प्रेरणादायक कहानी: मीनू की ‘कूल’ तरकीब: जब परिंदे बने दोस्त

An inspiring story in pictures about Meenu, teaching the lesson of saving life through water conservation

यहां बच्चों के लिए मीनू की सूझबूझ और पक्षियों के प्रति उसके प्रेम की एक बहुत ही प्यारी और प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत हैं। 

 

शहर की ऊंची इमारतों के बीच मीनू का एक छोटा सा घर था, जिसकी बालकनी में चमेली की बेलें और कुछ गमले लगे थे। मई की दुपहरी में जब लू चलती, तो सड़कें सूनी हो जाती थीं। मीनू अपनी खिड़की से बाहर देख रही थी, तभी उसने देखा कि एक छोटी सी गौरैया (sparrow) हांफ रही थी। उसकी चोंच खुली थी और वह छाया की तलाश में इधर-उधर फड़फड़ा रही थी।

 

एक नन्ही परेशानी

मीनू को बहुत दुख हुआ। उसने देखा कि पास के सारे गड्ढे और नालियां सूख चुकी थीं। उसने बालकनी के कोने में एक प्लास्टिक की कटोरी में पानी रखा, लेकिन तेज धूप के कारण वह पानी कुछ ही देर में गरम हो गया। नन्ही गौरैया ने पानी पीने की कोशिश की, पर गरम पानी पीकर वह उड़ गई।

 

मीनू ने सोचा, 'अगर मुझे ठंडा शरबत चाहिए, तो इन बेजुबान पक्षियों को भी तो 'कूल' पानी चाहिए होगा!'

 

मीनू की 'कूल-कूल' तरकीब

मीनू अपने स्टोर रूम में गई और कुछ पुराना सामान निकाला। उसने एक पुरानी थर्माकोल की पेटी, मिट्टी के सकोरे (कुल्हड़) और कुछ रंग-बिरंगे पत्थर इकट्ठे किए।

 

उसने एक जादुई 'वाटर पार्क' बनाना शुरू किया:

 

इंसुलेशन: उसने मिट्टी के बड़े कटोरे को थर्माकोल की पेटी के बीचों-बीच फिट किया ताकि बाहर की गर्मी पानी को जल्दी गरम न कर सके।

 

नेचुरल फिल्टर: उसने कटोरे के नीचे गीली रेत भरी, जो पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखती थी।

 

बर्ड बाथ: एक चपटे बर्तन में उसने सुंदर पत्थर रखे ताकि पक्षी उस पर बैठकर सुरक्षित महसूस करें और फिसलें नहीं।

 

फूड कोर्ट: पास ही के एक पुराने नारियल के खोल में उसने बाजरा और चावल के दाने डाल दिए।

 

जब बालकनी बनी 'बर्ड रिसॉर्ट'

मीनू ने अपनी इस 'कूल मशीन' को बालकनी के सबसे ठंडे कोने में रख दिया। कुछ ही देर में, वही गौरैया अपने तीन-चार दोस्तों के साथ वापस आई। पहले तो वे डरे, लेकिन जैसे ही उन्होंने ठंडा पानी चखा, वे खुशी से चहकने लगे।

 

देखते ही देखते मीनू की बालकनी में मैना, कबूतर और तोतों का तांता लग गया। वे पानी पीते, उसमें डुबकी लगाते और मीनू की खिड़की के पास आकर 'चीं-चीं' करते। मीनू को ऐसा लगता जैसे वे उसे 'थैंक यू' कह रहे हों।

 

परिंदों से दोस्ती

एक शाम मीनू को सपना आया कि वही नन्ही गौरैया उसकी खिड़की पर बैठकर कह रही है, 'मीनू, तुम्हारी इस तरकीब ने हमारी जान बचा ली! तुम शहर की सबसे 'कूल' दोस्त हो।'

 

उस दिन के बाद से मीनू ने अपने स्कूल के दोस्तों को भी यह तरकीब सिखाई। अब पूरे मोहल्ले की बालकनियों में पक्षियों के लिए 'कूल' वाटर पार्क बन गए थे।

 

इस कहानी की खास बातें 

संवेदनशीलता: दूसरों की तकलीफ को समझना ही इंसानियत है।

 

जुगाड़ और विज्ञान: मिट्टी और रेत का उपयोग करके हम बिना बिजली के भी पानी ठंडा रख सकते हैं।

 

प्रकृति से जुड़ाव: छोटे-छोटे प्रयासों से हम अपने पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

इंदौर में री-नीट का नकली पेपर 200 छात्रों को बेचा, एआई से बनाया था पर्चा, पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

NEET

पूरे देश में नीट पेपर लीक को लेकर बहस है और इसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है। 21 जून को इंदौर में री नीट की परीक्षा संचालित की गई। इस दौरान नीट का नकली पेपर छात्रों को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस बेहद गंभीर मामले में एक शख्‍स को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच कर रही है कि और कौन और कितने लोग इस मामले में संलिप्‍त हैं। बता दें कि गिरफ्तार शख्‍स परीक्षार्थियों को नकली प्रश्नपत्र बेच रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ने चैटजीपीटी की मदद से एक फर्जी पेपर तैयार किया था और उसे 200 से अधिक छात्रों को बेचकर लाखों रुपए वसूले लिए थे।

जाल बिछाकर किया गिरफ्तार : इंदौर पुलिस ने जाल बिछाकर एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक ने चैटजीपीटी की मदद से एक नकली पेपर तैयार किया फिर उसे 200 से अधिक अभ्यर्थियों को बेचकर कमाई की। उसने पेपर बेचकर कितने रुपए कमाए, इसकी जांच पुलिस कर रही है। पिछली बार पेपर लीक का मामला सामने आने पर देशभर में मचे हंगामे के कारण इंदौर पुलिस नीट परीक्षा से पहले ही सक्रिय हो गई थी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अक्षय मालवीय नाम का युवक नीट का पेपर अभ्यर्थियों को बेच रहा है। उसे लसूड़िया क्षेत्र के शक्करखेड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

सायबर सेल कर रही जांच : इस पूरे मामले की जांच सायबर सेल को सौंपी गई है। सेल आरोपी का मोबाइल जब्‍त कर जांच कर रही है। मोबाइल में एक प्रश्नपत्र मिला, जिस पर नीट 2026 लिखा था। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह पेपर चैटजीपीटी की मदद से तैयार किया था।
Edited By: Naveen R Rangiyal

1 हार से ही भारत का महिला T-20I विश्वकप का सेमीफाइनल पड़ा खतरे में, जाने कैसे?

भारत ने महिला टी-20 विश्वकप के पहले मैच में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स पर बड़ी जीत दर्ज की। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6 विकेट की हार से उनका सेमीफाइनल खतरे में पड़ गया है।

भारत भले ही अभी दूसरे स्थान पर है और उसका रनरेट दक्षिण अफ्रीका से कहीं ज्यादा है तब भी भारत के अगले दो मुकाबले बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से है। वहीं दक्षिण अफ्रीका के अगले दो मुकाबले पाकिस्तान और नीदरलैंड्स से हैं। ऐसे में यह संभावित है कि भारत बांग्लादेश पर तो बड़ी जीत दर्ज करेगा लेकिन ऑस्ट्रेलिया से उसे कड़ी टक्कर मिलेगी। वहीं दक्षिण अफ्रीका अगले 2 मैच जीत के साथ रन रेट भी बढ़ाएगा। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत का मैच करो या मरो वाला होगा।

दक्षिण अफ्रीका ने जीत के लिए 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.1 ओवर में चार विकेट पर 161 रन बनाकर दूसरी जीत दर्ज की जिससे टीम तालिका में चार अंक लेकर भारत (चार अंक) के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।

स्पिन आक्रमण की योजना हुई विफल

भारत की  दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन गेंदबाजों की रणनीति शुरुआत में ही सफल होती हुई दिखी जैसे जैसे मैच आगे बड़ा लेग स्पिनर्स पर 48 फीसदी डॉट गेंदें खेलने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम ने बड़े शॉट्स खेलने आरंभ किए। ऐसे में अब टीम यह सोचेगी कि क्या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी यह नीति ठीक रहेगी।

भारत के लिए एकमात्र स्पिनर श्री चरणी ही सफल रही।बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने चार ओवर में एक मेडन से 24 रन देकर तीन विकेट झटके। श्री चरणी ने छठे ओवर में 25 रन पर दक्षिण अफ्रीका को दोहरे झटके दिए। उन्होंने खतरनाक लौरा वोलवार्ट (20 रन) को आउट करने के दो गेंद बाद एनेरी डर्कसेन (शून्य) को आउट कर दिया। शेफाली वर्मा ने भी 1 विकेट लिया और 4 ओवर में 22 रन दिए।

मुख्य ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने 4 ओवर में 44 रन और डेब्यू करने वाली प्रेमा रावत ने 2 ओवरों में 21 रन दिए। ऐसे में टीम के पास अनुभवी गेंदबाज की कमी लग रही है।मुख्य तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी ने भी 3 ओवर में 29 रन दिए।

UP TET City Slip 2026: यूपी टीईटी परीक्षा के लिए सिटी स्लिप जारी, आधिकारिक वेबसाइट से कर सकते हैं डाउनलोड

UP TET City Slip 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के लिए पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवारों के लिए यह जरूरी अपडेट है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) यूपीटीईटी 2026 के लिए ‘एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप’ आज जारी करने वाला है। परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।

बता दें कि परीक्षा शहर पर्ची से परीक्षार्थियों को यह पता चलता है कि उन्हें परीक्षा देने के लिए किस शहर में जाना होगा। समय रहते यह जानकारी मिल जाने से परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए जरूरी यात्रा की तैयारी और ठहरने का प्रबंध करने में आसानी होती है। मगर, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि परीक्षा शहर पर्ची एडमिट कार्ड नहीं होती है। एडमिट कार्ड बाद में परीक्षा से दो-चार दिन पहले जारी किया जाता है। एडमिट कार्ड में परीक्षार्थी का नाम और परीक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी होती है। इसके बिना उन्हें परीक्षा केंद्र में दाखिल होने की इजाजत नहीं होती है। वहीं, सिटी स्लिप में सिर्फ यह बताया जाता है कि परीक्षा देने उन्हें किस शहर में जाना होगा।

2 से 4 जुलाई के बीच दो शिफ्टों में होगी परीक्षा

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में दो अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित होगी। पहली शिफ्ट प्राथमिक स्तर के शिक्षकों (कों पेपर 1) के लिए होगी और दूसरी शिफ्ट उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर 2) के लिए आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माना जाता है।

ऐसे डाउनलोड करें अपनी एग्जाम सिटी स्लिप

  • सबसे पहले उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिख रहे “UPTET 2026 Exam City Slip / Intimation Link” पर क्लिक करें।
  • अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करनी होगी।
  • इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर ‘सबमिट’ या ‘खोजें’ बटन पर क्लिक करें।
  • आपकी UPTET एग्जाम सिटी स्लिप स्क्रीन पर आ जाएगी।
  • इसे डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए इसका एक प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

यूपीटीईटी 2026 क्या होगा परीक्षा का पैटर्न

यूपीटीईटी का पेपर ऑफलाइन यानी ओएमआर (OMR) शीट पर लिया जाएगा। इस परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती है, जो कि उम्मीदवारों के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। पेपर में बाल विकास, भाषा (हिंदी और अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन से जुड़े 150 सवाल पूछे जाएंगे। हर सवाल एक नंबर का होगा और इसे हल करने के लिए आपको पूरे ढाई घंटे (150 मिनट) का समय मिलेगा।

SSC CGL Vacancy last date 2026: 12,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन का आखिरी मौका आज, जानें कब है परीक्षा और पेपर पैटर्न

NEET Re-Exam 2026: कितना कठिन था पेपर, कट-ऑफ पर क्या होगा असर? एक्सपर्ट्स एनालिसिस

NEET Re-Exam 2026

NEET Re-Exam 2026 Analysis: नीट री-एग्जाम 2026 संपन्न हो चुकी है और परीक्षा देकर निकले छात्रों के बीच इसे लेकर मिले-जुले रिएक्शंस देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ बायोलॉजी के सवालों ने छात्रों को राहत दी, वहीं फिजिक्स के लंबे और कठिन प्रश्नों ने उनकी असली परीक्षा ली। शिक्षा विशेषज्ञों के शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक, इस बार का पेपर पिछले मुख्य पेपर के मुकाबले थोड़ा कठिन और लंबा था, जिसका सीधा असर इस साल के कट-ऑफ और सेफ स्कोर पर पड़ सकता है। 

क्या कहते हैं ‍शिक्षा विशेषज्ञ? 

आमतौर पर नीट परीक्षा का स्तर मध्यम माना जाता है, लेकिन इस बार देश के विभिन्न केंद्रों से निकले छात्रों ने मिक्स्ड रिएक्शंस दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों (Education Experts) के विश्लेषण के अनुसार इस बार फिजिक्स का सेक्शन उम्मीद से कहीं अधिक लंबा और कठिन रहा। कैलकुलेशन आधारित और घुमावदार प्रश्नों के कारण छात्रों का काफी समय इसी सेक्शन में चला गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यही वो विषय है जो इस साल मेरिट लिस्ट तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। ALSO READ: NEET Re-Exam 2026 खत्म, पर जंतर-मंतर पर क्यों अड़े हैं छात्र? जानें NTA का 'नो लीक' दावा और आगे क्या?

 

हालांकि हमेशा की तरह बायोलॉजी सेक्शन ने छात्रों को बड़ी राहत दी। प्रश्न सीधे और समझने में आसान थे, जिससे छात्रों को अपना स्कोर सुधारने का मौका मिलेगा। केमिस्ट्री का स्तर सामान्य और संतुलित रहा। पेपर का कुल स्तर Moderate रहा। हालांकि जिन छात्रों ने NCERT आधारित तैयारी की है, उन्हें इस बार फायदा मिल सकता है। हालांकि टॉप रैंक के लिए Accuracy और Time Management निर्णायक होगा। 

NEET

 

कट-ऑफ पर क्या होगा असर?

चूंकि छात्रों के अनुसार यह पेपर 3 मई के मुकाबले थोड़ा कठिन और लंबा था, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सामान्य श्रेणी का सेफ स्कोर 650 से 700 के बीच रह सकता है, जबकि क्वालिफाइंग परसेंटाइल पिछले वर्षों के रुझान के अनुरूप ही रहने की उम्मीद है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

Gold Rate Today: औंधे मुंह गिरने के बाद अचानक रॉकेट बना सोना, जानें 22 जून को आपके शहर में 22K और 24K का भाव

gold silver rates in india on 22 june

Gold Rate Today: सोने चांदी की कीमतों में पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से एक बार दोनों धातुओं की कीमतों में तेजी आई। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार, कमोडिटी मार्केट और सर्राफा तीनों ही स्थानों पर इसकी कीमतों में इजाफा हुआ।

 

वैश्विक अनिश्चितताओं और एमसीएक्स (MCX) पर वैल्यू बाइंग के कारण आज सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी रिकवरी देखी जा रही है। एमसीएक्स पर दोपहर 12:19 बजे सोना 1491 रुपए बढ़कर 1,48,694 रुपए प्रति 10 ग्राम था। चांदी भी 5125 रुपए तेजी के साथ 238312 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई।

 

स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4204.668 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 66.786 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। 

 

22 june gold rates on goodreturns.com

गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,46,510 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,34,300 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,09,880 रुपए प्रति 10 ग्राम है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.46 लाख से 1.49 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास है।

silver rates in sarafa bazar

दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, इंदौर, कोलकाता बेंगलुरु समेत अधिकांश शहरों में इसके दाम 2,50,000 रुपए प्रति किलो है जबकि चेन्नई, विशाखापट्टनम समेत दक्षिण भारत के कुछ शहरों में इसकी कीमत 2,55,000 रुपए प्रति किलो है।

बना रहेगा सोने चांदी में उतार चढ़ाव 

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो सोना सुरक्षित निवेश के तौर पर और महंगा हो सकता है। वहीं बाजार में स्थिरता की स्थिति में चांदी में औद्योगिक मांग बढ़ेगी।

अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

edited by : Nrapendra Gupta

बालकनी, छत या गमलों में उगाएं अपनी पसंदीदा सब्जियां, मानसून में मिलेगा शानदार रिजल्ट

मानसून का मौसम किचन गार्डन शुरू करने के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है क्योंकि इस दौरान नमी और ठंडक पौधों की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाते हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए बड़े बगीचे या आंगन की जरूरत नहीं होती, बल्कि बालकनी, छत या छोटे गमलों में भी आसानी से सब्जियां उगाई जा सकती हैं। थोड़ी सी सही देखभाल, उपयुक्त मिट्टी और नियमित पानी देने से कई तरह की हरी सब्जियां और हर्ब्स घर पर ही तैयार हो सकते हैं।

यह न सिर्फ ताजा और ऑर्गेनिक खाने का विकल्प देता है, बल्कि बाजार पर निर्भरता भी कम करता है। कुछ ही हफ्तों में पौधे तैयार होकर उपज देने लगते हैं, जिससे रसोई में ताजी सब्जियों की उपलब्धता बनी रहती है और सेहत भी बेहतर रहती है।

करेला

मानसून की नमी करेले की बेल को तेजी से बढ़ने में मदद करती है। इसे सहारा देने के लिए जाली या ट्रेलिस जरूरी होता है। गर्म और उमस भरा मौसम इसकी ग्रोथ के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

हरी मिर्च

हरी मिर्च मानसून में आसानी से उगने वाली सब्जियों में से एक है। बस ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो। रोज कुछ घंटे धूप मिल जाए तो पौधा ज्यादा फल देता है।

लौकी

लौकी की बेल बारिश में तेजी से फैलती है और ज्यादा मेहनत नहीं मांगती। इसे गमले या छत पर आसानी से उगाया जा सकता है। बेहतर ग्रोथ के लिए इसे सपोर्ट यानी जाली देना जरूरी है।

तोरई

तोरई मानसून में बहुत अच्छी तरह बढ़ती है। नियमित पानी और धूप मिलने पर यह भरपूर उत्पादन देती है। सही जगह और थोड़ी देखभाल से यह पौधा जल्दी तैयार हो जाता है।

पालक

अगर आपके पास कम जगह है तो पालक सबसे अच्छा विकल्प है। यह जल्दी तैयार हो जाता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। गमलों में इसे आसानी से उगाया जा सकता है।

मेथी

मेथी मानसून में बोई जाती है और बाद में ताजी पत्तियों का अच्छा उत्पादन देती है। नियमित कटाई से इसकी ग्रोथ और बेहतर हो जाती है।

धनिया

धनिया बहुत तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और बार-बार काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है। मिट्टी में नमी बनाए रखना इसकी सबसे बड़ी जरूरत है।

बैंगन

बैंगन मानसून में अच्छा उत्पादन देता है लेकिन कीड़ों से बचाव जरूरी होता है। सही धूप, खाद और पानी के संतुलन से यह लंबे समय तक फल देता है।

अगर पर्सनल लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

पर्सनल लोन रिजेक्ट होने से किसी को भी बड़ा झटका लग सकता है, खासकर तब जब पैसों की तुरंत जरूरत हो. बैंक या लेंडर कई वजहों से लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकते हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि इनमें से ज्यादातर वजहें सुधारी जा सकती हैं. चाहे मामला CIBIL स्कोर का हो, पुराने लोन का हो या अधूरे डॉक्युमेंट का, आपके पास हमेशा यह मौका रहता है कि अगली बार पर्सनल लोन अप्रूवल की संभावना बेहतर बनाई जा सके.

पर्सनल लोन रिजेक्ट क्यों होता है?

लेंडर कई वजहों से पर्सनल लोन रिजेक्ट कर सकते हैं. सबसे आम वजहें इस प्रकार हैं:

  • कम CIBIL स्कोर: खराब क्रेडिट हिस्ट्री या कम CIBIL स्कोर (750 से कम) पर्सनल लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण है.
  • हाई डेट-टू-इनकम रेशियो: अगर आपका मौजूदा लोन आपकी इनकम के मुकाबले ज्यादा है, तो बैंक आपको नया लोन देने में हिचकिचा सकते हैं.
  • अनस्टेबल जॉब या कम इनकम: कम इनकम या हाई-रिस्क इंडस्ट्री में काम करने वालों की एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती हैं.
  • बार-बार लोन अप्लाई करना: कम समय में कई बार लोन के लिए अप्लाई करने से आप क्रेडिट के लिए उतावले लग सकते हैं, जिससे लेंडर सतर्क हो जाते हैं.
  • अधूरे डॉक्युमेंट: ID प्रूफ, सैलरी स्लिप या बैंक स्टेटमेंट जैसे जरूरी डॉक्युमेंट न देने पर भी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है.

अगर आप भी बिना झंझट के पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल का ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म जरूर एक्स्प्लोर करें.

अपना CIBIL स्कोर चेक करें

अगर आपका लोन CIBIL स्कोर की वजह से रिजेक्ट होता है, तो आपको तुरंत स्कोर चेक करना चाहिए. मनीकंट्रोल की वेबसाइट पर आप इसे फ्री में चेक कर सकते हैं.

अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलती दिखे तो CIBIL से संपर्क करके उसे ठीक करवाएं. इसके अलावा, अगर स्कोर कम है, तो उसे सुधारने के लिए समय लें और फिर दोबारा अप्लाई करें.

CIBIL स्कोर सुधारने के तरीके

कम CIBIL स्कोर होना लोन रिजेक्शन की एक आम वजह है. इसे सुधारने के लिए ये कदम उठाएं:

  • EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं – देरी से पेमेंट करने पर स्कोर तेजी से गिरता है.
  • क्रेडिट यूज लिमिट कम रखें – कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड लिमिट का 50% से ज्यादा इस्तेमाल न करें.
  • बार-बार लोन अप्लाई करने से बचें – हर एप्लिकेशन पर “हार्ड इंक्वायरी” होती है, जो स्कोर को घटा देती है.
  • पुराना लोन निपटाएं – आउटस्टैंडिंग लोन चुकाने से आपकी क्रेडिटवर्थिनेस बढ़ती है.

रिजेक्शन की वजह समझें

अगर रिजेक्शन की वजह साफ न हो, तो लेंडर से इसकी जानकारी लें. वजह जानने के बाद आप उस पर सुधार कर सकते हैं.

उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी इनकम कम है, तो छोटे लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करें. इसके अलावा, अगर जॉब हिस्ट्री अनस्टेबल है, तो स्टेबल जॉब मिलने के बाद दोबारा अप्लाई करें.

छोटे लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करें

जब आप बड़े लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक जोखिम के कारण एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकते हैं. इसलिए, अपनी रीपेमेंट क्षमता के अनुसार कम अमाउंट के लिए अप्लाई करें.

पाएं ₹50 लाख तक का लोन

को-एप्लिकेंट या गारंटर जोड़ें

अगर कम इनकम या खराब CIBIL स्कोर के कारण रिजेक्शन हुआ है, तो एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल वाले को-एप्लिकेंट या गारंटर को जोड़कर अप्रूवल की संभावना बेहतर बनाई जा सकती है.

दूसरे लेंडर एक्सप्लोर करें

आम बैंकों की एलिजिबिलिटी शर्तें सख्त होती हैं, लेकिन NBFCs और फिनटेक लेंडर ज्यादा फ्लेक्सिबल होते हैं. कई बार वे कम CIBIL स्कोर पर भी लोन अप्रूव कर देते हैं.

सिक्योर्ड लोन लें

अगर अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन रिजेक्ट हो गया है, तो सिक्योर्ड लोन के लिए अप्लाई करें. गोल्ड, FD या प्रॉपर्टी जैसे एसेट गिरवी रखकर लोन लेना आसान हो जाता है और ब्याज दर भी सस्ती मिल सकती है.

इंतजार करें और फिर दोबारा अप्लाई करें

अगर आपका लोन CIBIL स्कोर की वजह से रिजेक्ट हुआ था और अब आपने उसे सुधार लिया है, तो कुछ महीने रुककर दोबारा अप्लाई करें. धीरे-धीरे अपनी फाइनेंशियल आदतें सुधारते रहेंगे तो लोन अप्रूवल की संभावना अपने आप बढ़ जाएगी.

कुल मिलाकर, पर्सनल लोन रिजेक्ट होना निराशाजनक हो सकता है, लेकिन आप सुधार लाकर वापसी भी कर सकते हैं. रिजेक्शन की वजह समझकर, CIBIL स्कोर सुधारकर और बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट से आप अगली बार आसानी से अप्रूवल पा सकते हैं.

अगर आप भी बिना झंझट के पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल का ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म जरूर एक्स्प्लोर करें. यहां आप लेंडर से 50 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं, जिस पर ब्याज दर सिर्फ 9.99% सालाना से शुरू होती है. इसका पूरा प्रोसेस 100% डिजिटल है, यानी आप घर बैठे भी अप्लाई कर सकते हैं.

इन बाजारों में नहीं गए तो क्या घुमा, जानिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक शॉपिंग वाली यात्रा!

भारत के हर राज्य की लोकल मार्केट वहां की संस्कृति और परंपराओं की पहचान होती है। इन बाजारों में अलग-अलग तरह के हस्तशिल्प, कपड़े, ज्वेलरी और स्थानीय चीजें मिलती हैं। हर जगह की अपनी खास कारीगरी और स्टाइल होता है जो उसे अलग बनाता है। ये मार्केट न सिर्फ खरीदारी के लिए, बल्कि वहां की लाइफस्टाइल समझने के लिए भी बहुत खास होती हैं। चलिए जानते हैं भारत के विभिन्न राज्यों की उन मशहूर मार्केट्स के बारे में, जहां हर कोना अपने आप में एक अलग कहानी बयां करता है:

1. राजस्थान – जौहरी बाजार, बापू बाजार, नेहरू बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता (जयपुर)

lac ki chudiyo ka shehar|क्या आपको पता है राजस्थान के किस शहर को कहा जाता है 'लाख की चूड़ियों का शहर'?

जयपुर के ये बाजार अपने शाही हस्तशिल्प और रंगीन संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं। जौहरी बाजार में कुंदन और मीनाकारी ज्वेलरी मिलती है जो रॉयल राजस्थानी स्टाइल को दिखाती है। बापू बाजार में जयपुरी जूतियां, ब्लॉक प्रिंट कपड़े और लाख की चूड़ियां मिलती हैं। नेहरू और त्रिपोलिया बाजार कपड़ों, हैंडीक्राफ्ट और पारंपरिक वस्तुओं के लिए जाने जाते हैं। चौड़ा रास्ता लोकल शॉपिंग और बजट खरीदारी के लिए फेमस है। यहां की चीजों की खासियत हाथ से बनी कारीगरी और रंग-बिरंगा डिज़ाइन है।जयपुरी जूतियों की कीमत लगभग ₹400 से ₹1,500 तक होती है, जबकि लाख की चूड़ियां ₹50 से ₹500 तक मिल सकती हैं। ब्लॉक प्रिंटेड बेडशीट और कपड़ों की कीमत ₹500 से ₹3,000 तक रहती है। इन बाजारों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां की ज्यादातर वस्तुएं हाथ से तैयार की जाती हैं और इनमें राजस्थान की पारंपरिक कला की झलक दिखाई देती है।

2. जम्मू-कश्मीर – लाल चौक, पोलो व्यू मार्केट, बटामालू मार्केट, रेनावारी बाजार, डलगेट मार्केट (श्रीनगर)

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श्रीनगर के ये बाजार कश्मीरी संस्कृति का दिल माने जाते हैं। लाल चौक सबसे प्रसिद्ध है जहां पश्मीना शॉल, केसर और पेपर माशे कला मिलती है। पोलो व्यू और डलगेट मार्केट में लकड़ी की नक्काशी और ऊनी कपड़े मिलते हैं। बटामालू और रेनावारी लोकल लाइफस्टाइल और पारंपरिक सामान के लिए जाने जाते हैं। यहां की सबसे बड़ी खासियत प्रीमियम क्वालिटी और पारंपरिक कश्मीरी हैंडीक्राफ्ट है।  असली पश्मीना शॉल की कीमत ₹10,000 से शुरू होकर ₹60,000 या उससे अधिक तक जा सकती है। केसर ₹300 से ₹600 प्रति ग्राम तक बिकता है। अखरोट की लकड़ी से बने सजावटी सामान ₹1,000 से ₹15,000 तक मिलते हैं। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत इसकी सदियों पुरानी कारीगरी और वर्ल्ड फेमस पश्मीना प्रोडक्ट हैं।

3. उत्तर प्रदेश – चौक बाजार, गोला गंज, हजरतगंज मार्केट, लहुराबीर, नयागंज (लखनऊ/वाराणसी/कानपुर)

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लखनऊ और वाराणसी के ये बाजार पारंपरिक भारतीय कला का बड़ा केंद्र हैं। चौक बाजार और गोला गंज में बनारसी साड़ी और जरी वर्क मिलता है। हजरतगंज मार्केट आधुनिक और ब्रांडेड शॉपिंग के लिए फेमस है। लहुराबीर और नयागंज में कपड़े, ज्वेलरी और लोकल सामान मिलता है। यहां की खासियत शाही डिजाइन और पारंपरिक बुनाई कला है।  साधारण बनारसी साड़ी ₹3,000 से शुरू होती है जबकि विशेष डिजाइन वाली साड़ियां ₹1 लाख से भी अधिक कीमत में बिकती हैं। इसके अलावा पीतल के बर्तन और सजावटी सामान ₹500 से ₹10,000 तक उपलब्ध रहते हैं। बनारसी साड़ियों की खासियत उनका शानदार डिज़ाइन, महीन बुनाई और शाही लुक है।

4. दिल्ली – सरोजिनी नगर, दिल्ली हाट, चांदनी चौक, करोल बाग, लाजपत नगर

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नई दिल्ली के ये बाजार शॉपिंग का हब हैं। सरोजिनी नगर सस्ते फैशन कपड़ों के लिए फेमस है, जबकि चांदनी चौक ट्रेडिशनल वेडिंग शॉपिंग के लिए जाना जाता है। दिल्ली हाट पूरे भारत की कला को एक जगह दिखाता है। करोल बाग और लाजपत नगर ब्रांडेड और लोकल दोनों तरह की शॉपिंग के लिए लोकप्रिय हैं। यहां की खासियत वैरायटी और बजट फ्रेंडली शॉपिंग है।  हैंडलूम कपड़ों की कीमत ₹300 से ₹2,000 तक होती है, जबकि हस्तनिर्मित ज्वेलरी ₹100 से ₹1,500 तक मिल जाती है। दिल्ली हाट की खासियत यह है कि यहां सीधे कारीगर अपने उत्पाद बेचते हैं, जिससे ग्राहकों को असली और गुणवत्तापूर्ण सामान मिलता है।

5. पश्चिम बंगाल – गरियाहाट, न्यू मार्केट, बड़ाबाजार, साउथ सिटी मार्केट, एस्प्लेनेड मार्केट (कोलकाता)

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कोलकाता के ये बाजार बंगाली संस्कृति की पहचान हैं। गरियाहाट और न्यू मार्केट में तांत और कांथा साड़ियां मिलती हैं। बड़ाबाजार थोक खरीदारी के लिए फेमस है। साउथ सिटी और एस्प्लेनेड मॉडर्न शॉपिंग के लिए जाने जाते हैं। यहां की खासियत हल्की, आरामदायक और खूबसूरत बंगाली साड़ियां हैं। तांत साड़ियों की कीमत ₹800 से ₹8,000 तक और कांथा साड़ियों की कीमत ₹1,500 से ₹20,000 तक हो सकती है। टेराकोटा ज्वेलरी ₹100 से ₹2,000 तक मिल जाती है। इस बाजार की खासियत हल्की, आरामदायक और खूबसूरत कॉटन साड़ियां हैं जिन्हें गर्म मौसम के लिए आइडियल माना जाता है।

6. तमिलनाडु – टी. नगर, पोंडी बाजार, पारिस कॉर्नर, माउंट रोड, कांचीपुरम मार्केट

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चेन्नई और कांचीपुरम के ये बाजार सिल्क और ट्रेडिशनल प्रोडक्ट्स के लिए प्रसिद्ध हैं। टी. नगर और पोंडी बाजार कपड़ों और ज्वेलरी के लिए बड़े हब हैं। पारिस कॉर्नर पुराने स्टाइल की लोकल शॉपिंग के लिए जाना जाता है। माउंट रोड मॉडर्न मार्केट है। कांचीपुरम मार्केट सिल्क साड़ियों के लिए वर्ल्ड फेमस है।  यहां मिलने वाली कांचीपुरम सिल्क साड़ियां शुद्ध रेशम और असली जरी से बनाई जाती हैं। इनकी कीमत ₹5,000 से शुरू होकर ₹2 लाख या उससे ज्यादा तक जा सकती है। इसके अलावा कांस्य मूर्तियां और मंदिर कला से जुड़ी वस्तुएं भी यहां लोकप्रिय हैं। कांचीपुरम सिल्क की विशेषता इसकी मजबूती, चमक और पारंपरिक दक्षिण भारतीय डिजाइनों में है।

7. गुजरात – लॉ गार्डन, रिंग रोड टेक्सटाइल मार्केट, मणेक चौक, मणिनगर मार्केट, राजकोट मार्केट

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सूरत और अहमदाबाद के ये बाजार टेक्सटाइल और स्ट्रीट शॉपिंग के लिए जाने जाते हैं। लॉ गार्डन हैंडीक्राफ्ट और ज्वेलरी के लिए फेमस है। रिंग रोड मार्केट भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब है। मणेक चौक रात के खाने और ज्वेलरी दोनों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की खासियत बंधनी और ड्रेस मटेरियल की बड़ी वैरायटी है। सूरत का रिंग रोड टेक्सटाइल मार्केट भारत के सबसे बड़े कपड़ा बाजारों में गिना जाता है। यहां बंधनी साड़ियां, ड्रेस मटेरियल, डिजाइनर कपड़े और एम्ब्रॉयडरी वाले वस्त्र बड़ी मात्रा में मिलते हैं। साड़ियों की कीमत ₹300 से ₹20,000 तक और ड्रेस मटेरियल ₹200 से ₹10,000 तक हो सकता है। इस बाजार की खासियत यह है कि यहां पूरे देश के व्यापारी कपड़ा खरीदने आते हैं।

8. महाराष्ट्र – कोलाबा कॉजवे, क्रॉफर्ड मार्केट, लिंकिंग रोड, ज़वेरी बाजार, दादर मार्केट (मुंबई)

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मुंबई के ये बाजार फैशन और ट्रेडिशन का मिश्रण हैं। कोलाबा कॉजवे स्ट्रीट शॉपिंग के लिए फेमस है। क्रॉफर्ड मार्केट ग्रोसरी और घरेलू सामान के लिए जाना जाता है। लिंकिंग रोड फैशनेबल कपड़ों के लिए लोकप्रिय है। ज़वेरी बाजार ज्वेलरी का बड़ा हब है। यहां की खासियत ट्रेंडी और बजट शॉपिंग है।  हाथ से बनी कोल्हापुरी चप्पलें ₹500 से ₹5,000 तक मिलती हैं जबकि पैठणी साड़ियों की कीमत ₹10,000 से ₹2 लाख तक हो सकती है। इन उत्पादों की विशेषता उनकी टिकाऊ गुणवत्ता और पारंपरिक मराठी कला है।

9. पंजाब – हॉल बाजार, लहौरी गेट, कपूरथला मार्केट, जालंधर मॉडल टाउन मार्केट, पटियाला बाजार

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अमृतसर के ये बाजार पंजाबी संस्कृति की झलक दिखाते हैं। हॉल बाजार फुलकारी और जुत्तियों के लिए फेमस है। लहौरी गेट ट्रेडिशनल सूट और कपड़ों के लिए जाना जाता है। मॉडल टाउन मॉडर्न शॉपिंग के लिए है। यहां की खासियत रंगीन कढ़ाई और पंजाबी स्टाइल फैशन है।  यहां फुलकारी कढ़ाई वाले दुपट्टे, पंजाबी जुत्तियां और पारंपरिक सूट खूब बिकते हैं। फुलकारी दुपट्टों की कीमत ₹500 से ₹10,000 तक और जुत्तियां ₹300 से ₹3,000 तक मिलती हैं। इन वस्तुओं की खासियत उनकी रंगीन कढ़ाई और अट्रैक्टिव डिज़ाइन हैं।

10. केरल – ब्रॉडवे मार्केट, मट्टनचेरी, कोझिकोड SM स्ट्रीट, त्रिवेंद्रम चाला मार्केट, एर्नाकुलम मार्केट

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कोच्चि के ये बाजार मसालों और ट्रेडिशनल प्रोडक्ट्स के लिए फेमस हैं। ब्रॉडवे और मट्टनचेरी मसालों के लिए जाने जाते हैं। SM स्ट्रीट और चाला मार्केट लोकल शॉपिंग के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां नारियल उत्पाद और आयुर्वेदिक सामान भी मिलता है। इसकी खासियत प्राकृतिक और हाई क्वालिटी प्रोडक्ट्स हैं। यहां इलायची, काली मिर्च, दालचीनी, नारियल तेल और आयुर्वेदिक औषधियां बड़ी मात्रा में मिलती हैं। इलायची ₹1,500 से ₹3,500 प्रति किलो और काली मिर्च ₹400 से ₹900 प्रति किलो तक बिकती है। इस बाजार की खासियत इसकी हाई क्वालिटी वाले मसाले हैं जिनकी मांग इंटरनेशनल लेवल पर भी रहती है।

11. असम – फैंसी बाजार, पान बाजार, उलूबाड़ी मार्केट, जोरहाट मार्केट, डिब्रूगढ़ मार्केट

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गुवाहाटी के ये बाजार नॉर्थ-ईस्ट की संस्कृति का बड़ा केंद्र हैं। फैंसी बाजार सबसे प्रसिद्ध है जहां मूगा सिल्क, बांस से बने प्रोडक्ट और असम चाय मिलती है। पान बाजार और उलूबाड़ी लोकल शॉपिंग और दैनिक जरूरतों के लिए जाने जाते हैं। जोरहाट और डिब्रूगढ़ मार्केट चाय बागानों और ट्रेडिशनल हैंडीक्राफ्ट के लिए फेमस हैं। यहां की खासियत ऑर्गेनिक प्रोडक्ट और यूनिक नॉर्थ-ईस्ट हैंडीक्राफ्ट है।  मूगा सिल्क साड़ियों की कीमत ₹5,000 से ₹50,000 तक और असम चाय ₹200 से ₹2,000 तक मिलती है। मूगा सिल्क की खासियत यह है कि यह दुनिया में केवल असम में ही नेचुरल तरीके से तैयार होता है।

12. ओडिशा – एकाम्रा हाट, यूनिट-1 मार्केट, भुवनेश्वर मार्केट, कटक चौक, संबलपुर मार्केट

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भुवनेश्वर के ये बाजार कला और संस्कृति का सुंदर संगम हैं। एकाम्रा हाट पत्ताचित्र पेंटिंग और इकट साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यूनिट-1 और भुवनेश्वर मार्केट लोकल कपड़े और रोजमर्रा की शॉपिंग के लिए हैं। कटक और संबलपुर मार्केट सिल्वर फिलिग्री और हैंडीक्राफ्ट के लिए जाने जाते हैं। यहां की खासियत पारंपरिक ओडिशी कला और हस्तनिर्मित प्रोडक्ट हैं। पत्ताचित्र पेंटिंग ₹500 से ₹50,000 तक और इकट साड़ियां ₹1,500 से ₹30,000 तक मिलती हैं। यह बाजार ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।

13. मध्य प्रदेश – न्यू मार्केट, बिट्टन मार्केट, मृगनयनी, इंदौर सराफा बाजार, ग्वालियर महाराज बाजार

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भोपाल और इंदौर के ये बाजार हैंडीक्राफ्ट और फूड दोनों के लिए प्रसिद्ध हैं। न्यू मार्केट और बिट्टन मार्केट मॉडर्न शॉपिंग के लिए जाने जाते हैं। मृगनयनी साड़ी और हैंडलूम का बड़ा केंद्र है। इंदौर सराफा बाजार रात की फूड स्ट्रीट के लिए फेमस है। यहां की खासियत चंदेरी, महेश्वरी साड़ी और स्ट्रीट फूड है। चंदेरी साड़ी ₹2,000 से ₹30,000 तक तथा महेश्वरी साड़ी ₹1,500 से ₹25,000 तक मिलती है। यहां गोंड कला की पेंटिंग्स भी काफी पॉपुलर हैं। इस बाजार की खासियत पारंपरिक हस्तकरघा उत्पाद हैं।

14. झारखंड – रातू रोड, पलाश मार्ट, सर्कुलर रोड मार्केट, हटिया मार्केट, धनबाद बैंक मोड़ मार्केट

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रांची के ये बाजार आदिवासी संस्कृति की पहचान हैं। पलाश मार्ट सबसे प्रसिद्ध है जहां बांस के प्रोडक्ट और हैंडीक्राफ्ट मिलते हैं। रातू रोड और सर्कुलर रोड कपड़े और लोकल शॉपिंग के लिए जाने जाते हैं। हटिया और धनबाद मार्केट दैनिक जरूरतों के लिए फेमस हैं। यहां की खासियत आदिवासी कला और सस्टेनेबल हैंडीक्राफ्ट है। यहां बांस की सजावटी वस्तुएं ₹100 से ₹5,000 तक और हस्तनिर्मित राखियां ₹150 से ₹1,200 तक मिलती हैं। यह बाजार स्थानीय महिला समूहों और कारीगरों को बढ़ावा देता है।

15. हिमाचल प्रदेश – मॉल रोड, लक्कड़ बाजार, मैनाली मार्केट, भूटान मार्केट, सदर बाजार, अखाड़ा बाजार

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शिमला और कुल्लू–मनाली के ये बाजार पहाड़ी संस्कृति की झलक दिखाते हैं। मॉल रोड और लक्कड़ बाजार ऊनी कपड़ों, शॉल और हिमाचली टोपी के लिए फेमस हैं। मनाली और धर्मशाला मार्केट टूरिस्ट शॉपिंग और तिब्बती हैंडीक्राफ्ट के लिए जाने जाते हैं। कुल्लू का सदर और अखाड़ा बाजार पारंपरिक शॉल और लकड़ी की कारीगरी के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां की खासियत ठंडी जलवायु के हिसाब से बने ऊनी और हस्तनिर्मित प्रोडक्ट हैं। हिमाचली शॉल ₹500 से ₹10,000 तक और लकड़ी के हस्तशिल्प ₹300 से ₹15,000 तक मिलते हैं। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत हिमालयी संस्कृति और स्थानीय हस्तकला का अनूठा संगम है।

इन बाजारों में खरीदारी करते समय बिल लेना, GI टैग या सर्टिफिकेट देखना और लोकल कारीगरों से खरीदना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे असली प्रोडक्ट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इन 15 राज्यों की लोकल मार्केटें केवल खरीदारी का सेंटर नहीं हैं, बल्कि वे अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास, कला और परंपराओं की पहचान भी हैं