Nissan Tekton to miss out on Duster’s strong-hybrid powertrain

Nissan Tekton no hybrid powertrain

The Nissan Tekton, set to launch on 9 July 2026 as a sister model to the new Renault Duster, will not be offered with the latter’s upcoming strong-hybrid powertrain. Sources indicate that Renault will keep the 1.8-litre hybrid system exclusive, positioning it as a key competitive advantage in the increasingly crowded midsize SUV space.

Instead, the Tekton will be limited to the familiar 1.0-litre and 1.3-litre turbo-petrol engines. The hybrid, due to debut on the Duster around the festive season, is expected to deliver a significant boost in efficiency and urban drivability, making its absence on the Nissan a notable differentiation.

Renault to keep hybrid powertrain exclusive to Duster 

This divergence reflects a broader shift in the Renault-Nissan alliance’s India strategy. Following Renault’s buyout of Nissan’s stake in their Indian manufacturing joint venture, the French firm now leads local product development and engineering. In effect, Nissan operates as a dependent partner in India, sourcing platforms, powertrains and manufacturing from Renault.

The Duster will use a 160hp, 1.8-litre strong-hybrid powertrain developed by UK-based Horse Powertrain. 

Renault spearheaded the development of the CMF-B-based RGMP platform underpinning both SUVs and is increasingly leveraging its control to retain exclusivity over key technologies, including electrified powertrains. The move allows Renault to position the Duster higher up the value chain, particularly as hybrid adoption gathers pace in India.

That said, collaboration between the two brands continues. Shared architectures, components and manufacturing remain central to the alliance’s cost structure, even as product differentiation becomes more pronounced.

The Duster’s hybrid system will be sourced via Horse Powertrain, the Renault-Geely-Aramco joint venture headquartered in the UK. Horse is expected to localise production in India, with Renault as its primary customer, signalling a longer-term push towards electrified powertrains in the market.

How will Nissan distinguish the Tekton from the Duster? 

Nissan hopes design will be a key differentiator for the Tekton. 

For Nissan, pricing and positioning will be key. The Tekton is expected to undercut the Duster, much like the Magnite did relative to the Kiger in its early positioning strategy. A broader spread of variants, particularly around the lower-output turbo-petrol engines, is also likely in order to maximise volume potential.

Nissan will also lean on brand perception to carve out space for the Tekton. Its design, reportedly inspired by the larger Patrol, will offer a more upright and rugged stance compared with the Duster. Combined with the enduring appeal of Japanese reliability among Indian buyers, this could help offset the absence of a hybrid option.

UPESSC Result 2026: यूपी 624 लेक्चरर भर्ती 2022 का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी, सेकेंडरी स्कूलों को अब मिल सकेंगे 18 विषयों के टीचर

UPESSC Result 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने सरकारी मदद वाले सेकेंडरी स्कूलों में 18 विषयों में 624 लेक्चरर की नियुक्ति के लिए आयोजित प्रवक्ता भर्ती 2022 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। उम्मीदवार अपने रोल नंबर और जन्मतिथि की मदद से आयोग के पोर्टल पर अपना परिणाम देख और डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीईएसएससी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई है। प्रवक्ता भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 9 और 10 मई को हुई थी, जबकि सफल कैंडिडेट्स के इंटरव्यू 15 जून से 27 जून के बीच हुए थे। यह भर्ती विज्ञापन संख्या-02/2022 के तहत आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन और साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई है।

आयोग ने विषयवार और श्रेणीवार चयन सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है। उम्मीदवार कट-ऑफ अंक और चयन प्रक्रिया से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी भी ऑनलाइन देख सकते हैं। आयोग ने उम्मीदवारों को भर्ती पोर्टल के जरिए एक हफ्ते के लिए अपने निजी स्कोर देखने की सुविधा दी है। इसके बाद प्राप्तांकों से संबंधित कोई जानकारी सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

रिजल्ट घोषित होने के बाद, स्कूल अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुमार ने कहा कि स्कूलों का आवंटन उम्मीदवारों द्वारा ऑनलाइन जमा की गई संस्थान प्राथमिकता, घोषित चयन पैनल के आधार पर और उत्तर प्रदेश सेकेंडरी एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन बोर्ड रूल्स, 1998 के नियमों के अनुसार किया जाएगा। अभ्यर्थी अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की मदद से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in/ पर लॉगिन कर अपने स्कोरकार्ड देख सकेंगे।

भर्ती फिजिक्स, बायोलॉजी, होम साइंस, हिस्ट्री, एजुकेशन, इंग्लिश, एग्रीकल्चर, कॉमर्स, सोशियोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, मैथमेटिक्स, इकोनॉमिक्स, संस्कृत, साइकोलॉजी, केमिस्ट्री, जियोग्राफी, हिंदी और फाइन आर्ट्स सहित 18 सब्जेक्ट्स के लिए की गई थी। चुने गए कैंडिडेट्स की सब्जेक्ट-वाइज और कैटेगरी-वाइज डिटेल्स यूपीईएसएससी की वेबसाइट पर मौजूद हैं।

UPSSSC Cane Supervisor 2026: यूपी में इस विभाग में कृषि डिग्री धारकों के लिए सरकारी नौकरी का मौका, आज से शुरू हुआ आवेदन

JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026:जेईई मेन में आई 13.90 लाख रैंक, फिर भी मिला एनआईटी में प्रवेश, जानें किन मामलों में खराब रैंक नहीं बनती बाधा

JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026: जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा देने वाले छात्रों और अभिभावकों के बीच एक आम धारणा होती है। अगर रैंक अच्छी नहीं होगी तो आईआईटी या एनआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। लेकिन जेईई मेन और एडवांस्ड की रैंक के आधार पर देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जेओएसएए (जोसा) काउंसलिंग के तीसरे राउंड में एक छात्र का एनआईटी में प्रवेश चर्चा का सबब बन गया है।

दरअसल, इस छात्र की जेईई मेन में रैंक 13,90,116 ऑल इंडिया रैंक आई थी। इसके बावजूद इसे एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच अलॉट हुई है। इस छात्र को एनआईटी मिजोरम में प्रवेश स्टेट कोटा के माध्यम से मिला है। इस खबर से ऐसे कुछ लोगों की सोच में बदलाव जरूर आया होगा, जो मानते हैं कि एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई मेन में बहुत अच्छी रैंक होना जरूरी है।

इस समय जोसा काउंसलिंग 2026 का तीसरा राउंड चल रहा है। इसके जरिए इस साल देश के 134 तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। इनमें आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी और जीएफअीआई शामिल हैं। इसी दौरान एक छात्र को इस बार होम स्टेट कोटे के तहत एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच मिली है। वहीं एक अन्य छात्रा को भी इस व्यवस्था का लाभ मिला है। यह आंकड़ा बताता है कि अगर किसी छात्र की रैंक बहुत पीछे भी हो, तब भी कुछ परिस्थितियों में एनआईटी में एडमिशन का अवसर मिल सकता है।

होम स्टेट कोटा से मिलता है फायदा

जोसा काउंसलिंग के तहत एनआईटी में प्रवेश के दौरान कुछ सीटें संबंधित राज्य के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटे के तहत आरक्षित रहती हैं। ऐसे में जिन राज्यों में आवेदकों की संख्या कम होती है, वहां कुछ ब्रांचों में अपेक्षाकृत अधिक रैंक वाले छात्रों को भी सीट मिल सकती है।

स्टेट कोटा में 14.97 लाख रैंक पर भी मिली छात्रा को सीट

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड के आंकड़ों के अनुसार, फीमेल पूल (Female Pool) और सुपर न्यूमरेरी सीटों को मिलाकर ओपन कैटेगरी की एक छात्रा को 14,97,038 रैंक पर एनआईटी मिजोरम में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ब्रांच अलॉट हुई है। यह सीट भी होम स्टेट कोटे के तहत मिली है।

लड़कों के 17,000 और लड़कियों के 27000 रैंक पर आईआईटी में प्रवेश

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड में जेंडर न्यूट्रल पूल के तहत आईआईटी (IIT) की सबसे आखिरी क्लोजिंग रैंक 17,102 रही। इस रैंक पर आईआईटी धनबाद में केमिकल साइंस ब्रांच में सीट मिली। वहीं, फीमेल पूल में आईआईटी की आखिरी क्लोजिंग रैंक 27,754 रही। इस पर आईआईटी जम्मू की मटेरियल साइंस एंड इंजियरिंग ब्रांच अलॉट की गई।

NEET UG 2026 Refund Update: नीट यूजी का रिफंड छात्रों के खातों में ट्रांसफर होना शुरू, अब तक 22 लाख में से सिर्फ 8.29 लाख ने अपडेट की बैंक डीटेल

महादेव की कृपा होगी तो जरूर होंगे अमरनाथ की यात्रा, पर जाने से पहले भूले नहीं ये डॉक्यूमेंट वरना लौटना पड़ जायेगा!

अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू करने से पहले जरूरी नियमों और डॉक्यूमेंट की जानकारी होना बेहद जरूरी है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिसके लिए प्रशासन द्वारा कुछ जरूरी प्रोसीजर होता हैं। ट्रैवल के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए सभी डॉक्यूमेंट और व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर लें। आइए जानते हैं अमरनाथ यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी:

1. श्रीनगर पहुंचने से पहले होटल बुकिंग रखें तैयार

Amarnath Yatra - Ashoka Holidays

जो ट्रैवलर श्रीनगर या आसपास के क्षेत्रों में रुकने की प्लानिंग बना रहे हैं, उन्हें होटल या ठहरने की जगह की बुकिंग का सर्टिफिकेट साथ रखना चाहिए। भीड़भाड़ वाले ट्रैवल सीजन में होटल जल्दी भर जाते हैं और कई बार सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान ठहरने की जानकारी मांगी जा सकती है। होटल बुकिंग की रसीद या कन्फर्मेशन मैसेज मोबाइल में सेव रखें और हो सके तो उसकी एक कॉपी भी साथ रखें। इससे ट्रिप में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।

2. अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

Aerial Drone View of Amarnath Cave Temple Entrance nestled in an Icy Ravine High in the Himalayas during winter showcasing a breathtaking high altitude landscape

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखना जरुरी होता है। ट्रैवल के लिए सबसे जरूरी यात्रा परमिट/रजिस्ट्रेशन स्लिप होती है। इसके अलावा आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैलिड फोटो आइडेंटिटी कार्ड्स साथ रखना जरूरी है। ट्रैवलर को Compulsory Health Certificate – CHC भी जमा करना होता है, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में ट्रैवल के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट जरुरी होता है। डॉक्यूमेंट की कमी होने पर जर्नी में परेशानी आ सकती है।

3. चेकपोस्ट पर दिखानी होगी ट्रैवल स्लिप

Way Of Shri Amarnath Ji Yatra Photos, Download The BEST Free Way Of Shri Amarnath Ji Yatra Stock Photos & HD Images

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई जगहों पर चेकिंग की जाती है। चेकपोस्ट पर ट्रैवलर को अपना ट्रैवल परमिट/रजिस्ट्रेशन पर्ची और आइडेंटिटी कार्ड दिखाना पड़ सकता है। प्रशासन द्वारा जारी इस पर्ची में ट्रैवलर की ट्रिप की परमिशन और जरूरी जानकारी दर्ज होती है। बिना वैलिड परमिट के किसी भी ट्रैवलर को आगे जाने की परमिशन नहीं दी जा सकती। इसलिए जर्नी शुरू करने से पहले सभी डाक्यूमेंट्स की चेकिंग कर लेना बेहतर होता है।

4. ट्रैवल के दौरान जरूरी सामान और सावधानियां

Amarnath Yatra - A Spiritual Getaway of India – India-Tours

अमरनाथ यात्रा ऊंचाई वाले और कठिन पहाड़ी क्षेत्र में होती है, इसलिए ट्रैवलर को जरूरी सामान की तैयारी पहले से करनी चाहिए। गर्म कपड़े, दवाइयां, जरूरी कागजात, मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और आइडेंटिटी कार्ड हमेशा अपने पास रखें। मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए बारिश से बचाव के लिए सामान भी रखना जरूरी है। बुजुर्ग ट्रैवलर और हेल्थ प्रॉब्लम वाले लोगों को जर्नी से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ठीक होता है।

5. रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और परमिट की जानकारी

Why Do The Dates Of Amarnath Yatra Change Every Year What Is The Reason Behind It - Amarnath Yatra 2026: हर साल क्यों बदल दी जाती है अमरनाथ यात्रा की तारीख? जानिए

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं को सबसे पहले ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करनी होगी। ट्रैवल परमिट मिलने के बाद हीरूट से आगे बढ़ने की परमिशन दी जाती है। रजिस्ट्रेशन के दौरान सही जानकारी और डॉक्यूमेंट जमा करना जरुरी होता है।

6. सेफ ट्रिप के लिए पहले से करें तैयारी

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Delhi NCR Heavy Rain Alert: IMD ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट दिया, इस बीच गुरुग्राम में WFH की एडवाइजरी जारी

Delhi NCR Heavy Rain Alert: मानसून की पहली ही भारी बारिश ने दिल्ली से सटे साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मंगलवार (7 जुलाई) को हुई लगभग 82 मिमी बारिश के बाद हरियाणा के इस प्रमुख शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। सबसे बुरा हाल नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर देखने को मिला। यहां नरसिंहपुर के पास मुख्य हाईवे की सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसके बाद प्रशासन को दो लेन पूरी तरह बंद करनी पड़ीं।

इस हादसे के कारण दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर हीरो होंडा चौक से लेकर खेड़की दौला टोल प्लाजा तक लगभग 8 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम लग गया। इसमें हजारों वाहन चालक घंटों फंसे रहे। यह घटना दोपहर 3 से 4 बजे के बीच की है। सूत्रों के मुताबिक, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) इस हिस्से के नीचे ड्रेनेज (जल निकासी) पाइप डालने का काम कर रहा था। खुदाई की वजह से सड़क के नीचे की मिट्टी पहले से ही कमजोर थी। इस वजह से भारी बारिश के पानी ने इसे पूरी तरह बहा दिया, जिससे मुख्य हाईवे बीच से धंस गया।

ट्रैफिक पुलिस की नई एडवाइजरी

भारी ट्रैफिक जाम को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए तुरंत रूट डायवर्ट कर दिया है। वाहन चालकों को इन रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है:-

राजीव चौक से: वाहन चालक राजीव चौक पर बाईं (Left) तरफ मुड़कर एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें।

हीरो होंडा चौक से: यहां से भी बाईं ओर मुड़कर एसपीआर रोड के जरिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ें।

दिल्ली से आने वाले वाहन: दिल्ली से आने वाले लोग नरसिंहपुर के जाम से बचने के लिए सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) का रास्ता अपनाएं।

कॉरपोरेट कंपनियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील

मौसम विभाग के अनुमान और आने वाले दिनों में और जलभराव की आशंका को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने शहर के सभी निजी संस्थानों और कॉरपोरेट सेक्टर से अपील की है:-

  • आगामी कुछ दिनों तक मुख्य सड़कों और चौराहों पर जलभराव और भारी जाम की पूरी आशंका है। इसलिए हम कॉरपोरेट सेक्टर और निजी कंपनियों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे अपने कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की सुविधा दें, ताकि सड़कों पर दबाव कम हो सके और लोग सुरक्षित रहें।”
  • अगर आप भी गुरुग्राम या दिल्ली-एनसीआर में सफर कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले लाइव ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक कर लें और संभव हो तो डिजिटल माध्यमों से ही अपना काम निपटाएं।

आज भी राहत मिलने की उम्मीद कम

यह वेदर फोरकास्ट साफ इशारा कर रहा है कि गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आज भी जलभराव (waterlogging) और ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद थोड़ी कम है। कल के 82 मिमी वाले हाहाकार के बाद आज, 8 जुलाई 2026, का मौसम कुछ ऐसा रहने वाला है:-

  • सुबह और दोपहर से पहले (Morning/Forenoon): आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सबसे जरूरी बात-इस दौरान बिजली कड़कने, गरजने और 30 से 40 किमी/घंटा (जो बढ़कर 50 किमी/घंटा तक जा सकती है) की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
  • दोपहर के समय हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी (करीब 15 किमी/घंटा) पड़ेगी। लेकिन बादलों का डेरा बना रहेगा।
  • राहत की उम्मीद मत करिए, क्योंकि शाम होते ही हवाएं फिर से रफ्तार पकड़ेंगी (20 किमी/घंटा) और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का दूसरा दौर (another spell) शुरू हो जाएगा।

यात्रियों और ऑफिस जाने वालों के लिए जरूरी सलाह

  • कल NH-48 (नरसिंहपुर) पर हुए बड़े रोड केव-इन (सड़क धंसने) और 8 किलोमीटर लंबे जाम के बाद आज की यह बारिश स्थिति को और बिगाड़ सकती है। सुबह के समय चलने वाली तेज हवाओं और गरज-चमक के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है और जलभराव वाले चौराहों पर ट्रैफिक रेंग सकता है।
  • पुलिस ने पहले ही ‘वर्क फ्रॉम होम’ की एडवाइजरी जारी कर रखी है। अगर आपकी कंपनी इजाजत दे तो आज घर पर रहकर ही काम करना सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा फैसला होगा।
  • जलभराव के बीच अगर निकलना ही पड़े, तो मुख्य हाईवे (NH-48) के बजाय द्वारका एक्सप्रेसवे या एसपीआर रोड (SPR Road) का इस्तेमाल करें और जलभराव वाले अंडरपास से दूर रहें।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत एनसीआर के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जबकि कुछ स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखी गईं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

क्या करें और क्या न करें

  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों और अपडेट का पालन करें।
  • बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
  • कार चलाते समय गति नियंत्रित रखें और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।

Stocks to Watch: Knack Packaging की लिस्टिंग; Indigo, HCL, SpiceJet समेत इन स्टॉक्स पर भी रहेगा फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 140.50 प्वाइंट्स यानी 0.58% की गिरावट के साथ 24,243.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 104.35 प्वाइंट्स यानी 0.13% की फिसलन के साथ 78,180.72 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 प्वाइंट्स यानी 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Embassy Developments Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में एंबेसी डेवलपमेंट्स की प्री-सेल्स सालाना आधार पर 338% बढ़कर ₹868 करोड़ और कलेक्शंस 54% उछलकर ₹496 करोड़ पर पहुंच गया।

IndiGo, SpiceJet

मई महीने में में मासिक आधार पर इंडिगो का मार्केट शेयर 65% से गिरकर 64.9% पर आ गया और पैसेंजर लोड फैक्टर 82.7% से उछलकर 86.4% पर पहुंच गया तो स्पाइसजेट का भी मार्केट शेयर 3.4% से गिरकर 2.5% पर आ गया और पैसेंजर लोड फैक्टर 80.7% से 87.4% पर पहुंच गया।

Axis Bank

आरबीआई ने एक्सिस बैंक के नॉन-एग्जीक्यूटिव (पार्ट-टाइम) चेयरमैन के तौर पर एनएस विश्वनाथन की दोबारा नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है।

Ganesh Infraworld

गणेश इन्फ्रावर्ल्ड की सब्सिडियरी टाइकून माइन्स जीके को ₹100 करोड़ का सब-कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट नौ महीनों में काम पूरा करना है और कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में इससे रेवेन्यू मिलेगा।

IdeaForge Technology

आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी ने 7 जुलाई को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹835.86 तय किया। कंपनी इस फ्लोर प्राइस पर 5% तक की छूट दे सकती है।

Orchid Pharma

ऑर्किड फार्मा ने एक नए कॉम्बिनेशन एंटीबायोटिक Exblifep (सेफेपाइम/एनमेटाजोबैक्टम) के लिए Pharmasyntez JSC के साथ एक लाइसेंसिंग और सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इसका इस्तेमाल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और अस्पताल में होने वाले या वेंटिलेटर से जुड़े बैक्टीरियल निमोनिया (HAP/VAP) के इलाज में होगा।

HCL Technologies

एचसीएल सॉफ्टवेयर के डेटा और एआई डिवीजन Actian ने जैस्परसॉफ्ट की एम्बेडेड एनालिटिक्स और रिपोर्टिंग कैपेबिलिटीज को अपने डेटा मैनेजमेंट पोर्टफोलियो में मिल लिया है। इससे पहले एचसीएल सॉफ्टवेयर ने जैस्परसॉफ्ट को खरीदा था।

Uno Minda

ऊनो मिंडा ने चार पहिया पैसेंजर गाड़ियों के लिए सीटिंग सिस्टम सेगमेंट में रणनीतिक विस्तार का ऐलान किया है। इसे लेकर कंपनी के बोर्ड ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (ग्रीनफील्ड फैसिलिटी) लगाने को मंजूरी दी है। इस पर करीब ₹320 करोड़ का कैपेक्स हो सकता है और इसके वित्त वर्ष 2028 की चौथी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है।

Silver Touch Technologies

सिल्वर टच टेक्नोलॉजीज को राइट्स से एआई से लैस डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) अप्रेजल और इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म परख के डिजाइन, डेवलपमेंट और इम्प्लीमेंटेशन का ऑर्डर मिला है। सिल्वर टच इस एआई प्लेटफॉर्म को देश के बड़े-बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स जैसे कि रेलवे, हाईवे, पुल, बंदरगाह, एयरपोर्ट, मेट्रो प्रोजेक्ट और सुरंग इत्यादि के वैल्यूएशन के लिए क्षमता से लैस करेगी।

EMS

दिल्ली जल बोर्ड के सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए ईएमएस ने सबसे कम बोली लगाई है। इस ऑर्डर करीब ₹158.28 करोड़ का है।

3i Infotech

3आई इंफोटेक की सब्सिडियरी 3आई इंफोटेक सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को यूएई की वेदांत कंसल्टेंसी एफजेड एलएलसी से 1.765 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को लेकर आईटी कंसल्टिंग सर्विस के लिए है। इसके तहत कंपनी 1 मई, 2026 से 30 अप्रैल, 2027 तक काम कर रही है।

Adani Enterprises

अदाणी एंटरप्राइजेज का QIP इश्यू 7 जुलाई को बंद हुआ। इसे ₹15,000 करोड़ के 5.2 करोड़ इक्विटी शेयर ₹2,883 के भाव पर एलॉट किए गए।

Smartworks Coworking Spaces

स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेज ने ₹25 करोड़ के निवेश के साथ पुणे में अपनी मौजूदा क्षमता में 1,63,942 वर्ग फुट की जगह जोड़ी है।

Restaurant Brands Asia

रेस्टोरेंट ब्रांड्स इंडिया में ₹2235 करोड़ के निवेश से इंस्पिरा ग्लोबल (Inspira Global) ने अपने फूड एंड बेवरेज प्लेटफॉर्म लेनेक्सिस फूडवर्क्स (Lenexis Foodworks) के जरिए कंट्रोल हासिल कर लिया है। इस लेन-देन के पूरा होने के बाद इंस्पिरा ग्लोबल की कंपनी में 41.78% हिस्सेदारी हो गई है। सभी वारंट्स का इस्तेमाल करने के बाद ₹450 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से इसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 48.04% हो जाएगी।

Orbit Exports

ऑर्बिट एक्सपोर्ट्स के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹250 के भाव पर ₹27.6 करोड़ तक के शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Cochin Shipyard

कोचीन शिपयार्ड का ऑफर फॉर सेल इश्यू आज बंद होगा। सरकार 2.52% इक्विटी के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल कर रही है।

बल्क डील्स

Containerway International

दिग्गज निवेशक आशीष चुघ ने कंटेनरवे इंटरनेशनल के 67,612 शेयर (0.58% हिस्सेदारी) ₹10.69 लाख में प्रति शेयर ₹15.82 के भाव पर बेचे। मार्च 2026 तक कंपनी में चुघ की हिस्सेदारी 1.64% (यानी 1.89 लाख शेयर) थी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

पोलुनिन कैपिटल पार्टनर्स की पोलुनिन इमर्जिंग मार्केट्स स्मॉल कैप फंड एलएलसी ने आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स के 44.19 लाख शेयर (1.5% हिस्सेदारी) ₹73.64 करोड़ में प्रति शेयर ₹166.65 के भाव पर खरीदे।

Capital Small Finance Bank

वेस्टबोर्न इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी की लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने एमिकस कैपिटल प्राइवेट इक्विटी I एलएलपी से कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक के 8.33 लाख शेयर (1.83% हिस्सेदारी) ₹25 करोड़ में खरीदे। जून 2026 तक कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक में लिप्टस पंच-कार्ड फंड की हिस्सेदारी 3% तो एमिकस कैपिटल प्राइवेट इक्विटी I की 2.85% हिस्सेदारी थी।

लिस्टिंग

आज नैक पैकेजिंग की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज एमफेसिस, यूनाइटेड स्पिरिट्स, ब्लिस जीवीएस फार्मा, हना जोसेफ हॉस्पिटल, केसर टर्मिनल्स एंड इंफ्रा और मोरार्का फाइनेंस के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात इंजेक्ट केरल के स्प्लिट और मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की आज एक्स-डेट है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कम इनकम में कार खरीदना अब हुआ और आसान, सैलरी बेस पर ऐसे करें सही बजट प्लान!

घर के बाद कार खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल डिसिजन होता है। सही कार चुनते समय सिर्फ उसकी कीमत नहीं, बल्कि आपकी सालाना इनकम, मासिक खर्च, बचत और फ्यूचर की फाइनेंशियल प्लान का भी ध्यान रखना चाहिए। आमतौर पर ऐसी कार चुनना बेहतर माना जाता है, जिसकी ऑन-रोड कीमत आपकी सालाना टेक-होम इनकम के आसपास हो, ताकि ईएमआई और बाकी खर्च आसानी से संभाले जा सकें। आइए जानते हैं कि 2026 में आपकी सैलरी के हिसाब से कौन-सी कार खरीदना सबसे सही ऑप्शन हो सकता है:

सालाना आय: ₹10 लाख से ज़्यादा

10 अक्टूबर से बुक कर पाएंगे टाटा टियागो ईवी, जनवरी 2023 से मिलेगी डिलेवरी - carandbike

इस बजट में लोग आमतौर पर किफायती और माइलेज-फ्रेंडली हैचबैक या एंट्री SUV चुनते हैं। मारुति सुजुकी स्विफ्ट, हुंडई ग्रैंड i10 Nios और टाटा टियागो जैसे मॉडल भरोसेमंद और लो मेंटेनेंस विकल्प हैं। SUV लुक के लिए रेनॉल्ट काइगर और निसान मैग्नाइट भी अच्छे ऑप्शन हैं, जो स्टाइल और बजट दोनों का बैलेंस रखते हैं।

सालाना आय: ₹10-15 लाख

New Baleno 2022: मारुति सुजुकी ने लॉन्च की नए जमाने की नई बलेनो, पहली बार इस सेगमेंट में मिलेंगे ये फीचर्स, जानें कीमत - maruti suzuki launches new age baleno starting in

इस इनकम में प्रीमियम हैचबैक और कॉम्पैक्ट SUV बेहतर ऑप्शन बनते हैं। मारुति बलेनो और टोयोटा ग्लैंज़ा फीचर्स और माइलेज के लिए पॉपुलर हैं, जबकि हुंडई i20 और टाटा अल्ट्रोज़ स्टाइल और सेफ्टी का अच्छा कॉम्बिनेशन देते हैं। SUV सेगमेंट में हुंडई एक्सटर, टाटा पंच, मारुति फ्रॉन्क्स और टोयोटा टैसर काफी पसंद की जाती हैं।

सालाना आय: ₹15-25 लाख

किआ सोनेट सबकॉम्पैक्ट SUV के लॉन्च की तारीख़ का हुआ खुलासा - carandbike

यह सेगमेंट कॉम्पैक्ट SUV और सेडान का बैलेंस है। मारुति ब्रेज़ा, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट और महिंद्रा XUV 3XO जैसे मॉडल काफी डिमांड में हैं। वहीं होंडा एलिवेट जैसी SUV और फॉक्सवैगन वर्टस या स्कोडा स्लाविया जैसी सेडान भी अच्छे ऑप्शन हैं।

सालाना आय: ₹25-40 लाख

टाटा हैरियर के वेरिएंट लाइनअप में बदलाव - नए ट्रिम्स के बारे में विस्तार से जानकारी

इस इनकम ग्रुप में मिड-साइज SUV सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं। हुंडई क्रेटा और किआ सेल्टोस इस सेगमेंट की टॉप कारें हैं। इसके अलावा टोयोटा हाइब्रिड मॉडल और मारुति ग्रैंड विटारा भी अच्छे ऑप्शन हैं। बड़ी और पावरफुल SUV के लिए महिंद्रा स्कॉर्पियो-N, टाटा हैरियर और MG हेक्टर भी शामिल हैं।

सालाना आय: ₹40-60 लाख

टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस भारत में लॉन्च, कीमत 18.30 लाख रुपये से शुरू | CarDekho.com

यहां लोग प्रीमियम SUV और लग्जरी जैसी सुविधाओं वाली गाड़ियों की तरफ बढ़ते हैं। टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस फैमिली के लिए बेहद भरोसेमंद विकल्प है। महिंद्रा XUV700 फीचर्स के लिए मशहूर है। वहीं जीप कंपास, हुंडई टक्सन और BYD Atto 3 (EV) भी मजबूत ऑप्शन’हैं।

सालाना आय: ₹60 लाख से ₹1 करोड़

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इस लेवल पर लग्जरी ब्रांड्स में एंट्री आसान हो जाती है। BMW X1, Mercedes-Benz GLA और Volvo XC40 जैसी SUV लोकप्रिय हैं। सेडान सेगमेंट में Audi A4, BMW 3 Series और Mercedes C-Class पसंद की जाती हैं। Toyota Fortuner भी प्रीमियम SUV के तौर पर मजबूत ऑप्शन बनी रहती है।

सालाना आय: ₹1 करोड़+

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यह लेवल पूरी तरह लग्जरी और प्रीमियम कारों का है। Mercedes-Benz E-Class, BMW 5 Series जैसी सेडान और Audi Q5, BMW X3, Mercedes GLC जैसी SUV आमतौर पर पसंद की जाती हैं। वहीं Range Rover और Toyota Vellfire जैसी गाड़ियां प्रीमियम लाइफस्टाइल का एक्सपीरियंस देती हैं।

आज के समय में सभी कार सेगमेंट में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में समझदारी इसी में है कि कार खरीदने का फैसला अपनी सालाना आय को ध्यान में रखकर लिया जाए। हर व्यक्ति की फाइनेंशियल सिचुएशन अलग होती है, लेकिन सैलरी के बेस पर बजट डिसाइड करने से सही ऑप्शन चुनना आसान हो जाता है।

Shani Vakri 2026: इस तारीख से उल्टी होगी शनि की चाल, वृषभ और मिथुन सहित 4 राशियों को कर देगी मालामाल

Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शनि देव जातक को कर्मों के आधार पर फल देते हैं और न्याय करते हैं। जब भी शनि अपनी चाल बदलते हैं, तो माना जाता है कि इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इसलिए यह साल की सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाओं में से एक बन जाती है। इस समय मीन राशि में गोचर कर रहे शनि इस साल 27 जुलाई, 2026 को वक्री हो जाएंगे। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जों कुछ राशियों के जातकों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। हालांकि, ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृषभ, मिथुन, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है, जिससे करियर में तरक्की, फाइनेंशियल ग्रोथ और पर्सनल सफलता के मौके मिलेंगे।

शनि वक्री क्या है?

जब कोई ग्रह पीछे या अपने मार्ग से विपरीत दिशा में चलने लगा है, तो उसे वक्री कहा जाता है। हालांकि ग्रह असल में अपनी दिशा नहीं बदलता है, लेकिन इस ऑप्टिकल घटना को ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि शनि के वक्री होने का समय उसके असर को बढ़ाता है। जब शनि किसी राशि में उल्टी चाल चलते हैं, तो वे व्यक्ति के पुराने कर्मों का हिसाब करते हैं।

इन 4 राशियों के लिए फायदेमंद होगी शनि की वक्री चाल

वृषभ राशि : शनि की वक्री चाल वृषभ राशि के जातकों के लिए वरदान साबित होगी। आपकी आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने के योग हैं। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए शनि देव दशम भाव में वक्री होंगे, जो कि कर्म का भाव है। नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है। पुराने निवेश से भी बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। इस दौरान पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि की यह उल्टी चाल मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने वाली होगी। जो काम पिछले कई महीनों या सालों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। जो लोग विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या विदेशी कंपनियों से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।

कुंभ राशि : चूंकि शनि देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए मीन राशि में उनकी वक्री चाल आपके धन भाव को प्रभावित करेगी। इस अवधि में आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे। आप कार्यस्थल पर लोगों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे।

वक्री शनि के असर को कम करने के उपाय

  • शनिवार शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं।
  • शनिवार को किसी जरूरतमंद को काले तिल, काली उड़द की दाल या छाता दान करें।
  • शनि देव की कृपा पाने के लिए रोजाना 108 बार “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।

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बकरियां बचाने पर पंजाबी वकील पर अमेरिका में क्रिमिनल केस:कैलिफोर्निया में 2 को फार्म से निकाला, 6 साल सजा हो सकती; लाइसेंस पर भी खतरा

पंजाब के एक युवक पर कैलिफोर्निया में दो बकरियों की जान बचाने के मामले में क्रिमिनल केस दर्ज कर दिया गया। जल्द मामले में कोर्ट ट्रायल शुरू होने जा रहा है। आरोपी की पहचान तजिंदर उर्फ ताज उप्पल के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया में वकील हैं और पशु अधिकारों से जुड़े अभियानों में एक्टिव रहते हैं। केस के बाद अब उनकी नौकरी और वकील के लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा रहा है। घटना 27 मई 2025 को स्ट्रैटफोर्ड इलाके की है। यहां वेरा गोट डेयरी से कुछ पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं ने दो बकरी के बच्चों, फोबी और सीलिया को बाहर निकाला था। फार्म पर उनकी हालत ठीक नहीं थी। बाहर लाने के बाद डॉक्टरों ने जांच में उन्हें निमोनिया और आंखों की बीमारी से ग्रस्त पाया। इलाज के बाद दोनों बकरियां ठीक हो गईं, लेकिन इसके बाद बकरी फार्म चलाने वाली फर्म ने उप्पल सहित 4 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया। पढ़िए क्या है पूरा मामला… बकरियां चुराने, बिना परमिशन प्लाट में घुसने के आरोप पंजाबी मूल के ताज उप्पल सिख वकील और एक्टिविस्ट हैं। वह पशु अधिकारों को लेकर लंबे समय से सक्रिय हैं। किंग्स काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने इन पर ग्रैंड थेफ्ट ऑफ लाइवस्टॉक, साजिश और बिना अनुमति जमीन में घुसने जैसे आरोप लगाए हैं। 6 साल तक की सजा हो सकती पंजाबी समुदाय के लोगों का मानना है कि आरोप गंभीर हैं और अगर अदालत में ये साबित हो जाते हैं तो ताज उप्पल को करीब 6 साल तक की सजा हो सकती है। सभी आरोपियों ने कहा कि वे निर्दोष हैं और वे मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हैं। बकरी फार्म ने इसे कानून के खिलाफ बताया केस करने वाले पक्ष ने कहा कि किसी प्राइवेट फार्म से जानवरों को बिना अनुमति ले जाना कानून के खिलाफ है। पुलिस और प्रशासन ने इस घटना को बचाव अभियान नहीं, बल्कि चोरी और साजिश से जुड़ा मामला माना है। यही वजह है कि अब यह केस सिर्फ दो बकरियों की कहानी नहीं रहा, बल्कि पशु अधिकार, बकरी फार्मिंग, प्राइवेट प्रापर्टी और नैतिक जिम्मेदारी के बीच टकराव बन गया है। उप्पल बोले- बकरियां मर रही थीं, बचाने गए ताज उप्पल की संस्था डायरेक्ट एक्शन एवरीवेयर का कहना है कि उन्होंने फार्म पर जानवरों की हालत बहुत खराब देखी थी। वहां हजारों बकरियों को बंद रखा गया था। कई जगह मृत जानवरों के ढेर दिखाई दिए। माएं और उनके बच्चे अलग-अलग रखे जा रहे थे। इसी वजह से कार्यकर्ताओं ने मजबूरी में कदम उठाया। उनका तर्क है कि जब प्रशासन या फार्म प्रबंधन ने हालात सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए, तब जानवरों को बचाना इंसानियत के दायरे में आने वाला काम था। राइट टू रेस्क्यू की बहस शुरू हुई यह मामला 27 मई 2025 की घटना से शुरू हुआ। 2026 में जांच के बाद पुलिस ने क्रिमिनल केस किया है और कोर्ट ट्रायल की तैयारी है। कोर्ट ट्रायल और केस होने से मामला एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर राइट टू रेस्क्यू की बहस शुरू हो गई है। कई लोग इसे इंसानियत की जीत बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे कानून तोड़ने वाला कदम बता रहे हैं। लोगों का मानना है कि ताज उप्पल और उनके साथियों का यह मामला इमोशनल के साथ कानूनी भी है। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला इस पर बहस को और छेड़ेगा।

Petrol-Diesel Price Today: 8 जुलाई के लेटेस्ट रेट जारी, जानें किस शहर में कितना मिल रहा है पेट्रोल और डीजल

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 08 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये | डीजल 99.55 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.56 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये | डीजल 98.80 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये | डीजल 95.55 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।