इंदौर के शिशु कुंज स्‍कूल के 35 बच्‍चे बीमार, लंच के बाद पेट दर्द और उल्टी से मचा हड़कंप, परिजनों का स्‍कूल में हंगामा

Shishu Kunj School

इंदौर के नामी स्‍कूल शिशुकुंज में लंच के बाद 35 से ज्‍यादा बच्‍चों के बीमार होनी की बात सामने आई है। लंच के बाद कई बच्‍चों को पेट दर्द और उल्‍टी हुई है। जैसे ही घटना के बारे में जानकारी मिली, बच्‍चों के परिजन स्‍कूल पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उनके यहां पूरी क्वालिटी मेंटेन की जाती है। हालांकि स्कूल के मेल आईडी पर 30 से 35 पेरेंट्स के मेल जरूर आए हैं। जिसमें बच्चे की तबीयत खराब होने की बात है।

दरअसल, ये मामला इंदौर के झलारिया स्थित शिशुकुंज स्कूल का है। जहां शनिवार को स्कूल में लंच के बाद कुछ स्कूली बच्चों की तबीतय बिगड़ने की बात सामने आई है। पेट दर्द और उल्टी की शिकायत का होना पता चला है।

सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ पेरेंट्स स्कूल में हंगामा करते नजर आ रहे है। कुछ पेरेंट्स कह रहे हैं कि यहां पर स्टाफ के दो से तीन लोग हैं, जबकि इतने सारे पेरेंट्स हैं आप स्थिति को तो समझिए। यहां पेरेंट्स परेशान हो रहे है, इतने सारे पेरेंट्स खड़े हैं।

मालमे में जब स्कूल प्रबंधन से बात की तो रिचा तिवारी, एडमिनिस्‍ट्रेशन कॉर्डिनेटर ने कहा कि बच्‍चों के बीमार होने संबंधी 30 से 35 परिजनों के मेल आए हैं। उन्‍होंने बताया कि संक्रमण क्‍यों और कैसे हुए, इसकी जानकारी हमें अभी नहीं है। हमारा ओपन किचन है। परिजन भी किचन का इंस्‍पेक्‍शन कर सकते हैं, इसके अलावा फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी भी समय समय पर चेक करते हैं। अभी भी वो आए हुए हैं। रिचा तिवारी ने बताया कि स्कूल में पूरी क्वालिटी मेंटेन की जाती है। यहां आरओ का पानी ही इस्तेमाल किया जाता है। स्कूल में सभी जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। कोई बच्चे के एडमिट होने की जानकारी नहीं है, लेकिन 30 से 35 पेरेंट्स के मेल आए हैं, जिसमें उनके बच्चों के बीमार होने की बात है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो : बता दें कि सोमवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ पेरेंट्स स्कूल में हंगामा करते नजर आ रहे है। कुछ पेरेंट्स कह रहे हैं कि यहां पर स्टाफ के दो से तीन लोग हैं, जबकि इतने सारे पेरेंट्स हैं आप स्थिति को तो समझिए। यहां पेरेंट्स परेशान हो रहे है, इतने सारे पेरेंट्स खड़े हैं।
Edited By: Naveen R Rangiyal

Women T20I WC से बाहर होने वाली पहली टीम पाकिस्तान के कोच और खिलाड़ी पिज्जा बर्गर की पार्टी में (Video)

 

Women T20I WC से बाहर होने वाली पहली टीम पाकिस्तान के कोच वाहब रियाज हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ हार के कारण काफी हताश दिखे थे। लगातार तीसरी हार के कारण पाकिस्तान इस महिला टी-20 विश्वकप से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई थी। पाकिस्तान को पहले भारत फिर ऑस्ट्रेलिया और फिर बांग्लादेश से भी 23 रनों की हार मिली। हालांकि टीम का माहौल देखें तो लगता है उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा है क्योंकि कोच और खिलाड़ी इंग्लैंड के रेस्टोरैंट में फास्ट फूड की दावत उड़ा रहे थे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ है।

इससे पहले पाकिस्तान के कोच वहाब रियाज़ अपनी टीम के शनिवार को बांग्लादेश से हारने और आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद बहुत निराश थे।हैम्पशायर बाउल में बांग्लादेश के 123/6 के स्कोर का पीछा करते हुए एशियाई टीम लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाई। टी20 वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी हार का मतलब है कि पाकिस्तान अब नॉकआउट स्टेज के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर सकता।

हालांकि पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के अपने शुरुआती तीन मैचों में अपने बेहतरीन फ़ॉर्म की झलक दिखाई, लेकिन वहाब का मानना है कि दबाव पड़ने पर टीम ने खुद को निराश किया। वहाब ने कहा, “वर्ल्ड कप से बाहर होना बहुत निराशाजनक है क्योंकि हमारे नज़रिए से, मुझे अभी भी लगता है कि किसी दूसरी टीम ने आपको नहीं हराया है। आप खुद दूसरी टीमों से हारे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इसमें बड़ा फ़र्क है जब दूसरी टीमें अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करती हैं और आपको हरा देती हैं। लेकिन मुझे लगता है कि दुर्भाग्य से पिछले तीनों मैचों में हम उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाए और हमने ही मैच गंवाए।”

मुनीबा अली (25) और गुल फ़िरोज़ा (23) ने बांग्लादेश के स्कोर का पीछा करते हुए 49 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप करके पाकिस्तान को मज़बूत शुरुआत दी थी, लेकिन मिडिल-ऑर्डर के लड़खड़ाने से कप्तान फ़ातिमा सना (10) और निचले क्रम के बल्लेबाज़ों पर बहुत ज़्यादा दबाव आ गया और टीम विपक्षी टीम के स्कोर तक नहीं पहुँच पाई।

India vs England: इंग्लैंड सीरीज से शुरू होगा वर्ल्ड कप मिशन, BCCI ने शुरू की बड़ी तैयारी

भारत ने 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम का लक्ष्य 16 साल बाद फिर से वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफी अपने नाम करना है। पिछले साल 2023 में वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत हासिल कर फाइनल तक का सफर तय किया था। टीम आखिरी फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। पिछले वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। टीम की कप्तानी अब रोहित शर्मा के बजाय शुभमन गिल के हाथों में है और नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।

अब टीम मैनेजमैंट और खिलाड़ी का ध्यान 2027 में होने वाले वर्ल्ड कप जीतने पर है। बोर्ड के मुताबिक, टीम को मजबूत बनाने और बड़े टूर्नामेंट की तैयारी कराने के लिए लंबी अवधि की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि भारत आगामी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

सैकिया ने क्या कहा

IANS के मुताबिक BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया, “बीसीसीआई 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए एक साफ रास्ता प्लान कर रहा है। अभी से लेकर अक्टूबर 2027 में टूर्नामेंट शुरू होने तक हमारे पास काफी वनडे क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। हमने इंग्लैंड में 14 से 19 जुलाई तक होने वाले तीन ODI मैचों के लिए टीम की घोषणा कर दी है।” इंग्लैंड दौरे पर 14 से 19 जुलाई के बीच खेले जाने वाले तीन वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया जा चुका है। इससे खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों को मजबूत करने का मौका मिलेगा।

सभी आपस में बिठा रहे तालमेल

अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेल चुके यशस्वी जायसवाल, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव इस बार टीम में अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो सके। सेलेक्टर्स के इस फैसले ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “सेलेक्टर्स, सपोर्ट स्टाफ और मुख्य कोच आपस में लगातार तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सिलेक्टर्स सपोर्ट स्टाफ और हेड कोच के साथ हैं।”

अफगानिस्तान को किया 3-0 से क्लीन स्वीप

भारतीय टीम ने वनडे क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत कर दी है और अब उसका पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर है। इसी दिशा में इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज को काफी अहम माना जा रहा है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने हाल में अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, 150 पन्नों की रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के भी संकेत

Ram Mandir Scam SIT Investigation

Ayodhya Ram Mandir Scam SIT Investigation: अयोध्या में रामलला के दरबार से आई एक ऐसी खबर ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूकंप ला दिया है, जिसने आस्था और व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में हुए 7 करोड़ रुपए से अधिक के कथित घोटाले की जांच कर रही SIT अपनी 150 पन्नों की रिपोर्ट संभवत: आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप जा सकती है। कहा तो यह भी जा रहा है कि उन्हें रिपोर्ट सौंप दी गई है। यह वही विवाद है जिस पर कभी समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी (AAP) ने 200 करोड़ से अधिक की लूट का आरोप लगाकर देश की राजनीति गरमा दी थी, जिसके बाद खुद ट्रस्ट की मांग पर सीएम योगी ने SIT का गठन किया था।

नोट गिनने वाले कर्मचारियों को हटाया

​जांच की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ शीर्ष पदाधिकारियों, संदिग्ध कर्मचारियों और उनके करीबियों के अयोध्या जनपद की सीमा पार करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस बीच, कुछ बदलाव भी किए गए हैं। पूर्व में नोट गिनने वाले कर्मचारियों को हटा दिया गया है। साथ ही नोट गिनने वालों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। किसी के भी कपड़ों में जेब नहीं होगी।  ALSO READ: हे राम! चढ़ावा चोरी के बाद अब 40% कमीशन के आरोप से गरमाई अयोध्या

​इन दिग्गजों पर टिकी हैं नजरें

पाबंदियों के दायरे में प्रमुख रूप से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा, व्यवस्थापक गोपाल राय सहित उनके कई मातहत और करीबी शामिल हैं। हालांकि माना जा रहा है कि चंपत राय को इस पूरे मामले में क्लीन चिट मिल सकती है। तीन सदस्यीय एसआईटी टीम ने अब तक इस पूरे मामले में 150 से अधिक लोगों से बंद कमरे में पूछताछ की है। इनमें से 25 लोगों की भूमिका को बेहद संदिग्ध माना जा रहा है, जिन पर कभी भी बड़ी गाज गिर सकती है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी कांड, अब सर्विलांस स्टाफ रडार पर! RMO की भी खुलेगी कुंडली

​जांच के चौंकाने वाले खुलासे

नोटों की गिनती में भारी हेरफेर : जांचकर्ताओं ने पाया कि रामलला के दानपात्रों से निकलने वाले कैश की गिनती और बहीखाते (लेजर) में भारी विसंगतियां हैं। रोजाना मिलने वाले लाखों रुपए के चढ़ावे का बैंक रिकॉर्ड और लेजर आपस में मेल नहीं खा रहे हैं।

 

​सोने-चांदी और रत्नों का गायब होना : श्रद्धालुओं द्वारा रामलला को श्रद्धा से अर्पित किए गए सोने, चांदी और कीमती रत्नों के आभूषणों के रख-रखाव में भी गंभीर हेराफेरी के आरोप हैं। कई बहुमूल्य संपत्तियों का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है।

 

सीसटीवी (CCTV) का 45 दिनों का पेच : जांच में एक बड़ी तकनीकी अड़चन यह आई है कि मंदिर के सीसीटीवी कैमरों का बैकअप केवल 45 दिनों का ही उपलब्ध था, पुराना डेटा डिलीट हो चुका था। फिलहाल फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से पुराना फुटेज रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।

 

​शक के दायरे में मुख्य नाम : मंदिर की आंतरिक व्यवस्था और चढ़ावे की मुख्य जिम्मेदारी संभाल रहे रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव एसआईटी के रडार पर सबसे ऊपर हैं। इसके अलावा लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, फूलकांत मिश्रा और आभूषणों के प्रभारी कृष्ण देव तिवारी से भी तीखे सवाल-जवाब किए गए हैं।

​ट्रस्ट के बड़े चेहरों से पूछताछ

एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा को भी आमने-सामने बैठाकर लंबी पूछताछ की है। ​सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की इस रिपोर्ट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार मंदिर प्रबंधन को लेकर कोई बड़ा और कड़ा फैसला ले सकती है। वर्तमान व्यवस्था को भंग कर नए सिरे से ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जा सकता है। मंदिर के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS/PCS) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जा सकता है।

धर्म सेना के गंभीर आरोप

​रामलला को विश्वभर से भारी मात्रा में नकदी और जेवरात दान करने वाले दानदाता अब खुद अपनी भेंट की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई दानदाताओं ने रामलला को 60 किलो चांदी की सिल्ली, सोने के जेवरात और खड़ाऊ दान किए थे, लेकिन वर्तमान में उनकी सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

 

​धर्म सेना प्रमुख संतोष दूबे ने इस मामले में और बड़ा विस्फोट करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह हेरा-फेरी आज की नहीं बल्कि 1989 के राम मंदिर आंदोलन के समय से चल रही है। चंपत राय की देखरेख में आईं 1200 से अधिक सोने-चांदी व रत्न जड़ित ईंटों और शिलाओं का आज कोई पता नहीं है। आंदोलन के दौरान आए भारी दान की जमकर लूट हुई है, जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए।

क्या हैं इसके सियासी मायने? 

​इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब समाजवादी पार्टी (SP) और आम आदमी पार्टी (AAP) जैसे विपक्षी दलों ने दान पेटी से करोड़ों रुपए (विपक्ष के दावे के अनुसार 200 करोड़ रुपए से अधिक) की चोरी का आरोप लगाया था। बढ़ते दबाव के बाद खुद ट्रस्ट की मांग पर सीएम योगी ने एसआईटी जांच बैठाई थी।

 

​अब राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस जांच रिपोर्ट पर आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई और फैसले 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए 'संजीवनी बूटी' का काम भी कर सकते हैं और जरा सी चूक होने पर 'वेंटिलेटर' की स्थिति भी पैदा कर सकते हैं। पूरा दारोमदार अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कड़े कदम पर टिका है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

क्रू़ड ऑयल की कीमतें 60 डॉलर से नीचे जा सकती हैं, डिमांड के मुकाबले ज्यादा सप्लाई का असर कीमतों पर पड़ेगा

क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 60 डॉलर से नीचे जा सकती हैं। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। क्रिस्टल एनर्जी में ग्लोबल एडवाइजर क्रिस्टॉफ रुएल ने यह अनुमान जताया है। उनका कहना है कि क्रूड की ग्लोबल सप्लाई डिमांड के मुकाबले रोजाना 10 लाख बैरल ज्यादा है। इस साल फरवरी के आखिर में मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने पर क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। अमेरिका-ईरान में डील होने से अब कीमतें नीचे आ रही हैं।

एनर्जी ट्रेड फ्लो सामान्य होने से बढ़ेगी सप्लाई

क्रिस्टॉफ रुएल ने कहा कि अमेरिका-ईरान में डील और एनर्जी ट्रेड फ्लो के सामान्य होने से सप्लाई बढ़ेगी। उधर, क्रूड की सुस्त डिमांड ग्रोथ का असर मीडियम टर्म में इसकी कीमतों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि अमेरिका-ईरान में समझौता हो गया है। हालांकि, कुछ शर्तों को लेकर अब भी बातचीत जारी है। लेकिन, एक हफ्ते पहले के मुकाबले हालात बेहतर लगते हैं।”

ऑयल मार्केट ने नई स्थितियों से बैठाया है तालमेल

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में टेंशन की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद मार्केट के बदली हुई स्थितियों के साथ जल्द तालमेल बैठाया। तेल उत्पादक देशों ने सप्लाई के लिए पाइपलाइन का ज्यादा इस्तेमाल किया और इसके दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल किया। रिफाइनरियों ने भी सप्लाई बनाए रखने के लिए ऑपरेशन में बदलाव किए। इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में मजबूती देखने को मिली।

बीते पांच दशकों में काफी बदली है ऑयल इंडस्ट्री

हालिया संकट पर ऑयल मार्केट की प्रतिक्रिया से यह पता चला कि बीते पांच दशकों में यह इंडस्ट्री कितनी बदल चुकी है। ग्लोबल इकोनॉमी को अब उत्पादन के लिए कम ऑयल की जरूरत है। इससे पहले की क्राइसिस के मुकाबले सप्लाई को लेकर कम झटका लगा। दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बढ़ता इस्तेमाल ऑयल की कम खपत वाली गाड़ियों के आने का असर भी ऑयल की डिमांड पर पड़ा है।

चीन के स्ट्रेटेजिक रिजर्व बनाने से कीमतों को मिलेगा सपोर्ट

ऑयल मार्केट्स के लिए चीन काफी अहम है। कीमतों में गिरावट आने पर चीन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व बना रहा है। इससे डिमांड को कुछ सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, ऑयल का बढ़ता उत्पादन, स्ट्रॉन्ग एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुस्त कंजम्प्शन ग्रोथ से मीडियम टर्म में क्रूड की कीमतों का आउटलुक कमजोर दिखता है। क्रूड की कीमतों में भारत जैसे देश के लिए अच्छी खबर है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी ऑयल इंपोर्ट से पूरी करता है।

उत्सव को उपद्रव में बदलना ही सपा का काम : CM योगी

CM Yogi Adityanath Firozabad Visit

CM Yogi Adityanath Firozabad Visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के एजेंडे में विकास नहीं है। समाज को बांटना, सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करना, गुंडागर्दी-माफियागिरी को प्रोत्साहित करना, गरीब कल्याण के कार्य न होने देना, विकास योजनाओं में रोड़े अटकाना और त्योहारों के पहले उत्सव को उपद्रव में बदल देना ही उसका काम रहा है। यूपी में 2017 के पहले के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। लेकिन, जनता के आशीर्वाद से डबल इंजन सरकार आज विकास व विरासत की यात्रा को बढ़ा रही है। यूपी अब अच्छी कानून व्यवस्था तथा विकास परियोजनाओं से पहचाना जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री सोमवार को कांच नगरी में 658 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 81 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इनमें टुंडला की 452 करोड़ और शिकोहाबाद की 206 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बाबा नीम करोली की जन्मस्थली पर नागरिकों को विकास परियोजनाओं की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसके पीछे हमारे विधायकों की मेहनत है। शिकोहाबाद के विधायक भी हमारी तरह काम करते तो यह संख्या बढ़ सकती थी।

सपा शासन में सीना तानकर उपद्रव करता था माफिया

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार ‘एक जिला-एक उत्पाद’, ‘एक जिला-एक कुजीन’, ‘एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज’ दे रही है, जबकि सपा ‘एक जिला-एक माफिया’ देती थी। हर जिले का चिह्नित माफिया जमीन पर कब्जा, गुर्गों के जरिए व्यापारियों से वसूली कर अराजकता पैदा करता था। प्रदेश को तबाह करने वाले माफिया सीना तानकर उपद्रव करते थे, लेकिन अब यूपी माफिया, गुंडा, उपद्रव मुक्त है। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में है सब चंगा। 

गरीब को तबाह करती थीं सपा व कांग्रेस 

सीएम ने सपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह पार्टी रामनवमी का विरोध करती थी। कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उत्सवों पर रोक लगाती थी। गरीब को आवास, आयुष्मान, एलपीजी सिलेंडर, शौचालय आदि की कोई सुविधा नहीं देती थी। बिजली भी नहीं थी, क्योंकि सपा व कांग्रेस के लोग अंधेरे में रहकर डकैती डालते थे। ये लोग गरीब को तबाह करते थे।

लोकल से ग्लोबल बन रही फिरोजाबाद की विकास यात्रा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार द्वारा किए जा रहे विकास का श्रेय जनता-जनार्दन को है। क्योंकि जब आप ईवीएम का सही बटन दबाकर अच्छे जनप्रतिनिधि चुनते हैं और वे कमल का फूल लेकर लखनऊ पहुंचते हैं तो विकास आता है। इससे फिरोजाबाद की यात्रा लोकल से ग्लोबल बनती है। यहां का ग्लास उद्योग नवाचार का नया केंद्र बना है। इसने चीन को पीछे कर दिया है। पहले होली, दीवाली, विजयदशमी आदि त्योहारों पर चीन के बने उत्पाद ही बाजारों में पहुंचते थे। लेकिन, जब यहां के कारीगरों ने नई तकनीक, डिजाइन व बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद बनाने शुरू किए तो त्योहारों, जन्मदिन व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों पर ग्लास की सुंदर मूर्तियां व कलाकृतियां भेंट की जाती हैं।

 

गणपति, राम दरबार, राधा-कृष्ण, भगवान शिव, महात्मा बुद्ध आदि की शानदार प्रतिमाएं देखकर हर कोई अभिभूत होता है। यह प्रतिभा और कला पहले भी थी, लेकिन 2017 से पहले इन्हें प्लेटफॉर्म व प्रोत्साहन नहीं मिलता था। अब स्थानीय उद्यमी व कारीगर इस सुहाग नगरी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। डबल इंजन सरकार उन्हें और प्रोत्साहित करेगी। पीएम मोदी जब अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष को ओडीओपी का उपहार देते हैं तो इससे उत्तर प्रदेश भी गौरवान्वित होता है।

प्रदूषण बोर्ड की छापेमारी रोकी, दी नई तकनीक व सुविधाएं 

सीएम ने कहा कि 9 साल पहले विधायक मनीष असीजा मेरे पास आए और अपना आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने तबाही मचाई हुई है, यह बंद हो तो उद्यमी-व्यापारी कुछ करें। हमने बोर्ड के छापों को बंद कराया, उद्यमियों को नई तकनीक दी और गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराई। अब फिरोजाबाद के उद्यमी बिजली से भी भट्टियों का संचालन कर उसे सोलर पैनल से जोड़कर नई तकनीक के साथ आगे बढ़ चुके हैं। आलू उत्पादक किसानों ने भी फिरोजाबाद को समृद्ध किया है।

लोकमाता की प्रतिमा जनपद को दिला रही पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा जनपद को पहचान दिलाते हुए सनातन धर्मावलंबियों को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने की प्रेरणा दे रही है। उनका जन्म भले ही महाराष्ट्र में हुआ, वह इंदौर की महारानी रहीं, लेकिन उनका कार्यक्षेत्र पूरा भारत था। जहां सनातन धर्म है, वहां लोकमाता की उपस्थिति है। विदेशी आक्रांताओं ने जिन धर्मस्थलों को नष्ट किया, लोकमाता ने उन सभी का पुनरुद्धार किया। जब उनकी जयंती के 300 वर्ष हुए तो पूरे देश में लोकमाता के त्रिशताब्दी कार्यक्रम को भव्यता से मनाया गया। मैं भी अनेक कार्यक्रमों से जुड़ा। हमारी सरकार ने जगह-जगह उनकी प्रतिमाओं को स्थापित किया। औरैया मेडिकल कॉलेज का नामकरण लोकमाता के नाम पर किया गया। लोकमाता ने अपने कृतित्व के माध्यम से धर्म की स्थापना व पुनरुद्धार के लिए प्रेरणा प्रदान की।

हमारे जनप्रतिनिधियों को मिलता रहेगा जनता का आशीर्वाद

सीएम ने कहा कि यहां की विकास परियोजनाएं बताती हैं कि विधायकों ने मेहनत की। उनका व्यक्तिगत परिश्रम भी रंग लाया। सीएम ने विधायक प्रेमपाल धनगर व अन्य जनप्रतिनिधियों को विकास में रुचि के लिए बधाई दी। कहा कि अब टुंडला में भी विकास दिखाई दे रहा है। सीएम ने विश्वास जताया कि जनता का आशीर्वाद भाजपा व हमारे जनप्रतिनिधियों को प्राप्त होता रहेगा। 

प्रदेशवासियों को दीं असीमित सुविधाएं 

सीएम ने प्रदेशवासियों को मिलने वाली सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 15 करोड़ गरीबों को राशन, आय़ुष्मान भारत के तहत 10 करोड़ लोगों को पांच लाख रुपये की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, 65 लाख गरीबों को आवास, दो करोड़ गरीबों को रसोई गैस कनेक्शन, लगभग डेढ़ करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन और 16 लाख किसानों के निजी ट्यूबवेल के बिल माफ कर मुफ्त बिजली दी जा रही है। किसानों को सरकार क्रय केंद्रों व सॉइल हेल्थ कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराती है। पीएम मोदी ने शनिवार को किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भेजी, जिसमें यूपी के किसानों के खाते में 4300 करोड़ रुपये से अधिक आए।

अब कार्यालयों में नहीं लगाने पड़ते बाबू के चक्कर

सीएम ने स्पष्ट कहा कि यह हमारी कार्य संस्कृति है कि अब किसी कार्यालय में बाबू के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। नीयत जब साफ होती है तो नीति व नियंता मार्ग प्रशस्त करते हैं। यही डबल इंजन सरकार की पहचान है। जनता के आशीर्वाद की बदौलत भाजपा सरकार विकास व विरासत की यात्रा को बढ़ा रही है। यूपी अब पर्यटन केंद्रों के विकास, अच्छी कानून व्यवस्था, विकास परियोजनाओं, दिव्य-भव्य महाकुंभ, अयोध्या में राम मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन के वृहद स्वरूप के लिए पहचाना जा रहा है। 

 

इस दौरान पर्यटन/संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, महापौर कामिनी राठौर, विधायक मनीष असीजा, प्रेमपाल सिंह धनगर, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, जिला पंचायत अध्यक्ष हर्षिता सुमित प्रताप सिंह, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजबहादुर, जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर आदि मौजूद रहे।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी के दम पर निफ्टी 24,100 के लेवल के आसपास पहुंच गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ। लगभग 2500 शेयरों में बढ़त हुई, 1688 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,IT, मेटल,फार्मा,ऑटो और एनर्जी इंडेक्स में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो रैली में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट भी मज़बूत रहा,जिसमें निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ,लेकिन इसका रुख पॉजिटिव रहा। निवेशक US-ईरान बातचीत की प्रगति को लेकर अच्छी उम्मीद लगाए रहे । कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा,जिसे यूटिलिटी,बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक में आई खरीदारी की वजह से आई। हालांकि,मॉनसून की धीमी रफ्तार की चिंताएं महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं,जिससे कंज्यूमर सेंटीमेंट और खेती से जुड़े सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।

इससे निकट भविष्य में बाजार की तेजी धीमी पड़ सकती है। लेकिन बाजार का बड़ा ट्रेंड अच्छा बना हुआ है। मजबूत कमाई और लगातार मिल रहे पॉलिसी सपोर्ट के चलते बाजार के लिए मध्यम अवधि का ट्रेंड अच्छा बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो दिखाता है कि पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है। ऊपरी स्तर पर,24,200 का लेवल एक इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस लेवल के ऊपर की मजबूत चाल 24,500 की ओर रैली शुरू कर सकती है। निचले स्तर पर,सपोर्ट 24,000 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि सोमवार के सेशन में बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक छोटी ‘डोजि कैंडलस्टिक'(Doji candlestick)के साथ बंद हुआ। यह हालिया रिकवरी के बाद ऊपर की ओर कंसोलिडेशन (upward consolidation) का संकेत है। इंडेक्स पॉजिटिव रुख के साथ एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है,जिससे पता चलता है कि खरीदारी की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।

आवरली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने 20-SMA और 50-SMA के ऊपर बना हुआ है,जो ट्रेंड में मजबूती दिखाता है। इसलिए,जब तक इंडेक्स 57,500 और 57,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारीसकी रणनीति फायदेमंद रहेगी। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 58,500–59,000 के जोन में है।

 

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

‘अष्टांग योग गीत’

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चित्त की चंचल लहरें रोकें, 

अन्तस आलोक जगाएं हम।

आओ साधक! पतंजलि का, 

अष्टांग योग अपनाएं हम।

 

प्रथम सीढ़ी 'यम' की है भाई,

सत्य-अहिंसा मन में लाना।

अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह को, 

तुम जीवन का मूल बनाना।

शुचिता, संतोष, तप, स्वाध्याय,

'नियम' की राह दिखाता है।

ईश्वर-प्रणिधान का सुमिरन करना, 

मन का मैल मिटाता है।

बाहर भटक रहे तन मन को

अंतर्मुख कर लाएं हम।

आओ साधक! पतंजलि का, 

अष्टांग योग अपनाएं हम।

 

आसन, प्राणायाम, 

'आसन' से यह काया सधती

स्थिर-सुख का भाव जगे।

प्राणों का आयाम बढ़ाकर,

'प्राणायाम' में ध्यान लगे।

'प्रत्याहार' सिखाए हमको,

इन्द्रिय-वेग को कैसे रोकें।

भीतर की गंगा में डूब कर, 

बाहर के भ्रम कैसे टोकें।

पाकर परम शून्य का वैभव, 

शिवमय ही हो जाएं हम।

आओ साधक! पतंजलि का, 

अष्टांग योग अपनाएं हम।

 

'धारणा'' एकाग्र करें मन, 

लक्ष्य एक ही पाएं हम।

अविच्छिन्न चेतना की धारा,

'ध्यान'' रूप कहलाएं हम।

जब ध्याता और ध्यान मिटे, 

बस ध्येय मात्र रह जाता है।

वही विलोप 'समाधि' की

पावन वेला बन जाता है।

बहिरंग साधना से उठकर, 

अंतरंग हो जाएं हम।

आओ साधक! पतंजलि का 

अष्टांग योग अपनाएं हम।

 

चित्त की चंचल लहरें रोकें, 

अन्तस आलोक जगाएं हम।

आओ साधक! पतंजलि का, 

अष्टांग योग अपनाएं हम।


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Electric Scooter : बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार

कंपनी ने Reo VYB की बैटरी पर 3 साल या 30,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की वारंटी देने की घोषणा की है। Ampere का कहना है कि बैटरी को लंबी उम्र और बेहतर टिकाऊपन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। किफायती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग के बीच Ampere ने अपने पोर्टफोलियो में नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Reo VYB लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 69,499 रुपये रखी है।

 

नया Reo VYB कंपनी की लाइनअप में Reo 80 से ऊपर रखा गया है। इसमें पहले के मुकाबले अधिक आधुनिक डिजाइन और कई सुविधाजनक फीचर्स दिए गए हैं। यह लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर श्रेणी में आता है, इसलिए इसे चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की आवश्यकता नहीं होगी।

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बैटरी, मोटर और रेंज

 

Ampere Reo VYB में 1.44kWh की Lithium Iron Phosphate (LFP) बैटरी दी गई है, जिसे 250W हब मोटर के साथ जोड़ा गया है। कंपनी के अनुसार, यह स्कूटर IDC टेस्टिंग कंडीशंस में एक बार फुल चार्ज होने पर 80 किलोमीटर तक की रेंज प्रदान कर सकता है। कंपनी का दावा है कि सामान्य उपयोग के दौरान भी उपभोक्ताओं को इसके आसपास की रेंज मिल सकती है। बैटरी को पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 5.5 घंटे का समय लगता है।

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फीचर्स

दैनिक आवागमन को आसान बनाने के लिए Ampere ने Reo VYB में कई आधुनिक फीचर्स दिए हैं। इनमें शामिल हैं:

 

  • LCD डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
  • LED लाइटिंग पैकेज
  • की-फॉब के साथ कीलेस स्टार्ट
  • रिवर्स मोड
  • एम्बिएंट साइड लाइटिंग
  • फ्रंट डिस्क ब्रेक
  • USB चार्जिंग सपोर्ट
  • रिमोट स्टार्ट फंक्शन
  • लो बैटरी इंडिकेटर
  • मेन स्टैंड
  • 24 लीटर का बूट स्पेस

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स्कूटर में 12 इंच का फ्रंट व्हील दिया गया है, जबकि रियर व्हील में इलेक्ट्रिक मोटर इंटीग्रेट की गई है। कंपनी इसमें स्टैंडर्ड रूप से ट्यूबलेस टायर भी उपलब्ध करा रही है।

 

चार रंगों में उपलब्ध

 

ग्राहक इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार आकर्षक रंग विकल्पों में खरीद सकते हैं:

 

  • वॉर्म व्हाइट
  • पेस्टल पर्पल
  • डार्क ग्रे
  • एक्वा मेटैलिक

 

ये रंग स्कूटर को युवा और स्टाइलिश लुक प्रदान करते हैं।

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बैटरी वारंटी

कंपनी ने Reo VYB की बैटरी पर 3 साल या 30,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की वारंटी देने की घोषणा की है। Ampere का कहना है कि बैटरी को लंबी उम्र और बेहतर टिकाऊपन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।  Edited by : Sudhir Sharma

4 गोलों से स्पेन से हार नहीं पची तो साउदी अरब के शेखों ने तोड़े टेलीविजन सेट (Video)

FIFA World Cup में स्पेन से 0-4 की हार ना पचने के कारण साउदी अरब के कई लोगों ने टेलीविजन सेट तोड़ दिए। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  इस वीडियो में साउदी का शेख टेलीविजन सेट को ईंट से तोड़ता हुआ दिख रहा है।

गौरतलब है कि युवा फॉरवर्ड लामिन यमाल और मिकेल ओयारजाबल के गोलों की बदौलत स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एच के मुकाबले में सऊदी अरब को 4-0 से हरा दिया।स्पेन ने रविवार रात अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में शानदार आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। स्पेन के युवा फॉरवर्ड लामिन यमाल ने 10वें मिनट में गोल करके टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।

उन्होंने एक बेहतरीन आक्रामक मूव को गोल में बदलकर ‘ला रोजा’ (स्पेन की टीम) को आगे किया। मैच में स्पेन का दबाव लगातार बना रहा और मिकेल ओयारजबल ने 21वें और 24वें मिनट में लगातार दो गोल करके पहले आधे घंटे के भीतर ही मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया।

सऊदी अरब को स्पेन के हाई-प्रेसिंग और शानदार पासिंग कॉम्बिनेशन का सामना करने में काफी मुश्किल हुई और वे पहले हाफ का अधिकतर समय अपने ही क्षेत्र में सिमटे रहे। गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवाइस ने कई अहम बचाव करके स्कोर को और अधिक शर्मनाक होने से बचाया, लेकिन ब्रेक के बाद वे और गोल होने से नहीं रोक सके। सऊदी अरब के लिए तीसरा गोल दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से (आत्मघाती गोल) हुआ, जब हसन अल-तंबक्ति ने बॉक्स में आए एक खतरनाक पास को रोकने की कोशिश में गेंद को अपनी ही नेट में डाल दिया।

स्पेन ने दूसरे हाफ में भी गेंद पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा और कई मौके बनाए, हालांकि फेरान टोरेस के आखिरी समय में किए गए पांचवें गोल को वीएआर रिव्यू में ऑफसाइड पाए जाने के बाद रद्द कर दिया गया। एक घंटे का खेल होने के बाद सऊदी अरब ने कुछ इरादा दिखाया लेकिन कोई खास खतरा पैदा नहीं कर सके, क्योंकि स्पेन की मिडफील्ड तिकड़ी – पेड्री, रोड्री और दानी ओल्मो – ने आसानी से खेल की गति को नियंत्रित किया और अंतिम क्षणों में खेल पर पूरी पकड़ बनाए रखी।इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप एच में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि सऊदी अरब ग्रुप चरण में एक और हार के बाद दबाव में है।