Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी का व्रत इस दिन होगा, नोट करें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Kamika Ekadashi 2026: सावन माह में आने वाले पहले एकादशी व्रत को कामिका एकदशी व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण करने वाले भक्तों के सारे पाप मिट जाते हैं। पुराणों अनुसार कामिका एकादशी का व्रत हजार गौ दान के बराबर पुण्य देता है। कहते हैं इस दिन तीर्थ स्थानों पर स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।

हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी व्रत का सौभाग्य मिलता है। सावन माह की पहली एकादशी तिथि को लेकर लोगों को भ्रम हो रहा है कि ये 8 अगस्त को किया जाएगा या 9 अगस्त को किया जाएगा। असल में एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर से शुरू हो रही है और हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत और त्योहार उदयातिथि को देखते हुए मनाए जाते हैं। इसलिए सावन माह की पहली एकादशी तिथि का व्रत 9 अगस्त को किया जाएगा। आइए जानें इसके बारे में

कामिका एकादशी 2026 सही तारीख

पंचांग अनुसार कामिका एकादशी तिथि 8 अगस्त की दोपहर 01:59 से शुरू होकर 9 अगस्त की सुबह 11:04 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 10 अगस्त को किया जाएगा और पारण का समय सुबह 05:47 से 08 बजे तक रहेगा।

कामिका एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

ब्रह्म मुहूर्त – 04:22 AM से 05:04 AM

प्रातः सन्ध्या – 04:43 AM से 05:47 AM

अभिजित मुहूर्त – 12:00 PM से 12:53 PM

विजय मुहूर्त – 02:40 PM से 03:33 PM

गोधूलि मुहूर्त – 07:06 PM से 07:27 PM

सायाह्न सन्ध्या – 07:06 PM से 08:10 PM

अमृत काल – 06:42 AM से 08:09 AM

द्विपुष्कर योग – 11:04 AM से 02:43 PM

इस दिन बन रहे हैं शुभ योग

कामिका एकादशी पर इस बार दो शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक द्विपुष्कर योग रहेगा। वहीं, पूरे दिन हर्षण योग प्रभावी रहेगा और इसका समापन 10 अगस्त को रात 2 बजकर 4 मिनट पर होगा। धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के हर दुख को हर लेते हैं।

कामिका एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं अनुसार कामिका एकादशी का व्रत रखने से सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। साथ ही पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन तुलसी का पूजन भी जरूर करें। साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते भी अवश्य चढ़ाएं, इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। साथ ही मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होगी।

कामिका एकादशी व्रत पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान से निवृत्त होकर पहले व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। भगवान को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत, तुलसी आदि जरूर अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें। साथ ही कामिका एकादशी की कथा पढ़ें। दिन भर फलाहारी व्रत रहें और एकादशी के अगले दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर अपना व्रत खोलें।

Sawan Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में होगा स्नान-दान, जानें तारीख और पितरों को तर्पण देने का समय

भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास:रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में

अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके तहत रूस के अधिकारियों, शैडो टैंकर बेड़े, केंद्रीय बैंक और सरकारी ऊर्जा परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। हालांकि, अभी ये कानून नहीं बना है। अभी इसे अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। अगर वहां भी बिल पास हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून बनेगा। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिल जाएगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। व्हाइट हाउस ने पहले भी रूस पर पाबंदियां लगाने की कोशिश की थी। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान जब होर्मुज बंद हुआ, तो तेल का संकट आ गया। इस वजह से अमेरिकी प्रशासन को तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए छूट देनी पड़ी थी। भारत ने जून में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… UK की व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। आज से भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले ध्यान दें! 9 अगस्त से स्टेशनों पर बढ़ेगी सख्ती…DMRC ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को यात्रियों के लिए अहम सलाह जारी की है। डीएमआरसी के अनुसार, रविवार से अगले आठ दिनों तक कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पूरे मेट्रो नेटवर्क पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। इसी वजह से यात्रियों की सुरक्षा जांच में अधिक समय लग सकता है, जिससे कई स्टेशनों पर लंबी लाइनें लगने की संभावना है।

डीएमआरसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली मेट्रो में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। इसके तहत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) 9 अगस्त से 16 अगस्त तक सभी मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सख्त सुरक्षा जांच करेगा। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसी कारण 9 अगस्त (रविवार) से सभी मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की जांच पहले से ज्यादा सख्ती से की जाएगी।

डीएमआरसी ने अपनी पोस्ट में कहा कि सख्त सुरक्षा जांच के कारण 16 अगस्त तक, खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय (पीक आवर्स) में कई मेट्रो स्टेशनों पर लंबी कतारें लग सकती हैं। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और घर से थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलें। साथ ही सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा कर्मियों का पूरा सहयोग करें।

यह सलाह ऐसे समय में जारी की गई है, जब 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। लाल किले पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इसी वजह से मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की जांच पहले से ज्यादा सख्ती से होगी। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में समय से पहले स्टेशन पहुंचें, ताकि किसी तरह की देरी से बचा जा सके।

भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज का मजा स्टेडियम में मुफ्त लूट सकेंगे दर्शक

INDvsSL भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के दौरान क्रिकेटप्रेमियों को स्टेडियम में मुफ्त प्रवेश दिया जायेगा।श्रीलंका क्रिकेट ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘ श्रीलंका क्रिकेट यह घोषणा करता है कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट श्रृंखला के दौरान दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जायेगा जिससे क्रिकेटप्रेमियों को विश्व स्तरीय टेस्ट क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा।’’पहला मैच गॉल स्टेडियम पर होगा जबकि दूसरा टेस्ट कोलंबो में 23 से 27 अगस्त के बीच खेला जायेगा।श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट देखने दर्शक कम ही आते हैं । पहले भी भारतीय टीमों ने खाली स्टेडियमों में मैच खेले हैं।

15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अभी तक टीम घोषित नहीं की। श्रीलंका हाल ही में  वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है।

कभी भारत की ताकत मानी जाने वाली स्पिन गेंदबाजी टेस्ट क्रिकेट में भारत की कमजोरी बनकर उभरी है। भारत ने अपने घर में पहले न्यूजीलैंड और फिर दक्षिण अफ्रीका से बिना कोई टेस्ट जीते सीरीज गंवानी पड़ी थी। इस सीरीज में 85 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाजों के थे।

श्रीलंका में भी भारत को स्पिन के मुफीद पिचें पेश की जाएंगी। हालांकि यह हो सकता है कि पहले ही दिन से पिच टर्न ना ले जैसा भारत में देखते हैं लेकिन भारत इस सीरीज को 2-0 से जीतने के लिए कितना गंभीर है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत के सभी नेट गेंदबाज स्पिनर हैं और अलग विविधता के हैं।

टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है।टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

5000वां एतिहासिक एकदिवसीय मुकाबला खेला गया इन दो टीमों के बीच में

डुंडी में शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच मैच के साथ ही पुरुष वनडे के 5000 मुक़ाबले पूर्ण हो गए।इस प्रारूप का जन्म जनवरी 1971 में हुआ था और इन 55 वर्षों में प्रारूप में लगातार बदलाव आया है। पांच हज़ार मुक़ाबलों को हज़ार-हज़ार के अलग समूह में बांटकर एक बेहतर तस्वीर पेश करने की कोशिश की गई है। पहले तीन वनडे विश्व कप में प्रति टीम 60 ओवर के मुक़ाबले खेले जाते थे जबकि इंग्लैंड में होने वाले दो देशों के बीच मुक़ाबले प्रति टीम 55 ओवर के मुक़ाबले होते थे।

ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान में शुरुआती मुक़ाबले प्रति टीम 40 और 35 ओवर के मुक़ाबले होते थे, जिसमें एक ओवर में आठ गेंदें होती थीं। एशिया में प्रति टीम 40 ओवर के मुक़ाबले होते थे जिसमें एक ओवर में छह गेंदें होती थीं। पिछला पुरुष वनडे मुक़ाबला जो कि 50 ओवर का मुक़ाबला नहीं था, वो 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच मुक़ाबला खेला गया था। 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के बीच खेला गया यह मुक़ाबला 1002वां वनडे था और यह प्रति टीम 55 ओवर का मुक़ाबला था।

पहले 24 वर्षों में 1000 वनडे और अगले 31 वर्षों में 4000 वनडे

1000वां वनडे मैच 1995 में उसी इंग्लैंड-वेस्टइंडीज़ सीरीज़ के दौरान नॉटिंघम में खेला गया था जो कि रिज़र्व डे तक गया था। पहले 1000वें मुक़ाबले तक पहुंचने के लिए 24 वर्षों का इंतज़ार करना पड़ा और अगले 31 वर्षों में चार हज़ार वनडे खेले गए।अगले 1000 हज़ार वनडे आठ वर्षों के अंतराल पर खेले गए, जिसमें पहले 1000 वनडे के मुक़ाबले एक तिहाई कम समय लगा। टी 20 प्रारूप के आगमन के बावजूद वनडे खेले जाने की निरंतरता में सीधे तौर पर कमी नहीं आई।

2007 में कुल 191 वनडे खेले गए जिस साल पहली बार टी 20 विश्व कप खेला गया था, इस साल एक साल में सबसे ज़्यादा वनडे खेले गए थे और ऐसा करते हुए 2006 में खेले गए सर्वाधिक 160 वनडे का रिकॉर्ड पीछे छूट गया था। अगले 1000 वनडे 2630 दिनों के अंतराल पर खेले गए जो कि किसी भी ब्लॉक में लिए गए सबसे कम दिन थे।

2023 में खेले गए सबसे हालिया वनडे विश्व कप ने एक साल में सर्वाधिक मुक़ाबलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया, इस साल 218 वनडे मुक़ाबले खेले गए। इसके पिछले साल भी 161 वनडे खेले गए थे। लेकिन 1000 वनडे के पांचवें ब्लॉक को पूर्ण करने में 3063 दिन लग गए। 2020 में आई महामारी, टी 20 लीगों का बढ़ना, द्विपक्षीय सीरीज़ कम खेला जाना और अन्य कारण वनडे की संख्या में आई कमी की वजह रहे हैं।

Sawan Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में होगा स्नान-दान, जानें तारीख और पितरों को तर्पण देने का समय

Sawan Amavasya 2026 Date: सावन के महीने का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह भगवान विष्णु के चार माह की योगनिद्रा में जानें के बाद पहला हिंदू माह होता है। इस अवधि में भगवान शिव सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। सावन भगवान शिव का प्रिय माह है। इस माह में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं, क्योंकि इस समय चारों तरफ हरियाली छायी रहती है और मानसून की फुहारों से वातावरण सराबोर रहता है।

हरियाली अमावस्या के दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान और उसके बाद दान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। इस दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं। शाम के समय में पितरों के लिए दीपक जलाते हैं, ताकि पितृ लोक लौटते समय उनका मार्ग अंधकार में न रहे। इस साल की सावन अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र रहेगा। आइए जानते हैं कि हरियाली अमावस्या कब है और पितृ तर्पण कब कर सकते हैं?

सावन अमावस्या 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के आधार पर देखा जाए तो इस बार श्रावण कृष्ण अमावस्या तिथि 12 अगस्त को 01:52 बजे से शुरू हो रही है और यह 12 अगस्त को रात 11:06 बजे तक रहेगी। उदयातिथि को देखते हुए सावन अमावस्या 12 अगस्त बुधवार का है।

सावन अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त

सावन अमावस्या पर स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 04 बजकर 23 ए एम से लेकर प्रात: 05 बजकर 06 मिनट तक है। जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर पाएं, वे लोग सूर्योदय के बाद स्नान, दान कर सकते हैं। उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 05:49 ए एम से 07:28 ए एम तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 07:28 ए एम से 09:07 ए एम तक रहेगा। इन दोनों समयों में भी स्नान और दान किया जा सकता है। सावन अमावस्या पर साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने वाला है।

सावन अमावस्या पर तर्पण कब करें?

सावन अमावस्या के दिन स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण कर सकते हैं। हाथ में जल, सफेद फूल और काले तिल लेकर कुशा की मदद से पितरों को तर्पण दे सकते हैं। तर्पण देने से पितर प्रसन्न होते हैं।

व्यतीपात योग और पुष्य नक्षत्र में सावन अमावस्या

इस साल की सावन अमावस्या पर व्यतीपात योग और पुष्य नक्षत्र का योग है। व्यतीपात योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, उसके बाद वरीयान् योग बनेगा। व्यतीपात योग में किसी नए या शुभ कार्य की शुरूआत नहीं करते हैं।

पुष्य नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह एक शुभ नक्षत्र है, इसमें आप शुभ कार्य कर सकते हैं, जिसमें सफलता प्राप्त होती है। स्थिर कार्य भी इस नक्षत्र में कर सकते हैं।

Sawan Bel Patra Ke Upay: सावन के महीने में बेल पत्र के ये उपाय करने से मिल जाएगा सभी तीर्थों का पुण्य फल, जानें इनके बारे में

नामीबिया में T20I त्रिकोणीय श्रृंखला खेलेंगें दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे

नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे टी-20 त्रिकोणीय सीरीज की मेजबानी करेगा और उसके बाद वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेलेगा। सभी मैच विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाएंगे।

टी-20 त्रिकोणीय 28 अगस्त को शुरू होगी, जिसका फ़ाइनल छह सितंबर को होगा और वनडे सीरीज नौ सितंबर से शुरू होगी। यह त्रिकोणीय सीरीज 2027 में होने वाले अफ्रीका कप की शुरुआत के लिए आधार तैयार करेगी। इस प्रतियोगिता का मक़सद ज़्यादा अफ्रीकी देशों को सबसे उच्च स्तर पर खेलने का मौका देना है।

त्रिकोणीय सीरीज से होने वाला सारा मुनाफ़ा अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन को दान किया जाएगा ताकि पूरे महाद्वीप में खेल को बढ़ावा दिया जा सके। क्रिकेट नामीबिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोहान मुलर ने कहा, “हम इस सीरीज़ के लिए क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के कमिटमेंट के लिए बहुत आभारी हैं। यह अफ्रीकी महाद्वीप में क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत पार्टनरशिप और साझा सोच को दिखाता है।”

दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप के संयुक्त मेजबान हैं। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोलेट्सी मोसेकी कहा, “हम इस व्हाइट-बॉल टूर का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। यह न सिर्फ़ हमारे पड़ोसी देशों में खेल को मज़बूत करने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है, बल्कि अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले उत्साह भी बढ़ाता है, जिसकी मेजबानी ये तीनों देश मिलकर करेंगे।”

Sawan Bel Patra Ke Upay: सावन के महीने में बेल पत्र के ये उपाय करने से मिल जाएगा सभी तीर्थों का पुण्य फल, जानें इनके बारे में

Sawan Bel Patra Ke Upay: जिस तरह सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, उसी तरह उन्हें बिल्प पत्र यानी बेलपत्र भी प्रिय हैं। भगवान शिव की पूजा में बेल पत्र का विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा बेलपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेल पत्र की जड़ में दुनिया में जितने सभी प्रसिद्ध तीर्थ निवास करते हैं। इसलिए इसकी जड़ के पास दीपक जलाने, दीपमाला दान करने से कई गुना फल मिलता है।

कहा जाता है कि जो व्यक्ति धूप-दीप, फूलों से बिल्ववृक्ष के मूल का पूजन करता है, वह शिवलोक को प्राप्त करता है और उसके सन्तान और सुख दोनों में वृद्धि होती है। ऐसे व्यक्ति को संतान से सुख मिलता है। शिवपुराण सावन के अनुसार, सावन के पवित्र महीने में बिल्व पत्र के पेड़ के नीचे दीपक जलाने का विशेष महत्व और अनेक लाभ बताए गए हैं। इसे प्रदोष काल या रात में जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। सावन में बेलपत्र के पेड़ के नीचे दीया जलाने के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

भगवान शिव का आशीर्वाद : शिवपुराण के अनुसार, बेलपत्र के वृक्ष की जड़ में स्वयं महादेव का वास होता है। सावन में इसके नीचे दीपक जलाने से भगवान भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक को सुख-शांति तथा आरोग्य का वरदान देते हैं।

मां लक्ष्मी का वास और धन-धान्य की प्राप्ति : धार्मिक कथाओं के अनुसार, बेलपत्र के वृक्ष में माता लक्ष्मी का भी निवास माना गया है। मान्यता है कि शाम या रात के समय बेलपत्र के नीचे घी का दीपक जलाने से घर से दरिद्रता दूर होती है और आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है।

पापों का नाश : माना जाता है कि बेलपत्र की जड़ में समस्त तीर्थों का वास होता है। इसके नीचे दीपदान करने से व्यक्ति के ज्ञात-अज्ञात पाप मिट जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

सकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष से मुक्ति : घर में या आसपास लगे बेलपत्र के नीचे दीया जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और वातावरण शुद्ध एवं सकारात्मक बनता है।

पितृ दोष और कष्टों से राहत : बेलपत्र के पेड़ के पास शाम को दिया जलाने से ग्रह-दोष दूर होते हैं और पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

दीपक जलाने का सही तरीका

दीपक के लिए गाय के शुद्ध घी या तिल के तेल का उपयोग करें।

दीपक मुख्य रूप से प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) में बेलपत्र की जड़ के पास जलाएं।

दीपक जलाते समय भगवान शिव के मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का मन में जाप करें।

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Government School के 1,500 बच्चों ने अपने हक़ के लिए उठाई आवाज़ | Gen Alpha Protest

स्कूल में पढ़ाई होनी चाहिए, आंदोलन नहीं।
लेकिन जब बच्चों को साफ़ पानी, शौचालय, पंखे और शिक्षक जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरना पड़े,
तो सवाल बच्चों पर नहीं, सिस्टम पर उठता है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से शुरू हुई यह आवाज़ अब बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और देश के कई हिस्सों तक पहुँच रही है।
क्या आपको लगता है कि बच्चों को अपने अधिकारों के लिए इस तरह प्रदर्शन करना पड़ना चाहिए?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए।

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ट्रैविस हेड ने लगातर दूसरे साल जीता एलन बॉर्डर मेडल

टेस्ट ओपनर के तौर पर शानदार बदलाव के बाद, ट्रैविस हेड ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे बड़े पुरुष पुरस्कार के लिए एलेक्स कैरी को एक वोट और मिशेल स्टार्क को तीन वोटों से पीछे छोड़ते हुए लगातार दूसरा एलन बॉर्डर मेडल जीता।हेड ने एशेज़ में 87.36 के स्ट्राइक रेट से 629 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल थे। उन्होंने पर्थ में चोटिल उस्मान ख्वाजा की जगह रन चेज़ के दौरान 83 गेंदों पर 123 रन बनाकर इंग्लैंड को चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने एडिलेड में 170 और एससीजी में 163 रन बनाए।

हेड ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगा कि स्टार्की का साल शानदार रहा, केज़ (कैरी) का साल भी बहुत अच्छा रहा। मुझे लगा कि यह पुरस्कार किसी को भी मिल सकता है। मुझे लगा था कि स्टार्की ही जीतेंगे, इसलिए मैं आज रात काफी शांत मन से आया था और यह नहीं सोच रहा था कि मैं जीत के करीब भी होऊंगा।”

हेड रिकी पोंटिंग, माइकल क्लार्क और स्टीवन स्मिथ (चार बार), डेविड वॉर्नर (तीन बार) और शेन वॉटसन (दो बार) के बाद एलन बॉर्डर मेडल एक से ज़्यादा बार जीतने वाले छठे खिलाड़ी बन गए हैं। पिछले साल, जब हेड को कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने गॉल के एक होटल में मेडल दिया था, उसके उलट इस बार बॉर्डर खुद ब्रिस्बेन में उनका दूसरा मेडल देने के लिए मौजूद थे, हालांकि यह कार्यक्रम भी टीम के डार्विन जाने से पहले एक सादे समारोह में हुआ।

हेड ने कहा, “कमरे में एलेन बॉर्डर जैसे व्यक्ति का होना बहुत सौभाग्य और सम्मान की बात है।” “मुझे लगता है कि शायद दोनों के बीच यही फ़र्क है – उनका वहाँ होना, उनका इसे पेश करना। जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं और अपने करियर के बाद के समय में उन्हें फ़ोटो फ़्रेम में देखते हैं, वहाँ बैठकर सोचते हैं कि मेरे पास दो मेडल हैं, और आपके बच्चे उन्हें देख सकते हैं, और 20 साल बाद आप उन्हें बता सकते हैं कि आप कितने अच्छे थे – यह बहुत बढ़िया बात है।”

स्टार्क, जो एशेज़ में ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ रहे थे, उन्हें वोटिंग पीरियड के दौरान 17.80 की औसत से 52 विकेट लेने के लिए ‘शेन वॉर्न टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द ईयर’ चुना गया – वे एलेन बॉर्डर मेडल टैली में तीसरे स्थान पर रहे – इसमें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 19.93 की औसत से लिए गए 31 विकेट भी शामिल थे, जब उन्होंने उस बॉलिंग अटैक की अगुवाई की थी जिसमें जोश हेज़लवुड पूरे समय और पैट कमिंस एक मैच को छोड़कर बाकी सभी मैचों में नहीं खेल पाए थे। स्टार्क के लिए यह साल जमैका में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 9 रन देकर 6 विकेट लेने के प्रदर्शन के लिए भी यादगार रहा, जहाँ उन्होंने अपने 100वें टेस्ट में अपना 400वाँ विकेट लिया।

इस साल की शुरुआत में बेलिंडा क्लार्क अवॉर्ड की घोषणा की गई थी – जिसमें एनाबेल सदरलैंड लगातार दूसरी बार विजेता बनीं – क्योंकि इंटरनेशनल और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के शेड्यूल में टकराव के कारण पारंपरिक समारोह रद्द कर दिया गया था, जिसका मतलब था कि सीए को सभी खिलाड़ियों को एक साथ लाने के लिए कोई तारीख नहीं मिल पाई।इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए अवॉर्ड हर मैच में खिलाड़ियों, अंपायरों और मीडिया के 3-2-1 के आधार पर दिए गए वोटों पर आधारित होते हैं। वोटिंग की अवधि 29 जनवरी, 2025 से 24 जनवरी, 2026 तक थी।