एक पैकेज, 7 शहर और अनगिनत यादें! IRCTC का ये नया जापान टूर पैकेज लुभा रहा है कई ट्रैवलर्स को

विदेश घूमने का सपना देखने वालों के लिए IRCTC शानदार मौका लेकर आया है। इंडियन रेलवे 10 दिन और 9 रात का दिल्ली से जापान का टूर पैकेज लेकर आया है, जिसमें टोक्यो से लेकर हिरोशिमा तक कई मशहूर शहरों, सांस्कृतिक स्थलों और अट्रैक्टिव लोकेशन की सैर कराई जाएगी।

 

ट्रैवल की तारीख

IRCTC का यह स्पेशल जापान टूर 6 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 15 सितंबर 2026 को खत्म होगा। ट्रैवलर दिल्ली से टोक्यो (हानेडा एयरपोर्ट) के लिए उड़ान भरेंगे और वापसी भी टोक्यो से ही होगी। जर्नी ऑल निप्पॉन एयरवेज (ANA) की फ्लाइट से कराई जाएगी। लेकिन फ्लाइट के समय में एयरलाइन के अनुसार बदलाव हो सकता है।

 

 

पैकेज कीमत

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इस टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹3,45,999 प्रति व्यक्ति (ट्रिपल शेयरिंग) रखी गई है। ट्विन शेयरिंग के लिए ₹3,49,999 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹4,73,999 देने होंगे। बच्चों के लिए भी अलग पैकेज अवेलेबल है, जिसमें 5 से 11 साल तक के बच्चों के लिए बेड के साथ और बिना बेड के अलग-अलग रेट तय किए गए हैं।

 

 

पैकेज फैसिलिटी

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पैकेज में आने-जाने का इकॉनमी क्लास एयर टिकट, चार-स्टार होटल में रुकने की व्यवस्था, जापान टूरिस्ट वीजा, रोजाना नाश्ता, लंच और डिनर, एयरपोर्ट ट्रांसफर, एसी कोच से लिकल ट्रिप, 70 वर्ष से कम उम्र के पैसेंजर के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस, अंग्रेजी बोलने वाला टूर गाइड और सभी जरूरी टैक्स शामिल किए गए हैं। इससे ट्रैवलर को अलग-अलग खर्चों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

 

 

 

टूरिस्ट स्पॉट्स 

My eye-opening visit to Hiroshima, 80 years after the bombing

इस 10 दिन की ट्रिप में जापान के कई मशहूर शहरों और टूरिस्ट डेस्टिनेशन को शामिल किया गया है। ट्रवलर टोक्यो, हाकोने, हमामात्सु, क्योटो, ओसाका, नारा और हिरोशिमा की सैर करेंगे। इसके अलावा असाकुसा मंदिर, उएनो पार्क, ओडाइबा, टीमलैब प्लैनेट्स, माउंट फूजी का फिफ्थ स्टेशन (मौसम के अनुसार), ओवाकुदानी घाटी और हाकोने रोपवे जैसी फेमस डेस्टिनेशन का भी एक्सपीरियंस मिलेगा।

 

 

 

स्पेशल अट्रैक्शन

टूर में ट्रैवलर नागोया का टोयोटा म्यूजियम और SCMAGLEV रेलवे म्यूजियम, क्योटो का अराशियामा बैम्बू फॉरेस्ट, किंकाकु-जी मंदिर, फुशिमी इनारी ताइशा, ओसाका कैसल, नारा डियर पार्क, तोदाई-जी मंदिर, हिरोशिमा पीस मेमोरियल पार्क, मियाजिमा आइलैंड और इत्सुकुशिमा श्राइन भी देख सकेंगे। इस टूर का सबसे मेन अट्रैक्शन जापान की वर्ल्ड फेमस शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में शिन-ओसाका से हिरोशिमा तक सफर करना होगा।

 

 

 इम्पोर्टेन्ट डॉक्यूमेंट

इस टूर की बुकिंग के लिए ट्रैवलर के पास वापसी की तारीख से कम से कम छह महीने तक वैलिड पासपोर्ट होना जरूरी है। इसके साथ पैन कार्ड, वीजा के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स, बैंक से जुड़ी फाइनेंसियल डिटेल और नौकरी से संबंधित डाक्यूमेंट्स भी जमा करने होंगे। जापान के वीजा नियमों का पालन करना सभी पैसेंजर के लिए अनिवार्य होगा।

 

 

जरूरी जानकारी

IRCTC ने साफ किया है कि ट्रिप प्रोग्राम और फ्लाइट का समय सिचुएशन और एयरलाइन की जरूरतों के हिसाब से बदला जा सकता है। ऐसे में ट्रैवलर को बुकिंग से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

8th Pay Commission: 3%, 5% और 6% एनुअल इंक्रीमेंट से 5 साल में कितनी बढ़ेगी बेसिक सैलरी? समझें लेवल 1 से 3 तक का पूरा कैलकुलेशन

8th Pay Commission Increment Calculation: पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को बने 9 महीने हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, आयोग साल 2027 की शुरुआत में अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। वेतन आयोग की सिफारिशों में जहां फिटमेंट फैक्टर की सबसे ज्यादा चर्चा है, वहीं सालाना वेतन वृद्धि दर भी कर्मचारियों की सैलरी तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को बेसिक पे का 3% सालाना इंक्रीमेंट मिलता है। हालांकि, विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग से एनुअल इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5%, 6% या 7% करने की मांग की है। आइए अनुमानित आंकड़ों के जरिए समझते हैं कि इंक्रीमेंट 3%, 5% या 6% होने पर अगले 5 सालों में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है।

कर्मचारी यूनियनों ने कितने % इंक्रीमेंट की मांग की है?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सालाना वेतन वृद्धि की दर में बढ़ोतरी को लेकर अपनी मांगें रखी हैं। इसमें नेशनल काउंसिल ऑफ द जेसीएम (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लाइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने मौजूदा 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, इंडियन रेलवे सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 5% और ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने 7% वार्षिक इंक्रीमेंट की सिफारिश की है, ताकि लंबी अवधि में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बेहतर बढ़ोतरी हो सके।

लेवल 1 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

7वें पे मैट्रिक्स के अनुसार लेवल 1 की शुरुआती बेसिक पे ₹18,000 है। अलग-अलग इंक्रीमेंट रेट के हिसाब से 5 साल में बेसिक सैलरी का ट्रेंड ऐसा हो सकता है:

लेवल 1 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 2 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 2 की शुरुआती बेसिक पे ₹19,900 होती है। 5 साल में यह इस प्रकार बढ़ सकती है:

लेवल 2 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 3 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

लेवल 3 की शुरुआती बेसिक पे ₹21,700 है। देखिए 5 साल में यह कितनी बढ़ेगी:

लेवल 3 कर्मचारियों की सैलरी का गणित

बेसिक पे बढ़ने का अलाउंस और पेंशन पर क्या पड़ेगा असर?

सालाना इंक्रीमेंट से केवल टेक-होम सैलरी ही नहीं बढ़ती, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य भत्तों में भी कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है:

महंगाई भत्ता (DA) & HRA: डीए और एचआरए की गणना बेसिक पे के प्रतिशत के आधार पर होती है। बेसिक पे ज्यादा होने पर डीए और एचआरए की रकम भी अपने आप बढ़ जाएगी।

NPS / PF योगदान: एनपीएस या प्रोविडेंट फंड में बेसिक+डीए का 10% कटता है, जिससे रिटायरमेंट कॉर्पस मजबूत होगा।

पेंशन और रिटायरमेंट बेनेफिट्स: रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी और पेंशन भी अंतिम बेसिक पे पर निर्भर करती है।

नोट: ये आंकड़े केवल 7वें पे मैट्रिक्स के आधार पर तैयार किए गए अनुमानित कैलकुलेशन हैं। 8वें वेतन आयोग ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

वंदे भारत की रफ्तार से दौड़ी पहली फ्रेट ट्रेन, 145 kmph की स्पीड छूकर बनाया नया रिकॉर्ड

भारत अपने रेलवे फ्रेट नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म-बेस्ड फ्रेट इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) ने राजस्थान के कोटा डिवीजन में टेक्निकल ट्रायल का पहला दिन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान इस हाई-स्पीड फ्रेट ट्रेन ने 145 किमी/घंटा की टॉप स्पीड हासिल की, जो भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

16-कोच वाले इस प्रोटोटाइप ट्रेन को चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वंदे भारत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके तैयार किया है। इसे सामान को पहले से ज्यादा तेज और बेहतर तरीके से पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है, खासकर उन सेक्टरों के लिए जिन्हें तेजी से डिलीवरी की जरूरत होती है, जैसे कि ई-कॉमर्स, पार्सल सर्विस और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स।

ट्रेन 145 kmph की टॉप स्पीड तक पहुंची

यह ट्रायल ‘रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन’ (RDSO) की ओर से कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर किया जा रहा है, जो इंडियन रेलवे के सबसे एडवांस्ड टेस्टिंग रूट्स में से एक है।

कोटा डिवीजन के सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन के अनुसार, मालगाड़ी बुधवार सुबह 6 बजे कोटा से रवाना हुई और महिदपुर रोड तक गई। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले कोटा-महिदपुर रोड सेक्शन पर 120 kmph की रफ्तार से बिना रिकॉर्डिंग वाले टेस्ट किए गए।

बाद में ट्रेन ने महिदपुर रोड और भवानी मंडी के बीच 120 kmph और 135 kmph की रफ्तार से ट्रायल रन पूरे किए। कोटा लौटते समय इसने 145 kmph की अधिकतम रफ्तार हासिल की, जो ट्रायल के पहले दिन दर्ज की गई सबसे ज्यादा रफ्तार थी।

अधिकारियों ने बताया कि टेस्टिंग के दौरान ट्रेन हर दिन कम से कम दो राउंड ट्रिप करेगी।

एक महीने तक चलेगा ट्रायल, परफॉर्मेंस और सुरक्षा की होगी जांच

कमर्शियल इस्तेमाल के लिए मंज़ूरी मिलने से पहले प्रोटोटाइप का एक महीने तक टेस्टिंग प्रोग्राम चलेगा। इन टेस्ट में ट्रेन की परफॉर्मेंस को 120, 130, 140 और 145 kmph की स्पीड पर, लोड के साथ और बिना लोड के, परखा जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंजीनियर इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस, ट्रैक्शन, ब्रेकिंग क्षमता, रीजेनरेटिव एनर्जी परफॉर्मेंस, कपलर की मजबूती और घुमावदार रास्तों पर ट्रेन के व्यवहार की भी जांच करेंगे।

इसके अलावा, ट्रेन के सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन इंटरफेरेंस टेस्ट, PAPIS वेरिफिकेशन, दरवाजों के कामकाज की जांच और सुरक्षा से जुड़ी जांच भी की जाएगी।

इसके साथ ही लाइटिंग सिस्टम, CCTV कैमरे, अंदर के इक्विपमेंट और इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्शन सिस्टम पर भी स्टैटिक टेस्ट किए जाएंगे।

तेजी से सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन की गई

वंदे भारत फ्रेट EMU को खास तौर पर ऐसे सामान की तेज रफ्तार से ढुलाई के लिए डिजाइन किया गया है, जिसे जल्दी पहुंचाने की जरूरत होती है। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, इससे एक्सप्रेस पार्सल सर्विस, ई-कॉमर्स, रेफ्रिजरेटेड ट्रांसपोर्ट और समय पर निर्भर लॉजिस्टिक्स जैसे उद्योगों को फायदा होने की उम्मीद है।

16-कोच वाली इस ट्रेन में दो रेफ्रिजरेटेड DTC कोच, दो नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर कोच और 12 पार्सल कोच शामिल हैं। बता दें कि इसकी पेलोड क्षमता 397 टन से ज्यादा है और XL लोड 20 टन से अधिक है।

यह ट्रेन, वंदे भारत बोगी सिस्टम, आधुनिक ब्रेकिंग और प्रोपल्शन सिस्टम, रेफ्रिजरेटेड स्टोरेज सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन और सामान को आसानी से लोड और अनलोड करने के लिए न्यूमैटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोरिंग से लैस है।

इसमें एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं

इस मालगाड़ी में कई मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स भी हैं। इसमें ऑपरेशनल सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए ‘कवच’ (KAVACH) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है।

सेफ्टी को और मजबूत बनाने के लिए ट्रेन के सभी दरवाजे 5 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड होने पर अपने आप लॉक हो जाते हैं। इसके अलावा, जब तक ट्रेन के सभी दरवाजे ठीक से बंद और लॉक नहीं हो जाते, तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकती। इससे सफर के दौरान सुरक्षा का स्तर और बेहतर होगा।

यह भी पढ़ें: 12 साल में 88% घटे ट्रेन हादसे! आखिर भारतीय रेलवे ने ऐसा क्या किया कि रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ी सुरक्षा?

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कोलकाता पोर्ट से डायरेक्ट बिराटनगर! भारत से पहली बार नेपाल पहुंची 40 वैगन की कंटेनर मालगाड़ी, जानिए इसमें क्या है खास

भारतीय रेलवे ने भारत और नेपाल के बीच माल ढुलाई और सीमा पार व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कोलकाता पोर्ट से नेपाल के बिराटनगर कस्टम्स यार्ड के लिए पहली बार सीधी व्यावसायिक कंटेनर मालगाड़ी का सफल संचालन किया गया है। कैनोला (Canola) यानी सफेद सरसों की खेप लेकर निकली 40 वैगनों की यह मालगाड़ी संशोधित भारत-नेपाल रेल ट्रांजिट प्रोटोकॉल के तहत अपनी यात्रा पूरी कर नेपाल पहुंची। यह कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच रेल-आधारित सीमा पार माल परिवहन के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

बिना किसी ट्रांसशिपमेंट के सीधी पहुंचेगी मालगाड़ी

इस सफल संचालन के बाद अब कोलकाता पोर्ट से बिराटनगर तक कंटेनरीकृत कार्गो की सीधी रेल आवाजाही संभव हो गई है। पहले सीमा पर सामान को उतारने और चढ़ाने की आवश्यकता होती थी, जो अब पूरी तरह समाप्त हो गई है। इस नई व्यवस्था से माल ढुलाई के समय, लॉजिस्टिक्स लागत और कार्गो हैंडलिंग में भारी कमी आएगी। सीधे रेल संपर्क से सीमा पार व्यापार अधिक कुशल, विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी बनेगा।

जून 2023 में हुआ था रेल लिंक का उद्घाटन

इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव भारत और नेपाल के बीच बिछाए गए ब्रॉड-गेज रेल नेटवर्क से जुड़ी है। भारत के जोगबनी से नेपाल के बिराटनगर के बीच ब्रॉड-गेज रेल लिंक का उद्घाटन जून 2023 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 में संशोधित लेटर ऑफ एक्सचेंज (LoE) पर हस्ताक्षर किए गए। इसी समझौते के आधार पर अब बिराटनगर के लिए सीधी व्यावसायिक रेल सेवा औपचारिक रूप से शुरू हो गई है जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुल गए हैं।

व्यापार जगत, उद्योग और पर्यावरण को मिलेगा बड़ा फायदा

सीधी रेल मालगाड़ी सेवा से आयात और निर्यात दोनों तरह के कार्गो की आवाजाही को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। यह परिवहन का एक तेज, अधिक किफायती और पर्यावरण के लिए बेहतर माध्यम साबित होगा। सप्लाई चेन में कई हैंडलिंग पॉइंट्स के कम होने से निर्यातकों, आयातकों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और सीमा पार व्यापार में लगे उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा सड़क परिवहन की तुलना में यह एक हरित और अधिक भरोसेमंद विकल्प प्रदान करेगा।

अंतरराष्ट्रीय रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भारतीय रेलवे का जोर

यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेल कनेक्टिविटी का विस्तार करने और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे की ओर से लगातार किए जा रहे प्रयासों को भी दिखाती है। आधुनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के विजन को भी इससे मजबूती मिली है।

Stock in News: रेलवे से पहली बार मिले दो ऑर्डर्स, खुलासे पर 4% उछल पड़ा यह शेयर

Hirect Share Price: हिरेक्ट (पूर्व नाम हिंद रेक्टिफायर्स) ने लगातार तीन दिनों तक तीन डिटेल्स एक्सचेंज फाइलिंग में दी और अब आज इसके शेयर 4% से अधिक ऊपर चढ़ गए। इसमें से एक जानकारी तो कंपनी ने ये भेजी है कि 24 जुलाई से इसका नाम हिंद रेक्टिफायर्स से हिरेक्ट हो गया तो बाकी में कंपनी ने बताया है कि इसे रेलवे से अपनी तरह का खास पहला ऑर्डर मिला है। इसने शेयरों की चमक बढ़ा दी। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.98% की बढ़त के साथ ₹1339.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 4.44% उछलकर ₹1,358.00 तक उछल गया था।

कैसे ऑर्डर्स मिले हैं Hirect (Hind Rectifiers) को रेलवे से

हिरेक्ट को रेलवे से ₹160 करोड़ के अपनी तरह के पहले ऑर्डर्स मिले हैं। इसमें से एक ₹60 करोड़ का एक ऑर्डर तो इसे मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) से मिला है। यह मेडेन ऑर्डर MEMU (मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) ट्रेनसेट्स के लिए है, जिस पर कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है। वहीं कंपनी को इंडियन रेलवे से वंदे मेट्रो (नमो भारत) के लिए पहला डेवलपमेंट ऑर्डर मिला है। ₹60 करोड़ के इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 21 महीने के भीतर काम पूरा करना है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

हिरेक्ट के शेयरों ने निवेशकों का पैसा इस साल मार्केट की तेज उठा-पटक के बीच भी रॉकेट की स्पीड से बढ़ाया। महज छह महीने में ही यह 146% से अधिक ऊपर चढ़ गया यानी कि निवेशकों का पैसा करीब ढाई गुना हो गया। इस दौरान निफ्टी 4% से अधिक कमजोर हुआ था। हिरेक्ट के शेयर 27 जनवरी 2026 को बीएसई पर ₹568.55 के भाव पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से छह ही महीने में यह 146.24% उछलकर 16 जुलाई 2026 को ₹1,400.00 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

5 वजहों से थमी 5 दिनों की गिरावट, उछले सेंसेक्स-निफ्टी 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

प्लेटफॉर्म टिकट से भी सस्ता! भारत की पहली हाईड्रोजन ट्रेन का किराया जानकर रह जाएंगे हैरान

भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर ट्रेन शुरू करके ग्रीन रेल ट्रांसपोर्ट के एक नए दौर में कदम रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 17 जुलाई को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह सेवा क्लीन-एनर्जी टेक्नोलॉजी और इंडियन रेलवे नेटवर्क पर सबसे सस्ते टिकट दामों में से एक का मेल है।

नॉर्दर्न रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर चलने वाली यह ट्रेन भारत को उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल करती है, जिन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली पैसेंजर रेल सर्विस शुरू की है। स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से विकसित इस प्रोजेक्ट का मकसद पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करते हुए साफ-सुथरे ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है।

लॉन्च के बाद सबसे ज़्यादा चर्चा ट्रेन के किराए को लेकर हो रही है। कम से कम टिकट की कीमत 5 रुपये तय की गई है। जबकि ज़्यादा से ज़्यादा किराया 25 रुपये है। यह तय की गई दूरी पर निर्भर करता है। उद्घाटन सेवा में यात्रा करने वाले यात्रियों ने भी 5 रुपये वाले टिकट ही खरीदे। इसका शुरुआती किराया कई रेलवे स्टेशनों पर लगने वाले प्लेटफ़ॉर्म टिकट से भी कम है, जिससे यह सेवा भविष्य की तकनीक वाली और सस्ती दोनों बन जाती है।

किराये पर एक नज़र

• कम से कम किराया- ₹5

• ज़्यादा से ज़्यादा किराया- ₹25

• किराया इस पर निर्भर करता है- तय की गई दूरी

रूट, स्टॉप और यात्रियों की क्षमता

हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन जींद जंक्शन और सोनीपत के बीच चलेगी और लगभग दो घंटे में करीब 90 किलोमीटर का सफ़र तय करेगी। इसे ज़्यादा से ज़्यादा 75 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलाने की मंज़ूरी मिली है, जबकि इसकी डिज़ाइन स्पीड 110 किमी/घंटा है।

रूट पर पड़ने वाले स्टेशन

•जींद जंक्शन

•जींद सिटी

•पांडु पिंडारा

•ललित खेड़ा हॉल्ट

•भंभेवा

•ईसापुर खेड़ी हॉल्ट

•बुटाना हॉल्ट

•खांडराई हॉल्ट

•राबराह हॉल्ट

•लाठ

•मोहाना

•बरवासनी हॉल्ट

•सोनीपत

10 कोच वाली इस ट्रेन में लगभग 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं और उम्मीद है कि यह इस रूट पर रोज़ाना यात्रा करने वालों के काम आएगी।

यह ट्रेन दूसरों से अलग क्यों है?

आम ट्रेनों के उलट, जो डीज़ल इंजन या ऊपर लगे तारों से मिलने वाली बिजली पर चलती हैं, यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल का इस्तेमाल करके खुद ही बिजली बनाती है। फ्यूल सेल के अंदर, हाइड्रोजन ऑक्सीजन के साथ मिलकर बिजली बनाती है। इस प्रक्रिया में बाई-प्रोडक्ट के तौर पर सिर्फ़ पानी की भाप और गर्मी निकलती है, जिससे यह ट्रांसपोर्ट का ज़ीरो-एमिशन (बिना प्रदूषण वाला) ज़रिया बन जाता है। इसे चलाने के लिए ज़रूरी हाइड्रोजन की सप्लाई जींद में बने एक खास प्लांट से की जाएगी।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की मुख्य विशेषताएं

• 10-कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन

• हाइड्रोजन से चलने वाली दो ड्राइविंग पावर कारें

• आठ ट्रेलर कोच और 1,200 kW का हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम

• लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता और अधिकतम ऑपरेशनल स्पीड 75 kmph

• डिज़ाइन स्पीड 110 kmph

• हाइड्रोजन लीक, धुआं, आग और ज़्यादा गर्म होने का पता लगाने के लिए एडवांस्ड सिस्टम

• बिना पारंपरिक ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों के चलती है

भारत की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन सुविधा

इस प्रोजेक्ट के तहत जींद में भारत की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन स्टोरेज और रीफ्यूलिंग सुविधा भी बनाई गई है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा में लगभग 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन स्टोर की जा सकती है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माने जाने वाले सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित किया गया है। यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले इसकी स्वतंत्र सुरक्षा जांच भी की गई है।

भारत ग्लोबल हाइड्रोजन रेल नेटवर्क में शामिल हुआ

इस सर्विस के शुरू होने के साथ ही, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने हाइड्रोजन से चलने वाली रेल टेक्नोलॉजी अपनाई है। जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, इटली, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों में हाइड्रोजन ट्रेनें पहले से ही चल रही हैं या उनके ट्रायल चल रहे हैं। इस लॉन्च के साथ भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जो अगली पीढ़ी के, कम प्रदूषण वाले रेलवे सिस्टम में निवेश कर रहे हैं।

हरियाणा के CM ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस प्रोजेक्ट को देश की क्लीन एनर्जी यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विज़न को दिखाती है, साथ ही यह क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मज़बूत करती है और आर्थिक विकास में मदद करती है।

PM मोदी ने दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स भी लॉन्च किए

हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए सिरे से तैयार किए गए जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया और देश भर के 75 अपग्रेड किए गए रेलवे स्टेशनों को वर्चुअली देश को समर्पित किया।

उन्होंने अमृतसर और वाराणसी को जोड़ने वाली संत रविदास एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई। चंडीगढ़ दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री ने PGIMER में बड़े हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन किया, जिसमें ‘एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर’ भी शामिल है।

New IRCTC Website: आज लाइव हो रही है आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट, 5 गुना तेजी से बुक होंगे तत्काल टिकट! मिलेंगे ये स्मार्ट फीचर्स

New IRCTC Website: भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) आज यानी 15 जुलाई को अपनी नए सिरे से डिजाइन की गई टिकट बुकिंग वेबसाइट को लाइव करने जा रहा है। इस नए और अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म से यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग को बेहद तेज, आसान और सुलभ एक्सपीरियंस वाला होने का दावा किया जा रहा है।

भारतीय रेलवे डिजिटल सेवाओं को आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत यह बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है। दरअसल पीक आवर्स (खास तौर पर तत्काल बुकिंग के समय) के दौरान वेबसाइट के धीमे होने और टिकट बुकिंग फेल होने को लेकर यात्री लगातार शिकायतें कर रहे थे। दावा किया जा रहा है कि नई वेबसाइट इन सभी समस्याओं को काफी हद तक दूर कर देगी। आइए जानते हैं कि नई वेबसाइट में क्या बदलाव किए गए हैं और यात्रियों को कौन से नए स्मार्ट फीचर्स मिलेंगे।

5 गुना तेज बुकिंग और भारी-भरकम ट्रैफिक संभालने की क्षमता

नई वेबसाइट का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सुधार इसकी ट्रैफिक संभालने की क्षमता में किया गया है। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक नया प्लेटफॉर्म अब हर मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह मौजूदा सिस्टम की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। अभी का सिस्टम प्रति मिनट सिर्फ 32000 बुकिंग ही संभाल पाता था।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के बैकएंड को भी मजबूत किया गया है। अब यह प्रति मिनट 40 लाख से अधिक पूछताछ को सपोर्ट कर सकता है। पुराना सिस्टम सिर्फ 4 लाख पूछताछ ही संभाल पाता था। टिकट बुकिंग और दूसरी कैपिसिटी में हुई इस बढ़ोतरी के बाद पीक आवर्स में वेबसाइट के धीमे होने, पेमेंट फेल होने और बुकिंग एरर जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी।

यात्रियों के लिए नए और बेहद स्मार्ट फीचर्स

प्रदर्शन में सुधार के अलावा आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। अब यात्री टिकट बुकिंग के दौरान अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे। पहले यात्रियों को पूरी तरह से ऑटोमैटिक सीट आवंटन पर निर्भर रहना पड़ता था। इसमें एक फेयर कैलेंडर फीचर जोड़ा गया है। इसकी मदद से यात्री टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग तारीखों के किरायों की तुलना कर सकेंगे। यह उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होगा जिनके सफर की तारीखें फ्लेक्सिबल हैं और जो कम किराये में सफर करना चाहते हैं।

बुकिंग इंटरफेस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अब स्लीपर, एसी 3 टियर और एसी 2 टियर जैसी कई श्रेणियों की सीट उपलब्धता को एक ही स्क्रीन पर देखा जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को बार-बार अलग-अलग टैब बदलने की जरूरत नहीं होगी।

आसान पहुंच और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस

नई वेबसाइट कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के लिए अपनी भाषा में टिकट बुक करना आसान हो जाएगा। छात्रों, दिव्यांगजनों और मरीजों के लिए दी जाने वाली कंसेशन बुकिंग सेवाओं को अब एक ही यूनीफाइड सिस्टम में जोड़ दिया गया है।

वेबसाइट के इंटरफेस को काफी सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाया गया है। अब टिकट बुक करते समय यात्रियों को गैर-जरूरी पॉप-अप विज्ञापनों, बैनरों और बार-बार आने वाले कैप्चा वेरिफिकेशन से परेशान नहीं होना पड़ेगा। इससे बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।

रेलवे के बड़े डिजिटल कायाकल्प का हिस्सा

आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट का लॉन्च होना भारतीय रेलवे में चल रहे एक बड़े डिजिटल बदलाव का हिस्सा है। यात्री सेवाओं में सुधार के साथ-साथ रेलवे ने हाल ही में बुनियादी ढांचे, माल ढुलाई संचालन और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने से जुड़े कई बड़े सुधारों का भी ऐलान किया है।

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Viral Post: ‘पहले हां कहा, फिर कर दिया मना’ सीट बदलने से इनकार करने वाले यात्री का पोस्ट वायरल

ट्रेन में सीट बदलने को लेकर एक पैसेंजर की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब वायरल हो रही है। पैसेंजर ने बताया कि दो युवतियों ने उनसे सीट बदलने का अनुरोध किया था और वह इसके लिए तैयार भी हो गया था। लेकिन बातचीत के दौरान उनके व्यवहार से उसे असहज महसूस हुआ, जिसके बाद उसने अपना फैसला बदल दिया। इस घटना को शेयर करते हुए पैसेंजर ने पूछा कि क्या दूसरे लोगों ने भी ट्रेनों में अक्सर होने वाले “एडजस्ट कर लीजिए” वाले दबाव का सामना किया है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

सीट बदलने को लेकर पोस्ट वायरल

Reddit पोस्ट में व्यक्ति ने बताया, “लड़की ने मुझसे सीट बदलने के लिए कहा, लेकिन उसका व्यवहार ठीक नहीं था” टाइटल से शेयर किए गए। पैसेंजर ने बताया कि, वह ट्रेन के 3E कोच में मिडिल बर्थ पर सफर कर रहा था। तभी दो महिलाएं उसके पास आईं और सीट बदलने का अनुरोध किया। उनमें से एक की उसी कंपार्टमेंट में ऊपरी बर्थ थी, जबकि दूसरी महिला की सीट उसी कोच में किसी दूसरे स्थान पर थी। पैसेंजर ने बताया, “मैंने शुरुआत में सीट बदलने के लिए हां कर दी थी।”

सीट देने से कर दिया मना

उन्होंने कहा कि, “मैंने अपनी सीट पर पहले ही बिस्तर लगा लिया था, इसलिए उसे बस उस सीट पर बिस्तर लगाना चाहिए। ठीक है, है ना?” उनकी सिर्फ एक शर्त थी कि उन्होंने अपनी सीट पर पहले से ही बिस्तर लगा रखा है, इसलिए दूसरी सीट पर भी बिस्तर वही लगा दें। उसके मुताबिक, इस पर महिला ने जवाब दिया, “ये भी मैं ही करूं? इतना तो खुद कर लो।” पैसेंजर का कहना है कि इसी जवाब के बाद उसने अपना फैसला बदलने का मन बना लिया। पैसेंजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे नहीं पता उस समय मुझे क्या हुआ, लेकिन मैं नाराज हो गया और मैंने साफ कह दिया, ‘आप किसी और से पूछ लीजिए, मैं किसी भी हालत में सीट नहीं बदलूंगा।'”

लोगों ने कहा सीट बदलने को

उसके मुताबिक, महिला वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद लौटकर बोली, “ठीक है, मैं बिस्तर लगा दूंगी।” वहीं, तब तक पैसेंजर अपना फैसला बदल चुका था और उसने सीट बदलने से इनकार कर दिया। पैसेंजर के मुताबिक, मामला तब और बढ़ गया जब दूसरे यात्रियों ने भी उससे सीट बदलने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने कहा, “अरे, जाने दीजिए, सबको कहीं न कहीं जाना है। थोड़ा एडजस्ट करके चलना चाहिए।” इस पर उसने पास बैठे एक पैसेंजर से पूछा, “अगर ऐसा है, तो क्या आप अपनी सीट बदलने के लिए तैयार हैं?” जवाब में उस पैसेंजर ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ सफर कर रहा है, इसलिए ऐसा नहीं कर सकता।

फैसले पर कोई पछतावा नहीं

पोस्ट में आगे पैसेंजर ने लिखा कि उसने भी बाकी सभी की तरह पूरा किराया देकर टिकट लिया है और उसका मानना है कि सीट बदलने की बात विनम्रता से रखी जानी चाहिए, यह मानकर नहीं कि सामने वाला हर हाल में मान जाएगा। उसने लिखा, “मुझ पर रौब मत दिखाइए और फिर यह उम्मीद मत रखिए कि मैं आपकी हर बात मान लूंगा।” उसने यह भी कहा कि कुछ देर के लिए आसपास बैठे लोगों की नजरों से उसे अपराधबोध जरूर हुआ, लेकिन बाद में उसे अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं हुआ।

यूजर ने किया कमेंट

सोशल मीडिया पर यह पोस्ट सामने आने के बाद कई लोगों ने अपनी राय दी। बड़ी संख्या में यूजर्स ने पैसेंजर के फैसले का समर्थन किया। वहीं, कई अन्य लोगों ने भी ट्रेन यात्रा के दौरान सीट बदलने के लिए दबाव बनाए जाने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की। एक यूजर ने लिखा, “ओपी, बदतमीज लोगों के लिए कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। अगर उनका व्यवहार अच्छा होता, तो शायद उन्हें सीट मिल जाती। यह पूरी तरह उनकी अपनी गलती है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “लोग अक्सर किसी की विनम्रता को उसकी कमजोरी समझ लेते हैं। तुमने बिल्कुल सही किया। जब सामने वाले ने देखा कि तुमने पहले से बिस्तर लगा रखा है, तब उसे सम्मान से बात करनी चाहिए थी। यह सामान्य शिष्टाचार है।” एक और यूजर ने रिएक्शन देते हुए कहा, “तुम्हारा जवाब बिल्कुल सही था। ऐसे लोगों को सीधे और साफ जवाब मिलना ही चाहिए।”

जानिए भारत की सबसे तेज स्पीड वाली ट्रेनों के बारे में, क्या वंदे भारत शामिल है इसमें?

वंदे भारत एक्सप्रेस को अक्सर भारत की सबसे मॉडर्न और तेज ट्रेनों में गिना जाता है, लेकिन क्या यह सच में देश की सबसे तेज ट्रेन है? ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार की गई यह भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन है, जो मॉडर्न टेक्निक, तेज रफ्तार और शानदार सुविधाओं के लिए जानी जाती है। इसकी मैक्सिमम स्पीड 160 किमी/घंटा तक है और यह बिना अलग इंजन के इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) सिस्टम पर चलती है। आइए जानते हैं वंदे भारत, नमो भारत, राजधानी, शताब्दी और नई वंदे भारत स्लीपर में से कौन-सी ट्रेन स्पीड, टेक्नोलॉजी और आराम के मामले में सबसे आगे है:

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस: ​​

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2026 में शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर बनी भारत की पहली ओवरनाइट (रात भर चलने वाली) ट्रेन है। कोटा-नागदा रूट पर ट्रायल रन के दौरान इसने 180 किमी/घंटा की स्पीड हासिल की, जबकि रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर लॉन्ग डिस्टेंस के टेस्ट भी किए। हालांकि, रेगुलर कमर्शियल ऑपरेशन में यह ट्रेन मंजूर की गई ऑपरेशनल स्पीड पर चलेगी।

राजधानी एक्सप्रेस:

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​​1969 में शुरू हुई राजधानी एक्सप्रेस भारत की पहली पूरी तरह से एयर-कंडीशंड प्रीमियम ट्रेन सर्विस थी। 130 किमी/घंटा की टॉप स्पीड के साथ, यह नई दिल्ली को देश भर की कई स्टेट की राजधानियों और बड़े शहरों से जोड़ती है। दशकों से, राजधानी भारत में लॉन्ग डिस्टेंस की प्रीमियम रेल ट्रैवल के लिए एक बेंचमार्क रही है।

अमृत भारत एक्सप्रेस:

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​​2023 में शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस एक नॉन-AC पुश-पुल ट्रेन है जिसे किफायती लॉन्ग डिस्टेंस के ट्रैवल के लिए डिजाइन किया गया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनी यह ट्रेन 130 किमी/घंटा तक की स्पीड से चल सकती है। दोनों सिरों पर लोकोमोटिव होने के कारण, ट्रेन की स्पीड तेजी से बढ़ती और कम होती है। इसका ऑब्जेक्टिव छोटे कस्बों और शहरों को तेज और कम्फर्टेबल ट्रैवल ऑप्शन देना है, जहां राजधानी या शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें नहीं जाती हैं।

गतिमान एक्सप्रेस:

ये है भारत की सबसे महंगी और आलीशान ट्रेन, एक टिकट की कीमत में आ जाएगी लग्जरी कार! - News18 हिंदी

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अप्रैल 2016 में शुरू की गई गतिमान एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन सेवा थी। हजरत निजामुद्दीन और आगरा कैंट के बीच चलने वाली यह ट्रेन मैक्सिमम 160 किमी/घंटा की स्पीड से चलती है। इस ट्रेन को 5,500 HP वाले WAP-5 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से चलाया जाता है और इसमें एग्जीक्यूटिव चेयर कार और AC चेयर कार कोच होते हैं। सभी कोच बायो-टॉयलेट से लैस हैं, जो इसे इंडियन रेलवे की प्रीमियम डे की ट्रैवल सर्विस में से एक बनाता है।

शताब्दी एक्सप्रेस: ​​

This may contain: a train traveling over a bridge with tall buildings in the backgroung area

1988 में शुरू हुई शताब्दी एक्सप्रेस भारत की सबसे पॉपुलर प्रीमियम दिन की ट्रेनों में से एक है। इसे उसी दिन वापसी की जर्नी के लिए डिजाइन किया गया है और यह मैक्सिमम 130 किमी/घंटा की गति से चलती है। इस ट्रेन में केवल AC चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार कोच होते हैं, इसमें स्लीपर डिब्बे नहीं होते, जिससे यह कम से मीडियम डिस्टेंस की जर्नी के लिए आइडियल बन जाती है।

नमो भारत RRTS:

नमो भारत की पीक ऑवर्स में 10 और नई ट्रिप्स की शुरुआत, RRTS कॉरिडोर के यात्रियों को मिली बड़ी सौगात | Namo Bharat 10 more new Trips launched during peak hours Good

दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) पर चलने वाली नमो भारत ट्रेनें तेज स्पीड वाली रीजनल ट्रैवल के लिए डिज़ाइन की गई हैं। हालांकि ये 160 किमी/घंटा की ऑपरेशनल स्पीड से चलती हैं, लेकिन इन ट्रेनों की डिज़ाइन स्पीड 180 किमी/घंटा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) डेवलप्ड यह सिस्टम ट्रेडिशनल रेलवे लाइनों और रोड ट्रैफिक से अलग, खास तौर पर इसके लिए बनाए गए ट्रैक पर चलता है, जिससे ट्रैवल तेज और ज़्यादा भरोसेमंद होती है।

वंदे भारत से लेकर अमृत भारत तक, इंडियन रेलवे तेजी से मॉडर्न हो रहा है और तेज ट्रेनें, बेहतर टेक्नोलॉजी और पैसेंजर के लिए ज्यादा आराम जैसी सुविधाएं ला रहा है। ये अगली जनरेशन की सर्विस ट्रैवल का समय कम कर रही हैं, सेफ्टी बढ़ा रही हैं और देश भर के ज्यादा शहरों और कस्बों तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचा रही हैं।