Viral Video: ब्रश से रंगे जा रहे समोसे? वायरल क्लिप ने लोगों को कर दिया हैरान

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच काफी हैरानी और चर्चा पैदा कर दी है। वीडियो में पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे कोई व्यक्ति समोसों जैसे दिखने वाले खाद्य पदार्थों को ब्रश की मदद से रंग रहा है। यह अनोखा दृश्य देखने के बाद यूजर्स के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे खाने की चीजों में मिलावट से जोड़कर चिंता जताई, जबकि कुछ ने इसे पूरी तरह गलत समझ बताया। वहीं कई यूजर्स का कहना है कि ये समोसे असली खाने के लिए नहीं बल्कि किसी तरह की सजावटी या आर्टवर्क से जुड़ी चीजें हो सकती हैं।

इस पूरे मामले ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां लोग वीडियो की सच्चाई को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं और असल सच अब भी रहस्य बना हुआ है।

 “क्या समोसे में भी मिलावट?”

यह वीडियो X (ट्विटर) पर शेयर किया गया, जिसके साथ दावा किया गया कि समोसों पर रंग लगाया जा रहा है। यूजर ने लिखा कि समोसे तो शुद्ध होने चाहिए, लेकिन यहां भी मिलावट दिखाई दे रही है। यह बात फैलते ही लोगों में नाराजगी और सवाल दोनों बढ़ने लगे।

वीडियो में आखिर दिख क्या रहा है?

क्लिप में एक व्यक्ति जमीन पर बैठा दिखता है, जिसके चारों ओर समोसे जैसे त्रिकोण आकार के टुकड़े रखे हैं। कुछ हल्के रंग के हैं तो कुछ सुनहरे तले हुए जैसे लगते हैं। वह ब्रश की मदद से उन पर रंग लगाता नजर आता है। पास में छोटे-छोटे कंटेनर और कई और टुकड़े भी रखे हुए हैं, जिससे पूरा दृश्य और भी रहस्यमय लगने लगता है।

शुरू हुई अटकलों की बौछार

जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, वैसे-वैसे प्रतिक्रियाएं भी दो हिस्सों में बंट गईं। कुछ लोगों ने इसे लेकर सवाल उठाए और इसे गलत बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यह खाने वाली चीज नहीं बल्कि सजावट का सामान है।

कुछ यूजर्स ने इसे कला का नमूना बताया, तो कुछ ने दावा किया कि ये नकली समोसे हैं जो सिर्फ शो के लिए बनाए गए हैं। एक यूज़र ने तो यहां तक लिख दिया कि यह मिट्टी से बनी डेकोरेशन हो सकती है।

असली सच्चाई अब भी रहस्य

अब तक इस वीडियो की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह समोसे असली खाने के हैं या सिर्फ सजावटी आइटम। अलग-अलग दावों के बीच सच्चाई अभी भी साफ नहीं है।

फिलहाल यह क्लिप इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है और एक बार फिर साबित कर रही है कि सोशल मीडिया पर कोई भी साधारण सी चीज भी बड़ी बहस में बदल सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सोशल मीडिया पर साझा किए गए कंटेंट पर आधारित है। वीडियो और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

 

Congress vs Tharoor: शशि थरूर के कश्मीर दौरे पर विवाद, कांग्रेस के भीतर आपसी झगड़े सबके सामने आए

Congress vs Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर के हालिया कश्मीर दौरे ने उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ एक और विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बात के लिए उनकी आलोचना की है कि उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की, जबकि उन्होंने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी।

शशि थरूर ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान उन्हें सकारात्मक चीजें महसूस हुईं। इस केंद्र शासित प्रदेश में हालात सामान्य होने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ‘नालंदा डायलॉग्स’ के लिए श्रीनगर पहुंचे थरूर ने लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “श्रीनगर में! आज लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक बेहतरीन बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की।’’ उन्होंने कहा कि लोक भवन के दौरे पर उन्होंने सकारात्मक पहल देखी।

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं वहां पहुंचा, तो वह (सिन्हा) कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे, जो एक सकारात्मक पहल है, जिसका मैंने स्वागत किया। अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मुझे सकारात्मकता का अहसास हुआ।”

कांग्रेस हुई आगबबूला

कांग्रेस की J&K यूनिट ने इस बात पर निराशा जताई कि थरूर ने कश्मीर के लोगों या अपनी पार्टी के साथियों से मुलाकात नहीं की। JKPCC के प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने थरूर की X पोस्ट के जवाब में लिखा, “कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें। कम से कम आप उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो उस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसे 7 साल पहले हमसे छीन लिया गया था।”

यह घटनाक्रम थरूर और उनकी अपनी पार्टी के बीच हुई तनातनी के ठीक बाद सामने आया है। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने को लेकर शनिवार को अपने नेता शशि थरूर की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी सांसद द्वारा प्रधानमंत्री के लिए प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह कटाक्ष भी किया कि अब वे शायद वह भी सुन सकते हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ही नहीं। थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था। लेकिन इसे दलगत विवाद में बदल दिया गया।

थरूर ने क्या कहा था?

दरअसल, शशि थरूर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। साथ ही इस बात को मजबूती से रखा कि युद्ध के समय कमर्शियल नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”

उन्होंने कहा, “जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।”

खेड़ा का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह मोदी–ट्रंप की पहली मुलाकात थी। फिर भी कहीं यह संकेत नहीं मिलता कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के उस बार-बार दोहराए गए दावे का प्रतिवाद किया कि उन्होंने भारत को व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम कराया।

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Dividend Stocks: 5 लाख खुदरा निवेशकों को स्पेशल डिविडेंड देने की तैयारी, ऐलान पर बढ़ी इस FMCG स्टॉक की चमक

Dividend Stocks: दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया के बोर्ड की अगले महीने 3 जुलाई को बैठक होने वाली है, जिसमें स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर विचार होगा। इसके अलावा डिविडेंड का प्रस्ताव भी है। इससे कंपनी के 4 लाख से अधिक खुदरा निवेशकों के चेहरे खिल उठे और शेयर भी चमक गए। हालांकि शेयरों की तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव नरम पड़े लेकिन अब भी यह ग्रीन जोन में है। फिलहाल बीएसई पर यह 0.37% की बढ़त के साथ ₹1420.60 (Nestle India Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 1.02% उछलकर ₹1,429.85 तक पहुंच गया था।

Nestle India की क्या है योजना?

नेस्ले ने 19 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 3 जुलाई को बोर्ड की बैठक होनी है जिसमें 2026 के स्पेशल डिविडेंड के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके लिए रिकॉर्ड डेट वही है, जो वित्त वर्ष 2026 के फाइनल डिविडेंड के लिए फिक्स की गई है। कंपनी हर शेयर पर ₹5 का फाइनल डिविडेंड बांट रही है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई फिक्स की गई है। इसका पेमेंट 30 जुलाई 2026 को या इसके बाद किया जाएगा। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2027 के कारोबारी नतीजे को लेकर बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को होगी।

नेस्ले इंडिया में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

बीएसई पर मौजूद मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से कंपनी में 62.76% हिस्सेदारी प्रमोटर्स की है तो पब्लिक शेयरहोल्डिंग 37.24% है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स में 4.24% होल्डिंग 51 म्यूचुअल फंड्स की है लेकिन इनमें से किसी की भी होल्डिंग 1% या इससे अधिक नहीं है। एलआईसी के पास इसके 11.84 करोड़ से अधिक शेयर हैं जोकि कंपनी की 6.14% होल्डिंग के बराबर है। देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी एलआईसी को मिलाकर 30 इंश्योरेंस कंपनियों की नेस्ले इंडिया में 7.37% होल्डिंग है तो विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 9.74% है। ₹2 लाख तक के निवेश वाले निवेशकों यानी रिटेल शेयरहोल्डर्स की बात करें तो 4,68,638 निवेशकों के पास कंपनी के 15,64,58,392 शेयर हैं जोकि कंपनी की 8.11% होल्डिंग के बराबर है। एचएनआई की होल्डिंग 3.96% है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

नेस्ले इंडिया के शेयर पिछले साल 14 अगस्त, 2025 को बीएसई पर ₹1085.00 के भाव पर थे जोकि इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 9 महीने में यह 38.12% उछलकर पिछले महीने 11 मई, 2026 को ₹1498.60 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

OMCs Stocks: कच्चे तेल की फिसलन भी नहीं दे पाएगी राहत, इस कारण प्रभुदास लीलाधर ने जताई आशंका

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

1.25 लाख का इनामी लल्लन सिंह एनकाउंटर में ढेर, 7 हत्याओं का आरोपी था बिहार का कुख्यात बदमाश

saharanpur encounter

उत्तर प्रदेश पुलिस का अपराधियों के सफायें को लेकर ठोंको अभियान चल रहा है। जिसके चलते सोमवार की सुबह भोर की किरण निकलने से पहले ही बिहार का कुख्यात अपराधी और 1.25 लाख रुपये का इनामी बदमाश लल्लन सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

 

सरसावा-नकुड़ मार्ग पर हुई पुलिस मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल लल्लन सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

 

कौन था लल्लन सिंह?

पुलिस के मुताबिक लल्लन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र स्थित आनंदगोलवा गांव का निवासी था। वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश और बिहार में हत्या, डकैती, लूट और पुलिसकर्मियों पर हमले जैसे कई गंभीर मामलों में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने एक लाख रुपये तथा चंदौली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

 

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लल्लन सिंह बेहद शातिर और संगठित अपराध गिरोह का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ हत्या, बैंक डकैती, कैश वैन लूट, हथियार लूट और पुलिस पर हमले सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। वह सात हत्याओं के मामलों में वह वांछित चल रहा था। मृतकों में दो पुलिस उपनिरीक्षक, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे।

 

वर्ष 2022 में वाराणसी में एक उपनिरीक्षक की गोली मारकर हत्या करने और उनकी सरकारी पिस्टल लूटने की सनसनीखेज घटना में भी उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा चंदौली में हुई कई लूट और फायरिंग की घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता पाई गई थी। पुलिस के मुताबिक वह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था।

 

कैसे हुई मुठभेड़?

सहारनपुर एएसपी लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में बीती देर रात्रि में सरसावा-नकुड़ रोड पर पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान दो संदिग्ध बाइक पर पुलिस को आते दिखाई दिये, उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों के हौंसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने रूकने की जगह पुलिस पर फायर खोल दिया, पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में लल्लन सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

 

घायल अपराधी लल्ले को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लल्लन सिंह के मारे जाने से संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लल्लन के ठिकानों पर कई टीमें लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि वह जल्दी ही फरार अपराधी को गिरफ्तार कर लेंगे।

edited by : Nrapendra Gupta

वर्ल्ड अपडेट्स:फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध

फिलीपींस के एक हाई स्कूल में सोमवार को हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो लोगों ने टैकलोबान सिटी के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में गोलीबारी की। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक इसी स्कूल का छात्र है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी की वजह क्या थी और हमलावरों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और शुरुआती पूछताछ के आधार पर घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… जर्मनी में रिटायरमेंट की उम्र 70 साल करने की तैयारी
जर्मन सरकार पेंशन सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत रिटायरमेंट की उम्र 67 से बढ़ाकर 70 साल की जा सकती है। साथ ही 45 साल तक पेंशन फंड में योगदान देने वाले कर्मचारियों को मिलने वाली अर्ली रिटायरमेंट सुविधा भी समाप्त की जा सकती है। जर्मन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और श्रम मंत्री बार्बेल बास द्वारा गठित आयोग मंगलवार को अपनी सिफारिशें पेश करेगा। आयोग ने सुझाव दिया है कि रिटायरमेंट की उम्र को जीवन प्रत्याशा से जोड़ा जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से 70 साल तक बढ़ाया जाए। आयोग ने ‘पेंशन एट 63’ नाम से लोकप्रिय उस योजना को खत्म करने की भी सिफारिश की है, जिसके तहत 45 साल तक योगदान देने वाले कर्मचारी बिना कटौती के जल्दी रिटायर हो सकते हैं। प्रस्ताव में कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं से अतिरिक्त 2% योगदान लेने की भी बात कही गई है। यह राशि एक नए सरकारी निवेश फंड में जमा होगी। फिलहाल जर्मनी में पेंशन के लिए 18.6% योगदान लिया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार संसद के जुलाई अवकाश से पहले इस सुधार पैकेज को मंजूरी दिलाने की कोशिश में है। जर्मनी में तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी और बड़ी संख्या में लोगों के रिटायर होने से पेंशन व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। यूरोप में हीटवेव: तापमान 40°C के करीब, फ्रांस में ट्रेनें रद्द; इटली-स्पेन में रेड अलर्ट
यूरोप के कई देश भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। हालात को देखते हुए कई शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी का असर परिवहन, पर्यटन और वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सहारा रेगिस्तान से उत्तर की ओर बढ़ रही गर्म हवा और “अफ्रीकन एंटीसाइक्लोन” नामक उच्च दबाव प्रणाली के कारण पश्चिमी और मध्य यूरोप के ऊपर “हीट डोम” बन गया है। इससे गर्म हवा फंस गई है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। इटली में कई दिनों से तापमान 35°C से ऊपर बना हुआ है। इसके चलते बोलोन्या, फ्लोरेंस, मिलान और ट्यूरिन समेत 8 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। स्पेन की मौसम एजेंसी AEMET ने देश के कई हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। फ्रांस में भीषण गर्मी का असर रेल नेटवर्क पर पड़ रहा है। राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर SNCF के अनुसार अधिक तापमान के कारण बिजली की ओवरहेड लाइनों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर प्रमुख मार्गों पर सोमवार तक 71 इंटरसिटी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जर्मनी में तापमान 38°C तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग DWD ने बर्लिन समेत पूर्वी क्षेत्रों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

BMW Accident: 251 Kmph की रफ्तार से दौड़ी कार एक्सप्रेसवे पर पलटी, दो युवाओं की दर्दनाक मौत

bmw car accident

BMW Accident : मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर 251 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही एक BMW कार डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में जन्मदिन मना रहे दो युवाओं की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसका इंजन दुर्घटना वाली जगह से लगभग 30 मीटर दूर जा गिरा।

 

मृतकों की पहचान फुटबॉल प्लेयर योगेश नेगी (26) और रेबेका जैकब (24) के तौर पर हुई है। योगेश नेगी बदलापुर (पश्चिम) का रहने वाला था और अपना जन्मदिन मना रहा था। वहीं रेबेका जैकब बांद्रा में रहती थी। BMW के मालिक अंगद भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हैं। उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

पुलिस के मुताबिक तीनों ने बदलापुर (पश्चिम) में योगेश नेगी का जन्मदिन मनाया और फिर एक्सप्रेसवे की ओर निकल गए। पुलिस को 9,000 रुपए का एक बिल मिला है।

 

एक मृतक ने घटना से कुछ ही देर पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी जिसमें BMW को 251 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चलाते हुए दिखाया गया है। जांचकर्ताओं को शक है कि लापरवाही से गाड़ी चलाने और शायद स्टंट करने की वजह से यह हादसा हुआ होगा। पुलिस इस पोस्ट की भी जांच कर रही है।

 

ऐसे हुआ भीषण हादसा

एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों को जाने से रोकने के लिए कई जगहों पर सीमेंट के बैरिकेड लगाए गए हैं। पुलिस को शक है कि तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते समय ड्राइवर ने शायद ऐसे ही किसी अवरोध से बचने की कोशिश की और गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार सेंट्रल डिवाइडर से टकरा गई। बताया जा रहा है कि टक्कर के कारण कार उछल गई और दो डिवाइडर सेक्शन के बीच जाकर रुकी। गाड़ी के पुर्ज़ों के दूर-दूर तक बिखर गए। 

edited by : Nrapendra Gupta

Explosion in Qatar: कतर की LNG फैक्ट्री में बड़ा धमाक! 54 लोग घायल, 18 लापता

Explosion in Qatar: कतर के मुख्य नैचुरल गैस एक्सपोर्ट हब में एक जबरदस्त धमाका हुआ है। इसमें कम से कम 54 लोग घायल हो गए और 18 लोग अभी भी लापता हैं। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के दौरान हुई है। तब हुई जब हालिया संघर्ष के दौरान ईरान के हमले के बाद कर्मचारी वहां काम फिर से शुरू कर रहे थे। सरकारी कंपनी ‘कतरएनर्जी’ के मुताबिक, धमाका रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ, जब एक्सपोर्ट फिर से शुरू करने की कोशिशें चल रही थीं। धमाके के बाद आग लग गई। हालांकि नुकसान का सही अंदाजा अभी नहीं लग पाया है।

अधिकारियों ने बताया है कि कतर की मुख्य लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्रोसेसिंग फैसिलिटी में हुए धमाके में 54 लोग घायल हो गए हैं और 18 लोग लापता हैं। कतर के गृह मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए अंदरूनी धमाके के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए कतरी इंटरनेशनल सर्च एंड रेस्क्यू ग्रुप को तैनात किया गया था।

वायरल वीडियो में क्या है?

ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो में अंधेरे आसमान के सामने दूर तक तेज़ लपटें उठती दिख रही हैं। आसमान में धुआं फैलता हुआ दिख रहा है और ऊपर एक छोटी सी चमकदार चीज भी दिखाई दे रही है। युद्ध के दौरान ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना कंट्रोल मजबूत करने के बाद कतर ने गैस का उत्पादन रोक दिया था। इससे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को होने वाली सप्लाई में रुकावट आई थी।

जब संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बातचीत जारी रही और रणनीतिक जलमार्ग पर पाबंदियां कम हुईं, तो अधिकारियों ने एक्सपोर्ट टर्मिनल पर गतिविधियां फिर से शुरू करने का फैसला किया। हालांकि, रविवार रात काम फिर से शुरू करने की कोशिश एक हादसे में बदल गई, जब फैसिलिटी में धमाका हुआ और आग लग गई।

अधिकारियों ने शुरू में बताया था कि बहुत कम लोग घायल हुए हैं। लेकिन कई घंटों बाद, कतर के गृह मंत्रालय ने आंकड़ों में बदलाव करते हुए कहा कि कम से कम 54 लोग घायल हुए हैं और 18 लोगों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। इस घटना से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बढ़ सकती है, क्योंकि कतर नैचुरल गैस के दुनिया के प्रमुख एक्सपोर्टर्स में से एक है।

अधिकारियों ने पहले कहा था कि मौके पर पहुंची सिविल डिफेंस टीमों ने किसी के घायल होने की जानकारी नहीं दी है। मिनिस्ट्री ने कहा कि फैसिलिटी से कोई लीकेज नहीं हुआ जिससे पब्लिक सेफ्टी को खतरा हो।

इंडस्ट्रियल हब को मैनेज करने वाली कतरएनर्जी ने कहा कि बरजान फैक्ट्री में धमाके के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया और फैसिलिटी में लगी आग पर काबू पा लिया गया। रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी दोहा से लगभग 80km (50 मील) उत्तर में है।  यह दुनिया की सबसे बड़ी LNG एक्सपोर्ट फैसिलिटी का घर है, जो ग्लोबल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा बनाती है।

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मार्च में कतर सरकार ने घोषणा की थी कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनने के बाद इंडस्ट्रियल हब को काफी नुकसान हुआ है। कतरएनर्जी ने हमलों के बाद अपनी सप्लाई की जिम्मेदारियों से खुद को आजाद करने के लिए अपने कुछ कॉन्ट्रैक्ट में फोर्स मेज्योर क्लॉज का इस्तेमाल किया। इससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के कस्टमर प्रभावित हुए।

“पानी पर जंग?” सिंधु जल संधि बहाल करने से भारत का इनकार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने दी युद्ध की धमकी

khawaja asif

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर साफ कर दिया है कि सिंधु जल संधि को बहाल करने पर उसका रुख नहीं बदला है। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कदम नहीं उठाता, तब तक संधि निलंबित ही रहेगी। भारत के इस रुख के बाद पाकिस्तान में नाराजगी बढ़ गई है। पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की और अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुली चेतावनी दे डाली। ALSO READ: 80 मिनट की अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब; संयुक्त फोटो सेशन भी रद्द

 

क्या बोले ख्वाजा आसिफ?

एआरवाई न्यूज को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगेगा कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और यदि भारत जल आपूर्ति को प्रभावित करने की दिशा में तेजी से कदम उठाता दिखा, तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

 

पाकिस्तान में गंभीर जल संकट

दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। सिंध और बलूचिस्तान समेत कई इलाकों में पानी की भारी कमी की खबरें सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक देश की लगभग एक तिहाई आबादी किसी न किसी रूप में जल संकट से प्रभावित है।

 

भारत पर गंभीर आरोप

ख्वाजा आसिफ ने इस संकट के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है और चिनाब नदी के प्रवाह में बदलाव कर रहा है। हालांकि इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास पिछले एक साल की घटनाओं की पूरी जानकारी नहीं है।

 

पहलगाम हमले के बाद भारत ने किया था फैसला?

भारत ने सिंधु जल संधि को उस समय निलंबित किया था जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद लंबे समय से क्षेत्र की शांति को नुकसान पहुंचा रहा है।

 

इसके बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत से संधि बहाल करने की मांग की, लेकिन नई दिल्ली अपने रुख पर कायम है।

 

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पानी का मुद्दा भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में नया फ्लैशपॉइंट बन सकता है? क्या पाकिस्तान की यह युद्ध वाली चेतावनी सिर्फ घरेलू राजनीति के लिए है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति छिपी है?

edited by : Nrapendra Gupta

Cocktail 2 Box Office Day 3: शाहिद कपूर-कृति सेनन की फिल्म के कलेक्शन में आया उछाल, 47 करोड़ रुपये का आंकड़ा किया पार

Cocktail 2 Box Office Day 3: ‘कॉकटेल 2’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छी रफ़्तार पकड़ रही है। फिल्म ओपनिंग वीकेंड के दौरान लगातार अच्छी कमाई कर रही है। होमी अदजानिया के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन हैं। जैसे-जैसे दर्शकों का रिस्पॉन्स बढ़ रहा है, फ़िल्म देखने वालों की संख्या भी लगातार बनी हुई है।

सैकनिल्क (Sacnilk) के अनुसार, फिल्म ने तीसरे दिन 17.75 करोड़ की कमाई की। यह ओपनिंग डे की कमाई (13.50 करोड़) और दूसरे दिन की कमाई (16.25 करोड़) से थोड़ी ज़्यादा है। इसके साथ ही, भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई अब 47.50 करोड़ हो गई है, जबकि कुल ग्रॉस कमाई 55.45 करोड़ है।

इस फ़िल्म ने शाहिद कपूर की 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘देवा’ के लाइफ़टाइम कलेक्शन (जो 34.37 करोड़ नेट पर खत्म हुआ था) को पार करके एक शुरुआती माइलस्टोन हासिल कर लिया है। हालांकि, ओरिजिनल ‘कॉकटेल’ (2012) तक पहुंचने के लिए इसे अभी लंबा सफर तय करना है, जिसने लगभग 71 करोड़ की कमाई के साथ अपना सफर पूरा किया था।

कुल मिलाकर, आंकड़े अचानक उछाल के बजाय वीकेंड पर एक स्थिर पैटर्न दिखाते हैं, जो आमतौर पर अच्छी ‘वर्ड ऑफ़ माउथ’ (लोगों की अच्छी राय) की ओर इशारा करता है, न कि सिर्फ ओपनिंग के समय बने हाइप की वजह से आई भीड़ की ओर।

फिल्म एक साधारण लेकिन उलझी हुई रिलेशनशिप की कहानी दिखाती है। कुणाल (शाहिद कपूर) और दिया (रश्मिका मंदाना) कॉलेज के समय से एक-दूसरे से प्यार करते हैं, लेकिन शादी को लेकर पक्का नहीं हैं। सिसिली की यात्रा के दौरान चीजें बदल जाती हैं जब वे एली (कृति सेनन) से मिलते हैं, जो दिया की दोस्त है। वह उन्हें अपने प्लान बदलने और उसके साथ यात्रा करने के लिए मना लेती है।

जो एक हल्की-फुल्की छुट्टी के तौर पर शुरू होता है, वह धीरे-धीरे एक इमोशनल उलझन में बदल जाता है जब दिया को कुणाल के इरादों पर शक होने लगता है। उसे लगता है कि कुणाल शायद प्यार के बजाय दबाव में उसके साथ है, और वह एली से कहती है कि वह कुणाल के साथ फ़्लर्ट करके उसका टेस्ट ले। वह एक फ़ैसला सब कुछ बदल देता है और कहानी को आगे बढ़ाता है।

फिल्म को दिनेश विजान, लव रंजन, प्रमिता आर विजान और अंकुर गर्ग ने प्रोड्यूस किया है, जिसमें संगीत प्रीतम का है और गाने के बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं। इसे एक ‘स्टैंडअलोन सीक्वल’ कहा जा रहा है, न कि 2012 की फिल्म ‘कॉकटेल’ (जिसमें सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी थे) की सीधी अगली कड़ी।

कृति सेनन ने ANI से बात करते हुए कहा, “इस फिल्म में एक मैसेज है। यह बहुत काम का मैसेज है। आजकल जिस तरह के रिश्ते, ‘सिचुएशनशिप’ और कमिटमेंट से जुड़े सवाल चल रहे हैं, उन्हें देखते हुए फिल्म के आखिर में एक बहुत ही काम का और असल ज़िंदगी से जुड़ा मैसेज मिलता है।”

INR vs USD: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, जानें क्या है गिरावट की वजह

INR vs USD: सोमवार, 22 जून को भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 4 पैसे कमजोर होकर 94.36 पर खुला, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और US-ईरान शांति बातचीत में प्रगति के संकेतों से घरेलू करेंसी के प्रति सेंटिमेंट को सपोर्ट मिलता रहा।

पिछले हफ्ते रुपया 0.8% बढ़कर 94.32 पर बंद हुआ था, जो लगभग तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त थी। करेंसी ने कई महीनों के हाई 94.18 को भी छुआ और अपनी जीत का सिलसिला लगातार छह सेशन तक जारी रखा, जो पिछले महीने 97 के करीब अपने रिकॉर्ड लो से तेजी से उबरा।

हाल की रिकवरी ने मार्केट सेंटिमेंट को बेहतर बनाने में मदद की है, जिससे यह चिंता कम हुई है कि रुपया लंबे समय तक डेप्रिसिएशन ट्रेंड में फंसा हुआ है।

करेंसी ट्रेडर्स ने कहा कि तेल की कीमतों में नरमी और वाशिंगटन और तेहरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत में लगातार प्रगति से और बढ़त हो सकती है।

रुपये को सपोर्ट करते हुए, अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.7% गिरकर $79.24 प्रति बैरल पर आ गया, जब ईरान के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ बातचीत से अच्छी प्रगति हुई है। यह बातचीत ईरानी अधिकारियों और US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस के बीच मीटिंग के बाद हुई।

ईरान के कमेंट्स से इन्वेस्टर्स की यह चिंता शांत हुई कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के नए मिलिट्री एक्शन की चेतावनी देने और तेहरान द्वारा एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी देने के बाद, नाजुक शांति प्रक्रिया बिगड़ सकती है।

हाल के हफ्तों में तेल मार्केट बहुत ज़्यादा वोलाटाइल रहे हैं, ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए $82 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया था, इस डर से कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में फिर से रुकावट आएगी। हालांकि, जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने से कीमतों को कम करने में मदद मिली है, जिससे भारत जैसी बड़ी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी को राहत मिली है।

रुपया सपोर्टिव फ्लो और ग्लोबल रिस्क के बीच फंसा

करेंसी स्ट्रैटेजिस्ट के मुताबिक, रुपया फिलहाल दो अलग-अलग ताकतों से प्रभावित हो रहा है। एक तरफ, लगातार कर्ज का आना और फॉरेन करेंसी डिपॉजिट घरेलू करेंसी को सपोर्ट कर रहे हैं। दूसरी तरफ, मिडिल ईस्ट में बनी अनिश्चितता और एक मजबूत US डॉलर लगातार मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि रुपया जल्द ही एक रेंज में रहेगा, और मार्केट की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि सपोर्टिव कैपिटल फ्लो बाहरी जियोपॉलिटिकल और डॉलर से जुड़े दबावों से ज़्यादा हो सकता है या नहीं।

एनालिस्ट्स ने कहा, “रुपया असल में बेहतर होते घरेलू फंडामेंटल्स और बाहरी अनिश्चितताओं के बीच खींचतान में फंसा हुआ है। जब तक किसी एक को निर्णायक फायदा नहीं मिल जाता, करेंसी की चाल नपी-तुली रहने की संभावना है।”

CR फॉरेक्स एडवाइजर्स के MD अमित पाबारी के अनुसार, टेक्निकली, 94.00–94.20 ज़ोन एक मुख्य सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करता रहेगा, जबकि 94.80–95.00 तुरंत रेजिस्टेंस बैंड बना रहेगा। डेट इनफ्लो में सुधार के संकेत और तेल की कीमतें काफी हद तक कंट्रोल में रहने के साथ, रुपये की बढ़त के पक्ष में रुझान बना हुआ है, जिसमें USD/INR के 94.00–93.80 ज़ोन की ओर बढ़ने की संभावना है।

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