Monsoon Advancement in UP: यूपी में हो गई मानसून की एंट्री, 30 जून को आजमगढ़, अयोध्या, बरेली से गुजर रहा, IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon Advancement in UP: उत्तर प्रदेश के निवासियों और किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 30 जून को जारी ताजा आधिकारिक बयान के मुताबिक मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ और इलाकों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों और हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

यूपी के इन शहरों से गुजर रही है मानसून की सीमा

मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून को मानसून की उत्तरी सीमा उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर, सिद्धी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून, मंडी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के लिए IMD का पूर्वानुमान और अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का संकेत दिया है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के और आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। इस दौरान मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, पूरे दमन और दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के अधिकांश हिस्सों और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा।

सुस्त मानसून का खरीफ फसलों की बुआई पर असर

मानसून की इस एंट्री से कृषि क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें हैं क्योंकि इस साल मानसून की धीमी गति और देरी से शुरुआत के कारण देश में धान सहित खरीफ फसलों की बुआई काफी पिछड़ गई है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून तक देश में कुल खरीफ बुआई का रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर रहा है।

यह पिछले साल की समान अवधि के 236.46 लाख हेक्टेयर की तुलना में 23 प्रतिशत कम है। मुख्य खरीफ फसल धान का रकबा 25.17 प्रतिशत घटकर 25.75 लाख हेक्टेयर रह गया है। ये पिछले साल 34.41 लाख हेक्टेयर था। दालों की बुआई में 30.47 प्रतिशत की गिरावट आई है (14.92 लाख हेक्टेयर बनाम 21.46 लाख हेक्टेयर)। इसमें तुअर/अरहर की बुआई पिछले साल के 8.45 लाख हेक्टेयर के मुकाबले केवल 3.56 लाख हेक्टेयर हुई है।

वहीं तिलहन का रकबा 53.33 प्रतिशत भारी गिरावट के साथ 16.99 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 36।41 लाख हेक्टेयर) रह गया है। इसमें मूंगफली का रकबा गिरकर 8.87 लाख हेक्टेयर और सोयाबीन का रकबा घटकर 6.92 लाख हेक्टेयर पर आ गया है। मोटे अनाज का रकबा घटकर 31.84 लाख हेक्टेयर और कपास की बुआई 34.61 प्रतिशत घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गई है।

इस गिरावट के बीच गन्ने के रकबे में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है और यह 56.64 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। जबकि जूट और मेस्टा का रकबा भी 6.13 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 6.25 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है।

अल नीनो का खतरा और जलाशयों की वर्तमान स्थिति क्या है?

मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून देश भर में सामान्य से 42 प्रतिशत नीचे दर्ज किया गया था। इसमें सबसे ज्यादा कमी मध्य भारत (59 प्रतिशत की कमी) में देखी गई थी। इसके बाद पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 41 प्रतिशत, दक्षिण प्रायद्वीप में 28 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम भारत में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

इस कमी की मुख्य वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मौजूद अल नीनो की स्थितियां हैं। इसके जून-सितंबर मानसून सीजन के दौरान और मजबूत होने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा निगरानी किए जाने वाले 166 महत्वपूर्ण जलाशयों में लाइव स्टोरेज क्षमता 25 जून तक 48.405 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) थी। ये कुल क्षमता का सिर्फ 26.37 प्रतिशत है। यह पिछले साल के भंडारण का 73.21 प्रतिशत और सामान्य स्तर का 105.67 प्रतिशत है।

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कुल 166 जलाशयों में से 55 जलाशय ऐसे हैं जहां भंडारण सामान्य क्षमता का 80 प्रतिशत या उससे कम है। इनमें से 29 जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य क्षमता के 50 प्रतिशत या उससे भी कम रह गया है। ऐसे में यूपी में मानसून के इस नए एडवांसमेंट से आने वाले दिनों में पानी की किल्लत दूर होने और खेती को गति मिलने की उम्मीद है।

Weekly monsoon tracker: बारिश की बढ़ती कमी और जलाशयों का घटता लेवल बढ़ा रहा चिंता, 22.7% गिरी खरीफ फसलों की बुआई

Weekly monsoon tracker:  बारिश की बढ़ती कमी, मॉनसून की धीमी रफ़्तार और जलाशयों के कम लेवल की वजह से खेती-बाड़ी वाले खास राज्यों में चावल और कपास जैसी गर्मियों की फसलों की बुआई पर असर पड़ा है। 25 जून तक खरीफ की बुआई पिछले साल के मुकाबले 22.7 फीसदी कम हुई है।

खरीफ फसलों का रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर रहा, जो एक साल पहले के 236.46 लाख हेक्टेयर से कम है यानी 53.74 लाख हेक्टेयर की कमी आई। यह कमी सभी मुख्य फसलों की कैटेगरी में थी, जिसमें तिलहन, कपास, चावल और दालों का रकबा कम रहा।

तिलहन में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई, जिसका रकबा एक साल पहले के 36.41 लाख हेक्टेयर से 19.42 लाख हेक्टेयर घटकर 16.99 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहन में, सोयाबीन की बुआई सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई है, जो 13.05 लाख हेक्टेयर कम हुई है, इसके बाद मूंगफली की बुआई 6.42 लाख हेक्टेयर कम हुई है।

भारत का सोयाबीन इंपोर्ट बढ़ रहा है, देश चीन समेत कुछ सप्लायर्स पर निर्भर है। मई तक, भारत के कच्चे सोयाबीन तेल के इंपोर्ट में चीन का 8.1 फीसदी हिस्सा था।

कपास का रकबा 15.70 लाख हेक्टेयर घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि चावल की बुआई 8.65 लाख हेक्टेयर घटकर 25.75 लाख हेक्टेयर रह गई। दालों का रकबा भी कमज़ोर हुआ है, जो 6.53 लाख हेक्टेयर कम हुआ है, जिसमें अरहर और उड़द सबसे आगे हैं।

बारिश और जलाशयों की चिंताए

बारिश का डिस्ट्रीब्यूशन अभी भी अनियमित है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा और विदर्भ में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, लेकिन बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जिससे कुछ उत्तरी इलाकों में बुआई में देरी हो रही है।

29 जून को बारिश में कमी 43 फीसदी के हाई लेवल पर पहुंच गई थी। बुआई कमजोर इसलिए है क्योंकि मॉनसून की तरक्की एक जैसी नहीं है, देश के 48 फीसदी हिस्से में कमी है और 26 फीसदी हिस्से में बड़ी कमी है।

रिजर्वॉयर का लेवल चिंता को और बढ़ा देता है। 166 बड़े रिज़र्वॉयर में लाइव स्टोरेज पिछले साल के लेवल से कम था। रिज़र्वॉयर अपनी कैपेसिटी के 26.4 फीसदी तक भरे हुए हैं, जबकि पिछले साल इसी समय में यह 36 फीसदी था, लेकिन यह पांच साल के एवरेज से 5 फीसदी ज़्यादा है।

खास तौर पर दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में दबाव दिख रहा है, जो खरीफ की खेती के लिए ज़रूरी हैं। दक्षिणी इलाके के रिज़र्वॉयर 20.8 फीसदी पर हैं, जो पिछले साल के 44.7 फीसदी के आधे से भी कम हैं। कर्नाटक के जलाशय एक साल पहले के 48.6 फीसदी के मुकाबले सिर्फ़ 14.7 फीसदी भरे हैं, जबकि तमिलनाडु का स्टोरेज 81 फीसदी से घटकर 34.3 फीसदी हो गया है। पूर्व में, ओडिशा के जलाशय सिर्फ़ 15.3 फीसदी भरे हैं, जो पिछले साल के 22.4 फीसदी से कम है।

जलाशय का लेवल कम होने से धान, कपास और दालों जैसी फसलों के लिए सिंचाई में मदद कम हो जाती है, जिससे बुवाई समय पर बारिश पर ज़्यादा निर्भर हो जाती है। अगर जुलाई में बारिश कमज़ोर रहती है, तो फसल उत्पादन, ग्रामीण आय और खाने की चीज़ों की महंगाई, खासकर दालों और खाने के तेलों को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।

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India Weather Today 30 June: इन 20+ राज्यों में भारी बारिश और 15+ राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक मौसम का डबल अटैक

Aaj Ka Mausam 30 जून: देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 30 जून को देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 15 से ज्यादा राज्यों में तेज आंधी-तूफान व बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आज मौसम का डबल अटैक देखने को मिल सकता है। एक तरफ तेज हवाएं चलेंगी तो दूसरी तरफ मूसलाधार बारिश लोगों को प्रभावित करेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो दिनों में उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इस बीच आइए जानते हैं क्षेत्रवार मौसम का पूरा पूर्वानुमान।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली में हीटवेव के साथ बारिश और यूपी में भारी अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (जो 2 जुलाई से सक्रिय होगा) के चलते मौसम में बड़ा बदलाव आ रहा है। 4 जुलाई तक यहां के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: आज दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन इसके साथ ही आज और कल यानी 1 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है। इसके बाद 2 से 4 जुलाई के बीच दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में व्यापक रूप से भारी बारिश होगी। 1 से 6 जुलाई के दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

उत्तर प्रदेश: यूपी में आज मौसम का तगड़ा असर दिखेगा। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज से 2 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी है। पूरे राज्य में 30 जून से 6 जुलाई के दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 30 जून से 6 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 1 और 2 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में भी 2 और 3 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर में 2 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 1 और 2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से गंभीर आंधी-तूफान आने की आशंका है। यहां 2 से 6 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और बंगाल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

बिहार: बिहार में आज (30 जून) और कल (1 जुलाई) मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही आज और कल 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। 2 से 6 जुलाई के बीच भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 और 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 1 से 4 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि झारखंड में 30 जून और 1 जुलाई को भारी बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 जुलाई तक भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

मध्य और पश्चिमी भारत: मध्य प्रदेश से गुजरात तक मूसलाधार आफत

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में 1 से 6 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 3 जुलाई तक यहां 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

विदर्भ और छत्तीसगढ़: विदर्भ में 3 और 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं छत्तीसगढ़ में 30 जून से 6 जुलाई के दौरान लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

गुजरात और महाराष्ट्र: कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में आज और कल (1 जुलाई) और दोबारा 4 से 6 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। गुजरात क्षेत्र में 3 से 6 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आएगी।

दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में रेड अलर्ट जैसी स्थिति, तटों पर हाई अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय इलाकों में समुद्र बेहद अशांत रहने वाला है, जिसके लिए मछुआरों को चेतावनी जारी की गई है।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 30 जून से 6 जुलाई तक लगातार बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 3 से 6 जुलाई के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल और तेलंगाना: केरल और माहे में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 1 से 6 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में भी 30 जून से 6 जुलाई के बीच लगातार भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 30 जून का पूरे देश का वेदर मैप देखिए राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 30 जून का पूरे देश का वेदर मैप देखिए

मछुआरों के लिए चेतावनी: कोंकण, गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और पूर्वी-मध्य अरब सागर में 40-50 किमी/घंटा से लेकर 60 किमी/घंटा की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के तटीय इलाकों में भी 45-55 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

डिस्क्लेमर: Moneycontrol पर दिए गए मौसम के ये अनुमान भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक बुलेटिन पर आधारित हैं। किसी भी क्षेत्र में यात्रा करने या घर से बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन जरूर करें।

India Weather Tomorrow 30 June: इन 15 से ज्यादा राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज रफ्तार आंधी-तूफान का अलर्ट है। जहां एक तरफ उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को 30 जून को भी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके बाद अगले 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जून को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और बिहार।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और माहे।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

30 जून को देश के कई अन्य राज्यों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। इन इलाकों में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कल बहुत तेज सतही हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। गंगा नदी के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं (झोंके 50 किमी/घंटे तक)

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान और रायलसीमा।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली की चेतावनी

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कल अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत के लिए अगले 5 दिनों का विशेष पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव आएगा-

दिल्ली-एनसीआर (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली): 30 जून को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। यहां 1 जुलाई तक बारिश छिटपुट रहेगी, लेकिन 2 से 4 जुलाई के बीच काफी व्यापक से लेकर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। 1 से 3 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई के बीच और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश का दौर शुरू होगा। दोनों ही हिस्सों में 29 जून से 5 जुलाई के बीच आंधी, बिजली और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 जून को आंधी-बिजली के साथ 40-50 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी और 1-2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ़्तार से तीव्र आंधी चल सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी की गतिविधि देखने को मिलेगी।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर: इन पहाड़ी क्षेत्रों में 1 से 5 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश का भी अलर्ट है।

El Nino Impact: मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट! बारिश तो होगी पर अल नीनो की इस चाल ने उड़ाई सबकी नींद

El Nino Updates: देश में मानसून की चाल को लेकर एक तरफ जहां राहत भरी खबर आई है, वहीं दूसरी तरफ अल नीनो (El Nino) के असर ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। लेकिन अल नीनो के कारण सामान्य से कम मानसूनी गतिविधियों ने देश के कई हिस्सों में जल भंडारण के स्तर को प्रभावित किया है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम, मानसून पकड़ेगा रफ्तार

हमारी सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट में स्काईमेट के हवाले से बताया गया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर मानसूनी सिस्टम विकसित होने की संभावना है। यह नया सिस्टम मानसून को फिर से पुनर्जीवित करने में मदद कर सकता है। इसकी मदद से मानसूनी बारिश मध्य और उत्तरी भारत के आंतरिक हिस्सों तक पहुंचेगी।

एक संक्षिप्त ठहराव के बाद मानसून की गतिविधियां फिर से गति पकड़ने की उम्मीद है। IMD का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

अल नीनो की चाल ने बढ़ाई चिंता, खाली हो रहे जलाशय

बारिश के इस सकारात्मक रुख के बीच अल नीनो की स्थिति को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। सामान्य से कम मानसूनी गतिविधियों के चलते देश के कई हिस्सों में जलाशयों का वाटर लेवल काफी प्रभावित हुआ है। 25 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक देश के 166 प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 26.37% पर आ गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 36.02% था। हालांकि, यह मौजूदा स्तर सामान्य भंडारण स्तर (24.95%) से थोड़ा अधिक है।

महाराष्ट्र में 28 जून तक जलाशयों का जलस्तर गिरकर 23.38% रह गया है, जो पिछले साल इसी तारीख को 43.75% था। मुंबई के जलाशयों में पानी का स्तर 7.08% दर्ज किया गया है, जो पिछले साल इसी तारीख के 5.35% के मुकाबले थोड़ा बेहतर है।

दिल्ली-यूपी और पंजाब समेत उत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान

आईएमडी के मुताबिक, उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अगले एक या दो दिनों के दौरान छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 3 जुलाई के बीच काफी व्यापक से लेकर देशव्यापी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के हिस्सों और महाराष्ट्र के कोंकण व गोवा क्षेत्र में 4 जुलाई तक व्यापक से बेहद व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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Monsoon Watch: दिल्ली-NCR और यूपी हीटवेव से बेहाल दिखे, इस बीच मानसून एंट्री और बारिश को लेकर IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon updates: देश की राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली में रविवार को फील्स लाइक टेंप्रेचर (हीट इंडेक्स) 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की एंट्री और आगामी बारिश को लेकर राहत भरा अपडेट जारी किया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की कमी के कारण हाल के दिनों में हीट स्ट्रेस काफी बढ़ गया है। वैसे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून की एंट्री को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

मानसून अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों और उत्तराखंड में आगे बढ़ेगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को कवर कर लेगा।

दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून थी। लेकिन इस बार इसमें करीब एक हफ्ते की देरी है। स्काईमेट के मुताबिक अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में मानसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है। अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?

स्काईमेट के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पालावत के मुताबिक मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं। पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं। जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं।

जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं। लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात

दिल्ली में रविवार को गर्मी ने पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह रही। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था। दिल्ली का लोधी रोड इलाका 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।म

दिल्ली के लिए आगे का पूर्वानुमान

दिल्ली में सोमवार 29 जून को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 1 जुलाई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे आने और 3 जुलाई तक 35 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 5 से 6 डिग्री की क्रमिक गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री, हीटवेव का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

अन्य राज्यों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

1- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

उत्तराखंड: देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 37.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून मौसम केंद्र ने पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज से बहुत तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य में 4 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 30 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और आंधी का अलर्ट है। बीते 24 घंटों में शिमला, कांगड़ा और मंडी में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

2- पंजाब और हरियाणा

इन दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। IMD ने 29 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने (जो 60 किमी/घंटे तक जा सकती हैं) की चेतावनी दी गई है।

3- जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 33.8 डिग्री और जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में 29 जून को प्री-मानसून बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें व तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

4- राजस्थान

राजस्थान के बड़े हिस्से में उमस भरा मौसम बना हुआ है। हालांकि कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हुई है। झुंझुनू जिले के पिलानी में सुबह से 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

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India Weather Today: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश, यूपी-बिहार समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

Aaj Ka Mausam 29 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 29 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (29 जून) देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 26 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

IMD के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर एवं मांडला, झारखंड के डालटनगंज और बिहार के मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन राज्यों में अत्यंत भारी और बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और अत्यधिक भीषण बारिश की चेतावनी दी है। इसकी वजह से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है:-

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी आशंका है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बहुत भारी बारिश: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में आज भारी बारिश

देश के 14 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश होने की संभावना है:-

मध्य और पूर्वी भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।

पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

यूपी-बिहार समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है।

40 से 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी और बिजली

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह। यहां 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से झोंके चलने की आशंका है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं और गरज-चमक

उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

सिर्फ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और पूर्वेत्तर के राज्य (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा)। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज बहुत तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में आज लू का आखिरी दौर, मिलेगी राहत

एक तरफ जहां मानसून आगे बढ़ रहा है। वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ मैदानी इलाके आज भी गर्मी की चपेट में रहेंगे।

यूपी-बिहार और दिल्ली में हीटवेव: आज दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली), उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और बिहार के कुछ अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है।

तापमान में गिरावट: मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट आएगी, जिससे दिल्ली-यूपी के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में आज मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

समुद्र में खराब मौसम: मछुआरों को न जाने की सलाह

अरब सागर: सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम एवं पश्चिम-मध्य अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कोंकण-गोवा, कर्नाटक और केरल तटों के पास भी मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: दक्षिण श्रीलंका तट और मन्नार की खाड़ी व Comorin क्षेत्र में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।

Delhi Weather Today: 2 साल में सबसे गर्म सुबह के बाद, दिल्ली में बारिश और आंधी का अलर्ट, देखें मौसम पूर्वानुमान

Delhi Weather Today: हीटवेव के बीच दिल्ली में पिछले दो सालों में सबसे गर्म सुबह दर्ज होने के अगले दिन, यानी सोमवार को मौसम सुहावना रहा। आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट से चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिन में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान जताया है और कहा है कि बारिश का यह दौर 1 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शहर में पिछले दो सालों में सबसे गर्म सुबह थी। IMD के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था और 14 जून, 2024 (जब यह 33.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था) के बाद से सबसे अधिक दर्ज किया गया तापमान था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मौसम के औसत से 4.6 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी में लू (हीटवेव) की स्थिति बनी हुई थी, जबकि ज्यादा नमी और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देर से आने के कारण शाम 5.30 बजे ‘महसूस होने वाला’ तापमान (feels-like temperature) लगभग 50.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार की तेज गर्मी के उलट, सोमवार की शुरुआत आसमान में बादल और कम तापमान के साथ काफी सुखद रही। IMD ने अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है। जबकि नमी का स्तर 35 से 55 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।

इसके अलावा, मौसम विभाग ने दिन में बारिश के साथ आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की है। सोमवार के लिए मौसम की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि कुछ इलाकों में बिजली चमकने और थोड़ी देर के लिए बारिश हो सकती है।

1 जुलाई तक आंधी-तूफान की संभावना

IMD के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम के हालात ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। 30 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम के पूर्वानुमान में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान की बात कही गई है।

वहीं, 1 जुलाई को अधिकतम तापमान और गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस हो सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। इसके साथ ही 3 जुलाई तक तापमान और गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

आने वाले दिनों में तापमान में होने वाली गिरावट से शहर में वीकेंड के दौरान पड़ी भीषण गर्मी (हीटवेव) से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाएं और बिजली चमकने से ट्रैफिक और बाहर की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

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India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।