ITR Filing 2026: क्या इस साल भी बढ़ेगी ITR फाइल करने की डेडलाइन? ये 5 फैक्टर करेंगे तय

ITR Filing 2026: ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख पिछले साल दो बार बढ़ाई गई थी। इसकी वजह टैक्स नियमों में बदलाव और ई-फाइलिंग पोर्टल से जुड़ी कुछ तकनीकी चुनौतियां थीं। इसके चलते कई टैक्सपेयर उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल भी डेडलाइन बढ़ सकती है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए इसकी संभावना काफी कम नजर आती है।

सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार फाइलिंग से जुड़ी ज्यादातर सुविधाएं और यूटिलिटीज समय पर उपलब्ध हैं। ई-फाइलिंग सिस्टम भी फिलहाल ठीक तरीके से काम कर रहा है। रिटर्न फाइल करने की रफ्तार भी अच्छी बनी हुई है।

किन 5 फैक्टर से डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद कम?

1. कई टैक्सपेयर को पहले ही राहत मिल चुकी है

कई नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर, फर्म पार्टनर्स और कुछ प्रोफेशनल्स के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख पहले ही बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी गई है। ऐसे में सभी के लिए एक और व्यापक राहत की जरूरत कम हो जाती है।

2. ITR फॉर्म समय पर जारी हुए

ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 की यूटिलिटीज पहले से उपलब्ध हैं। ये फॉर्म ज्यादातर टैक्सपेयर इस्तेमाल करते हैं। इसलिए सिर्फ कुछ फॉर्म्स में देरी की वजह से डेडलाइन बढ़ने की संभावना कम है।

3. तकनीकी दिक्कतें कम रहीं

पिछले साल पोर्टल से जुड़ी समस्याएं डेडलाइन बढ़ाने की एक बड़ी वजह थीं। इस बार फाइलिंग सीजन काफी अच्छा रहा है। अब तक कोई बड़ी तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है।

4. टैक्स नियमों में ज्यादा बदलाव नहीं

पिछले कुछ वर्षों में इंडेक्सेशन नियमों, STCG और LTCG टैक्स जैसे कई बड़े बदलाव हुए थे। इस बार टैक्स सिस्टम भी काफी स्थिर है। इसलिए टैक्सपेयर और विभाग दोनों बेहतर तरीके से तैयार हैं।

5. फाइलिंग की रफ्तार मजबूत

21 जून 2026 तक 56 लाख से ज्यादा ITR दाखिल हो चुकी थीं। इनमें से 53 लाख से ज्यादा रिटर्न वेरिफाई भी हो चुकी हैं। यह दिखाता है कि फाइलिंग प्रक्रिया सामान्य तरीके से आगे बढ़ रही है।

अगर अब तक ITR नहीं भरा, तो क्या करें?

  • Form 16, ब्याज प्रमाणपत्र, कैपिटल गेन स्टेटमेंट और आय से जुड़े अन्य दस्तावेज पहले से जुटा लें।
  • रिटर्न में दी गई जानकारी AIS और Form 26AS से मेल खानी चाहिए। इससे गलती और नोटिस का जोखिम कम होता है।
  • रिटर्न भरने से पहले दोनों टैक्स रिजीम में अपनी टैक्स देनदारी की तुलना जरूर कर लें।
  • आखिरी समय का इंतजार करने पर पोर्टल पर दबाव बढ़ सकता है और गलतियों की संभावना भी रहती है।
  • सिर्फ ITR भरना काफी नहीं है। रिटर्न को ई-वेरिफाई करना भी जरूरी है। इसके बिना रिटर्न वैध नहीं मानी जाती।

कुल मिलाकर डेडलाइन बढ़ने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए टैक्सपेयर को मौजूदा समयसीमा को ही ध्यान में रखकर अपनी ITR फाइल करनी चाहिए।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

योगी सरकार ने बिजली आपूर्ति में रचा इतिहास, 32348 मेगावाट मांग पूरी कर बनाया कीर्तिमान

UP Power Supply Record 2026: उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने 21 जून को रात 10:48 बजे 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफल एवं निर्बाध पूर्ति कर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश में अब तक की सर्वाधिक पीक पावर डिमांड पूरी करने वाला राज्य बन गया है। इससे पहले 13 मई 2026 को महाराष्ट्र ने 32,317 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। 

 

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए गए हैं। 21 जून को रात 10:48 बजे 32,348 मेगावाट रिकॉर्ड पीक डिमांड आपूर्ति की गई है। जोकि अब तक के इतिहास में सबसे अधिक है।

यूपी पीक डिमांड बिजली आपूर्ति करने में लगातार सबसे आगे हैं। 20 जून को यूपी में 31549 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई। 19 जून को भी प्रदेश में 30968 मेगावाट बिजली आपूर्ति की गई थी। इससे पहले 24 मई को यूपी में सबसे अधिक 31824 मेगावाट पीक डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। साल 2025 में 11 जून को 31486 मेगावाट पीक डिमांड बिजली आपूर्ति की गई थी। इस तरह 21 जून 2026 को डिमांड बिजली आपूर्ति ने अभी तक के सभी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

प्रचंड गर्मी में बिजली की मांग चरम पर

यूपी जैसे विशाल राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति करना एक बड़ी चुनौती रही है। लेकिन योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था ने इस चुनौती को अवसर में बदल दिया है। प्रदेश में बिजली अवसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार नए उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है और पुराने उपकरणों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है। उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और सक्षम हो चुकी है।

बिजलीकर्मी दिन-रात फील्ड में डटे

प्रदेश भर में बिजलीकर्मी दिन-रात मैदान में डटे हुए हैं। चाहे तूफानी रात हो, भारी बारिश हो या चिलचिलाती गर्मी, बिजलीकर्मी हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और सुचारु बिजली आपूर्ति करने में जुटे हैं। रात्रिकालीन मेंटेनेंस कार्यों के माध्यम से विभिन्न जिलों में बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों और उपकेंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित और प्रभावी कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए उनकी अर्थिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय टीमों द्वारा नियमित रूप से अर्थिंग में पानी डालकर सिस्टम को सुरक्षित और स्थिर रखा जा रहा है।

उपकेंद्रों का अधिकारी कर रहे लगातार निरीक्षण

प्रदेश भर में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उपकेंद्रों का निरीक्षण भी लगातार किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को हर स्थिति में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। शिकायतों के त्वरित निस्तारण और फील्ड रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफल पूर्ति उत्तर प्रदेश के बिजली क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 

रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही

चेयरमैन डॉ. गोयल ने कहा कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं तक निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि रोस्टर से अधिक बिजली आपूर्ति की जा रही है। पूरे प्रदेश में ब्रेक डाउन में आये फीडरों को छोड़कर अन्य कार्यों के लिए शटडाउन लेने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि फीडरों के शटडाउन के लेने के लिए अधिशाषी अभियंताओं को अधिकृत किया गया है। जिससे शटडाउन महत्वपूर्ण व आवश्यक है, यह सुनिश्चित किया जा सकें।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala

‘बारिश में गल गया सोना, बंदर उठा ले गए’, पुलिस की दलील पर कोर्ट सख्त; 18 साल पुराने मामले ने चौंकाया

monkey runs away with gold

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित लखीमपुर खीरी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। सुनने में यह किसी हास्य फिल्म का दृश्य लग सकता है, लेकिन यह दावा स्वयं पुलिस ने अदालत के समक्ष किया था कि मालखाने में सुरक्षित रखी गई लाखों रुपये मूल्य की सोने की पोटली बारिश में गल गई। इसके बाद आभूषणों को धूप में सुखाने के लिए रखा गया, जहां से बंदरों का एक झुंड उन्हें उठा ले गया। हालांकि, अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और शिकायतकर्ता को हुए नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया।

 

वर्ष 2007 से जुड़ा है मामला

मामला वर्ष 2007 का है। दीपावली की रात आभा रानी उर्फ जूली अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की टीम ने उनके शरीर से सोने की चेन, लॉकेट, अंगूठी, नाक की कील और 10 चूड़ियां उतारीं, जिन्हें एक पोटली में रखकर सदर कोतवाली के मालखाने में जमा करा दिया गया था।  इसके बाद दहेज हत्या के मुकदमे की लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। अंततः सबूतों के अभाव में सभी आरोपी बरी हो गए। ALSO READ: 1.25 लाख का इनामी लल्लन सिंह एनकाउंटर में ढेर, 7 हत्याओं का आरोपी था बिहार का कुख्यात बदमाश

 

दहेज हत्या मामले से बरी होने के बाद उठी मांग

वर्ष 2024 में मृतका के पति मुदित कुमार अग्रवाल ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आवेदन देकर मालखाने में जमा उनकी पत्नी के आभूषण वापस दिलाने की मांग की। जब अदालत ने पुलिस से जवाब तलब किया, तो जो कहानी सामने आई उसने सभी को चौंका दिया।

 

बारिश में भीगे, फिर बंदर उठा ले गए!

कोतवाली पुलिस ने अदालत में वर्ष 2013 की एक जनरल डायरी (जीडी) प्रविष्टि का हवाला देते हुए बताया कि मालखाने में रखी आभूषणों की पोटली बारिश में भीगकर गल गई थी। उसे सुखाने के लिए खुले में रखा गया, जहां बंदरों का एक झुंड आया और पोटली सहित आभूषण उठा ले गया।

 

अदालत ने इस दलील को अविश्वसनीय और अतार्किक बताते हुए अस्वीकार कर दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इसे मालखाने में रखी संपत्ति की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही माना।

 

अदालत के सख्त निर्देश

26 जुलाई 2024 को अदालत ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान की जाए, उनके विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाए। इसके बाद 28 मई 2025 को तत्कालीन हेड मुहर्रिर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया।

 

जांच में सामने आया नया तथ्य

लखीमपुर खीरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के अनुसार जांच में यह स्थापित हुआ कि आभूषण वर्ष 2007 के पोस्टमार्टम से संबंधित पोटली के थे और वे पूर्व हेड मुहर्रिर चंद्रिका प्रसाद तथा रामबख्श पाल के कार्यकाल के दौरान गायब हुए।

 

 हालांकि, जांच पूरी होने से पहले दोनों संबंधित हेड मुहर्रिरों का निधन हो चुका था। ऐसे में उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई संभव नहीं रही। पुलिस ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर मामला बंद कर दिया।

 

अब उच्च न्यायालय का रुख

करीब दो दशक पुराने इस मामले में आज भी शिकायतकर्ता मुदित कुमार अग्रवाल को उनकी पत्नी के आभूषण नहीं मिले हैं। उनके अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौर का कहना है कि अदालत के आदेश के बावजूद न तो संपत्ति वापस मिली और न ही पर्याप्त राहत मिली। इसलिए अब न्याय की उम्मीद में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

 

चर्चा का विषय बना मामला

मालखाने से लाखों रुपये मूल्य के आभूषण गायब होने और उसके लिए बंदरों को जिम्मेदार ठहराने की कहानी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। इससे पहले भी जब्त सामग्री के गायब होने पर पुलिस की ओर से विवादास्पद दलीलें सामने आ चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा तथा झारखंड के कुछ मामलों में जब्त गांजा अदालत में प्रस्तुत नहीं किया जा सका था और यह तर्क दिया गया था कि उसे चूहे गाजा गटक गए, यानी चूहे भी नशेड़ी होकर लाखों रूपये का नशा कर गये।

 

ऐसे मामलों ने कानून-व्यवस्था और जब्त संपत्ति की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि पुलिस के मालखाने में रखी गई संपत्ति ही सुरक्षित नहीं है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी? अदालत की सख्ती के बावजूद वर्षों बाद भी पीड़ित को न्याय और मुआवजा न मिल पाना व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

edited by : Nrapendra Gupta

Lucknow Coaching Center Fire: अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, जान बचाने के लिए नीचे कूदे बच्चे

Lucknow Coaching Center Fire: लखनऊ के अलीगंज इलाके से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। आग और धुएं से बचने के लिए कई छात्रों ने सेंटर से कूदना से शुरू कर दिया, जिस वजह कई बच्चे घायल हो गए। कुछ की हालत तो गंभीर बताई जा रही है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं।

खबर अपडेट की जा रही है।

बाइक पर कंगारू, ऑस्ट्रेलिया की बांग्लादेश पर क्लीन स्वीप का जश्न हुआ वायरल

AUSvsBAN ऑस्ट्रेलिया की बांग्लादेश पर लगातर तीसरा टी-20 अंतरराष्ट्रीय जीत का वीडियो वायरल हो रहा है क्योंकि वनडे सीरीज हार के बाद ऑस्ट्रेलिया 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय जीत गई। विश्वकप पर भी ज्यादा जश्न ना मनाने के लिए मशहूर जब ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड और मेट रेनशॉ बाइक पर मैदान का चक्कर लगाते हुए दिखे तो यह वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को तीसरे टी 20 में रविवार को 54 गेंद शेष रहते सात विकेट से रौंद कर सीरीज को 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया। मो. तौहीद हृदोय (नाबाद 61) की अर्धशतकीय पारी की बदौलत बांग्लादेश ने आठ विकेट पर 109 रनों का मामूली स्कोर बनाया। ऑस्ट्रेलिया ने 11 ओवर में तीन विकेट पर 112 रन बनाकर एकतरफा जीत हासिल की। 60 रन बनाने वाले मिचेल मार्श को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया जबकि मैट रेनशॉ को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला।

मुश्किल पिच पर भी 109 रन का स्कोर काफी नहीं था और मिच मार्श ने पावरप्ले में ही मैच खत्म करके इस लक्ष्य का मज़ाक बना दिया। बांग्लादेश ने दूसरे मैच में कड़ी टक्कर दी थी और पहले मैच में भी ठीक-ठाक खेले थे, लेकिन इस मैच में कोई मुकाबला ही नहीं हुआ। इस पिच पर वे अच्छे स्कोर से कम से कम 60-70 रन पीछे रह गए।

मैट रेनशॉ (नाबाद 89) और टिम डेविड (45) की शानदार पारियों के मदद से ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को सात रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली थी। वहीं एडम जम्पा और जोएल डेविस के तीन-तीन विकेट के बाद तीसरे वनडे में बेहतरीन शतक जमाने वाले कूपर कोनली की 47 रन की एक और शानदार पारी से ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पहले T 20I में बुधवार को 10 गेंद शेष रहते चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी।

Gold Silver price: नई खरीदारी से चमकी चांदी, MCX पर सोने की कीमतों में गिरावट बरकरार

Gold Silver price: सोमवार (22 जून) को घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड की कीमतों पर दबाव बना रहा, जबकि सिल्वर में उतार-चढ़ाव रहा। क्योंकि इन्वेस्टर्स US मॉनेटरी पॉलिसी के संकेतों, डॉलर की मज़बूती और वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट पर नज़र रखे हुए थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, गोल्ड अगस्त फ्यूचर्स 1.41% की गिरावट के साथ ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड हुआ, जबकि सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स 0.92% बढ़कर ₹2.35 लाख प्रति kg हो गया, जो मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नई खरीदारी के बीच था।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह ने कहा कि MCX गोल्ड 21-दिन और 55-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा और एक अहम राइजिंग ट्रेंडलाइन सपोर्ट से भी नीचे फिसल गया, जो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में कमज़ोरी का संकेत है।

उन्होंने कहा, “हाल ही में ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के ज़रूरी सपोर्ट लेवल से नीचे गिरने से टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमज़ोर हो गया है। तुरंत सपोर्ट ₹1,46 लाख प्रति 10 ग्राम के पास है, और इस लेवल से नीचे जाने पर गिरावट ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक बढ़ सकती है।”

उन्होंने आगे कहा कि ज़्यादा ट्रेजरी यील्ड और ज़्यादा इंटरेस्ट रेट की उम्मीदों ने सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स की अपील कम कर दी है।

इस बीच, ईरान के स्विट्जरलैंड में यूनाइटेड स्टेट्स के साथ शांति वार्ता में प्रोग्रेस की रिपोर्ट के बाद बुलियन की कीमतों में हल्की रिकवरी की कोशिश हुई। हालांकि, U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनियों और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जारी तनाव ने मार्केट सेंटिमेंट को सतर्क रखा।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च की कमोडिटी एनालिस्ट कावेरी मोरे ने कहा कि सोमवार (22 जून) के ट्रेड के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद MCX सिल्वर पर मंदी का दबाव बना रहा। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, इंडस्ट्री के लोगों ने कहा कि कीमती धातुओं में कस्टमर्स की दिलचस्पी बनी हुई है, खासकर ज्वेलरी सेगमेंट में।

डिशीएस डिज़ाइनर ज्वेलरी की फाउंडर, दिशी सोमानी ने कहा कि भारत में सोना और चांदी, इन्वेस्टमेंट एसेट और कल्चरल खरीदारी, दोनों के तौर पर अहमियत रखते हैं। सोमानी ने कहा, “कस्टमर्स अपनी खरीदने की ताकत को लेकर जागरूक हो रहे हैं और खरीदारी करने से पहले कीमतों के ट्रेंड पर करीब से नज़र रख रहे हैं। ज्वेलरी को अब कई लोग सेंटिमेंट और इन्वेस्टमेंट का मिक्स मानते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि चांदी अपनी सस्ती कीमत की वजह से युवा खरीदारों के बीच पॉपुलर होती रही, जबकि बुलियन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अच्छी क्वालिटी की ज्वेलरी की डिमांड स्थिर रही।

Silver Price Today: MCX पर चांदी ₹4,500 उछलकर 2.37 लाख के पार पहुंची, डॉलर इंडेक्स में दबाव से मिला सपोर्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

संत समाज की भूमिका सदैव प्रेरणादायी : CM धामी

CM Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रायवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में कहा कि सनातन परंपरा के संरक्षण और समाज को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रायवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में पूज्य संत-महात्माओं का सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा के संरक्षण और समाज को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता निरंतर सुदृढ़ हो रही है।

उन्होंने कहा कि संत समाज के मार्गदर्शन एवं सहयोग से वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले दिव्य और भव्य कुंभ के सफल आयोजन हेतु व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिससे विश्वभर से आने वाले श्रद्धालुओं को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके। इस अवसर पर साधु-संतों के साथ ही 

 

इस अवसर पर पूज्य साधु-संतों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आदि मौजूद थे। 

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं, आरोपियों पर तत्काल एक्शन लें : योगी

Chief Minister Yogi Janta Darshan Program

Chief Minister Yogi Janta Darshan Program: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हर फरियादी से एक-एक कर मुलाकात की। उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों के उचित व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। वहीं अतिक्रमण की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हुए और तत्काल इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। 

मथुरा से आए वृद्ध को सीएम ने किया आश्वस्त, जल्द हटेगा अतिक्रमण 

‘जनता दर्शन’ में मथुरा से एक वृद्ध भी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि चकरोड पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाएं और यथास्थिति देखें।

 

अतिक्रमण होने की स्थिति में इसे तत्काल हटाएं और दोषियों पर कार्रवाई करें। सीएम ने फिर कहा कि अतिक्रमण की शिकायत कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत जिम्मेदार संस्थाएं नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग भी करती रहें।

शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता समेत हर पहलू पर सरकार का ध्यान 

‘जनता दर्शन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, बिजली के तार, पुलिस, राजस्व से जुड़े प्रार्थना पत्र भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ितों की बातें सुनीं, फिर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार जनता से जुड़ी हर मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है। आप सभी की समस्याओं का भी समाधान होगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर परिस्थिति में 25 करोड़ प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। 

मुख्यमंत्री ने हालचाल जाना

सीएम ने भीषण गर्मी में आए फरियादियों का सबसे पहले हालचाल जाना, फिर उनकी समस्याएं पूछीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए लोगों से कहा कि अभी गर्मी व धूप अधिक है। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों से कहा कि बहुत जरूरत होने पर ही दोपहर में घर से निकलिए। सीएम ने संयमित खानपान के लिए भी कहा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

Trading Strategy : गैप-अप के बाद बाजार में रफ्तार कायम है। निफ्टी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 24100 के ऊपर टिकने में कामयाब रहा है। निफ्टी 100 DMA पार करने के कगार पर है। वहीं बैंक निफ्टी में भी मजबूती है। मिडकैप और स्मॉल कैप में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। IT और फार्मा शेयरों में अच्छी खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। फार्मा में सिप्ला 4% से ज्यादा उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही MANKIND और डॉक्टर रेड्डीज 2% से ज्यादा चढ़े हैं। वहीं तेल-गैस,ऑटो और रियल्टी में भी रफ्तार देखने को मिल रही है। हालांकि FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयर हल्के कमजोर दिख रहे हैं।

निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,रिलायंस इंडस्ट्रीज़,टेक महिंद्रा और इंफोसिस शामिल हैं। जबकि एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,श्रीराम फाइनेंस,पावर ग्रिड कॉर्प और नेस्ले इंडिया में गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर कारोबार कर रहे हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल में 0.2-0.5% की गिरावट है। जबकि ऑटो,IT,फार्मा,ऑयल एंड गैस और मीडिया में 0.5-1% की है।

बाजार: अच्छा दिन

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज भी बढ़िया दिन है। खास तौर से उनके लिए, जिन्होंने शुक्रवार की गिरावट में खरीदारी की। शुक्रवार के निचले स्तर से निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी रजिस्टेंस जोन में हैं। रिलायंस और IT ने मिलकर आज निफ्टी को सपोर्ट किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फिर बढ़िया तेजी आई है। वेदांता से अलग हुए शेयरों में अपर सर्किट लगे हैं। FMCG शेयरों में आज थोड़ी गिरावट है।

Market Insight : अगले 4-5 सेशन में निफ्टी में 24500 का टारगेट मुमकिन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी पैक के शेयरों पर रहे नजर

बाजार : अब क्या?

यह बाजार शानदार है,इसमें मौके तलाशें। बढ़िया बात ये कि बाजार आपको रिवॉर्ड कर रहा है। लॉजिक बेस्ड ट्रेड्स और निवेश में रिवॉर्ड हैं। शुक्रवार को IT लॉन्ग करने वालों को बड़ा रिवॉर्ड मिला। आज डेल्हीवरी में पूरी रैली स्क्रीन पर हुई है। अगर आप high पर भी ले रहे हैं तब भी फंस नहीं रहे हैं। गुरुवार की रैली में लेने वालों का भी आज भाव आया होगा। FIIs की बिकवाली अब काफी काम हो चुकी है। कच्चे तेल का भाव जब तक 80 डॉलर के पास है,डर नहीं है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस जोन 24,150-24,200 पर और सपोर्ट जोन 24,050-24,100 है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस 58,000-58,200 पर और सपोर्ट 57,300-57,500 पर है।

कल के लिए रणनीति

निफ्टी और बैंक निफ्टी की कॉल लेकर जाएं। निफ्टी और बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते का हाई निकाल सकते हैं। एक्सपायरी का मोमेंटम बुल्स के साथ है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Aamir Khan: आमिर खान ने गौरी स्प्राट को बताया ‘ब्लेसिंग’, होने वाली शादी को लेकर दी अपडेट

Aamir Khan: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान 5 जुलाई को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करने जा रहे हैं। ‘वैरायटी इंडिया’ को दिए एक इंटरव्यू में आमिर ने बताया कि वे और गौरी किसी बड़े जश्न के बजाय दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में एक सादे समारोह में शादी करेंगे। शादी के बारे में बात करते हुए आमिर ने कहा, “यह बहुत प्राइवेट होगी। यह घर पर होने वाली एक बहुत ही साधारण रजिस्टर्ड शादी होगी, जिसमें सिर्फ़ दोनों परिवार और बहुत करीबी दोस्त शामिल होंगे।”

उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का बहुत खुशी भरा दौर बताया और गौरी को “आशीर्वाद” कहा। अपनी शादी को लेकर मची हलचल पर आमिर ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि इतनी हलचल क्यों है। लोगों को सेलेब्रिटीज़, खासकर क्रिकेटर्स और एक्टर्स की ज़िंदगी में बहुत दिलचस्पी होती है। लोगों को हमारे काम में दिलचस्पी होनी चाहिए, न कि हमारी पर्सनल ज़िंदगी में। मुझे नहीं पता कि मेरी शादी की जानकारी कैसे लीक हुई। आजकल, कोई भी चीज़ प्राइवेट नहीं रह गई है।”

आमिर खान और गौरी स्प्रैट की कहानी दो दशक से भी ज़्यादा पुरानी है। दोनों की मुलाक़ात लगभग 25 साल पहले हुई थी, लेकिन बाद में उनका संपर्क टूट गया। कई सालों बाद वे फिर से जुड़े और उनकी दोस्ती धीरे-धीरे एक रोमांटिक रिश्ते में बदल गई।

एक्टर ने मार्च 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के सेलिब्रेशन के दौरान अपने रिश्ते को सबके सामने माना, जहां उन्होंने पहली बार मीडिया से गौरी का परिचय कराया। तब से, यह कपल कुछ मौकों पर साथ में पब्लिक के सामने आया है, लेकिन ज़्यादातर अपनी पर्सनल लाइफ़ को लाइमलाइट से दूर ही रखा है।

‘नवभारत टाइम्स’ को दिए एक इंटरव्यू में गौरी के बारे में बात करते हुए आमिर ने कहा, “मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मैं गौरी से मिला और हमारा रिश्ता शुरू हुआ। वह बहुत अच्छी हैं, उनके साथ मुझे सुकून मिलता है। हालाँकि (एक्स-वाइव्स) किरण राव और रीना दत्ता के साथ भी मेरा रिश्ता बहुत गहरा था, लेकिन बात नहीं बन पाई। जब आपने पूछा, तो मुझे लगा कि मैं बहुत खुशनसीब हूँ कि गौरी मेरी ज़िंदगी में आईं। हम साथ में बहुत खुश हैं। मुझे लगता है अब जाकर मैं मुकम्मल हुआ हूँ।”

यह आमिर खान की तीसरी शादी होगी। इससे पहले उन्होंने 1986 में रीना दत्ता से शादी की थी और 2002 में वे अलग हो गए थे; उनके दो बच्चे हैं – जुनैद खान और इरा खान। इसके बाद आमिर ने 2005 में फिल्ममेकर किरण राव से शादी की। इस जोड़े ने 2021 में अलग होने की घोषणा की और वे अब भी अपने बेटे, आज़ाद राव खान की मिलकर परवरिश कर रहे हैं। गौरी भी एक बेटे की माँ हैं जो उनके पिछले रिश्ते से है।