कच्चे तेल की नरमी ने दिया बूस्टर डोज, सरपट भागे JK टायर और इंडिगो के शेयर, पेंट और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को भी लगे पंख

आज गुरुवार, 5 नवंबर को JK टायर, इंडिगो, एशियन पेंट्स और कई तेल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण एविएशन, टायर और पेंट कंपनियों के शेयरों को फायदा मिला है। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 9 प्रतिशत गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। बाजार को उम्मीद है कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजे अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने का रास्ता खोल सकते हैं। इसके चलते क्रूड की कीमत में नरमी आई है।

आज शुरुआती कारोबार में JK टायर 5.6 प्रतिशत बढ़कर 351.5 रुपये पर पहुंच गया, जबकि इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन 5.04 प्रतिशत चढ़कर 5,400 रुपये पर जाता दिखा। एशियन पेंट्स 4.44 प्रतिशत बढ़कर 2,525.7 रुपये पर पहुंच गया, वहीं अपोलो टायर्स में 4.37 प्रतिशत की तेजी आई और यह 420 रुपये पर पहुंच गया।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में भी तेजी

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) 5.17 प्रतिशत बढ़कर 385.30 रुपये पर, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) 3.63 प्रतिशत बढ़कर 315.75 रुपये पर और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) 3.10 प्रतिशत बढ़कर 146.43 रुपये पर पहुंच गया।

दूसरे बढ़त बनाने वाले शेयरों में CEAT शामिल है जो 3.25 प्रतिशत बढ़कर 3,526 रुपये पर पहुंच गया। कंसाई नेरोलैक पेंट्स 2.84 प्रतिशत बढ़कर 200.86 रुपये पर आ गया और बर्जर पेंट्स 2.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 498.45 रुपये पर पहुंच गया। स्पाइसजेट भी 1.83 प्रतिशत बढ़कर 7.78 रुपये पर आ गया।

अपस्ट्रीम तेल उत्पादक कंपनियों पर दबाव

हालांकि,अपस्ट्रीम तेल उत्पादक कंपनियां दबाव में दिख रही हैं। ऑयल इंडिया 3.07 प्रतिशत गिरकर 443.95 रुपये पर आ गया है। जबकि ONGC 1.60 प्रतिशत फिसलकर 231.24 रुपये पर आ गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट क्यों?

गुरुवार को ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे सेशन में गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी मध्यावधि कांग्रेसनल चुनावों में डेमोक्रेट्स की कई अहम जीत के बाद, मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को चुनावों में मिली हार से इस बात की उम्मीद जगी है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के संघर्ष के और अधिक बढ़ने का खतरा कम हो सकता है।

इस उम्मीद के चलते ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.03 प्रतिशत गिरकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.98 डॉलर पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में 8-9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जिससे ये 31 अगस्त के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए।

इस हफ्ते ब्रेंट में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई

इस हफ्ते ब्रेंट में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है। अगर यह गिरावट शुक्रवार तक जारी रहती है तो यह अप्रैल 2020 के बाद से तेल की कीमतों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट होगी।

एविएशन, टायर और पेंट कंपनियों के शेयरों में तेजी क्यों ?

कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से उन कंपनियों को फायदा होगा जो पेट्रोलियम से बनने वाले ईंधन और कच्चे माल पर काफी हद तक निर्भर होते हैं। इंडिगो के लिए,एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) एक बड़ा खर्च है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कंपनी की ईंधन की लागत कम हो सकती है और एयरलाइन के मुनाफे में सुधार हो सकता है।

JK टायर, अपोलो टायर्स और CEAT जैसी टायर बनाने वाली कंपनियों को सिंथेटिक रबर, कार्बन ब्लैक और पेट्रोलियम से जुड़े दूसरे कच्चे माल की लागत कम होने से फायदा मिल सकता है। एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स और कंसाई नेरोलैक जैसी पेंट बनाने वाली कंपनियों को भी कच्चे माल की लागत में राहत मिल सकती है।

इसी तरह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बेहतर मार्केटिंग मार्जिन से फायदा हो सकता है। जबकि कच्चे तेल के सस्ते होने से ONGC और ऑयल इंडिया जैसी तेल उत्पादक कंपनियों की कमाई पर दबाव आ सकता है।

 

 

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ATF Price Hike: दिवाली-छठ पर हवाई जहाज से घर जाना हुआ और महंगा, एविएशन फ्यूल के इतने बढ़ गए दाम

ATF Price Hike: आज यानी 1 नवंबर से एविएशन फ्यूल यानी विमानों के ईंधन के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर दिवाली-छठ पर घर जाने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। रविवार (1 नवंबर) से एटीएफ की कीमत में 1.37 रुपये प्रति लीटर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पेट्रोलियम कंपनियों के मुताबिक, दिल्ली में एटीएफ की कीमत 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विमान ईंधन कीमतों में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले एक अक्टूबर को एटीएफ की कीमत में 16 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की गई थी। वहीं, सितंबर में 6.28 रुपये और अगस्त में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।

यूपी-बिहार का हवाई सफर होगा और महंगा

विमान ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ेगा। एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में एटीएफ का हिस्सा करीब 40 प्रतिशत बैठता है। ऐसे में एटीएफ महंगा होने से एयरलाइन कंपनियों के खर्च में और इजाफा होने की आशंका है। एक अधिकारी ने कहा, “ATF महंगा होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर हवाई टिकटों की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।

त्योहारों के दौरान पहले से ही दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों से पटना, दरभंगा, गया, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जाने वाली उड़ानों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और त्योहारी सीजन की भारी मांग के चलते यूपी-बिहार के यात्रियों का घर पहुंचने का बजट बिगड़ सकता है। हालांकि, एयरलाइंस टिकटों के दाम बढ़ाएंगी या नहीं, यह उनके किराया निर्धारण और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।

आज से बाहर खाना-पीना भी हुआ महंगा

इसी तरह, होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी 10 रुपये बढ़ाकर 2,820 रुपये कर दी गई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे पहले एक अक्टूबर को इसकी कीमत में 62.50 रुपये का इजाफा किया गया था। सितंबर में भी सिलेंडर 9.50 रुपये महंगा हुआ था। हालांकि, इससे पहले जुलाई और अगस्त में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में क्रमशः 183.50 रुपये और 192 रुपये की कटौती की गई थी।

जून में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण कमर्शियल एलपीजी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। फरवरी से जून के बीच 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में कुल 1,373 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान कीमत 1,740.50 रुपये से बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई थी।

पहली तारीख को जारी होती है नई कीमत

पेट्रोलियम कंपनियां एटीएफ और एलपीजी की कीमतों की हर महीने की पहली तारीख को समीक्षा करती हैं। इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में संबंधित उत्पादों के बेंचमार्क भाव और रुपये-डॉलर की दर के आधार पर तय होती हैं। राज्यों में स्थानीय टैक्स विशेषकर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के कारण कीमतों में अंतर भी रहता है। दूसरी ओर, घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर बनी हुई है। फिलहाल, पेट्रोल और डीजल के दाम में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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