Stocks to Watch: HDFC Bank, Cipla और PNB समेत इन स्टॉक्स पर फोकस, खास वजहों से तेज हलचल की उम्मीद

Stocks to Watch:  कच्चे तेल में उबाल पर वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझान के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। एक कारोबारी दिन पहले 17 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 964.58 प्वाइंट्स यानी 1.25% के उछाल के साथ 78,151.45 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 261.55 प्वाइंट्स यानी 1.09% की बढ़त के साथ 24,334.30 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है

इन कंपनियों के कारोबारी नतीजे पेश

Reliance Industries Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 6.1% बढ़कर ₹23,196 करोड़, ग्रास रेवेन्यू 24.5% उछलकर ₹3.4 लाख करोड़, ईबीआईटीडीए 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन 18% से 15.9% पर आ गया।

Jio Platforms Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़, रेवेन्यू 11.8% उछलकर ₹39,173 करोड़, ईबीआईटीडीए 15.1% बढ़कर ₹20,865 करोड़ और मार्जिन 51.8% से 53.3% पर पहुंच गया।

HDFC Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीएफसी बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,059.7 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 6.7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 78.8% गिरकर ₹3,059.8 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.15% से बढ़कर 1.17% तो नेट एनपीए 0.38% से उछलकर 0.41% पर पहुंच गया।

ICICI Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 15.9% बढ़कर ₹14,804.5 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 12.7% बढ़कर ₹24,384.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 30.5% गिरकर ₹1,260.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.40% से गिरकर 1.38% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.33% से उछलकर 0.35% पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 9.2% चढ़कर ₹7,928.4 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 44.7% गिरकर ₹668.1 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.20% से गिरकर 1.18% पर आ गया लेकिन नेट एनपीए 0.25% से उछलकर 0.27% पर पहुंच गया।

Axis Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एक्सिस बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 22.5% बढ़कर ₹7,113.9 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 8% चढ़कर ₹14,646.1 करोड़ पर पहुंच गया और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 43.7% गिरकर ₹2,222.5 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.23% से बढ़कर 1.28% और नेट एनपीए 0.37% से उछलकर 0.39% पर पहुंच गया।

Punjab National Bank Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब नेशनल बैंक का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 213.6% बढ़कर ₹5,253.3 करोड़, NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% चढ़कर ₹10,798.4 करोड़ और प्रोविजंस एंड कंटिजेंसीज 67.5% उछलकर ₹541.2 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का टैक्स पर खर्च 66% घटकर ₹1,724.7 करोड़ पर आ गया। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से फिसलकर 0.28% पर आ गया।

Oberoi Realty Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओबेराय रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 29% बढ़कर ₹543.5 करोड़ और रेवेन्यू 31.7% उछलकर ₹1,300.9 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

NATCO Pharma

नाटको फार्मा को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से ओलापारिब 100 mg और 150 mg टैबलेट के लिए टेंटेटिव अप्रूवल मिला है। ये टैबलेट एस्ट्राजेनेका फार्मा की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्रग लिनपार्जा (Lynparza) टैबलेट की बायोइक्विवेलेंट हैं। यह टैबलेट नाटको बनाएगी औक अमेरिका में इसे एलेम्बिक फार्मा बेचेगी। इंडस्ट्री के सेल्स डेटा के अनुसार मार्च 2026 को खत्म होने वाले 12 महीनों में ओलापारिब टैबलेट की अमेरिका में अनुमानित बिक्री लगभग $140 करोड़ रही।

Samvardhana Motherson International

समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल को जापान की अदालत से युताका गिकेन में 81% हिस्सेदारी और युताका गिकेन की सब्सिडियरी शिनिची कोग्यो कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने की मंज़ूरी मिल गई है। शिनिची में युताका गिकेन की 62% हिस्सेदारी है।

GAIL India

गेल (इंडिया) ने देश की लॉन्ग-टर्म रिसोर्स सिक्योरिटी को सपोर्ट करने के लिए अहम मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए खनिज विदेश इंडिया (KABIL) के साथ एक एमओयू किया है।

Aditya Birla Capital

आदित्य बिड़ला कैपिटल ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी शेयरों में राइट्स इश्यू के जरिए ₹484.5 करोड़ का निवेश किया है।

Sterlite Technologies

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज की अमेरिकी सब्सिडियरी एसटीएल ऑप्टिकल कनेक्टिविटी ने अमेरिका की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक के नेटवर्क पर फील्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपना नया एडवांस्ड FTTH सॉल्यूशन CONCAT लॉन्च किया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 13-17 जुलाई के बीच न्यूयॉर्क में सिप्ला की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी इनवाजेन फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नियमित तौर पर होने वाली cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) जांच की और आखिरी में एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया।

Power Grid Corporation of India

पावर ग्रिड ने फतेहगढ़-II ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए सफल बोली लगाई है। इस प्रोजेक्ट में फतेहगढ़-II पावर स्टेशन पर दो सिंक्रोनस कंडेंसर और उनसे जुड़े बे (bays) को लगाने और चालू करने का काम है।

Force Motors

अमित प्रमोद जोशी ने निजी कारणों से फोर्स मोटर्स के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 17 जुलाई से प्रभावी है।

SpiceJet

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पाइसजेट पर अपने फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न यानी भ्रामक डिजाइन प्रैक्टिस के इस्तेमाल पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है।

बल्क डील्स

Landmark Cars

हेलियोस म्यूचुअल फंड ने हर शेयर ₹520.28 के भाव पर लग्जरी कार रिटेलर लैंडमार्क कार्स के 2.45 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹12.79 करोड़ में खरीदे।

ZF Commercial Vehicle Control Systems India

एक्सिस म्यूचुअल फंड ने जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया के 5.94 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹138.4 करोड़ में ₹2,330.03 के भाव पर बेचे।

Updater Services

एसआईएस ने प्रति शेयर ₹193.71 के भाव पर अपडेटर सर्विसेज के 6.53 लाख शेयर (0.97% हिस्सेदारी) ₹12.66 करोड़ में और खरीदे। जून 2026 तक एसआईएस के पास कंपनी में पहले से ही 4.88% हिस्सेदारी थी। वहीं दूसरी तरफ हेज फंड ईस्ट ब्रिज कैपिटल मास्टर फंड I ने अपडेटर सर्विसेज में अपनी लगभग पूरी हिस्सेदारी बेच दी। फंड ने ₹15.8 करोड़ में 8.17 लाख शेयर ₹193.27 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक फंड के पास कंपनी में 1.25% हिस्सेदारी (8.39 लाख शेयर) थी।

Rappid Valves India

एजिस इन्वेस्टमेंट फंड ने रैपिड वाल्व्स (इंडिया) के 2.06 लाख शेयर (3.97% हिस्सेदारी) ₹6.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.4 के भाव पर खरीदे। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड ने ₹323.7 के भाव पर रैपिड वाल्व्स के 1.45 लाख शेयर (2.79% होल्डिंग) ₹4.7 करोड़ में और अशोक कुमार धारीवाल ने प्रति शेयर ₹338 के भाव पर ₹1.25 करोड़ में 37,200 शेयर बेचे। मार्च 2026 तक महाराष्ट्र डिफेंस एंड एयरोस्पेस वेंचर फंड के पास रैपिड वाल्व्स में 5.58% हिस्सेदारी थी।

एक्स-डेट

आदित्य इन्फोटेक, एक्सेलरेटबीएस इंडिया, फेयरकेम ऑर्गेनिक्स, ग्रेफाइट इंडिया, हैप्पी फोर्जिंग्स, केपीआर मिल, एनडीआर ऑटो कंपोनेंट्स, नेलकास्ट, नेस्को, पोकरना, क्वेस्ट कैपिटल मार्केट्स और एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर आज एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स के स्प्लिट की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

Asian Market : US-Iran तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार, एशियाई बाजारों पर बना दबाव

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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मिडिल ईस्ट में जंग का बढ़ा खतरा, ईरान ने जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें… इजरायल ने दी चेतावनी

Iran Fired Missiles Jordan: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गए हैं। इजराइली सेना ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ कई मिसाइलें दागी हैं। रविवार को जॉर्डन के कई इलाकों में सायरन बजाए गए, जब ईरान की ओर से लाल सागर के किनारे बसे अकाबा शहर की दिशा में मिसाइलें दागी गईं। इजरायली सेना के अनुसार, इज़राइल और जॉर्डन की एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को टारगेट तक पहुंचने से पहले ही हवा में मार गिराया। इस हमले के बादपूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो गया है।

पूरे शहर में सुनाई दी सायरन की आवाज

अकाबा शहर के लोगों ने कई तेज धमाकों की आवाजें सुनीं। हालांकि, शुरुआत में यह साफ नहीं हो सका कि ये धमाके मिसाइलों को हवा में रोकने के कारण हुए या फिर उनके मलबे के जमीन पर गिरने से। इजरायली सेना ने बताया कि मिसाइलों का निशाना अकाबा शहर था, जो जॉर्डन का लाल सागर पर स्थित एकमात्र बड़ा बंदरगाह है और इजरायल की दक्षिणी सीमा के काफी करीब है। सेना ने यह भी चेतावनी दी कि मिसाइलों को नष्ट करने के बाद उनका मलबा इजरायल के कुछ इलाकों में गिर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अकाबा एयरपोर्ट और बंदरगाह खाली कराया गया

रविवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा चेतावनी जारी की। दूतावास ने बताया कि अकाबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बंदरगाह को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया है। दूतावास के अनुसार, जॉर्डन के अधिकारियों को एक खास और भरोसेमंद सुरक्षा खतरे की जानकारी मिली थी। इसी वजह से एयरपोर्ट और बंदरगाह पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल अकाबा एयरपोर्ट और बंदरगाह की ओर जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

जॉर्डन ने अमेरिकी दूतावास के दावे को बताया गलत

अमेरिकी दूतावास के बयान के बाद जॉर्डन सरकार ने तुरंत इसका खंडन किया। सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने कहा कि अधिकारियों ने अकाबा एयरपोर्ट या बंदरगाह को खाली कराने का कोई आदेश नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट और बंदरगाह दोनों सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और वहां किसी तरह की निकासी नहीं की गई है।

अमेरिकी सेना पर हमले में दो सैनिकों की मौत

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता है। अमेरिका के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बाद यह पहली बार है जब इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। बता दें कि, ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष तेज होने के बाद से जॉर्डन कई बार अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिरा चुका है।

Iran-US War: जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला, 2 की मौत, बौखलाए ट्रंप ने ईरान को तबाह करने के दिए आदेश; कई शहरों पर भीषण बमबारी से हड़कंप

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध ने अब बेहद खतरनाक रूप ले लिया है। दोनों और भीषण हमले जारी है। ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इन हमलों में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। ईरान की इस कार्रवाई से अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप गुस्से में लाल हो गए

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ईरान पर अमेरिका का चौतरफा अटैक! 6 घंटे तक आसमान और समंदर से बरसे बम, बिजली और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरी तरह तबाह

US strikes Iran port and bridge: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब बेहद खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। शुक्रवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर भीषण हमले किए। अमेरिका ने जहां ईरान के मुख्य बंदरगाहों और आंतरिक परिवहन संपर्कों (पुलों) को तबाह करने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी के अमेरिकी सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर शुरू हुआ यह युद्ध अब पांचवें महीने में प्रवेश कर चुका है। दोनों ओर से लगातार हो रही बमबारी के कारण वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। आइए आपको बताते हैं कि पिछले 24 घंटों में युद्ध के मैदान में क्या-क्या हुआ है.

अमेरिकी सेना का ‘नावल ब्लॉकेड’ और 6 घंटे की भीषण बमबारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 3 बजे से लेकर रात 9:30 बजे (ET) तक ईरान पर चौतरफा हमले किए गए. अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और युद्धपोतों ने ईरान के सर्विलांस ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, भूमिगत हथियार डिपो और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया।

राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से ‘नावल नाकेबंदी’ कर रही है। यह लगातार सातवीं रात थी जब अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई और समुद्री ऑपरेशन चलाया।

जवाब में ईरान का मिसाइल हमला, कुवैत और कतर निशाने पर

अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने खाड़ी के उन देशों पर मिसाइलें दागीं जो अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं। तेहरान ने कतर जो इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका भी निभा रहा है और कुवैत पर मिसाइलें बरसाईं। कुवैती अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के इस मिसाइल हमले में उनके देश के एक बड़े ‘डिटेसिनेशन प्लांट’ यानी खारे पानी को पीने लायक बनाने वाली फैसिलिटी को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

चाबहार पोर्ट और बंदर खमीर के रणनीतिक पुलों को किया तबाह

इस ताजा हमले में अमेरिका ने ईरान की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले आर्थिक और परिवहन नेटवर्क को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में चाबहार बंदरगाह पर स्थित एक बड़ा टावर मलबे में तब्दील हो गया।

बता दें कि चाबहार पोर्ट को भारत की मदद से विकसित किया गया था और यह अफगानिस्तान के लिए एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है। अमेरिका का दावा है कि इस टावर का इस्तेमाल ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) जहाजों की जासूसी के लिए कर रही थी।

दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में तटीय शहर बंदर खमीर के पास बने प्रमुख पुलों को अमेरिकी हवाई हमलों में उड़ा दिया गया। इसका मकसद ईरान के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ का संपर्क राजधानी तेहरान और देश के अंदरूनी हिस्सों से पूरी तरह काटना है।

युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार ईरान ने स्वीकार किया है कि उसके पावर ग्रिड (बिजली नेटवर्क) को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण दक्षिणी प्रांतों में ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है।

दोनों तरफ भारी तबाही, अब तक सैकड़ों मौतें

शुक्रवार को हुए इन ताजा हमलों में दोनों पक्षों के सैन्य और नागरिक हताहत हुए हैं:

ईरान में नुकसान: ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई और 400 से अधिक घायल हुए हैं. केवल पुल पर हुए हमले में 8 लोगों की जान गई।

अमेरिका को नुकसान: पेंटागन ने पुष्टि की है कि इस हफ्ते सोमवार से अब तक 13 और अमेरिकी सैनिक (10 थल सेना और 3 नौसेना कर्मी) घायल हुए है। युद्ध की शुरुआत से अब तक कुल 14 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और 427 घायल हुए हैं।

Iran-US War Update: फिर बंद होने के कगार पर होर्मुज! ईरान ने जॉर्डन में की मिसाइलों की बौछार, अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

Iran-US War Update: ब्रिटिश सेना ने शुक्रवार (17 जुलाई) को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ओमान के सबसे पास वाले समुद्री रूट्स से गुजर रहे एक टैंकर पर हमला किया गया। ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला शुक्रवार तड़के हुआ, जिसमें एक टैंकर से टकराया। UKMTO  ने बताया कि हमले में टैंकर के बाईं हिस्से को मामूली क्षति पहुंची। उसने कहा, “चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। सभी का पता लगा लिया गया है। पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं है। पोत अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ रहा है।”

ईरान ओमान के निकट इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर हमले करता रहा है। हालांकि, इस घटना के संबंध में ईरान की ओर से तत्काल किसी हमले की पुष्टि नहीं की गई। इस बीच जॉर्डन की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया।

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना ने यह जानकारी दी। हमले में किसी के हताहत होने की अभी सूचना नहीं है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिक और सैन्य विमान तैनात हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर हवाई हमलों का अभियान तेज किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान कई बार जॉर्डन को निशाना बना चुका है।

होर्मुज में ट्रैफिक कम हुआ

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ी लड़ाई ने होर्मुज से होने वाले ट्रैफिक को काफी हद तक रोक दिया है। होर्मुज तेल और गैस के लिए दुनिया का सबसे अहम शिपिंग रूट है। इसके बंद होने से दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के शुक्रवार सुबह 0513 GMT के डेटा के मुताबिक, फ्यूल ऑयल ले जा रहे ‘मीरान’ (एक सैंक्शन वाला प्रोडक्ट टैंकर) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस ले जा रहे छोटे जहाज ‘नोरिता’ ने गुरुवार को ईरानी रूट से जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पार किया।

लेकिन ओमान की खाड़ी में रुक गए। वहां US की नाकेबंदी है। LSEG के डेटा से पता चला कि इराकी फ्यूल ऑयल से लदा बंकरिंग टैंकर ‘एरोलिया’ शुक्रवार को खाड़ी से बाहर निकलने के कुछ ही घंटों बाद वापस खाड़ी की ओर मुड़ गया।

अमेरिका का चाबहार पोर्ट पर अटैक

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक टावर की तस्वीर शेयर की, जो ईरान पर लगातार हमलों के बाद गिरता हुआ दिख रहा था। न्यूज  एजेंसी AP के अनुसार, यह तस्वीर चाबहार पोर्ट के टावर की है। हालांकि हेगसेथ ने खुद इस टावर या तस्वीर को किसी खास जगह से नहीं जोड़ा। चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले बार-बार होते रहे हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने इस जगह पर हमलों के तीसरे दौर की बात तो मानी। लेकिन तुरंत यह नहीं बताया कि टावर गिर गया है। हालांकि, ईरान ने कहा कि यह टावर पोर्ट पर आने-जाने वाले कमर्शियल ट्रैफिक पर नजर रखने का काम करता था।

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ईरान का पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड भी देश भर के पोर्ट्स पर काम करता है। इस बीच, तेहरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने खाड़ी इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं। यह जवाबी कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हमलों के इस नए दौर से तनाव और बढ़ गया है। पिछले महीने हुए सीजफायर के बाद अब दोनों तरफ से रोजाना हमले हो रहे हैं।

LPG Gas Price Today: गैस सिलेंडर की कीमतों पर बड़ा अपडेट! आज क्या है 14.2 किलो LPG का रेट, क्या बढ़ने वाली हैं कीमतें?

LPG Price Today (17 जुलाई): अगर आप आज यानी 17 जुलाई को घरेलू गैस सिलेंडर बुक कराने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। देशभर में गैस सिलेंडर की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है। जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,930 बनी हुई है। वहीं, दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद में घरेलू गैस सिलेंडर ₹939.50 में उपलब्ध है। इन शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी ₹2,930 है।

क्या अमेरिका-ईरान तनाव का पड़ेगा असर?

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसका अधिकांश आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते होता है।

यदि इस समुद्री मार्ग पर किसी तरह की बाधा आती है या संघर्ष और बढ़ता है, तो भारत में LPG की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आने वाले समय में गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

क्या फिर बढ़ सकती हैं गैस सिलेंडर की कीमतें?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो सरकार के सामने दो विकल्प होंगे। या तो LPG पर सब्सिडी बढ़ाई जाए या फिर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की जाए।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक सरकारी तेल कंपनियों को प्रत्येक घरेलू LPG सिलेंडर पर लगभग ₹500 से ₹700 तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में लंबे समय तक वैश्विक कीमतें ऊंची रहने पर उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल क्या करें उपभोक्ता?

फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 17 जुलाई को LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों और सप्लाई दोनों पर नजर रखना जरूरी होगा।

आज के प्रमुख रेट

दिल्ली: घरेलू LPG (14.2 किग्रा)- ₹942, कमर्शियल (19 किग्रा) – ₹2,930

नोएडा: घरेलू LPG – ₹939.50, कमर्शियल – ₹2,930

गाजियाबाद: घरेलू LPG – ₹939.50, कमर्शियल – ₹2,930

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US-Iran War Update: ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले तेज! पुल, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट को बनाया निशाना, ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव

US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार (17 जुलाई) को अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर हवाई हमले किए। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस बार हमलों का निशाना दक्षिणी ईरान का महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर बना, जिसमें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और संचार सुविधाएं शामिल हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। हालांकि, ईरानी मीडिया का दावा है कि हमलों में परिवहन नेटवर्क, संचार व्यवस्था और कुछ नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुलों पर हमले

ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ईरान स्थित इरानशहर एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाके हुए। अमेरिकी मिसाइल ने एयरपोर्ट परिसर को निशाना बनाया। वहीं, ‘तस्नीम न्यूज’ एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला किया।

बंदर अब्बास शहर में स्थित रेलवे जंक्शन स्टेशन पर भी हमला होने की खबर है। ‘मेहर’ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले में रेलवे के दो कर्मचारी घायल हो गए। इसके अलावा, होर्मोजगान प्रांत के बंदर खमीर के पास दो पुलों पर भी हमले किए गए।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई। जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। नुकसान के बाद बंदर अब्बास, खमीर और लार को जोड़ने वाले प्रमुख सड़क मार्गों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।

कई इलाकों में धमाके, बिजली प्रभावित

ईरानी मीडिया के अनुसार, क़ेश्म द्वीप, बुशेहर और अहवाज समेत दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि बंदर अब्बास में एक मोबाइल टावर भी हमले की चपेट में आया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सात लोग घायल हो गए।

ट्रंप ने पहले ही दी थी चेतावनी

इन हमलों से दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर नहीं लौटता, तो अमेरिका उसके अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के बिजली प्लाटों और पुलों पर भी हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, “अगले हफ्ते हालात उनके लिए और खराब होंगे। हम उनके बिजली प्लाटं और पुलों को तबाह कर देंगे, यदि वे बातचीत के लिए तैयार नहीं होते।”

लगातार छठी रात कार्रवाई

शुक्रवार के हमलों के साथ ही अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखा है। इस घटनाक्रम के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

ईजब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री ट्रैफिक के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ गई थीं। इससे वार्ता में ईरान की स्थिति मजबूत हो गई। अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में अमेरिका का पलड़ा भारी है।

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दोनों और से हमले जारी है। अमेरिकी सेना का ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी है। लगातार छठे दिन तेहरान के कई शहरों को निशाना बनाकर भीषण बमबारी की गई है। वहीं, ईरान के तरफ से हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा

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Karnataka Doctor Murder: पति की हत्या और बेटे पर चाकू से हमला… फिर रील देखती रही डॉक्टर पत्नी! कर्नाटक की दिल दहला देने वाली वारदात

Karnataka Doctor Murder: कर्नाटक के धारवाड़ से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला डॉक्टर पर अपने ही डॉक्टर पति की चाकू मारकर हत्या करने और 8 साल के बेटे पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे, तब आरोपी महिला कथित तौर पर बेड पर लेटी हुई मोबाइल चला रही थी। जबकि पति और बेटा खून से लथपथ पड़े थे। वहां का नजीरा डरावना था। पूरे अपार्टमेंट में खून फैला हुआ था।

डॉक्टर पति की बेरहमी से हत्या

मृतक की पहचान डॉ. किरण होन्नन्नावर (45) के रूप में हुई है। वह धारवाड़ के चिरायु अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ (Anaesthetist) थे। उनकी पत्नी डॉ. प्रियंका कट्टनहल्ली एमबीबीएस और नेत्र रोग विशेषज्ञ (MS Ophthalmology) हैं। महिला पर अपने पति की हत्या का आरोप है। यह घटना बुधवार 15 जुलाई को शहर के एक अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर स्थित उनके फ्लैट में हुई। पुलिस के मुताबिक, कपल के 8 वर्षीय बेटे पर भी चाकू से हमला किया गया। बच्चे की सांस चल रही थी। इसके बाद उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

पुलिस पहुंची तो सामने था खौफनाक मंजर

पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पूरे फ्लैट में खून फैला हुआ था। एक कमरे में डॉ. किरण का शव पड़ा था। जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल था। पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार ने बताया कि शुरुआती टीम को लगा था कि बच्चा भी मर चुका है। लेकिन उन्होंने उसकी नब्ज जांची तो पता चला कि वह जीवित है। इसके बाद तुरंत उसे अस्पताल भेजा गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। महिला डॉक्टर कथित तौर पर बेड पर लेटी मोबाइल स्क्रॉल कर रही थी। इस सीन ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

परिजनों को देती रही झूठी जानकारी

जांच में सामने आया है कि मंगलवार रात और बुधवार सुबह जब परिजनों और दोस्तों ने डॉ. किरण को फोन किया, तो उनकी पत्नी प्रियंका ने कॉल उठाकर कहा कि वह आराम कर रहे हैं। बाद में उसने यह भी कहा कि वह ड्यूटी पर गए हैं। लेकिन जब लंबे समय तक संपर्क नहीं हुआ तो बुधवार शाम परिजन फ्लैट पहुंचे। दरवाजा खुलने पर उन्होंने अंदर का भयावह सीन देखा। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि घटना के समय घर में कोई बाहरी व्यक्ति मौजूद था। फ्लैट के अंदर केवल पति, पत्नी और बेटा ही थे। फिलहाल, मामले की जांच सभी एंगल से चल रही है।

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US-Iran War Update: पश्चिम एशिया में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अपनी ‘अटूट रेड लाइन’ (unbreakable red line) घोषित करते हुए अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने इस रणनीतिक जलमार्ग में किसी भी तरह का हस्तक्षेप किया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका लगातार पांचवीं रात ईरान पर हवाई हमले कर चुका है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान युद्ध छोड़ बातचीत की मेज पर नहीं लौटता तो उसके बिजली प्लांटों और प्रमुख पुलों को भी निशाना बनाया जा सकता है।

क्या है ईरान की ‘रेड लाइन’?

एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी दखल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि यह ईरान की ‘अटूट रेड लाइन’ है। इसे पार करने की कोशिश गंभीर परिणाम ला सकती है। ईरान पहले भी कह चुका है कि जब तक अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई नहीं रोकता, तब तक होर्मुज को बंद रखने का विकल्प उसके पास मौजूद है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रूट माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला वैश्विक कच्चे तेल और एलएनजी (Liquefied Natural Gas) का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यदि यहां आवाजाही प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

दुनिया का लगभग 20% पेट्रोलियम (करीब 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का एक बड़ा हिस्सा रोजाना इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हालांकि, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने इस रास्ते से बचने के लिए जमीनी पाइपलाइनें बनाई हैं। लेकिन वे कुल तेल का केवल एक छोटा हिस्सा ही ले जा सकती हैं। खाड़ी देशों के अधिकांश तेल निर्यात के पास इस जलमार्ग के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

अमेरिका ने तेज किए हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास समेत कई स्थानों पर ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है जिससे वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। इससे पहले ग्रेटर तुंब द्वीप पर तटीय रक्षा ठिकानों और क्रूज मिसाइल साइटों पर भी हमले किए गए थे।

ईरान में कई जगह धमाके

ईरानी मीडिया के मुताबिक, हालिया हमलों का दायरा पहले की तुलना में कहीं ज्यादा व्यापक रहा। उत्तरी ईरान के सेमनान एयरपोर्ट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा। जबकि लोरेस्तान प्रांत में भी विस्फोटों की खबरें सामने आईं। राजधानी तेहरान के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। वहीं, खुजेस्तान प्रांत के अहवाज क्षेत्र में एक बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास भी हमले की सूचना मिली, जिसकी ईरान ने कड़ी निंदा की है।

35 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा घायल

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया अमेरिकी हमलों में कम से कम 35 लोगों की मौत हुई है। जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने लगातार हो रहे धमाकों से दहशत का माहौल बताया है।

ईरान की पलटवार की धमकी

अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो केवल होर्मुज जलडमरूमध्य ही नहीं। बल्कि पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हितों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। ईरानी सेना ने कहा कि अगर अमेरिका आगे बढ़ता है तो क्षेत्र का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर ईरानी सशस्त्र बलों के जवाबी हमलों की जद में आ सकता है।

खाड़ी देशों पर भी बढ़ा खतरा

ईरान की सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन स्थित अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। वहीं, जॉर्डन ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। कुवैत ने ड्रोन गिराने की जानकारी दी। जबकि बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए। इराक के एरबिल क्षेत्र में भी विस्फोटक ड्रोन को रोके जाने की खबर सामने आई है।

कूटनीतिक रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं

हालांकि, दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। लेकिन कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है। वहीं, ईरान ने संकेत दिया है कि यदि उसे किसी समझौते का लाभ नहीं मिलता तो वह उस पर कायम रहने का कोई कारण नहीं देखता। उधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि यदि ईरान जल्द बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

दुनिया पर क्या होगा असर?

यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है या वहां जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, समुद्री व्यापार और पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह टकराव केवल क्षेत्रीय नहीं। बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी चिंता बनता जा रहा है।

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