Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी दे रहे कंसोलिडेशन के संकेत, निफ्टी के लिए 24000-23950 के जोन में तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : 16 जुलाई को निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में सोमवार की 260 अंको की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और आखिर में मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान कैंडलस्टिक पैटर्न से कोई साफ संकेत नहीं मिला। बाजार US-ईरान के बीच तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रहा। तकनीकी तौर पर,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। 24,000-23,950 का जोन (20 डे और 50 डे EMA) इंडेक्स के लिए मजबूत और तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है।

अगर इंडेक्स इन लेवल से नीचे गिरता है,तो यह कंसोलिडेशन फेज में जा सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो अपट्रेंड की संभावना बढ़ जाएगी। जानकारों के मुताबिक,ऐसी स्थिति में 24,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 24,500-24,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बन सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,023, 23,974 और 23,893

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,183, 24,233 और 24,313

सोमवार की लॉन्ग ग्रीन कैंडल के अंदर,डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने डोजि कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच अनिश्चितता का संकेत है। इंडेक्स ने क्लोजिंग के आधार पर अपने 20-दिन के EMA को बनाए रखा और 50-दिन के EMA से काफी ऊपर रहा। हालांकि,यह क्लोजिंग के आधार पर 10-दिन और 100-दिन के EMA से ऊपर टिक नहीं पाया।

इसके अलावा,8 जुलाई को एक लंबी बेयरिश कैंडल बनने के बाद से यह फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 50% और 38.2% फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल के बीच ट्रेड कर रहा है। RSI 52.31 पर है और MACD अपनी-अपनी सिग्नल लाइनों से नीचे बने हुए हैं,हालांकि पिछले एक हफ्ते से दोनों साइडवेज चल रहे हैं। ये सभी बातें किसी खास दिशा में तेजी की कमी और लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,048, 58,190 और 58,421

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,587, 57,444 और 57,214

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

बैंक निफ्टी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने से पहले ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। इसने एक छोटी बॉडी वाली हरी कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी विक (wick)लंबी थी। यह रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली के दबाव का संकेत है। प्रॉफ़िट बुकिंग के बावजूद,बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। 50-दिन का EMA भी लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जो मार्केट के बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है।

यह लगातार चौथे सेशन में भी 1,000-पॉइंट की रेंज में ट्रेड कर रहा है। RSI 55.05 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा और साइडवेज चलता रहा, जबकि MACD भी अपनी सिग्नल लाइन से नीचे रहा और नीचे की ओर बढ़ता रहा। हिस्टोग्राम लगातार सातवें सेशन में भी रेड ज़ोन में रहा। ये सभी बातें कंसोलिडेशन का संकेत देती हैं,हालांकि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

15 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 735 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 704 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 3.49% की गिरावट आई और यह 13.27 पर आ गया। साथ ही यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के आसपास बना रहा। जब तक यह 15 के लेवल से नीचे रहता है,तब तक बुल्स को किसी बड़े जोखिम का सामना करने की संभावना कम है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 15 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से गिरकर 0.95 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441

बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

IND vs ENG: बारिश नहीं ट्रैफिक की वजह से भारत-इंग्लैंड मुकाबले के टॉस में हुई देरी, जानें कब शुरू होगा मैच

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का 5वां और आखिरी मुकाबला आज साउथेम्प्टन में खेला जाएगा। इंग्लैंड ने तीन मैच जीतकर पहले ही सीरीज पर कब्जा कर लिया है। वहीं भारतीय टीम के लिए अब साख बचने और क्लीन स्वीप से बचने के इरादे के साथ मैदान में उतरेगी। इसी बीच भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले पांचवें टी20 मैच की शुरुआत तय समय पर नहीं हो सकी। मैच का टॉस शाम 6:30 पर होना था, लेकिन मुकाबले का टॉस अभी तक नहीं हो पाया है।

इसकी वजह बारिश या मैदान की हालत नहीं, बल्कि भारतीय टीम का ट्रैफिक में फंस जाना था। टॉस के समय तक भारतीय खिलाड़ी स्टेडियम नहीं पहुंच पाए थे, वहीं इंग्लैंड की टीम मैदान पर वार्म-अप शुरू कर चुकी थी।

कब शुरु होगा मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवे टी20 मैच की शुरुआत शाम 7 बजे शुरू होना था। इससे आधे घंटे पहले शाम 6:30 बजे टॉस होना था। लेकिन भारतीय टीम के ट्रैफिक में फंसे होने की वजह से टॉस में देरी हुई है। वहीं इंग्लैंड की टीम पहले ही स्टेडियम पहुंचकर अपना अभ्यास भी शुरू कर दिया। अब मुकाबले का टॉस भारतीय समयानुसार शाम 7:15 और मुकाबले की शुरुआत शाम 7:30 पर होगी।

कब पहुंची टीम इंडिया

आमतौर पर किसी भी क्रिकेट टीम को मैच शुरू होने से काफी पहले स्टेडियम पहुंचना होता है, ताकि खिलाड़ी आराम से प्रैक्टिस और वार्म-अप कर सकें। लेकिन इस मुकाबले में भारतीय टीम तय समय से काफी देर बाद मैदान पहुंची। टीवी प्रसारण में खिलाड़ी शाम करीब 6:36 बजे स्टेडियम में पहुंची।

रवि शास्त्री ने क्या कहा

मैदान पर मौजूद पूर्व भारतीय कोच और कमेंटेटर रवि शास्त्री ने इस पूरे घटनाक्रम पर हल्के-फुल्के अंदाज में रिएक्शन दिया। इसी दौरान उन्होंने मजाक करते हुए कहा कि अगर मुंबई पुलिस यह जिम्मेदारी संभालती, तो टीम शायद समय पर स्टेडियम पहुंच जाती। शास्त्री ने ब्रॉडकास्ट पर कहा, “मेरे इतने सालों के क्रिकेट करियर में मैंने पहली बार देखा है कि किसी टीम के ट्रैफिक में फंसने की वजह से टॉस में देरी हुई हो। टीम काफी देर से पहुंची है। अब तक टॉस हो जाना चाहिए था। यही वजह है कि मैं हमेशा मुंबई पुलिस की तारीफ करता हूं। वे किसी समस्या का इंतजार नहीं करते, बल्कि पहले से तैयारी करके रखते हैं।”

Stocks to Watch: आज 10 जुलाई को TCS, Dixon Tech समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, दिख सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव

शुक्रवार, 10 जुलाई को टीसीएस, आनंद राठी वेल्थ, डिक्सन टेक्नोलोजिज समेत कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे और Q1 के लिए बिजनेस अपडेट जारी किया था। वहीं कुछ ने नई डील, कॉन्ट्रैक्ट्स और अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार आज प्रतिक्रिया देगा। इसके अलावा SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग है, वहीं कई कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है…

आज इन कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे

इंडियन बैंक, एलएंडटी फाइनेंस, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी, इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस और जस्ट डायल

11 जुलाई को ये कंपनियां जारी करेंगी नतीजे

एवेन्यू सुपरमार्ट्स, LTM, अवंतेल और तिरुपति फिनलीज 11 जुलाई को अपनी तिमाही कमाई के नतीजे जारी करेंगी।

आज इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज: क्यू 1 में मुनाफा 4.6% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये हुआ। रेवेन्यू 13.9% बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हुआ। EBIT 11.6% बढ़कर 17,317 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 24.45% से घटकर 23.95% हो गया। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

आनंद राठी वेल्थ: Q1 में मुनाफा 73.6% बढ़कर 163 करोड़ रुपये हुआ। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 322 करोड़ रुपये हुआ।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: जून महीने में कुल प्रोडक्शन वॉल्यूम 30% बढ़कर 1,10,795 यूनिट हो गया। सेल्स वॉल्यूम 32.5% बढ़कर 1,03,502 यूनिट हो गया। एक्सपोर्ट वॉल्यूम 120.7% बढ़कर 5,954 यूनिट हो गया।

डिक्सन टेक्नोलोजिज: डिक्सन टेक ने भारत में एक जॉइंट वेंचर कंपनी बनाने के लिए वीवो मोबाइल इंडिया (VMI) के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के तौर पर काम करेगी। प्रस्तावित जॉइंट वेंचर में डिक्सन की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी वीवो मोबाइल इंडिया के पास होगी।

विक्रम सोलर: कंपनी ने 130 MW की कुल क्षमता वाले मोनो-PERC 10BB DCR-कम्प्लायंट सोलर सेल खरीदने के लिए एवरवोल्ट सोलर टेक्नोलॉजी इंडिया के साथ सोलर सेल सप्लाई एग्रीमेंट किया है।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: पावर ग्रिड को भदला-III, रामगढ़ PS और कानपुर (PG) में ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) आधार पर क्षमता बढ़ाने और बे (bay) एक्सटेंशन के काम वाले प्रोजेक्ट के लिए इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम स्थापित करने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है।

हैवेल्स इंडिया: कंपनी ने भारतीय बाजार के लिए एडवांस्ड बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) विकसित करने और पेश करने के लिए नॉर्वे की एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी कंपनी Pixii AS के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की है।

कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और GAIL: कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अहमदाबाद के खोडियार में CONCOR के इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) में अत्याधुनिक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) डिस्पेंसिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए GAIL (इंडिया) के साथ एक एग्रीमेंट किया है।

पेस डिजीटेक: कंपनी की सब्सिडियरी, Lineage Power ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सप्लाई के लिए Onward Solar Power और Kalpa Power के साथ दो रणनीतिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रीमियर एनर्जीज: कंपनी ने तेलंगाना के सीतारामपुर में अपनी नई 5.6 GW सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया है। इसने अपनी 6 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) फैसिलिटी और 18,000 मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाली एल्युमीनियम फ्रेम मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए भी शिलान्यास समारोह आयोजित किया।

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी: कंपनी ने 2015 में बने ‘लॉन्ग रेंज 2’ टैंकर, ‘जग लक्ष्मण’ की डिलीवरी ली है, जिसकी डेडवेट टनेज (DWT) क्षमता लगभग 109,990 है। कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही में इस पोत को खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। इस खरीद के लिए पूरी तरह से कंपनी के अपने फंड (इंटरनल एक्रूअल्स) का इस्तेमाल किया गया है।

इस सौदे के बाद, कंपनी के अपने बेड़े में 41 पोत शामिल हो गए हैं, जिनमें 26 टैंकर और 15 ड्राई बल्क कैरियर हैं, जिनकी कुल क्षमता 3.35 मिलियन DWT है। इसके बेड़े की मौजूदा क्षमता का इस्तेमाल लगभग 100 प्रतिशत हो रहा है।

बल्क डील्स

सनटेक रियल्टी: फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट ने ‘फिडेलिटी सीरीज इमर्जिंग मार्केट्स अपॉर्चुनिटीज फंड’ के जरिए सनटेक रियल्टी में 32.33 करोड़ रुपये में 10.05 लाख शेयर खरीदे, जो 0.68 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। वहीं, श्रोडर इंटरनेशनल सिलेक्शन फंड इमर्जिंग एशिया ने 42.47 करोड़ रुपये में 13.2 लाख शेयर बेचे, जो 0.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। यह सौदा 321.64 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर हुआ।

नैक पैकेजिंग: बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने नैक पैकेजिंग में 196.59 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 7 लाख शेयर खरीदे, जो 0.57 प्रतिशत हिस्सेदारी (कुल 13.76 करोड़ रुपये) के बराबर है।

इस कंपनी की होगी लिस्टिंग

Kody Technolab

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

एक्सिस बैंक

डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज

नेस्ले इंडिया

एजिस लॉजिस्टिक्स

एजिस वोपाक टर्मिनल्स

अपोलो टायर्स

आर्टेमिस मेडिकेयर सर्विसेज

बिड़लासोफ्ट

कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज

कंट्रोल प्रिंट

डी-लिंक (इंडिया)

डायनामिक केबल्स

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज

ग्राइंडवेल नॉर्टन

जेके सीमेंट

जेएसडब्ल्यू सीमेंट

महिंद्रा लॉजिस्टिक्स

न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी

नीलकमल

न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स

ओरिएंट इलेक्ट्रिक

पीटीएल एंटरप्राइजेज

रोसारी बायोटेक

स्मार्टलिंक होल्डिंग्स

शोभा

वीएसटी इंडस्ट्रीज

वेल्सपन लिविंग

ZF कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया

ये शेयर करेंगे एक्स-बोनस ट्रेड

गोल्डियम इंटरनेशनल

हिंदुस्तान इंसुलेटर्स एंड इंडस्ट्रीज

यह शेयर करेगा एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले स्टॉक्स

मंगलम वर्ल्डवाइड

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rajesh Sharma: प्रभास स्टारर की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को कीड़े ने काटा, गंभीर हालत में कराया गया भर्ती, AICWA ने जांच की मांग की

Rajesh Sharma: जाने-माने एक्टर राजेश शर्मा को कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े के काटने की आशंका के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। बताया जा रहा है कि उनकी हालत गंभीर है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने सिने वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “तुरंत, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच” की मांग की है।

X पर जारी एक बयान में, सिने वर्कर्स संगठन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से हाई-लेवल जांच के आदेश देने की अपील की। ​​उन्होंने मांग की कि प्रोड्यूसर राजेश शर्मा के इलाज का खर्च उठाए और जांच में कोई लापरवाही पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह बयान AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने जारी किया।

इस घटना की गहन जांच की मांग करते हुए AICWA ने कई सवाल उठाए- “इस घटना से कई गंभीर प्रश्न उठते हैं। अगर शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो निर्माता और प्रोडक्शन हाउस ने उन्हें तुरंत हैदराबाद के किसी प्रमुख अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया? क्या सेट पर पर्याप्त आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध थी? क्या सभी अनिवार्य स्वास्थ्य और कार्यस्थल सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था? शूटिंग स्थल पर ऐसा क्या हुआ जिसके कारण उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई?”

बयान में कहा गया- ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) तेलंगाना के माननीय मुख्यमंत्री श्री रेवंत रेड्डी से रामोजी फिल्म सिटी स्थित फौजी शूटिंग सेट पर हुई घटना की तत्काल उच्च स्तरीय जांच का आदेश देने का आग्रह करता है। जांच में अभिनेता राजेश शर्मा की आपातकालीन स्थिति का सटीक कारण पता चलना चाहिए, यह जांच होनी चाहिए कि क्या सभी कार्यस्थल सुरक्षा, स्वच्छता और आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था, और निर्माता, प्रोडक्शन हाउस या किसी अन्य जिम्मेदार प्राधिकरण की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही का पता लगाना चाहिए ।

बयान में कहा गया, “अगर जांच के दौरान कोई चूक या लापरवाही पाई जाती है, तो इसके लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फ़िल्म के पैमाने या बजट की परवाह किए बिना, किसी भी व्यक्ति या प्रोडक्शन हाउस को जवाबदेही से छूट नहीं मिलनी चाहिए। AICWA यह भी मांग करता है कि प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन हाउस श्री राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें पूरी तरह ठीक होने तक सबसे अच्छा इलाज मिले।”

खबरों के मुताबिक, प्रभास की फ़िल्म ‘फौजी’ की शूटिंग के दौरान राजेश शर्मा को किसी कीड़े ने काट लिया। उन्हें तुरंत इसका पता नहीं चला और वे दूसरी शूटिंग के लिए कोलकाता लौट आए। इस बीच, उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर यूनिट में उनका इलाज चल रहा है।

राजेश शर्मा एक बेहतरीन एक्टर हैं जो हिंदी और बंगाली जैसी भाषाओं की फिल्मों में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई मशहूर हिंदी फिल्मों में काम किया है, जिनमें ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘चिल्लर पार्टी’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘लव शव ते चिकन खुराना’, ‘स्पेशल 26’, ‘बीए पास’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ और ‘भूत बंगला’ शामिल हैं।

Lawrence Bishnoi US Charges: रंगदारी का मॉडल, डर को बनाया बिजनेस वेपन! समझिए कैसे दुनिया का सबसे खतरनाक सिंडिकेट बना बिश्नोई गैंग

सितंबर 2023 में कनाडा ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ था। इस आरोप के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। अब करीब तीन साल बाद, अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर इस हत्या का आरोप लगाया है। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त जांच की थी। इस जांच के तहत भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 लोगों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने बयान में कहा कि कुल 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। DOJ के मुताबिक, अमेरिका में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया में पकड़ा गया है। इन सभी को मंगलवार को संघीय अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले में आरोप तय होने के बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ (असल नाम सतविंदरजीत सिंह) की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, अमेरिका लॉरेंस बिश्नोई को भारत से प्रत्यर्पित कराने की तैयारी भी कर रहा है। उस पर गंभीर संघीय रैकेटियरिंग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित न कर सके।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई को बिश्नोई गैंग का सरगना माना जाता है। फिलहाल वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म किसी अपराधी परिवार में नहीं, बल्कि एक संपन्न परिवार में हुआ था। उसका जन्म 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ। उसका परिवार इलाके के सबसे अमीर परिवारों में गिना जाता था और उनके पास कई एकड़ जमीन थी। परिवार एक बड़े बंगले में रहता था।

लॉरेंस के पिता पहले पुलिस विभाग में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खेती और परिवार की जमीन की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी। परिवार के एक रिश्तेदार के अनुसार, लॉरेंस का नाम ब्रिटिश अधिकारी हेनरी मोंटगोमरी लॉरेंस के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सनावर में प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल की स्थापना की थी। लॉरेंस ने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। वह आठवीं कक्षा से ही बाइक चलाता था और महंगे जूते पहनता था। उस समय उसके पास ऐसी कई सुविधाएं थीं, जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। वहीं उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। इसी दौरान उसका सामना विरोधी छात्र गुटों से हुआ और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की ओर बढ़ता चला गया। कई लोगों का मानना है कि अपने गांव में अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर में उसकी पहचान और परिवार की दौलत का ज्यादा असर नहीं था। इसी वजह से वह गैंग और अपराध के रास्ते पर चला गया।

उत्तर भारत में गैंगवार पर लंबे समय से नजर रखने वाले लेखक जुपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, लॉरेंस अपने गांव में बेहद संपन्न परिवार से था। उसके परिवार के पास बड़ी जमीन थी और बचपन से उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे एहसास हुआ कि वहां पहचान बनाने के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि पैसा, रुतबा और सामाजिक प्रभाव भी जरूरी है। माना जाता है कि इसी सोच ने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया।

गोल्डी बराड़ कौन है?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदरजीत सिंह है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी साथी माना जाता है। उसका जीवन भी काफी हद तक बिश्नोई जैसा रहा है। गोल्डी का जन्म 1994 में पंजाब में हुआ था। बताया जाता है कि कॉलेज के दौरान उसकी लॉरेंस बिश्नोई से गहरी दोस्ती हो गई थी। ‘ओपन’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई और बराड़ 2012 से पहले ही हिंसक घटनाओं में शामिल हो चुके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संघ चुनाव के दौरान एक विरोधी उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद चुनावी रंजिश में उस उम्मीदवार के एक रिश्तेदार की भी हत्या कर दी गई, जिसने चुनाव जीता था।

इसके बाद दोनों ने धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क बढ़ाया। उन पर जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में विरोधी गैंग के लोगों पर हमले कराने के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीज़ा पर कनाडा चला गया। इसके बाद से उस पर कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बिश्नोई गैंग कैसे बना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क?

समय के साथ लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ाया। आज इस गैंग की पहुंच पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों तक बताई जाती है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा, अमेरिका, थाईलैंड, फिलीपींस, मध्य एशिया, चीन और यूरोप के कुछ देशों में भी इसके नेटवर्क होने की बात कही जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के पास दुनिया भर में 700 से ज्यादा शूटर होने का दावा किया जाता है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस पर आरोप है कि वह अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता रहता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि लॉरेंस अपने मजबूत संपर्कों और अलग-अलग आपराधिक गठजोड़ का इस्तेमाल करता है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उसके कुछ संबंध खालिस्तान समर्थक संगठनों से भी रहे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस जानबूझकर जमानत की अर्जी नहीं देता और जेल के अंदर से अपने साथियों से “डब्बा कॉलिंग” और VoIP जैसी तकनीकों के जरिए संपर्क में रहता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग को चलाने के लिए एक खास “बिजनेस मॉडल” अपनाता है। इसके तहत वह अलग-अलग राज्यों के जेल में बंद गैंगस्टरों से गठजोड़ करता है। इनमें उत्तर प्रदेश के धनंजय सिंह, हरियाणा के काला जठेड़ी, राजस्थान के रोहित गोदारा और दिल्ली के रोहित मोई व हाशिम बाबा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। बिश्नोई गैंग की ताकत उसके सक्रिय सदस्यों की वजह से भी बढ़ी है। गोल्डी बराड़ के अलावा रोहित गोदारा को भी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। बताया जाता है कि वह लॉरेंस का करीबी है और ब्रिटेन (UK) से गैंग की गतिविधियां संभालता है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों समेत 35 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी है।

हरदीप सिंह निज्जर से लेकर सलमान खान तक, किन लोगों को बनाया गया निशाना?

बिश्नोई गैंग का नाम कई चर्चित लोगों को निशाना बनाने के आरोपों में सामने आ चुका है। अमेरिका ने जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी आरोप पत्र के अनुसार, 18 जून 2023 या उससे पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि इस साजिश के लिए बिश्नोई ने अपने एक साथी को निज्जर की तस्वीर और उसके ठिकानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। हत्या के कुछ घंटों बाद ही गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।

जब बीबीसी ने गोल्डी बराड़ से पूछा कि सिद्धू मूसे वाला को क्यों निशाना बनाया गया, तो उसने कहा कि मूसे वाला ने ऐसी गलतियां की थीं जिन्हें वह माफ नहीं कर सकता था। बराड़ का दावा था कि उनके पास उसे मारने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। करीब दो साल बाद, बिश्नोई गैंग का नाम मुंबई में हुए चर्चित नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी सामने आया। अक्टूबर 2024 में बांद्रा इलाके में उनके बेटे के ऑफिस के पास 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बाबा सिद्दीकी तीन बार विधायक रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त माने जाते थे। हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की कथित फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो भी सलमान खान की मदद करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

Samay Raina: ‘प्यार दिखाने का बस एक छोटा सा तरीका’, समय रैना ने मुंबई में आलिया भट्ट -शरवरी की ‘ऐल्फा’ देखने के लिए पूरा थिएटर किया बुक

Samay Raina: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ऐल्फा’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। जहां ‘ऐल्फा’ को लेकर क्रिटिक्स और दर्शकों की राय बंटी हुई है, वहीं कॉमेडियन समय रैना ने आलिया भट्ट और शरवरी का समर्थन करते हुए एक स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए पूरा थिएटर बुक किया। यह समर्थन तब दिया गया जब ये दोनों एक्ट्रेस उनके दोबारा शुरू हुए शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के पहले एपिसोड में नजर आईं थीं।

शनिवार को समय ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “और हां… कल मैं मुंबई में ‘ऐल्फा’ देखने जा रहा हूं। मैंने पूरा थिएटर बुक किया है और आप में से 250 लोगों को WhatsApp पर टिकट भेजूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “आलिया और शरवरी के लिए यह मेरी तरफ से प्यार दिखाने का एक छोटा सा तरीका है, क्योंकि वे इतनी कूल हैं कि मेरे शो के पहले एपिसोड में आईं। मैं दोनों से बहुत प्यार करता हूं और उनकी फ़िल्म देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं! कल मिलते हैं!”

एक विवाद के कारण अपने शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ के पहले सीज़न के सभी एपिसोड हटाने के बाद, समय नए सीज़न के साथ वापस आए हैं। नए सीजन की शुरुआत आलिया भट्ट और शरवरी के पैनलिस्ट के तौर पर शामिल होने से हुई। शो के दौरान, समय ने आलिया की पिछली फ़्लॉप फ़िल्मों, जैसे ‘जिगरा’, पर मज़ाक किया, जबकि शरवरी ने समय पर किए गए अपने मज़ाक से सबका दिल जीत लिया। दर्शकों से इस एपिसोड को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला, लेकिन यह नेटफ़्लिक्स पर नंबर 1 पर ट्रेंड भी किया। नया सीज़न नेटफ़्लिक्स और यूट्यूब दोनों पर देखा जा सकता है।

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शिव रावेल के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट, शरवरी, अनिल कपूर, बॉबी देओल और दूसरे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म है; इससे पहले ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर ज़िंदा है’, ‘वॉर’, ‘पठान’, ‘वॉर 2’ और ‘टाइगर 3’ आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली ऐसी फिल्म है जिसमें लीड रोल में कोई महिला है। क्रिटिक्स और दर्शकों से इसे मिले-जुले रिव्यू मिले हैं और फिल्म ने दो दिनों में दुनिया भर में ₹37 करोड़ की कमाई की है।

मिले-जुले रिव्यू के बीच करण जौहर ने ‘अल्फा’ का बचाव किया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा, “जब सिनेमाघरों तक दर्शकों को लाना एक चुनौती है, तब ‘अल्फा’ ने ज़बरदस्त शुरुआत की है! यह कई बातें बताती है… दर्शक ऑनलाइन नेगेटिविटी से कहीं ऊपर हैं और वे ही असली योद्धा हैं…”

उन्होंने आलिया भट्ट की परफॉर्मेंस की भी तारीफ़ की। उन्होंने आलिया के “स्टारडम और थिएटर में दर्शकों को खींचने की क्षमता” के साथ-साथ उनके “बेहतरीन टैलेंट” का ज़िक्र किया और कहा कि ये सभी चीज़ें फिल्म में साफ़ तौर पर दिखती हैं। उन्होंने आगे कहा, “आलिया भट्ट का स्टारडम, थिएटर में दर्शकों को खींचने की क्षमता और उनका ज़बरदस्त टैलेंट, साथ ही बड़े पर्दे के शानदार अनुभव का असर – इन पर कोई शक नहीं किया जा सकता। YRF एक ऐसी फ़्रैंचाइज़ी चला रहा है और थिएटर में बड़े पैमाने पर फ़िल्मों का अनुभव देने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए हमें तारीफ़ करनी चाहिए, न कि नेगेटिविटी फैलानी चाहिए!”

IND vs ENG: प्लेइंग 11 से निकाले जाने के बाद नाराज सैमसन को मनाते दिखे गौतम गंभीर? वीडियो हो रहा वायरल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करने आई भारतयी टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाई। वहीं इ्ंग्लैंड की टीम अभी बैटिंग कर रही है। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए डेब्यू किया है। वैभव को संजू सैमसन की जगह टीम में शामिल किया गया है। वहीं इसी बीच टीम से बाहर किए जाने के बाद संजू सैमसन और हेड कोच गौतम गंभीर के बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गौतम ने संजू से की बातचीत

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को टीम से बाहर बैठना पड़ा। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिला। इसी बीच हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन मैदान पर बातचीत करते नजर आए। जब टीम मैनेजमेंट ने वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला किया, तभी मैदान पर हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन आपस में बातचीत करते नजर आए। कैमरे में कैद हुई इस बातचीत को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, क्योंकि सैमसन इस मुकाबले में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे।

बड़ी पारी नहीं खेल पाए वैभव

इस बातचीत की कोई ऑडियो सुनाई नहीं दिया, इसलिए ये कहना संभव नहीं है कि दोनों के बीच क्या बात हुई। लेकिन उस समय की स्थिति को देखते हुए यह दृश्य काफी चर्चा में रहा। संजू सैमसन सिर्फ खराब फॉर्म की वजह से बाहर किए गए एक आम खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि वह लंबे समय से टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेल रहे युवा वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने तेज शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हो गए और यादगार डेब्यू का मौका हाथ से निकल गया।

गंभीर ने हमेशा किया सपोर्ट

संजू सैमसन लंबे समय से टीम प्रबंधन के भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे हैं। जब उनके चयन को लेकर सवाल उठ रहे थे, तब भी हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने उनका साथ नहीं छोड़ा। टी20 विश्व कप के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी शानदार नाबाद 97 रन की पारी के बाद गंभीर ने खुलकर उनकी तारीफ की थी और कहा था कि सैमसन बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका मानना था कि टीम ने उन पर जो भरोसा दिखाया, सैमसन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से उसे सही साबित किया। नए खिलाड़ी को मौका मिलने के बाद भी गौतम गंभीर का संजू सैमसन से बात करना चर्चा का विषय बन गया। इसने दिखाया कि टीम में बदलाव के बावजूद खिलाड़ियों का सम्मान बना रहता है।