सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी ने संस्कृत छात्रों के लिए आयुर्वेद की पढ़ाई का नया रास्ता खोला, NEET-PA में प्रवेश के लिए करें

NEET-PA Applications 2026: शैक्षिक सत्र 2026-27 संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए बहुत खास होगा। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के लिए बड़ी और अहम पहल की घोषणा की है। संस्कृत शिक्षा को भारतीय ज्ञान व्यवस्था (IKS) के साथ जोड़ने और पारंपरिक चिकित्सा सेवा शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, नई दिल्ली स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी (CSU) ने प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम में प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट प्री-आयुर्वेद (NEET-PA) की घोषणा की है।

यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, जिन छात्रों ने किसी मान्यता प्राप्त संस्कृत बोर्ड या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास की है, वे नीट-पीए में हिस्सा लेने के योग्य होंगे। सफल उम्मीदवारों को दो साल के प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। यह कोर्स बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) पाठ्यक्रम करने का एक शुरुआती स्तर है। इस पाठ्यक्रम के बाद प्रशिक्षिक छात्र नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) के नियमों के अनुसार आयुर्वेद विशेषज्ञ के तौर पर क्वालिफाई कर सकेंगे।

सीएसयू के उप-कुलपति, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि इस प्रोग्राम को नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (IKS) पहल के सोच के हिसाब से बनाया गया है। उन्होंने देखा कि संस्कृत छात्रों के पास प्राचीन आयुर्वेदिक साहित्य और संहिताओं को उनकी मूल भाषा में समझने के लिए एक मजबूत आधार होता है। गुरुकुल-आधारित एकेडमिक मॉडल से आयुर्वेद शिक्षा की प्रमाणिकता को मजबूत करने और इसकी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान में योगदान देने की उम्मीद है।

जुलाई के तीसरे हफ्ते में शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

परीक्षा नियंत्रक, प्रो. पवन कुमार ने बताया कि नीट-पीए के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जुलाई 2026 के तीसरे हफ्ते में शुरू होगा। प्रवेश परीक्षा अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में देश भर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित करने का प्रस्ताव है। इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का कुल समय 7.5 साल होगा, जिसमें दो साल का प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम, उसके बाद 4.5 साल का बीएएमएस डिग्री प्रोग्राम और एक साल की जरूरी रोटेटरी इंटर्नशिप शामिल है।

नीट-पीए के लिए योग्यता

किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, स्टेट संस्कृत बोर्ड या किसी बराबर के मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा पास की है। इसमें जनरल कैटेगरी के एप्लिकेंट्स के कम से कम 50% अंक होने चाहिए। जबकि SC, ST, OBC और PwD श्रेणी के उम्मीदवार को कम से कम 40% अंक लाने होंगे। 31 दिसंबर 2026 तक परीक्षार्थी की उम्र 15 से 25 साल के बीच होनी चाहिए। प्रवेश नियमों के अनुसार, उम्र में कोई छूट नहीं मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

नीट पीए प्रवेश परीक्षा 150 मिनट के समय के साथ ऑफलाइन (OMR-बेस्ड) मोड में होगी। इसमें 120 मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs) होंगे, जिनमें से हर एक का एक नंबर होगा, और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। क्वेश्चन पेपर संस्कृत, हिंदी और इंग्लिश में उपलब्ध होगा।

नीट पीए सिलेबस

यूनिवर्सिटी ने नीट पीए के लिए डिटेल्ड सिलेबस भी जारी किया है। सिलेबस में संस्कृत वाणमय (लिटरेचर), पुराण, इतिहास, व्याकरण और दर्शन शामिल हैं।

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FIFA World Cup 2026: पुर्तगाल-अमेरिका के बाहर होते ही सस्ते हुए क्वार्टर फाइनल के टिकट! जानें अब कितनी है कीमत

FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 अब अपने रोमांचक दौर में पहुंच गया है। इस हफ्ते से फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की शुरुआत होने जा रही हैं। वहीं टूर्नामेंट से पुर्तगाल और अमेरिका के बाहर होने के बाद बड़े नॉकआउट मैचों के टिकटों की मांग कम हो गई है। इसका असर टिकटों की कीमतों पर भी पड़ा है और कई मुकाबलों के टिकट पहले के मुकाबले काफी सस्ते हो गए हैं। टिकट बेचने वाले सेकेंडरी प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, स्पेन और बेल्जियम के बीच शुक्रवार को खेले जाने वाले फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की कीमत में भारी गिरावट आई है। मंगलवार दोपहर तक जहां एक टिकट करीब 2,950 डॉलर में मिल रहा था, वहीं बाद में इसकी कीमत घटकर लगभग 1,200 डॉलर रह गई।

पुर्तगाल की टीम हुए बाहर

टिकटों की कीमत में आई ये बड़ी कमी अमेरिका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद देखने को मिली। राउंड ऑफ 16 में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हराकर उसका सफर खत्म कर दिया। माना जा रहा है कि अगर मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंच जाती, तो घरेलू प्रशंसकों की भारी मांग के कारण टिकटों के दाम काफी ज्यादा बने रहते। टिकटों के दाम घटने की एक बड़ी वजह पुर्तगाल का टूर्नामेंट से बाहर होना भी माना जा रहा है।

स्पेन ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर उसकी चुनौती खत्म कर दी। इस हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप सफर भी समाप्त हो गया। पुर्तगाल के बाहर होने से टूर्नामेंट की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक नॉकआउट चरण से बाहर हो गई, जिससे टिकटों की मांग पर भी असर पड़ा।

अभी कितने में मिल रहा टिकट

कई लोगों को उम्मीद थी कि क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल और अमेरिका की भिड़ंत होगी। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की लोकप्रियता और अमेरिका के मेजबान होने की वजह से इस मुकाबले के टिकटों की मांग काफी ज्यादा रहने का अनुमान था। लेकिन दोनों टीमों के बाहर होने से ऐसा नहीं हो सका। फिलहाल क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में सबसे कम कीमत वाले टिकट फ्रांस और मोरक्को के बीच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए उपलब्ध हैं। टिकट बिक्री प्लेटफॉर्म टिकपिक के अनुसार, फ्रांस और मोरक्को के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले के टिकटों की शुरुआती कीमत 989 डॉलर रखी गई है। यानी इस मैच के लिए दर्शक 989 डॉलर से टिकट खरीद सकते हैं।

क्वार्टर फाइनल में होगा इनका आमना सामना

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को फ्रांस का मुकाबला मोरक्को से होगा। वहीं दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का सामना बेल्जियम से होगा। क्वार्टर फाइनल में रविवार को एरलिंग हालैंड की नॉर्वे का सामना हैरी केन की इंग्लैंड से होगा। इसके बाद मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना की टीम स्विट्जरलैंड से भिड़ेगी। इन चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के विजेता अगले सप्ताह सेमीफाइनल में पहुंचेंगे। ये मैच फॉक्सबोरो के जिलेट स्टेडियम, इंगलवुड के सोफी स्टेडियम, मियामी गार्डन्स के हार्ड रॉक स्टेडियम और कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में खेले जाएंगे।

₹65 की नौकरी से ₹20000 करोड़ की कंपनी तक, गणित में फेल स्टूडेंट ने ऐसे खड़ा किया आइसक्रीस साम्राज्य

RG Chandramogan Success Story: आरजी चंद्रमोगन के पास न तो कॉलेज की डिग्री थी और न ही कोई बड़ी विरासत। लेकिन उनके पास एक चीज थी, कुछ बड़ा करने का जज्बा। 65 रुपये महीने की नौकरी से शुरुआत करने वाले इस शख्स ने बाद में आइसक्रीम बेचनी शुरू की।

उसी कारोबार को आगे बढ़ाकर Hatsun Agro Products जैसी कंपनी खड़ी कर दी। आज यह भारत की सबसे बड़ी निजी डेयरी कंपनियों में शामिल है, जिसकी बाजार में वैल्यू करीब 20,000 करोड़ रुपये है।

एक असफल बिजनेस ने बदली सोच

चंद्रमोगन तमिलनाडु के साधारण परिवार में पैदा हुए। बचपन में देखा कि गांव का सबसे सम्मानित व्यक्ति एक कारोबारी था। तभी से उन्होंने भी बिजनेस करने का सपना देख लिया।

साल 1956 में उनके पिता चेन्नई आ गए और सेंट्रल स्टेशन के पास एक किराना दुकान खोली। लेकिन 1968 तक कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। परिवार को खाली हाथ गांव लौटना पड़ा। यहीं से चंद्रमोगन ने पहली बार समझा कि बिजनेस में सफलता जितनी बड़ी होती है, जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है।

गणित में फेल हुए, कॉलेज छोड़ना पड़ा

पढ़ाई भी उनके लिए आसान नहीं रही। उन्होंने पलायमकोट्टई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन गणित में फेल हो गए। इसके बाद पढ़ाई छूट गई।

बेटे के भविष्य की चिंता में उनके पिता ने विलुप्पुरम के एक लकड़ी गोदाम में उनकी नौकरी लगवा दी। वहां उन्हें सिर्फ 65 रुपये महीने की तनख्वाह मिलती थी। करीब एक साल तक उन्होंने वहां ऑर्डर संभाले, सामान उठाया और मेहनत की। लेकिन उन्हें एहसास हो गया कि पूरी जिंदगी 65 रुपये की नौकरी करके नहीं बिताई जा सकती।

पिता ने बेच दी पुश्तैनी जमीन

एक साल बाद चंद्रमोगन चेन्नई लौट आए। इस बार उन्होंने तय कर लिया था कि अब नौकरी नहीं, अपना कारोबार करेंगे।

उनके पिता ने भी बड़ा फैसला लिया। उन्होंने 13,000 रुपये जुटाने के लिए परिवार की पुश्तैनी जमीन बेच दी। यही रकम चंद्रमोगन के पहले बिजनेस की पूंजी बनी।

250 वर्गफुट से शुरू किया कारोबार

साल 1970 में उन्होंने चेन्नई के रायापुरम इलाके में 250 वर्गफुट की छोटी-सी जगह किराए पर ली। एक साधारण आइस बनाने वाली मशीन खरीदी और चार कर्मचारियों के साथ काम शुरू कर दिया। फैक्ट्री में रोज करीब 10,000 आइसक्रीम बन सकती थीं। उन्होंने अपने ब्रांड का नाम ‘Arun’ रखा।

शुरुआत में मुनाफा बहुत कम था। कई बार चंद्रमोगन खुद ठेले पर आइसक्रीम बेचने निकल जाते थे। उस समय उनका मकसद सिर्फ कारोबार को जिंदा रखना था।

आइसक्रीम से डेयरी बिजनेस तक

करीब 10 साल तक उन्होंने सिर्फ आइसक्रीम का कारोबार किया। लेकिन इसी दौरान उन्हें एक बड़ी बात समझ आई। उन्होंने देखा कि आइसक्रीम का कारोबार मौसम पर निर्भर है, जबकि दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है। उस समय भारत का डेयरी बाजार काफी बिखरा हुआ था। चंद्रमोगन को इसमें बड़ा मौका नजर आया।

1980 के दशक में उन्होंने दूध प्रोसेसिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे कंपनी ने दूध, दही, घी और मक्खन जैसे उत्पाद भी बेचने शुरू कर दिए। अब Arun सिर्फ आइसक्रीम का नहीं, बल्कि डेयरी उत्पादों का बड़ा ब्रांड बन चुका था।

उन्होंने जल्दबाजी में विस्तार नहीं किया। पहले किसानों का मजबूत नेटवर्क बनाया, सप्लाई चेन तैयार की और रिटेल नेटवर्क खड़ा किया। यही रणनीति आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

आज 20,000 करोड़ की कंपनी

आज Hatsun Agro Products शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी है। जुलाई 2026 तक इसका मार्केट कैप 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच चुका है। Forbes के मुताबिक, आरजी चंद्रमोगन की नेटवर्थ करीब 1.6 अरब डॉलर है। उन्हें 2018 में भारतीय डेयरी उद्योग में योगदान के लिए Indian Dairy Association का प्रतिष्ठित Patronage Award भी दिया गया।

चंद्रमोगन की कहानी सिर्फ एक सफल कारोबारी बनने की नहीं है। यह उस इंसान की कहानी है, जो गणित में फेल हुआ लेकिन कारोबार के इम्तिहान में अव्वल नंबरों से पास होकर दिखा दिया।

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Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ शुक्ल एकादशी को होगा देवशयनी एकादशी व्रत और शुरू होंगे चतुर्मास, जानें क्या है और क्यों लगता है चतुर्मास

Devshayani Ekadashi 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी का व्रत किया जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस संसार के संचालक भगवान विष्णु इस दिन से चार माह की योग निद्रा में चले जाते हैं। इसलिए इसे देवशयनी या हरिशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन के बाद से चतुर्मास शुरू होते हैं और अगले चार माह तक मांगलिक कार्य रुक जाते हैं। यानी इस दौरान शादी, मुंडन, जनेऊ और गृह प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्यो के मुहूर्त नहीं होते। चतुर्मास देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक की अवधि को कहा जाता है। आइए जानें इस साल हरिशयनी एकादशी कब है और इसका धार्मिक/आध्यात्मिक महत्व क्या है?

कब है देवशयनी एकादशी 2026?

देवशयनी एकादशी : शनिवार, 25 जुलाई, 2026

देवशयनी एकादशी तिथि का प्रारम्भ : 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजे

एकादशी तिथि समाप्त : 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे

व्रत पारण का समय : 26 जुलाई, सुबह 05:39 बजे से सुबह 08:22 बजे तक

26 जुलाई 2026 द्वादशी समापन : दोपहर 01:57 बजे

देवशयनी एकादशी 2026: धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

देवशयनी एकादशी के बाद से चतुर्मास प्रारंभ होता है। देवशयनी एकादशी तिथि और चतुर्मास का बहुत गहरा धर्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। इसे समझने के लिए आइए जानें ये 3 कारण

श्री हरि ने दिया था दानवीर राजा बलि को वचन

वामन अवतार में भगवान विष्णु ने दानवीर दैत्यराज बली से तीन पग में तीनों लोक नाप लिए थे। तब बली की दानवीरता से प्रसन्न होकर उन्होंने बली को पाताल लोक का राजा बना दिया और खुद भी उसके साथ पाताल चलने का वचन दे दिया। इससे चिंतित माता लक्ष्मी ने राजा बली को रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उनसे उपहार स्वरूप भगवान विष्णु को मांग लिया। लेकिन भगवान विष्णु अपने भक्त बली को निराश नहीं करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने बली को वरदान दिया कि वे हर साल आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी अर्थात् देवप्रबोधिनी एकादशी तक पाताल लोक में रहकर राजा बली के महल का पहरा देंगे। इसी समय को भगवान विष्णु का शयनकाल माना जाता है।

चतुर्मास का वैज्ञानिक और प्राकृतिक कारण

चातुर्मास का आरंभ आषाढ़ महीने के अंत में होता है, जब बारिश का मौसम होता है। बारिश के कारण हवा और पानी में कई संक्रामक बीमारियां तेजी से पनपती हैं। हमारी पाचन शक्ति भी इस दौरान कमजोर हो जाती है। इस मौसम में नदियां भी उफान पर होती हैं और रास्ते बंद हो जाते हैं। इसलिए पहले के समय में साधु-संतों और लोगों को एक ही स्थान पर रुककर ईश्वर भक्ति करने की सलाह दी गई, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

मांगलिक कार्यों पर रोक का कारण

माना जाता है कि चतुर्मास में ब्रह्मांडीय ऊर्जा और मौसम में काफी बदलाव होते हैं। सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु का प्रभाव इस दौरान आंतरिक साधना की ओर मुड़ जाता है, इसलिए शादी, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।

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H1 2026 luxury car sales: Mercedes-Benz remains in pole position

H1 2026 luxury car sales

During the first six months of 2026, the luxury segment of the Indian passenger vehicle market recorded a healthy 4 percent growth in sales volumes. Mercedes-Benz retained its long-running lead on the sales chart, followed by BMW and Jaguar Land Rover (JLR) to round off the podium.

H1 2026 luxury car sales chart

RankBrandH1 2026 salesH1 2025 salesDifference
1Mercedes-Benz India9,7689,013+9 percent
2BMW Group India9,0757,756+17 percent
3JLR India*3,0393,199-5 percent
4Audi India*2,1822,118+3 percent
5Volvo India*874840+4 percent
6Lexus India*759737+3 percent
7Porsche India*319409-22 percent

*Data obtained from VAHAN.

1. Mercedes-Benz: 9,768 units, up 9 percent YoY

Mercedes India achieved its best-ever H1 sales numbers in 2026, with 4,637 units coming just from Q2 of this year – also a record. The entry-level CLA Electric, which was launched earlier this year in India, experienced strong demand and helped increase Mercedes’ EV share to 14 percent. The E-Class LWB held onto its position as Mercedes India’s bestseller, while the carmaker’s Top-End segment saw a 20 percent sales bump thanks to prevailing demand for the S-Class, V-Class, Maybach, and AMG models.

2. BMW: 9,075 units, up 17 percent YoY

While BMW didn’t shift the most units overall in H1 2026, it clocked the highest YoY growth in sales at 17 percent, which is a record performance for the carmaker. With 2,359 EVs sold in H1 2026 – a staggering 78 percent YoY uptick – BMW is the bestselling luxury EV brand in India. LWB models continued to rake in the numbers for BMW too – one in every two BMWs sold during H1 2026 was an LWB. BMW’s SUV sales also jumped 35 percent YoY during this time, and comprised 65 percent of its overall volumes.

3. JLR: 3,039 units, down 5 percent YoY

JLR is one of only two luxury carmakers to have recorded a downturn in sales during H1 2026. Land Rover’s luxury SUV and off-roader line-up is currently carrying the brand in India, with Jaguar unlikely to launch its upcoming Type 01 electric GT here before the second half of 2027. The soon-to-be-finalised India-UK FTA will also drop prices for CBU models like the Range Rover SV and the Range Rover Sport SV.

4. Audi: 2,182 units, up 3 percent YoY

Audi has been light on new launches lately, with it having launched just the SQ8 in India during H1 2026. Despite that, the German carmaker managed to clock a 3 percent YoY increase in sales. Audi is expected to launch the new-gen Q3 in India this year, along with all-electric models like the A6 e-tron, Q6 e-tron, and facelifted e-tron GT.

5. Volvo: 874 units, up 4 percent YoY

Volvo India launched updated versions of the XC60 and XC90 SUVs, as well as the EX30 EV, in 2025, which helped bump the Swedish carmaker’s sales by 4 percent YoY in H1 2026. Before 2026 draws to a close, Volvo is anticipated to launch two more EVs: the ES90 sedan and the EX90 SUV.

6. Lexus: 759 units, up 3 percent YoY

Lexus India clocked upward sales movement of 3 percent in H1 2026. The Japanese carmaker launched the new-gen ES in all-electric ‘500e’ guise during this timeframe, and is expected to make the luxury sedan’s hybrid version available in India in the coming months too.

7. Porsche: 319 units, down 22 percent YoY

At 22 percent, the highest YoY decline in H1 2026 luxury car sales was recorded by Porsche India. This is likely a result of prospective Porsche buyers holding off on their purchases due to the India-EU FTA, which was signed earlier this year. Once implemented, the FTA would reduce prices for Porsche models in India, as they’re manufactured in Europe and fully imported here.

Volkswagen teases lower-spec Tayron ahead of July 10 launch

Volkswagen teases lower-spec Tayron ahead of July 10 launch

Volkswagen has teased the lower-spec, non-R-Line version of the Tayron SUV and confirmed that it will launch on July 10, 2026. This announcement validates our earlier report about the India launch of the more affordable Tayron variant. The teaser video offers a glimpse of the lower-spec Volkswagen Tayron’s exterior design. 

BMW sells record 9,075 cars in H1 2026; 1 in every 4 models an EV

BMW iX1

BMW delivered 9,075 cars in the first six months of 2026 in India, clocking highest-ever H1 sales with a 17 percent year-over-year growth. Out of that figure, EVs accounted for 2,359 units, registering a 78 percent YoY sales growth. In fact, the carmaker claims that one in every four models BMW sold between January and June was an EV. “Our decisive hold on electric mobility has solidified BMW Group India as the number one choice in luxury EV segment…we are confident of driving the momentum…for the rest of the year,” said President and CEO Hardeep Singh Brar.

BMW H1 2026 sales breakdown

Sales of LWB models rose by 24 percent

BMW claims that long-wheelbase (LWB) cars had a major 52 percent share in overall H1 sales with 4,428 units, which translates to a 24 percent growth over the year-ago period. Originally designed for the Chinese market, these cars appealed to Indian luxury car buyers, especially those who prefer being chauffeur-driven, because of the extra rear-seat space. LWB versions of the BMW iX1 e-SUV and 5 Series and 3 Series ICE sedans are currently sold in the country. Even the next-generation BMW X5 will launch in the LWB guise.

BMW 5 Series LWB
BMW 5 Series LWB.

What makes the overall package even more appealing is that all of these cars are locally assembled in India, leading to lower duties than fully imported models. For instance, the iX1 EV is the most affordable LWB model, priced at Rs 51.40 lakh, ex-showroom.

Mini H1 2026 sales breakdown

Sales grew by over 70 percent

Mini new cars

In H1, BMW-owned Mini sold 504 cars, clocking over 70 percent growth YoY. Mini claims that that Countryman SUV was its most popular model, and the recently launched C trim is also seeing great demand. The Countryman is followed by the Cooper Convertible and its hatchback counterpart. Special editions launched so far this year, including the Mini Cooper S Victory and GP Inspired, along with the Cooper S Convertible JCW Pack, are already sold out.

With 5,926 units, BMW and Mini SUVs together recorded a 35 percent growth YoY.

6 BMW cars to launch in 2026

Facelifts of 4 cars are also planned for this year

BMW cars

In January, the company had stated that it will introduce six all-new cars, four facelifts and 17 product enhancements this year. So far, it has introduced the X3 30 xDrive, M2 CS, M440i Convertible and X6 M60i. Beyond the expansion of its line-up, BMW Group India plans to expand to 10 new cities in 2026, widening its retail footprint as luxury demand spreads beyond the top metros.

Upcoming SUVs India: Nissan Tekton से लेकर Toyota Hilux तक, इस महीने लॉन्च होंगी ये 5 नई SUVs

Upcoming SUVs India: अगर आप इस महीने नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा और इंतजार करना फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, कई ऑटो कंपनियां नई SUV लॉन्च करने, मौजूदा मॉडल को अपडेट करने और लग्जरी गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी में हैं, जिससे खरीदारों को अलग-अलग कीमतों में कई नए वेरिएंट चुनने का मौका मिलेगा। अब चलिए जानते हैं आने वाली इन 5 नई कारों के फीचर्स के बारे में।

Nissan Tekton

निसान भारतीय बाजार में अपनी नई मिड-साइज SUV Nissan Tekton को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि यह SUV हाल के वर्षों में ब्रांड के सबसे अहम प्रोडक्ट्स में से एक होगी और Hyundai Creta, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder, Honda Elevate, Renault Duster और Tata Sierra जैसे मॉडल्स वाले सबसे ज्यादा कॉम्पिटिशन वाले सेगमेंट में मुकाबला करेगी। इंजन की बात करें तो, इस SUV में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों ऑप्शन के साथ आ सकता है।

Maruti Suzuki Brezza Facelift

Brezza लॉन्च होने के बाद से ही भारत की पसंदीदा कॉम्पैक्ट SUV में से एक रही है, और ऐसा लगता है कि Maruti Suzuki इस महीने इसे बड़े पैमाने पर अपडेट (मिड-साइकिल रीवैम्प) करने की योजना बना रही है। नई Brezza में कुछ कॉस्मेटिक बदलाव, इंटीरियर में सुधार और नए फीचर्स मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिल सकता है। इसके अलावा, इसमें नया अंडरबॉडी CNG टैंक दिया जा सकता है, जिससे सामान रखने के लिए ज्यादा बूट स्पेस मिलेगा। इसे मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों विकल्पों के साथ पेश किए जाने की उम्मीद है। नई Brezza का मुकाबला Tata Nexon, Kia Sonet, Mahindra XUV 3XO, Hyundai Venue और Skoda Kylaq जैसी कारों से जारी रहेगा।

Honda ZR-V Hybrid

Honda भारत में अपनी नई प्रीमियम SUV Honda ZR-V Hybrid को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसे Completely Built Unit (CBU) के तौर पर भारत लाया जाएगा। यह SUV कंपनी की मौजूदा Honda Elevate से ऊपर की पोजिशन पर होगी और Honda के SUV पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी।

Honda ZR-V Hybrid में कंपनी की e:HEV स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी दी जाएगी। यह SUV करीब 40 लाख रुपये के सेगमेंट में आने की उम्मीद है और यह उन ग्राहकों को टारगेट करेगी जो प्रीमियम SUV खरीदना चाहते हैं। इंजन की बात करें तो, इसमें 2.0 लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन मिलेगा, जिसे e-CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा जाएगा।

भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Volkswagen Tiguan, Volkswagen Tayron, Skoda Kodiaq और Jeep Meridian जैसी प्रीमियम SUVs से होगा।

2026 Toyota Hilux

2026 Toyota Hilux नए डिजाइन, बेहतर इंटीरियर और ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ आने वाली है। हालांकि, इसमें पहले जैसी मजबूत और दमदार पिकअप ट्रक वाली पहचान बरकरार रहेगी। यह गाड़ी उन ग्राहकों को पसंद आ सकती है, जो एक मजबूत और भरोसेमंद पिकअप ट्रक की तलाश में हैं। इसमें 2.8 लीटर टर्बो-डीजल इंजन मिलने की उम्मीद है।

इस SUV में इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के विकल्प दिए जा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें फोर-व्हील ड्राइव (4WD) सिस्टम भी मिलने की संभावना है, जो इसे ऑफ-रोड ड्राइविंग के लिए बेहतर बनाएगा।

Wuling Starlight 560 पर आधारित JSW-MG SUV

उम्मीद है कि JSW MG Motor India इस महीने के आखिर में थ्री-रो वाली एक नई SUV पेश करेगी, जो शायद दुनिया भर में बिकने वाली Wuling Starlight 560 पर आधारित होगी। इस मॉडल में सात सीटों वाला केबिन, बड़ी टचस्क्रीन और पैनोरमिक सनरूफ होने की उम्मीद है। इसे या तो 1.5-लीटर प्लग-इन हाइब्रिड (195 hp, 1,000 km से ज्यादा की क्लेम्ड रेंज) या 69.2 kWh ऑल-इलेक्ट्रिक पावरट्रेन (201 hp, 530 km तक की CLTC रेंज) के साथ पेश किया जा सकता है।

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Used car study 2026: Kia Seltos holds its value best among midsize SUVs

Kia Seltos resale value

Conducted in association with Spinny, India’s leading pre-owned car platform, the fourth edition of our Used Car Study analyses real-world resale values across a broad spectrum of vehicles sold in the Indian market to assess depreciation trends over a five-year ownership period. The study is based on actual transactional data shared by Spinny for vehicles sold between January 1 and August 31, 2025.

In this part of the resale value study series, we take a look at the midsize SUV segment:

Midsize SUVs resale value 

*Average selling price (ASP) in Rs lakh

Over a five-year ownership period, the Kia Seltos petrol-automatic showcases the strongest residual performance in the midsize SUV category, retaining value better than most of its rivals. Notably, the Seltos considered here is the outgoing version – the new Seltos was only introduced in 2026. As for the Skoda-Volkswagen duo, the Taigun saw greater depreciation over a 4-year than the Kushaq. 

Despite being on sale only since 2023, the Honda Elevate has already demonstrated promising used market performance, with a notably flatter depreciation trend than expected for a relatively new entrant. In contrast, weaker demand for the MG Astor in the new car market appears to have impacted its resale values as well, with the petrol-automatic version showing the highest depreciation in the segment.

As per the study, the average selling price of a five-year-old midsize SUV retailed through Spinny was Rs 12 lakh. Comparable figures for three-year-old and one-year-old midsize SUVs were Rs 13.43 lakh and Rs 14.81 lakh, respectively. Average depreciation over the same periods worked out to 44 percent, 35.4 percent and 22.30 percent, respectively.

Autocar-Spinny resale value study methodology 

The analysis covers the average selling prices (ASPs) of vehicles retailed through Spinny’s network across nine cities – Delhi-NCR, Bengaluru, Hyderabad, Pune, Chennai, Mumbai, Lucknow, Ahmedabad and Kolkata.

For the purposes of this study, depreciation has been defined as the percentage difference between a vehicle’s original on-road price in its year of manufacture and its resale value in 2025. In instances where a model was offered with multiple engine options using the same fuel type, the data has been consolidated and averaged. Variant-wise differences have similarly been averaged out.

Discontinued models and powertrain options have been excluded. Additionally, premium vehicles priced above Rs 30 lakh, electric vehicles and certain low-volume models have not been included due to limited transaction data and insufficient sample sizes.

उत्तर प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार

UP Forest Department: पौधरोपण महायज्ञ (12 जुलाई-2026) को 35 करोड़ व अन्य विशिष्ट आयोजनों पर पौधरोपण के लिए वन विभाग ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान में 1.55 करोड़, रेशम में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हो चुके हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग की 1939, उद्यान की 146, रेशम विभाग की 55 पौधशाला, 499 निजी पौधशाला से सभी विभागों, जनपदों, मंडलों को पौधे दिए जा रहे हैं। 

केंद्र सरकार के विभाग भी लगाएंगे पौधे 

केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग एक करोड़ पौधे रोपित करेगा। वहीं केंद्र सरकार के रेलवे की तरफ से 12 लाख, रक्षा मंत्रालय की तरफ से 7 लाख पौधरोपण किया जाएगा। 

UP Forest Department

मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार) अदिति शर्मा ने कहा कि पौधरोपण महायज्ञ-2026 के लिए नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार हो गए हैं। 12 जुलाई को होने वाले उत्सव के लिए मंडल, जनपद व विभागवार निरंतर पौध वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनसहभागिता और सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से यह महायज्ञ अभूतपूर्व होगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala