पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत में करीब 100 साल पुराने हिंदू मंदिर गिराए जाने की खबरों को गलत बताया है। उसका कहना है कि 21 जुलाई को भारी बारिश के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। वहीं, स्थानीय लोगों और हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया और उसकी जमीन पास के मदरसे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मंदिर की इमारत को 21 अगस्त को गिराया गया। दोनों तारीखों के बीच करीब एक महीने का अंतर है। इसी वजह से मंदिर गिराए जाने की घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। TLP पर मंदिर गिराने के आरोप पाकिस्तान मसिहा मिल्लत पार्टी (PMMP), स्थानीय लोगों और हिंदू समुदाय ने आरोप लगाया था कि मंदिर को स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने गिराया। इन लोगों ने इस मामले में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से जुड़े लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। TLP पाकिस्तान का एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन है, जिस पर वहां प्रतिबंध लगा हुआ है। भारत ने मंदिर गिराए जाने की निंदा की मामला सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने 2 सितंबर को इसकी निंदा की थी। भारत ने कहा था कि मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जो चिंता की बात है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। भारत ने पाकिस्तान से मंदिर गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और मंदिर को फिर से ठीक कराने की मांग की थी। पाकिस्तान बोला- तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया भारत के बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने भारत के आरोपों को झूठा और राजनीतिक मकसद से लगाया गया बताया। उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। खान ने पाकिस्तान के स्थानीय एवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों के हवाले से कहा कि मंदिर की इमारत भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी। मंदिर की मरम्मत करवाएगा पाकिस्तान पाकिस्तान का यह भी दावा है कि स्थानीय अधिकारियों ने मंदिर को हुए नुकसान का सर्वे किया है और मंदिर को दोबारा ठीक करने के लिए कदम शुरू कर दिए गए हैं। ————————- यह भी पढ़ें… PAK ग्रूमिंग गैंग ने लंदन में सिख युवती को फंसाया: ब्रेनवॉश किया, नितनेम-गुरुद्वारा जाना छोड़ा इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। पूरी खबर पढ़ें…
Happy Krishna Janmashtami Wishes 2026: जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख और बेहद पावन त्योहारों में से एक है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भक्त इस खास अवसर पर पूरे श्रद्धाभाव से कान्हा की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके बाल स्वरूप की झांकियां सजाकर उत्सव का आनंद लेते हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। वर्ष 2026 में यह पावन त्योहार 04 सितंबर को मनाया जाएगा। जन्माष्टमी केवल पूजा-पाठ और उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने प्रियजनों के साथ प्रेम और खुशियां बांटने का भी अवसर है। इस दिन दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएं भेजकर आप उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। त्योहारों के मौके पर भेजे गए प्यार भरे संदेश रिश्तों में अपनापन बढ़ाने और उन्हें और मजबूत बनाने का काम करते हैं।
अगर आप भी इस जन्माष्टमी पर अपनों को खास अंदाज में बधाई देना चाहते हैं, तो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम से भरे खूबसूरत संदेश भेजें। “हैप्पी कृष्ण जन्माष्टमी” कहकर अपने प्रियजनों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना जरूर करें।
जन्माष्टमी के 25 संदेश
1.श्री कृष्ण की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
2. नटखट नंदलाल आपके जीवन में खुशियों की बहार लाएँ और हर दुख दूर करें। जय श्री कृष्ण!
3. मुरली की धुन आपके जीवन को प्रेम और आनंद से भर दे। हैप्पी जन्माष्टमी!
4. कान्हा की कृपा से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।
5. राधे-राधे बोलो, कृष्ण नाम में डूब जाओ। भगवान श्री कृष्ण आपका जीवन खुशियों से भर दें।
6. माखन चुराने वाले कान्हा आपके सभी दुख चुरा लें। जय श्री कृष्ण!
7. जिसके सिर पर हाथ हो कान्हा का, उसे डर कैसा संसार का। जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
8. कृष्ण की भक्ति में जो रंग जाए, उसका जीवन खुशियों से भर जाए। शुभ जन्माष्टमी!
9. श्री कृष्ण आपके जीवन में प्रेम, शांति और सफलता का प्रकाश भरें।
10. नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! आप सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।
11. कान्हा की बंसी की मधुर धुन आपके जीवन में नई उमंग और नई खुशियाँ लेकर आए।
12. हर पल हो कृष्ण का नाम, हर दिन हो खुशियों की सौगात। शुभ जन्माष्टमी!
13. कृष्ण की लीला अपरंपार, उनकी कृपा से हो जीवन खुशहाल।
14. राधा के प्रेम और कृष्ण की भक्ति से आपका जीवन हमेशा महकता रहे।
15. कान्हा आपके जीवन की हर परेशानी को दूर कर खुशियों से भर दें। जय श्री कृष्ण!
16. जन्माष्टमी का यह पावन पर्व आपके परिवार के लिए सुख-समृद्धि लेकर आए।
17. मन में कृष्ण, हृदय में प्रेम और जीवन में खुशियाँ यही हो जन्माष्टमी का संदेश।
18. श्री कृष्ण के चरणों में श्रद्धा रखिए, हर मुश्किल आसान हो जाएगी। शुभ जन्माष्टमी!
19. कान्हा की मुस्कान आपके जीवन की सारी उदासी मिटा दे। जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।
20. कृष्ण नाम का दीप आपके जीवन से अंधकार मिटाकर उजाला भर दे।
21. प्रेम हो राधा जैसा, भक्ति हो मीरा जैसी और विश्वास हो कृष्ण जैसा। शुभ जन्माष्टमी!
22. श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन में हर दिन उत्सव जैसा हो।
23. मुरली वाले की मुरली आपके जीवन में प्रेम की मिठास घोल दे। जय श्री कृष्ण!
24. नंदलाल की कृपा से हर मनोकामना पूरी हो और हर घर में खुशियाँ आएँ।
25. नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की ढेरों शुभकामनाएँ।
जन्माष्टमी की 30 शायरियाँ

1.मुरली की धुन और राधा का प्यार,
मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्योहार।
2. माखन चुराकर जिसने सबके दिल चुराए,
वो नंदलाल आपके जीवन में खुशियाँ लाए।
3. राधा के दिल में कृष्ण, कृष्ण के दिल में राधा,
इनके प्रेम जैसा सुंदर हो जीवन हमारा।
4. नटखट कान्हा की प्यारी मुस्कान,
कर दे हर दिल को खुशहाल और महान।
5. बंसी की धुन सुनकर मन हो जाए मगन,
कृष्ण नाम से रोशन हो जीवन का हर क्षण।

6. कृष्ण की भक्ति में रंग जाओ,
सारे गम भूलकर मुस्कुराओ।
7. नंद के घर जब कान्हा आए,
हर ओर खुशियों के दीप जलाए।
8. जिसके सिर पर हाथ कन्हैया का,
उसका क्या बिगाड़े जमाना।
9. राधा का प्रेम, कृष्ण की मुरली,
दोनों लगें दुनिया में सबसे प्यारी।
10. कान्हा की बंसी की धुन निराली,
उनकी भक्ति दुनिया से प्यारी।

11. दिल में बसाओ श्री कृष्ण का नाम,
हर मुश्किल होगी आसान तमाम।
12. मुरली वाला आया है,
खुशियों की सौगात लाया है।
13. कृष्ण की लीला सबसे न्यारी,
उनकी भक्ति सबसे प्यारी।
14. जहाँ कृष्ण का नाम होता है,
वहाँ हर दुख तमाम होता है।
15. कान्हा तेरी भक्ति में ऐसा रंग जाएँ,
दुनिया भूलकर बस तुझे ही पाएँ।

16. राधे-राधे नाम पुकारो,
कृष्ण के चरणों में मन हारो।
17. माखन मिश्री का भोग लगाएँ,
कान्हा को दिल से याद मनाएँ।
18. श्याम की बंसी जब बजती है,
हर धड़कन कृष्ण नाम कहती है।
19. कृष्ण हैं प्रेम की पहचान,
कृष्ण हैं भक्ति की शान।
20. नंदलाल की प्यारी छवि,
हर लेती है मन की सभी कमी।

21. कृष्ण नाम का जाप करो,
मन से सारे पाप हरो।
22. राधा-कृष्ण का प्रेम निराला,
इनसे सुंदर जग में क्या है उजाला।
23. कान्हा की कृपा हो जिस पर अपार,
उसके जीवन में रहे खुशियाँ हजार।
24. मुरली वाले की मुरली बजे,
हर मन में प्रेम के फूल सजे।
25. कृष्ण आएँ बनकर उजाला,
हर जीवन हो खुशियों वाला।

26. गोविंद के नाम से सुबह हो,
कृष्ण की भक्ति से शाम हो।
27. राधा की चाहत, कृष्ण का प्यार,
यही है जीवन का सच्चा श्रृंगार।
28. कान्हा की मुरली और राधा का साथ,
बना दे खुशियों से भरी हर रात।
29. नटखट कान्हा की जय-जयकार,
आपको मुबारक जन्माष्टमी का त्योहार।
30. नंद के घर आनंद भयो,
जय कन्हैया लाल की।
कृष्ण भक्ति में मन रम जाए,
यही शुभकामना जन्माष्टमी की।
इंग्लैंड (UK) में पंजाबी युवती पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में फंस गई। युवती की मां ने एक पंजाबी चैनल से बातचीत में कहा कि उसकी 19 साल की बेटी है। वह नितनेम करती, गुरुद्वारे जाकर सेवा करती थी लेकिन गैंग ने उसे फंसा लिया। उसने सब कुछ छोड़ दिया। उसका ब्रेनवॉश कर दिया। जब हमने समझाने की कोशिश की तो हमारी शिकायत लंदन पुलिस को कर दी। इसके बाद हमें छोड़कर चली गई। मां ने कहा कि यूनिवर्सिटी में लड़कियों के एक ग्रुप से जोड़ने के बाद एक लड़का उसके टच में आया, उसके बाद ही उसका पूरा व्यवहार बदल गया। उसने इंग्लैंड में रहते सिखों से इस मामले में मदद मांगी है। लड़की को कैसे फंसाया, ग्रूमिंग गैंग का पूरा प्रोसेस क्या है, आगे क्या होता है, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 5 पॉइंट में जानिए, युवती की मां ने ग्रूमिंग को लेकर क्या कहा.. 1. स्कूल में पढ़ी, यूनिवर्सिटी तक सब ठीक था
मां ने कहा- मेरी बेटी का नाम सिमरन है। वह 19 साल की है। बेटी यहीं (लंदन) की जन्मी है, लेकिन फिर भी वह जैसी हमारी भारतीय समुदाय की बच्चियां होती हैं, उस तरह थी। हमारे घर में एक अच्छे माहौल में पली-बढ़ी थी उसने स्कूल खत्म किया और सितंबर 2025 में यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई। तब तक सब कुछ ठीक था। 2. यूनिवर्सिटी में लड़कियों का ग्रुप बना, फिर एक लड़का उसके टच में आया
मां ने कहा- यूनिवर्सिटी में जाकर मुस्लिम लड़कियों का ग्रुप बना। फिर एक लड़का उनके संपर्क में आया। जिसने मेरी बेटी से संपर्क किया और फिर उसका थोड़ा-थोड़ा व्यवहार बदलने लगा। वह पहले बहुत अच्छी थी, बहुत इज्जत करती थी हमारी, कभी वह हमारे आगे बोलती नहीं थी। फिर हमें शक हुआ कि शायद कुछ गलत है। हमें जून 2026 में पता चला कि एक मुस्लिम लड़का उसके साथ जुड़ चुका है। उसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। 3. मां-बाप को वह बातें बोलती, जिससे यकीन नहीं आता
मां ने कहा- वह काफी आक्रामक होने लगी। यहां तक कि उसको यह पता चलना बंद हो गया कि हम उसके माता-पिता हैं। वह कभी-कभी हमें इतनी गलत चीजें बोल देती थी कि हम विश्वास ही नहीं कर पाते थे कि यह सिमरन ही बोल रही है। स्कूल में हर टीचर उसकी तारीफ करता था कि यह हमारी बहुत इज्जत करती है। 4. घर पर पाठ करती, गुरुद्वारे जाती, फिर पूरी बदल गई
मां ने कहा- वह घर पर पाठ करती थी। जब भी उसको समय मिलता था, हम गुरुद्वारे जाते, सेवा करके आते थे। उसका ब्रेनवाश कर दिया गया। मतलब कि पूरी तरह से बदल दिया उसको। वह अपना किरदार ही भूल गई। मेरी फैमिली गुरसिख है। पति का परिवार अमृतधारी है। बेटी सिमरन भी सिक्खी को मानती थी लेकिन फिर वह पूरी तरह से बदल गई। 5. समझाया तो पुलिस को हमारी ही शिकायत कर दी, फिर छोड़कर चली गई
मां ने कहा- जब हमने उसे समझाने की कोशिश की तो उसने लंदन पुलिस को शिकायत कर दी। उसने झूठ कहा कि हमने उसको मारा-पीटा। जबकि हमने कभी भी उस पर हाथ नहीं उठाया। यहां तक कि हमने उससे ऊंची आवाज में बात करना भी बंद कर दिया था। हमें लगता था कि हम प्यार से उसको समझा लें, घर वापस ले आएं, हर वह चीजें करने लगे, जिससे वह खुश रहती थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि उसका इतना माइंडवॉश कर दिया उन्होंने कि हमारी मेरी पूरी फैमिली पर आरोप लगाकर वह चली गई।
पहले भी एक युवती ने ऑनसक्रीन किए थे खुलासे बता दें, 6 महीने पहले इंग्लैंड में रहने वाले पंजाबी नवदीप सिंह ने एक युवती का वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें युवती ने ऐसे ही कुछ दावे किए थे। उसने बताया था कि ब्रिटेन में कौर-टू-खान मूवमेंट चल रहा है। सिख लड़कियों को फंसाकर उन्हें मुसलमान बनाया जा रहा है। इसके लिए यूके में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय है। युवती ने वीडियो में दावा किया था कि यूके में ग्रूमिंग गैंग को कौर (सिख लड़की) से खान (मुस्लिम) बनाने पर 10 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। युवती का कहना था कि पाकिस्तानी मूल की ग्रूमिंग गैंग सोची-समझी साजिश के तहत गैर-मुस्लिम लड़कियों, खासकर सिख लड़कियों को निशाना बना रहे हैं। युवती ने ग्रूमिंग गैंग की स्ट्रेटजी का भी खुलासा किया था। उसका कहना था कि ग्रूमिंग गैंग पहले लड़कियों को टारगेट कर उनसे इमोशनली अटैच होते हैं, फिर उन्हें महंगी गाड़ियों व रेस्टोरेंट्स में घुमाते हैं और जब लड़की उनके जाल में फंस जाती है तो उसका धर्म परिवर्तन करा देते हैं। युवती का दावा है कि अलग-अलग धर्म की लड़कियों को फंसाने के रेट भी अलग हैं। सिख लड़की को फंसाकर मुस्लिम बनाने पर युवक को 10,000 पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) मिलते हैं। वहीं, हिंदू या ईसाई लड़की के धर्म परिवर्तन कराने पर 5,000 पाउंड (करीब साढ़े 5 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है। कैसे जाल बिछाते हैं ग्रूमिंग गैंग, स्टेप-टू-स्टेप प्रोसेस जानिए…
100 से ज्यादा ब्रिटिश हिंदू संगठनों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का ब्रिटेन पहुंचने पर स्वागत किया। वे तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में गुरुवार को लंदन पहुंचे हैं। भागवत का दौरा संगठन की स्थापना के 100 साल पूरे होने के मौके पर चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियानों का हिस्सा है। इस दौरे के तहत वे अमेरिका और कनाडा भी जा चुके हैं। ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस ने गुरुवार को संसद में लिखित सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भागवत की यात्रा देश के इमिग्रेशन नियमों की शर्तें पूरी करती है। दरअसल, ब्रिटिश-भारतीय सांसद नादिया व्हिटोम ने पिछले हफ्ते संसद में सवाल पूछा था कि कि क्या इस दौरे की पूरी समीक्षा नियमों के तहत की गई है मंत्री ने कहा- सभी लोगों को इमिग्रेशन नियम पूरे करने होंगे
मंत्री डैन जार्विस ने जवाब दिया कि गृह मंत्रालय व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकता। हालांकि, मंत्रालय खतरों की पूरी श्रेणी से निपटने और हिंसा व व्यक्तियों तथा समुदायों के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने वाले विचार फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “ब्रिटेन में प्रवेश की मांग करने वाले सभी लोगों को इमिग्रेशन नियमों की शर्तें पूरी करनी होंगी।” 2018 में भी अमेरिका गए थे भागवत मोहन भागवत इससे पहले सितंबर 2018 में अमेरिका गए थे। उन्होंने शिकागो में 7 से 9 सितंबर 2018 तक आयोजित दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में 60 देशों से करीब 2,500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भागवत ने कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया था। 2018 के इस दौरे की उपलब्ध रिपोर्टों में भागवत की किसी अमेरिकी राजनयिक से मुलाकात या उन्हें किसी औपचारिक राजनयिक सम्मान दिए जाने का जिक्र नहीं मिलता। उनका दौरा मुख्य रूप से वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित था। —————————– ये खबर भी पढ़ें… न्यूयॉर्क में भागवत बोले- भारत के DNA में एकता-विविधता:हम अलग होकर भी एकदूसरे से जुड़े, गलत सोच इंसान को जानवरों के करीब ले जाती है RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त करीब 42 मिनट स्पीच दी। पूरी खबर पढ़ें…
Janmashtami Krishna photo Vastu: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान विष्णु ने देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। भगवान विष्णु के सभी अवतारों में श्रीकृष्ण अवतार सर्वाधिक प्रिय माना जाता है। भगवान कृष्ण के भक्त भारत ही नहीं दुनिया के कोने-कोने में हैं। इतना ही नहीं, कान्हा के मंदिर भी दुनिया के कई देशों में हैं।
हमारे देश में श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिरों से लेकर घरों में तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रौनक रहती है। लोग उपवास करते हैं, घरों में कृष्ण जन्म और बाल कृष्ण की लीलाओं की झांकियां सजाते हैं। घरों को रोशनी और भगवान कृष्ण की तस्वीरों से सुशोभित करते हैं। माना जाता है कि जन्माष्टमी के मौर पर भगवान कृष्ण की तस्वीर घर में लगाने से सकारात्मकता बढ़ती है, समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है। लेकिन भगवान कृष्ण की तस्वीर को सही दिशा में लगाना भी बहुत जरूरी है, अन्यथा यह कंगाली का कारण भी बन सकती है। इसलिए तस्वीर घर में लाने पहले, वास्तु अनुसार उसे लगाने के नियम जानना जरूरी होता है।
कैसी तस्वीर लगानी चाहिए?
वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए- धार्मिक मान्यता के अनुसार, घर में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है और पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है।
संतान प्राप्ति के लिए- अगर आप संतान की प्राप्ति चाहते हैं, तो जन्माष्टमी के दिन घर में बाल गोपाल की तस्वीर लगाएं।
धन-धान्य में वृद्धि के लिए- समृद्धि के लिए भगवान श्रीकृष्ण की गायों के साथ वाली तस्वीर लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसी तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसका शुभ प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ता है।
सुख-शांति के लिए- जो लोग घर में सुख, शांति और सकारात्मक संचार चाहते हैं, तो वे लोग घर में श्रीकृष्ण की मुस्कुराती हुई तस्वीर लगाएं। मान्यता है कि प्रभु के इस स्वरूप की तस्वीर लगाने से व्यक्ति को शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।
तस्वीर लगाने की सही और शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को सबसे सर्वोत्तम माना गया है, क्योंकि इस दिशा में ईश्वर और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसके अलावा पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार भी तस्वीर लगाने के लिए उपयुक्त रहती है। तस्वीर को दीवार पर इतनी ऊंचाई पर लगाएं कि वह देखने वाले की आंखों की सीध में रहे, इसे बहुत ज्यादा ऊपर या बिल्कुल नीचे फर्श के पास न टांगें।
बेडरूम में राधा-कृष्ण की तस्वीर का नियम
बेडरूम में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगाने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा की दीवार सबसे बेहतर होती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि तस्वीर बिल्कुल बिस्तर के सिरहाने या पैरों की तरफ न लगी हो। साथ ही, दर्पण के ठीक सामने तस्वीर लगाने से बचना चाहिए।
इस दिशा में भूलकर भी न लगाएं तस्वीर
वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना गया है। इसलिए इस दिशा में भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है।
यहां भी श्रीकृष्ण की तस्वीर लागने से बचें
इसके अलावा, शौचालय, रसोई के ठीक ऊपर या बहुत निचले स्थानों पर भी ईश्वर का चित्र न लगाएं।
अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने की निंदा की:100 साल पुराने मंदिर की जगह मदरसा बनाने का आरोप; इस्लामाबाद बोला- बारिश से गिरी इमारत भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से ज्यादा पुराने एक हिंदू मंदिर को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में था। मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की खबर सामने आई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से ज्यादा पुराने एक हिंदू मंदिर को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में था। मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की खबर सामने आई थी। हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया, ताकि उसकी जमीन या आसपास की जमीन का इस्तेमाल मदरसा बनाने के लिए किया जा सके। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण मंदिर की इमारत अपने आप गिर गई। भारत बोला- मंदिर की सुरक्षा नहीं कर पाए अधिकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस घटना की खबरों को गंभीर चिंता के साथ देखा है। उन्होंने पाकिस्तान के सिराज गांव में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को नष्ट किए जाने की निंदा की। भारत के मुताबिक, ऐसी घटनाएं पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की कमजोर स्थिति और उनके धार्मिक अधिकारों व पूजा स्थलों के गंभीर उल्लंघन को दिखाती हैं। आरोप- कट्टरपंथियों ने जानबूझकर मंदिर गिराया पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (PMMP), हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने जानबूझकर मंदिर को गिराया। PTI के मुताबिक, उनका आरोप है कि इसके बाद मंदिर की जमीन को पास के एक मदरसे के इस्तेमाल के लिए लेने की कोशिश की गई। PMMP के अध्यक्ष असलम परवेज सहोत्रा ने सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को उन्होंने पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सहोत्रा ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित दक्षिणपंथी इस्लामिक राजनीतिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कुछ लोग मंदिर गिराने में शामिल थे। मंदिर गिराए जाने के बाद उसके शिखर में लगे धातु के सामान, ईंटें और दूसरी सामग्री वहां से हटा दी गई। सहोत्रा के मुताबिक, मंदिर से लगी जमीन को पहले इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने मदरसा बनाने के लिए लीज पर दिया था। हालांकि, बाद में किराया नहीं चुकाने और जमीन का तय मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं होने के आरोप में लीज रद्द कर दी गई थी। पाकिस्तानी अधिकारी बोले- मंदिर का कोई रिकॉर्ड नहीं पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों से अलग दावा किया है। ETPB के वरिष्ठ अधिकारी राणा इफ्तिखार ने कहा कि भारी बारिश के कारण मंदिर की इमारत गिर गई। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मंदिर 100 साल से ज्यादा पुराना था। इफ्तिखार ने कहा कि रिकॉर्ड में मंदिर का कोई नाम दर्ज नहीं है, लेकिन यह करीब 100 से 125 साल पुरानी इमारत थी। उन्होंने कहा कि मंदिर से लगी जमीन को भले ही एक धार्मिक शिक्षण संस्थान के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन मंदिर की अपनी जमीन किसी को लीज पर नहीं दी गई थी। इफ्तिखार ने कहा कि मंदिर को दोबारा बनाया या बहाल किया जाएगा या नहीं, इसका फैसला ETPB के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष की अवधि का विशेष महत्व है। यह लगभग 15 दिनों का समय होता है, जिसमें हम अपने परिवार के स्वर्गवासी हो चुके सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थन, श्राद्ध और तर्पण करते हैं। पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन माह की अमावस्या यानी सर्वपितृ अमावस्या तक चलता है। माना जाता है कि इस अवधि में पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर अपने परिजनों के पास आती हैं। इस दौरान उनके नाम से श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पितृ पक्ष का पालन करने वाले इस अवधि में सात्विक जीवन जीते हैं। इस समय नया सामान खरीदना, शादी-विवाह, मुंडन जैसे मांगलिक या शुभ कार्य और तामसिक भोजन वर्जित माने जाते हैं। साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत सितंबर महीने में होगी और इसका समापन अक्टूबर में सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं 2026 में पितृपक्ष कब से कब तक रहेगा और इस दौरान पड़ने वाली सभी महत्वपूर्ण श्राद्ध तिथियां कौन-कौन सी हैं।
कब से शुरू होगा पितृपक्ष 2026?
साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर, शनिवार से होगी। इस दिन भाद्रपद पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर को प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध होगा। वहीं, पितृपक्ष का समापन 10 अक्तूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। इस दिन उन सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती या किसी कारणवश उनका श्राद्ध तिथि पर नहीं हो पाता।
पितृ पक्ष के दौरान किए जाने वाले प्रमुख कर्म
तर्पण : जल, तिल और कुशा से पितरों को जल अर्पित करना।
पिंडदान : चावल, जौ और तिल के पिंड बनाकर अर्पित करना।
दान-पुण्य : ब्राह्मणों, गरीबों, कौओं, गायों और कुत्तों को भोजन कराना।
पितृपक्ष 2026 कैलेंडर
दिनांक तिथि श्राद्ध
26 सितंबर भाद्रपद पूर्णिमा पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर प्रतिपदा प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर द्वितीया द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर तृतीया तृतीया श्राद्ध
30 सितंबर चतुर्थी चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध
1 अक्तूबर षष्ठी षष्ठी श्राद्ध
2 अक्तूबर सप्तमी सप्तमी श्राद्ध
3 अक्तूबर अष्टमी अष्टमी श्राद्ध
4 अक्तूबर नवमी नवमी श्राद्ध
5 अक्तूबर दशमी दशमी श्राद्ध
6 अक्तूबर एकादशी एकादशी श्राद्ध
7 अक्तूबर द्वादशी द्वादशी श्राद्ध
8 अक्तूबर त्रयोदशी त्रयोदशी श्राद्ध
9 अक्तूबर चतुर्दशी चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्तूबर अमावस्या सर्वपितृ श्राद्ध
September Ekadashi Vrat Date: हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। प्रत्येक माह 2 एकादशी व्रत को देखते हुए साल में कुल 24 एकादशी आती हैं। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है और इस व्रत का श्री हरि की कृपा पाने के सबसे सरल उपायों में से एक माना जाता है। माना जाता है कि एकादशी व्रत करने से जातक को सुख-समृद्धि मिलने के साथ ही अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर माह की तरह भाद्रपद माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाएगा। आइए जानें सितंबर माह में आने वाले एकादशी व्रत किस दिन किए जाएंगे।
सितंबर 2026 में दो एकादशी व्रत आएंगे
अजा एकादशी : 7 सितंबर 2026, सोमवार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष
अजा एकादशी का पारण : 8 सितंबर 2026
परिवर्तिनी एकादशी : 22 सितंबर 2026, मंगलवार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष
परिवर्तिनी एकादशी का पारण : 23 सितंबर 2026
अजा एकादशी व्रत 2026
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस साल यह व्रत 7 सितंबर 2026 को किया जाएगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 6 सितंबर 2026 को शाम 07:29 बजे से प्रारंभ होगी और 7 सितंबर 2026 को शाम 05:03 बजे समाप्त होगी। इस व्रत का पारण 8 सितंबर 2026 को सुबह 06:02 से 08:33 के बीच कर सकेंगे।
महत्व और धार्मिक मान्यता
अजा एकादशी का व्रत रखने से समस्त पापों का नाश होता है और व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा हरिश्चंद्र ने अपने खोए हुए राज-पाट, परिवार और मान-सम्मान को पुनः प्राप्त करने के लिए महर्षि गौतम के कहने पर यही व्रत किया था।
परिवर्तिनी एकादशी 2026
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान योगनिद्रा में लीन भगवान श्री हरि विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। इस साल यह व्रत 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 21 सितंबर 2026 को रात 10:15 बजे से प्रारंभ होकर 22 सितंबर 2026 को रात 08:40 बजे समाप्त होगी। इस व्रत का पारण 23 सितंबर 2026 (बुधवार) को सुबह 06:10 से 08:35 के बीच कर सकते हैं।
महत्व और धार्मिक मान्यता
इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है और अनजाने में हुए सभी पाप मिट जाते हैं।
Janmashtami 2026 Vrat: हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व विशेष स्थान रखता है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु ने इसी दिन माता देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल यह पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस साल भगवान कृष्ण की 5253वीं जयंती मनाई जाएगी।
इस दिन देश-दुनिया के कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण जन्मात्सव की तैयारियां की जाती हैं। विशेष कार्यक्रम और सजावट होती है। बहुत से श्रद्धालु इस दिन उपवास भी करते हैं, अपने घरों में भगवान कृष्ण की लीलाओं की झांकी सजाते हैं और मध्यरात्रि में उनका जन्मोत्सव मनाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। शास्त्रों में इस व्रत को करने के नियमों के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि कुछ लोगों को जन्माष्टमी का व्रत करने से बचना चाहिए।
इन्हें नहीं करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत
- इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी जन्माष्टमी का व्रत न करने की सलाह दी जाती है। अगर कोई गर्भवती महिला इस व्रत को करती है, तो यह उसकी सेहत और शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप केवल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सकती हैं।
- जो लोग किसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो उन लोगों को भी जन्माष्टमी का व्रत नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में अगर आप जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, तो इससे आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी वजह से आपको भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
- जन्माष्टमी का व्रत बड़े-बुजुर्गों को नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्रत करने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
जन्माष्टमी व्रत के नियम
इस व्रत के दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। ऐसा माना जाता है कि काले रंग के कपड़े धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, जिसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
पूजा के समय लड्डू गोपाल का अभिषेक करने के बाद देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी आदि चीजों का भोग लगाएं। साथ ही भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी के पत्ते शामिल करने से प्रभु प्रसन्न होकर भोग को स्वीकार करते हैं।
जन्माष्टमी व्रत के दौरान गेहूं, चावल और दाल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। साथ ही तामसिक चीजों को भी नहीं खाना चाहिए।
इसके अलावा व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। साथ ही क्रोध, झूठ और विवाद से दूरी बनाकर रखें।
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