आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है

कल का मौसम 6 जुलाई: गुजरात से MP तक रेड-ऑरेंज अलर्ट, IMD ने इन 22+ राज्यों में धुआंधार बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 3 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना डीप डिप्रेशन 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वर्तमान में ओडिशा के बालासोर से लगभग 40 किमी दक्षिण, चांदबाली से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा से 70 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान बालासोर के करीब चांदबाली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस डिप्रेशन के साथ-साथ मौसमी ट्रफ रेखा, ऑफ-शोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 6 जुलाई को देश के 22 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और तीव्र आंधी-तूफान का डबल अटैक होने जा रहा है।

इन 4 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए देश के चार राज्यों/क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रिकॉर्डतोड़ पानी बरस सकता है:

  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश

  • मौसम विभाग ने 6 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी मानसून की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है:
  • उत्तर और मध्य भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, और महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल व सिक्किम।
  • पश्चिम और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र का मराठावाड़ा इलाका।
  • उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर की चेतावनी

मौसम विभाग ने 6 जुलाई को कुछ राज्यों में बेहद खतरनाक और विनाशकारी हवाओं के साथ बवंडर आने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की आशंका है।

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का कहर

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

असम में भारी उमस का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच उत्तर-पूर्व के राज्य असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा। इससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी

डीप डिप्रेशन और चक्रवाती प्रणालियों के कारण समुद्री तटों पर हालात बेहद खराब और डरावने रहने वाले हैं-

अरब सागर और तटीय इलाके: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलेंगी।

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

IMD Weather Forecast Update: यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव! इन 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

Aaj Ka Mausam 3 July: देश भर में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए अपना मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 2-3 दिनों में और मजबूत होने के आसार हैं। इस मजबूत सिस्टम और कई अन्य चक्रवातीय परिसंचरणों के कारण आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में अगले दो दिनों तक बारिश थोड़ी कम रहेगी लेकिन 5 जुलाई से एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा। राहत की बात यह है कि देश के अधिकतम तापमान में 8 जुलाई तक कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

इन 5 राज्यों में बेहद से बेहद बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मॉर्निंग बुलेटिन के मुताबिक आज देश के पांच प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट है:

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र (3 से 5 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश)
  • पश्चिम मध्य प्रदेश (3 और 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश)
  • ओडिशा (3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना)

यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के मध्य, पहाड़ी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

मध्य और पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पूरे मध्य भारत में आज मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 3 से 6 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल व माहे और तटीय कर्नाटक।

उत्तर प्रदेश और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज भारी बारिश का दौर जारी रहेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्से) और बिहार में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। यूपी और बिहार में 3-4 जुलाई को छिटपुट से मध्यम बारिश के बाद 5 से 7 जुलाई के बीच फिर से व्यापक बारिश का दौर आएगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में आज और कल (3-4 जुलाई) केवल छिटपुट बारिश होगी, लेकिन यहां 5 से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश की वापसी होगी।

पश्चिम और पूर्वी भारत: मराठवाड़ा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड (4 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश)।

दक्षिण भारत: आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (इन राज्यों में 3-4 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है)।

आंधी-तूफान का अलर्ट: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है:

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात राज्य, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में आज 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने (झोंके 60 किमी/घंटे तक) और बिजली चमकने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम व मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और तमिलनाडु में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में आज तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

उमस भरा मौसम: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 से 6 जुलाई के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है-

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों के साथ-साथ सोमालिया व ओमान तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी 3 से 5 जुलाई के दौरान मौसम बेहद खराब रहेगा। मछुआरों को 7 जुलाई तक इन क्षेत्रों में न जाने की हिदायत है।

बंगाल की खाड़ी: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के तटों सहित मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम तूफानी रहेगा। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच सकती है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देश के वायुमंडल में इस समय कई शक्तिशाली प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सीमा आज 3 जुलाई को पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, नीमच, टोंक, भिवानी और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में इसके गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य पाकिस्तान से सटे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक दो अलग-अलग चक्रवातीय हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैली ऑफ-शोर ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (जो वर्तमान में 66°E देशांतर के साथ सक्रिय है) मिलकर देश भर में इस भारी बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

देश के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और बारिश की बढ़ती कमी को लेकर चिंता के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को ‘अल नीनो’ (El Nino) के संभावित असर से निपटने के लिए आपातकालीन योजनाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत पर ‘अल नीनो’ के संभावित असर का आकलन करते हुए यूरोप में बढ़ते तापमान जैसी चरम मौसम की घटनाओं के प्रभावों की समीक्षा की। बता दें कि यह समीक्षा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऐसे समय में की गई है, जब देश के कई इलाकों में बारिश में 40% से अधिक की कमी देखी जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे मानसून की बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रखें और खेती, जल संसाधनों, बिजली आपूर्ति और अन्य अहम क्षेत्रों पर पड़ने वाले किसी भी बुरे असर से निपटने के लिए तैयारी सुनिश्चित करें।

बारिश के पैटर्न में हो सकते हैं बदलाव

वहीं, सरकार का आकलन है कि अल नीनो के कारण बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ इलाकों में बहुत कम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और पानी की कमी का खतरा एक साथ बढ़ सकता है।

फिलहाल, तैयारी को मजबूत करने के लिए, जल शक्ति, कृषि, बिजली, रेलवे और अन्य अहम विभागों सहित कई मंत्रालयों को अपने-अपने सेक्टर के हिसाब से आपातकालीन योजनाएं बनाने का निर्देश दिया गया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी साल की शुरुआत से ही नियमित बैठकों के जरिए देश की ‘अल नीनो’ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

इसके अलावा, बदलते हालात पर लगातार नजर रखने के लिए 10 मंत्रालयों के प्रतिनिधियों वाला एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी बनाया गया है। गृह मंत्रालय इस समूह के लिए नोडल मंत्रालय के तौर पर काम करेगा और अलग-अलग विभागों के बीच तैयारी और उससे निपटने के उपायों में तालमेल बिठाएगा।

समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा कि El Nino से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए “पूरी सरकार मिलकर काम करे” और सभी विभाग मिलकर समन्वय में काम करें।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जुलाई में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। यह अनुमान तब आया है जब जून 2026, 1901 के बाद से भारत का पांचवां सबसे सूखा जून रहा। इस दौरान देश में बारिश लंबे समय के औसत से 39% कम दर्ज की गई। इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि जून में मानसून की बारिश सामान्य औसत से 92% से भी कम रह सकती है।

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El Nino Impact in July: IMD के मंथली आउटलुक में जुलाई में भी मानसून वाली बारिश का हाल ठीक नहीं, अल नीनो का खतरा यहां तक पहुंचा

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई 2026 के लिए अपना मासिक आउटलुक जारी कर दिया है। मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान चिंता बढ़ाने वाला है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की बारिश का हाल ठीक नहीं रहने वाला है और इसके सामान्य से कम होने की पूरी संभावना है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो को माना जा रहा है। इसका खतरा अब और बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

जुलाई में सामान्य से कम रहेगी बारिश: IMD का पूर्वानुमान

IMD द्वारा मल्टी-मॉडल एनसेंबल फोरकास्टिंग सिस्टम के आधार पर अपने पूर्वानुमान जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम (<94% of Long Period Average – LPA) रहने की सबसे अधिक संभावना है।

क्या है बारिश का सामान्य आंकड़ा (LPA)?

साल 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई महीने के लिए पूरे देश की दीर्घकालिक औसत वर्षा लगभग 280.4 मिमी है। IMD का पूर्वानुमान है कि देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई में कम बारिश होगी। उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बारिश सामान्य से ऊपर या सामान्य रहने की संभावना है।

मजबूत हो रहा है अल नीनो, न्यूट्रल रहेगा आईओडी

मौसम विभाग ने मानसून की बारिश पर असर डालने वाले वजहों के बारे में भी बताया है। IMD के मुताबिक अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर कमजोर अल नीनो की स्थिति बनी हुई है। लेकिन मानसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) और अन्य वैश्विक जलवायु मॉडलों के ताजा संकेत बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह अल नीनो स्थितियां और अधिक मजबूत हो सकती हैं।

इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति कैसी है?

इस समय हिंद महासागर में न्यूट्रल आईओडी की स्थिति देखी जा रही है। मॉडल के पूर्वानुमानों के अनुसार, पूरे दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह न्यूट्रल आईओडी स्थिति ही बनी रहने की संभावना है। इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह के तापमान में अंतर को दर्शाने वाली जलवायु सिस्टम है। सामान्य तौर पर यदि IOD सकारात्मक रहता है तो यह भारतीय मानसून को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार IOD के तटस्थ रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि यह मानसून को अतिरिक्त मजबूती नहीं दे पाएगा और अल नीनो का प्रभाव अधिक हावी रहेगा।

जुलाई में सताएगी गर्मी, तापमान रहेगा सामान्य से अधिक

कम बारिश के अनुमान के बीच जुलाई के महीने में देशवासियों को सामान्य से अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। जुलाई के दौरान, देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। हालांकि, पश्चिम-मध्य भारत के कुछ छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। रात के समय या न्यूनतम तापमान की बात करें तो देश के अधिकांश क्षेत्रों में यह भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। सिर्फ मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य रह सकता है।

कम बारिश से बढ़ेंगी चुनौतियां, तैयारी करने की सलाह

आईएमडी ने आगाह किया है कि जुलाई में सामान्य से कम बारिश होने के कारण कई मोर्चों पर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। बारिश की कमी के कारण कृषि, जल संसाधन, जलविद्युत उत्पादन, पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता और पीने के पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने बताया कि वह नुकसान को कम करने के लिए विस्तारित अवधि के पूर्वानुमान, जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान, कृषि-मौसम विज्ञान सलाहकार सेवाएं और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान जारी करता रहता है। ये किसान, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और बिजली क्षेत्र के योजनाकारों के लिए मददगार हैं।

अगला पूर्वानुमान कब?

आईएमडी द्वारा मानसून सीजन के दूसरे भाग (अगस्त + सितंबर 2026) के लिए और विशेष रूप से अगस्त महीने की बारिश का पूर्वानुमान जुलाई 2026 के अंत में जारी किया जाएगा

कल का मौसम 27 जून: IMD ने बिहार समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंका

मौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

  • आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 27 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
  • मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मध्य महाराष्ट्र में भी व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल का अलर्ट: दिल्ली-NCR से राजस्थान तक

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में 27 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल और बिजली गिरने की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने का अलर्ट है।

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इसी तरह पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

यूपी में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादल बरस रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों को अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी लू का प्रकोप देखा जा सकता है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

India Mausam Today: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-तूफान

आज का मौसम (India Mausam Today): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से देश के 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेज आंधी-तूफान व गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के अनुसार आज देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

मानसून की ताजा स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार के बचे हुए इलाकों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में आज भारी बारिश का अलर्ट है।

बिहार, राजस्थान और एमपी में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र आंधी

बुलेटिन के मुताबिक कुछ राज्यों में सामान्य आंधी से ज्यादा खतरनाक तीव्र आंधी चलने की आशंका है:

बिहार, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तीव्र आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही बिहार में बिजली गिरने की भी आशंका है।

दिल्ली-NCR समेत इन 18 राज्यों/इलाकों में आंधी और बिजली का अलर्ट

देश के करीब 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं, गरज-चमक और आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट है।

उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ।

पूर्वी और दक्षिणी भारत: झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी बिजली कड़कने का अलर्ट है। कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

पूर्वी यूपी और झारखंड में लू की चेतावनी

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, वहीं कुछ इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। पूर्वी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में 28 जून तक तापमान में 2-3°C की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद (29 जून से) तापमान में 3-5°C की गिरावट आएगी। झारखंड के अलग-अलग पॉकेट्स में आज लू की स्थिति बनी रहेगी।

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कल का मौसम 24 जून: IMD ने इन 9 राज्यों में भारी बारिश और बिहार समेत 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, चेक करें India Weather

India Weather Update 24 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून के लिए देशव्यापी मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा समेत देश के 9 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया है। इसके साथ ही बिहार समेत देश के 16 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। आईएमडी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक वेदर मैप में भी देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं कल कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम-

इन 9 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने कल 24 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है-

भारी से बहुत भारी बारिश:

तटीय कर्नाटक

कोंकण और गोवा

(इन दोनों क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।)

भारी बारिश: असम और मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तेलंगाना, गुजरात और कोंकण से सटे हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

बिहार समेत इन 16 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

24 जून को देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आईएमडी ने हवा की रफ्तार के आधार पर अलर्ट को दो श्रेणियों में बांटा है-

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं और आंधी

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • पंजाब
  • उत्तराखंड
  • जम्मू-कश्मीर-लद्दाख
  • मध्य प्रदेश
  • झारखंड
  • ओडिशा
  • महाराष्ट्र
  • कोंकण और गोवा
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल और माहे
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं

राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में कल तेज आंधी के बिना सिर्फ लाइटनिंग की संभावना जताई गई है।

बिहार, विदर्भ और पूर्वी यूपी में अभी भी लू का प्रकोप

भले ही मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। 24 जून को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ (महाराष्ट्र) के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहेगी। झारखंड के कुछ हिस्सों में कल रात का मौसम काफी गर्म और असहज रहने वाला है।

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समुद्र में मौसम खराब: मछुआरों को न जाने की सलाह

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों जगह तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे से लेकर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, कोंकण-गोवा और कर्नाटक तट से सटे समुद्र में 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मछुआरों को 23 से 28 जून के दौरान इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। मन्नार की खाड़ी, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों पर 40-50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। यहां भी मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।

मानसून का अगला पड़ाव: यूपी-गुजरात की तरफ कदम

आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, उत्तरी अरब सागर, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के बचे हिस्सों और मध्य प्रदेश में आगे बढ़ जाएगा। इसके ठीक बाद के 3-4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और बिहार-झारखंड के बाकी इलाकों में अपनी दस्तक दे देगा।

IMD Heavy Rain Alert: मानसून की यूपी में एंट्री की आहट के बीच IMD ने इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, कहां-कहां आंधी तूफान?

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून को मानसून की ताजा स्थिति और देशभर के लिए भारी बारिश का विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक की आहट के बीच मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मानसून की ताजा स्थिति और यूपी में एंट्री की आहट

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मानसून फिलहाल मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, मध्य अरब सागर के बचे हुए भागों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। इसके ठीक बाद यानी अगले 3-4 दिनों के दौरान बिहार-झारखंड के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

देश के इन 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी बुलेटिन के मुताबिक इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आज और आने वाले दिनों के लिए प्रभावित 14 प्रमुख राज्य/क्षेत्र यहां नीचे दिए गए हैं-

  • कोंकण और गोवा: यहां 23 जून को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-26 जून के दौरान भी यहां भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।
  • बिहार: यहां 25 से 29 जून के दौरान भारी बारिश होगी जबकि 28 जून को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
  • ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 23-27 जून के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां 23 जून और फिर 25-29 जून के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
  • असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में 23 जून और फिर 26-27 जून को मूसलाधार (भारी से बहुत भारी) बारिश की आशंका है।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 23 जून और 26-27 जून को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
  • मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 23 जून और 26 जून को बहुत भारी बारिश जबकि मराठवाड़ा में 25-26 जून को भारी बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण गुजरात: यहां 23 जून को भारी बारिश की संभावना है।

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 23-26 जून के बीच बहुत भारी बारिश और 27-29 जून को भारी बारिश होगी। आंतरिक कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में 24-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है।

  • केरल और माहे: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • तेलगंगाना: मानसून के सक्रिय होने से यहां 23 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 26 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश में 23 जून और 25-27 जून को जबकि रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश हो सकती है।

कहां-कहां आएगा आंधी-तूफान?

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार में भी 25 और 26 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख (23-24 जून), उत्तराखंड (23-25 जून), हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब (23-26 जून और 29 जून)। इसके अलावा राजस्थान में 23 जून को तेज हवाएं चलेंगी और बाद में इसकी रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहेगी।

दक्षिण और पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड (23-29 जून) और ओडिशा (23-25 जून)। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी इस अवधि में तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट है।

विदर्भ और पूर्वी यूपी समेत कुछ हिस्सों में लू का सितम जारी

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश से भीग रहा है, वहीं कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: यहां अगले 4-5 दिनों तक (23-27 जून) लू की स्थिति बनी रहेगी।
  • विदर्भ और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश: विदर्भ में अगले 2-3 दिनों (23-25 जून) तक लू का प्रकोप रहेगा जबकि दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार में 23-24 जून को लू चलने की आशंका है।
  • झारखंड में गर्म रातें: झारखंड के कुछ हिस्सों में 24-25 जून को रातें भी बेहद गर्म और असहज रहने वाली हैं।

India Weather Today: बिहार समेत इन 12 राज्यों में IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया, मुंबई-राजस्थान में ‘ऑरेंज अलर्ट’

India Weather Update Today (23 June): देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून के लिए देशव्यापी मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बड़ा अलर्ट घोषित किया है। मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के कारण आज बिहार समेत देश के 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई और राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। आइए जानते हैं आज देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मुंबई और राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई (IMD Mumbai Warning): मुंबई के लिए विशेष तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां गरज-चमक के साथ मध्यम से तीव्र दौर की बारिश होने और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

राजस्थान में महातूफान की आशंका: आज पूरे राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल चलने का अलर्ट है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक भी पहुंच सकती है।

बिहार समेत इन 12 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी वेदर बुलेटिन के मुताबिक आज देश के 12 राज्यों/क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश होने वाली है:-

बेहद भारी बारिश: असम और मेघालय में मानसून का सबसे रौद्र रूप दिखेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है।

भारी बारिश वाले अन्य 10 राज्य

बिहार और ओडिशा: कल मानसून के आगे बढ़ने के बाद आज इन दोनों राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है।

कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र: पश्चिमी तट से सटे इन इलाकों में भारी मानसूनी बारिश होगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में भारी बारिश का कड़ा अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी है।

दिल्ली-NCR समेत देश के 21 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का कहर

देश के एक बहुत बड़े हिस्से में आज तेज आंधी-पानी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ इन राज्यों में मौसम खराब रहेगा।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश (उत्तराखंड समेत) और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात रीजन, कोंकण एवं गोवा, पूरे महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हिमाचल प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है।

विदर्भ में हीटवेव और गर्म रात का टॉर्चर जारी

जहां एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा मानसून की फुहारों से भीग रहा है। वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का टॉर्चर अभी भी बरकरार है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में आज भीषण से अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। इसके साथ ही यहां रातें भी बेहद असहज और गर्म रहने वाली हैं। पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग पॉकेट्स में आज भी लू का असर देखने को मिलेगा।