सदन को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों से खिलवाड़ कर रहा विपक्ष : CM योगी

UP Assembly Monsoon Session

UP Assembly Monsoon Session: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में समाजवादी पार्टी व विपक्षी सदस्यों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने सपा विधायकों के अभद्रतापूर्ण आचरण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी व विपक्ष का आचरण असंवैधानिक और शर्मनाक है। विपक्ष सदन की कार्यवाही को प्रभावित कर 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जिसे सभी प्रदेशवासी देख रहे हैं।

संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली संस्थाओं का अपमान 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र में सभी सदस्यों के पास बेहतरीन अवसर था कि वे 25 करोड़ जनता की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर सदन में उनसे जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा-परिचर्चा करें। लेकिन, जिन लोगों का लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है,  वे लोग संसदीय लोकतंत्र को पुष्ट करने वाली सभी संस्थाओं की अवमानना व अपमान करते हैं। समाजवादी पार्टी व विपक्ष का यह आचरण न केवल असंवैधानिक, बल्कि शर्मनाक भी है। 

सदन का बहुमूल्य समय नष्ट कर रहा विपक्ष 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दलीय नेताओं की बैठक व बिजनेस एडवाइजरी कमेटी के तहत पहले ही सदन का एजेंडा तय किया गया था, लेकिन विपक्षी दलों के सदस्यों ने उसके तहत सदन में विधायी कार्य या अनुपूरक बजट से जुड़े एक भी प्रस्ताव पर रुचि नहीं ली। इसके विपरीत ये लोग अनावश्यक मुद्दों को उठाकर सदन का बहुमूल्य समय नष्ट करना चाहते हैं। 

विपक्ष का संवैधानिक मूल्यों पर विश्वास नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन प्रारंभ होने से पहले ही दलीय नेताओं की बैठक में सत्ता पक्ष की ओर से मैंने व संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वस्त किया था कि नियम के अंतर्गत सदन में जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन पर चर्चा होगी और सरकार उसका जवाब भी देगी। लेकिन, सपा व विपक्षी दलों का सदन में चर्चा, संवैधानिक मूल्यों और सदन की उच्च परंपराओं पर विश्वास ही नहीं है। इनके द्वारा लगातार सदन को प्रभावित करके प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

25 करोड़ प्रदेशवासी देख रहे सपा का अलोकतांत्रिक आचरण 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आश्वस्त किया कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। पीठ के द्वारा नियम के अंतर्गत जिन भी मुद्दों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया जाएगा, उन सभी मुद्दों पर सरकार सार्थक चर्चा को बढ़ाना चाहती है, क्योंकि हमारी सरकार जनहित के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन, विपक्षी दलों ने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं किया, बल्कि ये लोग जानबूझकर सदन की अवमानना कर लोकतंत्र की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं। इन लोगों द्वारा लगातार सदन का माहौल खराब किया जा रहा है। प्रदेशवासी सपा के इस अलोकतांत्रिक आचरण को देख रहे हैं।

 

MP-CG में Jio का जलवा! ब्रॉडबैंड ग्राहक 21 लाख के पार, नए सस्ते Wi-Fi और TV कॉम्बो प्लान लॉन्च

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मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में रिलायंस जियो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 21 लाख के पार पहुंच गई है।भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, MP-CG सर्किल में जियोफाइबर और FWA आधारित जियोएयरफाइबर सेवाओं से 46 हजार से अधिक नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जुड़े हैं। इसी अवधि में एयरटेल के करीब 14 हजार नए ब्रॉडबैंड ग्राहक जुड़े।
 

रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में सभी टेलीकॉम कंपनियों के कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 35 लाख से अधिक हो चुकी है। इनमें अकेले जियो के ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 21 लाख से ज्यादा है। वहीं, मोबाइल सेवाओं में भी जियो का मजबूत प्रदर्शन जारी है और कंपनी के मोबाइल ग्राहकों की संख्या 5.05 करोड़ से अधिक हो चुकी है।

 

इस उपलब्धि के साथ जियोहोम ने डिजिटल मनोरंजन और हाई-स्पीड इंटरनेट को हर घर तक पहुंचाने के लिए नए और बेहद किफायती सर्विस पैक पेश किए हैं। कंपनी ने विशेष रूप से टीवी मनोरंजन पसंद करने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए ‘टीवी-ओनली’ पैक लॉन्च किया है।
 

‘टीवी-ओनली’ पैक

इस पैक के तहत ग्राहक प्रभावी रूप से मात्र 400 रुपये प्रति माह की लागत पर टीवी मनोरंजन का लाभ ले सकते हैं। यह पैक 2 महीने और 5 महीने की अवधि के विकल्पों में उपलब्ध है। इसके माध्यम से ग्राहक 1,000 से अधिक लाइव टीवी चैनलों का आनंद ले सकते हैं। इनमें 200 से अधिक HD चैनल और 15 से अधिक क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल शामिल हैं।

‘वाई-फाई-ओनली’ पैक

इसी तरह, केवल इंटरनेट की सुविधा चाहने वाले ग्राहकों के लिए ‘वाई-फाई-ओनली’ पैक भी उपलब्ध हैं। 30 Mbps स्पीड वाला पैक 2,200 रुपये में 5 महीने के लिए उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 450 रुपये प्रति माह है। वहीं, 100 Mbps स्पीड वाला पैक 3,000 रुपये में 5 महीने के लिए उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 600 रुपये प्रति माह है।

 

ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जियोहोम ने ऑल-इन-वन  विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। 3-इन-1 कॉम्बो पैक में 30 Mbps की इंटरनेट स्पीड, 1,000  लाइव टीवी चैनल और 12 OTT ऐप्स की सुविधा उपलब्ध है। यह पैक 2,222 रुपये में 4 महीने के लिए लिया जा सकता है, जिसकी प्रभावी मासिक लागत 555 रुपये प्रति माह है।वहीं, 100 Mbps स्पीड वाला कॉम्बो पैक 2,122 रुपये में 3 महीने के लिए उपलब्ध है। इसकी प्रभावी मासिक लागत 707 रुपये प्रति माह है।

 

इन नए पैक्स के माध्यम से जियोहोम ग्राहकों को उनकी जरूरतों और बजट के अनुरूप टीवी, मनोरंजन और हाई-स्पीड इंटरनेट के किफायती तथा सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध करा रहा है।

Tata की इलेक्ट्रिक कारों पर मिल रहा बड़ा डिस्काउंट, Curvv EV पर 3 लाख से ज्यादा का फायदा

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Tata EV Discounts August 2026: अगर आप अगस्त 2026 में नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो Tata Motors की डीलरशिप पर इस महीने कई आकर्षक ऑफर्स मिल रहे हैं। कंपनी चुनिंदा EV मॉडल और वेरिएंट पर कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर, स्क्रैपेज बेनिफिट और लॉयल्टी इंसेंटिव दे रही है। 

हालांकि, सभी इलेक्ट्रिक कारों पर एक जैसे फायदे नहीं मिलेंगे। अगस्त 2026 के ऑफर्स में Tigor EV और Sierra EV को शामिल नहीं किया गया है। वहीं, Tata Nexon EV पर इस महीने सबसे कम बेनिफिट मिल रहा है। कंपनी के ये ऑफर्स 31 अगस्त 2026 तक लागू रहेंगे। Tata Motors के अगस्त 2026 के ये ऑफर्स 31 अगस्त 2026 तक वैध हैं।

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Curvv EV पर सबसे ज्यादा फायदा

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अगस्त 2026 में Tata Motors की इलेक्ट्रिक कारों में Curvv EV पर सबसे ज्यादा डिस्काउंट मिल रहा है। इसके कुछ वेरिएंट पर ग्राहकों को अधिकतम 3.35 रुपए लाख तक के बेनिफिट मिल सकते हैं। Tata Curvv EV के चुनिंदा वेरिएंट पर 30,000 रुपए का एक्सचेंज बेनिफिट या 35,000 रुपए का स्क्रैपेज इंसेंटिव दिया जा रहा है।

इसके अलावा, मौजूदा Tata ग्राहक अगर अपनी पुरानी Tata ICE (पेट्रोल/डीजल) या EV को बदलकर नई Curvv X Series खरीदते हैं, तो उन्हें 30,000 रुपए का लॉयल्टी बेनिफिट भी मिल सकता है। इस तरह Curvv EV के X वेरिएंट पर ग्राहक अधिकतम 65,000 रुपए तक के लाभ का फायदा उठा सकते हैं।

 

Non-X Curvv EV पर 3.35 लाख रुपए तक की बचत

अगर ग्राहक Tata Curvv EV का Non-X वेरिएंट खरीदते हैं, तो अधिकतम बेनिफिट 3.35 रुपए लाख तक पहुंच सकता है। इसमें:3 लाख रुपए कैश डिस्काउंट। 35,000 स्क्रैपेज इंसेंटिव शामिल हैं।  Curvv EV Creative वेरिएंट पर 2.50 रुपए लाख का कैश डिस्काउंट दिया जा रहा है। अगर इसमें 35,000 रुपए का स्क्रैपेज इंसेंटिव शामिल किया जाए, तो कुल फायदा 2.85 लाख रुपए तक हो सकता है।

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Tata EV पर ऑफर्स की पूरी जानकारी

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अगस्त 2026 में Tata Motors के EV ग्राहकों के लिए ऑफर्स मॉडल और वेरिएंट के आधार पर अलग-अलग हैं। कंपनी कैश डिस्काउंट के अलावा पुराने वाहन को एक्सचेंज करने, स्क्रैप करने और मौजूदा Tata ग्राहकों को लॉयल्टी बेनिफिट देने जैसे विकल्प दे रही है।

ध्यान रखें

इन ऑफर्स की वास्तविक राशि शहर, डीलरशिप, मॉडल, वेरिएंट और उपलब्ध स्टॉक के आधार पर अलग हो सकती है। इसलिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले अपने नजदीकी Tata Motors डीलर से ऑफर की अंतिम राशि और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

PoK का सच दिखाया तो भड़का पाकिस्तान! ‘अल जजीरा’ पर कसा शिकंजा, जानिए क्या है PoK की हकीकत

Al Jazeera ban in Pakistan

Al Jazeera ban in Pakistan: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालिया चुनावी घटनाक्रम और सरकार विरोधी प्रदर्शनों की निष्पक्ष कवरेज करने पर कतर के अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क 'अल जजीरा' पर पाकिस्तान सरकार की गाज गिरी है। पाकिस्तान में अल जजीरा की वेबसाइट को ब्लॉक किए जाने की खबरें हैं। जानिए इस पूरे विवाद का विवरण और क्या है PoK से जुड़ा ऐतिहासिक व राजनीतिक मामला।

 

मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों के मुताबिक, शहबाज शरीफ सरकार ने कतर के इस प्रमुख समाचार नेटवर्क की अंग्रेजी वेबसाइट तक पहुंच को बाधित (ब्लॉक) कर दिया है। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक रूप से बैन का आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन देश भर में यूजर्स अल जजीरा की वेबसाइट एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। ALSO READ: PoK के रावलकोट में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता, मुनीर ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को ही गोलियों से भून डाला

पाकिस्तान सरकार का आरोप

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अल जजीरा की रिपोर्टिंग पर सख्त ऐतराज जताते हुए उस पर 'चुनिंदा रिपोर्टिंग' और 'पीत पत्रकारिता' करने का आरोप लगाया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि अल जजीरा ने PoK की राजधानी मुजफ्फराबाद के कुछ चुनिंदा मतदान केंद्रों से एकतरफा रिपोर्टिंग की और चुनिंदा लोगों के बयानों को दिखाकर पूरी चुनाव प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश की। पाकिस्तान का दावा है कि इस तरह की कवरेज बाहरी ताकतों के उस एजेंडे को बढ़ावा देती है जिसका मकसद लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनादेश को कमजोर करना है। ALSO READ: PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

CPJ की चिंता, पत्रकारों के गायब होने से बवाल

दूसरी ओर, प्रेस की स्वतंत्रता पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था 'कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स' (CPJ) ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में मीडिया पर बढ़ते प्रतिबंधों और सेंसरशिप पर गहरी चिंता व्यक्त की है। CPJ के अनुसार, 1 अगस्त को स्वतंत्र पत्रकार राजी ताहिर और उनके सहयोगी मुहम्मद सैफ को इस्लामाबाद स्थित उनके दफ्तर से पुलिस की वर्दी में आए लोग उठा ले गए, जिसके बाद से वे लापता हैं।

 

एक अन्य कश्मीरी पत्रकार राजा इकराम को भी 1 अगस्त को हिरासत में लिया गया था, हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। CPJ का कहना है कि 5 जून से ही PoK में आंशिक इंटरनेट बंदी, टेलीकॉम सेवाओं पर कड़े प्रतिबंध और अल जजीरा जैसी वैश्विक वेबसाइट्स को ब्लॉक करना यह साबित करता है कि पाकिस्तान मीडिया की आवाज दबाने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रहा है। ALSO READ: पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK/PoJK): कब बनेगा भारत का हिस्सा, जानिए इतिहास

क्या है PoK से जुड़ा पूरा मामला?

वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के बाद, पाकिस्तान ने कबायलियों के वेश में अपनी सेना भेजकर जम्मू-कश्मीर रियासत के एक बड़े भू-भाग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। इसे भारत पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) कहता है। पाकिस्तान इस क्षेत्र को दो हिस्सों में बांटकर देखता है— एक हिस्से को वह 'आजाद जम्मू-कश्मीर (AJK)' कहता है और दूसरे हिस्से को 'गिलगित-बाल्टिस्तान'।

भारत का आधिकारिक रुख

भारत का स्पष्ट और निरंतर रुख रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (जिसमें PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान शामिल हैं) भारत का अखंड और अभिन्न अंग है। 1994 में भारतीय संसद में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत, पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करना होगा।

PoK में जनता का आक्रोश

PoK में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ स्थानीय जनता में भारी असंतोष है। महंगाई, भारी टैक्स, बुनियादी सुविधाओं की कमी, राजनीतिक अधिकारों के हनन और चुनावों में धांधली को लेकर मुजफ्फराबाद, रावलकोट, और कोटली जैसे इलाकों में अक्सर बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन होते रहे हैं। पाकिस्तान जब भी यहां दिखावे के लिए चुनाव कराता है, तो उस पर भारी धांधली और सेना के हस्तक्षेप के आरोप लगते हैं।

अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग को 1655 करोड़ की सौगात

UP Supplementary Budget: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए अनुपूरक बजट में समाज कल्याण विभाग के लिए 1,655 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाते हुए जरूरतमंदों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाना है। मंगलवार को सदन में पेश हुए अनुपूरक बजट 2026-27 में सबसे बड़ा प्रावधान राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए किया गया है। इसमें 1,500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है, जिससे पात्र बुजुर्गों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

डॉ. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपए

योगी सरकार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृतियों के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सामान्य वर्ग दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना के लिए 155 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इन प्रावधानों से एक ओर बुजुर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास पर केंद्रित ये प्रावधान योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को और मजबूती देने वाले माने जा रहे हैं।

अनुपूरक बजट से सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास को मिलेगी गति

अनुपूरक बजट में किए गए इन अतिरिक्त प्रावधानों से प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिलेगी। वहीं छात्रवृत्ति एवं उच्च शिक्षा सहायता योजनाओं के लिए बढ़ाए गए बजट से आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर समर्थन मिलेगा। डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए किए गए प्रावधान से सामाजिक समरसता और महापुरुषों की विरासत के संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी गति मिलेगी। कुल मिलाकर अनुपूरक बजट 2026-27 सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और समावेशी विकास की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

भूजल जागरूकता के लिए 1.475 करोड़ रुपये का प्रावधान

योगी सरकार ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया है। इसमें नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। विभाग के अनुपूरक बजट में करीब 1.475 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। यह धनराशि लघु सिंचाई विभाग के भू-जल जन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार योजना के लिए रखी गई है। इसके तहत लोगों को भू-जल के महत्व, संरक्षण और इसके बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक करने से जुड़े कार्य किए जाएंगे। 

 

जागरूकता से भूजल संरक्षण की योजना : योगी सरकार का यह प्रावधान प्रदेश में भू-जल संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जागरूकता अभियानों के जरिए लोगों को भूजल के संरक्षण और उसके विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, अनुपूरक बजट में खेती-किसानी की प्रगति को दी गई रफ्तार

Yogi Government Supplementary Budget: योगी सरकार ने अनुपूरक बजट 2026-27 में किसानों पर विशेष मेहरबान रही। लोककल्याण संकल्प पत्र-2022 में समृद्ध कृषि व्यवस्था के तहत 1000 करोड़ का भामाशाह भाव स्थिरता कोष बनाकर किसानों को आलू, टमाटर एवं प्याज जैसी फसलों का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करने का वादा किया था। अनुपूरक बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। अन्नदाता किसान की समृद्ध के लिए संकल्पित योगी सरकार किसानों से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की है।

 

विधानसभा में मंगलवार को प्रस्तुत अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना, फलदार पौधों के रोपण, भामाशाह राव स्थिरता कोष, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर योजना, नंदबाबा मिशन, मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्र की खरीब, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 को लेकर मांगों के अनुरूप अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। 

खाद्य व रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ प्रस्तावित

योगी सरकार ने खाद्य व रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं। इसके तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 181 करोड़ व खाद्यान्न आपूर्ति व वितरण व्यवस्था के लिए 32.40 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके माध्यम से प्रदेश सरकार का उद्देश्य वंचित और निम्न तबके तक खाद्य आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा का वितरण सुनिश्चित करना है। 

भामाशाह भाव स्थिरता कोष के लिए 100 करोड़  

अनुपूरक बजट में उद्यान विभाग को 245.24 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। इसमें भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है। अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र आगरा के संपर्क मार्ग के लिए भूमि क्रय व निर्माण के लिए भी 9.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के लिए 14 करोड़ रुपये दिए गये। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये। सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। 

पशुधन और दुग्धशालाओं पर विशेष जोर 

इसी तरह, गोवंश संरक्षण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गये हैं। दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। दूसरी तरफ, पशुधन विभाग के लिए 78.62 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गये हैं। गो आश्रय केंद्रों के स्वावलंबन योजना के लिए 31.25 करोड़ रुपये दिए गए। 

किसान कल्याण के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान

प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र प्रदर्शन और बीजवर्धन प्रक्षेत्र योजना के लिए 10 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के तहत 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए। किसानों को रियायत दर पर वर्मी कम्पोस्ट/कम्पोस्ट/जैव उर्वरक को अनुदान पर उपलब्ध कराने के लिए अनुपूरक बजट में 50 करोड़ रुपये दिए गये। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए दो करोड़ रुपये जारी किए गए। केंद्र पुरोनिधानित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल (ऑयल शीड्स) योजना के लिए 19.32 लाख अतिरिक्त दिए गए। उर्वरक नियंत्रण आदेश, बीज एवं कीटनाशक अधिनियमों के अंतर्गत लिए गए नमूनों के विशेषण हेतु प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 18.44 लाख की अतिरिक्त व्यवस्था।

 

सरदार वल्लभ भाई पटेल एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अन्तर्गत विपणन तथा गुणवत्ता सुविधाओं की स्थापना के लिए 50 करोड़ दिए गए। खाद्यान्न दलहन तिलहन बीज की लागत और प्रासंगिक व्यय योजना हेतु स्पये 150 करोड़, कृषि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों/उपकरणों/साज-सज्जा के लिए भी सरकार ने बजट में धन आवंटित किया है। इसके लिए 9 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता के अनुरूप पैसा दिया गया है। मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्र की खरीद के लिए 10.40 करोड़ तथा उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर को पूंजी परिसंपत्तियों के सृजन के लिए सहायता हेतु 4.71 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। 

 

VinFast ने खत्म किया इंतजार, लॉन्च किए सस्ते स्कूटर

vinfast scooter

वियतनाम की बैटरी-इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast ने फिलीपींस में अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कारोबार की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पेश किए हैं। इसके साथ ही VinFast ने दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रमुख बाजारों में से एक फिलीपींस में इलेक्ट्रिक स्कूटर को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

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कंपनी ने भारत में Viper इलेक्ट्रिक स्कूटर और एक नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के डिजाइन पेटेंट दाखिल किए हैं। भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में VinFast का नया पोर्टफोलियो Ola Electric, TVS Motor, Bajaj Auto और Ather Energy जैसी कंपनियों को सीधी चुनौती दे सकता है। 

 

कंपनी का लक्ष्य पारंपरिक पेट्रोल मोटरसाइकिलों के मुकाबले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को बढ़ावा देना है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर ग्राहकों की प्रमुख चिंताओं- कम रेंज, चार्जिंग की सुविधा और वाहनों की लंबी अवधि की विश्वसनीयता- को दूर करना VinFast के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ग्राहकों के लिए जल्द ही पब्लिक टेस्ट राइड की सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रही है।

 

अगस्त से शुरू होगा शोरूम विस्तार

 

VinFast अगस्त से फिलीपींस में अपने रिटेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी शुरुआत में 21 रिटेल शोरूम खोल रही है, जबकि आने वाले समय में देशभर में 100 से ज्यादा अतिरिक्त लोकेशन शुरू करने की योजना है।

 

कंपनी का शुरुआती फोकस प्रमुख शहरी क्षेत्रों पर रहेगा। इनमें मेट्रो मनीला, मेट्रो सेबू और मेट्रो दावाओ शामिल हैं। इसके अलावा Cavite, Laguna, Batangas, Rizal और Bulacan जैसे घनी आबादी वाले उपनगरीय इलाकों में भी VinFast अपनी मौजूदगी बढ़ाएगी।

 

ग्राहक कंपनी के फिलीपींस पोर्टल के जरिए नजदीकी स्टोर की जानकारी हासिल करने के साथ इलेक्ट्रिक स्कूटर की टेस्ट राइड भी बुक कर सकेंगे।

 

30,000 बैटरी स्वैपिंग हब लगाने की योजना

VinFast की रणनीति में सबसे खास पहल उसका बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क है। कंपनी स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटरों के साथ साझेदारी करके पूरे फिलीपींस में करीब 30,000 ऑटोमेटेड बैटरी-स्वैपिंग कैबिनेट लगाने की योजना बना रही है।

 

इस सिस्टम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करने में लगने वाले लंबे समय को कम करना है। यूजर की बैटरी खत्म होने पर उसे चार्ज करने के बजाय स्वैपिंग स्टेशन पर खाली बैटरी निकालकर पूरी तरह चार्ज बैटरी लगाई जा सकेगी। कंपनी के मुताबिक यह प्रक्रिया एक मिनट से भी कम समय में पूरी हो सकती है।

 

पब्लिक स्टेशन पर बैटरी स्वैप करने के लिए 35 फिलीपीन पेसो (P35) का फ्लैट सर्विस चार्ज रखा गया है। यह मॉडल रोजाना स्कूटर इस्तेमाल करने वाले शहरी यात्रियों और डिलीवरी या गिग वर्कर्स के लिए खर्च को अनुमानित और सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकता है।

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5,200W मोटर और डुअल बैटरी से लैस हैं स्कूटर

 

VinFast ने शुरुआत में तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर मॉडल पेश किए हैं। इन सभी में 5,200 वॉट BLDC इन-व्हील मोटर आर्किटेक्चर दिया गया है। स्कूटर में सीट के नीचे दो बैटरी स्लॉट हैं, जिनमें 1.5 kWh की दो Lithium Iron Phosphate (LFP) बैटरियां लगाई जा सकती हैं।

 

मोटर और कंट्रोलर को IP67 रेटिंग मिली है। कंपनी के अनुसार इससे स्कूटर पानी और धूल से सुरक्षित रहता है और करीब आधा मीटर गहरे पानी में भी 30 मिनट तक संचालन किया जा सकता है। यह फीचर फिलीपींस जैसे भारी बारिश और जलभराव वाले शहरी इलाकों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है।

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VinFast Evo की टॉप स्पीड 80 

 

कंपनी की नई रेंज में VinFast Evo को एंट्री-लेवल मॉडल के तौर पर पेश किया गया है। इसे शहरी यात्रियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और इसमें पारंपरिक स्कूटर के साथ आधुनिक यूरोपीय डिजाइन एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है। Evo की टॉप स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। डुअल बैटरी सेटअप के साथ यह सामान्य परिस्थितियों में 150 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है।

 

बैटरी सब्सक्रिप्शन मॉडल के तहत इसकी शुरुआती कीमत 70,000 फिलीपीन पेसो (P70,000) रखी गई है, जो करीब 1,210 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। सिंगल बैटरी के साथ स्कूटर की कीमत P82,700 और डुअल बैटरी पैकेज के साथ P95,400 है। VinFast का मानना है कि रिटेल नेटवर्क के विस्तार, टेस्ट राइड और बड़े बैटरी-स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए फिलीपींस में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अपनाने की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है।

पूर्व राज्यपाल और शिक्षाविद डॉ. डीवाई पाटिल का निधन, 91 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

DY Patil dies

बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर रहे और मशहूर शिक्षाविद डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव पाटिल (डीवाई पाटिल) का मंगलवार को कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा स्थित घर पर निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। ALSO READ: क्या है ‍बांकीपुर का जातीय गणित और किस जाति से आते हैं प्रशांत किशोर? कितने पढ़े-लिखे हैं PK

 

पूर्व कांग्रेस नेता डी वाई पाटिल को प्यार से दादा कहा जाता था। पाटिल के परिवार में उनके बेटे कांग्रेस एमएलसी सतेज पाटिल, संजय पाटिल और अजिंक्य पाटिल और बेटी नंदिता पालशेतकर हैं। उनके नेतृत्व में देशभर में 182 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों, 7 विश्वविद्यालयों और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विशाल नेटवर्क की स्थापना हुई।

 

पाटिल ने वर्ष 1957 से 1962 तक कोल्हापुर के महापौर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वे 1967 से 1972 तक महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे। कांग्रेस ने उन्हें बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल का गर्वनर बनाया। वर्ष 2018 में वे कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए। ALSO READ: 'कुत्ता या बिल्ली भी जीत जाएगा', क्या इसी ओवरकॉन्फिडेंस ने डुबो दी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट?

 

डी वाई पाटिल के निधन की जानकारी देते हुए पिंपरी की प्रो-वाइस चांसलर स्मिता जाधव ने कहा कि बहुत दुख और भारी मन से मैं आपको हमारे प्रिय संस्थापक, माननीय डॉ. डी वाई पाटिल सर के निधन की सूचना दे रही हूं। उनकी दूरदर्शी लीडरशिप, शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण और असाधारण विरासत ने अनगिनत लोगों के जीवन और संस्थानों को संवारा है। उनका जाना पूरे डी वाई पाटिल परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

 

डी वाई पाटिल को सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 1991 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उनका अंतिम संस्कार बुधवार, 5 अगस्त को कोल्हापुर के लाइन बाजार स्थित डॉ. डी वाई पाटील मेडिकल कॉलेज परिसर में किया जाएगा।

ये कैसी आस्‍था, कांवड़ियों के दो गुट आपस में भिड़े, लाठी-डंडों और खून-खराबे से सिहर उठा माहौल, पुलिस के सामने हंगामा

Kanwariya

यह कांवड़ यात्रा का दौर है। देशभर में जगह जगह कांवड़ यात्राएं निकल रही हैं। इसी बीच मेरठ में एक कांवड़ यात्रा के दौरान जमकर हिंसा की खबर आ रही है। दिल्ली-दून हाईवे के कांवड़ मार्ग पर बाइक से कांवड़ टकराने को लेकर कांवड़ियों के बीच जमकर विवाद हो गया।

कहासुनी मारपीट में बदल गई। बीच-बचाव करने सादी वर्दी में पुलिस के सिपाही पहुंचे। कांवडिये इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने जीप में सवार एक व्यक्ति को खींचकर पिटाई कर दी।

दोनों समूह में हिंसा चल रही थी। NH58 पर देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई। मिली जानकारी के मुताबिक 3 अगस्त की मध्यरात्रि में लगभग 2.30 बजे के आसपास कांवड़ियों की दो बाइक आपस में भिड गई। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इसी बीच कांवड़ मार्ग पर पैदल आ रहे कांवड़ियों ने भी एक का साथ देते हुए हाथापाई और डंडे चला दिये।

मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया और दोनों पक्षों को थाने ले आई। पुलिस के मुताबिक, नोएडा का सोनू अपने साथी गुड्डू के साथ बाइक से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार जा रहा था। जैसे ही वह NH 58 पर मेरठ दौराला पहुंचा तो सामने की तरफ यानी हरिद्वार से गंगाजल लेकर एक बाइक सवार कांवड़ियां आ रहा था। दोनों बाइकों में टक्कर के बाद कहासुनी हो गई, बात मारपीट की नौबत तक पहुंच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, पुलिस जीप में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने भीड़ से बचाते हुए सोनू और गुड्डू कै जीप में बैठाया। 

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इसी बीच सड़क पर पैदल अन्य शिव भक्त कांवडियें आ रहे थे, उन्हें जैसे ही पता चला कि पुलिस जीप में टक्कर मारने वाले पुलिस जीप में है। पुलिस उन्हें बचाकर ले जाने का प्रयास कर रही है तो वह उग्र हो गये। भीड़ ने जीप से एक शख्स को खींचकर थप्पड़, लात और डंडे से पीटा, वही दूसरे जीप सवार को गाड़ी के अंदर जमकर पीटा। इसी बीच जीप में सवार कांवडियां अपने साथियों को फोन पर बुलाता नजर आ रहा है। पुलिस के मुताबिक जीप में सवार किसी सिपाही के साथ मारपीट नहीं हुई है और न ही इस घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ है। जीप में सवार कांवडियें को भीड़ ने खींचकर पीटा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के कांवड़ियों को अपने साथ ले जाकर मेडिकल करवाया है।

वीडियो वायरल : मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे के मुताबिक सोशल मीडिया पर कांवडियों द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो के कथित प्रचार किया जा रहा है कि पुलिस जीप से बाहर निकाल कर पुलिसकर्मियों को पीटा गया है। जबकि जीप से बाहर निकाल कर जिसकी पिटाई की जा रही है, वह कांवडियें सोनू और गुड्डू है। बाइक टक्कर से कांवड़ खंडित होने पर भोले गुस्साए और उन्होंने मारपीट कर दी। इस मामले में पुलिस ने मारपीट कंट्रोल करते हुए जीप में बैठे हुए सोनू और.गुड्डू को बचाने का प्रयास किया, जिसमें एक पुलिस कर्मी के हाथ और कंधे पर चोट आई है। पुलिस ने हंगामा करने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज करते हुए वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

योगी सरकार ने पेश किया 59019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट

Yogi Government Supplementary Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। अनुपूरक मांगों के अनुरूप प्रस्तावित अनुपूरक बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित अनुपूरक बजट का कुल आकार ₹59,019.54 करोड़ है। प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार इस वर्ष के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है। इसमें राजस्व लेखे का व्यय ₹17,399.50 करोड़ तथा पूंजी लेखे का व्यय ₹41,620.04 करोड़ रखा गया है।

 

उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय पर विशेष बल देने का उद्देश्य प्रदेश में सड़क, ऊर्जा, उद्योग, चिकित्सा, ग्रामीण विकास तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार करना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिले। इस अनुपूरक बजट के माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं को गति देना, नई जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना तथा आधारभूत संरचना को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित अनुपूरक बजट में नई मांगों के लिए ₹7,854.25 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे सरकार नई विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पहले से चल रही योजनाओं को भी और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगी। 

उद्योग और निवेश को सबसे बड़ी प्राथमिकता

वित्त मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट में भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की जा सकेगी। 

गांवों के विकास पर विशेष फोकस

सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी बड़ी प्राथमिकता दी है। इसके लिए ग्राम विकास विभाग के लिए ₹17,942.73 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास, ग्रामीण आजीविका, मूलभूत सुविधाओं तथा गांवों में विकास कार्यों को गति देने में किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा निवेश

प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

अनुपूरक बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि से अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार, चिकित्सा सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर भी जोर

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग को ₹1,655 करोड़ आवंटित किए हैं। वहीं महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाओं के सशक्तीकरण, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलेगी।

सड़क और आधारभूत ढांचे का होगा विस्तार

अनुपूरक बजट में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के लिए ₹700.01 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, पुलों तथा अन्य आधारभूत ढांचागत परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा।

वित्तीय अनुशासन पर सरकार का जोर

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को भरोसा दिलाया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का राजकोषीय घाटा (फिसकल डेफिसिट) निर्धारित सीमा के भीतर है, जो सरकार के वित्तीय अनुशासन और बेहतर आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है। सरकार विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

₹9.71 लाख करोड़ से अधिक हुआ राज्य का कुल बजट 

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था, जिसमें राजस्व व्यय ₹6,64,470.55 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय ₹2,48,225.80 करोड़ निर्धारित किया गया था। अब ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट को शामिल किए जाने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा। इसमें राजस्व व्यय बढ़कर ₹6,81,870.05 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय ₹2,89,845.84 करोड़ हो जाएगा। इससे स्पष्ट है कि सरकार ने अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश पर केंद्रित किया है।

सेक्टरवार अनुपूरक बजट का बंटवारा

वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धनराशि का प्रावधान किया है। कुल ₹59,019.14 करोड़ की अनुपूरक मांग में सबसे अधिक ₹45,568.63 करोड़ (लगभग 77%) आर्थिक सेवाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार का प्रमुख फोकस आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, कृषि और विकास कार्यों पर है। इसके अलावा सामाजिक सेवाओं के लिए ₹9,707.74 करोड़ (लगभग 16%), सामान्य सेवाओं के लिए ₹633.19 करोड़ (लगभग 1%) तथा कर्ज एवं उधार संबंधी दायित्वों के लिए ₹3,110.02 करोड़ (लगभग 6%) की व्यवस्था की गई है। (फाइल फोटो)