Weather Update : मध्य प्रदेश पहुंचा मानसून, UP-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

Heavy rain alert for several states including Uttar Pradesh and Bihar

Weather Update News : देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्‍तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच मानसून मध्‍य प्रदेश भी पहुंच चुका है। राज्‍य के इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार 3 दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। मौसम केंद्र ने आगामी चौबीस घंटों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, ग्वालियर और सागर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है।

 

इंदौर में 3 दिनों से हो रही झमाझम बारिश

देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्‍तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच मानसून मध्‍य प्रदेश भी पहुंच चुका है। राज्‍य के इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार 3 दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण गर्मी और उमस से भारी राहत मिली है। मौसम केंद्र ने आगामी चौबीस घंटों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का अनुमान जताया है।

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भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा, ग्वालियर और सागर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है। जून महीने की बात करें तो इंदौर जिले में अब तक औसतन 4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। वहीं महाराष्ट्र में अभी लगातार 2 दिन तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है। पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

 

यहां गिर सकते हैं ओले

मौसम विभाग ने उत्‍तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ राज्यों में ओले भी गिर सकते हैं। बिहार के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

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कहां है बारिश और आंधी का यलो अलर्ट?

झारखंड के रांची, देवघर, धनबाद, बोकारो, दुमका और सिंहभूम क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज और कल तेज बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना रह सकता है। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, किश्तवाड़, जम्मू, कठुआ, गांदरबल, डोडा, रामबन, शोपियां, जम्मू और बांदीपोरा में बारिश और आंधी का यलो अलर्ट है।

 

दिल्ली में आज भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। मुंबई, पालघर, नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली और अकोला जैसे जिलों में तेज बारिश जारी रह सकती है। उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, पिथौरागढ़, देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल में भारी बारिश की चेतावनी है।

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पिछले 24 घंटे के दौरान, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। तटीय कर्नाटक, विदर्भ, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश हुई। ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है।
Edited By : Chetan Gour

NHAI directs setting up more repair, puncture services on highway corridors

NHAI

Motorists travelling on National Highways and expressways could soon have easier access to vehicle repair and puncture services. The National Highways Authority of India (NHAI) has directed operators of Wayside Amenities (WSAs) to prioritise the rollout of vehicle repair shops and puncture repair facilities to improve roadside assistance during breakdowns and emergencies.

  1. NHAI pushes for quicker rollout of repair and puncture facilities
  2. Move targets highway stretches with limited roadside assistance
  3. Facilities to support both private and commercial vehicles

Repair facilities to be prioritised at Wayside Amenities

The directive has been issued by National Highways Logistics Management Limited (NHLML), NHAI’s wholly owned subsidiary responsible for developing Wayside Amenities across the country. Field offices have been asked to advise WSA operators to prioritise vehicle repair shops and puncture repair facilities, particularly along highway stretches where roadside assistance remains limited.

According to NHAI, several highway corridors currently lack adequate access to basic mechanical assistance, often leaving motorists stranded after tyre punctures or minor breakdowns.

Part of the expanding Wayside Amenities network

NHLML is developing a nationwide network of Wayside Amenities under the public-private partnership (PPP) model. These facilities already include mandatory infrastructure such as fuel stations, food courts, restrooms and parking areas.

Vehicle repair shops and puncture repair facilities are already permitted under existing lease agreements. NHAI has now asked operators to prioritise expanding these services to improve the availability of roadside assistance along highway corridors.

The repair facilities will cater to both private motorists and commercial vehicle operators.

NHAI said the initiative is aimed at “reducing vehicle downtime, enhancing road safety and ensuring prompt assistance” to commuters and freight operators travelling on National Highways and expressways.

अयोध्या में श्रीराम के नाम पर महाघोटाला, संजय सिंह ने SIT को सौंपे सबूत

sanjay singh gives proof to SIT on ayodhya ram mandir

आप सांसद संजय सिंह गुरुवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी (विशेष जांच समिति) के सामने पेश हुए और अयोध्या में जमीनों की खरीद में हुए घोटाले के दस्तावेज सौंपे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के नाम पर महाघोटाला हुआ है। ALSO READ: राम मंदिर पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से बवाल, महामंडलेश्वर ने 5 लाख इनाम का किया ऐलान

 

इसके बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में जमीनों की खरीद में महाघोटाला हुआ है। 4 करोड़ की जमीन कुछ ही दिनों के बाद 8 करोड़ में खरीदी गईं और इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जुड़े लोग शामिल हैं।

 

आप नेता ने कहा कि महाघोटाले से जुड़े सबूत दस्तावेजों के रूप में एसआईटी को सौंप दिए गए हैं जिस पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। अब देखते हैं कि क्या कार्रवाई होती है।

 

क्या है संजय सिंह का आरोप?

गौरतलब है कि संजय सिंह ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में दावा किया था कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी, चंदा चोरी, जमीन घोटाले से कई कागजात उनके पास हैं, जिसे वो एसआईटी के अध्यक्ष को सौंप देंगे। उन्होंने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा था 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ में, 3 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में, 9 करोड़ की जमीन 55.47 करोड़ में चंपत राय ने खरीदी। सारे सबूत मेरे पास हैं मुझे आज तक SIT ने मिलने का समय नहीं दिया। आखिर चंदा चोर अभी तक ट्रस्ट में कैसे हैं? ट्रस्ट मोदी ने बनाया, लूट का माल BJP को पहुंचा BJP उसी पैसे से देश भर में सांसद विधायक ख़रीद रही है। यही कारण है मोदी जी अब तक चंदा चोरी पर खामोश हैं।

 

SIT की रिपोर्ट में कई गड़बड़ियों का जिक्र

अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में जैसे जैसे जांच आगे बढ रही है, यह मामला और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है। इस मामले में एसआईटी ने रिपोर्ट पीएमओ को सौंप दी है। इसमें चंपत राय की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। हालांकि एसआईटी के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का पहला ड्राफ्ट है। इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

 

अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच के बाद प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए।

 

बता दें कि जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।

edited by : Nrapendra Gupta 

मिशन 2027 के लिए UP भाजपा की टीम तैयार, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर जोर, देखें पूरी सूची

UP BJP new team: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 (Uttar Pradesh Assembly Elections 2027) के सियासी महासमर को फतह करने के लिए बीजेपी ने अपनी नई 'पलटन' मैदान में उतार दी है। यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी नई टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस नई टीम में जहां एक तरफ क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को बेहद बारीकी से साधा गया है, वहीं आधी आबादी (महिलाओं) को भी मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया है।

19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 46 मंत्री

पंकज चौधरी की इस कोर टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 46 मंत्री और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष शामिल किए गए हैं। आइए जानते हैं कि 2027 के रण के लिए किस नेता को क्या जिम्मेदारी मिली है। बीजेपी ने उपाध्यक्ष पद पर अनुभव और युवा जोश का मिलाजुला कॉम्बिनेशन रखा है। टीम में प्रियंका रावत, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल और डॉ. कृतिका अग्रवाल के रूप में मजबूत महिला चेहरों को जगह दी गई है। इनमें सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, रमेश सिंह, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, नीरज सिंह आदि शामिल हैं। 

पार्टी के संगठनात्मक काम को गति देने के लिए 8 महामंत्रियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें गीता शाक्य को भी अहम जिम्मेदारी मिली है। इनके अलावा रामप्रताप सिंह चौहान, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी भी शामिल हैं। संगठन को बूथ स्तर तक धार देने के लिए 46 नेताओं को प्रदेश मंत्री की कमान सौंपी गई है। इसमें विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, अंकुर शर्मा, और अनिल यादव जैसे जुझारू चेहरे शामिल हैं।

क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारी : किसे कहां की कमान?

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों और जातिगत समीकरणों को साधने के लिए मोर्चों के अध्यक्ष भी तय कर दिए हैं- 

  • पश्चिम क्षेत्र : नबाब सिंह नागर
  • ब्रज क्षेत्र : पूरन लाल लोधी
  • कानपुर क्षेत्र : राम किशोर साहू
  • अवध क्षेत्र : अवधेश द्विवेदी
  • काशी क्षेत्र : अशोक चौरसिया
  • गोरखपुर क्षेत्र : विनोद राय
  • युवा मोर्चा : रोहित मिश्रा
  • पिछड़ा मोर्चा : प्रकाश पाल
  • किसान मोर्चा : देवेन्द्र सिंह
  • महिला मोर्चा : सरोज कुशवाह
  • अनुसूचित जाति मोर्चा : अशोक रावत
  • अनुसूचित जनजाति मोर्चा : विद्याभूषण गोंड

दिनेश प्रताप सिंह को पार्टी का मुख्‍य प्रवक्ता बनाया गया है, जबकि मीडिया संयोजक : मनीष दीक्षित, प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक : हिमांशुराज पंडित होंगे।  पंकज चौधरी की इस नई टीम के गठन से साफ है कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए किसी भी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन के सहारे पार्टी ने विपक्षी खेमे की घेराबंदी शुरू कर दी है।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

घर बैठे ऑनलाइन खरीदें सऊदी में प्रॉपर्टी! नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च, भारतीयों के लिए ये है पूरा प्रोसेस

Saudi Arabia Property Market: सऊदी अरब के रियल एस्टेट मार्केट में पैसे लगाना अब बेहद आसान हो गया है। किंगडम ने एक आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसके जरिए विदेशी नागरिक अब सऊदी अरब में सीधे प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विदेशी निवेशकों के लिए इनवेस्टमेंट को और अधिक आसान बनाने के लिए ये ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।

यह कदम इस साल की शुरुआत में लागू हुए नए ओनरशिप कानून के तहत उठाया गया है। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (REGA) ने इस आधिकारिक ‘सऊदी प्रॉपर्टीज पोर्टल’ की शुरुआत की घोषणा की है, जिससे मिडिल ईस्ट के सबसे तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी मार्केट्स में से एक में विदेशियों की एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। आइए समझते हैं कि नया नियम क्या है और कौन यहां जमीन या घर खरीद सकता है।

घर बैठे ऑनलाइन खरीदें प्रॉपर्टी

इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को विदेशी स्वामित्व के आवेदनों के लिए सिंगल ऑफिशियल चैनल के रूप में तैयार किया गया है। इस पोर्टल के जरिए सऊदी अरब के अंदर और बाहर रहने वाले पात्र व्यक्ति और कंपनियां पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं। इसमें पात्रता की जांच, आवेदन जमा करना, एप्लीकेशन ट्रैकिंग और सरकार द्वारा मंजूर किए गए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की जानकारी हासिल करना शामिल है।

यह कदम सऊदी अरब की अपनी अर्थव्यवस्था को तेल से इतर डाइवर्सिफाई करने और देश को बिजनेस, टूरिज्म तथा रियल एस्टेट का ग्लोबल हब बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

कौन-कौन खरीद सकता है सऊदी अरब में प्रॉपर्टी?

नए नियमों के तहत विदेशी व्यक्तियों, कंपनियों और अन्य संस्थाओं को एक तय और रेगुलेटेड प्रक्रिया के तहत सऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों में रियल एस्टेट खरीदने की अनुमति दी गई है:

सऊदी में रहने वाले विदेशी निवासी: जो विदेशी नागरिक पहले से ही सऊदी अरब में रह रहे हैं, वे अपने रेजिडेंसी नंबर यानी ‘इकामा’ (Iqama) का इस्तेमाल करके सीधे पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। सरकारी डेटाबेस के जरिए उनकी पात्रता की जांच ऑटोमैटिक हो जाएगी।

सऊदी से बाहर रहने वाले लोग: जो लोग सऊदी अरब से बाहर रहते हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सऊदी राजनयिक मिशनों के जरिए एक डिजिटल पहचान पत्र हासिल करना होगा।

विदेशी कंपनियां: जिन विदेशी कंपनियों की सऊदी अरब में पहले से मौजूदगी नहीं है, उन्हें सबसे पहले निवेश मंत्रालय के ‘इन्वेस्ट सऊदी’ प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और एक नेशनल यूनिफाइड नंबर हासिल करना होगा।

मक्का और मदीना को लेकर क्या हैं पाबंदियां?

भले ही नए कानून ने विदेशी ओनरशिप का दायरा काफी बढ़ा दिया है, लेकिन इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों- मक्का और मदीना को लेकर कड़े प्रतिबंध बरकरार रखे गए हैं। मक्का और मदीना में प्रॉपर्टी खरीदने का अधिकार केवल सऊदी कंपनियों और मुस्लिम व्यक्तियों चाहे वे सऊदी के अंदर रहते हों या बाहर तक ही सीमित रहेगा। गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक इन दो पवित्र शहरों में प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकेंगे।

अरबों डॉलर के मेगा प्रोजेक्ट्स में निवेश का मौका

सऊदी अरब इस समय दुनिया के सबसे बड़े शहरी विकास कार्यक्रमों में से एक से गुजर रहा है। किंगडम अपने कई मेगा प्रोजेक्ट्स जैसे- नियोम सिटी, दिरिया गेट, रेड सी प्रोजेक्ट, किद्दिया और न्यू मुरब्बा में सैकड़ों अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। सरकार का मानना है कि मार्केट को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए खोलने से इन प्रोजेक्ट्स को लॉन्ग-टर्म कैपिटल मिलेगी और आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की मांग में भारी इजाफा होगा।

स्विट्जरलैंड ने कनाडा को घरेलू दर्शकों के सामने हराया (Video Highlights)

स्विट्जरलैंड ने दूसरे हॉफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को उसके घरेलू मैदान पर 2-1 से हराकर फीफा विश्वकप ग्रुप बी मुकाबले में शीर्ष रहते हुए नॉटआउट चरण में जगह बना ली है। वहीं इस हार के बावजूद कनाडा ने दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट में प्रवेश किया। बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए ग्रुप बी के इस मुकाबले में दोनों टीमों के आक्रामक खेल और कई मौके बनाये जाने के बावजूद 45 मिनट गोल नहीं कर सकी।

दूसरे हाफ की शुरुआत में स्विट्जरलैंड के रूबेने वर्गास ने 46वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 57वें मिनट में 20 वर्षीय जोहान मंजाम्बी ने गोल कर स्विट्रलैंड की बढ़त को दोगुना कर दिया। मंजाम्बी ने पूरे मैच में आक्रमण प्रदर्शन किया।

कनाडा ने वापसी का प्रयास किया और स्थानापन्न खिलाड़ी प्रॉमिस डेविड ने 76वें मिनट में गोल कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंतिम मिनटों में कनाडा ने बराबरी का प्रयास किया, लेकिन स्विस रक्षा पंक्ति ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। आखिरकार स्विट्जरलैंड ने 2-1 की जीत दर्ज कर सात अंकों के साथ ग्रुप बी में शीर्ष पर रहते हुए नॉटआउट चरण में प्रवेश किया।

क्रूड ऑयल में तेज गिरावट से इन कंपनियों के शेयर बने रॉकेट, जारी रह सकती है तेजी

अमेरिका-ईरान की डील का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ा है। खासकर भारतीय बाजारों पर इसका ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि मध्यपूर्व में लड़ाई से ज्यादा गिरावट भी इंडिया के बाजार में ही आई थी। 25 जून को लगातार दूसरे शेयर बाजार में बड़ी तेजी दिखी। 1:20 बजे निफ्टी 0.70 फीसदी यानी 168 अंक गिरकर 24,189 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.71 फीसदी यानी 520 अंक के उछाल के साथ 77,503 पर चल रहा था। 26 जून को मुहर्रम के उपलक्ष्य में बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे।

जल्द नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं प्रमुख सूचकांक

एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय बाजारों का सेंटीमेंट बदला है। अगर कोई बुरी खबर नहीं आती है तो बाजार जल्द नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। सेंटीमेंट में बदलाव की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल में तेज गिरावट है। 25 जून को क्रूड अमेरिका-ईरान की लड़ाई से अपने पहले के लेवल पर आ गया। यह भारतीय शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव है। इसका असर उन सेक्टर पर दिख रहा है, जिनका संबंध क्रूड ऑयल से है। एविएशन, टायर, पेंट्स कंपनियां क्रूड ऑयल का इस्तेमाल करती हैं।

क्रूड में तेज गिरावट से एविएशन कंपनियों को बड़ी राहत

एविएशन, पेट्स और टायर कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख रही है। खासकर एविएशन कंपनियों को क्रूड में तेज गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसकी वजह यह है कि एविएशन कंपनियों की कुल ऑपरेशनल कॉस्ट में क्रूड की बड़ी हिस्सेदारी है। मार्च में क्रूड में उछाल से इन कंपनियों को अपनी सेवाएं सीमित करने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा उन्होंने टिकट की कीमतें भी बढ़ाई थी। क्रूड में नरमी से इन कंपनियों को राहत मिली है।

बीते एक हफ्ते में 9 फसदी चढ़ा है इंटरग्लोब एविएशन

Interglobe Aviation के शेयरों में 25 जून को जबर्दस्त तेजी दिखी। बाजार खुलते ही शेयरों में अच्छी बिकवाली शुरू हो गई। 1:30 बजे यह शेयर 4.45 फीसदी चढ़कर 5,439 रुपये पर चल रहा था। बीते पांच दिनों में यह शेयर करीब 9 फीसदी उछला है। SpiceJet के शेयरों में भी अच्छी तेजी दिखी। यह 3.34 फीसदी चढ़कर 12.69 रुपये पर चल रहा था। ये दोनों एविएशन कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। एयर इंडिया और दूसरी कंपनियां अभी लिस्टेड नहीं हैं।

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टायर और पेंट कंपनियों के शेयरों में भी तेजी

टायर कंपनियों के शेयरों को भी 25 जून को पंख लग गए। Ceat का शेयर कारोबार शुरू होते ही चढ़ने लगा। हालांकि, दोपहर बाद इसमें मुनाफावसूली दिखी। इससे इसकी तेजी घटकर 1.08 फीसदी रह गई। MRF का शेयर 0.23 फीसदी तेजी के साथ 1,30,425 रुपये पर चल रहा था। Apollo Tyres का शेयर 3.18 फीसदी के उछाल के साथ 435 रुपये पर चल रहा था। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.62 फीसदी की तेजी थी। पेंट्स कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दिखी। बर्जर पेंट्स का शेयर 1.22 फीसदी के उछाल के साथ 536 रुपये पर चल रहा था। बीते पांच दिनों में यह शेयर 5 फीसदी से ज्यादा उछला है।

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर के IPO में रेड फ्लैग्स की भरमार, जानिए क्या इसमें लगाना चाहिए पैसा

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर (Waterways Leisure) के IPO में निवेश का आज आखिरी दिन है। 2 दिन के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपीओ कुल 51 फीसदी भरा है। इसमें रिटेल का हिस्सा 2.34 गुना और NIIs का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। जबकि, QIBs इससे नदारद हैं। ऐसे में क्या आपको इस IPO में पैसा लगाना चाहिए, क्या है इस कंपनी से जुड़ी दिक्कतें? ये बता रहे हैं CNBC-आवाज के मैनेजिंग एडिटर,अनुज सिंघल।

अनुज सिंघल ने कहा कि उन्होंने कई आईपीओ देखे हैं। लेकिन इससे ज्यादा रेड फ्लैग्स बहुत कम आईपीओ में दिखे हैं। मतलब यह है कि यह एक ऐसा आईपीओ है जिसमें रेड फ्लैग्स की भरमार है। सबसे बड़ा रेड फ्लैग यह है कि आईपीओ आते-आते इसमें सिर्फ बैंकर रह गया जो पहले तीन थे। यानी कंपनी ने जब आईपीओ के लिए डीआरएचपी फाइल किया था तब तीन मर्चेंट बैंकर थे और आईपीओ आते-आते एक मर्चेंट बैंकर रह गया है। सेबी का रूल है अगर प्रॉफिटेबिलिटी में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी हो तो आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए होता है। ऐसे में इस आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए है और इसके लिए रिटेल के ओवर सब्सक्रिप्शन के कोई मायने नहीं है। यह एक बहुत छोटा सा हिस्सा है। अगर इसका ओवर सब्सक्रिप्शन हो गया तो भी क्या फर्क पड़ता है ? ईमानदारी से बोलें तो इस आईपीओ में फंसने का रिस्क है।

अब तक के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपी अभी तक कुल 51% ही भरा। जिसमें से रिटेल हिस्सा 2.34 गुना भरा है। एनआरआई, एनआईआई का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। अब तक क्यूआईबी निवेश जीरो है। हो सकता है आखिरी दिन में यह हिस्सा भर जाए लेकिन क्यूआईबी और एचएनआई साफ तौर पर इस आईपीओ से दूरी बनाए हुए हैं।

इसके अलावा कई और कारण हैं जिनकी वजह से यह आईपीओ अच्छा नहीं लग रहा है। इसमें ओनरशिप में बदलाव हुआ है। पहले इसका नाम जेल क्रूज वगैरह कुछ था। बाद में सिर्फ ब्रांड बेचा गया। शिप मर्चेंट शिप ब्रांड अलग से बेचा गया। शिप अलग से बेचा गया। ऐसी बहुत सी चीजें हुई। किस लेवल पर यह डील हुई उसके मुकाबले किस लेवल पर आईपीओ आ रहा है। यह सब तो एक अलग ही कहानी है। वह अगर आप एक डीआरएचपी पढ़ेंगे तो आपको समझ में आएगा।

एक और निगेटिव बात यह है कि हमारे यहां भारत में क्रूज का कल्चर नहीं है। देश में क्रूज कंपनियों की ग्रोथ की संभावना बहुत कमजोर है। कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 2% गिरा था। एबिटडा तो 46% गिरकर 117 करोड़ पर आ गया था। 85% ऑक्यूपेंसी और 12,000 के एवरेज रेवेन्यू पर भी मार्जिन काफी खराब रहा था। EV/EBITDA 51x का है,जो बड़े होटल्स से 3 गुना महंगा है। साथ ही इनके क्रूज खुद के नहीं हैं,लीज पर लिए गए हैं। कंपनी को अगले 2-3 साल में कंपनी को 1524 करोड़ रुपए +GST का लीज रेंटल देना है। उसमें से कंपनी 480 करोड़ रुपए IPO से लगाने की बात कह रही है। यह भी ध्यान में रखें कि दुनिया में क्रूज कंपनियां बहुत कम मार्जिन बनाती हैं। ऐसे में इस आईपीओ से पूरी तरह से दूर रहने की सलाह होगी।

 

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Monsoon Breaking: 25-30 जून के बीच दिल्ली-NCR में आ जाता है मानसून, इस बार कब आएगा IMD ने दी ये जानकारी, जानिए अभी कहां पहुंचा

Delhi-NCR Monsoon Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इन दिनों उमस और भीषण गर्मी के बीच मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार है। आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार थोड़ा सुस्त पड़ता नजर आ रहा है। मानसून के आने में हो रही देरी के बीच दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाओं, आंधी और हल्की बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया है। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मानसून इस समय देश में कहां पहुंचा है, दिल्ली में यह कब तक दस्तक देगा और अगले तीन दिनों तक राजधानी के मौसम का क्या हाल रहने वाला है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? मौसम वैज्ञानिकों ने बताई देरी की वजह

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच सालों (2021 को छोड़कर) में मानसून आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली पहुंच जाता है। साल 2020 में मानसून 25 जून को दिल्ली आया था। 2021 में यह काफी देरी से 13 जुलाई को पहुंचा। इसके बाद 2022 में 30 जून, 2023 में 25 जून, 2024 में 28 जून और पिछले साल यानी 2025 में मानसून ने 29 जून को दिल्ली में दस्तक दी थी।

इस बार मानसून की दिल्ली एंट्री में होगी देरी!

आईएमडी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 28 जून के आसपास होती है, लेकिन इस साल इसमें देरी होगी। यह कब तक पहुंचेगा, इसकी अभी सटीक तारीख नहीं बताई जा सकती। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सामान्यतः 18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह सिस्टम अरब सागर से नमी वाली हवाओं को भारतीय मुख्य भूमि की तरफ खींचने में मदद करता है। यह सिस्टम ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली समेत) की तरफ बढ़ता है। इससे एक अनुकूल एंटी-क्लॉकवाइज साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनता है और मानसून आगे बढ़ता है।

जुलाई के पहले हफ्ते की उम्मीद

स्काईमेट वेदर के वाइस प्रेसिडेंट महेश पालावत के मुताबिक इस बार बंगाल की खाड़ी में वह जरूरी मौसमी सिस्टम नहीं बना जो बारिश वाली हवाओं को आगे धकेलता है। अब 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक अनुकूल सिस्टम बनने की उम्मीद है। इसके बाद मानसून 27 जून की सामान्य तारीख के बजाय जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली पहुंच सकता है।

अभी कहां तक पहुंचा मानसून?

मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक 25 जून दोपहर तक मानसून की उत्तरी सीमासूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज, मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

दिल्ली-एनसीआर का अगला 4 दिनों का वेदर फॉरकास्ट

दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1°C और न्यूनतम तापमान में 1-3°C की गिरावट देखी गई है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3°C (सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक) रहा। उमस के कारण हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान 45.8°C तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान 22 से 25°C के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। आइए आपको दिल्ली एनसीआर का 28 जून तक वेदर फोरकास्ट बताते हैं-

25 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक, बिजली कड़कने और धूल भरी आंधी के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहेगा, जो सामान्य से 1.6°C से 3°C अधिक है।

26 जून: आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर/शाम को बिजली कड़कने और तेज आंधी के साथ हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) रहने का अनुमान है। तापमान 25°C (न्यूनतम) से 41°C (अधिकतम) के बीच रहेगा।

27 जून: मौसम का मिजाज वैसा ही रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर या शाम को गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 41°C तक जा सकता है।

28 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल तो रहेंगे लेकिन बारिश की संभावना कम है। दिन के दौरान 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलेंगी, जो कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने का अनुमान है।

देश के बाकी हिस्सों का हाल: कहीं भारी बारिश तो कहीं हीट वेव

बेहद भारी बारिश का अलर्ट: अगले एक हफ्ते के दौरान पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है। इसके साथ ही 27 से 29 जून के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तथा 28 जून को असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है।

यहां चलेगी लू : जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों तक और बिहार व झारखंड में अगले 2 दिनों तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका जताई गई है।

बीते 24 घंटे का हाल

पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। गोवा, असम, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई, जबकि हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

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TVS iQube production crosses 1 million units

TVS team alongside two iQube scooters

TVS Motor Company has announced the rollout of the one millionth TVS iQube from its manufacturing facility in Hosur, Tamil Nadu. The production milestone follows closely on the heels of TVS crossing one million cumulative retail sales of its electric scooters – comprising the iQube and Orbiter – earlier this month, making it the second Indian EV manufacturer after Ola Electric to reach that milestone.

  1. One millionth TVS iQube rolled out from Hosur manufacturing facility
  2. iQube community has collectively covered 14.94 billion km
  3. TVS iQube now available across 3,300 touchpoints in over 3,000 cities

TVS iQube one million production milestone details

The iQube is available in three variants with multiple battery options

The TVS iQube was launched in 2020 as the company’s first electric two-wheeler. The lineup has since expanded to three variants – the base iQube, available with 2.2kWh, 3.1kWh and 3.5kWh battery options; the iQube S with a 4.7kWh battery; and the range-topping iQube ST with a 5.3kWh battery. 

TVS now supports its growing customer base through a sales and service network spanning more than 3,300 touchpoints across over 3,000 cities. Since launch, iQube owners have collectively covered 14.94 billion kilometres and, which the company claims, helped avoid 5.22 lakh tonnes of CO₂ emissions – the equivalent to planting approximately 2.09 crore trees.

Commenting on the milestone, TVS Motor Company chairman Sudarshan Venu said the rollout reflected “the scale at which electric mobility is becoming part of everyday life in India,” adding that the achievement was built on years of investment in engineering, innovation and manufacturing capability.

The production milestone comes at a time when India’s electric two-wheeler market continues to gather notable pace. The segment is on track to approach two million annual sales for the first time, driven in part by rising petrol prices. TVS, which has led the segment since April 2025, is currently averaging over 40,000 electric scooter sales a month and appears well on course to cross the five lakh annual sales mark for the first time this calendar year.