वेनेजुएला में लगातार दो भूकंप आए। इनमें से दूसरा भूकंप 7.5 तीव्रता का था, जो पिछले सौ से ज्यादा सालों में देश का सबसे बड़ा भूकंप है। कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है और 700 घायल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।वहीं, यू.एस

फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के 39वें जन्मदिन पर उनकी 85 फुट ऊंची नई प्रतिमा को स्थापित किया गया। यह दुनिया में मेसी की अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा है। इस प्रतिमा को नेउकेन प्रांत के कुट्राल को में मुख्य मार्ग के पास स्थापित किया गया है, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोग इसे आसानी से देख सकें।
इस मूर्ति को स्थानीय मूर्तिकार एल्डो बेरोइसा ने बनाया गया है। इस प्रतिमा में मेसी को अर्जेंटीना की जर्सी पहने हुए और फीफा विश्व कप 2022 की ट्रॉफी को थामे हुए घुटनों के बल बैठे हुए दिखाया गया है।इस मूर्ति को बनाने में 18 महीने का समय लगा है और इसे तैयार करने में 70 हजार किलो स्टील तथा लोहे का इस्तेमाल किया गया है।
Lionel Messi has been honoured with two new monuments in Argentina, with a mural near Buenos Aires and a statue in Patagonia pic.twitter.com/6XfQ96HH7q
— Sky Sports News (@SkySportsNews) June 23, 2026
अर्जेंटीना के सबसे सफल फुटबॉलर्स में से एक
मेसी फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर 28 मैचों में 17 गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज (24 मैचों में 16 गोल) को पीछे छोड़ा है।इसके बाद ब्राजील के रोनाल्डो नजारियो है जिन्होंने 15 गोल किए हैं। जर्मनी के गर्ड मुलर ने 14 गोल किए हैं और फ्रांस के काइलिन एमबाप्पे ने 14 गोल किए हैं।
मेसी से पहले, गैब्रिएल बतिस्तुता (12 मैचों में 10 गोल) फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी थे। डिएगो माराडोना (21 मैच) और उरुग्वे 1930 के गोल्डन बूट विजेता गुइलेर्मो स्टैबिले (चार मैच) ने आठ-आठ गोल किए हैं।
लियोनेल मेसी ने अपने करियर में 201 इंटरनेशनल मैचों में 121 गोल किए हैं, जिससे वे अर्जेंटीना के लिए अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वालों की लिस्ट में भी मेसी दूसरे नंबर पर हैं, उनसे आगे सिर्फ उनके प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं।

कांगो में इबोला वायरस (Ebola virus) को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी हिस्से में इबोला वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए जिस गति से प्रयास किए जा रहे हैं, यह बीमारी उससे कहीं अधिक रफ़्तार से फैल रही है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में संक्रमित व्यक्तियों की स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक सम्पर्क व जागरूकता में प्रगति दर्ज की गई है। फ़िलहाल 1094 संक्रमण मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 277 लोगों की जान गई है।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को जिनीवा में बताया कि इबोला वायरस का बुंडिबुग्यो प्रकार क़रीब एक महीने पहले फैलना शुरू हुआ था। इसके बाद अग्रिम पंक्ति पर डटे राहतकर्मियों ने अभूतपूर्व तेज़ी से देखभाल सेवाओं का विस्तार किया है और परीक्षण क्षमता को मज़बूती दी गई है मगर ज़मीनी स्तर पर हालात अब भी कठिन हैं।
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पांच सप्ताह पहले इस प्रकोप के बारे में पहली बार जानकारी सामने आने के बाद से अब तक जवाबी कार्रवाई का स्तर बढ़ते हुए देखना उत्साहजनक है। एक महीने के भीतर 19 स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में 10 बिस्तरों से बढ़ाकर 500 की व्यवस्था की गई है। राजधानी किंशासा में प्रति दिन पहले 30 परीक्षण हो रहे थे, लेकिन अब तीन प्रान्तों में 9 प्रयोगशालाओं में प्रतिदिन 2 हज़ार टैस्ट की व्यवस्था है।
स्थानीय समुदाय में भी इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और लोग अपने बचाव के लिए उपायों व उपलब्ध साधनों के बारे में जानकारी चाहते हैं। अभी तक 100 से अधिक संक्रमित इस बीमारी से उबर चुके हैं और यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द बीमारी का पता लगने और स्वास्थ्य देखभाल के ज़रिए ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है।
फ़िलहाल 1094 संक्रमण मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 277 लोगों की जान गई है। डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा कि यह वायरस अब भी तेज़ी से फैल रहा है। वहीं पड़ोसी देश युगांडा में 20 संक्रमण मामलों की पुष्टि हुई है और 2 लोगों की मौत होने की ख़बर है।
कारगर उपचार के प्रयास
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी अपने साझीदार संगठनो के साथ मिलकर, अगले सप्ताह डीआर कांगो में क्लीनिक परीक्षण की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें दो एंटीवायरल उपायों का उपयोग किया जाएगा: एमबीपी134 और रेमडेसिवियर, जिनसे मृत्यु दर में कमी लाने की उम्मीद है।
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WHO प्रमुख ने कहा कि थेरेपी के ज़रिए कहीं अधिक संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए समुदायों के साथ निरन्तर विमर्श किया जा रहा है और उन्हें परीक्षण प्रक्रिया के बारे में जानकारी भी मुहैया कराई गई है। यदि यह परीक्षण सफल साबित होता है तो प्रभावित समुदायों को जल्द से जल्द यह उपचार पहुंचाने की भी तैयारी है।
कठिन मानवीय हालात
डीआर कांगो के पूर्वी हिस्से में स्थित इतूरी, उत्तर किवू और दक्षिण किवू प्रान्त प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है लेकिन सरकारी सुरक्षाबलों और विद्रोही लड़ाकों के बीच हिंसक टकराव की वजह से यह क्षेत्र हिंसा, विस्थापन व खाद्य असुरक्षा का शिकार रहा है।
फ़िलहाल दवाओं की क़िल्लत के अलावा गम्भीर मानवीय स्थिति की वजह से इबोला पर नियंत्रण पाने के प्रयासों में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर टैड्रॉस ने ज़ोर देकर कहा कि इबोला प्रभावित आबादी तक जल्द से जल्द स्वास्थ्य टीम को रवाना करने और उन्हें मानवीय सहायता मार्ग उपलब्ध कराने के लिए राजनैतिक क़दम उठाए जाने होंगे।
स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जोखिम
घातक इबोला वायरस की वजह से स्वास्थ्यकर्मियों को एक बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। बुधवार को फ़्रांस में एक मेडिकल संगठन के साथ कार्यरत राहतकर्मी के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। वह डीआर कांगो में संक्रमितों की देखभाल करने के बाद देश लौटे थे।
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अब तक लगभग 80 स्वास्थ्यकर्मियों के इबोला से संक्रमित होने की सूचना है और यह दर्शाता है कि अग्रिम पंक्ति के राहतकर्मियों के लिए यह कितनी चुनौतीपूर्ण स्थिति है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए बचाव उपायों को सख़्ती से लागू करने, जोखिमों के बारे में जानकारी के लिए बेहतर सूचना की व्यवस्था करने और संक्रमण रोकथाम उपायों को अपनाने पर बल दिया गया है।
संगठन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण मामलों के सामने आने के बावजूद फ़िलहाल दुनिया के अन्य हिस्सों में इस बीमारी के फैलने की आशंका अभी कम है।
प्राइवेट सेक्टर के CSB Bank के शेयरों में 25 जून को दिन में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। बीएसई पर भाव 322 रुपये के लो तक गया। शेयर में गिरावट की दो वजहें सामने आ रही हैं। पहली मुख्य वजह यह है कि ऐसी खबर है कि कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की अगुवाई वाली फेयरफैक्स इंडिया होल्डिंग्स, CSB बैंक में अपनी पूरी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकती है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है कि फेयरफैक्स ने IDBI बैंक में हिस्सेदारी की खरीद के लिए एक नई बोली लगाई है।
इस सौदे से सरकार और LIC, दोनों मुख्य शेयरधारकों को लगभग 50,000 करोड़ रुपये या 5 अरब डॉलर से कुछ अधिक मिलने की संभावना है। संशोधित प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है और सौदा सही दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।
इसलिए CSB Bank में बेच सकती है पूरा हिस्सा
संबंधित लोगों का यह भी कहना है कि फेयरफैक्स ने प्रतिबद्धता जताई है कि बैंकिंग क्षेत्र में IDBI बैंक ही उसका एकमात्र निवेश होगा। नतीजतन, IDBI Bank का अधिग्रहण करने पर वह CSB बैंक में अपनी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी पूरी तरह से बेच देगी। ऐसा इसलिए क्योंकि RBI के नियमों के तहत कोई प्रमोटर दो बैंकिंग लाइसेंस नहीं रख सकता है।
फेयरफैक्स ने 2018 में CSB बैंक (जिसे तब कैथोलिक सीरियन बैंक के नाम से जाना जाता था) को बचाने के लिए एक बेलआउट डील के तहत 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। एक साल बाद बैंक को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया गया।
गोल्ड की कीमत में गिरावट भी एक वजह
सोने की कीमतों में दबाव के कारण गुरुवार को गोल्ड फाइनेंसिंग कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। साथ ही CSB बैंक लिमिटेड जैसे गोल्ड फाइनेंसिंग से जुड़े लेंडर्स के शेयरों में भी गिरावट है। गोल्ड के फिसलने की वजह है कि महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते US फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाए जाने और उसके बाद US डॉलर के मजबूत होने का डर बना हुआ है। इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई है, जो पिछले 7 महीनों में इसका सबसे निचला स्तर है। CSB Bank के कुल लोन में गोल्ड लोन का हिस्सा लगभग 42-45% है।
CSB Bank का मार्केट कैप घटकर 5600 करोड़ रुपये रह गया है। शेयर साल 2026 में अब तक 33 प्रतिशत गिरा है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rajya Sabha MP report: देश के नीति-निर्धारण में अहम भूमिका निभाने वाले राज्यसभा के 'माननीय सांसदों' को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के 226 मौजूदा सांसदों के हलफनामों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से करीब 31 फीसदी सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं 14 फीसदी सांसद अरबपति हैं। सांसदों की औसतन संपत्ति 115.25 करोड़ रुपये है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के आंकड़ों पर आधारित एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। राज्यसभा के 226 मौजूदा सांसदों के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि राजनीति में धनबल और बाहुबल का प्रभाव अभी भी मजबूती से कायम है।
36 सांसदों पर बेहद गंभीर मामले
ADR के विश्लेषण के मुताबिक, 226 में से 69 (31%) सांसदों ने खुद पर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें से 36 (16%) सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 1 सांसद पर हत्या (IPC धारा 302) और 4 सांसदों पर हत्या के प्रयास (IPC धारा 307) का मामला दर्ज है। 4 माननीय ऐसे भी हैं जिन पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं। ALSO READ: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! TMC सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने छोड़ी राज्यसभा
पार्टीवार 'दागी' सांसदों की स्थिति
पार्टीवार यदि दागी सांसदों की स्थिति देखें तो भाजपा के 107 में से 28 (26%) सांसदों पर आपराधिक और 14 (13%) पर गंभीर मामले हैं। कांग्रेस के 29 में से 12 (41%) सांसदों पर आपराधिक और 8 (28%) पर गंभीर मामले हैं। बीआरएस (BRS) के 3 में से 3 (100%) और सीपीआई-एम (CPI-M) के 3 में से 3 (100%) सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। टीएमसी के 22%, डीएमके के 25% और सपा (SP) के 50% सांसद दागी हैं।

राज्यों में तेलंगाना टॉप पर : आपराधिक मामलों वाले सांसदों में तेलंगाना सबसे आगे है, जहां के 7 में से 5 (71%) सांसदों पर केस दर्ज हैं। इसके बाद दिल्ली (67%) और महाराष्ट्र (53%) का नंबर आता है। बिहार के भी 44% राज्यसभा सांसद दागी हैं।
26,047 करोड़ के मालिक हैं राज्यसभा सांसद
रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा के सभी 226 सांसदों की कुल संपत्ति 26,047 करोड़ रुपए है। सदन में औसतन हर सांसद के पास 115.25 करोड़ रुपए की संपत्ति है। कुल सांसदों में से 31 (14%) सांसद अरबपति (Billionaires) हैं, जिनके पास 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। बीआरएस के सांसदों की औसत संपत्ति सबसे ज्यादा 1,841.39 करोड़ रुपए है। पार्टी के कुल 3 सांसदों की कुल संपत्ति 5,524 करोड़ रुपए है। समाजवादी पार्टी के सांसदों की औसत संपत्ति 399.71 करोड़ रुपए है। कांग्रेस के 29 सांसदों की औसत संपत्ति 130.37 करोड़ रुपए (कुल संपत्ति: 3,781 करोड़)। वहीं, सत्तारूढ़ बीजेपी के 107 सांसदों की औसत संपत्ति 76.46 करोड़ रुपए है। हालांकि, संख्या अधिक होने के कारण बीजेपी सांसदों की कुल संपत्ति सबसे ज्यादा (8,181 करोड़ रुपए है।

बंदी पार्थसारथी सबसे अमीर
तेलंगाना के बीआरएस सांसद बंदी पार्थसारथी सबसे अमीर हैं। उनकी कुल संपत्ति 5300 करोड़ से ज्यादा है, जबकि पंजाब से भाजपा सांसद राजेन्द्र गुप्ता की संपत्ति 5053 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इस सूची में तीसरे नंबर पर कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी हैं, जिनकी संपत्ति 2558 करोड़ रुपए से ज्यादा है। ऐसा नहीं है कि राज्यसभा के सभी सांसद अरबपति और करोड़पति हैं। पंजाब से आम आदमी पार्टी के सांसद संत बलवीर सिंह की कुल संपत्ति करीब 3.5 लाख है। वहीं, मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद सुमित्रा बाल्मीक की संपत्ति 17 लाख 85 हजार रुपए है।
अमीर सांसदों वाले राज्य
तेलंगाना के 57% (7 में से 4) सांसद अरबपति हैं और इस राज्य के सांसदों की कुल संपत्ति सबसे ज्यादा 8,310 करोड़ रुपए है। आंध्र प्रदेश के 45% सांसद अरबपति सूची में शामिल हैं। पंजाब के सांसदों की कुल संपत्ति 5,729 करोड़ रुपए है। यह रिपोर्ट साफ करती है कि राजनीतिक दलों में टिकट वितरण के दौरान आज भी उम्मीदवारों की 'जीतने की क्षमता' के नाम पर उनके क्रिमिनल रिकॉर्ड और भारी-भरकम संपत्ति को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर विचारणीय विषय है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
FMCG Stock: मॉनसून में देरी और एल नीनो की चिंताओं का असर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) स्टॉक्स पर पड़ सकता है, लेकिन नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को उम्मीद है कि कंज्यूमर कंपनियां एक और मजबूत तिमाही रिपोर्ट करेंगी, जिसमें पूरे सेक्टर में अच्छी सेल्स और वॉल्यूम ग्रोथ जारी रहेगी।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अबनीश रॉय ने कहा कि ज्यादातर FMCG कंपनियां 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4FY26) में देखी गई रिकवरी पर आगे बढ़ेंगी। उन्हें उम्मीद है कि नेस्ले इंडिया, मैरिको, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स इंडिया और इमामी जैसी कई कंपनियां 2026 की अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) में मजबूत नंबर देगी, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी बड़ी कंपनियों की सेल्स ग्रोथ लगभग डबल-डिजिट और वॉल्यूम ग्रोथ लगभग 7% हो सकती है।
हालांकि निवेशक कमजोर बारिश और कम बुवाई एक्टिविटी को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि पुराना डेटा कंज्यूमर डिमांड में तेज गिरावट के डर को सपोर्ट नहीं करता है। “हमने देखा है कि कम से कम पिछले 10 सालों में बारिश में कमी और सेक्टर के वॉल्यूम में कमी के बीच कोई बड़ा संबंध नहीं है।”
उनके मुताबिक, बारिश की क्वालिटी और डिस्ट्रीब्यूशन, हेडलाइन मॉनसून नंबरों से ज्यादा मायने रखते हैं। उन्होंने कहा कि अभी के लिए रूरल डिमांड अच्छी बनी हुई है, जिसे कई राज्यों में सरकार के वेलफेयर उपायों से सपोर्ट मिला है। मॉनसून में किसी भी कमी का असली असर अगर सामने आता है, तो 2026-27 (FY27) के दूसरे हाफ में ही साफ हो पाएगा।
अबनीश रॉय ने कंज्यूमर सेक्टर में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स से बढ़ते कॉम्पिटिशन पर भी रोशनी डाली। उन्होंने रिलायंस को “बहुत, बहुत अहम कॉम्पिटिशन” बताया, और कैंपा कोला के तेजी से बढ़ने की ओर इशारा किया, जिसने एग्रेसिव प्राइसिंग और मजबूत डीलर इंसेंटिव के ज़रिए मार्केट शेयर हासिल किया है। हालांकि, उनका मानना है कि ज़्यादातर FMCG कैटेगरी इतनी बड़ी हैं कि जाने-माने प्लेयर्स और रिलायंस एक साथ रह सकते हैं।
पेंट्स सेक्टर पर बात करते हुए अबनीश रॉय को उम्मीद है कि क्रूड ऑयल की कम कीमतों के बावजूद ग्रोथ मोमेंटम बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पेंट कंपनियों ने मजबूत प्राइसिंग डिसिप्लिन दिखाया है और उन्हें डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ जारी रखनी चाहिए। भले ही क्रूड $60-$70 प्रति बैरल की रेंज में बना रहे और कंपनियां पहले की कीमतों में बढ़ोतरी को थोड़ा वापस ले लें, अच्छी वॉल्यूम ग्रोथ से सेल्स को सपोर्ट मिलना चाहिए।
Dalmia Bharat Share: गोल्डमैन सैक्स ने अपग्रेड की रेटिंग,17% की बढ़त संभव, क्या आप करेंगे खरीदारी
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

– आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' पर लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी
– लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस के युवराज हाथ में संविधान की प्रति लेकर देशवासियों की आंख में धूल झोंक रहे
– लालू व मुलयाम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस का चाबुक भूलकर उसी के साए में कर रही राजनीति
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में बने रहने के लिए आपातकाल लगाने का पाप किया था। आज पूरा देश 25 जून 1975 का काला दिन याद कर रहा है, जब कांग्रेस ने देश के लोकतंत्र का गला घोटने का काम किया था। सत्ता में बने रहने और न्यायालय के आदेश लागू न होने देने के लिए इंदिरा गांधी ने नागरिकों के अधिकार छीनने का प्रयास किया। कांग्रेस का यह पाप लोकतंत्र और बाबा साहेब के सपनों पर सीधा प्रहार था। लालू प्रसाद व मुलायम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी कांग्रेस का चाबुक भूलकर उसी के साये में राजनीति कर रही है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को आपातकाल की 51वीं बरसी 'संविधान हत्या दिवस' पर लखनऊ में आयोजित 'लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया।
लोकतंत्र समर्थकों की आवाज को दबाया
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र के समर्थक राजनीतिक दलों, जनसामान्य व मीडिया से जुड़े सभी लोगों की आवाज को दबाया। ऐसा क्या था कि कांग्रेस को आपातकाल थोपना पड़ा, एक ही निष्कर्ष निकलता है कि कांग्रेस ने सिर्फ अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए यह पाप किया और इस पाप को छिपाए रखने के लिए नौजवानों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व सामाजिक संगठनों की आवाज को दबाने की चेष्टा की।
कांग्रेस के युवराज देशवासियों की आंख में झोंक रहे धूल
मुख्यमंत्री ने कहा, आपातकाल के दौरान न्यायपालिका के अधिकार सीमित कर दिए गए। मीडिया को प्रतिबंधित कर दिया गया। यही नहीं, रात के अंधेरे में भारत के संविधान की प्रस्तावना भी बदल दी गई। यह काम उसी कांग्रेस ने किया, जिसके युवराज संविधान की प्रति लेकर देशवासियों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। इनका दोहरा चरित्र वर्तमान पीढ़ी को पता होना चाहिए। इसीलिए 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ आयोजित कर पूरे देश व नौजवान पीढ़ी को इससे अवगत कराने का प्रयास हो रहा है।
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मुलायम करते थे कांग्रेस से गठबंधन का विरोध
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी के अत्याचार से आमजन व राजनीतिक दलों के नेता कराह रहे थे। लोकतंत्र के समर्थन में जेल जा रहे थे। ऐसे ही नेताओं लालू प्रसाद व स्वर्गीय मुलयाम सिंह यादव की वर्तमान पीढ़ी आज उसी कांग्रेस के साये में अपनी राजनीति करती दिखाई दे रही है। कांग्रेस जब भी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का प्रयास करती थी, मुलायम उसका विरोध करते थे।
वह कहते थे कि कुछ भी हो, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए। लेकिन उनके उत्तराधिकारी कांग्रेस के डूबते जहाज पर सवार होकर मुलायम सिंह की विरासत भी डुबोने पर उतारू हैं। ये लोग आज भी एक साथ होकर लोकतंत्र को कमजोर करने और परिवारवाद की राजनीति को प्रोत्साहित करने के लिए संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत आचरण करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।
भारत लोकतंत्र की जननी भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की बैठक में पीएम मोदी जी ने बताया था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ही नहीं, सबसे प्राचीन लोकतंत्र भी है। भारत लोकतंत्र की जननी भी है। जब दुनिया लोकतंत्र के बारे में नहीं जानती थी, तब भारत के तमाम गांवों व क्षेत्रों में लोकतंत्र स्थापित था। यह भारत के डीएनए में है। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के लिए शासन की योजनाओं का बनना ही लोकतंत्र का आधार है। पीएम मोदी ने कोविड महामारी के दौरान आमजन के लिए वैक्सीन, टेस्ट, उपचार व राशन की फ्री सेवाएं सुनिश्चित कराईं।
उन्होंने अहसास कराया कि हमारी जवाबदेही अंतत: जनता के प्रति है। सबका साथ-सबका विकास का भाव भी लोकतंत्र की पुष्टि करता है। मोदी जी की सभी योजनाएं आमजन को समर्पित हैं। जाति, मत, महजब, क्षेत्र व भाषा देखे बगैर पात्रता की श्रेणी में आने वाले हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।
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लोकतंत्र के प्रति हमारी जवावदेही
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 करोड़ गरीबों को आवास, 12 करोड़ गरीबों के घर में शौचालय, 10 करोड़ गरीबों के घर में रसोई गैस, 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा, 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से उभरना, ये सभी कार्य भारत के पुष्ट लोकतंत्र को प्रदर्शित करते हैं। एक तरफ मोदी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र पुष्ट हो रहा है तो दूसरी तरफ स्वार्थ के लिए लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस, जिसके द्वारा आज भी उसी प्रकार के प्रयास किए जाते हैं। हम सबको इसके प्रति सजग रहना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्याराम वर्मा, अजय सिंह व ओमप्रकाश गुप्ता समेत बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, विधायकगण, संयोजक बृज बहादुर, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिलाध्यक्ष विजय मौर्य व प्रबुद्धजन आदि उपस्थित रहे।
Edited By : Chetan Gour
Shobhaa De: ‘कॉकटेल 2’ को रिलीज हुए एक हफ़्ता होने वाला है और फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर मज़बूती से टिकी हुई है। शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर होमी अदजानिया की इस फ़िल्म ने छह दिनों में ही 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। फ़िल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है और अब लेखिका और कॉलमिस्ट शोभा डे ने इसकी आलोचना की है।
शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने ‘कॉकटेल 2’ का रिव्यू किया। उन्होंने कहा, “अभी ‘कॉकटेल 2’ देखकर निकली हूँ। खैर, यह ‘कॉकटेल 1’ जैसी बिल्कुल नहीं है। वह ‘कॉकटेल’ क्या फ़िल्म थी और यह क्या है। मुझे लगता है कि इससे उबरने के लिए मुझे पाँच नेग्रोनी (एक तरह की ड्रिंक) पीनी पड़ेंगी।”
उन्होंने आगे कहा, “इसका न सिर-पैर है, न कुछ और। कहानी बेतुकी है। शाहिद, तुम्हें नए हेयरकट की ज़रूरत है, हालांकि तुम फ़िल्म का सबसे अच्छा हिस्सा हो। लेकिन सबसे बड़ी स्टार तो सिसिली है — काश सिसिली को और दिखाया जाता। रश्मिका, मुझे बहुत अफ़सोस है लेकिन हिंदी फ़िल्में तुम्हारे लिए नहीं हैं। कृति, तुम बहुत अच्छी लग रही हो, तुम्हारी बॉडी ज़बरदस्त है; सच कहूं तो तुमने बहुत अच्छा काम किया है।”
“लेकिन कहानी — क्या यह थोड़ी और गहरी और अर्थपूर्ण हो सकती थी? दो औरतें शाहिद के लिए लड़ रही हैं, और फिर वह उन्हें लेक्चर देता है। और फिर शाहिद की सबसे अच्छी लाइन आती है, ‘प्यार ऐसी चीज़ है जिसका आप कुछ दिनों तक मज़ा ले सकते हैं, असल में प्यार जैसी कोई चीज़ नहीं होती।’ यह बनावटी ज्ञान से भरी है। सबसे खराब तरह की घिसी-पिटी बातें। बीच-बीच में अच्छे मज़ाक भी हैं। लेकिन इसकी तुलना ‘कॉकटेल’ से करने की कोशिश भी मत करना, और पांच नेग्रोनी ड्रिंक्स इंतज़ार कर रही हैं — यह मेरा छोटा सा रिव्यू है।”
कॉकटेल 2 ने सिर्फ़ छह दिनों में दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, फ़िल्म का कुल कलेक्शन अब 102.76 करोड़ रुपये (ग्रॉस) हो गया है। कॉकटेल 2 ने छठे दिन भी अच्छी रफ़्तार बनाए रखी और भारत भर में 9,745 शो से 5.00 करोड़ रुपये (नेट) कमाए। इससे इसका घरेलू ग्रॉस कलेक्शन 78.76 करोड़ रुपये हो गया है, और भारत में कुल नेट कलेक्शन अब 66.00 करोड़ रुपये है।
फ़िल्म ने विदेशों में भी ठीक-ठाक रफ़्तार बनाए रखी, उस दिन 1.25 करोड़ रुपये कमाए और अपना इंटरनेशनल ग्रॉस कलेक्शन 24.00 करोड़ रुपये तक पहुँचाया। कुल मिलाकर, इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 102.76 करोड़ रुपये हो गया है।
भारत में ‘कॉकटेल 2’ ने अपने पहले सोमवार और मंगलवार को 6.75 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। पहले दिन 13.5 करोड़ रुपये की ओपनिंग के बाद, फिल्म ने भारतीय बाजार में शनिवार को 16.25 करोड़ रुपये और रविवार को 17.75 करोड़ रुपये (नेट) कमाए।
गुरुवार शाम (शाम 7:30 बजे) से ‘कॉकटेल 2’ को बॉक्स ऑफिस पर नई टक्कर मिलने वाली है, क्योंकि मल्टी-स्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज़ हो रही है। जब 2012 में होमी अदजानिया की ‘कॉकटेल’ आई थी, तो वह कोई आम रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म नहीं थी। सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी स्टारर इस फिल्म ने दर्शकों को यादगार संगीत, उलझे हुए रिश्ते और दीपिका की सबसे चर्चित परफॉर्मेंस में से एक दी थी। ज़ाहिर है, जब ‘कॉकटेल 2’ की घोषणा हुई तो उम्मीदें बहुत ज़्यादा थीं। 14 साल बाद, इस स्पिरिचुअल सीक्वल में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं।
Trading Strategy: लार्जकैप के दम पर आज मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मार्केट ब्रेथ कमजोर है। नरम क्रूड और रुपये की मजबूती से सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 170 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के ऊपर दिख रहा है। बैंक निफ्टी भी 58500 के पार कारोबार कर रहा है। मिडकैप में भी रौनक है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% फिसलकर 13 के नीचे आ गया है। कच्चे तेल में गिरावट और ब्याज दरें ना बढ़ने की उम्मीद में ऑटो शेयरों में फर्राटा रफ्तार आई है। मारुति करीब 5% उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही M&M,मदरसन और TVS मोटर भी 4% दौड़े हैं।
रियल्टी,NBFCs और FMCG में भी अच्छी तेजी है। तीनों सेक्टर इंडेक्स करीब 1 फीसदी चढ़े हैं। रियल्टी में प्रेस्टीज,गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा 2 फीसदी चढ़े हैं। लेकिन मजबूत डॉलर इंडेक्स से मेटल शेयरों में लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।
बाजार: लार्ज कैप में रैली
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल, इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज फिर बाजार में चुनिंदा लार्ज कैप शेयरों में रैली हुई है। निफ्टी चला है लेकिन ब्रेथ खराब है। हालांकि 1-2 दिन की चाल को ट्रेंड नहीं समझ सकते। लेकिन ऐसा चलता रहा तो रिस्क का रास्ता खुलेगा। खैर,अगले हफ्ते उसका भी जवाब मिल जाएगा। फिलहाल आज का दिन निफ्टी के लिए बढ़िया रहा। 24,250 की रजिस्टेंस पार करने बाद रुका। ऑटो शेयरों के लिए आज शानदार दिन है। तकरीबन हर ऑटो एंसिलरी शेयर में रैली है। इंटरग्लोब फिर से आज रफ्तार का घोड़ा बना। सिर्फ मेटल में आज गिरावट आई। मेटल शेयरों की गिरावट के लिए सुबह ही तैयार किया था।
बाजार: अब क्या?
अब अगली तेजी 24,250 के ऊपर निकलने पर आएगी। 24,100 के ऊपर जब तक हैं,ट्रेंड मजबूत है। अगर 24,200 के ऊपर क्लोजिंग हो जाए तो शानदार रहेगा। बैंक निफ्टी में 58,500 का पहला टारगेट हासिल हुआ। 59,000 और 59,500 के टापगेट अभी बाकी हैं। ऑरेकल ने फिर से आवाज के दर्शकों को मोटी कमाई कराई है। इंटरग्लोब में भी 4000 से 5400 की एकतरफा रैली रही।
निफ्टी -बैंक निफ्टी पर रणनीति
निफ्टी के लिए 24,050-24,100 पर सपोर्ट और 24,200-24,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,200-58,400 पर सपोर्ट और 58,800-59,000 पर रेजिस्टेंस है।
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किसी जादूगर ने
निहत्थे आकाश की हवा में,
छड़ी घुमाकर और छूमंतर बोलकर,
नहीं बनाया है हवा महल।
न ही गुब्बारे में कैद
आंधी का कोई चुन्धियाता गुबार है यह।
यह किसी वास्तु शिल्पी की
कल्पना मात्र भी नहीं है।
यह गुलाबी नगरी के वक्षस्थल पर
राजस्थानी वास्तु कला का
उसकी संस्कृति से साक्षात्कार है।
जिसमें सैकड़ों मधुमक्खियों के
छत्तों के आकार के झरोखे हैं
गवाक्ष हैं और
नन्हीं नन्हीं खिड़कियां भी।
इन्हीं से मिलती थी शाही सुकुमारियों को
शीतल ठंडी हवा।
इन्हीं झरोखों पर रखी रहतीं थीं
जिज्ञासु आंखें इनकीं।
निहारतीं राजपथों पर होते
जलसों को,
गणगौर तीज की परंपरा को।
मादल की थाप पर होते लोक नृत्यों और
होली के मादक सुगन्धित रंगों को
बिसूरती ये ललनाएं,
कनक तीलियों के पिंजरे में बंद
शुकों जैसी,
अपने समय का इतिहास लिखती रहीं।
और इन्हीं की सुरक्षा में बनते रहे
बेजोड़ महल और किले।
सैलानी आते हैं, देखते हैं यह शिल्प
यहां की अनोखी स्थापत्य कला
अविरल अविराम, होकर भौंचक।
लाल बलुआ पत्थरों से मुकुट के आकार की काया लिए
यह राजस्थान का हवा महल है।
यह भारत की धरोहर है।
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