्रिकेट के ज़रिए मौके बढ़ाने के लिए कमिटेड है, और मैं अपने साथी टास्क फ़ोर्स मेंबर्स, मेंबर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ ताकि यह पक्का हो सके कि इसे मकसद, ईमानदारी और लंबे समय तक चलने वाली सस्टेनेबिलिटी के साथ दिया जाए।”

अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर नाहिदा सपन ने कहा: “इस प्रोग्राम ने हमारे लिए पहले ही बहुत बड़ा बदलाव किया है, न सिर्फ़ हमें क्रिकेट खेलते रहने में मदद करके, बल्कि हमें एक साथ आकर एक टीम के तौर पर खेलने में काबिल बनाकर। हमें दूसरे देशों के खिलाड़ियों जैसे ही अधिकार और मौके मिले हैं।”

अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर फ़िरोज़ा अफ़गान ने कहा: “पिछले एक साल में, एक ग्रुप के तौर पर एक साथ आने और भारत और इंग्लैंड का दौरा करने के मौकों ने हमें अपनी ज़िंदगी के कुछ सबसे यादगार अनुभव दिए हैं। हम इस दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं, और हम इस सफ़र में हर मौके का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।”

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और It's Game On के सह संस्थापक मेल जोन्स ने कहा: “इन शानदार महिलाओं को लगातार सपोर्ट, साथ ही 2030 तक आईसीसी क्वालिफ़िकेशन के रास्तों के लिए एक साफ़ रोडमैप, उनके और उनके भविष्य के लिए एक ज़रूरी कमिटमेंट दिखाता है। यह एक मज़बूत संदेश देता है कि प्रतिभा और पक्के इरादे वाले लोग दुनिया भर में मॉडल और मौके के हक़दार हैं, और यह देखना रोमांचक है कि एक ऐसा दीर्ध कालिक रास्ता जो डेवलपमेंट और मतलब वाले प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाता है, साथ ही उनके अनोखे सफ़र को पहचानता है। पिछले साल उन्होंने जो विकास किया है, वह बहुत बढ़िया रही है, और मैं यह देखने के लिए इंतज़ार नहीं कर सकता कि यह टीम 2030 तक क्या हासिल करती है।”

अभी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में मौजूद प्लेयर्स को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में जोड़ा जाता रहेगा, जो उन्हें ट्रेनिंग और खेलने के मौके देता है।इस योजना के तहत में कोचिंग के साथ-साथ उनके स्थानीय मैदान पर फ़िज़ियोथेरेपी तक की सुविधा दी जाएगी, साथ ही धीरे-धीरे गेम टाइम बढ़ाने की भी योजना है।

इसके अलावा, इस प्रोग्राम में खिलाड़ियों को एक ग्रुप के तौर पर ट्रेनिंग और मुकाबला करने के मौके मिलते रहेंगे, जैसा कि पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड के टूर में हुआ था। ऐसे सामूहिक खेलने के मौके भी धीरे-धीरे बनाए जाएंगे और 2030 तक ICC क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट्स के लिए उनके विकास में मदद करने के लिए योजनाबद्ध नज़रिए से चुनी गई टीमों के खिलाफ होंगे।

ऑस्ट्रेलिया की स्टार क्रिकेटर एश्ले गार्डनर विवादों में, पत्नी ने लगाया धोखा देने के आरोप!

ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान एश्ले गार्डनर इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। उनकी पत्नी मोनिका राइट ने सोशल मीडिया पर गार्डनर पर बेवफाई का आरोप लगाते हुए कई गंभीर दावे किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल में शादी के कुछ ही महीनों बाद वह अपनी पत्नी मोनिका राइट से अलग हो गईं। अब राइट की सार्वजनिक पोस्ट के बाद ये मामला फिर चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा कि दोनों की पहली मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी और 2024 में दोनों ने एक-दूसरे को प्रपोज करने के बाद शादी की थी।

शादी टूटने की खबरों के बीच मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब मोनिका राइट ने सार्वजनिक रूप से एश्ले गार्डनर पर बेवफाई का आरोप लगाया। राइट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर जॉर्जिया वोल की एक तस्वीर शेयर शेयर करते हुए लिखा, “यही वह महिला है, जिसके साथ मेरी पत्नी ने मुझे धोखा दिया…”

कब हुई थी शादी

एश्ले गार्डनर और उनकी लंबे समय की पार्टनर मोनिका राइट ने अप्रैल 2025 में शादी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के रिश्ते में तनाव शुरू हो गया। बताया जा रहा कि उस समय ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम वनडे विश्व कप के लिए भारत दौरे पर थी। डेली मेल ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया कि जब राइट भारत में गार्डनर से मिलने पहुंचीं, तभी उन्हें रिश्ते में कुछ गड़बड़ी का एहसास हुआ।

दोनों के बीच हुई बातचीत

अंदरूनी सूत्र ने बताया, “सब कुछ थोड़ा अजीब लग रहा था। ऐसा महसूस हो रहा था कि ऐश के साथ कुछ ठीक नहीं है, लेकिन हमें लगा कि शायद यह विश्व कप के दबाव की वजह से होगा।” रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद दोनों के बीच इस मामले पर बातचीत हुई। सूत्र के अनुसार, घर पहुंचने के बाद गार्डनर ने राइट से कहा, “क्या हम थोड़ी बात कर सकते हैं?” इसके बाद उन्होंने उन्हें बैठाकर अपने व्यवहार की वजह बताई। रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम से मोनिका राइट पूरी तरह टूट गईं और काफी परेशान थीं।

घर छोड़कर चली गई

दावा किया गया कि अलग होने से पहले दोनों परिवार बढ़ाने की योजना भी बना रहे थे। एक अंदरूनी सूत्र के हवाले से बताया गया, “दोनों फर्टिलिटी क्लिनिक जाने वाले थे। उनकी अपॉइंटमेंट भी तय थी, लेकिन मोनिका को उसे रद्द करना पड़ा।” रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि एश्ले गार्डनर बाद में उस घर को छोड़कर चली गईं, जहां दोनों साथ रहते थे। सूत्र के मुताबिक, “एक दिन ऐश घर छोड़कर चली गईं। जब मोनिका वापस आईं तो घर से ऐश का सारा सामान गायब था। सिर्फ उनकी शादी की अंगूठियां अलमारी में रखी थीं। वहां केवल अंगूठियों का डिब्बा बचा था।”

रिपोर्ट में आगे दावा किया गया कि जब एश्ले गार्डनर को महिला बिग बैश लीग (WBBL) में सिडनी सिक्सर्स का कप्तान बनाया गया, तब इस पूरे मामले की जानकारी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नेशनल सिलेक्शन पैनल (NSP) को भी दी गई थी।

लॉर्ड्स जीतने के बाद बेटियों ने दिल भी जीता, 2 इंग्लैंड की खिलाड़ियो को दी विदाई (Video)

270 रनों से लॉर्ड्स टेस्ट मैच को जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया लेकिन मैदान जीतने के बाद दिल भी जीत लिया। इंग्लैंड की दो महिला क्रिकेटरों टैमी ब्यूमोंट और हीथर नाइट ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच से पहले और मैच के दौरान संन्यास की घोषणा की थी। इन दो क्रिकेटरों को ड्रेसिंग रूम में बुलाकर भारतीय टीम ने विदाई समारोह रखा।

ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

वहीं इंग्लैंड महिला टीम की पूर्व कप्तान हीथर नाइट ने अपने करियर में 15 टेस्ट, 160 वनडे और 145 टी-20 मैच है। यह किसी भी दूसरी इंग्लैंड महिला क्रिकेटर के मुकाबले सबसे ज़्यादा मैच हैं। उन्होंने 2010 में इंग्लैंड के लिए पर्दापण किया था, जब वह 18 साल की उम्र में भारत दौरे के लिए चोटिल सारा टेलर की जगह टीम में आई थीं।

इन दोनों खिलाड़ियों के करियर का परिकथा अंत नहीं हो पाया क्योंकि भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट रिकॉर्ड 270 रनों से जीत लिया।यास्तिका भाटिया के शतक, दोनों पारियों में स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को सोमवार को 270 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत जीत से चार विकेट दूर था और स्नेह राणा ने अर्धशतक बना चुकीं एमी जोंस के रूप में भारत को दिन की पहली सफलता दिला दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने इसी वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया।

राणा ने एकलस्टन को 50 के निजी स्कोर पर बोल्ड करते हुए इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया और भारत ने यह मुक़ाबला 270 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। इंग्लैंड की ओर से इस मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन एकलस्टन ने किया जिन्होंने अर्धशतक लगाने के साथ ही गेंदबाज़ी में दूसरी पारी में पंजा हासिल किया।

भारत ने इंग्लैंड के सामने इस टेस्ट में जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 130 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए थे और जोंस अर्धशतक बनाकर खेल रही थीं। टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट अपने अंतररारष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेल रही थीं और दोनों को अंतिम पारी में गौड़ ने अपना शिकार बनाया।

वनडे में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ T-20I टीम उतारी, किए सिर्फ 2 बदलाव

ENGvsIND इंग्लैंड ने 4 टी-20 में भारत के खिलाफ जीत अर्जित करने वाली टीम को ही भारत के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच में उतार दिया है। टीम ने सिर्फ 2 बदलाव किए है। सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट की जगह बेन डकेट को टीम में शामिल किया गया है।

38 वर्षीय जॉस बटलर जिन्होंने अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक लगाया था वह टीम का हिस्सा है और कीपिंग भी करेंगे।आज वह अपना 200वां एकदिवसीय मुकाबला खेलेंगे। टीम ने जो दूसरा बदलाव किया है वह टॉम बैनटन को बाहर कर टेस्ट क्रिकेट के सफल बल्लेबाज जो रूट हैं। जो रुट मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।

इन दो बदलावों को छोड़कर पूरी टीम वैसी ही है जैसी पिछले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय में थी। टीम ने अभी तक किसी भी मुख्य तेज गेंदबाज (जोफ्रा आर्चर) या फिर मुख्य स्पिनर (आदिल रशीद) को आराम देने के बारे में नहीं सोचा है। अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शनिवार को खेला गया था और टीम को मंगलवार तक 2 दिन का आराम मिल गया है।

इसके इतर भारत की टीम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। श्रेयस अय्यर की जगह कप्तान शुभमन गिल होंगे। शीर्ष से लेकर मध्यक्रम बदला दिखेगा और मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव के दिखने की संभावना है।

Playing XI  इस प्रकार हैं:

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम कुरेन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल राशिद।