इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर पाई नंबर 1 रैंक

ENGvsIND जोस बटलर ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने भविष्य के सितारे की तरह बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरी कर ली।

बटलर के 64 गेंदों में 131 रन और ब्रुक के 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया। बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई।विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन तक ही पहुंच सकी।

इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं।इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही,। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था।

भारतीय टीम ने शुरुआत में ही अभिषेक शर्मा का विकेट गंवा दिया था लेकिन पॉवरप्ले में  वैभव सूर्यवंशी की जगह आए संजू सैमसन ने तेज शरुआत दिलाई। हालांकि वह भी पॉवरप्ले में आउट हो गए। 10 ओवर तक ईशान और श्रेयस के कारण भारतीय टीम 110 रन बनाकर मैच में थी लेकिन अगले 6 ओवर टीम जरूरी रन गति नहीं पा सकी और मैच एकतरफा हो गया। भारतीय टीम ने  201 रन बनाने में 9 विकेट गंवा दिए।  

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1.4 लाख की पार्टी में AC से टपका पानी…सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कस्टमर का पोस्ट

किसी भी पार्टी पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद लोग अच्छी व्यवस्था और बेहतरीन सर्विस की उम्मीद करते हैं। लेकिन गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट को लेकर किया पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक कस्टमर ने दावा किया कि करीब 1.4 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी उसे उम्मीद के मुताबिक सुविधा और सेवा नहीं मिली। उनका आरोप है कि पार्टी के दौरान कई एसी से पानी टपक रहा था, बार-बार बिजली जा रही थी, खाने की व्यवस्था में काफी देरी हुई। वहीं जरूरत पड़ने पर वेन्यू का जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं था। Reddit पर शेयर की गई उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

शेयर किया एक्सपीरिएंस

एक व्यक्ति ने अपना एक्सपीरिएंस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि गुरुग्राम के साइबर सिटी स्थित एक माइक्रोब्रुअरी और रेस्टोरेंट में 40 से ज्यादा लोगों के लिए आयोजित पार्टी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। Reddit पोस्ट के अनुसार, ग्रुप ने प्रति व्यक्ति 3,500 रुपये का “टिप्सी पैकेज” बुक किया था, जिससे पार्टी का कुल खर्च करीब 1.4 लाख रुपये पहुंच गया। इतना महंगा पैकेज लेने के बाद आयोजकों को उम्मीद थी कि वेन्यू पर सभी व्यवस्थाएं अच्छी होंगी, लेकिन उनका दावा है कि ऐसा नहीं हुआ।

एसी से टपक रहा था पानी

शुरुआती परेशानियों का जिक्र करते हुए कस्टमर ने लिखा, “पूरे इवेंट के दौरान AC वेंट्स से पानी टपकता रहा, जिससे फिसलने का खतरा बना हुआ था। AC ठीक से काम नहीं कर रहा था, इसलिए अंदर काफी गर्मी थी। इसके अलावा, तीन घंटे के इवेंट के दौरान करीब पांच बार बिजली भी चली गई।” कस्टमर के मुताबिक, परेशानियां सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं थीं। उनका आरोप है कि मेहमानों की संख्या पहले से तय होने के बावजूद वेन्यू प्रबंधन खाने की सर्विस को सही तरीके से संभाल नहीं पाया।

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सफाई की लिया एक्सट्रा चार्ज

यूजर ने लिखा, “उनके पास दाल मखनी जैसी डिश परोसने के लिए भी पर्याप्त कटोरे नहीं थे। सर्विस काफी धीमी थी। हर बार जब स्टार्टर खत्म हो जाते थे, तो दोबारा आने में 15 से 20 मिनट लग जाते थे। तब तक मेहमानों का इंतजार करते-करते मन ही हट जाता था। खाना भी सिर्फ औसत था। कीमत के हिसाब से उसमें कुछ भी खास या यादगार नहीं था।” कस्टमर ने बताया कि पार्टी के दौरान एक मेहमान की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद वेन्यू की ओर से उनसे अतिरिक्त सफाई शुल्क लिया गया। उनके मुताबिक, अगर सफाई के लिए अलग से शुल्क लेना था, तो इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी, ताकि बाद में किसी तरह की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।

कस्टमर का कहा कि, जब पार्टी के दौरान लगातार परेशानियां बढ़ने लगीं, तो उन्होंने बुकिंग संभाल रहे जिम्मेदार व्यक्ति से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कस्टमर ने लिखा, “मैं आमतौर पर नेगेटिव रिव्यू नहीं लिखता, लेकिन जब आप एक ही इवेंट पर 1.4 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं, तो कम से कम अच्छी सर्विस और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद जरूर करते हैं।”

यूजर्स ने किए कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद Reddit पर कई यूजर्स ने अपनी राय दी। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें भी इस जगह पर इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस जगह की क्वालिटी काफी बदल गई है। एक यूज़र ने लिखा, “भाई, वहां का AC अप्रैल से ही खराब है। वह जगह बेकार, घुटन वाली और क्लॉस्ट्रोफोबिक लगती है।” एक अन्य यूजर ने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वह कॉर्पोरेट इवेंट था, कोई पर्सनल पार्टी नहीं। हमने 2017 में करीब 50 लोगों का एक इवेंट वहां किया था और उस समय सब कुछ बहुत अच्छा था। लाइव म्यूजिक, बढ़िया माहौल और अच्छी सर्विस मिली थी। लेकिन कुछ महीनों बाद जब मैं दोस्तों के साथ दोबारा गया, तो पूरा अनुभव बिल्कुल अलग और निराशाजनक था। मुझे नहीं पता कि आखिर ऐसा क्या बदल गया।”

IND vs ENG: टीम इंडिया में बदलाव करने की जरूरत…टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार 11 जुलाई को खेला जाएगा। वहीं इंग्लैंड की टीम 3-0 से पहले ही इस सीरीज को जीत चुकी है। वहीं आखिरी मुकाबले से पहले भारतीय टीम के प्लेइंग 11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस मुकाबले में सबकी नजरें उपकप्तान तिलक वर्मा पर है। इस दौरे पर अब तक तिलक वर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैच में 55 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद खेले गए पांच मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 70 रन ही निकले। ऐसे में अंतिम टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के गेंदबाज तिलक वर्मा की कमजोरियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तिलक इस दौरे पर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं, जिसके चलते उनकी टीम में जगह और उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी पहले ऐसा ही हुआ था और बाद में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिलक वर्मा को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा और वह जल्द ही अच्छी बल्लेबाजी कर वापसी करेंगे।

पार्थिव ने क्या कहा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने JioStar के ‘गूगलीज’ पर कहा, “मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि हमें कोई और वाइस-कैप्टन ड्रॉप होते हुए न दिखे। हमारे पास जिस तरह का बैटिंग लाइन-अप है, वह लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। अगर आपके टॉप सात बैटर में से छह लेफ्ट-हैंडर हैं, तो वह बैटिंग ऑर्डर काम नहीं करेगा। कहीं न कहीं बदलाव तो करने ही होंगे। अब, कौन टीम में आता है और किस राइट-हैंडर को सपोर्ट मिलता है, मुझे नहीं पता। इसलिए तिलक वर्मा को रन बनाने की जरूरत है।”

खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये समस्या सिर्फ पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला और जूनियर टीमों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला और चौंकाने वाला था। खराब क्रिकेट खेलने के बाद आप आयरलैंड को हराने की उम्मीद नहीं कर सकते। पिछले दो से ढाई साल में भारतीय क्रिकेट की सबसे चिंताजनक बात फील्डिंग रही है, चाहे पुरुष टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर क्रिकेट।”

उन्होंने आगे कहा, “आयरलैंड सीरीज में भी, अगर पहले मैच में दो या तीन कैच पकड़ लिए गए होते, तो वे 180 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाते। दूसरे मैच में भी यही हुआ। यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है क्योंकि टीम अहम मौकों पर कैच छोड़ रही है।”

Gurugram-Rewari highway: गुरुग्राम से रेवाड़ी के लिए खुल रहा है नया चमचमाता एक्सप्रेसवे, इसी महीने शुरू होगा पहला फेज! इन इलाकों की बदलेगी किस्मत

Gurugram-Rewari highway: हरियाणा और एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही शुरू होने वाला 46 किलोमीटर लंबा गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और आसान बना देगा। हाईवे के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी का सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा इस परियोजना से क्षेत्र में रियल एस्टेट, उद्योग और निवेश को भी नई रफ्तार देने की उम्मीद है।

जानकारों का कहना है कि गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे से सिर्फ़ सफर का समय ही कम नहीं होगा। बल्कि और भी कई फायदे होंगे। इस नई सड़क से प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने, बिजनेस को बढ़ावा मिलने और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के दक्षिणी हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

दो चरणों में खुलेगा हाईवे

पहला चरण: 10 किलोमीटर का हिस्सा जुलाई 2026 में चालू होने की संभावना है।

दूसरा चरण: शेष मार्ग सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

पहला चरण शुरू होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP एक्सप्रेसवे तक का सफर, जो अभी पीक ट्रैफिक में करीब 45 मिनट लेता है, घटकर 10 मिनट से भी कम रह जाएगा।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नया हाईवे सेक्टर-88B (द्वारका एक्सप्रेसवे) से शुरू होकर कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे इन प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी:-

द्वारका एक्सप्रेसवे

न्यू गुरुग्राम

मानेसर

IMT मानेसर

रेवाड़ी

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

यह हाईवे मौजूदा सड़कों का विकल्प बनेगा, जिससे मानेसर और गुरुग्राम के केंद्रीय हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले लोगों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी काफी राहत मिलेगी।

रेवाड़ी बनेगा नया निवेश और औद्योगिक हब

बेहतर सड़क संपर्क के बाद रेवाड़ी में उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। आसान परिवहन व्यवस्था के कारण कंपनियों का निवेश बढ़ सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

रियल एस्टेट को मिलेगा बूस्ट

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे के किनारे स्थित इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। गुरुग्राम के बिजनेस हब तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलने से इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भी उछाल आने की संभावना है।

RRTS से भी जुड़ेगा हाईवे

यह परियोजना दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) से भी जुड़ेगी। इससे एनसीआर और हरियाणा के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा रेवाड़ी को एक उभरते हुए ग्रोथ सेंटर के रूप में नई पहचान मिलेगी।

बेहतर कनेक्टिविटी

यह हाईवे द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर 88B के पास से शुरू होगा और सीधे केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे न्यू गुरुग्राम, मानेसर और आईएमटी (IMT) मानेसर जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा, यह दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) सहित बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से भी जुड़ेगा।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास

बेहतर रोड कनेक्टिविटी से रेवाड़ी के एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में बदलने की उम्मीद है। इससे माल की आवाजाही आसान होगी, जिससे यह क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, गोदामों (warehouses) और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए अधिक आकर्षक बन जाएगा।

रियल एस्टेट में उछाल

रियल एस्टेट सलाहकारों को उम्मीद है कि इस कॉरिडोर के साथ आने वाले आवासीय (residential) और वाणिज्यिक (commercial) प्रोजेक्ट्स की मांग बढ़ेगी, क्योंकि गुरुग्राम के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स तक आना-जाना तेज और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

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वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर

ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे।

धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प  को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान  और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ।

सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है।

इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए।

बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है।

मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं।

ENGvsIND

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स।

समय: शाम सात बजे।

WHO की डरावनी रिपोर्ट : दुनिया की 92% आबादी पर कैंसर का खतरा, जानें पुरुषों-महिलाओं में कौन सा कैंसर है सबसे आम

क्या आप और आपका परिवार कैंसर की ज़द में हैं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की लेटेस्ट रिपोर्ट कहती है कि दुनिया की 92% आबादी सीधे या परोक्ष रूप से कैंसर से प्रभावित होने वाली है। यानी या तो आप खुद, या आपके परिवार का कोई बेहद करीबी सदस्य इस जानलेवा बीमारी का शिकार बनेगा। जानिए डब्ल्यूएचओ ने इस वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल पर क्या चेताया है।”

'डाउन टू अर्थ' की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कैंसर को लेकर अब तक की सबसे भयानक चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक तेज़ी से बढ़ता हुआ सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक संकट बन चुका है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी अपने जीवनकाल में किसी न किसी रूप में कैंसर के प्रभाव में आएगी।

1. हर 5 में से 1 व्यक्ति को कैंसर : क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़े बेहद डरावने हैं। दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कैंसर की चपेट में आ रहा है।

WHO Cancer Report 2026

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2. पुरुषों और महिलाओं में सबसे आम कैंसर कौन से हैं?

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जेंडर के आधार पर कौन से कैंसर सबसे ज्यादा पैर पसार रहे हैं:

WHO Cancer Report 2026

नोट: बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर (Colorectal Cancer) पुरुषों और महिलाओं दोनों में तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर बन चुका है। इसके अलावा, बच्चों में भी यह बोझ बढ़ रहा है, जहां हर साल 19 वर्ष तक के लगभग 4 लाख बच्चे और किशोर इसका शिकार हो रहे हैं।

3. मासूमों पर दोहरी मार : लाखों बच्चे हो रहे अनाथ

कैंसर सिर्फ जान नहीं लेता, बल्कि हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है।

WHO Cancer Report 2026

  • वर्ष 2020 के आंकड़ों के अनुसार, माता या पिता की कैंसर से मृत्यु के कारण दुनिया भर में लगभग 24.5 लाख बच्चे अनाथ हो गए।
  • स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer) के कारण सबसे ज्यादा माताओं की मौत हुई।
  • चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे अनाथ होने वाले बच्चों के 40% मामले अकेले भारत, चीन, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, इथियोपिया और पाकिस्तान से आते हैं।

4. जेब पर वार : परिवारों को कंगाल बना रहा है इलाज

कैंसर का मानसिक और आर्थिक असर किसी भी परिवार को तोड़कर रख देता है। डब्ल्यूएचओ के सर्वेक्षण में सामने आया कि: 

  • 45% से अधिक लोगों को इलाज के कारण भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।
  • महंगे इलाज, दवाओं के खर्च और अस्पताल के चक्करों के कारण लाखों परिवार गरीबी रेखा के नीचे चले जाते हैं।
  • आधे से अधिक मरीजों और उनके तीमारदारों (Caregivers) ने गंभीर मानसिक तनाव, डिप्रेशन और सामाजिक अलगाव की बात स्वीकार की।

5. अमीर और गरीब देशों के बीच 'इलाज की खाई'

रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात इलाज में मौजूद असमानता को लेकर कही गई है। दुनिया की 47% आबादी के पास आज भी कैंसर की बुनियादी जांच सुविधाएं नहीं हैं

यदि आप किसी अमीर देश में पैदा हुए हैं, तो आपके बचने की संभावना बहुत ज्यादा है, जबकि गरीब देशों में यह किस्मत के भरोसे है:

WHO Cancer Report 2026

2050 का भविष्य: 133% तक बढ़ सकते हैं मामले

डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में हर साल कैंसर के नए मामलों की संख्या 66.7% बढ़कर 3.5 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इसका सबसे बुरा असर निम्न और मध्यम आय वाले देशों (जिसमें भारत भी शामिल है) पर पड़ेगा, जहां मामलों में 133% की वृद्धि देखी जा सकती है। इसके पीछे बढ़ती आबादी, बदलती जीवनशैली और प्रदूषण जैसे कारक जिम्मेदार हैं।

आगे की राह क्या है?

बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है! डब्ल्यूएचओ का स्पष्ट कहना है कि कैंसर से लड़ाई केवल महंगी दवाओं या रोबोटिक सर्जरी से नहीं जीती जा सकती। सरकार को हर नागरिक तक सस्ती और समय पर जांच (Early Detection) की सुविधा पहुंचानी होगी।

व्यक्तिगत स्तर पर सलाह : कैंसर के 40% मामलों को सिर्फ सही खान-पान, एक्सरसाइज, तंबाकू-सिगरेट से दूरी और समय पर स्क्रीनिंग (जैसे 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं के लिए पैप स्मीयर और मैमोग्राफी) के ज़रिए रोका जा सकता है।

इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस

आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’

अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’

एक्सपीरियंस बन जायेगा लाइफ टाइम, बेस्ट 8 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन सोलो ट्रैवलर के लिए जो है सबसे सेफ और शानदार!

अकेले सफर करने का एक्सपीरियंस लाइफ के सबसे खास पलों में से एक हो सकता है, जहां आप अपनी पसंद से नई जगहों, संस्कृतियों और लोगों को पास से जान सकते हैं। 2026 में सोलो ट्रैवल का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। आइए जानते हैं अकेले घूमने वालों के लिए दुनिया की 8 सबसे शानदार जगहों के बारे में:

1. ऑस्ट्रेलिया — शहरों और नेचुरल ब्यूटी का शानदार ब्लेंड

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ऑस्ट्रेलिया सोलो ट्रैवलर्स के लिए एक ऐसा देश है जहां मॉडर्न शहरों के साथ नेचुरल डेस्टिनेशन का भी जा लिया जा सकता है। Sydney में सबसे पहले सिडनी ओपेरा हाउस, सिडनी हार्बर ब्रिज और बॉन्डी बीच घूमकर शहर की खूबसूरती का आनंद लें। इसके बाद Great Barrier Reef में स्नॉर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग के जरिए रंग-बिरंगी कोरल रीफ और समुद्री जीवों को करीब से देखें। समय हो तो ब्लू माउंटेंस नेशनल पार्क की हरियाली, ट्रैकिंग रूट और शानदार व्यू पॉइंट्स का भी आनंद लिया जा सकता है। पहली बार अकेले फॉरेन ट्रैवल करने वालों के लिए भी ऑस्ट्रेलिया सुविधाजनक और यादगार एक्सपीरियंस दे सकता है।

 

2. कनाडा — नेचर और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए शानदार

Exhilarating Winter Adventures Await in Beautiful Whistler, British Columbia | Condé Nast Traveler

कनाडा अपनी नेचुरल ब्यूटी, सेफ माहौल और खुले वातावरण के लिए जाना जाता है। सोलो ट्रैवल करने वाले लोग यहां खूबसूरत झीलों, जंगलों, पहाड़ों और मॉडर्न सिटी का एक्सपीरियंस ले सकते हैं। Vancouver में सबसे पहले स्टेनली पार्क, गैस्टाउन की ऐतिहासिक गलियां और ग्रैनविल आइलैंड मार्केट घूम सकते हैं। इसके बाद Toronto में सीएन टॉवर, डिस्टिलरी डिस्ट्रिक्ट, हार्बरफ्रंट और केंसिंग्टन मार्केट जैसी जगहों का मजा लें। ट्रिप में Banff National Park पहुंचकर लेक लुईस, मोरेन लेक, पहाड़ों के शानदार नजारे, ट्रेकिंग रूट और वन्यजीवों को करीब से देखने का यादगार एक्सपीरियंस ले सकते हैं। शांत वातावरण और दोस्ताना लोगों के कारण कनाडा पहली बार सोलो ट्रैवल करने वालों के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

3. आइसलैंड — नेचुरल अजूबों से भरी अनोखी जगह 

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आइसलैंड अपनी यूनिक नेचुरल ब्यूटी के कारण सोलो ट्रैवलर्स के बीच पॉपुलर है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, झरने, ज्वालामुखी और नॉर्दर्न लाइट्स जैसे अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। Iceland की ट्रिप में सबसे पहले राजधानी Reykjavík की रंग-बिरंगी सड़कों और लोकल कैफे का आनंद लें। इसके बाद ब्लू लैगून में नेचुरल गर्म पानी का एक्सपीरियंस करें, फिर गोल्डन सर्कल रूट पर गुलफॉस वॉटरफॉल, थिंगवेलिर नेशनल पार्क और गीजर एरिया देखें। सोलो ट्रैवलर यहां रोड ट्रिप, नेचर फोटोग्राफी और शांत वातावरण का मजा ले सकते हैं। यह जगह उन लोगों के लिए अच्छी है जो भीड़ से दूर नेचुरल एक्सपीरियंस चाहते हैं।

 

 

 

4. न्यूजीलैंड — नेचर और रोमांच पसंद करने वालों के लिए

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न्यूजीलैंड उन लोगों के लिए बेहतरीन जगह है जो नेचुरल ब्यूटी और एडवेंचर पसंद करते हैं। यहां ऊंचे पहाड़, शांत झीलें, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत लैंडस्केप देखने को मिलते हैं। Queenstown में सबसे पहले लेक वाकाटिपु के किनारे सैर करें, स्काईलाइन गोंडोला की सवारी करें और शहर के खूबसूरत कैफे व बाजारों का आनंद लें। इसके बाद रोड ट्रिप करते हुए Milford Sound पहुंचें, जहां ऊंचे पहाड़, झरने और फियोर्ड के बीच क्रूज़ की सैर यादगार एक्सपीरियंस देती है। रास्ते में होमर टनल, मिरर लेक्स और द चास्म जैसी नेचुरल जगहों पर रुककर न्यूजीलैंड की शानदार खूबसूरती को करीब से देखा जा सकता है। सोलो ट्रैवलर्स यहां ट्रेकिंग, रोड ट्रिप, एडवेंचर स्पोर्ट्स और फोटोग्राफी का मजा ले सकते हैं। शांत जगह खुद के साथ समय बिताने के लिए भी परफेक्ट है।

 

5. इटली — हिस्ट्री, आर्ट और टेस्टी खाने की दुनिया

12 Iconic Buildings in Italy You Must Visit | Ultimate Travel Guide | OneVasco Blog

इटली उन ट्रैवलर के लिए खास है जो इतिहास, संस्कृति और खाने के शौकीन हैं। यहां की पुरानी इमारते, आर्ट म्यूजियम और खूबसूरत शहर हर ट्रैवलर को अट्रैक्ट करते हैं। Rome में सबसे पहले कोलोसियम, रोमन फोरम और ट्रेवी फाउंटेन जैसी ऐतिहासिक जगहों की सैर करें। इसके बाद Florence में पियाज़ा डेला सिग्नोरिया, उफीजी गैलरी, पोंटे वेक्कियो पुल और पुराने बाजारों की खूबसूरती का मजा लें। सेंट मार्क स्क्वायर घूमें और संकरी नहरों व रंग-बिरंगी गलियों में घूमे, सोलो ट्रैवल करने वाले लोग पुराने शहरों की गलियों में घूम सकते हैं, लोकल फूड का आनंद ले सकते हैं और पॉपुलर आर्ट डेस्टिनेशन को देख सकते हैं। इटली की हर जगह अपनी एक अलग कहानी बताती है।

 

6. स्विट्जरलैंड — खूबसूरत पहाड़ों और शांत सफर का एक्सपीरियंस

स्विट्जरलैंड में झीलों, चोटियों और रेल के नज़ारों के लिए सबसे अच्छी जगहें

 

स्विट्जरलैंड सोलो ट्रैवल करने वालों के लिए एक सपनों जैसी जगह है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत झीलें, हरे-भरे मैदान और छोटे-छोटे गांव एक अलग ही एक्सपीरियंस देते हैं। Zurich, Lucerne और Interlaken जैसी जगहें सोलो ट्रैवलर्स के बीच काफी पॉपुलर हैं। यहां ट्रेन से सफर करना आसान है और अकेले घूमने वाले लोग नेचर, एडवेंचर स्पोर्ट्स और शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं। स्विट्जरलैंड खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो फोटोग्राफी, पहाड़ों और लग्जरी ट्रैवल का एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं।

7.  पुर्तगाल — खूबसूरत शहरों और शांत माहौल का एक्सपीरियंस

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पुर्तगाल यूरोप में सोलो ट्रैवलर्स के लिए एक शानदार डेस्टिनेशन माना जाता है। यहां के खूबसूरत समुद्र तट, ऐतिहासिक इमारतें और दोस्ताना लोग ट्रिप को यादगार बना देते हैं। Lisbon और Porto अपनी खूबसूरत सड़कों, रंगीन इमारतों और पुराने बाजारों के लिए पॉपुलर हैं। लिस्बन की संकरी पत्थरों वाली गलियां, पीली ट्राम, लोकल कैफे और Time Out Market Lisboa जैसे बाजार यहां की रौनक बढ़ाते हैं। वहीं पोर्टो की नदी किनारे की सड़कें, ट्रेडिशनल दुकानें, स्ट्रीट फूड और पुराने इलाकों की खूबसूरती सोलो ट्रैवलर्स को खास एक्सपीरियंस देती है। अकेले घूमने वाले लोग यहां पैदल शहर एक्सप्लोर कर सकते हैं, लोकल कैफे में समय बिता सकते हैं और समुद्र किनारे खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकते हैं। यह जगह उन लोगों के लिए अच्छी है जो कम भीड़ और आरामदायक ट्रैवल पसंद करते हैं।

 

8. जापान — सेफ्टी और कल्चरल से भरपूर सोलो ट्रैवल डेस्टिनेशन 

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जापान अकेले घूमने वालों के लिए दुनिया की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां की सेफ्टी, साफ-सफाई और बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम सोलो ट्रैवल को आसान बनाते हैं। Tokyo में शिबुया क्रॉसिंग, सेंसो-जी मंदिर और टोक्यो स्काईट्री जैसी मशहूर जगहों पर घूम सकते हैं। Kyoto में फुशिमी इनारी मंदिर, किंकाकु-जी और अराशियामा बांस का जंगल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए पॉपुलर हैं। वहीं Osaka में दोतोनबोरी स्ट्रीट, ओसाका कैसल और कुरोमोन इचिबा मार्केट घूमकर लोकल स्ट्रीट फूड, शॉपिंग और शहर की रौनक का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। सोलो ट्रैवल करने वाले लोग यहां मंदिरों की सैर, लोकल मार्केट में घूमना, जापानी खाना ट्राई करना और ऑनसेन (हॉट स्प्रिंग) का आनंद ले सकते हैं। जापान की खास बात यह है कि यहां सोलो डाइनिंग और अकेले रहने के लिए कई सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं।

 

2026 में सोलो ट्रैवल करते समय ध्यान रखने वाली बातें

Solo travel इमेज - Magnific पर मुफ्त डाउनलोड (पहले Freepik)।

सोलो ट्रैवल करते समय सेफ्टी और प्लानिंग सबसे जरूरी होती है। ट्रैवल से पहले वीजा, मौसम, रहने की जगह और लोकल रेगुलेशन की जानकारी जरूर लें। अपने जरूरी डॉक्यूमेंट की कॉपी रखें, बजट की सही प्लानिंग बनाएं और लोकल कल्चर का सम्मान करें। अच्छी तैयारी के साथ सोलो ट्रैवल जीवन का एक यादगार एक्सपीरियंस बन सकता है।

लॉर्ड्स में होने वाला है एतिहासिक भारत इंग्लैंड टेस्ट मैच, क्या बोले कोच

ENGvsIND इंग्लैंड के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में भारत बनाम इंग्लैंड की महिला टीम दो दो हाथ करने वाली है। लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम लाल गेंद का क्रिकेट खेलेगी। महिला विश्वकप के बीच और भारत  पुरुष इंग्लैंड दौरे और आयरलैंड दौरे की सुर्खियों के बीच यह टेस्ट दब सा गया था लेकिन इस टेस्ट के लिए भी लगभग 30 हजार लोगों ने टिकट खरीद रखा है।

भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले ऐतिहासिक चार-दिवसीय मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा। मेहमान टीम वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नई शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया से उपविजेता रहने के बाद इस टेस्ट मैच में उतरेगी।

मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि लॉर्ड्स में पहले कभी महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया। उन्होंने इस मौके को एक ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “बिल्कुल, मेरा मतलब है, लेकिन यह बात मुझे हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला टेस्ट मैच है। फिर भी, हम बहुत भाग्यशाली हैं और मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो इसमें शामिल हैं। यह एक शानदार मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा कि लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलना किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है और उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही ड्रेसिंग रूम में इस मैच के बारे में बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा, “किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलने की तो बात ही अलग है। मुझे यकीन है कि जो भी खिलाड़ी सफ़ेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेगा, उसे इस बात पर गर्व होगा। हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही बात कही है कि हमने पारंपरिक रूप से टेस्ट मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच की बात कर रहे थे, अब वह समय आ गया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे इसे लेकर उत्साहित होंगे।”

भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने पिछला चार दिन का मैच चार महीने पहले खेला था – वाका में पिंक-बॉल टेस्ट, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, उन्होंने 2025 में कोई टेस्ट नहीं खेला था; उनका पिछला टेस्ट 2024 में था, जब उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लैंड ने भी हाल के समय में बहुत कम रेड-बॉल क्रिकेट खेला है; उनका पिछला टेस्ट जनवरी 2025 में था, जब उन्हें एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पारी से हार का सामना करना पड़ा था।

Alpha box office collection day 6: आलिया भट्ट – शरवरी स्टारर की धीमी हुई रफ्तार, 50 करोड़ का आंकड़ा पार करने में फूल रहीं सांसें

Alpha box office collection day 6: YRF की नई स्पाई थ्रिलर ‘ऐल्फा’ की किस्मत हर गुजरते दिन के साथ बदलती हुई लग रही है। फिल्म की शुरुआत अच्छी रही और ओपनिंग वीकेंड में इसने ठीक-ठाक कमाई की, लेकिन सोमवार को निराशाजनक प्रदर्शन किया। मंगलवार को इसमें चौंकाने वाली बढ़त देखी गई, जिससे उम्मीदें फिर जगीं, लेकिन बुधवार को यह फिर से लड़खड़ा गई। टिकट खिड़की पर इसका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। नतीजतन, आलिया भट्ट और शरवरी की यह फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अभी तक 50 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर पाई है।

YRF स्पाईवर्स की पहली महिला-प्रधान स्पाई फ़िल्म की ओपनिंग वीकेंड जबरदस्त रही और इसने भारत में 34 करोड़ नेट की कमाई की। इसके बाद ‘ऐल्फा’ बॉक्स ऑफिस पर सोमवार का टेस्ट पास नहीं कर पाई। घरेलू कमाई में 70% की गिरावट आई और इसने भारत में सिर्फ ₹3.85 करोड़ नेट कमाए। मंगलवार को फिल्म की कमाई में 10% का उछाल आया।

इससे कई लोगों को उम्मीद जगी कि फ़िल्म भारत में लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करेगी। हालांकि, बुधवार को असलियत सामने आ गई और फिल्म की कमाई में 30% की गिरावट दर्ज की गई। ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, ‘ऐल्फा’ ने बुधवार को भारत में सिर्फ ₹2.85 करोड़ नेट कमाए, जिससे इसकी छह दिनों की घरेलू कमाई ₹44 करोड़ नेट से थोड़ी ज़्यादा हो गई।

यह फिल्म अब ‘राज़ी’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ दोनों से पीछे रह गई है। ये दोनों फ़िल्में ‘ऐल्फा’ की कमाई के लिए बेंचमार्क मानी जा रही थीं। ऐसा नहीं लगता कि फ़िल्म अपने पहले हफ्ते के अंत तक ₹50 करोड़ का आंकड़ा पार कर पाएगी। ट्रेड जानकारों के मुताबिक, फ़िल्म को अपनी लागत निकालने (ब्रेक-ईवन) के लिए ही घरेलू स्तर पर ₹100 करोड़ नेट और दुनिया भर में ₹150 करोड़ ग्रॉस की कमाई करनी होगी। अगर ‘ऐल्फा’ को मुनाफा कमाना है, तो उसे अपने दूसरे वीकेंड में ज़बरदस्त उछाल दिखाना होगा। हालांकि, इस हफ्ते मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ के रिलीज होने की वजह से ऐसा होने की संभावना कम ही है। अजय देवगन की यह फिल्म ‘अल्फा’ के कई शो छीन लेगी, जिससे फिल्म के आगे बढ़ने की गुंजाइश बहुत कम रह जाएगी।

YRF स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा, ‘ऐल्फा’ को उदय चोपड़ा ने लिखा है और शिव रवैल ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म में बॉबी देओल और अनिल कपूर भी अहम किरदारों में हैं। इसमें ऋतिक रोशन का कैमियो भी है, जिसमें वे ‘वॉर’ फिल्मों वाले अपने किरदार में नजर आएंगे। फिल्म को मिले-जुले से लेकर नेगेटिव रिव्यू मिले। ज़्यादातर क्रिटिक्स ने फिल्म की कमजोर कहानी और मुख्य किरदारों को करने के लिए ज़्यादा कुछ न दिए जाने की आलोचना की। औसत रिव्यू का असर लोगों के बीच फ़िल्म की चर्चा पर पड़ा, जिससे पहले वीकेंड के बाद फ़िल्म की रफ़्तार धीमी पड़ गई।