Radha ashtami 2026 Date: 3 शुभ योगों में 19 सितंबर को मनाई जाएगी राधाष्टमी, जानें लाडली जी की पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण समय

Radha ashtami 2026 Date: हिंदू धर्म में भाद्रपद का महीना कई धार्मिक वजहों से खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में इसी माह में भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। और इसके 15 दिनों के बाद, यानी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण की आल्हादिनी शक्ति और प्राणप्रिया राधा रानी का भी जन्म हुआ था। प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व कृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद आता है।

शास्त्रों के अनुसार राधा रानी की आराधना के बिना भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है। इस दिन व्रत रखने और राधारानी की उपासना करने से सुख, समृद्धि, अखंड सौभाग्य और निष्काम प्रेम की प्राप्ति होती है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बरसाना और वृंदावन में यह पर्व विशेष हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है। बरसाना के लाडली जी मंदिर में इस दिन विशेष अभिषेक, पूजन और भव्य उत्सव होता है। इस साल राधाष्टमी का पर्व शनिवार, 19 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन 3 शुभ योग बनने से इसका महत्व और बढ़ गया है।

राधाष्टमी 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 सितंबर को दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होगी। इस तिथि का समापन 19 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर राधाष्टमी 19 सितंबर दिन शनिवार को है। राधाष्टमी की पूजा की जाती है। राधाष्टमी के दिन भक्त व्रत रखते हैं और श्री राधाजी की पूजा करते हैं।

राधाष्टमी 2026 में बन रहे 3 शुभ योग

इस साल राधाष्टमी के दिन आयुष्मान् योग, सौभाग्य योग और रवि योग, 3 शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन आयुष्मान् योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 2 बजकर 29 पी एम तक रहेगा। इस योग में आयु में वृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। दोपहर 2:29 बजे से सौभाग्य योग बनेगा, जो भाग्य को बढ़ाने वाला है।

इनके अलावा रवि योग राधाष्टमी की मध्य रात्रि यानि 20 सितंबर को 01:43 ए एम से बनेगा और सुबह 06:08 ए एम तक रहेगा। इस योग में सूर्य का प्रभाव अधिक होता है, जिसकी वजह से इस योग में कोई दोष नहीं रह जाता। राधाष्टमी के दिन मूल नक्षत्र प्रात:काल से लेकर 20 सितंबर को 01:43 ए एम तक रहेगा। उसके बाद से पूर्वाषाढा नक्षत्र होगा।

राधाष्टमी 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त

इस बार राधाष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त दिन में 11 बजकर 1 मिनट से शुरू है और दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। राधाष्टमी को लाडली जी की पूजा के लिए आपको 2 घंटे 27 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा। राधाष्टमी पर ब्रह्म मुहूर्त 04:34 ए एम से लेकर 05:21 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। राधारानी जी की पूजा के समय अभिजीत मुहूर्त भी विद्यमान रहेगा।

राधाष्टमी 2026 पारण

जो लोग राधाष्टमी का व्रत रखेंगे, वे पारण 20 सितंबर को सुबह 06:08 ए एम के बाद से कर सकते हैं।

Hartalika Teej 2026: कई दुर्लभ संयोगों में इस साल मनेगा हरतालिका तीज व्रत, जानें इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

Hartalika Teej 2026: कई दुर्लभ संयोगों में इस साल मनेगा हरतालिका तीज व्रत, जानें इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त

Hartalika Teej 2026: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का व्रत विशेष स्थान रखता है। यह व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल 14 सितंबर 2026 को यह व्रत किया जाएगा। इस साल हरतालिका तीज के व्रत में कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जैसे इसी दिन गणेश चतुर्थी भी मनाई जाएगी। साथ ही इस दिन सोमवार का दिन है, जो भगवान शिव को समर्पित है। हरतालिका तीज का व्रत अखंड सौभग्य और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं और कुंवारी कन्याएं दोनों ही निर्जला उपवास करती हैं। इस साल हरतालिका तीज व्रत के दिन रवि योग के साथ 3 शुभ योगों का भी निर्माण होगा। इससे यह दिन और भी शुभ फलदायी माना जा रहा है। आइए जानते हैं हरतालिका तीज पर बनने वाले शुभ संयोग और पूजा मुहूर्त के बारे में।

3 शुभ योग में हरतालिका तीज व्रत

हरतालिका तीज के दिन ब्रह्म योग, रवि योग और इंद्र योग बन रहे हैं। उस दिन ब्रह्म योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 12:47 पी एम तक है, उसके बाद से इंद्र योग बनेगा। तीज और चतुर्थी पर रवि योग दोपहर में 01:55 पी एम से बनेगा और 15 सितंबर को सुबह 06:06 ए एम तक रहेगा।

हरतालिका तीज पर 4 अद्भुत संयोग

हरतालिका तीज की भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 14 सितंबर को सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक है। उसके बाद से भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इस तरह 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का उत्सव और हरतालिका तीज दोनों एक साथ मनाए जाएंगे। इस दिन सोमवार भी है, जो भगवान शिव की कृपा प्राप्ति का सुंदर अवसर है। इस दिन दक्षिण भारत का प्रमुख स्वर्ण गौरी व्रत भी है, जिसे गौरी हब्बा कहते हैं। यह व्रत कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में रखा जाता है, जिसमें देवी पार्वती की पूजा करते हैं।

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी मुहूर्त

हरतालिका तीज की पूजा जहां प्रदोष काल में होगी। वहीं गणेश चतुर्थी की मूर्ति स्थापना और पूजा उससे पहले ही दिन में हो जाएगी।

हरतालिका तीज पूजा का समय : इस दिन सुबह भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा 06:05 बजे से 07:38 बजे के बीच होगी। जिनके यहां शाम की पूजा होती है, वे प्रदोष काल में 06:28 पी एम से पूजा करेंगे।

गणेश चतुर्थी पूजा का समय : गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 11:02 एम से लेकर दोपहर 1:31 पीएम तक है। इस समय में आप विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा कर लें।

Laddu Gopal Chatti 2026: जन्माष्टमी के छह दिन बाद आज मनाई जाएगी लड्डू गोपल की छठी, नोट करें छठी पर्व की पूरी विधि और भोग

गरबा में अगर मुस्लिम आएं… VHP के बैन के फरमान के बीच अमृता फडणवीस ने बिल्कुल अलग ही बात कह दी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा है कि त्योहार सभी के लिए होते हैं और अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी इसमें शामिल होता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें मुस्लिमों को नवरात्रि के कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने की बात कही गई है।

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पिछले हफ्ते कहा था कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्य में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

वहीं, राज्य के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को VHP के इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उन्हें हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होना चाहिए।

राणे की टिप्पणियों के बारे में सवाल पूछे जाने पर, अमृता फडणवीस ने कहा कि उनका मानना ​​है कि इस त्योहार में सभी को शामिल होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी वहां आता है और त्योहार का ठीक से आनंद लेता है, तो मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता।”

वहीं, VHP ने आयोजकों के लिए “गाइडलाइंस” जारी की हैं, ताकि नवरात्रि के ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों में शामिल होने वालों की पहचान की पुष्टि की जा सके। इसके लिए उनके आधार कार्ड की जांच करने और उनके माथे पर ‘तिलक’ लगाने को कहा गया है।

राणे ने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान “लव जिहाद” के मामले बढ़ जाते हैं और कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने वालों की पहचान की जांच होनी चाहिए और उन्हें अंदर जाने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

बता दें कि ‘लव जिहाद’ एक ऐसा शब्द है, जिसका इस्तेमाल दक्षिणपंथी कार्यकर्ता अक्सर इस आरोप के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष महिलाओं, खासकर हिंदू महिलाओं, को प्रेम संबंधों में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करने की कोशिश करते हैं।

यह भी पढ़ें: ‘मैं 24×7 काम नहीं कर सकता, मुझे कार्यमुक्त करें…’; वाराणसी में तैनात पुलिसकर्मी ने मांगी नौकरी से मुक्ति, इस्तीफे की चिट्ठी में लिखी ये बात

Laddu Gopal Chatti 2026: जन्माष्टमी के छह दिन बाद आज मनाई जाएगी लड्डू गोपल की छठी, नोट करें छठी पर्व की पूरी विधि और भोग

Laddu Gopal Chatti 2026: हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के छह दिन बाद परिवारों में आमतौर पर एक उत्सव मनाया जाता है, जिसे छठी कहते हैं। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद भी मनाया जाता है। देश-दुनिया में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों ने 4 सितंबर को नटखट माखनचोर का जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व के रूप में मनाया है। इसके पर्व के छह दिन बाद, यानी आज 9 सितंबर के दिन उनका छठी पर्व मनाया जा रहा है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तरह उनका छठी पर्व भी विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन उन्हें नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार किया जाता है, छठी उत्सव रस्में निभाई जाती हैं और उन्हें काजल लगाया जाता है। लड्डू गोपाल की छठी उत्सव की विधि और भोग से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है:

तिथि और शुभ योग

तिथि : बुधवार, 9 सितंबर 2026

शुभ संयोग : इस दिन भद्रा राजयोग, मालव्य राजयोग और हंस राजयोग का विशेष संयोग बन रहा है।

लड्डू गोपाल छठी पर्व 2026 पूजन विधि

कान्हा की छठी मनाने के लिए सबसे पहले गाय के देसी घी से उनकी मालिश करें। इसके बाद दूध के कटोरे में उनका स्नान कराएं। इस दौरान कम से कम 3 बार दूध के पात्र में डुबकियां लगाएं। फिर गंगाजल से ठाकुर जी को स्नान कराएं।

ठाकुर जी को स्नान कराने के बाद लाल या पीले रंग के नए वस्त्र पहनाएं। इसके बाद ठाकुर जी को प्यार से काजल लगाएं। छठी वाले दिन उन्हें नजर का धागा जरूर पहनाना चाहिए।

छठी के दिन बाल गोपाल को काजल लगाने की भी परंपरा है। उनकी आंखों, तलवों और कान के पीछे काजल का छोटा सा टीका लगाया जाता है। मान्यता के अनुसार बचा हुआ काजल घर के सदस्यों की आंखों में भी लगाया जा सकता है।

इन सबके अलावा भोग में उन्हें 6 सबसे अधिक प्रिय अर्पित करनी चाहिए। इसमें कड़ी, चावल, मख्खन, खीर-पूरी और हलवा का भोग जरूर लगाएं। आखिर में 11, 21 या 51 रुपये लेकर ठाकुर जी की नजर उतारकर किन्नरों को जरूर दान करें। कान्हा की छठी मनाने के लिए इस विधि को अपनाएं।

लड्डू गोपाल की छठी खासतौर से शाम के समय मनाई जाती है। लड्डू गोपाल के झूले को सुंदर-सुंदर फूलों से सजाना चाहिए और उनके भजन को गाना चाहिए।

लड्डू गोपाल के छठी पर्व का विशेष भोग

कढ़ी, चावल, माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी, खीर और पूरी।

सभी भोजन बिना प्याज और लहसुन के बनाएं। लड्डू गोपाल को अर्पित किए जाने वाले प्रत्येक भोग में तुलसी दल जरूर शामिल करें।

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर 9 साल बाद बना अनोखा संयोग, 10 नहीं इस बार 12 दिनों के लिए पधारेंगे बप्पा

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर 9 साल बाद बना अनोखा संयोग, 10 नहीं इस बार 12 दिनों के लिए पधारेंगे बप्पा

Ganesh Chaturthi 2026: भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है, इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व नए कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को शुरू होता है और 10 दिनों तक चलता है। अनन्त चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के साथ इसका समापन होता है। गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा के भक्त गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करते हैं। घरों से लेकन सार्वजनिक पांडालों में गजानन की भक्ती की धूम रहती है।

बप्पा के भक्तों को गणेश चतुर्थी का साल भर इंतजार रहता है। ये उत्सव पूरे 10 दिनों तक चलता है। 10 दिनों तक गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, आरती उतारी जाती है और उनका प्रिय भोग ‘मोदक’ चढ़ाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी के पर्व पर 9 साल के बाद अनोखा संयोग बन रहा है। पंचांग की गणनाओं के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 10 नहीं 12 दिनों का होगा।

गणेश चतुर्थी तिथि

हिंदू पंचांग के मुताबिक, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। अधिकांश हिंदू व्रत सूर्योदय के समय ही किए जाते हैं लेकिन गणेश स्थापना दोपहर के समय की जाती है। माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर में ही हुआ था। दोपहर के समय मूर्ति स्थापित करना काफी शुभ माना जाता है।

गणेश चतुर्थी- सोमवार, 14 सितंबर 2026

चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- सुबह 7 बजकर 6 मिनट

चतुर्थी तिथि समाप्त- सुबह 7 बजकर 44 मिनट, 15 सितंबर 2026

मुख्य विसर्जन की तिथि- 25 सितंबर 2026, शुक्रवार

इस साल 12 दिनों तक रहेंगे बप्पा

गणेश चतुर्थी पारंपरिक रूप से, चंद्र पखवाड़े के 14वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी को प्रतिमा विसर्जन के साथ समाप्त होती है। गणेशोत्सव की अवधि दिनों की निश्चित संख्या के बजाय हिंदू चंद्र कैलेंडर से जुड़ी होती है। तिथि और स्थानीय परंपराओं के आधार पर, यह त्योहार अलग-अलग अवधि के लिए मनाया जाता है, जिसमें डेढ़, तीन, पांच, सात या 10 दिन शामिल हैं। 2026 में, चंद्र तिथियों के दुर्लभ संयोग के कारण यह त्योहार 12 दिनों तक चलेगा। गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत 14 सितंबर को गणेश स्थापना के साथ होगी और 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी विसर्जन के साथ इसका समापन होगा। इस साल, गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल की तृतीया तिथि के साथ पड़ेगी। 12 दिनों का गणेशोत्सव 2017 के नौ साल बाद हो रहा है। यह किसी तय 9 साल के गणितीय नियम की वजह से नहीं है। बल्कि, यह हिंदू पंचांग में तिथियों की गणना पर निर्भर करता है।

बप्पा का विसर्जन भक्तों के विघ्न का विसर्जन है

उत्सव के अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों और जुलूस के साथ नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित किया जाता है। विसर्जन इस बात का प्रतीक है कि भगवान गणेश अपने लोक (कैलाश) लौट रहे हैं और भक्तों के सभी विघ्न अपने साथ ले जा रहे हैं।

Hartalika Teej Puja Vastu: 14 सितंबर को किया जाएगा हरतालिका तीज का व्रत, अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर पाने के लिए सही दिशा में करें पूजा

Hartalika Teej Puja Vastu: 14 सितंबर को किया जाएगा हरतालिका तीज का व्रत, अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर पाने के लिए सही दिशा में करें पूजा

Hartalika Teej Puja Vastu: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं ये अखंड सौभाग्य और सुख समृद्धि के लिए ये व्रत करती हैं। वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने की कामना से इस व्रत को करती हैं। माना जाता है कि माना जाता है कि इस व्रत को करने से कन्याओं के विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।

यह व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। इस साल यह व्रत 14 सितंबर 2026 को किया जाएगा। इस व्रत की हिंदू धर्म में बहुत महत्व है, इसलिए इसे करने के कुछ बेहद जरूरी नियम भी हैं। माना जाता है कि हरतालिका व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब पूजा के लिए अन्य बातों के अलावा वास्तु नियमों का भी पालन किया जाए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, शुभ दिशा में बैठकर पूजा करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

हरतालिका तीज 2026 तारीख

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत- 13 सितंबर को सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का समापन- 14 सितंबर को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर

उदया तिथि के अनुसार, हरतालिका तीज व्रत 14 सितंबर को किया जाएगा।

पूजा के लिए शुभ मानी जाती है ये दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, हरतालिका तीज की पूजा के दौरान महिलाओं का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा से घर में सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिशा में पूजा करने से सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

इस दिशा का रखें ध्यान

पूजा के दौरान दक्षिण दिशा की तरफ मुख नहीं होना चाहिए। इस दिशा में पूजा करने से घर की शांति भंग हो सकती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जिसका प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ सकता है। हरतालिका तीज के दिन इस दिशा में मुख करके पूजा करना मानसिक अशांति और आर्थिक उन्नति पर भारी पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में पितरों का वास माना जाता है।

Pitru Paksha 2026 Start Date: सर्वार्थ सिद्धि योग में इस तारीख से शुरू होगा पितृ पक्ष, जानें प्रतिपदा श्राद्ध की सही तारीख और कुतुप मुहूर्त

फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस का मशहूर एफिल टॉवर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को बंद रहा। हड़ताल हिंदू संगठन BAPS के प्रतिनिधिमंडल के दौरे को लेकर हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि शनिवार को BAPS के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी की जगह से हटा दिया गया। स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डावोआन ने रॉयटर्स से कहा कि प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर महिलाओं से अपनी जगह छोड़ने को कहा गया, ताकि वहां पुरुष कर्मचारियों को लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस घटना से महिला कर्मचारी काफी आहत और अपमानित महसूस कर रही हैं। गुस्सा बढ़ने के बाद सोमवार को कर्मचारियों ने बैठक की और प्रबंधन से बात की। मैंनेजमेंट बोला- ऐसा अनुरोध नहीं मानना चाहिए था एफिल टॉवर चलाने वाली कंपनी SETE ने AFP को बताया कि BAPS ने ऐसा इंतजाम करने को कहा था, जिसमें महिलाओं से बातचीत कम से कम हो। SETE ने माना कि उसे यह अनुरोध नहीं मानना चाहिए था। कंपनी ने कहा कि यह उसकी नीतियों और महिला-पुरुष बराबरी के खिलाफ था। SETE के अध्यक्ष एरियल वील ने इसे “बिल्कुल गलत” बताया। उन्होंने कहा कि एफिल टॉवर महिला-पुरुष बराबरी और फ्रांस के नियमों का सम्मान करता है। BAPS ने घटना पर माफी मांगी BAPS ने कहा कि करीब 100 लोगों का दौरा एफिल टॉवर की टीम के साथ मिलकर तय किया गया था। समय ऐसा रखा गया था कि दूसरे पर्यटकों को कम परेशानी हो। संगठन ने कहा कि उसकी जानकारी में किसी को टॉवर में जाने से नहीं रोका गया। फिर भी, इस घटना से किसी को दुख या परेशानी हुई हो तो उसने माफी मांगी। BAPS खुद को हिंदू आध्यात्मिक और स्वयंसेवी संगठन बताता है। लंदन, लॉस एंजिल्स और सिडनी समेत कई शहरों में इसके मंदिर हैं। रविवार को पेरिस के एक उपनगर में BAPS के फ्रांस में पहले बड़े मंदिर का उद्घाटन हुआ। पेरिस के मेयर बोले- घटना की जांच होगी पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों के गुस्से को जायज बताया। फ्रांस की समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने कहा, “फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने के लिए नहीं कहा जाता। कोई धर्म देश के कानून से ऊपर नहीं है।” दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने कहा कि फ्रांस महिलाओं की मौजूदगी को सीमित करने की बात कभी नहीं मानेगा। पूर्व प्रधानमंत्री गैब्रियल अताल ने कहा कि कोई संस्कृति, आस्था या धर्म महिलाओं को यह नहीं बता सकता कि उन्हें कहां रहना चाहिए। खबर अपडेट हो रही है…

फ्रांस में कर्मचारियों की हड़ताल से एफिल टॉवर बंद रहा:आरोप- हिंदू संगठन के दौरे पर महिला कर्मचारियों को हटाया

फ्रांस का मशहूर एफिल टॉवर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सोमवार को बंद रहा। हड़ताल हिंदू संगठन BAPS के प्रतिनिधिमंडल के दौरे को लेकर हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि शनिवार को BAPS के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी की जगह से हटा दिया गया। स्टाफ यूनियन की प्रतिनिधि डायने डावोआन ने रॉयटर्स से कहा कि प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर महिलाओं से अपनी जगह छोड़ने को कहा गया, ताकि वहां पुरुष कर्मचारियों को लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस घटना से महिला कर्मचारी काफी आहत और अपमानित महसूस कर रही हैं। गुस्सा बढ़ने के बाद सोमवार को कर्मचारियों ने बैठक की और प्रबंधन से बात की। मैंनेजमेंट बोला- ऐसा अनुरोध नहीं मानना चाहिए था एफिल टॉवर चलाने वाली कंपनी SETE ने AFP को बताया कि BAPS ने ऐसा इंतजाम करने को कहा था, जिसमें महिलाओं से बातचीत कम से कम हो। SETE ने माना कि उसे यह अनुरोध नहीं मानना चाहिए था। कंपनी ने कहा कि यह उसकी नीतियों और महिला-पुरुष बराबरी के खिलाफ था। SETE के अध्यक्ष एरियल वील ने इसे बिल्कुल गलत बताया। उन्होंने कहा कि एफिल टॉवर महिला-पुरुष बराबरी और फ्रांस के नियमों का सम्मान करता है। BAPS ने घटना पर माफी मांगी BAPS ने कहा कि करीब 100 लोगों का दौरा एफिल टॉवर की टीम के साथ मिलकर तय किया गया था। समय ऐसा रखा गया था कि दूसरे पर्यटकों को कम परेशानी हो। संगठन ने कहा कि उसकी जानकारी में किसी को टॉवर में जाने से नहीं रोका गया। फिर भी, इस घटना से किसी को दुख या परेशानी हुई हो तो उसने माफी मांगी। BAPS खुद को हिंदू आध्यात्मिक और स्वयंसेवी संगठन बताता है। लंदन, लॉस एंजिल्स और सिडनी समेत कई शहरों में इसके मंदिर हैं। रविवार को पेरिस में BAPS के फ्रांस में पहले बड़े मंदिर का उद्घाटन हुआ। पेरिस के मेयर बोले- घटना की जांच होगी पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों के गुस्से को जायज बताया। फ्रांस की समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने कहा, “फ्रांस में महिलाओं से खुद को छिपाने के लिए नहीं कहा जाता। कोई धर्म देश के कानून से ऊपर नहीं है।” दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने कहा कि फ्रांस महिलाओं की मौजूदगी को सीमित करने की बात कभी नहीं मानेगा। पूर्व प्रधानमंत्री गैब्रियल अताल ने कहा कि कोई संस्कृति, आस्था या धर्म महिलाओं को यह नहीं बता सकता कि उन्हें कहां रहना चाहिए। —————————- ये खबर भी पढ़ें…. ट्रम्प को रेयर-अर्थ मिनरल नहीं भेज पा रहा पाकिस्तान:बलूच हमलों से अमेरिकी कंपनी का काम बंद; मुनीर ने वॉशिंगटन में दिखाए थे सैंपल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ड्रीम प्रोजेक्ट अटक गया है। पाकिस्तान से रेअर अर्थ मिनरल (दुर्लभ खनिज) की अगस्त में प्रस्तावित खेप अमेरिका रवाना नहीं हो सकी। इसके बाद कराची और इस्लामाबाद में अमेरिकी कंपनी यूएस स्ट्रेटेजिक मेटल्स (USSM) के दफ्तरों में काम बंद हो गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

सिख लड़कियों को फंसा रहा PAK ग्रूमिंग गैंग:युवक का दावा-ब्रिटेन में गिफ्ट, कैश और दोस्ती से भरोसा जीतते, परिवार से दूर करते, फिर धर्म बदलवाते

ब्रिटेन में सिख लड़कियों को कथित तौर पर फंसाकर उनका ब्रेनवॉश, फिर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसका दावा एक सिख युवक ने किया है। यूके के एक चैनल के पॉडकास्ट में युवक ने पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग पर गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। युवक के मुताबिक, इसके लिए एक तय तरीके से लड़कियों को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की जाती है। शुरुआत में सिख युवकों को लड़कियों के सामने मजाक, तानों से अपमानित किया जाता है, ताकि मुस्लिम युवकों की अधिक प्रभावशाली छवि बनाई जा सके। इसके बाद महंगे उपहार, कैश और बाहर घुमाने के जरिए भरोसा बढ़ाने हैं, उनके धर्म को लेकर सवाल खड़े करने और परिवार-दोस्तों से दूर करने का दावा किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। हालांकि, दैनिक भास्कर युवक के इन दावों की पुष्टि नहीं करता है। कैसे जाल बिछाता है ग्रूमिंग गैंग, जानिए… सिख युवकों को अपमानित करना:
पॉडकास्ट में युवक के दावे के अनुसार, पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग से पहले सिख युवकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करता है। युवक ने कहा कि स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल जैसी जगहों पर मजाक, ताने, नस्लीय या जातीय टिप्पणियों और कथित शारीरिक दुर्व्यवहार के जरिए सिख युवकों की सामाजिक स्थिति कमजोर करने की कोशिश की जाती है। उसके मुताबिक, इसका उद्देश्य सिख महिलाओं के सामने मुस्लिम युवकों की अधिक ‘दबंग’ या प्रभावशाली छवि बनाना होता है। दोस्ती और प्रभाव बनाने का दावा:
युवक के अनुसार, इसके बाद सिख लड़कियों के साथ दोस्ती बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। इसमें कथित तौर पर कुछ मुस्लिम सहेलियों की भूमिका होती है, जो सिख लड़की को उस मुस्लिम युवक के बारे में सकारात्मक बातें बताती हैं और उसके प्रति भरोसा पैदा करने में मदद करती हैं। युवक ने दावा किया गया कि इस कथित प्रक्रिया में महंगे उपहार,कैश, रेस्तरां, क्लब और बार जैसी जगहों पर ले जाने के जरिए लड़की का भरोसा और भावनात्मक झुकाव हासिल करने की कोशिश की जाती है। यह महज दोस्ती नहीं बल्कि धीरे-धीरे प्रभाव और निर्भरता बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। धर्म को लेकर सवाल खड़े करना:
युवक के दावा किया कि तीसरे चरण में धर्म से जुड़े सवाल किए जाते हैं। लड़की के अपने धर्म यानी सिख धर्म को लेकर सवाल और संदेह पैदा किए जाते हैं और साथ ही मुस्लिम धर्म को बेहतर या अधिक महान बताने की कोशिश की जाती है। युवक ने कहा कि एक तरफ लड़की को उसके अपने धर्म के प्रति विश्वास को कमजोर किया जाता है और दूसरी तरफ मुस्लिम धर्म की श्रेष्ठता की धारणा पैदा की जाती है। परिवार और दोस्तों से अलगाव:
युवक ने कहा कि जब लड़की का विश्वास हासिल कर लिया जाता है और उसका धार्मिक विश्वास कमजोर हो जाता है, तो कथित तौर पर उसे परिवार और पुराने दोस्तों से दूर करने की कोशिश की जाती है। युवक ने दावा किया कि गैंग के लोग लड़की की परिवार से बातचीत कम करवाना, दोस्तों से संपर्क तोड़ना, मानसिक रूप से अलग-थलग करना या घर छोड़ने के लिए मजबूर करना जैसी स्थितियों पैदा करते हैं। जिससे लड़की अपने सामाज से दूर हो जाती है और फिर अंत में उसका धर्म परिवर्तन करवा दिया जाता है। 6 महीने पहले युवती ने भी किया था खुलासा इससे पहले भी एक युवती ने ब्रिटेन में सिख लड़कियों को लेकर ऐसे ही दावे किए थे। करीब 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया था। युवती ने दावा किया था कि ब्रिटेन में ‘कौर-टू-खान’ मूवमेंट चल रहा है, जिसके तहत सिख लड़कियों को फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उसने इसके पीछे यूके में सक्रिय पाकिस्तानी मूल के कथित ग्रूमिंग गैंग को जिम्मेदार बताया था। युवती ने दावा किया था कि सिख लड़की को ‘कौर’ से ‘खान’ बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जाते हैं। उसके मुताबिक, ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं। इसके बाद उन्हें महंगी गाड़ियों और रेस्टोरेंट्स में घुमाया जाता है और जब लड़की उनके प्रभाव में आ जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन कराया जाता है। युवती का यह भी दावा था कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों के धर्म परिवर्तन के लिए रकम अलग है। उसके मुताबिक, सिख लड़की को मुस्लिम बनाने पर 10,000 पाउंड यानी करीब 11 लाख रुपए, जबकि हिंदू या ईसाई लड़की का धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड यानी करीब साढ़े 5 लाख रुपए दिए जाते हैं। इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ************* ये खबर भी पढ़ें: सिख से मुस्लिम बनी पंजाबी युवती पहले से शादीशुदा निकली: पति ने इंग्लैंड में 7 दिन झाड़ियों में छिपकर रखी नजर, युवक संग घूमते पकड़ा अमृतसर की रहने वाली कोमलप्रीत कौर के धर्म परिवर्तन के मामले में नया खुलासा हुआ है। वह पहले से शादीशुदा थी। अब ससुराल वालों ने अपनी बहू पर बेटे को धोखा देने के आरोप लगाए हैं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने करीब 2 साल पहले कोमलप्रीत को पढ़ाई के लिए इंग्लैंड भेजने में करीब 35 लाख रुपए खर्च किए थे। (पढ़ें पूरी खबर)

Shardiya Navratri 2026: अक्टूबर में शारदीय नवरात्रि इस दिन होगी शुरू, नोट करें नवरात्रि की सभी तिथियां और कलश स्थापना का मुहूर्त

Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर 9 दिनों तक चलता है। इसमें मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों (नवदुर्गा) की उपासना की जाती है। इस पर्व की शुरुआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ ही जाती है। बहुत से भक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ नौ दिनों का उपवास भी करते हैं। माना जाता है मां दुर्गा का आगमन संसार में सकारात्मकता का संचार करता है और रोग-दोष को दूर करता है। आइए जानें इस साल शारदीय नवरात्रि कब से शुरू हो रहे हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू होंगे

नवरात्रि प्रारंभ एवं घटस्थापना : 11 अक्टूबर 2026 (रविवार)

कलश स्थापना शुभ मुहूर्त : सुबह 06:19 बजे से 10:12 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक

दुर्गा अष्टमी व महानवमी : 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)

विजयदशमी (दशहरा): 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)

मां दुर्गा का आगमन और महत्व

इस वर्ष नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन से हो रही है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है और यह अच्छी वर्षा व समृद्धि का प्रतीक है।

शारदीय नवरात्रि 2026 तिथियां और दिन

  • 11 अक्टूबर पहला दिन मां शैलपुत्री
  • 12 अक्टूबर दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी
  • 13 अक्टूबर तीसरा दिन मां चंद्रघंटा
  • 14 अक्टूबर चौथा दिन मां कूष्मांडा
  • 15 अक्टूबर पांचवां दिन मां स्कंदमाता
  • 16 अक्टूबर छठा दिन मां कात्यायनी
  • 17 अक्टूबर सातवां दिन मां कालरात्रि
  • 18 अक्टूबर आठवां दिन मां महागौरी
  • 19 अक्टूबर नौवां दिन मां सिद्धिदात्री

संक्षिप्त पूजन विधि

प्रातःकाल स्नान के बाद संकल्प लेकर ईशान कोण में कलश/घट की स्थापना करें, जौ बोएं और अखंड ज्योति प्रज्वलित करें।

प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्र जाप और आरती करें।

अष्टमी या नवमी तिथि के दिन 9 कन्याओं और एक बटुक (भैरव रूप) को भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त करें।

Bhadrapad Amavasya 2026 Upay: सितंबर में आने वाली दर्श अमावस्या पर पितरों के आशीर्वाद के लिए जरूर करें ये उपाय, जानें सही तारीख