ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बिना अनुमति के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के खिलाफ चेतावनी दी है, और कहा है कि नियमों का पालन न करने वाले जहाजों से निपटा जाएगा और जलमार्ग के माध्यम से एक नए मार्ग की आलोचना की है।दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर जोर देकर कहा है कि ईरान इ
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बिना अनुमति के होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के खिलाफ चेतावनी दी है, और कहा है कि नियमों का पालन न करने वाले जहाजों से निपटा जाएगा और जलमार्ग के माध्यम से एक नए मार्ग की आलोचना की है।दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर जोर देकर कहा है कि ईरान इ
ITR Filing 2026: अब तकरीबन सभी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ईमेल लिखने से लेकर निवेश और टैक्स प्लानिंग तक में लोग AI टूल्स की मदद ले रहे हैं।
लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के लिए केवल सामान्य AI चैटबॉट्स पर भरोसा करना महंगा पड़ सकता है। खासकर जब मामला कैपिटल गेन, विदेशी संपत्ति, क्रिप्टोकरेंसी या बिजनेस इनकम से जुड़ा हो।
AI पर पूरी तरह भरोसा करना क्यों गलत?
ClearTax के फाउंजर और CEO अर्चित गुप्ता का कहना है कि कई लोग अपना Form 16, सैलरी स्लिप और निवेश से जुड़ी जानकारी सीधे सार्वजनिक AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर रहे हैं। इससे टैक्स कैलकुलेशन में गलती होने का खतरा रहता है।
उनके मुताबिक, सामान्य AI टूल्स के पास टैक्स नियमों का तय ढांचा नहीं होता। यही वजह है कि एक ही Form 16 अपलोड करने पर अलग-अलग बार अलग टैक्स देनदारी दिख सकती है। अगर रिटर्न में कोई गलती होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी टैक्सपेयर की होगी, AI टूल की नहीं।
डेटा लीक का भी खतरा
रिटर्न फाइल करने में AI के इस्तेमाल से डेटा लीक होने का खतरा भी रहता है। अर्चित गुप्ता के मुताबिक, सार्वजनिक AI प्लेटफॉर्म पर सैलरी स्लिप, PAN, बैंक डिटेल या दूसरे वित्तीय दस्तावेज अपलोड करना सुरक्षित नहीं है। इससे आपकी निजी जानकारी लीक हो सकती है।
उन्होंने कहा कि यह कई कंपनियों की डेटा सिक्योरिटी पॉलिसी का उल्लंघन भी माना जा सकता है। कुछ मामलों में कर्मचारियों पर कार्रवाई तक की नौबत आ चुकी है।
AI कहां तक मददगार है?
Deloitte India के पार्टनर तरुण गर्ग का कहना है कि AI को टैक्स फाइलिंग का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक टूल की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। यह टैक्स नियम समझाने, जरूरी दस्तावेजों की सूची तैयार करने और पुराने-नए टैक्स रिजीम की तुलना करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, AI से तैयार रिटर्न को अंतिम मानने के बजाय ड्राफ्ट की तरह देखें। रिटर्न फाइल करने से पहले सभी जानकारियों का मिलान आधिकारिक दस्तावेजों से जरूर करें।
रिटर्न भरने से पहले ये जांच जरूर करें
- AIS, TIS और Form 26AS से सभी आय का मिलान करें।
- सही ITR फॉर्म का चयन हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।
- पुराना या नया टैक्स रिजीम सही तरीके से चुना गया है या नहीं, यह जांचें।
- TDS और TCS क्रेडिट का मिलान करें।
- कैपिटल गेन, क्रिप्टो, विदेशी संपत्ति और अन्य जरूरी खुलासों की दोबारा जांच करें।
- बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेटेड है या नहीं, इसकी पुष्टि करें।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI टैक्स फाइलिंग को आसान जरूर बना सकता है, लेकिन अंतिम जिम्मेदारी हमेशा टैक्सपेयर की ही रहती है। इसलिए ITR फाइल करते समय AI की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय आधिकारिक पोर्टल या टैक्स प्रोफेशनल की मदद लेना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
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Ketan Agarwal Murder Update: पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में एक नया खुलासा हुआ है। केतन अग्रवाल की कथित हत्या से एक दिन पहले सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पुणे के एक कैफै में मिले थे। यह CCTV फ़ुटेज अब जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है। बताया जा रहा है कि 17 जून को पुणे में सिया गोयल और उनके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के बीच एक कॉफी डेट हुई थी। इस दौरान कथित तौर पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साज़िश रची गई थी।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना अग्रवाल को पुणे के लोहागढ़ किले में एक खाई में धकेले जाने से एक दिन पहले हुई थी। शुरुआती जांच के अनुसार, दोनों ने कैफै में बैठकर हत्या के बारे में बातचीत की और योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि सिया ने चेतन के साथ लोहागढ़ किले के बारे में जानकारी शेयर की थी। इसके बाद YouTube वीडियो की मदद से उससे उस जगह के बारे में चर्चा की थी।
मारने का आइडिया कैसे आया?
पुलिस के मुताबिक, 31 मई को सिया और केतन लोहागढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया के दिमाग में उसे मारने का आइडिया आया। बताया जा रहा है कि 14 जून को भी केतन को किले से धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस वक्त सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की साजिश रची थी, लेकिन केतन बच गया था। इसके बाद सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी से पुणे के एक कैफे में मिली। वहां दोनों ने लोहागढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने की योजना पर डिटेल्स चर्चा की थी।
बैकअप प्लान भी था तैयार
‘दैनिक भास्कर’ के मुताबिक, इस दौरान दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था। ‘इंडिया टुडे’ को मिले CCTV फुटेज में वे दोनों हत्या के एक दिन पहले शाम करीब 4:35 बजे कैफ़े में आते और लगभग 5:30 बजे वहां से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पुणे के पास लोहागढ़ किले में अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ ट्रेकिंग के दौरान 18 जून को खाई में गिरने से केतन अग्रवाल की मौत हो गई। केतन अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी, सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे। कपल की सगाई इसी साल हुई थी और नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों ने राजस्थान के उदयपुर में एक भव्य शादी की योजना बनाई थी।
SIT गठित करने का निर्देश
इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने सरकार को पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 26 वर्षीय अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे में लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया था।
सिया गोयल (20) और चौधरी (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। अग्रवाल और गोयल की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक महल में होने वाली थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सदस्य सुनील शेलके ने राज्य विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और मांग की थी कि हत्या के मामले में गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाया जाए।
उन्होंने दावा किया कि गोयल परिवार ने अग्रवाल परिवार से उसके (सिया) किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने कहा कि हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाना चाहिए। खरे ने सरकार को हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया।
शेलके ने राज्य सरकार से पीड़ित के परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। विधायक ने कहा कि केतन अग्रवाल के परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उसकी मौत एक हादसे में हुई है। हालांकि, पुलिस की विस्तृत जांच में बाद में यह सामने आया कि यह हत्या का मामला था।
This is how the murder was plotted by Chetan and Siya .. at a cafe in Pune ..: pic.twitter.com/taQH5tgUcs
— pallavi ghosh (@_pallavighosh) June 25, 2026
उन्होंने आरोपियों सिया गोयल और उसके प्रेमी के बीच कथित संबंधों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि जांच के दौरान फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य सामने आए हैं। शेलके ने अधिकारियों से मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच करने की अपील की और मांग की कि इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द अदालत में की जाए।

उत्तर प्रदेश में स्थापित किए जा रहे नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को कुशल वर्कफोर्स उपलब्ध कराने के लिए 'इन्वेस्ट यूपी' ने टीमलीज ग्रुप के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बेंगलुरु में गत दिवस “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद तथा टीमलीज सर्विसेज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा व टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को जीसीसी सेक्टर में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी और भरपूर टैलेंट की उपलब्धता वाला हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब ग्लोबल कंपनियां पारंपरिक मेट्रो शहरों से आगे बढ़कर नए शहरों में जीसीसी स्थापित कर रही हैं। उभरते जीसीसी शहरों में नौकरियों की वृद्धि 40-45% है, जबकि मेट्रो हब में यह 19% ही है। ऐसे में इन्वेस्ट यूपी व टीमलीज का यह समझौता नए जीसीसी के लिए नियुक्तियों में लगने वाला समय कम करेगा और शुरुआती चरण की टैलेंट भर्ती को आसान बनाएगा।
यूपी का जीसीसी विजन 2031
जीसीसी पॉलिसी-2024 के तहत यूपी ने वर्ष 2031 तक 500 ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा से आगे बढ़कर लखनऊ, कानपुर जैसे टियर-2 व टियर-3 शहरों पर फोकस किया जा रहा है। इस साझेदारी के तहत टीमलीज ग्रुप नए जीसीसी के लिए 'स्टार्टर पैकेज' देगा। इसमें किसी भी जीसीसी को सेटअप के लिए 90 दिनों तक वर्कफोर्स और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) परामर्श निःशुल्क मिलेगा। गौरतलब है कि हर चरण की भर्तियों, इंडक्शन/ऑनबोर्डिंग, एआई/मशीन लर्निंग जैसी विशिष्ट जरूरतों वाली नियुक्तियों, एआई रणनीति व उसके क्रियान्वयन में टीमलीज को विशेषज्ञता हासिल है।
इस असर पर इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने कहा कि हम यूपी को भारत के अग्रणी जीसीसी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की नींव रख रहे हैं। जब कंपनियां पारंपरिक स्थानों से आगे बढ़ रही हैं, तो यह जरूरी है कि टैलेंट के अवसर भी राज्य के उभरते केंद्रों तक पहुंचें। टीमलीज के साथ यह साझेदारी वर्कफोर्स की तैयारी मजबूत करेगी तथा उद्योग व कौशल विकास के संबंधों को नई गति देगी। नए उभरते क्षेत्रों में स्किल्ड मैनपावर से राज्य की विकास यात्रा तेजी से आगे बढ़ेगी।
टीमलीज की एमडी एवं ग्रुप सीईओ सुपर्णा मित्रा ने कहा कि किसी नए जीसीसी का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कुशल मैनपावर कितनी जल्दी और कितनी बड़ी संख्या में उपलब्ध होता है। देशभर में 110 से अधिक जीसीसी पार्टनरशिप और यूपी में 1,470 से अधिक सक्रिय जीसीसी कर्मियों के साथ हम योजना स्तर पर ही कंपनियों को स्किल्ड वर्कफोर्स समेत तमाम तकनीकी आवश्यकताओं में मदद देने की स्थिति में हैं। इन्वेस्ट यूपी के साथ यह साझेदारी से यूपी में टैलेंट व स्किलिंग इकोसिस्टम और मजबूत होगा। टीमलीज ग्रुप 4,000 से अधिक नियोक्ताओं को हायरिंग, उत्पादकता और एंड-टू-एंड वर्कफोर्स समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी ने 25 साल में 24 लाख से अधिक पेशेवरों की प्लेसमेंट की है और दुबई व सिंगापुर तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। Edited by : Sudhir Sharma
Stock Market Holiday: आज इस हफ्ते का आखिरी कारोबारी दिन था। इस हफ्ते पांच की जगह शेयर बाजार में सिर्फ चार दिन ही कारोबार हुए। यह हफ्ता शेयर बाजारों में कारोबार के लिहाज से छोटा है। इसकी वजह यह है कि 26 जून को शेयर बाजारों में कारोबार नहीं होगा। मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। दोबारा बाजार 29 जून यानी सोमवार को खुलेंगे।
BSE-NSE में मुहर्रम की छुट्टी
बीएसई और एनएसई के हॉलिडे कैलेंडर में मुहर्रम की छुट्टी है। हालांकि, जुलाई में शेयर बाजारों में कोई छुट्टी नहीं होगी। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी रहती है। बीएसई, एनएसई और एमसीएक्स बंद रहते हैं। लेकिन, इस बार 15 अगस्त शनिवार को पड़ रहा है। शनिवार को एक्सचेंजों में छुट्टी रहती है।
29 जून को दोबारा खुलेंगे बाजार
हर हफ्ते शेयर और कमोडिटी एक्सचोंजों में पांच दिन ही ट्रेडिंग होती है। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। इस बार शुक्रवार को अवकाश है। इस वजह से बीएसई और एनएसई लगातार तीन दिनों तक बंद रहेंगे। जो इनवेस्टर्स शेयर खरीदना या बेचना चाहते हैं उन्हें 29 जून यानी सोमवार तक इंतजार करना होगा।
14 सितंबर को गणेश चतुर्थी को भी रहेगी छुट्टी
मुहर्रम के बाद शेयर बाजार में अगली छुट्टी गणेश चतुर्थी को होगी। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। उस दिन बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। उसके बात महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्तूबर को बाजार बंद रहेंगे। फिर 20 अक्तूबर को दशहरा की छुट्टी शेयर बाजारों में होगी।
एमसीएक्स में 26 जून को सुबह के सत्र में नहीं होगा कोराबार
कमोडिटी एक्सचेंज MCX में भी मुहर्रम की छुट्टी होगी। यह छुट्टी 26 जून को सिर्फ सुबह के सत्र में होगी। इसका मतलब है कि सुबह के सत्र का कारोबार एमसीएक्स में 26 जून को नहीं होगा। लेकिन, 26 जून को शाम के सत्र का कारोबार होगा।
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देश के ज्यादातर हिस्सों में बैंक और सरकारी ऑफिसेज में भी छुट्टी
देश के ज्यादातर हिस्सों में केंद्र सरकार के ऑफिसेज और बैंक भी 26 जून को बंद रहेंगे। हालांकि, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, इंफाल, ईटानगर, जयपुर, कोहिमा, शिमला, शिलंग और तिरुवंतपुरम में बैंक खुले रहेंगे। 27 जून को भी बैंक बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि 27 जून को महीने का चौथा शनिवार है। हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी होती है। केंद्र सरकार के ऑफिसेज में भी हर हफ्ते शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है।
Chauhaan Title Announcement: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन अपनी एक एक्शन पैक्ड अपकमिंग मूवी को लेकर ट्रेंड कर रहे हैं। एक्टर अब अपने फैन्स के सामने ‘चौहान’ के नए अंदाज में नजर आने वाले हैं। उनकी दमदार अवतार में वापसी देखने के लिए फैंस बेताब हो गए हैं। यह फिल्ममेकर आनंद एल राय के साथ उनकी पहली फिल्म होने वाली है। फिल्म को जियो स्टूडियोज प्रोड्यूस कर रहा है।
अपने दिवंगत पिता और एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन की बर्थएनिवर्सरी पर उन्हें याद करते हुए फिल्म निर्माताओं ने फिल्म से अजय देवगन के ‘चौहान’ कैरेक्टर का फर्स्ट लुक रिवील कर दिया है, जिससे ये साफ हो गया है कि फिल्म आर्मी से रिलेटेड और एक्शन से भरपूर है।
इस अनाउंसमेंट वीडियो की शुरुआत प्रदर्शन पत्थरबाजी देखने को मिलती है, जिसके साथ दमदार डायलॉग बैकग्राउंड में अजय की आवाज में सुनाई दे रहे हैं। पहला डायलॉग है ‘चौराहे पर 300 लड़के थे, घर सिर्फ 270 पहुंचे। 30 लड़के कम हैं।’ इसके बाद अजय देवगन की आवाज में कहानी कही जाती हैं। अजय देवगन कहते हैं, ‘गलती हमारी नहीं थी, ऑर्डर्स ऊपर से थे। ईंट का जवाब पत्थर से और सामने वाला सीधा पत्थर ही उठा ले तो जवाब क्या दें?’ एक्टर आगे कहते हैं कि ‘टियर गैस मास्क आजकल आसानी से ऑनलाइन मिल जाते हैं। पैलेट गन्स लिमिटेड डैमेज… 15 लाख फौजी और 35 हजार करोड़ का इनेस्टमेंट….। उसके बाद भी पत्थर का जवाब नहीं…।’
वीडियो में अमिताभ बच्चन का कल्ट गाना चुम्मा-जुम्मा सुनाई देता है। फिल्म के टाइटल के ऐलान के साथ फैंस के लिए सरप्राइज भी है। फिल्म शानदार होने वाली है। दर्शक फिल्म के लिए एक्साइटेड हो गए हैं। ‘जियो स्टूडियोज’ और ‘कलर येलो’ द्वारा पेश ‘चौहान’ का निर्देशन नीरज यादव करने वाले हैं। वहीं इसका निर्माण ज्योति देशपांडे, आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा कर रहे हैं। फिल्म 1 अक्टूबर 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।
Gold Price Alert: आदित्य बिड़ला ग्रुप के ज्वैलरी ब्रांड ‘इंद्रिया’ (Indriya) के सीईओ संदीप कोहली ने सोने को लेकर एक बड़ी बात कही है। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद मई महीने में बाजार थोड़ा सुस्त जरूर हुआ था, लेकिन अब ग्राहकों की डिमांड बहुत मजबूती से वापस लौट आई है।
संदीप कोहली ने कहा, ‘कस्टम ड्यूटी में 9 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद लोग नए भाव को समझने के लिए थोड़ा रुक गए थे। पूरे ज्वैलरी उद्योग में ग्राहकों की चहल-पहल थोड़ी धीमी हो गई थी, लेकिन पिछले दो हफ्तों में मांग बहुत तेजी से बढ़ी है।’
क्यों आई थी सुस्ती और अब क्यों लौट रही है रौनक?
सरकार ने मई महीने में सोने के इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी को 6 फीसदी से सीधे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। सरकार का मकसद विदेशों से सोने की खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना था। इस 9% की सीधी बढ़ोतरी से अचानक सोना महंगा हो गया था।
वैसे कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद अब सोने की कीमतों में आ रही हालिया गिरावट भी ग्राहकों को दोबारा शोरूम तक खींच रही है। दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव ₹13244 प्रति ग्राम और मुंबई में ₹13229 प्रति ग्राम पर आ गया है, जिससे खरीदारों को राहत मिली है।
‘भारतीयों के लिए सोना सिर्फ निवेश नहीं, संस्कृति है’
जब उनसे पूछा गया कि क्या कीमतें बढ़ने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की साख कम हुई है? तो कोहली ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा, ‘भारत में ज्वैलरी की मांग कभी खत्म नहीं हो सकती क्योंकि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। कमोडिटी की कीमतें कैसी भी हों, ग्राहक दूसरे निवेशों के मुकाबले इसके रिटर्न का आकलन जरूर करते हैं, लेकिन मांग हमेशा बनी रहती है।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब ग्राहक खास डिजाइन वाले गहने ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
तेजी से पैर पसार रहा है ‘इंद्रिया’ ब्रांड
साल 2024 में लॉन्च हुआ यह ब्रांड देश का सबसे तेजी से बढ़ता रिटेल ब्रांड बन गया है। फिलहाल 40 से ज्यादा शहरों में इसके 81 स्टोर्स हैं और फाइनेंशियल ईयर 2027 में कंपनी 40 नए स्टोर्स और खोलने की योजना बना रही है। कंपनी ने अपने स्टोर्स में ‘स्पार्कलस्कोप’ नाम की एक नई तकनीक लॉन्च की है। इसके जरिए ग्राहक खुद देख सकेंगे कि उनके हीरे में कितनी चमक है।
नेचुरल डायमंड पर है फोकस
भारत के ₹8,000 करोड़ के ज्वैलरी मार्केट में डायमंड-स्टडेड गहनों की हिस्सेदारी 11 फीसदी है, लेकिन ‘इंद्रिया’ के लिए यह हिस्सेदारी दोगुनी यानी 22 फीसदी है। आजकल बाजार में लैब में तैयार होने वाले हीरे का चलन बढ़ रहा है। जैसे कि टाटा ग्रुप के ‘टाइटैन’ ने पिछले साल दिसंबर में लैब-ग्रोन डायमंड कैटेगरी में कदम रखा है। लेकिन इसके उलट, ‘इंद्रिया’ पूरी तरह से नेचुरल हीरों पर ही फोकस कर रहा है।
संदीप कोहली का मानना है कि ग्राहकों के लिए हीरे की क्वालिटी (4Cs) के साथ-साथ उसकी चमक सबसे पहले मायने रखती है, और उनकी नई तकनीक इसी पर फोकस करती है।

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 109 अंक (+0.14 फीसदी) की बढ़त के साथ 7100.47 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 34 अंक (+0.14 फीसदी) चढ़कर 24056.00 के स्तर पर आ गया। आज मदरसन, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज और इंटरग्लोब एविएशन ने क्रमशः 4.93 फीसदी, 4.83 फीसदी और 4.66 फीसदी की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, M&M, मैक्स हेल्थकेयर, मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे।
भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन तेजी रही। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 109 अंक (+0.14 फीसदी) की बढ़त के साथ 7100.47 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 34 अंक (+0.14 फीसदी) चढ़कर 24056.00 के स्तर पर आ गया। आज मदरसन, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज और इंटरग्लोब एविएशन ने क्रमशः 4.93 फीसदी, 4.83 फीसदी और 4.66 फीसदी की बढ़त के साथ अच्छा प्रदर्शन किया।
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निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, M&M, मैक्स हेल्थकेयर, मारुति सुजुकी और टाटा कंज्यूमर शामिल रहे। भारतीय रुपया 94.65 के पिछले बंद भाव के मुकाबले 25 पैसे बढ़कर 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इस बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
कल शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) बंद रहेंगे यानी बाजार लगातार 3 दिन बंद रहेगा। अब बाजार में नियमित ट्रेडिंग सोमवार 29 जून को दोबारा शुरू होगी।
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इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन सुस्ती के साथ शुरुआत हुई, लेकिन घंटेभर के कारोबार के बाद ही अचानक बाजी पलट गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आने लगे। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 791 अंक उछल गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 24000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया।
Edited By : Chetan Gour

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
आखिर सरकार ने क्या कहा?
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता का 'अंतिम और निर्णायक प्रमाण' (Conclusive Proof) नहीं माना जा सकता। हालांकि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन और कई सरकारी रिकॉर्ड्स की जांच की जाती है, फिर भी कानूनी रूप से इसे नागरिकता का एक मजबूत प्रमाण माना जाता है, न कि अंतिम प्रमाण।
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क्या पासपोर्ट सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही मिलता है?
हां। भारतीय कानून के अनुसार पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है तो उसका पासपोर्ट आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है। यही कारण है कि पासपोर्ट को नागरिकता का मजबूत सबूत माना जाता है।
फिर नागरिकता साबित कैसे होती है?
भारत में ऐसा कोई एकल दस्तावेज नहीं है जो हर नागरिक को जन्म से दिया जाता हो और जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता साबित करने के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे-
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- पासपोर्ट
- मतदाता पहचान पत्र (Voter ID)
- स्कूल रिकॉर्ड
- माता-पिता के दस्तावेज
- नागरिकता प्रमाणपत्र (यदि नागरिकता पंजीकरण या प्राकृतिककरण से मिली हो)
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निवास और पारिवारिक रिकॉर्ड
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं।
आधार कार्ड केवल पहचान और निवास का दस्तावेज है। भारतीय कानून के अनुसार आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता।
क्या वोटर आईडी नागरिकता साबित करती है?
वोटर आईडी यह दिखाती है कि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन कानूनी रूप से यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं मानी जाती।
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PAN कार्ड और राशन कार्ड का क्या महत्व है?
PAN कार्ड आयकर से जुड़ा पहचान दस्तावेज है।
राशन कार्ड सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए होता है। इनमें से कोई भी दस्तावेज अकेले नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
आम नागरिकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चाहिए, जैसे-
- जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट
- आधार कार्ड
- वोटर आईडी
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड
यदि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकता से संबंधित जानकारी मांगी जाती है तो कई दस्तावेजों का संयुक्त रूप से उपयोग किया जा सकता है।
क्या है भारतीय कानून में
भारतीय कानून (नागरिकता अधिनियम, 1955) में ऐसा कोई एक इकलौता डिजिटल कार्ड या सरकारी कागज नहीं है, जिसे दिखाते ही हर व्यक्ति की नागरिकता तुरंत सिद्ध हो जाए। भारत में नागरिकता किसी एक पहचान पत्र से नहीं, बल्कि आपके जन्म के समय, स्थान और माता-पिता के कानूनी दस्तावेजों की पूरी कड़ी को मिलाकर साबित होती है।
अदालतों और सरकार के अनुसार जहां आधार कार्ड सिर्फ आपकी पहचान और पते का जरिया है, वहीं वोटर आईडी और पासपोर्ट बहुत मजबूत सहयोगी दस्तावेज तो हैं, लेकिन कानूनी तौर पर इन्हें भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता। इसके अलावा आपका जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के पुराने रिकॉर्ड्स ही इस कानूनी पहेली की सबसे मजबूत बुनियाद बनते हैं। Edited by : Sudhir Sharma

