Google Pixel 11 Pro Fold के स्पेसिफिकेशन्स लीक, जानें कब होगा लॉन्च और अनुमानित कीमत

Google Pixel 11 Pro Fold: उम्मीद है कि Google अगस्त 2026 में Pixel 11 सीरीज के साथ अपना अगला फोल्डेबल स्मार्टफोन, Pixel 11 Pro Fold लॉन्च करेगा। ऑनलाइन सामने आ रही कई लीक खबरों के अनुसार, इस फ्लैगशिप डिवाइस में AI फीचर्स, परफॉर्मेंस और कैमरा सॉफ्टवेयर में सुधार हो सकता है, जबकि इसका डिजाइन पहले जैसा ही रह सकता है। अब आइए जानते हैं इस फोन के अनुमानित फीचर्स के बारे में।

Pixel 11 Pro Fold के अनुमानित स्पेसिफिकेशन्स

Pixel 11 Pro Fold में मौजूदा Pixel 10 Pro Fold की तरह ही 8-इंच की फोल्डिंग डिस्प्ले और 6.4-इंच की बाहरी स्क्रीन मिल सकती है। हालांकि, Google इसमें बड़े डिजाइन बदलाव नहीं करेगा, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी कैमरा मॉड्यूल में छोटे सुधार कर सकती है और फोन की मोटाई को कम करने की कोशिश कर सकती है।

माना जा रहा है कि यह फ्लैगशिप फोन Green और Black कलर ऑप्शन में आएगा और इसमें प्रीमियम एल्युमीनियम फ्रेम और ग्लास की बनावट होगी।

यह उम्मीद की जा रही है कि यह स्मार्टफोन अगस्त 2026 में Pixel 11, Pixel 11 Pro और Pixel 11 Pro XL के साथ लॉन्च हो सकता है। इस फोन में एक बड़ा अपग्रेड Gemini Intelligence सिस्टम हो सकता है, जो Android 17 के साथ आने की संभावना है। इसके अलावा, इस फोल्डेबल डिवाइस में AI-पावर्ड फोटोग्राफी फीचर्स भी मिल सकते हैं, जिसमें एक नया 100x जूम मोड शामिल हो सकता है, जो मशीन लर्निंग की मदद से तस्वीरों की क्वालिटी को बेहतर बनाएगा।

प्रोसेसर की बात करें तो, इस डिवाइस में कंपनी का आने वाला Tensor G6 चिपसेट हो सकता है। यह चिप 2nm मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस पर बनी हो सकती है।

कैमरे की बात करें तो, Pixel 11 Pro Fold में 48MP का प्राइमरी सेंसर, 10.5MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस और 10.8MP का 5x टेलीफोटो सेंसर हो सकता है। सेल्फी के लिए, इस स्मार्टफोन में 10MP का फ्रंट कैमरा मिल सकता है।

बैटरी की बात करें तो, इस स्मार्टफोन में लगभग 5,015mAh की बैटरी हो सकती है, जो 30W वायर्ड और 15W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट कर सकती है।

Pixel 11 Pro Fold की भारत में अनुमानित कीमत

Google ने इस स्मार्टफोन की कीमत का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, ग्लोबल लेवल पर इसकी शुरुआती कीमत लगभग $1,799 हो सकती है। वहीं, भारत में इस डिवाइस की कीमत 1.59 लाख रुपये से 1.82 लाख रुपये के बीच हो सकती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह जानकारी लीक पर आधारित है, इसलिए इसे पूरी तरह सच न मानें।

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Trent Share Price : ट्रेंट का 10 गुना ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार, AGM में पॉजिटिव ग्रोथ कमेंट्री के दम पर जोर से दौड़ा शेयर

Trent Share Price : ट्रेंट के शेयर में आज 4 फीसदी की तेजी है। दरअसल ट्रेंट के AGM में नोएल टाटा की पॉजिटिव कमेंट्री से शेयर में रौनक है। नोएल टाटा ने ट्रेंट की ग्रोथ के लिए खास रोडमैप रखा है। यह नोएल टाटा की आखिरी ट्रेंट AGM थी। आज पेश कंपनी के आगे के रोडमैप में कारोबार में 10 गुना ग्रोथ का लक्ष्य बरकरार रखा गया है। इसमें ये भी कहा गया है कि सिर्फ वेस्टसाइड ( Westside) और जूडियो (Zudio) के भरोसे लक्ष्य हासिल नहीं होगा। हर साल 50 वेस्टसाइड और 200-250 जूडियो और 25-40 स्टार स्टोर बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

लॉन्ग टर्म लक्ष्य के तहत जूडियो के 5000 स्टोर और स्टॉर को भी इसी स्केल तक पहुंचने का इरादा है। इस रोडमैप में ये भी कहा गया है कि बर्न्ट टोस्ट (Burnt Toast) और Samoh में 2-3 साल और इनक्यूबेशन की जरूरत है। फैशन LFL ग्रोथ में नरमी है लेकिन लो-डबल डिजिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा गया है। Trent का मार्केट शेयर सिर्फ 2% है। लेकिन इसके लिए ग्रोथ के बड़े मौके मौजूद हैं। कंपनी ने 2500 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इसे वेयरहाउस,IT, AI और स्टोर विस्तार पर खर्च किया जाएगा। स्टार बिजनेस पर कंपनी का भरोसा कायम है। ग्रोसरी रिटेल में मजबूत संभावनाएं दिख रही हैं। वेस्टसाइड ई-कॉमर्स रेवेन्यू 300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

बताते चलें कि 69 साल के नोएल टाटा ने यह भी कहा की है कि वे ट्रेंट लिमिटेड के चेयरमैन का पद छोड़ने जा रहे। इसके साथ ही,टाटा ग्रुप की मुख्य रिटेल कंपनी के हेड के तौर पर उनका लगभग 30 साल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। टाटा ग्रुप की गवर्नेंस पॉलिसी के मुताबिक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल होती है,जबकि नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर 70 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। नोएल टाटा की चेयरमैनशिप में FY26 में ट्रेंट का रेवेन्यू बढ़कर 19,701 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी की 2023 की शेयरहोल्डर्स मीटिंग में ट्रेंट को दस गुना बड़ा बनाने का रखा गया था। तब से कंपनी की रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ रेट 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ गई है। इस पर नोएल टाटा ने कहा “मुझे पूरा भरोसा है कि हम जल्द ही उस मुकाम तक पहुंच जाएंगे जिसका मैंने ज़िक्र किया था।”

ट्रेंट पर ब्रोकरेज की राय

ट्रेंट पर ब्रोकरेज का नजरिया भी बुलिश है। HSBC ने इस स्टॉक को Buy रेटिंग देते हुए 3460 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने इसे Buy रेटिंग देते हुए 3500 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि कुछ स्टोर्स में सेल्स घटी है। LFL में रिकवरी दिख रही है। आगे डबल डिजिट LFL ग्रोथ संभव है। आगे जाकर मार्जिन में उछाल LFL ग्रोथ पर निर्भर करेगी।

ट्रेंट की चाल पर एक नजर

एनएसई पर आज यह शेयर 104.10 रुपए यानी 3.31 फीसदी की तेजी लेकर 3247 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 3,309.20 रुपए और दिन का लो 3,140.00 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 4,174.00 रुपए और 52 वीक लो 2,183.67 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 3,950,989 शेयर और मार्केट कैप 173,140 करोड़ रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 4.65 रुपए और 1 महीने में 13.36 फीसदी भागा है। इस साल अब तक इसमें 13.82 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसमें 19.60 फीसदी की कमजोरी आई है। जबकि, 3 साल में यह शेयर 182.36 फीसदी भागा है।

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60% सैलरी हाइक के ऑफर पर जॉब बदलने में इस शख्स ने की ऐसी गलती कि अब पछता रहा! Job स्विच करते वक्त आप भी रखें ये ख्याल

आज के अनिश्चित जॉब मार्केट में जब भी किसी को बड़ी सैलरी हाइक का ऑफर मिलता है तो वह बिना ज्यादा सोचे-समझे तुरंत कंपनी बदल लेता है। सवाल ये है कि क्या सिर्फ भारी-भरकम पैकेज देखकर नौकरी बदलना हमेशा सही होता है? बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल के सोशल मीडिया पोस्ट ने इस विषय पर इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। सनी कुमार नाम के एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। ये काफी वायरल हो रहा है। उन्होंने अपने एक दोस्त की आपबीती सुनाते हुए दावा किया है कि आज के दौर में किसी छोटी कंपनी में ज्यादा सैलरी पाने से बेहतर है कि आप किसी बड़ी कंपनी में थोड़ी कम सैलरी पर काम करें। आइए जानते हैं कि उनके दोस्त ने 60% हाइक के चक्कर में क्या गलती की और नौकरी बदलते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

60% हाइक का ऑफर और फिर लग गया बड़ा झटका

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 ने इस वायरल वीडियो पर डिटेल्ड रिपोर्ट की है। इसके मुताबिक सनी कुमार ने वीडियो में बताया कि उनका एक दोस्त पुणे में मास्टरकार्ड जैसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था। वहां उसकी सैलरी अच्छी थी, वर्क प्रोफाइल पूरी तरह स्टेबल था और वह अपने करियर में काफी अच्छा कर रहा था। इसी बीच उसे एक कंसल्टेंसी फर्म से 60 फीसदी सैलरी हाइक का बड़ा ऑफर मिला। इतने बड़े पैकेज के लालच में आकर उसने मास्टरकार्ड की स्टेबल नौकरी छोड़ दी और नई कंपनी जॉइन कर ली।

6 महीने में ही पलट गई बाजी

सनी के मुताबिक यह फैसला उनके दोस्त के लिए सही साबित नहीं हुआ। नई कंसल्टेंसी कंपनी को जॉइन किए हुए अभी महज छह महीने ही हुए थे कि कंपनी के हाथ से वो प्रोजेक्ट ही फिसल गया जिसके लिए उनके दोस्त को हायर किया गया था। इसके तुरंत बाद कंपनी ने उसके दोस्त से कहा कि या तो वह खुद इस्तीफा दे दे या फिर उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।

आईटी सेक्टर में अस्थिरता: सनी कुमार की सलाह

इस घटना का उदाहरण देते हुए सनी कुमार ने प्रोफेशनल्स को सलाह दी है कि वे सिर्फ बड़ा पे-चेक देखकर नौकरी बदलने से पहले दो बार जरूर सोचें। उन्होंने वीडियो में कहा कि अगर आप एक अच्छी और स्टेबल कंपनी में हैं, जहां आपकी सैलरी अच्छी है तो मेरा सुझाव यही होगा कि भले ही आपको 60-70% या 100% तक की हाइक भी क्यों न मिल रही हो, कम से कम अगले 6 महीने से एक साल तक जॉब स्विच न करें। इन दिनों आईटी सेक्टर काफी वोलटाइल यानी अस्थिर है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

सनी कुमार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर नौकरीपेशा लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक यूजर ने सनी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि जॉब सिक्योरिटी जरूरी है लेकिन मेट्रो शहरों की हकीकत भी देखनी होगी। यूजर ने लिखा कि कम सैलरी में मेट्रो शहर के कमरे का किराया और राशन का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इसलिए किसी के बहकावे में आने के बजाय अपना फैसला खुद लें। मास्टरकार्ड अच्छी कंपनी है और हमें समझना चाहिए कि हर बार बात सिर्फ हाइक की नहीं, स्टेबिलिटी की होती है।

एक दूसरे यूजर ने कुमार के विचार का समर्थन करते हुए लिखा कि मैं हमेशा सुनिश्चित करता हूं कि जब भी जॉब बदलूं तो एक बड़ी कंपनी से दूसरी बड़ी कंपनी में ही जाऊं। मैं किसी छोटी कंपनी में नौकरी खोने का रिस्क और उसका रोज का तनाव नहीं झेल सकता।

दूसरा पक्ष: बड़ी कंपनियां भी नहीं हैं लेऑफ से सुरक्षित

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सनी के इस तर्क का विरोध किया कि बड़ी कंपनियां पूरी तरह सुरक्षित होती हैं। उन्होंने इसके लिए उदाहरण भी दिए। एक यूजर ने कमेंट किया कि कोई भी कंपनी सुरक्षित नहीं है।। मुझे बीती 15 जून को ही HSBC से लेऑफ (नौकरी से निकालना) कर दिया गया। दूसरे यूजर ने लिखा कि क्या गारंटी है कि मास्टरकार्ड से भी उसे नहीं निकाला जाता… आजकल बड़ी कंपनियां भी बहुत ज्यादा रीस्ट्रक्चरिंग कर रही हैं। एक तीसरे शख्स ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘निकाले तो आप बड़ी कंपनी से भी जा सकते हैं और छोटी से भी। अंतर बस इतना है कि छोटी कंपनी ने कम से कम वहां रहने के दौरान आपको 60% ज्यादा पैसे तो दिए।’

जॉब स्विच करते वक्त केवल कंपनी का साइज न देखें, इन बातों का रखें ख्याल

बहस के बीच एक यूजर ने बहुत ही काम की सलाह दी कि फैसला सिर्फ कंपनी के छोटे या बड़े होने के आधार पर नहीं होना चाहिए बल्कि आज के दौर में कुछ अन्य महत्वपूर्ण चीजों का एनालिसिस करना जरूरी है:

SaaS कंपनियों से बचें: यूजर के मुताबिक इन दिनों SaaS (सॉफ्टवेयर एज अ सर्विस) कंपनियों में जाने से बचना चाहिए। नौकरी बदलने से पहले कंपनी के ग्लोबल हेडकाउंट और भारत में उनके कर्मचारियों की संख्या की जांच करें। कंपनी का कुल रेवेन्यू कितना है और उसका नेट प्रॉफिट क्या है, इसकी जानकारी जरूर जुटाएं। कंपनी के भविष्य के प्लान क्या हैं और वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कितना निवेश कर रहे हैं, इन सभी पहलुओं को चेक करने के बाद ही कोई फैसला लें।

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Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Google की नौकरी छोड़ने वाली 23 साल की इंजीनियर का बड़ा खुलासा, जानिए क्यों लिया ये फैसला

नौकरी की सुरक्षा और अच्छे वेतन को छोड़कर अपने सपनों के पीछे भागना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खासकर तब, जब नौकरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google में हो। लेकिन 23 वर्षीय आशना दोशी ने वही रास्ता चुना, जिसे ज्यादातर लोग जोखिम भरा मानते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता नौकरी छोड़ना नहीं थी, बल्कि ये थी कि अगर उन्होंने अपने विचारों को मौका ही नहीं दिया, तो शायद जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा। यही सोच उन्हें एक नए सफर की ओर ले गई। आज आशना अपनी पसंद के काम पर ध्यान दे रही हैं और कुछ नया बनाने की कोशिश कर रही हैं।

उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सुरक्षित करियर और अपने सपनों के बीच फैसला लेने की दुविधा में रहते हैं। कभी-कभी बड़ा कदम उठाने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है, और आशना ने वही हिम्मत दिखाई।

ग्रेजुएशन से पहले मिला था Google का ऑफर

आशना को Georgia Tech में पढ़ाई के दौरान ही फरवरी 2024 में Google से फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिल गया था। हालांकि यह नौकरी कैलिफोर्निया में थी, जबकि वो न्यूयॉर्क में रहकर करियर शुरू करना चाहती थीं।

उस समय नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया। कुछ महीनों बाद उन्हें Google में ही न्यूयॉर्क स्थित एक दूसरी भूमिका मिल गई, जो उनकी योजना के मुताबिक थी।

Google में सब अच्छा था, लेकिन मन कहीं और था

Google में काम करते हुए आशना ने बेहतरीन तकनीकी अनुभव हासिल किया और प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी रुचि सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं रही।

उन्हें लोगों की कहानियां सुनना, नए विचारों पर चर्चा करना और कुछ अपना बनाने का सपना ज्यादा आकर्षित करने लगा।

साइड प्रोजेक्ट से शुरू हुआ नया सफर

साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने एक अन्य टेक इंजीनियर के साथ मिलकर “0 to 1” नाम का पॉडकास्ट शुरू किया। इस शो में उद्यमियों, इंजीनियरों और बिजनेस लीडर्स की सफलता और संघर्ष की कहानियां साझा की जाती थीं। शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे पॉडकास्ट लोगों को पसंद आने लगा। एक साल के अंदर इसके यूट्यूब पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज हो गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी हुई।

AI की दुनिया में दिखा बड़ा मौका

पॉडकास्ट की सफलता के साथ आशना के मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का विचार और मजबूत होता गया। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नए उद्यमियों के लिए कई बड़े अवसर लेकर आया है। उन्हें लगा कि यही सही समय है जब जोखिम उठाकर कुछ नया बनाया जाए।

Google को कहा अलविदा, स्टार्टअप पर लगाया दांव

मई में आशना ने Google की नौकरी छोड़ दी और अपने पॉडकास्ट पार्टनर के साथ मिलकर “Bounty” नाम का AI स्टार्टअप शुरू किया। यह एक AI आधारित मार्केटप्लेस है, जहां कंपनियां भर्ती, आउटरीच और लीड जनरेशन जैसे काम पोस्ट कर सकती हैं और केवल परिणाम मिलने पर भुगतान करती हैं।

कमाई घटी, लेकिन आत्मविश्वास बढ़ा

आशना मानती हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। फिलहाल उनका स्टार्टअप कमाई नहीं कर रहा है और पॉडकास्ट से भी कोई आय नहीं होती। इसके बावजूद उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षित नौकरी में रहकर हमेशा “क्या होता अगर…” सोचते रहना उनसे ज्यादा मुश्किल होता।

सबसे बड़ा डर नौकरी छोड़ना नहीं, रुक जाना था

आशना का मानना है कि जिंदगी में कुछ नया करने की कोशिश न करना सबसे बड़ा जोखिम है। उनके अनुसार, Google छोड़ना डरावना नहीं था, बल्कि वहीं रहकर हमेशा यह सोचते रहना ज्यादा डरावना था कि वह और क्या कर सकती थीं। यही सोच उन्हें आज अपने सपनों के पीछे पूरी ताकत से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

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Stocks to Watch: 24 जून को फोकस में रहेंगे ये 11 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार 24 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहने वाली है। कुछ कंपनियों ने बड़े अधिग्रहण और साझेदारी की घोषणा की है। वहीं, कुछ पर नियामकीय कार्रवाई, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और साइबर हमले जैसे अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में इन 11 शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Bajaj Auto

ऑटो सेक्टर की कंपनी Bajaj Auto Ltd ने बताया कि 23 जून की सुबह उस पर रैनसमवेयर साइबर हमला हुआ। इसका असर कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनी Bajaj Auto Technology Ltd के कुछ सिस्टम्स पर पड़ा। कंपनी ने कहा कि हमले के बाद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मदद से जरूरी सुरक्षा कदम उठाए गए हैं।

Infosys

आईटी कंपनी Infosys ने सेमीकंडक्टर निर्माता GlobalFoundries के साथ अपनी मल्टी-ईयर पार्टनरशिप का विस्तार किया है। इस समझौते के तहत Infosys, GlobalFoundries के लिए AI बेस्ड मैनेज्ड सर्विसेज उपलब्ध कराएगी। कंपनी एप्लिकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सर्विस डेस्क ऑपरेशंस संभालेगी।

Rajesh Exports

गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी Rajesh Exports Limited पर जांच का दायरा बढ़ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी से जुड़े बेंगलुरु और मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई है।

NLC India

सरकारी पावर और माइनिंग कंपनी NLC India Ltd ने Indian Oil Corporation (IOCL) के साथ एक MoU साइन किया है। दोनों कंपनियां तमिलनाडु में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए जॉइंट वेंचर बनाएंगी। यह सोलर, विंड, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन फ्यूल, ई-मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में काम करेगा।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery में निवेशक Nexus Venture Partners ने अपनी 0.6% हिस्सेदारी बेच दी है। ब्लॉक डील के जरिए 43.2 लाख शेयर करीब ₹208 करोड़ में बेचे गए। यह सौदा ₹481 प्रति शेयर के औसत भाव पर हुआ। मार्च 2026 तक Nexus Ventures के पास कंपनी में 4.5% हिस्सेदारी थी।

IRFC

सरकारी रेलवे कंपनी Indian Railway Finance Corporation (IRFC) में केंद्र सरकार ने OFS लॉन्च किया है। सरकार 1% हिस्सेदारी बेचेगी और 1% अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए OFS 24 जून को खुलेगा, जबकि रिटेल निवेशक 25 जून को बोली लगा सकेंगे।

YES Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक YES Bank का बोर्ड 29 जून को फंड जुटाने के प्रस्तावों पर विचार करेगा। बैंक इक्विटी शेयर और डेट सिक्योरिटीज जारी करके पूंजी जुटाने की संभावनाओं पर फैसला ले सकता है।

Honasa Consumer

Mamaearth और The Derma Co की पैरेंट कंपनी Honasa Consumer ने Fluence Pharma में 58% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। यह सौदा करीब ₹135 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर होगा। कंपनी अगले 5 से 7 वर्षों में बाकी 42% हिस्सेदारी भी चरणबद्ध तरीके से खरीदेगी।

Satin Creditcare Network

माइक्रोफाइनेंस कंपनी Satin Creditcare Network ने निजी प्लेसमेंट के जरिए NCD जारी कर ₹5,000 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। कंपनी अगले एक साल में एक या अधिक चरणों में यह फंड जुटा सकती है। इसके लिए AGM में शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।

City Union Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक City Union Bank ने 14 अगस्त 2026 को AGM बुलाने का फैसला किया है। बैठक में बैंक QIP के जरिए ₹5,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगा। बैंक ने 14 अगस्त को ही डिविडेंड भुगतान की तारीख भी तय की है।

Rashi Peripherals

आईटी और कम्युनिकेशन प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से जुड़ी कंपनी Rashi Peripherals Ltd ने VDA Infosolutions Private Ltd में 67% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दे दी है। यह सौदा ₹368.50 करोड़ नकद भुगतान के जरिए किया जाएगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 23 जून को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: 23 जून के कारोबार में कई शेयर खबरों के दम पर चर्चा में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने बड़े ऑर्डर हासिल किए हैं, जबकि कुछ ने फंड जुटाने, हिस्सेदारी बिक्री और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन 10 शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

TCS

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS ने बताया है कि उसके बोर्ड की बैठक 9 जुलाई 2026 को होगी। इस बैठक में 30 जून 2026 को खत्म तिमाही के नतीजों पर चर्चा होगी और उन्हें मंजूरी दी जाएगी। टाटा ग्रुप की यह कंपनी निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान भी कर सकती है।

Hindustan Zinc

वेदांता ग्रुप की कंपनी Hindustan Zinc ने Advantek Associates LLP और Aero Eagle Automobiles Pvt Ltd के साथ एक समझौता किया है। इस साझेदारी का मकसद कंपनी के अलग-अलग ऑपरेशंस में ग्रीन हाइड्रोजन और दूसरी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशना है।

JSW Infrastructure

सज्जन जिंदल की JSW Infrastructure ने 22 जून से अपना QIP खोलने को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने ₹290.35 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। इश्यू में अधिकतम 230 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, Sajjan Jindal Family Trust अधिकतम 33.25 करोड़ शेयरों की OFS लाएगी।

Craftsman Automation

Craftsman Automation के प्रमोटर शेयरहोल्डर श्रीनिवासन रवि ने ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 2.01% तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। टर्म शीट के मुताबिक इस सौदे का आकार करीब ₹484 करोड़ है। शेयरों के लिए ₹925 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है।

Info Edge

Naukri.com की पैरेंट कंपनी Info Edge ने कहा है कि उसके AI स्टार्टअप पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़कर ₹1,268 करोड़ पहुंच गई है। कंपनी ने अब तक 28 AI स्टार्टअप्स में कुल ₹614 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश पर उसे 2.1 गुना रिटर्न मिला है, जबकि अनुमानित ग्रॉस IRR करीब 31% रही है।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Electronics (BEL) को 25 मई 2026 के बाद ₹1,081 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के मुताबिक इन ऑर्डर्स में कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, रडार, CBRN सुरक्षा सिस्टम, सीकर्स, एवियोनिक्स, अपग्रेडेशन, स्पेयर्स और सर्विसेज शामिल हैं। नए ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होगी और आने वाले समय में रेवेन्यू को सहारा मिल सकता है।

GHV Infra Projects

GHV Infra Projects को GHV (India) Private Ltd से करीब ₹213 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में GST भी शामिल है। कंपनी को सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिग्नल एवं टेलीकॉम से जुड़े कई काम करने होंगे। यह ऑर्डर कंपनी की ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा।

APAR Industries

APAR Industries ने बताया कि उसकी सहायक कंपनी APAR Industries Middle East Ltd, KSA ने Saudi Aramco Base Oil Company के साथ एक समझौता किया है। यह करार कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि दोनों कंपनियों ने समझौते की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया है।

Birla Corporation

Birla Corporation ने कहा है कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित उसकी बिक्रम कोयला खदान में 22 जून 2026 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है। कंपनी के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि अब उसे अपने सीमेंट कारोबार के लिए कोयले की उपलब्धता बढ़ाने और लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

MSP Steel & Power

MSP Steel & Power के प्रमोटर ग्रुप ने 16 से 18 जून 2026 के बीच खुले बाजार से कुल 64.50 लाख शेयर खरीदे हैं। कंपनी के मुताबिक, प्रमोटर ग्रुप की पांच संस्थाओं ने यह खरीदारी की है। आमतौर पर प्रमोटरों की बड़ी खरीदारी को कंपनी के भविष्य और कारोबार को लेकर उनके भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है।

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Samay Raina: नेटफ्लिक्स समय रैना को दे रहा 15-20 करोड़ रुपये? वायरल पोस्ट में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ होस्ट की फीस को लेकर किया गया बड़ा दावा

Samay Raina: पिछले साल कुछ जोक्स की वजह से विवादों में घिरे शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) के दूसरे सीज़न के साथ स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) की वापसी हुई है। नए सीजन का पहला एपिसोड स्ट्रीम हो रहा है और इसमें एक्ट्रेस आलिया भट्ट के क्लिप्स ऑनलाइन तेज़ी से फैल रहे हैं, ऐसे में अब लोगों का ध्यान एक अलग सवाल पर गया है। इस शो से रैना ने कितना पैसा कमाया होगा?

यह चर्चा तब तेज़ हुई जब X यूजर पारितोष शर्मा ने एक डिटेल्ड ब्रेकडाउन शेयर किया, जिसमें अनुमान लगाया गया कि रैना ने नेटफ्लिक्स, यूट्यूब और शो से जुड़ी ब्रांड पार्टनरशिप के जरिए कितनी कमाई की होगी। इसे रैना के करियर का “सबसे बड़ा पल” बताते हुए, शर्मा ने दावा किया कि कॉमेडियन को इस प्रोजेक्ट के लिए नेटफ्लिक्स से 15 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये के बीच मिले होंगे। पोस्ट में यह भी अनुमान लगाया गया कि शो के पहले दिन यूट्यूब पर मिले 25 मिलियन व्यूज़ से लगभग 40 लाख से 50 लाख रुपये का एडसेंस (AdSense) रेवेन्यू मिल सकता है।

यूज़र ने शो में दिख रहे ब्रांड इंटीग्रेशन की ओर भी इशारा किया, जिनमें AI नोवा (AI Nova), फ्लिपकार्ट मिनट (Flipkart Minute), अवतार (Avvatar) और स्निच (Snitch) शामिल हैं। हर ब्रांड के साथ 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप डील का अनुमान लगाते हुए, शर्मा ने कहा कि इन पार्टनरशिप से कुल मिलाकर 8 करोड़ से 12 करोड़ रुपये और मिल सकते हैं।

इन हिसाब-किताब के आधार पर, पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कोई भी भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन एक ही शो से इतनी कमाई और लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया था। यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गई, जिससे डिजिटल एंटरटेनमेंट और क्रिएटर-आधारित कंटेंट की बदलती इकोनॉमिक्स पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

कई यूजर्स ने इस कथित सफलता को सालों तक दर्शकों का आधार बनाने का इनाम माना। एक कमेंट करने वाले ने कहा कि रैना ने लगातार ऐसा कंटेंट दिया जो दर्शकों को पसंद आया और अब उन्हें उस काम का फ़ायदा मिल रहा है जिसे करने में उन्हें सचमुच मज़ा आता है।

दूसरों ने कहा कि क्रिएटर्स पारंपरिक और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को मिलाने के तरीके तेज़ी से खोज रहे हैं। एक यूज़र ने कहा कि सफल कंटेंट क्रिएटर्स अब YouTube से कमाई जारी रखते हुए बड़े OTT डील भी हासिल कर रहे हैं, जिससे वे किसी एक प्लेटफ़ॉर्म को चुनने के बजाय कमाई के कई ज़रिया बना रहे हैं।

एक और कमेंट करने वाले ने कहा कि यह घटनाक्रम एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। एक दशक पहले, बड़े दर्शकों तक पहुंचने का एकमात्र ज़रिया अक्सर टेलीविज़न नेटवर्क ही होते थे। आज, क्रिएटर्स पहले बड़ी ऑनलाइन कम्युनिटी बना सकते हैं और फिर स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के साथ फ़ायदेमंद डील कर सकते हैं।

हालांकि, कुछ यूज़र्स ने वित्तीय अनुमानों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। एक कमेंट करने वाले ने बताया कि OTT कॉन्ट्रैक्ट, विज्ञापन से होने वाली कमाई और ब्रांड इंटीग्रेशन डील का खुलासा शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से किया जाता है, जिससे ऑनलाइन शेयर किए जा रहे आँकड़ों की पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है।

Apple 2027 तक ला सकता है 20 नए डिवाइस, Foldable iPhone और Smart Glasses भी लिस्ट में हैं शामिल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple आने वाले समय में अपने सबसे बड़े प्रोडक्ट लॉन्च में से एक की तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि 2027 के आखिर तक कंपनी करीब 20 नए डिवाइस लॉन्च कर सकती है। ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्यूपर्टिनो-बेस्ड यह टेक कंपनी iPhone, Mac, Apple Watch, AirPods और स्मार्ट होम डिवाइस जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स पर काम कर रही है।

वहीं, WWDC 2026 में एडवांस Siri का बीटा वर्जन पेश करने के बाद अब कंपनी उन नए हार्डवेयर प्रोडक्ट्स को भी लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनकी लॉन्चिंग पहले किसी वजह से टाल दी गई थी।

इसमें Apple Intelligence से लैस अधिक स्मार्ट डिवाइस भी शामिल होंगे। iPhone लाइनअप की बात करें तो, Apple के iPhone 18 Pro मॉडल को नए A20 Pro चिप, पहले से छोटे Dynamic Island और वैरिएबल अपर्चर जैसे कैमरा अपग्रेड्स के साथ लॉन्च किए जाने की संभावना है।

इसके अलावा, सबसे बड़ी खासियत एक फोल्डेबल iPhone Ultra हो सकता है, जिसमें बड़ी अंदरूनी डिस्प्ले हो सकती है और जो iPad की तरह मल्टीटास्किंग को सपोर्ट कर सकता है।

खबरों के मुताबिक, Apple अपनी 20वीं सालगिरह के मौके पर खास iPhone मॉडल्स पर भी काम कर रहा है, जिसमें लगभग एज-टू-एज कर्व्ड डिस्प्ले हो सकता है।

वियरेबल्स की बात करें तो, Apple Watch Series 12 और Ultra 4 में तेज चिप्स और शायद नए हेल्थ फीचर्स मिल सकते हैं। साथ ही, सैटेलाइट फीचर्स का दायरा भी बढ़ सकता है, जिससे बिना नेटवर्क कवरेज के भी मैसेजिंग और मैप्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

साथ ही, iPad में ज्यादा पावरफुल चिप्स और Apple Intelligence सपोर्ट जैसे अपग्रेड्स की उम्मीद है। iPad mini में आखिरकार OLED डिस्प्ले और बेहतर ड्यूरेबिलिटी मिल सकती है।

MacRumors के अनुसार, Macs में भी बड़े अपग्रेड्स होने वाले हैं। उम्मीद है की 2027 तक OLED डिस्प्ले और टच सपोर्ट वाला नया डिजाइन किया गया MacBook Ultra आ जाएगा। वहीं, Mac Studio, Mac mini और iMac जैसे अन्य Mac डिवाइस अगली जनरेशन के M5 चिप्स के साथ आने की संभावना है।

होम और ऑडियो कैटेगरी में Apple, डिस्प्ले से लैस नया स्मार्ट होम हब, साथ ही अपडेटेड Apple TV और HomePod mini भी लॉन्च कर सकता है।

इसके अलावा, AI फीचर्स के लिए कैमरा से लैस नए AirPods और Apple Glasses पर भी काम चल रहा है। MacRumors की रिपोर्ट के अनुसार, चर्चित स्मार्ट ग्लासेस में ओवल-शेप कैमरे, कस्टम फ्रेम डिजाइन और कई अन्य एडवांस फीचर्स मिल सकते हैं।

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मानसून पर ‘विलेन’ अल नीनो का ग्रहण : 5 राज्यों में सूखे का खतरा, IMD की चिंताजनक चेतावनी

Indian Monsoon Update 2026

प्रशांत महासागर में बन रही एक वैश्विक मौसमी घटना भारत के मानसून के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती प्रगति के बाद कई क्षेत्रों में इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिसके चलते देश के अनेक हिस्सों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
 

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अल नीनो का प्रभाव अगले कुछ महीनों तक बना रहता है, तो न केवल मानसून कमजोर पड़ सकता है, बल्कि कृषि उत्पादन, जल संसाधनों और खाद्य कीमतों पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। ALSO READ: Monsoon : मौसम के महादानव अल-नीनो को परास्त करेगा Indian Ocean Dipole, जानिए कैसे होगी झमाझम बारिश

क्या है अल नीनो और क्यों बढ़ जाती है चिंता?

'अल नीनो' (El Niño) प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके कारण वैश्विक मौसम चक्र प्रभावित होता है और भारत में मानसून कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अल नीनो का प्रभाव जून से ही दिखाई देने लगा है। यदि इसकी तीव्रता बढ़ती है, तो मानसून सीजन के मध्य और अंतिम चरण में वर्षा की कमी और अधिक गंभीर हो सकती है।

किन राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि अल नीनो लंबे समय तक सक्रिय रहा, तो देश के पांच प्रमुख कृषि राज्यों पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है:

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • उत्तरी कर्नाटक

Indian Monsoon Update 2026

इन राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

 

शहरों में भी बढ़ रहा जल संकट

सूखे का खतरा केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। देश के कई बड़े शहर पहले से ही जल संकट का सामना कर रहे हैं।
 

विशेषज्ञों का कहना है कि जल संचयन और वर्षा जल संरक्षण की दिशा में पर्याप्त प्रगति न होने के कारण कई महानगर मानसून पर अत्यधिक निर्भर हैं। यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
 

जल विशेषज्ञों का मानना है कि अब जल संरक्षण, रीसाइक्लिंग और वर्षा जल संग्रहण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की मांग है। ALSO READ: 5 चक्रव्यूह में फंसा मानसून, बारिश को तरसते 7 राज्यों में पारा 40°C के पार, जानें आपके शहर का हाल

 

क्या 2026-27 की गर्मियां रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं?

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते आगामी वर्षों में वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है।
 

कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत के कई हिस्सों में गर्मी की तीव्रता बढ़ सकती है और हीटवेव की घटनाएं अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं। ऐसे हालात में कई क्षेत्रों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

किसानों पर दोहरी मार

कम बारिश का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, यदि वर्षा में उल्लेखनीय कमी बनी रहती है, तो खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धान
  • तुअर और मूंग जैसी दालें
  • सोयाबीन और मूंगफली जैसे तिलहन
  • कपास
  • बाजरा
  • फल और सब्जियां

विशेषज्ञों का कहना है कि किसान अचानक फसल पैटर्न नहीं बदल सकते, क्योंकि खेती केवल तकनीकी नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था से भी जुड़ी होती है।

Indian Monsoon Update 2026

महंगाई पर भी पड़ सकता है असर

कृषि उत्पादन घटने का सीधा असर बाजार पर पड़ता है।

यदि उत्पादन कम हुआ और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ी, तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। दाल, तेल, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

राहत की खबर भी है

हालांकि स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद है, जो किसी भी संभावित आपूर्ति संकट से निपटने में मदद कर सकता है। इसके अलावा :

  • देश का सिंचित क्षेत्र पिछले दशक में बढ़ा है।
  • मौसम पूर्वानुमान तकनीक पहले से अधिक सटीक हुई है।
  • AI आधारित कृषि सलाह किसानों को समय रहते निर्णय लेने में मदद कर रही है।
  • केंद्र और राज्य सरकारें लगातार निगरानी कर रही हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: किसान क्या करें?

विशेषज्ञों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

✔ एक ही फसल पर पूरी निर्भरता से बचें।

✔ मिश्रित खेती अपनाएं।

✔ कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता दें।

✔ मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बुआई की योजना बनाएं।

✔ सूखा प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा बुआई का जोखिम सोच-समझकर लें।

उम्मीद की किरण: IOD बन सकता है गेमचेंजर

मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल' (IOD) पर है। यदि मानसून के उत्तरार्ध में पॉजिटिव IOD सक्रिय होता है, तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है और देश के कई हिस्सों में अतिरिक्त वर्षा का कारण बन सकता है।
 

फिलहाल देश की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। आने वाले कुछ सप्ताह तय करेंगे कि अल नीनो भारत के लिए केवल एक मौसमी चुनौती साबित होगा या फिर यह खेती, पानी और महंगाई से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय संकट बन जाएगा।