Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

आज भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग: MP-महाराष्ट्र में मूसलाधार, IMD ने इन 2 दर्जन राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: देश में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 30 जुलाई के लिए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए ‘रेड कलर वॉर्निंग’ यानी अत्यंत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत लगभग 2 दर्जन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक सेंट्रल छत्तीसगढ़ और उससे सटे नॉर्थ इंटीरियर ओडिशा पर बना गहरा दबाव 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। शाम को यह बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के पास केंद्रित था, जो अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे विदर्भ की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इस उग्र वेदर सिस्टम के चलते आज देश के एक बड़े भू-भाग में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं का असर रहेगा।

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट: ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

IMD ने आज पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में ‘बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य और पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आज देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश हो सकती है।

तूफानी हवाएं, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप, पूरा महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40-50 किमी/घंटा (गस्टिंग 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है।

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बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम), जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, तटीय कर्नाटक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूरा गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी, जिसके चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?

fire cloud

अभूतपूर्व जंगल की आग से जूझते फ्रांस में पहली बार फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनते देखा गया है। आखिर आग के बादल होते क्या हैं और इनका क्या असर होता है। फ्रांस में इसे देखने के बाद क्यों चिंता बढ़ रही है। ALSO READ: अमेरिका-चीन के बीच तनाव, अमेरिका ने लगाया चीनी रोबोट पर प्रतिबंध

 

फ्रांस जंगल की अभूतपूर्व आग से जूझ रहा है। लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और सैर सपाटे के मौसम में अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। जंगल की आग ना सिर्फ अपने विस्तार में भयानक है बल्कि यह जिस रूप में नजर आ रही है वह इससे पहले फ्रांस में कभी नहीं देखी गई। यहां फायर क्लाउड यानी आग के बादल बनने की भी खबरें आ रही हैं जो फ्रांस के लिए दुर्लभ रहा है।

 

फायर क्लाउड क्या है?

पाइरक्यूम्यूलोनिंबस एक तरह का बादल है जो जंगल की बड़ी आग के ऊपर बनता है। तेज गर्मी जब धुएं, राख और भाप को वातावरण में धकेलती है तो पाइरोक्यूम्यूलोनिंबस बनता है जिसे फायर क्लाउड यानी आग के बादल भी कहा जाता है।

 

तस्मानिया यूनिवर्सिटी में पायरोजियोग्राफी के प्रोफेसर डेविड बोमान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “आप किसी चिमनी के रूप में इसकी कल्पना कर सकते हैं, जिसमें नीचे आग होती है, धुआं चिमनी के रास्ते से होता हुआ वायुमंडल में जाता है।”

 

मौसमविज्ञानी उन परिस्थितियों की पहचान कर सकते हैं जो फायर क्लाउड बनाने के लिए आदर्श होते हैं, हालांकि वे बारीकी से यह नहीं बता सकते कि वे कब बनेंगे। ऐसे में वे चेतावनी तो दे सकते हैं लेकिन इसकी सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकते। ALSO READ: नेपाल: बालेन शाह के खिलाफ जेन-जी में क्यों है उबाल

 

जंगल की आग पर बुरा असर

फायर क्लाउड जंगल की आग को ज्यादा खतरनाक और अप्रत्याशित बना सकते हैं। तेज हवाएं पैदा करके वे आग की दिशा बदल सकते हैं और बिजली पैदा करके वह आग की नई लपटों को जन्म दे सकते हैं।

 

उनके अंदर की ऊर्जा खत्म होने के बाद भी “प्लूम कोलैप्स” की स्थिति पैदा कर के नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्लूम जब बादलों के अंदर पर्याप्त ऊर्जा नहीं बचती तो वे ढह जाते हैं, इसके साथ राख और कचरा जमीन पर गिर कर नुकसान पहुंचाता है। इसे ही प्लूम कोलैप्स कहते हैं। बोमन का कहना है, “प्लूम कोलैप्स होता है तो वहां जलते कचरे की बारिश होती है।” ALSO READ: जंगल की आग के सामने लाचार होते फ्रांस और स्पेन

 

यूरोप पर क्या असर होगा?

फ्रेंच अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि बोर्दो के पास पाइरोक्यूमूलोनिंबस देखा गया है जो फ्रांस में पहली बार है। फ्रांस में बोर्दो के पास बीते कई दिनों से जंगल की आग धधक रही है।आग के बादल बनने की खबर आने के बाद आपातकालीन सेवाओं की चुनौती बढ़ गई है। आग की अप्रत्याशित प्रवृत्ति की वजह से अधिकारी इलाकों को खाली कराने का दायरा बढ़ा सकते हैं।

 

बोमन का कहना है कि पूर्वी यूरोप में आग के बादल पैदा होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। अब तक इन्हें ज्यादातर कनाडा या ऑस्ट्रेलिया में ही देखा जाता रहा है। बोमन के मुताबिक, “यह बहुत गंभीर स्थिति है। यह हैरान करने वाला है लेकिन यह विनाशकारी और भयानक है, हम ऐसी चीजें और नहीं चाहते।”

खरीफ बुआई 95% के करीब, 107 लाख हेक्टेयर में पूरा हुआ आच्छादन : शाही

Shahi UP News

कम बारिश के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार की समयबद्ध तैयारियों और किसानों की मेहनत के कारण खरीफ फसलों का आच्छादन लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। वर्ष 2026 में खरीफ आच्छादन का लक्ष्य 110 लाख हेक्टेयर रखा गया था, जिसके मुकाबले लगभग 107 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 95 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष 103 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 100 लाख हेक्टेयर में आच्छादन हो पाया था।

 

यह जानकारी बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लोकभवन में पत्रकारों से वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सुपर अल नीनो की आशंका के कारण सामान्य से कम वर्षा का अनुमान था। इसके बावजूद सरकार ने किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई। 

 

खरीफ सीजन में 50 प्रतिशत अनुदान पर 1.73 लाख कुंतल से अधिक बीज वितरित किए गए। साथ ही दलहन, तिलहन, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों के रकबे को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सरकार ने 6.13 लाख से अधिक किसानों को 16,449 कुंतल मुफ्त मिनी किट वितरित किए, जबकि 1.23 लाख कुंतल से अधिक बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया। दलहन, तिलहन तथा मोटे अनाज के बीजों का बड़े पैमाने पर वितरण कर किसानों को कम वर्षा की परिस्थितियों में भी खेती जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

अल्प अवधि की तोरिया फसल को बढ़ावा देने का निर्णय

कृषि मंत्री ने बताया कि 28 जुलाई तक प्रदेश में औसत से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। 11 जिलों में 40 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश हुई, जबकि 13 जिलों में स्थिति और अधिक चिंताजनक रही। ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने सितंबर में अल्प अवधि की तोरिया फसल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 1,000 कुंतल तोरिया बीज वितरण का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें 600 कुंतल मुफ्त मिनी किट और 400 कुंतल अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है तथा 17 अगस्त के बाद ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन किया जाएगा।

7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट वितरण का लक्ष्य

श्री शाही ने किसानों को आश्वस्त किया कि योगी सरकार रबी सीजन में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। इसके लिए प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और वितरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बीज वितरण के लिए 10 जुलाई को पोर्टल खोला जा चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन कर समय से बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इस वर्ष 7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 36,475 कुंतल बीज निशुल्क वितरित किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए बताया कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी ई-लॉटरी प्रणाली से होगी।

अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे 25,900 कृषि यंत्र

उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों पर अनुदान योजना के तहत भी पोर्टल 20 जुलाई से खोल दिया गया है। इसकी लॉटरी 10 अगस्त को निकाली जाएगी। फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर और एकल कृषि यंत्रों सहित कुल 25,900 कृषि यंत्र किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अब तक 41,762 किसानों ने आवेदन किया है। फार्म मशीनरी बैंक पर 80 प्रतिशत तक तथा कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों के चयन की प्रक्रिया भी ई-लॉटरी के माध्यम से पूरी की जाएगी।

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध

कृषि मंत्री शाही ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। एक अप्रैल से 28 जुलाई तक 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। लगभग इतनी ही मात्रा में अभी भी उर्वरक उपलब्ध है। यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी, एमओपी का पर्याप्त भंडार है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले जहां करीब 1,500 सहकारी समितियां उर्वरक वितरण करती थीं, वहीं अब 7000 समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद पहुंचाई जा रही है। जुलाई में ही सहकारी समितियों ने 3.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 1.07 लाख मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के किसी भी ब्लॉक में उर्वरकों की कमी नहीं है।

सपा सरकार की तुलना में 34 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का अधिक वितरण 

कृषि मंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2015-16 में प्रदेश में 84.98 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण हुआ था, जबकि योगी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 2025-26 में 118 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार किसानों को पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में 34 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का निपटारा करने के साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया है। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे धैर्य रखें, समय पर पंजीकरण कराएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

असम बाढ़ : 10 हजार परिवारों तक राहत पहुंचाएगा रिलायंस फाउंडेशन, 4 हजार मवेशियों की भी होगी देखभाल

Reliance Foundation has launched relief operation to assist flood-affected people in Assam

– वनतारा, रिलायंस रिटेल और जियो भी इस अभियान में सहयोग कर रहे

– शिवसागर और चराइदेव जिलों में 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित

– पशुधन की सहायता के लिए वनतारा की 39 सदस्यीय टीम तैनात

ऊपरी असम में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने राहत अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत शिवसागर और चराइदेव जिलों के कम से कम 10 हजार परिवारों तक भोजन, सुरक्षित पेयजल, राशन, स्वास्थ्य और अस्थाई आश्रय से जुड़ी सहायता पहुंचाई जाएगी। दोनों जिलों में पांच लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 

 

रिलायंस फाउंडेशन की आपदा प्रबंधन टीम ने जिला प्रशासन और स्थानीय संगठनों के साथ प्रभावित इलाकों का आकलन करने के बाद राहत कार्य शुरू किए हैं। वनतारा, रिलायंस रिटेल और जियो भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। 

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जिन परिवारों के पास भोजन या राशन की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही सूखे राशन के पैकेट भी बांटे जाएंगे। विस्थापित परिवारों के लिए तिरपाल, ग्राउंडशीट, मच्छरदानी, रस्सी और बिस्तर वाले आपातकालीन आश्रय किट की व्यवस्था की जा रही है। 

 

बाढ़ के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। स्वास्थ्य सेवाएं जल्द बहाल करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई और मरम्मत शुरू की गई है। प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल तथा साफ-सफाई से जुड़ी जरूरी किट्स भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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पालतू पशुओं को हुए नुकसान को देखते हुए वनतारा की 39 सदस्यीय टीम भी मौके पर तैनात की गई है। टीम पशुओं के इलाज और देखभाल के साथ स्थानीय समुदाय के दूसरे जानवरों की भी सहायता करेगी। रिलायंस फाउंडेशन ने करीब 4 हजार प्रभावित मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। 

 

राहत सामग्री जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए फाउंडेशन की टीमें जिला प्रशासन, सरकारी विभागों, स्थानीय संस्थाओं और सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

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देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

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उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

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MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

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मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

Commonwealth Games में 10 हजार मीटर की दौड़ में एतिहासिक सिल्वर मेडल पाया इस एथलीट ने

commonwealth games

Commonwealth Games 2026 में भारतीय एथलीटों ने यह बता दिया है कि भारत को पदक जीतने के लिए अब सिर्फ नीरज चोपड़ा की तरफ देखने की जरूरत नहीं। अन्य एथलीट भी ओलंपिक नहीं तो कम से कम कॉमनवेल्थ गेम्स जीतने की काबिलियत रखते। 

पांचवें दिन धावक गुलवीर सिंह ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर पुरुषों की 10 हजार मीटर दौड़ में रजत पदक जीता ।मंगलवार को गुलवीर सिंह ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में इतिहास रच दिया। वे राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।

मौजूदा एशियाई चैंपियन गुलवीर ने स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में 27:49.78 का समय लिया और ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन (27:48.93) के बाद दूसरे स्थान पर रहे, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुल्लार्की ने 27:50.28 के समय के साथ कांस्य पदक जीता।वहीं दूसरी ओर, टीनएज हाई जम्पर पूजा सिंह अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में आठवें स्थान पर रहीं, जबकि विशाल टीके पुरुषों की 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में पहुँच गए।

25-लैप की इस दौड़ के ज़्यादातर हिस्से में लगातार बारिश के बीच दौड़ते हुए, गुलवीर शुरू से ही आगे रहने वाले ग्रुप के साथ बने रहे। उन्होंने 3000 मीटर की दूरी 8:39.2 में पूरी की, पांचवें स्थान पर खिसकने के बावजूद 6000 मीटर तक मुकाबले में बने रहे, और आखिरी लैप का संकेत देने वाली घंटी बजने से पहले तीसरे स्थान पर आ गए। इसके बाद भारत के इस बेहतरीन लंबी दूरी के धावक ने शानदार फ़िनिशिंग की और रजत पदक पक्का किया।

यह 1986 के कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद पहली बार था जब पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में कोई भी अफ़्रीकी एथलीट टॉप तीन में जगह नहीं बना पाया। यह मेडल पिछले दो सालों में गुलवीर की शानदार तरक्की में एक और उपलब्धि है।

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28 वर्षीय भारतीय एथलीट ने 2023 एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था, 2024 से कई बार भारतीय 10,000 मीटर का रिकॉर्ड तोड़ा है और उनके नाम 27:00.22 का नेशनल रिकॉर्ड है। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने इस इवेंट में वर्ल्ड एथलेटिक्स रैंकिंग के टॉप 10 में भी जगह बनाई थी।गुलवीर ग्लासगो में 5000 मीटर दौड़ में भी हिस्सा लेंगे।

GPSC Exam Date Out: बारिश के कारण स्थगित हुई परीक्षा अब 1 अगस्त को; जानें समय और पूरी जानकारी

gujrat exam

गुजरात पब्लिक सर्विस कमीशन (GPSC) द्वारा अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में हो रही भारी बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 26 तारीख को आयोजित होने वाली परीक्षा को स्थगित (Postpone) करने का निर्णय लिया गया था। उम्मीदवारों की सुरक्षा और जलभराव के कारण बिगड़ी यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। अब GPSC की ओर से परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है।

1 अगस्त को दोपहर 3 बजे आयोजित होगी परीक्षा : GPSC द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, पहले स्थगित की गई यह परीक्षा अब आने वाली 1 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 3:00 बजे रहेगा। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी उम्मीदवारों को नई तिथि और समय सारणी के अनुसार अपनी तैयारियां पूरी रखनी होंगी।

34 कैडर/श्रेणियों की भर्ती और परीक्षा स्थगित होने की वजह : गौरतलब है कि यह परीक्षा GPSC के तहत विभिन्न 34 संवर्गों (कैडर/श्रेणियों) की भर्ती के लिए आयोजित की जानी थी। राज्य के कई हिस्सों में मुसलाधार बारिश के चलते सड़क यातायात प्रभावित हुआ था, जिससे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया था।

उम्मीदवारों को मिला अतिरिक्त समय और जरूरी निर्देश : परीक्षा टलने से अभ्यर्थियों को अपनी अंतिम तैयारियों को धार देने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मिल गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए GPSC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज, प्रवेश पत्र (Admit Card) साथ रखना और समय पर पहुंचना आवश्यक है।