DLF The Dahlias: ₹271 करोड़ में बिक गया डीएलएफ का सुपर-लग्जरी पेंटहाउस! गुरुग्राम के ‘द डहेलियाज’ में हुई मेगा डील

DLF The Dahlias Penthouse Sold: देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने गुरुग्राम में स्थित अपने अपकमिंग सुपर-लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में एक पेंटहाउस ₹271 करोड़ में बेचा है। प्रति वर्ग फुट की दर से देखा जाए तो यह भारतीय रियल एस्टेट इतिहास के सबसे महंगे मकान सौदों में से एक बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस अल्ट्रा-लग्जरी पेंटहाउस को इम्पीरियल ऑटो से जुड़े उद्यमी मानव सरदाना ने खरीदा है।

₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट पर हुई डील 

डीएलएफ के इस पेंटहाउस की कीमतें और इसका साइज देखकर हर कोई हैरान है। इस पेंटहाउस का सुपर एरिया 17,200 वर्ग फुट और कारपेट एरिया 10,500 वर्ग फुट है। सुपर एरिया के हिसाब से यह सौदा करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट में हुआ है। वहीं अगर कारपेट एरिया के आधार पर गणना करें, तो इसकी कीमत ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फुट बैठती है।

डीएलएफ ने अक्टूबर 2024 में गुरुग्राम के DLF Phase 5 में 17 एकड़ में फैले इस सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहेलियाज’ को लॉन्च किया था। इस प्रोजेक्ट में कुल 420 अपार्टमेंट और पेंटहाउस शामिल हैं।

₹40,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट, 65% यूनिट्स बिकीं

डीएलएफ को ‘द डहेलियाज’ प्रोजेक्ट से ₹40,000 करोड़ से अधिक के कुल रेवेन्यू की उम्मीद है। लॉन्च के बाद से अब तक इस प्रोजेक्ट की 65% से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। इस प्रोजेक्ट में नॉर्मल अपार्टमेंट की कीमत ₹100 करोड़ से ₹170 करोड़ के बीच है, जबकि पेंटहाउसेज की कीमत इससे भी ज्यादा है।

कोरोना महामारी के बाद से ही देश के प्रमुख 7 बड़े शहरों में लग्जरी और सुपर-लग्जरी अपार्टमेंट्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जिसमें गुरुग्राम और मुंबई सबसे आगे बने हुए हैं।

डीएलएफ का बिजनेस आउटलुक और Q1 नतीजे

चालू वित्त वर्ष (FY27) की पहली तिमाही में कोई नया प्रोजेक्ट लॉन्च न होने के कारण डीएलएफ की सेल्स बुकिंग 94% घटकर ₹657 करोड़ रह गई थी। इसके बावजूद कंपनी अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है। वित्त वर्ष 2025-26 में डीएलएफ ने ₹20,143 करोड़ की सेल्स बुकिंग दर्ज की थी।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी ने ₹20,000 करोड़ के सालाना सेल्स बुकिंग गाइडेंस को हासिल करने का भरोसा जताया है। जून तिमाही में कुल आय घटकर ₹1,605.56 करोड़ रहने के बावजूद डीएलएफ का समेकित शुद्ध लाभ 4% बढ़कर ₹793.90 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CBSE Class 12 Compartment Result 2026: सीबीएसई कब जारी करेगा 12वीं के कंपार्टमेंट का रिजल्ट, यहां जानें स्कोरकार्ड डाउनलोड कर करने के स्टेप्स

CBSE Class 12 Compartment Result 2026: शैक्षिक सत्र 2025-26 में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से 12 कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्रों की 28 जुलाई को कंपार्टमेंट परीक्षा हुई है। इसके बाद से सभी छात्र अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। मीडिया में आ रही खबरों में कहा जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड इस हफ्ते कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा कर सकता है। रिजल्ट लिंक एक्टिवेट होने के बाद छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और दूसरे रिजल्ट प्लेटफॉर्म के जरिए अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकेंगे।

सीबीएसई कक्षा 12 सप्लीमेंट्री परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा ने उन स्टूडेंट्स को एक और मौका दिया जो नियमित बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर पाए थे या अपना प्रदर्शन सुधारने का मौका चाहते थे, ताकि वे जरूरी शैक्षिक मानदंड को पूरा कर सकें। सीबीएसई बोर्ड ने अभी तक कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा के लिए कोई कन्फर्म तारीख और समय नहीं बताया है। हालांकि, रिजल्ट अगस्त 2026 के दूसरे हफ्ते में जारी होने की उम्मीद है।

सीबीएसई कक्षा 12 रिजल्ट 2026: स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के स्टेप्स

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर सीबीएसई कक्षा 12 रिजल्ट 2026 से जुड़े लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर बने रहें :

  • सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट या सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 से जुड़ा लिंक देखें।
  • रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • रोल नंबर के साथ जरूरी एग्जामिनेशन क्रेडेंशियल डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करें।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट या प्रोविजनल मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करें।
  • मार्कशीट को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे ताजा जानकारी के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक सीबीएसई वेबसाइट, cbse.gov.in देखते रहें। बोर्ड के आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद रिजल्ट लिंक एक्टिवेट होने की उम्मीद है।

सीबीएसई 12वीं कक्षा कम्पार्टमेंट रिजल्ट के बाद क्या?

जो छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा में सफल होते हैं, वे एडमिशन या एकेडमिक फॉर्मैलिटीज को पूरा करते समय, जहां भी लागू हो, अपने अपडेटेड रिजल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। जो लोग प्रवेश के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने-अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी की रिक्वायरमेंट और डेडलाइन भी चेक कर लेनी चाहिए।

सीबीएसई कम्पार्टमेंट परीक्षा क्यों कराता है?

कम्पार्टमेंट परीक्षा छात्रों को नियमित बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट घोषित होने के बाद अपने शैक्षिक परिणाम को बेहतर बनाने का एक अतिरकक्त मौका देता है। यह उन छात्रों के लिए खास तौर पर जरूरी हो सकता है जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए अपनी योग्यता जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई सब्जेक्ट क्लियर करना होता है। जो छात्र अंडरग्रेजुएट कोर्स करने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए रिजल्ट यह भी तय कर सकता है कि वे कॉलेज या यूनिवर्सिटी द्वारा तय न्यूनतम योग्यता मानदंड को पूरा करते हैं या नहीं।

NEET UG Counselling 2026:दिव्यांग छात्रों के लिए एमसीसी ने असेसमेंट फ्रेमवर्क में बदलाव का नोटिस किया जारी, बोर्ड करेगा विकलांगता का आकलन

Govinda: ‘वो गालियां देती हैं और मैं सह लेता हूं…’, सुनीता आहूजा के चीटिंग के आरोपों पर बोले गोविंदा

Govinda: सुनीता आहूजा ने अक्सर सबके सामने बॉलीवुड एक्टर गोविंदा के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफ़ेयर और अपनी को-स्टार्स के साथ बेवफाई के बारे में बात की है। हाल ही में हुई एक बातचीत में, गोविंदा ने इन आरोपों पर बात की और इन दावों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने सुनीता से यह भी पूछा कि क्या वह कामयाबी पाने के लिए उनकी बुराई कर रही हैं।

‘वो गालियां देती हैं और मैं सह लेता हूं’

एएनआई से बात करते हुए गोविंदा ने माना कि सुनीता ने भले ही पहले ऐसे आरोप लगाए हों, लेकिन उनके घर में बच्चों की परवरिश की ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। उन्होंने कहा, “इतने प्यार से मुझे गालियां देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि लोग जहां भी हों और ईश्वर ने उन्हें जो भी भूमिका सौंपी हो-जिस भी स्थान पर वे हों-उनके बिना हम सफल नहीं हो पाते। हम वो नहीं होते जो आज हैं। हमारे परिवार के कई बच्चे बड़े हो चुके हैं और उन पर उनका पूरा हक है। वो उनके प्रति दयालु भी थीं।”

‘क्या सफलता पाने के लिए बुरी बातें कहना ज़रूरी है?’

गोविंदा ने इशारा किया कि सुनीता ने उनके बारे में सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू करने के बाद से ही सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी बहुत सी बातें हैं जो अनकही रह जाती हैं- ऐसी बातें जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अगर मैं इन मामलों की बस एक झलक बाहर से दिखाऊं, तो क्या वाकई दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत होगी? लोग अक्सर इसे बचने का तरीका समझते हैं। क्या सफलता पाने के लिए अपनों की बुराई करना जरूरी है? यह थोड़ा आसान है। सुनीता इसे चतुराई से करती हैं। वह तारीफ के चार शब्द कहती हैं या शायद तारीफ स्वाभाविक रूप से निकल आती है और फिर आलोचना करती हैं। मुझे इसमें ज़्यादा प्यार नजर आता है।”

‘ची-ची के कई अफ़ेयर थे’

सुनीता हाल ही में खत्म हुए शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट थीं। शो में अपने छोटे से समय के दौरान, सुनीता ने गोविंदा के कथित अफ़ेयर के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “प्यार में, आपको सब कुछ बर्दाश्त करने की हिम्मत होनी चाहिए। ची-ची के जीवन में कई अफ़ेयर रहे; खैर, हीरो और हीरोइन के साथ ऐसा होता ही है। मुझे लगता है कि इतने सालों तक ची-ची का साथ देने के बाद, मैं उनके जैसे बेटे की हकदार हूं।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा के बारे में

गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय, वह पहले से ही बॉलीवुड स्टार थे। उन्होंने अपने करियर की वजह से लगभग दो साल तक अपनी शादी को छिपाकर रखा और अपनी बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद इसे सबके सामने ज़ाहिर किया। बाद में, उनके बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।

रिटायरमेंट प्लानिंग होगी बेहद आसान! पेंशनबाजार ने कॉर्पोरेट NPS सर्विस की मजबूत; कर्मचारियों और कंपनियों को होगा बड़ा फायदा

PensionBazaar Corporate NPS Services: पैसाबाजार के रिटायरमेंट प्लानिंग प्लेटफॉर्म ‘पेंशनबाजार’ ने अपनी कॉर्पोरेट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) फैसिलिटीज को और मजबूत किया है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनियों और संस्थानों के लिए अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट बेनिफिट्स देना बेहद आसान, सुचारू और डिजिटल बनाना है।

अक्सर प्रशासनिक झंझटों और कागजी कार्रवाई के कारण कंपनियां कॉर्पोरेट एनपीएस लागू करने से कतराती थीं। इस कमी को दूर करते हुए पेंशनबाजार ने एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड सिंगल-विंडो इंटरफेस तैयार किया है, जो ऑनबोर्डिंग से लेकर सर्विसिंग तक के सभी झंझटों को खत्म करता है।

पेंशनबाजार के हेड विश्वजीत गोयल ने कहा कि, ‘लोग अक्सर अपने करियर के आखिरी दौर में रिटायरमेंट के बारे में सोचते हैं। हमें मिलकर कंपाउंडिंग के फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ानी होगी, जिसका फायदा तभी मिल सकता है जब लोग जल्दी शुरुआत करें। हमारा लक्ष्य कॉर्पोरेट एनपीएस की ऑपरेशनल मुश्किलों को दूर करना और रिटायरमेंट प्लानिंग को हर कर्मचारी की वित्तीय यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा बनाना है।’

एंप्लॉयर और HR टीमों का काम हुआ आसान

पेंशनबाजार का यह डिजिटल प्लेटफॉर्म कॉर्पोरेट NPS लागू करने के हर चरण को आसान बनाता है:

डिजिटल ऑनबोर्डिंग व डॉक्यूमेंटेशन: एंप्लॉय ऑनबोर्डिंग, कॉन्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट और रिपोर्टिंग को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है।

ऑपरेशनल झंझट खत्म: मैन्युअल काम खत्म होने से कंपनियों की HR और फाइनेंस टीमों का समय बचता है, जिससे छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियां इसे आसानी से अपना सकती हैं।

कर्मचारियों के लिए एक जगह सभी सुविधाएं

कर्मचारियों के लिए भी रिटायरमेंट प्लानिंग का अनुभव अब काफी आसान हो गया है:

  • आसान डिजिटल एक्सेस: कर्मचारी घर बैठे डिजिटल रूप से अपनी ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
  • रियल-टाइम ट्रैकिंग: कर्मचारी अपने NPS अकाउंट की डिटेल्स देखने के साथ-साथ अपने रिटायरमेंट फंड की ग्रोथ पर लगातार नजर रख सकते हैं।
  • कम उम्र में प्लानिंग का मौका: वर्कप्लेस पर एनपीएस आसानी से मिलने के कारण युवा कर्मचारी करियर की शुरुआत से ही रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू कर सकते हैं।

वर्कप्लेस पर क्यों अहम हो रही है रिटायरमेंट प्लानिंग?

आमतौर पर कर्मचारी घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या अन्य तत्कालीन जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं और रिटायरमेंट को करियर के आखिरी पड़ाव के लिए टाल देते हैं। लेकिन अब कंपनियां सिर्फ सैलरी देने तक सीमित न रहकर कर्मचारियों के संपूर्ण वित्तीय कल्याण पर ध्यान दे रही हैं। पेंशनबाजार आसान डिजिटल अनुभव और सही जानकारी के जरिए कर्मचारियों को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नॉर्मल ECG के बाद भी हो सकती है दिल की बीमारी! इन 5 संकेतों को न करें नजरअंदाज

सिर्फ नॉर्मल ECG रिपोर्ट देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि आपका दिल पूरी तरह हेल्दी है। ECG दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी और धड़कन से जुड़ी कई जरूरी जानकारी देता है, लेकिन इससे दिल की हर बीमारी का पता नहीं चलता। डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट डिजीज के कई संकेत शुरुआत में काफी हल्के होते हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे में नॉर्मल ECG होने के बावजूद डॉक्टर से सलाह लेकर टेस्ट करवाना जरूरी है।

 

 कौन से टेस्ट करवाएं?

ECG दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है और डॉक्टरों को दिल की धड़कन और उसके काम करने के तरीके के बारे में जानकारी देता है। लेकिन सामान्य ECG का मतलब यह नहीं है कि दिल में कोई बीमारी या समस्या नहीं है। कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज है या नहीं, इसका पता केवल ECG से नहीं लगाया जा सकता। इसलिए लक्षण होने पर दूसरे जरूरी टेस्ट भी डॉक्टर की सलाह से करानी चाहिए।

 

दिल की बीमारी के लक्षण

दिल की बीमारी हमेशा तेज सीने के दर्द के साथ ही सामने आए, यह जरूरी नहीं है। कई बार शरीर पहले से छोटे-छोटे संकेत देने लगता है। सीढ़ियां चढ़ने पर पहले से ज्यादा सांस फूलना, बिना ज्यादा काम के थकान महसूस होना या आराम करते समय अचानक दिल की धड़कन बढ़ना ऐसे संकेत हो सकते हैं। इन्हें सिर्फ कमजोरी, तनाव या कम फिटनेस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

 

ECG की नॉर्मल रिपोर्ट

कई लोग नॉर्मल ECG रिपोर्ट आने के बाद यह मान लेते हैं कि उनका दिल पूरी तरह स्वस्थ है। इसी वजह से वे शरीर में दिखने वाले दूसरे लक्षणों पर ध्यान नहीं देते। डॉक्टर के मुताबिक, अगर कोई परेशानी बार-बार हो रही है और आराम करने के बाद भी ठीक नहीं हो रही, तो टेस्ट करवाना जरूरी है। नॉर्मल रिपोर्ट के बावजूद लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

 

जरुरी चेकअप

डॉ. चंदोला के अनुसार, दिल की बीमारी के शक में ECG और लिपिड प्रोफाइल शुरुआती जांच हो सकती हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए सिर्फ ये टेस्ट काफी नहीं होते। डॉक्टर मरीज की उम्र, लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और हार्ट डिजीज के रिस्क को देखकर दूसरी टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। इनमें कोरोनरी कैल्शियम स्कोर, कोरोनरी आर्टरी की जांच, नींद की क्वालिटी और परिवार में पहले की दिल की बीमारी को भी देखा जा सकता है।

 

समय पर ध्यान दें

दिल से जुड़े लक्षणों को गंभीर होने का इंतजार करके नहीं छोड़ना चाहिए। अगर बार-बार सांस फूल रही है, लगातार थकान रहती है, धड़कन अचानक तेज होती है या शरीर के किसी हिस्से में असामान्य बेचैनी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। समय पर परेशानी की पहचान होने से सही इलाज शुरू किया जा सकता है और गंभीर स्थिति का रिस्क कम करने में मदद मिल सकती है।

दिल्ली के आस-पास रहने वाले इस लॉन्ग वीकेंड ले, घुमने के साथ-साथ शानदार कॉफी डेस्टिनेशन का मजा!

बारिश का मौसम और हाथ में गर्मागर्म कॉफी का कप हो तो लॉन्ग वीकेंड का मजा दोगुना हो जाता है। लॉन्ग वीकेंड पर रोज की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेकर दोस्तों या परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं, तो किसी खूबसूरत कॉफी कैफे का रुख कर सकते हैं। कॉफी के शौकीनों के लिए बारिश के मौसम में ऐसे कैफे घूमना और गर्मागर्म कॉफी की चुस्कियों का मजा लेना यादगार एक्सपीरियंस हो सकता है।

ग्राम स्ट्रीट कॉफी, गुरुग्राम

The view at this restaurant in Chamonix, France : r/nextfuckinglevel

अगर आप मॉनसून में किसी शांत और आरामदायक जगह पर बैठकर अच्छी कॉफी का आनंद लेना चाहते हैं, तो गुरुग्राम का ग्राम स्ट्रीट कॉफी एक बेस्ट डेस्टिनेशन है। यहां का खूबसूरत इंटीरियर, हल्की रोशनी और आरामदायक बैठने की फैसिलिटी लोगों को पहली ही नजर में पसंद आ जाती है। इस कैफे में आपको कई तरह की स्पेशल कॉफी के साथ स्वादिष्ट ब्रेकफास्ट, ब्रंच और डेजर्ट भी मिलते हैं। बारिश के मौसम में यहां बैठकर गर्म कॉफी की चुस्की लेना एक अलग ही एहसास देता है।

सबको कॉफी, ग्रेटर कैलाश

There is a café -- NATURE'S CORNER CAFÉ on the hill in Baishi Mountain Scenic Area, Hebei Province. Through the large floor-to-ceiling windows, people have a chance to enjoy the magnificent natural

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में सबको कॉफी अपनी बेहतरीन स्पेशल कॉफी और मॉडर्न माहौल है। यहां हर कप कॉफी को अच्छी क्वालिटी की कॉफी बीन्स से खास तरीके से तैयार किया जाता है, जिससे उसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। कैफे का इंटीरियर मॉडर्न होने के साथ-साथ बेहद आरामदायक भी है, इसलिए लोग यहां घंटों बैठकर समय बिताना पसंद करते हैं। मानसून में यहां कॉफी पीना और स्वादिष्ट स्नैक्स का टेस्ट लेना मजेदार होते है।

ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स, मेहरौली

Cup Of Coffee Tea On Wooden Table With Beautiful Mountain View At Sunrise Vacation Peaceful And Relaxing Atmosphere Serene Break, Coffee, Cup, Morning Background Image And Wallpaper for Free Download

मेहरौली में स्थित ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स भारत के सबसे लोकप्रिय स्पेशल कॉफी कैफे में गिना जाता है। यह कैफे अपनी प्रीमियम भारतीय कॉफी बीन्स के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां का शांत माहौल और आसपास की हरियाली इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। यहां एस्प्रेसो, पोर-ओवर, कोल्ड ब्रू और कई तरह की स्पेशल कॉफी का स्वाद लेने का मौका मिलता है।

पोर ओवर कॉफी रोस्टर्स, खान मार्केट

अगर आपको सुकून भरे माहौल में बैठकर आराम से कॉफी पीना पसंद है, तो खान मार्केट का पोर ओवर कॉफी रोस्टर्स आपके लिए शानदार जगह हो सकती है। यह कैफे अपनी खास ब्रूइंग टेक्निक और टेस्टी कॉफी के लिए जाना जाता है। यहां का शांत वातावरण किताब पढ़ने, लैपटॉप पर काम करने या दोस्तों के साथ लंबी बातचीत करने के लिए परफेक्ट है। हर कप कॉफी को बहुत ही ध्यान से तैयार किया जाता है, जिससे उसका टेस्ट स्पेशल बन जाता है।

 

बरिस्ता कॉफी कंपनी, वसंत विहार

बरिस्ता कॉफी कंपनी लंबे समय से कॉफी लवर की पसंदीदा जगहों में शामिल है। वसंत विहार इसका कैफे मानसून में और भी खूबसूरत लगता है। यहां का आरामदायक माहौल, अच्छी सर्विस और स्वादिष्ट कॉफी लोगों को बार-बार आने के लिए अट्रैक्ट करती है। बारिश के मौसम में यहां मिलने वाला तिरामिसू लाटे, रिच हॉट चॉकलेट और ताजे बेक किए गए स्नैक्स लोगों को काफी पसंद आते हैं।

पहली बार मार्केट में पैसा लगाने से पहले नोट कर लें ये 5 पॉइंट्स, नुकसान से बचाएगी समझदारी

First Time Investor Tips: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में पहली बार निवेश करना काफी रोमांचक हो सकता है, लेकिन बिना तैयारी के बाजार में उतरा गया एक गलत कदम आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकता है। अगर आप भी एक नए निवेशक हैं और पहली बार मार्केट में पैसा लगाने का मन बना रहे हैं, तो शुरुआत करने से पहले वित्तीय विशेषज्ञों के ये 5 सबसे जरूरी नियम जरूर नोट कर लें।

1. सबसे पहले बनाएं अपना फाइनेंशियल गोल

निवेश केवल पैसा लगाने का नाम नहीं है, बल्कि यह आपके भविष्य की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम है। पैसा लगाने से पहले यह स्पष्ट करें कि आप रिटायरमेंट, घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या वेल्थ क्रिएशन में से किस उद्देश्य के लिए निवेश कर रहे हैं। आपका लक्ष्य अल्पकालिक या दीर्घकालिक ही यह तय करेगा कि आपको इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में से किसमें पैसा लगाना चाहिए।

2. इमरजेंसी फंड तैयार रखें और जल्दी शुरुआत करें

बाजार में बड़ा दांव लगाने से पहले अपने पास एक सुरक्षा कवच यानी इमरजेंसी फंड जरूर रखें। अपनी किसी भी बड़ी इन्वेस्टमेंट से पहले 3 से 6 महीने के लिविंग एक्सपेंस को किसी आसानी से निकलने वाले सेविंग्स या लिक्विड अकाउंट में रखें। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान आपको पैनिक में अपने शेयर बेचने नहीं पड़ेंगे। इसके साथ ही जितनी जल्दी संभव हो छोटे-छोटे अमाउंट से इन्वेस्ट करना शुरू कर दें। शुरुआती निवेश से आपको पावर ऑफ कंपाउंडिंग का ज्यादा समय तक फायदा मिलता है।

3. ‘डाइवर्सिफिकेशन’ अपनाएं, सारा पैसा एक जगह न लगाएं

शेयर बाजार का सबसे पहला नियम है कि, ‘कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें’। अपने पैसे को किसी एक कंपनी या सिर्फ एक सेक्टर में लगाने के बजाय अलग-अलग एसेट क्लासेज इक्विटी, गोल्ड, डेट और अलग-अलग सेक्टर्स में बांटें। अगर आपका एक इन्वेस्टमेंट खराब परफॉर्म करता है, तो दूसरे स्टॉक्स या फंड्स आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस रखेंगे।

4. सोशल मीडिया की टिप्स से बचें, रीसर्च पर भरोसा करें

सोशल मीडिया फिनफ्लुएंसर्स, वॉट्सऐप टिप्स या मार्केट की अफवाहों के आधार पर कभी भी आंख बंद करके पैसा न लगाएं। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, बैलेंस शीट, कर्ज की स्थिति और वैल्यूएशन को समझें।म्यूचुअल फंड चुनते वक्त फंड मैनेजर के ट्रैक रिकॉर्ड, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) और एक्सपेंस रेशियो की जांच करें।

5. मार्केट टाइम करने के बजाय SIP का रास्ता चुनें

मार्केट में ‘बॉटम’ पर खरीदना और ‘टॉप’ पर बेचना लगभग असंभव है। इसलिए मार्केट टाइमिंग के चक्कर में न पड़ें। बाजार की चाल का अंदाजा लगाने के बजाय SIP या नियमित पीरियोडिक इन्वेस्टमेंट का जरिया अपनाएं। इससे बाजार के उतार-चढ़ाव में आपकी खरीदारी की लागत औसतन कम हो जाती है और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न पाने की संभावना बढ़ती है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है

ब्रोकरेज चार्ज, एक्सपेंस रेशियो, एसटीटी (STT) और कैपिटल गेन टैक्स जैसे खर्चों को नजरअंदाज न करें, क्योंकि ये आपके कुल रिटर्न को प्रभावित करते हैं। बाजार में गिरावट देखकर पैनिक में आकर अपने एसेट्स न बेचें और न ही ट्रेंडिंग शेयर्स के पीछे भागें। साथ ही साथ हर 6 महीने या एक साल में अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करें ताकि वह आपके फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से अलाइन रहे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NEET UG Counselling 2026:दिव्यांग छात्रों के लिए एमसीसी ने असेसमेंट फ्रेमवर्क में बदलाव का नोटिस किया जारी, बोर्ड करेगा विकलांगता का आकलन

NEET UG Counselling 2026: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में सफल छात्रों की काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू हो चुका है। इसके बाद छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए देश के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे। काउंसलिंग में हिस्सा लेने वाले दिव्यांग छात्रों के आकलन के लिए संशोधित दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन्हें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बेंचमार्क डिसएबिलिटी (PwBD) उम्मीदवारों के असेसमेंट के लिए जारी किया है।

इसके तहत 27 जुलाई को जारी डिसएबिलिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क के कुछ नियमों में बदलाव किया गया है, ताकि उन्हें सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ एम्पॉवरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटी की की ओर से जारी निर्देशों के अनुरूप बनाया जा सके। संशोधित गाइडलाइंस बेंचमार्क विकलांगता सर्टिफिकेशन और असेसमेंट से जुड़े नियमों को अपडेट करती हैं, जिनका पालन अब काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान तय विकलांगता मूल्यांकन बोर्ड करेंगे। इन बदलावों का मकसद PwBD कोटे के तहत एडमिशन चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए विकलांगता मूल्यांकन के नियमों को एक समान रूप से लागू करना है।

काउंसलिंग शेड्यूल बदलने पर जारी अटकलों का दौर

यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्ट्स के बीच आया है जिनमें दावा किया गया था कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की वेबसाइट पर राउंड 1 की चॉइस फिलिंग प्रक्रिया को टालने का एक नोटिस कुछ समय के लिए दिखाई दिया था। हालांकि उस नोटिस में काउंसलिंग की समय-सीमा में बदलाव का संकेत दिया गया था, लेकिन अभी आधिकारिक पोर्टल पर ऐसा कोई नोटिफिकेशन मौजूद नहीं है और एमसीसी ने संशोधित शेड्यूल के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ओसीआई और एनआरआई के लिए अलग एडवाइजरी

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने एनआरआई कोटे के तहत आवेदन करने वाले ओसीआई और एनआरआई उम्मीदवारों के लिए एक अलग से एडवाइजरी जारी की है। कमेटी ने कहा है कि ऐसे उम्मीदवारों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए सबसे पहले एमसीसी की एनआरआई दस्तावेज सत्यापन टीम से अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।

सत्यापन के बाद ही वे चॉइस फिलिंग प्रक्रिया के दौरान एनआरआई कोटे और अनारक्षित दोनों तरह की सीटें देख सकेंगे। एमसीसी ने कहा है कि ओसीआई और एनआरआई उम्मीदवारों को पंजीकरण के समय “क्या आप एनआरआई कोटा सीटों के लिए आवेदन करना चाहते हैं” वाले विकल्प में “हां” (Yes) चुनें और चॉइस फिलिंग के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस को समय रहते पूरा कर लें।

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