बार-बार KYC कराने से मिलेगा छुटकारा, ऐसे जानें अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या, बैंक का काम होगा आसान

bank kyc

अगर आप हर बार नया बैंक खाता खोलने या किसी वित्तीय संस्था में निवेश करते समय बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। सेंट्रल KYC (CKYC) की मदद से यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से अपनी 14 अंकों की CKYC संख्या जानने और उसका उपयोग करने की अपील की है।

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क्या है CKYC नंबर?

CKYC (Central Know Your Customer) नंबर 14 अंकों की एक यूनिक पहचान संख्या होती है। यह आपकी KYC जानकारी से जुड़ी होती है, जो Central KYC Records Registry (CKYCR) में सुरक्षित रहती है। जब आपका CKYC नंबर उपलब्ध होता है, तो बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान आपकी पहले से दर्ज KYC जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे हर बार आधार, पैन या अन्य दस्तावेज़ दोबारा जमा करने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाती है।

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कैसे पता करें अपना CKYC नंबर?

 

आप अपनी CKYC संख्या इन आसान तरीकों से प्राप्त कर सकते हैं—

 

  • अपने बैंक या वित्तीय संस्थान से संपर्क करें।
  • 7799022129 पर मिस्ड कॉल दें।
  • CKYC पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
  • CKYC के क्या हैं फायदे?
  • बार-बार KYC दस्तावेज़ जमा करने की जरूरत कम होती है।
  • बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया आसान और तेज़ होती है।
  • विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्थानों में KYC प्रक्रिया सरल बनती है।
  • समय और दस्तावेज़ों की दोबारा जांच की परेशानी कम होती है।

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RBI ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी CKYC संख्या की जानकारी रखें और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाएं। साथ ही, वित्तीय लेनदेन के दौरान हमेशा सतर्क रहने और जागरूक रहने की सलाह भी दी है।

कच्छ सीमा पर BSF का बड़ा एक्शन, क्रीक इलाके से पाकिस्तानी नाव जब्त, सर्च ऑपरेशन शुरू

BSF action in Kuch

Pakistani Boat Seized Kutch: कच्छ के सीमावर्ती क्रीक इलाके से एक बार फिर लावारिस पाकिस्तानी नाव पकड़े जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नियमित गश्त कर रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने इस संदिग्ध नाव को जब्त किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रविरोधी तत्वों की किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए बरती जा रही निरंतर सतर्कता और कड़ी निगरानी के कारण सुरक्षा बलों को यह सफलता मिली है।

गश्त के दौरान नजर में आई नाव

मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, BSF के जवान जब सीमावर्ती क्रीक क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें भारतीय जलक्षेत्र में एक पाकिस्तानी फिशिंग बोट लावारिस हालत में तैरती हुई दिखाई दी। जवानों ने बिना किसी देरी के तत्काल ऑपरेशन चलाकर नाव को अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अन्य सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है और संयुक्त जांच शुरू कर दी गई है।

नाव में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं, एजेंसियां अलर्ट

पाकिस्तानी नाव को कब्जे में लेने के बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इसकी गहनता से जांच की गई। प्राथमिक सर्च ऑपरेशन के दौरान नाव से फिलहाल कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु अथवा हथियार बरामद नहीं हुआ है। इसके बावजूद, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां हर पहलू को गंभीरता से जांच रही हैं और यह नाव किस विशेष उद्देश्य से या किन परिस्थितियों में भारतीय जलसीमा की ओर आई थी, इसकी गहन जांच की जा रही है।

सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य

कच्छ का क्रीक और हरामीनाला क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल नजदीक होने के कारण रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इसीलिए BSF द्वारा यहां आधुनिक उपकरणों की मदद से चौबीसों घंटे सघन गश्त की जाती है। फिलहाल नाव से कोई संदिग्ध सामग्री न मिलने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन भविष्य में घुसपैठ की किसी भी आशंका या प्रयास को नाकाम करने के लिए पूरे क्रीक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बना दिया गया है।

20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, क्या बोले पवन खेड़ा?

sonam wangchuk hunger strike

NEET परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन भी जारी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। धीरे धीरे राजनीतिक पार्टियां सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, राज ठाकरे समेत कई राजनीतिक दिग्गज सोनम वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं। ALSO READ: 'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील

 

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं। हमारा सामना एक बेहद असंवेदनशील सरकार से है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती। ऐसी सरकार के सामने विरोध के तरीकों में बदलाव लाना होगा। इस सरकार के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।

 

कांग्रेस नेता ने कहा कि हम छात्रों की गूंज के नाम से एक अभियान चला रहे हैं। हमारे लोग सक्रिय रूप से सड़क, कैम्पस, हर जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हम सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे बल्कि परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी कर रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, किसी भी स्थिति में देश के इस अनमोल रत्न को खो नहीं सकते है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य को भी अधर में नहीं छोड़ सकते हैं। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

 

क्या बोले राज ठाकरे?

पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोनम वांगचुक को लेकर एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने शायद देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है। राज ठाकरे ने कहा कि यदि यह सरकार अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दौरान मूक दर्शक बनी रह सकती है, तो नागरिकों के विरोध प्रदर्शन का उस पर आखिर क्या असर हो सकता है।

 

ठाकरे ने कहा कि वांगचुक के स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट और टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरें निश्चित रूप से चिंताजनक हैं। यह कहना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को कुर्बान करने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही शायद देश में विरोध प्रदर्शन के लिए मौजूद लोकतांत्रिक अधिकार को भी समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। 

केजरीवाल ने की वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।

Arjun Bijlani: ‘हर दोस्ती को रोमांटिक एंगल देने की जरूरत नहीं होती’, मौनी रॉय को डेट करने की खबरों पर फूटा अर्जुन बिजलानी का गुस्सा

Arjun Bijlani: हाल ही में अर्जुन बिजलानी और मौनी रॉय का डिनर के बाद एक साथ बाहर निकलते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। एक पैपराजी पेज ने एक ऐसे कैप्शन के साथ डेटिंग की अफवाहों को हवा दी जिससे लोगों को शक हुआ। जैसे ही ऑनलाइन ये अटकलें तेजी से फैलीं, अर्जुन ने अपनी चुप्पी तोड़ी और इन दावों को साफ तौर पर खारिज कर दिया। इन अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए, एक्टर ने सच्ची दोस्ती को व्यूज पाने के लिए ‘क्लिकबेट’ में बदलने के बढ़ते चलन की भी आलोचना की।

अफवाहें फैलने के बाद अर्जुन चुप नहीं रहे। गॉसिप पेजों पर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाते हुए एक्टर ने कहा कि सिर्फ एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए सालों पुरानी दोस्ती को रोमांटिक कहानी में बदलते देखना निराशाजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुश्किल समय में किसी दोस्त का साथ देने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि लोग अटकलें लगाने लगें।

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उन्होंने लिखा, “प्रिय क्लिकबेट पेजों, दो लोग जिनकी दोस्ती 15 साल से ज्यादा पुरानी है, वे अचानक कपल नहीं बन जाते, सिर्फ इसलिए कि किसी गॉसिप पेज को हेडलाइन चाहिए। कभी-कभी लोग बस एक-दूसरे का साथ देते हैं, खासकर तब जब कोई दोस्त मुश्किल दौर से गुजर रहा हो। हर दोस्ती में व्यूज के लिए रोमांटिक एंगल की ज़रूरत नहीं होती। कुछ भी पब्लिश करने से पहले थोड़ी सच्चाई की जांच कर लेनी चाहिए। आइए, हम जो बातें फैलाते हैं, उन्हें लेकर ज़िम्मेदार बनें।”

अर्जुन ने मीडिया पेजों से यह भी अपील की कि वे किसी की निजी जिंदगी की कीमत पर सनसनीखेज हेडलाइंस के पीछे भागने के बजाय जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें। उन्होंने आगे कहा, “हम मीडिया पेजों से गुजारिश करते हैं कि वे ऐसी गुमराह करने वाली खबरें फैलाने से पहले तथ्यों की जांच कर लें, जो बिना वजह लोगों की निजी जिंदगी में दखल देती हैं और कन्फ्यूजन पैदा करती हैं। जिम्मेदार पत्रकारिता से विश्वसनीयता बनती है, क्लिकबेट से नहीं।”

क्रिस्टल डिसूज़ा ने भी इन अफवाहों को तुरंत खारिज कर दिया। जब उन्होंने पैपराजी की एक पोस्ट देखी, जिसमें अर्जुन और मौनी के बीच रोमांटिक रिश्ते का जिक्र था, तो एक्ट्रेस ने बिना झिझक के इस बेमतलब की अटकलबाजी पर अपनी बात रखी। उन्होंने कमेंट किया, “यह क्या बकवास है? सिर्फ़ व्यूज़ के लिए आप लोग कुछ भी पोस्ट कर देते हैं।”

अर्जुन और मौनी की दोस्ती 15 साल से भी ज़्यादा पुरानी है। 2015 में एकता कपूर के सुपरहिट शो ‘नागिन’ में ऋतिक और शिवन्या के तौर पर दोनों ने लोगों का दिल जीता और टेलीविजन की सबसे पसंदीदा ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में से एक बन गए। हालांकि, असल जिंदगी में उन्होंने हमेशा अपने रिश्ते को सिर्फ एक मजबूत दोस्ती ही बताया है। वे सालों से एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे हैं, चाहे सोशल मीडिया हो या इंडस्ट्री के इवेंट्स।

2024 में, मौनी ने सेट से एक पुरानी तस्वीर शेयर करके ‘नागिन’ के दिनों की यादें ताज़ा कीं। उन्होंने एक बार यह भी माना था कि शूटिंग के दौरान वे अक्सर नोक-झोंक करते थे। उन्होंने बताया कि इसकी वजह लंबे समय तक काम करना और मुश्किल शेड्यूल था, न कि कोई आपसी मतभेद।

मौनी के अपने पति सूरज नांबियार से अलग होने की पुष्टि करने के कुछ ही समय बाद ये अफ़वाहें सामने आईं। 14 मई को एक्ट्रेस ने घोषणा की कि दोनों ने अलग होने का फैसला किया है, जिससे उनकी शादी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया। हालाँकि मौनी ने अलग होने की वजह नहीं बताई, लेकिन यह खबर जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गई।

Aamir Khan: आमिर खान ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘3 इडियट्स’ के किरदार से उनका कोई कनेक्शन नहीं

Aamir Khan: दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी को लेकर कई दिनों से चल रही ऑनलाइन बहस के बाद आखिरकार आमिर खान ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। यह चर्चा तब और तेज हो गई जब ‘3 इडियट्स’ में उनके साथ काम करने वाले और मशहूर ‘चतुर’ का किरदार निभाने वाले ओमी वैद्य ने सार्वजनिक रूप से वांगचुक का समर्थन किया।

हाल ही में एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर बात करते हुए आमिर ने साफ किया कि ‘3 इडियट्स’ का मुख्य किरदार (फुंसुख वांगडू) वांगचुक से प्रेरित नहीं था। उन्होंने कहा कि जब फिल्म बन रही थी, तब न तो उन्हें, न ही डायरेक्टर राजकुमार हिरानी और न ही राइटर अभिजात जोशी को वांगचुक के बारे में पता था। यह साफ करते हुए एक्टर ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उनसे अपना अनशन खत्म करने की अपील की।

ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट (BFI) में बातचीत के दौरान, आमिर खान से एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और उनकी चल रही भूख हड़ताल के बारे में पूछा गया। रिपोर्टर ने ‘3 इडियट्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि एक पूरी पीढ़ी ने यह फिल्म देखी है और यह भी कहा कि आम तौर पर लोग मानते हैं कि यह फिल्म सोनम वांगचुक से प्रेरित थी। हालांकि, आमिर ने तुरंत इस बात को साफ किया। उन्होंने बताया कि फिल्म बनते समय न तो उन्हें और न ही फिल्म बनाने वालों को वांगचुक के बारे में पता था और ज़ोर देकर कहा कि फिल्म का मुख्य किरदार उन पर आधारित नहीं था।

एक्टर ने कहा, “नहीं, असल में ऐसा नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम फिल्म बना रहे थे, तब मुझे सोनम वांगचुक के बारे में पता नहीं था। मैंने हाल ही में ‘चतुर’ का एक वीडियो देखा, जिसमें उसने ऐसा कहा था… नहीं, वह गलत है। हो सकता है कि ‘चतुर’ ऐसा सोच रहा हो, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि न तो राजू, न ही अभिजात (दो लेखकों में से एक) और न ही मुझे सोनम के बारे में पता था।

हालांकि, सोनम जो काम कर रहे हैं, वह वैसे भी बहुत अच्छा है। उनकी और उनके काम की इज्ज़त करने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वे ‘3 इडियट्स’ के किरदार पर आधारित हों।” आमिर ने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक ने खुद साफ किया था कि वह किरदार उन पर आधारित नहीं था। उन्होंने आगे कहा, “मैं बस असल बात साफ करना चाहता था।”

जब उनसे सोनम की चल रही भूख हड़ताल के बारे में और पूछा गया, तो आमिर ने जवाब दिया, “हम सभी उनकी सेहत और जान को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इसका अंत अच्छा हो। हम सभी यही कामना करते हैं कि वह अपनी भूख हड़ताल खत्म करें और अपना ख्याल रखें।”

वीडियो के ऑनलाइन सामने आते ही, लोगों ने उनके बयानों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। यहां तक कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनका जवाब “निराशाजनक” था। उन्होंने कमेंट किया, “यह सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। हालांकि, उनका जवाब निराशाजनक था।”

इस बीच, जीनत अमान, सोनी राजदान, ओमी वैद्य, इमरान खान, स्वरा भास्कर, अदिति राव हैदरी, सोनाक्षी सिन्हा और फातिमा सना शेख़ समेत कई मशहूर हस्तियों ने सार्वजनिक रूप से सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। उनमें से कई लोगों ने उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता भी जताई है और मौजूदा स्थिति का समाधान निकालने की अपील की है।

लोअर बर्थ से व्हीलचेयर बुकिंग तक, बुजुर्गों को मिलेगा सब कुछ, बस अपनाएं IRCTC टिकट बुकिंग के ये स्मार्ट टिप्स!

अगर आप या आपके घर के कोई वरिष्ठ नागरिक 2026 में ट्रेन से सफर करने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो टिकट बुकिंग के समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही जानकारी भरने, समय पर टिकट बुक करने और अवेलेबल फैसिलिटीज का सही यूज करने से जर्नी ज्यादा आरामदायक और बिना किसी परेशानी के हो सकती है।

 

सीनियर सिटीजन से जुड़े रूल और एलिजिबिलिटी पहले चेक कर लें

क्या भारत में वरिष्ठ नागरिकों/सेवानिवृत्त लोगों को क्रेडिट कार्ड पर विचार करना चाहिए?

टिकट बुक करने से पहले भारतीय रेलवे के मौजूदा नियमों और सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए अवेलेबल फैसिलिटीज की इनफार्मेशन जरूर लें। समय-समय पर रेलवे की पॉलिसी में बदलाव हो सकता है, इसलिए ट्रेवलिंग से पहले ताजा नियम देखना बेहतर रहता है।

 

 

केवल IRCTC की ऑफिशल वेबसाइट या Rail Connect ऐप से बुकिंग करें

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हमेशा टिकट बुक करने के लिए IRCTC की ऑफिशल वेबसाइट या Rail Connect ऐप का ही इस्तेमाल करें। इससे आपकी बुकिंग सिक्योर रहती है और किसी तरह की धोखाधड़ी या गलत जानकारी की संभावना कम हो जाती है।

 

 

उम्र और आइडेंटिटी से जुड़ी डिटेल सही भरें

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बुकिंग करते समय नाम, उम्र, लिंग और गवर्मेंट आइडेंटिटी प्रूफ (आधार, वोटर ID, पासपोर्ट आदि) की जानकारी बिल्कुल सही दर्ज करें। सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) के लिए उम्र की सही डिटेल देना खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि जर्नी के दौरान इसकी चेकिंग की जा सकती है।

 

 

बुकिंग के समय लोअर बर्थ का ऑप्शन जरूर चुनें

Budget 2026: Government May Reintroduce Railway Concessions For Senior Citizens - Outlook Money

अगर सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को नीचे वाली सीट की जरूरत है, तो टिकट बुक करते समय लोअर बर्थ का ऑप्शन जरूर चुनें। सीट अलोकेशन अवेलेबिलिटी के बेस पर होता है, लेकिन सही ऑप्शन चुनने से लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है और सफर ज्यादा सुविधाजनक रहता है।

 

 

सीनियर सिटीजन (Senior Citizen) को प्रायोरिटी

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भारतीय रेलवे सीनियर सिटीजन को प्रिऑरिटीज के बेस पर लोअर बर्थ एलोकेट करती है। कई ट्रेनों में इसके लिए अलग लोअर बर्थ कोटा भी रखा गया होता है, जिससे चढ़ने-उतरने में आसानी हो सके।

जर्नी के दौरान गवर्मेंट फोटो ID साथ रखें

Tatkal ticket को लेकर बदले गए नियम, 1 जुलाई से बिना आधार ऑथन्टिकेशन नहीं होगी बुकिंग

जिस गवर्मेंट फोटो ID का इस्तेमाल टिकट बुकिंग के समय किया गया है, उसे जर्नी के दौरान अपने साथ जरूर रखें। टिकट एग्जामिनर जरूरत पड़ने पर आइडेंटिटी और उम्र का प्रूफ मांग सकते हैं, इसलिए वैलिड आइडेंटिटी साथ होना जरूरी है।

 

एडवांस में टिकट बुक कराएं

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सीनियर सिटीजन के लिए समय रहते टिकट बुक करना सबसे अच्छा ऑप्शन है। जल्दी बुकिंग करने से पसंदीदा ट्रेन, सुविधाजनक सीट और लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है। त्योहारों, छुट्टियों और पीक सीजन में यह और भी जरुरी हो जाता है।

 

वर्ल्ड अपडेट्स:हांगकांग में 5 बुकसेलर्स गिरफ्तार: सरकार विरोधी ‘देशद्रोही’ किताबें बेचने का आरोप

हांगकांग में सरकार विरोधी ‘देशद्रोही’ सामग्री वाली किताबें बेचने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने पांच बुकसेलर्स को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस ने दो बुकस्टोर्स पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में किताबें जब्त की हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन पुस्तकों में हांगकांग सरकार, न्यायपालिका और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ नफरत भड़काने वाली सामग्री थी। सरकार के मुताबिक, कस्टम विभाग ने विदेश से आई कथित देशद्रोही किताबों की एक खेप पकड़ी थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा पुलिस ने जांच शुरू की और दो बुकस्टोर्स में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 37 और 57 साल के दो पुरुष तथा 30 से 59 साल की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि दुकानों में ऐसी किताबें प्रदर्शित और बेची जा रही थीं, जिनका उद्देश्य सरकार और सरकारी संस्थानों के खिलाफ लोगों को उकसाना था। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में कथित देशद्रोही सामग्री वाली किताबें भी जब्त की गईं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कार्रवाई ‘हैव अ नाइस स्टे’ और ‘ग्रीनफील्ड बुकस्टोर’ में हुई। इनमें से ‘हैव अ नाइस स्टे’ ने हाल ही में 30 अगस्त से दुकान बंद करने की घोषणा की थी। संचालकों ने वित्तीय नुकसान और यह स्पष्ट न होने को भी वजह बताया था कि किन किताबों को अधिकारियों की नजर में आपत्तिजनक माना जा सकता है। इससे पहले जून में भी पुलिस ने एक अलग मामले में दो बुकस्टोर मालिकों को कथित देशद्रोही सामग्री वाली किताबें बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कांगो के जंगल में मिली नई बंदर प्रजाति: 75 साल में अफ्रीका की पांचवीं खोज
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के लोमामी नेशनल पार्क में रहने वाले काले फर और गुलाबी-नारंगी होंठ वाले दुर्लभ बंदर को वैज्ञानिकों ने नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी है। आनुवंशिक अध्ययन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के आधार पर इसकी पुष्टि की गई। नई प्रजाति का वैज्ञानिक नाम कोलोबस कांगोएन्सिस (Colobus congoensis) रखा गया है। इस बंदर को पहली बार 2008 में संरक्षणकर्मियों ने देखा था, लेकिन उस समय केवल धुंधली तस्वीर ही मिल सकी। 2018 में दोबारा दिखने के बाद DRC, अमेरिका और जर्मनी के वैज्ञानिकों की टीम ने इसका विस्तृत अध्ययन शुरू किया। डीएनए विश्लेषण और अन्य वैज्ञानिक जांच में यह पहले से ज्ञात सभी प्रजातियों से अलग पाया गया। स्थानीय लोग इसे ‘लिक्वेली’ नाम से जानते हैं। 52 गांवों में किए गए सर्वे के दौरान केवल आठ गांवों के लोगों ने इसे देखने की पुष्टि की। वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले 75 वर्षों में अफ्रीका में खोजी गई यह पांचवीं नई बंदर प्रजाति है। यह कोलोबस समूह का सदस्य है, जिनमें अंगूठा नहीं होता और जो जंगलों में बीजों के प्रसार तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गोल ना कर पाने के बाद एमबाप्पे ने मैनेजर को कोसा, खो सकते हैं गोल्डन बूट

फ्रांस का लगातार तीसरा बार FIFA World Cup के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। वही टूर्नामेंट में आठ गोल करने वाले कीलियन एमबापे इस मैच में गोल नहीं कर पाये और वह गोल्डन बूट की दौड लियोनेल मेसी (8 गोल) के साथ बराबरी पर है।स्टार फुटबॉल खिलाड़ी एमबापे ने FIFA World Cup 2026 के सेमीफाइनल में मंगलवार को स्पेन से फ्रांस की 2-0 से हार के बाद अपनी टीम मैनेजर दिदिएर डेसचैम्प्स के दृष्टिकोण और रणनीति की आलोचना की।

मैच के बाद एमबापे ने कहा, “मिडफील्ड में हम तीन के मुकाबले दो पर थे और स्पेन के खिलाफ खेलना मुश्किल था। फैबियन और रोड्रि को खेलने के लिए काफी समय मिला। प्रेसिंग में तालमेल की कमी थी। मुझे लगता है कि हमें मैन-टू-मैन प्रेसिंग करनी चाहिए थी और उन्हें हमारे साथ दौड़ने के लिए मजबूर करना चाहिए था।”

उन्होंने कहा, “हमने वो खेल नहीं खेल पाये जो हम खेलना चाहते थे, तकनीकी और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से। जब आप विश्व कप सेमीफाइनल में वो नहीं करते जो आपको करना चाहिए, तो आप जीत नहीं सकते। स्पेन ने उनकी खेल योजना और टीम की सामान्य रणनीति का सम्मान किया। उन्हें गेंद पर नियंत्रण और खेल की गति बनाए रखना पसंद है। हमारी योजना उन्हें आगे से दबाव में खेलने की थी ताकि वे अपनी लय न बना सकें। खेल को नियंत्रित करने में वे हमसे बेहतर हैं। हम ऐसा नहीं कर पाए। तकनीकी रूप से हम बहुत लापरवाह थे। जब हम उन्हें नुकसान पहुंचा सकते थे, तब हम ऐसा नहीं कर पाए।”

उन्होंने कहा, “जब हमने गेंद वापस हासिल की, तब भी हमारे पहले टच अच्छे नहीं थे। इसी वजह से हार मिली। यह बहुत निराशाजनक है। लेकिन अगर हम निष्पक्ष होकर देखें, तो फाइनल में पहुंचने के लिए हमारे पास सभी जरूरी चीजें मौजूद नहीं थीं।”

ऑस्ट्रेलिया में PM मोदी को अपशब्द बोले:’सतलुज’ फिल्म पर BJP सिख सपोर्टर से भिड़े खालिस्तानी; बीच सड़क झगड़े का VIDEO वायरल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मेलबर्न में खालिस्तान समर्थक और भाजपा समर्थक सिख भिड़ गए। खालिस्तानी पीएम को अपशब्द बोलते सुनाई दिए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो को भाजपा समर्थक सिख जगविंदर विर्क ने 15 जुलाई की सुबह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वायरल वीडियो में कुछ खालिस्तान समर्थक प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां के साथ “खालिस्तान जिंदाबाद” के नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। बहस ‘सतलुज’ फिल्म पर लगे बैन को लेकर शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। अब 4 प्वाइंट्स में पढ़ें पूरा मामला:- 3 दिन के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहे। इस दौरान 9 जुलाई को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम सहयोग को लेकर अहम समझौते पर सहमति बनी। मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के बीच बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े समझौतों की घोषणा की। प्रधानमंत्री मोदी ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर ऑस्ट्रेलिया की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत बच्चों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण तैयार करने के ऑस्ट्रेलिया के प्रयासों से सीख रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में करीब 30 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया। —————— ‘सतलुज’ के मेकर्स को मंत्री बिट्टू की चुनौती:बोले- 25 हजार शवों के रिकॉर्ड दिखाओ, वर्ना एक्शन लेंगे; दिलजीत दोसांझ की फिल्म पूरी तरह बैन केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज के मेकर्स को खुली चुनौती दी है। बिट्टू ने मेकर्स को कहा कि उन 25,000 लापता या अवैध रूप से दाह संस्कार किए गए शवों के पुख्ता दस्तावेजी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें, जो फिल्म में दिखाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में रौनक, कोस्पी 7% चढ़ा, US में कमजोर CPI डेटा और AI ट्रेड में नई तेजी से मिल रहा सपोर्ट

Asian Market Today: आज ग्लोबल बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। निक्केई एक परसेंट तो कॉस्पी 7% से ज्यादा उछला है। उधर चिप शेयरों में खरीदारी लौटने से नैस्डैक करीब 1 फीसदी चढ़ा है। डाओ और S&P में भी बढ़त देखने को मिली। दरअसल, उम्मीद से कम US महंगाई के आंकड़ों से फेड इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद कम होने और AI ट्रेड में नई तेजी से इन्वेस्टर्स के सेटीमेंट को सपोर्ट मिला है। यहीं वजह है कि आज एशिया बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है।

जापान का निक्केई 225 0.87% और टॉपिक्स 0.23% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.95% उछला, जबकि कोसडैक 5.08% चढ़ा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 1.10 फीसदी ऊपर ट्रेड करता नजर आ रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.57 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.43 फीसदी चढ़कर 45,379.03 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 3,974.02 के स्तर पर दिख रहा है।

कैसा रहा अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी स्टॉक मार्केट मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि बैंकों की अच्छी कमाई और उम्मीद से कम महंगाई रिपोर्ट ने सेंटिमेंट को बढ़ावा दिया।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 10.02 पॉइंट्स या 0.02% बढ़कर 52,508.66 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 28.55 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 7,543.89 पर पहुंच गया। नैस्डैक कंपोजिट 233.83 पॉइंट्स या 0.90% बढ़कर 26,107.01 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के शेयर की कीमत 4.06% बढ़ी, AMD के शेयर 2.57% बढ़े, इंटेल के शेयर 4.50% बढ़े, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.92% उछले, SK हाइनिक्स ADR 27.29% उछला, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.55% गिरे, एप्पल के शेयर 0.77% गिरे, टेस्ला के शेयर 0.36% बढ़े, जबकि IBM के शेयर 25.21% गिरे।

US-ईरान युद्ध

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी पोर्ट्स पर फिर से नेवल ब्लॉकेड लगा दिया और धमकी दी कि अगर तेहरान ने बातचीत फिर से शुरू नहीं की तो अगले हफ़्ते पावर प्लांट्स और पुलों पर हमला किया जाएगा। US मिलिट्री ने भी लगातार चौथे दिन ईरान पर नए हमले किए। इस बीच, ईरान का कहना है कि पिछले हफ़्ते दुश्मनी फिर से शुरू होने के बाद उसने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है।

US इन्फ्लेशन

US कंज्यूमर इन्फ्लेशन जून में उम्मीद से ज़्यादा धीमी हुई। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स जून तक 12 महीनों में 3.5% बढ़ा, जो अब भी सबसे ज़्यादा है, मई में 4.2% बढ़ने के बाद। CPI मई में 0.5% बढ़ने के बाद महीने में 0.4% गिरा। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स ने अनुमान लगाया था कि CPI साल-दर-साल 3.8% बढ़ेगा और महीने के आधार पर 0.1% गिरेगा।

IBM शेयर्स

कंपनी के दूसरी तिमाही के निराशाजनक शुरुआती नतीजे जारी करने के बाद IBM के शेयर की कीमत 25% से ज़्यादा गिर गई। US की बड़ी टेक कंपनी ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर से डेटा-सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉर्पोरेट खर्च में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में “लड़खड़ा” गई है और दूसरी तिमाही में उसकी कमाई में बड़ा नुकसान होगा।

LSEG के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, IBM ने कहा कि उसे उम्मीद है कि Q2 रेवेन्यू सिर्फ़ 1% बढ़कर $17.2 बिलियन हो जाएगा, जबकि एनालिस्ट्स का अनुमान $17.86 बिलियन था।

आज सोने का रेट

US में महंगाई उम्मीद से कम होने के बाद सोने की कीमतें स्थिर हो गईं। स्पॉट गोल्ड की कीमत थोड़ी बदली और $4,054.36 प्रति औंस रही, जबकि चांदी की कीमतें 0.2% बढ़कर $58.80 प्रति औंस हो गईं।

कच्चे तेल की कीमतें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नेवल नाकाबंदी लगाने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। ब्रेंट तेल की कीमत 1.72% बढ़कर $86.19 प्रति बैरल हो गई, जबकि WTI क्रूड 1.4% बढ़कर $80.40 प्रति बैरल हो गया।

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