“पानी पर जंग?” सिंधु जल संधि बहाल करने से भारत का इनकार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने दी युद्ध की धमकी

khawaja asif

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर साफ कर दिया है कि सिंधु जल संधि को बहाल करने पर उसका रुख नहीं बदला है। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कदम नहीं उठाता, तब तक संधि निलंबित ही रहेगी। भारत के इस रुख के बाद पाकिस्तान में नाराजगी बढ़ गई है। पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की और अब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुली चेतावनी दे डाली। ALSO READ: 80 मिनट की अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब; संयुक्त फोटो सेशन भी रद्द

 

क्या बोले ख्वाजा आसिफ?

एआरवाई न्यूज को दिए इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगेगा कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और यदि भारत जल आपूर्ति को प्रभावित करने की दिशा में तेजी से कदम उठाता दिखा, तो सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

 

पाकिस्तान में गंभीर जल संकट

दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। सिंध और बलूचिस्तान समेत कई इलाकों में पानी की भारी कमी की खबरें सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक देश की लगभग एक तिहाई आबादी किसी न किसी रूप में जल संकट से प्रभावित है।

 

भारत पर गंभीर आरोप

ख्वाजा आसिफ ने इस संकट के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है और चिनाब नदी के प्रवाह में बदलाव कर रहा है। हालांकि इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास पिछले एक साल की घटनाओं की पूरी जानकारी नहीं है।

 

पहलगाम हमले के बाद भारत ने किया था फैसला?

भारत ने सिंधु जल संधि को उस समय निलंबित किया था जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद लंबे समय से क्षेत्र की शांति को नुकसान पहुंचा रहा है।

 

इसके बाद पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत से संधि बहाल करने की मांग की, लेकिन नई दिल्ली अपने रुख पर कायम है।

 

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पानी का मुद्दा भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में नया फ्लैशपॉइंट बन सकता है? क्या पाकिस्तान की यह युद्ध वाली चेतावनी सिर्फ घरेलू राजनीति के लिए है या इसके पीछे कोई बड़ी रणनीति छिपी है?

edited by : Nrapendra Gupta