Gold Price Outlook: सोना तोड़ेगा सारे रिकार्ड्स! $8,000 तक जाएगा भाव, एक्सपर्ट ने बताया किस लेवल पर थमेगी रफ्तार

Gold Price Outlook: सोने में निवेश करने वालों के लिए एक बेहद बड़ी भविष्यवाणी सामने आई है। वेस्ट पॉइंट गोल्ड के सीईओ डेरेक मैकफर्सन का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में सोने की कीमतें $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। इसके साथ ही अपने पीक पर यह $8,000 यानी करीब 6.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को भी छू सकती हैं।

मैकफर्सन के मुताबिक, सोने की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर ले जाने वाले लॉन्ग-टर्म फैक्टर्स बाजार में मजबूती से टिके हुए हैं। हालिया दिनों में सोने के भाव में देखी गई मामूली गिरावट सिर्फ एक ठहराव है, न कि तेजी के ट्रेंड का पलटना।

सोने में महातेजी आने की ये है 3 बड़ी वजहें

सीईओ डेरेक मैकफर्सन ने उन मुख्य कारणों का खुलासा किया है, जो सोने को इस ऐतिहासिक स्तर पर ले जाएंगे:

1- केंद्रीय बैंकों की ताबड़तोड़ खरीदारी: दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं और विकल्प के रूप में भारी मात्रा में सोना खरीदकर अपना रिजर्व बढ़ा रहे हैं।

2- सरकारों का अंधाधुंध खर्च: वैश्विक स्तर पर सरकारें लगातार आक्रामक तरीके से खर्च कर रही हैं, जिससे फाइनेंशियल सिस्टम में लिक्विडिटी यानी नकदी का फ्लो बढ़ रही है। महंगाई और लिक्विडिटी हमेशा सोने को मजबूत करती है।

3- सुरक्षित निवेश की मांग: भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में सोना हमेशा से सबसे सुरक्षित एसेट रहा है और आगे भी रहेगा।

गोल्ड माइनिंग कंपनियों की चमकेगी किस्मत

मैकफर्सन का कहना है कि सोने की ऊंची कीमतों का सीधा फायदा सोना निकालने वाली कंपनियों को मिलेगा। हालांकि माइनिंग कंपनियों का कैश फ्लो बढ़ा है और शेयरों में तेजी आई है, लेकिन उनका वैल्यूएशन अभी भी काफी आकर्षक है।

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बड़ी कंपनियों के पास भारी कैश मौजूद है, जिससे इस सेक्टर में कंपनियों के आपस में विलय और अधिग्रहण की रफ्तार तेज होगी। अच्छी परियोजनाओं वाली छोटी कंपनियां बड़ी कंपनियों के निशाने पर होंगी।

कुल मिलाकर एक्सपर्ट्स का साफ मानना है कि भले ही सोना इस समय $4,000 के आसपास ट्रेड कर रहा हो, जो माइनिंग कंपनियों के लिए अच्छा है, लेकिन असली लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्वालिटी प्रोजेक्ट्स से ही आएगी। जैसे-जैसे गोल्ड साइकिल मैच्योर होगी, मजबूत एसेट्स वाली कंपनियां निवेशकों को मालामाल कर देंगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Yamaha Aerox-E vs TVS X: price and specification comparison

Aerox E vs TVS X

Last year, Yamaha announced that it would enter the Indian electric scooter market with two products – the River Indie-based EC-06 and the Aerox-E. The former was launched earlier this year, and the company has now revealed pricing for the electric Aerox at Rs 2.82 lakh. That makes it Yamaha’s most expensive offering in India and one of the costliest electric scooters on sale. At that price point, its only real rival is the TVS X, which has occupied a unique position at the top end of the Indian electric scooter market since its launch in 2023. Here’s how the two compare on paper.

Yamaha Aerox-E vs TVS X: Motor, battery and range

The TVS X offers better performance and range

 

Yamaha Aerox-E

TVS X

Peak motor output

9.4kW

11.7kW

Continuous motor output

NA

7kW

Peak torque

48Nm

40Nm

Battery capacity

2 x 1.5kWh (3kWh total)

4.4kWh

Charging time (0-100%)

6 hours 20 minutes

 

Claimed IDC range

117km

159km

Claimed top speed

95.5kph

110kph

The TVS X holds a clear advantage in outright performance and range. TVS claims a 0-40kph time of 2.5 seconds and a top speed of 110kph, both comfortably ahead of the Aerox-E. Its larger 4.4kWh battery also delivers a significantly higher claimed IDC range, although, as with all IDC figures, real-world range is likely to be lower.

The Aerox-E comes with dual removable battery setup comprising two 1.5kWh packs. That’s a meaningful practical advantage if you don’t have easy access to a charging point, as the batteries can be removed and charged separately using Yamaha’s optional charging dock (priced at Rs 18,000). That said, each battery weighs around 13kg, so removing them regularly may not be the most convenient solution.

Yamaha Aerox-E vs TVS X: Dimensions and underpinnings

The TVS X is lighter and runs on smaller 12-inch wheels

 

Yamaha Aerox-E

TVS X

Kerb weight

139kg

134kg

Suspension (F/R)

Telescopic fork / Twin shock absorbers

Telescopic fork / Monoshock

Brakes (F/R)

Disc / Disc

220mm disc / 195mm disc

Tyres (F/R)

110/80-14 / 140/70-14

100/80-12 / 110/80-12

Both scooters use a conventional telescopic fork up front, but they differ at the rear. The Aerox-E uses twin shock absorbers, while the TVS X gets a monoshock. Another notable difference is wheel size. The Aerox-E rides on larger 14-inch wheels, which should offer better stability, while the TVS X uses 12-inch wheels that are likely to feel a little more agile. It’s worth noting that TVS showcased a version of the X with 14-inch wheels at EICMA last year, although there’s been no update on whether or when that version will make it into production.

The TVS X is also 5kg lighter and is built around a sporty aluminium twin-spar frame, which means it doesn’t have a conventional flat floorboard.

Yamaha Aerox-E vs TVS X: Features

The TVS X has a clear edge in the features deparetmnt

The TVS X is the more comprehensively equipped scooter of the two. Its headline feature is a massive 10.25-inch TFT touchscreen with Bluetooth connectivity, Android Auto, navigation, music playback and smartphone integration. It also gets three riding modes – Xtealth, Xtride and Xonic – along with reverse assist, hill hold and TVS’ RAM air-cooling system for the motor. TVS has positioned the X as a flagship product, and its equipment list reflects that.

The Aerox-E isn’t quite as feature-rich. It upgrades from the petrol Aerox 155’s LCD console to a TFT display with smartphone connectivity, but the unit is relatively basic compared to the TVS. The Aerox-E offers three riding modes – Eco, Standard and Power – along with a dedicated Boost button that provides short bursts of additional performance.

Yamaha Aerox-E vs TVS X: Price

The TVS X undercuts the Aerox-E by Rs 16,000

 

TVS X

Yamaha Aerox-E

Price (ex-showroom, Bengaluru)

Rs 2.66 lakh

Rs 2.82 lakh

At Rs 2.66 lakh, the TVS X undercuts the Aerox-E by Rs 16,000. On paper, it’s clearly the stronger package, offering higher performance, a larger battery, longer claimed range and a considerably more comprehensive feature list.

Availability, however, remains limited for both scooters. The TVS X was initially launched only in Bengaluru, with the company indicating plans to expand to more cities, although there hasn’t been a meaningful update since. The Aerox-E will be available in Delhi, Bengaluru, Mumbai, Pune and Chennai, giving it slightly wider reach, but both remain niche offerings at the premium end of the electric scooter market.

Yamaha का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगी 117 km की IDC रेंज, जानें कीमत

Yamaha Aerox E: Yamaha ने भारत में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox E लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.82 लाख रुपये (दिल्ली) रखी गई है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल पेश किया गया था और अब इसे भारत के कुछ शहरों में खरीदने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल Yamaha Aerox E दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और पुणे में बिक्री के लिए उपलब्ध है। बता दें कि यह इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मौजूद Ather 450 Apex, TVS X और Ola S1 Pro जैसे दमदार इलेक्ट्रिक स्कूटर को टक्कर देगा।

पावरट्रेन और रेंज

Yamaha Aerox E में दो 1.5kWh की हटाने योग्य (Removable) बैटरी पैक दिए गए हैं। इसमें Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) लगी है, जो 9.4 kW (12.60hp) की पावर और 48Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक स्कूटर फुल चार्ज होने पर 117 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज दे सकता है। वहीं, Power Mode में Boost फीचर ऑन करने पर इसकी टॉप स्पीड 95.5 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

बैटरी चार्जिंग की बात करें तो, एक बैटरी पैक को 0 से 100% चार्ज होने में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगता है। अगर दोनों बैटरियों को एक साथ चार्ज किया जाए, तो इन्हें पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 6 घंटे 20 मिनट लग सकते हैं।

Yamaha Aerox E का डिजाइन और डायमेंशन

देखने में, Aerox E काफी हद तक अपने पेट्रोल वाले मॉडल, Aerox 155 जैसी ही लगती है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव नया TFT डिस्प्ले है, जिसने ICE मॉडल वाले LCD कंसोल की जगह ली है। इसके अलावा, इसमें आपको शार्प बॉडीवर्क के साथ वही स्पोर्टी मैक्सी-स्कूटर स्टाइलिंग मिलती है। इस स्कूटर का व्हीलबेस 1,360mm और कर्ब वेट 139 kg है, जो इसे स्टैंडर्ड Aerox 155 से लगभग 13 kg भारी बनाता है।

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इसमें आगे की तरफ 110/80 टायर और पीछे की तरफ 140/70 टायर मिलते हैं, जो इसे बेहतर स्टेबिलिटी और स्पोर्टी राइडिंग अनुभव देने में मदद करते हैं।

Yamaha Aerox E के फीचर्स

Yamaha नई Aerox E में इकॉनमी, स्टैंडर्ड और पावर राइडिंग मोड देता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में बूस्ट मोड, रिवर्स मोड और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम भी है। इसकी अन्य खासियतों में Yamaha Y-Connect के साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, आगे और पीछे डिस्क ब्रेक, LED हेडलैंप और LED टेललैंप, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और सिंगल-चैनल ABS शामिल हैं।

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Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

A photo providing information on keeping the skin healthy and glowing during the rainy season

baarish ke mausam mein khubsurti ke tips: बदलते मौसम में आपकी त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है। अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए इस आसान रूटीन को फॉलो करें:ALSO READ: घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

 

1. डीप क्लींजिंग है सबसे पहला कदम

उमस के कारण चेहरे पर पसीना, धूल और गंदगी जल्दी जम जाती है, जिससे रोमछिद्र (pores) बंद हो जाते हैं। तो दिन में कम से कम दो बार यानी सुबह और रात को सोने से पहले एक माइल्ड यानी हल्के फेस वॉश से चेहरा साफ करें।

 

ऑयली स्किन के लिए: अगर चेहरा बार-बार तैलीय हो जाता है, तो मुल्तानी मिट्टी या नींबू और शहद का होममेड फेस पैक लगाएं। यह त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल को सोख लेता है।

 

2. जेंटल एक्सफोलिएशन (सौम्य स्क्रब)

हफ्ते में 1 या 2 बार त्वचा से डेड स्किन सेल्स यानी मृत कोशिकाओं को हटाना जरूरी है, लेकिन ध्यान रहे कि स्क्रब बहुत ज्यादा हार्ड न हो।

 

नेचुरल उपाय: बेसन, हल्दी और ओटमील/ जई का आटा को मिलाकर घर पर ही एक बेहतरीन नेचुरल स्क्रब तैयार कर सकते हैं। यह बिना किसी नुकसान के त्वचा को साफ करता है।

 

3. हाइड्रेशन को न करें नजरअंदाज

अक्सर लोग सोचते हैं कि मानसून में हवा में पहले से नमी है, तो मॉइस्चराइजर की क्या जरूरत? यहीं पर सबसे बड़ी गलती होती है।

 

अंदर से हाइड्रेशन: दिन में 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स/ विषाक्त पदार्थ बाहर निकल सकें।

 

सही मॉइस्चराइजर चुनें: भारी क्रीम की जगह वॉटर-बेस्ड या जेल-बेस्ड लाइट मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। हयालूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid) और ग्लिसरीन वाले प्रोडक्ट्स त्वचा की नमी को बिना चिपचिपाहट के लॉक रखते हैं।

 

4. धूप न हो, फिर भी सनस्क्रीन है जरूरी

बादल होने का मतलब यह नहीं है कि आपकी त्वचा सुरक्षित है। सूरज की हानिकारक यूवी किरणें बादलों को पार करके भी आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं और वक्त से पहले झुर्रियां ला सकती हैं।

 

टिप: घर से बाहर निकलते समय कम से कम SPF 30 या उससे ज्यादा वाली नॉन-कॉमेडोजेनिक यानी जो रोमछिद्रों को बंद न करे, यह सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

 

5. लाइट मेकअप और पर्सनल हाइजीन

वॉटरप्रूफ मेकअप: इस मौसम में हैवी फाउंडेशन या थिक मेकअप से बचें। अगर मेकअप करना जरूरी हो, तो केवल लाइट और वॉटरप्रूफ प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।

 

इन्फेक्शन से बचाव: यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो तुरंत साफ पानी से नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं। शरीर के मोड़ वाले हिस्सों- जैसे उंगलियों के बीच, गर्दन, अंडरआर्म्स को सूखा रखें ताकि फंगल इन्फेक्शन और खुजली की समस्या न हो।

 

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Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Features and specs compared

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec comparison

If you’re in the market for an electric midsize SUV priced around Rs 20 lakh, there are plenty of options to choose from. However, today we’ll be looking at the mid-spec Tata Sierra EV with the 63kWh battery, which starts at Rs 20.99 lakh, and the top-spec Maruti e Vitara with the 61kWh battery, priced at Rs 19.99 lakh. Let’s find out how these two midsize SUVs match up when pitted against each other in terms of their dimensions, technical specifications, features and price. 

Explore full specs, features and a price breakdown in our Sierra EV vs e Vitara comparison.

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Dimensions

Not only is the Tata EV the larger car here, it also has the bigger boot

Tata Sierra EV Adventure 63 vs Maruti e Vitara Alpha dimensions

 

Tata Sierra EV

Maruti e Vitara

Length (mm)

4,340

4,275

Width (mm)

1,841

1,800

Height (mm)

1,750

1,640

Wheelbase (mm)

2,730

2,700

Boot space (litres)

450

238

Frunk (litres)

55

–

Wheel size (inches)

18

18

Compared to the e Vitara, the Sierra EV is 65mm longer and has a 30mm longer wheelbase. It’s also 41mm wider and stands 110mm taller at the roof. Furthermore, the Sierra EV has the e Vitara beat in terms of luggage-carrying capacity too. Not only does the mid-spec Sierra EV feature a 55-litre frunk, which is missing altogether in the top-spec e Vitara, but the former’s primary boot is a full 212 litres bigger. While the top trim of the Sierra EV gets 19-inch wheels, the Adventure trim sticks to 18 inchers. However, all trims of the e Vitara come with 18-inch alloy wheels.

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Exterior features

The mid-spec Sierra EV gets more modern design touches on the outside than the e Vitara

Tata Sierra EV Adventure 63 vs Maruti e Vitara Alpha exterior features

 

Tata Sierra EV

Maruti e Vitara

LED projector headlamps

Yes (auto)

Yes (auto)

Connected light bar

Yes

No

Front fog lamps

Yes

Yes

Cornering lights

Yes

No

Welcome lights

Yes

No

Powered ORVMs

Yes (with auto-fold function)

Yes (with auto-fold function)

Flush door handles

Yes

No

Body cladding

Yes

Yes

Rear spoiler

Yes

Yes

Compared to the muscular bodywork of the Maruti e Vitara, the Tata Sierra EV sports a more upright and chiselled form. Some of the highlights that the Sierra EV gets but are missing on the e Vitara include additional lighting elements (with suave features like ‘Welcome’ and cornering units), plus front & rear LED light bars. The e Vitara, on the other hand, gets traditional handles for the front doors – the rear units are integrated into the doors. The e Vitara’s body cladding looks quite aggressive, while that of the Sierra EV looks more urbane.

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Interior features

Interior of the mid-trim Sierra EV offers a lot of premium-feeling yet useful amenities

Tata Sierra EV Adventure 63 vs Maruti e Vitara Alpha interior features

 

Tata Sierra EV

Maruti e Vitara

Infotainment screen

12.3-inch

10.1-inch

Digital driver’s display

10.25-inch

10.25-inch

Panoramic sunroof

Yes (voice assisted)

No (fixed single-pane)

Wireless charger

Yes

Yes

Driver’s seat adjustment

6-way manual

10-way powered

Co-driver’s seat adjustment

4-way manual

4-way manual

Thigh-support extender

Yes

No

‘Boss’ mode

Yes

No

Ventilated front seats

Yes

Yes

Automatic climate control

Yes (single-zone)

Yes (dual-zone)

Cooled glovebox

Yes

No

Ambient lighting

Yes

Yes

Audio system

12-speaker JBL Black

8-speaker Infinity

Dolby Atmos

Yes

No

Apple CarPlay & Android Auto

Yes (wireless)

Yes (wireless)

USB Type-C ports

Yes (4 ports)

Yes (4 ports)

Connected car tech

Yes

Yes

Voice assistant

Yes (multiple)

Yes

OTA updates

Yes

Yes

EV route planner

Yes

Yes

Gaming

Yes

No

Rear sunblinds

Yes

No

The interior feature set of the mid-spec Tata Sierra EV Adventure trim is more comprehensive than that of the top-spec Maruti e Vitara. Adding to its creature comforts is the extendable under-thigh support function for the front seats, a ‘boss’ mode to liberate more room at the back, a cooled glovebox, rear sunshades, plus a more premium audio system.

The Tata SUV also gets a large touchscreen, a voice-assisted panoramic sunroof, the brand’s new ‘AirConsole’ gaming system, and native and Amazon Alexa voice assistants. Furthermore, the Sierra EV comes with three 65-watt and one 15-watt Type-C chargers. The e Vitara also gets four USB ports, but they do not support such rapid charging rates.

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Other features

Both cars are fairly comparable on this front

Tata Sierra EV Adventure 63 vs Maruti e Vitara Alpha other features

 

Tata Sierra EV

Maruti e Vitara

Drive modes

Yes (3)

Yes (3)

Terrain modes

Yes (4)

Yes (1)

V2V and V2L

Yes

No

AVAS

Yes

Yes

Where the Sierra EV gets vehicle-to-load (V2L) and vehicle-to-vehicle (V2V) functions, the e Vitara does not. The Maruti EV gets just the Snow terrain mode, while the Sierra EV offers Normal, Wet/Rain, Rough and Custom settings. Both cars feature AVAS, or Acoustic Vehicle Alerting System to alert other road users of their presence.

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Safety features

The Tata EV packs a lot more safety nannies than the e Vitara

Tata Sierra EV Adventure 63 vs Maruti e Vitara Alpha safety features

 

Tata Sierra EV

Maruti e Vitara

Airbags

6

7

ABS with EBD

Yes

Yes

Electronic stability program

Yes

Yes

Hill-hold assist

Yes

Yes

Hill-descent control

Yes

Yes

TPMS

Yes

Yes

360-degree camera

Yes

Yes

Electronic parking brake

Yes (with auto-hold function)

Yes (with auto-hold function)

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

Rain-sensing wipers

Yes

Yes

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

ISOFIX

Yes

Yes

Rear wiper and defogger

Yes

Yes

All-wheel disc brakes

Yes

Yes

Level 2 ADAS

Yes

Yes

The Maruti e Vitara Alpha trim’s Level 2 ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) includes adaptive cruise control, front collision warning, auto-emergency braking, blind-spot warning, rear cross-traffic alert, lane-departure warning with lane-departure prevention and adaptive high-beam assist. These are all safety equipment that the Sierra EV offers as well. However, the e Vitara comes with 7 airbags, while the Sierra EV gets the usual 6. Both models get surround-view cameras, front & rear parking sensors, an SOS calling function and an electronic parking brake with auto-hold.

Tata Sierra EV mid-spec vs Maruti e Vitara top-spec: Range and performance

While their battery capacities are comparable, the Sierra EV boasts a distinct power advantage

Tata Sierra EV Adventure 63 vs Maruti e Vitara Alpha range and performance

 

Tata Sierra EV

Maruti e Vitara

Battery size (kWh)

63

61

Electric motor setup

Single motor, rear

Single motor, front

Drive layout

RWD

FWD

Power (hp)

238

174

Torque (Nm)

315

193

Claimed 0-100kph

–

8.7 seconds

Claimed range (km)

535

543

AC charging

8.9 hrs at 7.2kW (10-100%)

9 hrs at 7.4kW (10-100%)

DC fast charging

25 mins at 110kW (20-80%)

45 mins at 70kW (10-80%)

In terms of battery size, the Sierra EV’s mid-spec variant possess a capacity advantage of 2kWh over the top-spec e Vitara. However, it’s the Maruti EV that manages more range – albeit the difference here is minimal. The Sierra EV’s rear-mounted electric motor is also punchier, offering 64hp and 122Nm more than the e Vitara’s peak output figures.

While both cars are equipped with a single electric motor, the Sierra’s unit powers the rear wheels instead of the front ones. This also means that the Sierra EV should be able to put its power down better than the front-wheel-drive e Vitara, especially on inclines or when the vehicle’s fully loaded. Tata Motors hasn’t specified the 0-100kph time of the mid-spec Sierra EV, but Maruti Suzuki claims that the top-spec e Vitara can do it in 8.7 seconds.

Both Sierra EV and e Vitara support similar AC charging speeds, thus requiring a comparable amount of time to go from 10-100 percent SoC. However, the Tata SUV is capable of accepting higher DC fast-charging rates, which allows it to reach 80 percent SoC ahead of the e Vitara. That said, the Maruti EV DC charging time accounts for the time taken for the battery to go from 10-80 percent, instead of the Sierra EV’s 20-80 percent.

Conclusion

The top-spec Maruti e Vitara Alpha variant is priced at Rs 20.00 lakh, while the mid-spec Tata Sierra EV 63 Adventure variant is priced at Rs 20.99 lakh. While the e Vitara offers 7 airbags and a little extra claimed range, the Sierra EV with the 63kWh battery pack and in the Adventure trim offers better value overall. It has more power, larger dimensions and a lengthy list of features – all of which make the Tata Sierra EV a better value-for-money buy here.

Prices mentioned are ex-showroom, Delhi.

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उत्तर प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार

UP Forest Department: पौधरोपण महायज्ञ (12 जुलाई-2026) को 35 करोड़ व अन्य विशिष्ट आयोजनों पर पौधरोपण के लिए वन विभाग ने सारी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए प्रदेश की 2600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। वन विभाग की नर्सरियों में 52.46 करोड़, उद्यान में 1.55 करोड़, रेशम में 44 लाख व निजी नर्सरियों में 3.17 करोड़ पौधे तैयार हो चुके हैं। पौधरोपण के लिए वन विभाग की 1939, उद्यान की 146, रेशम विभाग की 55 पौधशाला, 499 निजी पौधशाला से सभी विभागों, जनपदों, मंडलों को पौधे दिए जा रहे हैं। 

केंद्र सरकार के विभाग भी लगाएंगे पौधे 

केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) सर्वाधिक 15 करोड़ से अधिक पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज 1.22 करोड़ व राजस्व विभाग एक करोड़ पौधे रोपित करेगा। वहीं केंद्र सरकार के रेलवे की तरफ से 12 लाख, रक्षा मंत्रालय की तरफ से 7 लाख पौधरोपण किया जाएगा। 

UP Forest Department

मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार) अदिति शर्मा ने कहा कि पौधरोपण महायज्ञ-2026 के लिए नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार हो गए हैं। 12 जुलाई को होने वाले उत्सव के लिए मंडल, जनपद व विभागवार निरंतर पौध वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनसहभागिता और सभी विभागों के संयुक्त प्रयास से यह महायज्ञ अभूतपूर्व होगा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

9 जुलाई को होगा Nissan Tekton का ग्लोबल डेब्यू, Creta-Seltos को देगी कड़ी टक्कर

Nissan 9 जुलाई को अपनी बिल्कुल नई SUV Tekton ग्लोबल लेवल पर पेश कर सकती है, जिससे इसकी वापसी भारत के तेजी से बढ़ते मिड-साइज SUV सेगमेंट में होगी। वहीं, ग्लोबल लॉन्च से पहले जापानी कार कंपनी ने Nissan Tekton के कुछ ऑफिशियल टीजर जारी किए हैं। इसके अलावा कई स्पाई शॉट्स भी सामने आए हैं, जिनसे SUV के डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आई हैं।

उम्मीद है कि Nissan Tekton के प्लेटफॉर्म और मैकेनिकल पार्ट्स Renault Duster जैसे ही होंगे। इसके अलावा, यह SUV भारतीय बाजार में Hyundai Creta, Kia Seltos, Tata Sierra, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder और Maruti Suzuki Victoris से मुकाबला करेगी।

हालांकि भारत में निसान टेक्टॉन की लॉन्च की तारीख का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के कुछ महीनों के अंदर ही यह SUV देश में आ जाएगी।

Nissan Patrol से प्रेरित डिजाइन

Nissan Tekton का डिजाइन कंपनी की खास SUV, Nissan Patrol से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए इसे अक्सर ‘Baby Patrol’ कहा जाता है। वहीं, SUV के ऑफिशियल टीजर से इसके बोल्ड फ्रंट लुक का पता चलता है, जिसमें Nissan की सिग्नेचर ग्रिल, C-शेप के LED हेडलैंप और ऊंचा व मजबूत स्टांस देखने को मिलता है।

हाल ही में आई स्पाई तस्वीरों से SUV के पिछले हिस्से के डिजाइन का भी पता चला है। नई तस्वीर में कनेक्टेड LED टेललैंप दिख रहे हैं, जो काफी हद तक Renault Duster जैसे हैं, हालांकि इनकी लाइटिंग स्टाइल में थोड़ा बदलाव किया गया है। अपनी Renault सिस्टर कार की तरह, इस SUV के टेलगेट पर बड़े अक्षरों में ‘TEKTON’ लिखा है, जबकि पिछले बंपर का डिजाइन ज्यादा साफ-सुथरा और सिंपल है।

कुल मिलाकर, Duster के साथ अपना प्लेटफॉर्म शेयर करने के बावजूद, इस SUV में Nissan का खास स्टाइल बरकरार रहने की उम्मीद है।

अनुमानित फीचर्स

Nissan ने अभी तक पूरी इक्विपमेंट लिस्ट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि टेक्टॉन में कई तरह के फीचर्स का पैकेज मिलेगा।

अनुमान के मुताबिक, Tekton में बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, वायरलेस फोन चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, कई ड्राइव मोड्स और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स मिल सकते हैं।

सेफ्टी के मामले में भी यह SUV काफी मजबूत हो सकती है। इसमें 6 एयरबैग, 360-डिग्री कैमरा और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।

इंजन विकल्प (अनुमानित)

उम्मीद है कि Nissan Tekton का पावरट्रेन लाइन-अप Renault Duster जैसा ही होगा।

इसके एंट्री-लेवल वेरिएंट में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 100 PS की पावर और 160 Nm का टॉर्क देगा। इसे छह-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा।

वहीं, इसके टॉप वेरिएंट्स में 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो 163 PS की पावर और 280 Nm का टॉर्क देगा। इस इंजन के साथ छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, दोनों विकल्प मिलने की संभावना है। दोनों पेट्रोल इंजन E20 फ्यूल के अनुकूल हैं।

इसके अलावा, इस SUV में Renault का Strong Hybrid E-Tech 160 पावरट्रेन भी मिलने की उम्मीद है। इसमें 1.8-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ 1.4 kWh का बैटरी पैक दिया गया है, जो कुल मिलाकर 160 PS की पावर और 172 Nm का टॉर्क देता है। साथ ही, यह शहर में गाड़ी चलाते समय काफी हद तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर चलने की सुविधा भी देता है।

प्रोडक्शन, अनुमानित कीमत और भारत में लॉन्च

Nissan Tekton को चेन्नई में Renault-Nissan Alliance प्लांट में बनाया जाएगा, जो घरेलू और एक्सपोर्ट दोनों मार्केट के लिए गाड़ियां बनाता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी आधिकारिक कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन भारत में Nissan Tekton की कीमत 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच होने की उम्मीद है। वहीं इसकी लॉन्च कीमत, या भारत में Tekton की कीमत, इसके मार्केट में आने के समय के आस-पास कन्फर्म की जाएगी।

9 जुलाई को होने वाली अनवीलिंग (पहली झलक) से इसके स्पेसिफिकेशन्स और इंटरनेशनल लॉन्च प्लान के बारे में और जानकारी मिलेगी। हालांकि Nissan ने अभी तक भारत में Nissan Tekton की लॉन्च डेट कन्फर्म नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि ग्लोबल डेब्यू के बाद यह SUV देश के मिड-साइज SUV सेगमेंट में Nissan की लंबे समय बाद वापसी को दर्शाएगी।

कॉम्पिटिटिव कीमत, कई पावरट्रेन ऑप्शन और बेहतरीन फीचर्स के साथ, Tekton के हाल के वर्षों में Nissan India के सबसे अहम नए लॉन्च में से एक बनने की उम्मीद है।

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Thali Price: घर का खाना हुआ महंगा, 5 महीने के हाई पर शाकाहारी और नॉन-वेज थाली की कीमत

Thali Price: जून में घर पर बनने वाली शाकाहारी और नॉन-वेज थाली दोनों की लागत पिछले पांच महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह टमाटर, प्याज, खाद्य तेल, रसोई गैस (LPG) और ब्रॉयलर चिकन की बढ़ती कीमतें रहीं। यह जानकारी Crisil Intelligence की मासिक Roti Rice Rate रिपोर्ट में दी गई है।

जून में शाकाहारी थाली की कीमत 28.4 रुपये रही, जो मई में 27.4 रुपये थी। यानी एक महीने में इसमें 4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, जून 2025 के मुकाबले यह 5% महंगी हो गई। दूसरी ओर, नॉन-वेज थाली की कीमत 58.2 रुपये रही, जो मई में 56.5 रुपये थी। यह मासिक आधार पर 3% और पिछले साल के मुकाबले 6% महंगी हुई।

टमाटर ने सबसे ज्यादा बढ़ाया खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, टमाटर की कीमत एक साल में 31% बढ़कर 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। जून 2025 में यह 32 रुपये प्रति किलो थी। फरवरी और मार्च में ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से गर्मियों की फसल की बुआई देर से हुई और उत्पादन भी कम रहा। इसी कारण टमाटर महंगा हुआ।

वहीं, प्याज की कीमत सालाना आधार पर 2% बढ़ी, क्योंकि बाजार में महंगे रबी स्टॉक की आवक शुरू हुई। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य तेल और LPG सिलेंडर की कीमतों में भी सालाना 10-10% की बढ़ोतरी हुई। इसकी एक वजह पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होना भी रही।

मई के मुकाबले जून में टमाटर 17%, आलू 5% और प्याज 8% महंगे हुए। इसी वजह से जून में शाकाहारी थाली की लागत और बढ़ गई। हालांकि, आलू की कीमतों में 14% की गिरावट आई। नई रबी फसल आने से इसकी कीमत कम हुई। इससे थाली की लागत में बढ़ोतरी कुछ हद तक सीमित रही।

नॉन-वेज थाली क्यों हुई महंगी?

नॉन-वेज थाली की कीमत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ब्रॉयलर चिकन रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रॉयलर की कीमत सालाना आधार पर करीब 7% बढ़ी, जबकि महीनेभर में इसमें करीब 2% की तेजी आई।

Crisil के अनुसार, नॉन-वेज थाली की कुल लागत का करीब आधा हिस्सा ब्रॉयलर पर निर्भर करता है। भीषण गर्मी की वजह से सप्लाई कम रही, जिससे चिकन की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली।

EPFO Pension: 10 साल नौकरी के बाद हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

EPFO Pension: 10 साल नौकरी के बाद हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

EPFO Pension:  श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 29 जून को Employees’ Pension Scheme (EPS) 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसके साथ ही EPS-1995 और 1971 फैमिली पेंशन स्कीम की जगह अब नई EPS-2026 लागू हो गई है। ऐसे में करीब 6 करोड़ EPFO सदस्यों के मन में सवाल है कि क्या अब पेंशन के नियम बदल गए हैं? क्या ज्यादा पेंशन मिलेगी? या रिटायरमेंट प्लानिंग में कुछ बदलाव करना होगा?

राहत की बात यह है कि मंथली पेंशन निकालने का फॉर्मूला और 10 साल की न्यूनतम सर्विस वाला नियम पहले जैसा ही रखा गया है।

10 साल की नौकरी पूरी करना जरूरी

अगर आप EPS के तहत हर महीने पेंशन चाहते हैं, तो आपको कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य नौकरी (Pensionable Service) पूरी करनी होगी। इसके बाद 58 साल की उम्र पूरी होने पर आपको मासिक पेंशन मिलनी शुरू होगी। अगर आप चाहें, तो 50 साल की उम्र के बाद कम पेंशन के साथ अर्ली पेंशन भी ले सकते हैं।

लेकिन अगर आपने 10 साल की नौकरी पूरी नहीं की, तो आपको हर महीने पेंशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आपके पास दो ही विकल्प होंगे। या तो EPS का पैसा निकाल लें, या स्कीम सर्टिफिकेट लेकर आगे की नौकरी में अपनी सर्विस जोड़ दें।

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कैसे निकलती है पेंशन?

EPFO एक फॉर्मूले के आधार पर पेंशन तय करता है।

मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70

यहां पेंशन योग्य वेतन का मतलब आपके आखिरी 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है। हालांकि, ज्यादातर कर्मचारियों के लिए इसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये मानी जाती है।

15,000 रुपये सैलरी पर कितनी मिलेगी पेंशन?

अगर आपकी पेंशन योग्य सैलरी 15,000 रुपये है, तो 10 साल की नौकरी पर आपको करीब 2,143 रुपये महीने की पेंशन मिलेगी। रकम भले ज्यादा न लगे, लेकिन यह जीवनभर मिलने वाली गारंटीड पेंशन होती है।

वहीं, 20 साल की नौकरी पूरी करने पर यह बढ़कर करीब 4,286 रुपये हो जाएगी। वहीं, 35 साल की अधिकतम पेंशन योग्य सेवा पूरी करने पर आपको 7,500 रुपये प्रति माह पेंशन मिल सकती है। जितनी लंबी आपकी सेवा होगी, उतनी ही ज्यादा पेंशन मिलेगी।

न्यूनतम पेंशन अभी भी 1,000 रुपये

फिलहाल EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह ही है। इसका मतलब है कि अगर 10 साल की नौकरी के बाद आपकी पेंशन 1000 रुपये से कम बनती है, तो उसकी भरपाई सरकार करेगा। मिसाल के लिए, अगर आपकी पेंशन 500 रुपये बनती है, तो बाकी 500 सरकार देगी।

न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 5,000 से 7,500 रुपये करने की मांग काफी समय से उठ रही है। पेंशनधारकों का कहना है कि महंगाई काफी बढ़ चुकी है, ऐसे में 1000 रुपये की न्यूनतम पेंशन किसी भी सूरतेहाल में पर्याप्त नहीं। हालांकि, सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है।

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नौकरी बदलते समय ये गलती न करें

अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो EPF और EPS को नई नौकरी में ट्रांसफर कराना जरूरी होता है। अगर 10 साल पूरे होने से पहले EPS की राशि निकाल लेते हैं, तो आपकी पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service) टूट सकती है। इससे भविष्य में मिलने वाली मासिक पेंशन पर असर पड़ सकता है।

नई नौकरी में UAN के जरिए EPF अकाउंट ट्रांसफर कराने से आपकी सर्विस लगातार जुड़ी रहती है। इससे 10 साल की पात्रता पूरी करने में आसानी होगी। फिर आपको रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का लाभ भी मिल सकेगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Bank Nifty View : ट्रंप के बयान ने मचाई अफरातफरी, बैंक निफ्टी 2% से ज्यादा टूटा, जानिए इंडेक्स पर क्या है मार्केट दिग्गजों की राय

Bank Nifty View : बुधवार दोपहर को बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त बिकवाली आई। इसके चलते बैंक निफ्टी 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयानों के बाद बाजार का मूड खराब हो गया, जिससे इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑफ बिकवाली (जोखिम से बचने के लिए बिकवाली) शुरू हो गई। फिलहाल, निफ्टी बैंक इंडेक्स 2.10 प्रतिशत गिरकर 56,977 के आसपास आ गया है जो 57,000 के स्तर से काफी नीचे है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 2.30 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 2.08 प्रतिशत गिरा है। पूरे मार्केट पर भी भारी दबाव दिख रहा है। सेंसेक्स 1,514.13 अंक या 1.94 प्रतिशत गिरकर 76,666.59 पर और निफ्टी 462.40 अंक या 1.90 प्रतिशत गिरकर 23,936.30 पर आ गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 25 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, जो मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ने का संकेत है।

ट्रंप के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, बिकवाली (selloff) और तेज़ हो गई। ट्रंप के इस बयान से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट पर इसके संभावित असर को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।

बैंकिंग शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली आई है। यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इसके शेयर लगभग 3.4 प्रतिशत गिरे हैं। इसके बाद बैंक ऑफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। ICICI बैंक, केनरा बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक, यस बैंक, HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, इंडसइंड बैंक, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा। इनमें 1 से 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है।

बैंक निफ्टी टेक्निकल व्यू

बुधवार को आई इस भारी गिरावट के बावजूद, एनालिस्ट बैंक निफ्टी के बड़े टेक्निकल स्ट्रक्चर को अभी भी पॉजिटिव मान रहे हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है और 58,600-58,700 का जोन अभी भी अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। अगर यह इंडेक्स लगातार इस रेंज से ऊपर बना रहता है, तो इसके लिए 59,000 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

दूसरी ओर एनालिस्ट 57,800-57,500 के दायरे को निकट भविष्य के लिए एक अहम सपोर्ट जोन मान रहे हैं। बजाज ब्रोकिंग ने 57,000-56,800 के दायरे को एक अहम डिमांड एरिया बताया है, जहां पिछले तीन हफ्तों में खरीदारी देखी गई है। उनका कहना है कि अगर यह सपोर्ट जोन बना रहता है, तो मौजूदा कंसोलिडेशन को अच्छे बैंकिंग शेयरों को धीरे-धीरे जमा करने के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए।

Trading Strategy : अभी फिलहाल कोई नया ट्रेड नहीं है, पश्चिम एशिया में होने वाले एक्शन पर बनी रहे नजर

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