IMD का बारिश पर बड़ा अलर्ट: यूपी-उत्तराखंड 2 दर्जन से ज्यादा राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी, 15 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के असर की वजह से जबर्दस्त बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और कई लैंडस्लाइड देखने को मिली हैं। इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ते हुए आज 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लिया है। इसके साथ ही मानसून ने सामान्य तिथि (8 जुलाई) से महज 1 दिन की देरी से 9 जुलाई को पूरे देश में अपनी दस्तक दे दी है। पूरे भारत में मानसून के सक्रिय होने के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत दो दर्जन से अधिक राज्यों के लिए 15 जुलाई तक भारी से बेहद भारी बारिश और आंधी-तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के भीतर कुछ राज्यों में बादलों का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है:

  1. उत्तराखंड: 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  2. पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।
  3. देश भर के राज्यों का विस्तृत क्षेत्रीय पूर्वानुमान (9 से 15 जुलाई)
  4. उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में लगातार बरसेंगे बादल

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 10 जुलाई को बहुत भारी और 11 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूर्वी यूपी में 9 से 11 जुलाई तक बहुत भारी बारिश और 12-13 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। 9 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी है।

  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 9-10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 11 से 15 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। यहां 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब में 9 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ ही 9 जुलाई और 11-12 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
  • जम्मू-कश्मीर और राजस्थान: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9-12 जुलाई तक व्यापक बारिश, भारी बारिश (11-12 जुलाई) और 15 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-10 जुलाई को गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। इन दोनों क्षेत्रों में 9 से 13 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। पश्चिमी हिस्से में 9 जुलाई को और पूर्वी हिस्से में 9-10 जुलाई को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 9 जुलाई और फिर 13-15 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी जबकि 9 जुलाई को भारी बारिश और 9-13 जुलाई तक बिजली चमकने का अलर्ट है। विदर्भ में 9 जुलाई और 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बहुत भारी बारिश की मार

बिहार: बिहार में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 10 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिससे 10-12 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9-10 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 11-15 जुलाई को भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 से 13 जुलाई तक भारी बारिश और 9-10 जुलाई को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

झारखंड और ओडिशा: झारखंड में 12-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। ओडिशा में 13-14 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में 15 जुलाई तक आफत

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 9 और 10 जुलाई को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 11 से 15 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी, जिसमें 9 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गोवा में मूसलाधार जारी

कोंकण और गोवा: इस क्षेत्र में 9 से 15 जुलाई तक लगातार व्यापक और भारी बारिश का दौर बना रहेगा। यहां 9 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मारूवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 15 जुलाई तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में थंडरस्कॉल का अलर्ट

तेलंगाना: तेलंगाना में 9 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। 10 से 15 जुलाई तक यहां तेज हवाएं चलेंगी।

केरल और कर्नाटक: केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 9-15 जुलाई तक व्यापक बारिश और 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 9 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 9-10 जुलाई को भारी बारिश होगी और 9-10 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

कल का मौसम 8 जुलाई: इन 19 राज्यों में भारी बारिश और 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक IMD ने जारी की ये चेतावनी

India Weather Forecast for 8th July: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून गुजरात के बचे हुए हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के शेष हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक दे देगा। मौसम प्रणालियों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाके पर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और राजस्थान से लेकर बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ बनी हुई है। इन मजबूत सिस्टम्स के प्रभाव के चलते बुधवार 8 जुलाई को देश के 19 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और करीब 18 राज्यों में आंधी-तूफान व आसमानी बिजली का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासनिक दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

इन 9 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 8 जुलाई को देश के 9 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ये अलर्ट नीचे दिए गए राज्यों के लिए जारी किया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

तटीय कर्नाटक

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

पूर्वी राजस्थान

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

मध्य प्रदेश

यूपी, दिल्ली-NCR और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

8 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस सूची में नीचे दिए गए राज्य शामिल हैं-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

पश्चिमी राजस्थान

सौराष्ट्र और कच्छ

विदर्भ (महाराष्ट्र)

केरल और माहे

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट (18 प्रभावित राज्य)

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी चेतावनी जारी की है:

1- 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल

गुजरात क्षेत्र, संपूर्ण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में 50-60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है।

2- 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली

आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप और पूरे राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

3- 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं

बिहार, ओडिशा, संपूर्ण पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

4- गरज-चमक और बिजली का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ सामान्य आंधी आ सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में सतह पर बेहद मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

समुद्री तटीय इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को न जाने की सलाह

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में तूफानी मौसम और भारी लहरें उठने की चेतावनी जारी की है:

उत्तरी कोंकण तट: यहां सबसे खतरनाक स्थिति रहने वाली है। यहां 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

दक्षिणी कोंकण और गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक छू सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। इससे मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ केंद्रीय, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 23 राज्यों में भारी बारिश, 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, यूपी समेत पूरे देश में 13 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर एक बड़ा और विस्तृत अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 7 जुलाई गुजरात के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान व हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय रहा डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में आज आफत की बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को जबकि कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में आज अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देश भर के राज्यों का विस्तृत और क्षेत्रीय पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा का हाल

  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 13 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधि तेजी से बढ़ेगी जहां 11 और 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 7 जुलाई को पश्चिमी यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे और पूर्वी यूपी में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 7 से 9 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 7-9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। 10 से 13 जुलाई के बीच यहां छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 7 से 12 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी जबकि 13 जुलाई को छिटपुट बारिश के आसार हैं। यहां 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल और उत्तराखंड में 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 8 से 13 जुलाई के दौरान अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 8-9 जुलाई को व्यापक और बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 7 से 13 जुलाई तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान राजस्थान के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। दोनों हिस्सों में 7 से 9 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 10 से 12 जुलाई को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 7 और 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 7 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 7 से 9 जुलाई और फिर 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जहां 7 जुलाई को बहुत भारी और 8 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी क्षेत्रों में 7 जुलाई को बिजली चमकने की आशंका है।

पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बरसात

बिहार: बिहार में 7 और 10 जुलाई को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है जबकि 10 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 7, 8 और 11 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 8 से 13 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

झारखंड: झारखंड में 7-8 जुलाई और 10-13 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 7 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 7 से 11 जुलाई तक राज्य में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का येलो अलर्ट रहेगा।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा जिसमें 8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 13 जुलाई तक गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

अंडमान और निकोबार: यहां 11 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी, जबकि 7 से 9 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे) चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में आफत बनेगी बारिश

अरुणाचल प्रदेश: यहां 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 से 10 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 11 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: इन राज्यों में 7 से 12 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका जताई है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होने और 7 से 10 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गुजरात में 70 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाएं

कोंकण और गोवा: यहां 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही 7 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आ सकता है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात में 7 से 9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 7 से 9 जुलाई के बीच 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी है।

मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 7-8 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का कहर

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 7 से 13 जुलाई तक भारी बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी आंधी चलने और 7 से 13 जुलाई तक बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

केरल और लक्षद्वीप: केरल में 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें आज (7 जुलाई) अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। केरल, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में 7 से 9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने के साथ मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

तेलंगाना और तमिल नाडु: तेलंगाना में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल और 7 से 10 जुलाई तक तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट है। तमिल नाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 8-9 जुलाई को तेज आंधी-तूफान आने की आशंका व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की सलाह: भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने, कमजोर संरचनाओं के पास न जाने और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कल का मौसम 7 जुलाई: IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, बिहार से MP तक बवाली मौसम, यहां रेड जोन जैसे हालात

India Weather Update for 7th July: देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 जुलाई के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड वॉच अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण झारखंड और उससे सटे उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर बना डिप्रेशन 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है। इससे बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बवाली मौसम के आसार बन गए हैं।

यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों के दौरान झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश व पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों को प्रभावित करेगा। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ और एक अन्य वेदर सिस्टम (शीयर जोन) भी सक्रिय है, जिसके कारण अगले 3 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून बेहद एक्टिव फेज (सक्रिय चरण) में रहेगा।

रेड जोन जैसे हालात: इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 7 जुलाई को देश के चार प्रमुख क्षेत्रों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ सकते हैं:-

तटीय कर्नाटक

गुजरात राज्य

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

इन सभी इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच यह अलर्ट बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

बिहार से मध्य प्रदेश तक बहुत भारी बारिश

7 जुलाई को मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बवाली मौसम का असर दिखेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है:-

बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम: यहां मानसून की मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र): इन क्षेत्रों में डिप्रेशन के असर से बहुत भारी बारिश होगी। साथ ही इन राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

आंतरिक कर्नाटक: तटीय इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रखी है।

हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान: उत्तर-पश्चिम भारत के इन दोनों पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: पूर्वोत्तर के इस राज्य में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे वज्रपात की भी आशंका है।

येलो अलर्ट: दिल्ली-NCR, यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक देश के कई राज्यों में 7 जुलाई को भारी बारिश के साथ तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने का डबल अटैक देखने को मिलेगा:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है।

पंजाब और राजस्थान: पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

झारखंड और ओडिशा: चक्रवातीय सिस्टम के प्रभाव से इन दोनों राज्यों में भारी बारिश के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: केरल और माहे, असम और मेघालय, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।

कर्नाटक और तेलंगाना में 60 किमी की रफ्तार से थंडरस्कॉल

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के दो राज्यों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:-

कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले भयानक आंधी-तूफान की संभावना है जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मजबूत सतही हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चलेंगी।

मछुआरों के लिए चेतावनी: अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उठेगा तूफान

समुद्र में बेहद खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:-

उत्तरी कोंकण तट और अरब सागर: उत्तरी कोंकण तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दक्षिण कोंकण, गोवा तट: यहां 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

गुजरात, कर्नाटक और केरल तट: दक्षिण गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) दर्ज की जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने की आशंका है।

5ःह

मॉनसून की स्थिति

मॉनसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 3 दिनों के भीतर इसके उत्तर अरब सागर, गुजरात के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

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आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है

कल का मौसम 6 जुलाई: गुजरात से MP तक रेड-ऑरेंज अलर्ट, IMD ने इन 22+ राज्यों में धुआंधार बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 3 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना डीप डिप्रेशन 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वर्तमान में ओडिशा के बालासोर से लगभग 40 किमी दक्षिण, चांदबाली से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा से 70 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान बालासोर के करीब चांदबाली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस डिप्रेशन के साथ-साथ मौसमी ट्रफ रेखा, ऑफ-शोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 6 जुलाई को देश के 22 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और तीव्र आंधी-तूफान का डबल अटैक होने जा रहा है।

इन 4 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए देश के चार राज्यों/क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रिकॉर्डतोड़ पानी बरस सकता है:

  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

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मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश

  • मौसम विभाग ने 6 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी मानसून की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है:
  • उत्तर और मध्य भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, और महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल व सिक्किम।
  • पश्चिम और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र का मराठावाड़ा इलाका।
  • उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर की चेतावनी

मौसम विभाग ने 6 जुलाई को कुछ राज्यों में बेहद खतरनाक और विनाशकारी हवाओं के साथ बवंडर आने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की आशंका है।

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का कहर

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

असम में भारी उमस का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच उत्तर-पूर्व के राज्य असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा। इससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी

डीप डिप्रेशन और चक्रवाती प्रणालियों के कारण समुद्री तटों पर हालात बेहद खराब और डरावने रहने वाले हैं-

अरब सागर और तटीय इलाके: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलेंगी।

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

IMD Weather Forecast Update: यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव! इन 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

Aaj Ka Mausam 3 July: देश भर में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए अपना मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 2-3 दिनों में और मजबूत होने के आसार हैं। इस मजबूत सिस्टम और कई अन्य चक्रवातीय परिसंचरणों के कारण आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, वज्रपात और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में अगले दो दिनों तक बारिश थोड़ी कम रहेगी लेकिन 5 जुलाई से एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा। राहत की बात यह है कि देश के अधिकतम तापमान में 8 जुलाई तक कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

इन 5 राज्यों में बेहद से बेहद बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मॉर्निंग बुलेटिन के मुताबिक आज देश के पांच प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में मानसून का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट है:

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र (3 से 5 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश)
  • पश्चिम मध्य प्रदेश (3 और 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश)
  • ओडिशा (3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना)

यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के मध्य, पहाड़ी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।

मध्य और पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पूरे मध्य भारत में आज मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 3 से 6 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल व माहे और तटीय कर्नाटक।

उत्तर प्रदेश और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी आज भारी बारिश का दौर जारी रहेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्से) और बिहार में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। यूपी और बिहार में 3-4 जुलाई को छिटपुट से मध्यम बारिश के बाद 5 से 7 जुलाई के बीच फिर से व्यापक बारिश का दौर आएगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में आज और कल (3-4 जुलाई) केवल छिटपुट बारिश होगी, लेकिन यहां 5 से 8 जुलाई के बीच भारी बारिश की वापसी होगी।

पश्चिम और पूर्वी भारत: मराठवाड़ा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड (4 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश)।

दक्षिण भारत: आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (इन राज्यों में 3-4 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है)।

आंधी-तूफान का अलर्ट: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है:

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात राज्य, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में आज 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने (झोंके 60 किमी/घंटे तक) और बिजली चमकने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम व मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और तमिलनाडु में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में आज तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

उमस भरा मौसम: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 से 6 जुलाई के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है-

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों के साथ-साथ सोमालिया व ओमान तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी 3 से 5 जुलाई के दौरान मौसम बेहद खराब रहेगा। मछुआरों को 7 जुलाई तक इन क्षेत्रों में न जाने की हिदायत है।

बंगाल की खाड़ी: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के तटों सहित मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम तूफानी रहेगा। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच सकती है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देश के वायुमंडल में इस समय कई शक्तिशाली प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सीमा आज 3 जुलाई को पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, नीमच, टोंक, भिवानी और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में इसके गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य पाकिस्तान से सटे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक दो अलग-अलग चक्रवातीय हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैली ऑफ-शोर ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (जो वर्तमान में 66°E देशांतर के साथ सक्रिय है) मिलकर देश भर में इस भारी बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

देश के कई हिस्सों में कमजोर मानसून और बारिश की बढ़ती कमी को लेकर चिंता के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को ‘अल नीनो’ (El Nino) के संभावित असर से निपटने के लिए आपातकालीन योजनाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारत पर ‘अल नीनो’ के संभावित असर का आकलन करते हुए यूरोप में बढ़ते तापमान जैसी चरम मौसम की घटनाओं के प्रभावों की समीक्षा की। बता दें कि यह समीक्षा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ऐसे समय में की गई है, जब देश के कई इलाकों में बारिश में 40% से अधिक की कमी देखी जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे मानसून की बदलती स्थिति पर बारीकी से नजर रखें और खेती, जल संसाधनों, बिजली आपूर्ति और अन्य अहम क्षेत्रों पर पड़ने वाले किसी भी बुरे असर से निपटने के लिए तैयारी सुनिश्चित करें।

बारिश के पैटर्न में हो सकते हैं बदलाव

वहीं, सरकार का आकलन है कि अल नीनो के कारण बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ इलाकों में बहुत कम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और पानी की कमी का खतरा एक साथ बढ़ सकता है।

फिलहाल, तैयारी को मजबूत करने के लिए, जल शक्ति, कृषि, बिजली, रेलवे और अन्य अहम विभागों सहित कई मंत्रालयों को अपने-अपने सेक्टर के हिसाब से आपातकालीन योजनाएं बनाने का निर्देश दिया गया है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी साल की शुरुआत से ही नियमित बैठकों के जरिए देश की ‘अल नीनो’ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

इसके अलावा, बदलते हालात पर लगातार नजर रखने के लिए 10 मंत्रालयों के प्रतिनिधियों वाला एक अंतर-मंत्रालयी समूह भी बनाया गया है। गृह मंत्रालय इस समूह के लिए नोडल मंत्रालय के तौर पर काम करेगा और अलग-अलग विभागों के बीच तैयारी और उससे निपटने के उपायों में तालमेल बिठाएगा।

समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा कि El Nino से पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए “पूरी सरकार मिलकर काम करे” और सभी विभाग मिलकर समन्वय में काम करें।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जुलाई में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। यह अनुमान तब आया है जब जून 2026, 1901 के बाद से भारत का पांचवां सबसे सूखा जून रहा। इस दौरान देश में बारिश लंबे समय के औसत से 39% कम दर्ज की गई। इससे पहले मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था कि जून में मानसून की बारिश सामान्य औसत से 92% से भी कम रह सकती है।

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El Nino Impact in July: IMD के मंथली आउटलुक में जुलाई में भी मानसून वाली बारिश का हाल ठीक नहीं, अल नीनो का खतरा यहां तक पहुंचा

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई 2026 के लिए अपना मासिक आउटलुक जारी कर दिया है। मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान चिंता बढ़ाने वाला है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की बारिश का हाल ठीक नहीं रहने वाला है और इसके सामान्य से कम होने की पूरी संभावना है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो को माना जा रहा है। इसका खतरा अब और बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

जुलाई में सामान्य से कम रहेगी बारिश: IMD का पूर्वानुमान

IMD द्वारा मल्टी-मॉडल एनसेंबल फोरकास्टिंग सिस्टम के आधार पर अपने पूर्वानुमान जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम (<94% of Long Period Average – LPA) रहने की सबसे अधिक संभावना है।

क्या है बारिश का सामान्य आंकड़ा (LPA)?

साल 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई महीने के लिए पूरे देश की दीर्घकालिक औसत वर्षा लगभग 280.4 मिमी है। IMD का पूर्वानुमान है कि देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई में कम बारिश होगी। उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में बारिश सामान्य से ऊपर या सामान्य रहने की संभावना है।

मजबूत हो रहा है अल नीनो, न्यूट्रल रहेगा आईओडी

मौसम विभाग ने मानसून की बारिश पर असर डालने वाले वजहों के बारे में भी बताया है। IMD के मुताबिक अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर कमजोर अल नीनो की स्थिति बनी हुई है। लेकिन मानसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) और अन्य वैश्विक जलवायु मॉडलों के ताजा संकेत बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह अल नीनो स्थितियां और अधिक मजबूत हो सकती हैं।

इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति कैसी है?

इस समय हिंद महासागर में न्यूट्रल आईओडी की स्थिति देखी जा रही है। मॉडल के पूर्वानुमानों के अनुसार, पूरे दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान यह न्यूट्रल आईओडी स्थिति ही बनी रहने की संभावना है। इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह के तापमान में अंतर को दर्शाने वाली जलवायु सिस्टम है। सामान्य तौर पर यदि IOD सकारात्मक रहता है तो यह भारतीय मानसून को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार IOD के तटस्थ रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि यह मानसून को अतिरिक्त मजबूती नहीं दे पाएगा और अल नीनो का प्रभाव अधिक हावी रहेगा।

जुलाई में सताएगी गर्मी, तापमान रहेगा सामान्य से अधिक

कम बारिश के अनुमान के बीच जुलाई के महीने में देशवासियों को सामान्य से अधिक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। जुलाई के दौरान, देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। हालांकि, पश्चिम-मध्य भारत के कुछ छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। रात के समय या न्यूनतम तापमान की बात करें तो देश के अधिकांश क्षेत्रों में यह भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। सिर्फ मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य रह सकता है।

कम बारिश से बढ़ेंगी चुनौतियां, तैयारी करने की सलाह

आईएमडी ने आगाह किया है कि जुलाई में सामान्य से कम बारिश होने के कारण कई मोर्चों पर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। बारिश की कमी के कारण कृषि, जल संसाधन, जलविद्युत उत्पादन, पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता और पीने के पानी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने बताया कि वह नुकसान को कम करने के लिए विस्तारित अवधि के पूर्वानुमान, जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान, कृषि-मौसम विज्ञान सलाहकार सेवाएं और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान जारी करता रहता है। ये किसान, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और बिजली क्षेत्र के योजनाकारों के लिए मददगार हैं।

अगला पूर्वानुमान कब?

आईएमडी द्वारा मानसून सीजन के दूसरे भाग (अगस्त + सितंबर 2026) के लिए और विशेष रूप से अगस्त महीने की बारिश का पूर्वानुमान जुलाई 2026 के अंत में जारी किया जाएगा

कल का मौसम 27 जून: IMD ने बिहार समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंका

मौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

  • आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 27 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
  • मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मध्य महाराष्ट्र में भी व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल का अलर्ट: दिल्ली-NCR से राजस्थान तक

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में 27 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल और बिजली गिरने की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने का अलर्ट है।

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इसी तरह पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

यूपी में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादल बरस रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों को अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी लू का प्रकोप देखा जा सकता है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।