राम मंदिर पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से बवाल, महामंडलेश्वर ने 5 लाख इनाम का किया ऐलान

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उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि अगर भगवान राम में ताकत होती, तो जिस समय लुटेरे ने चोरी की, तभी वो भस्म हो जाता। लेकिन, उस चोर का बाल भी बांका नहीं हुआ। बयान पर बवाल मच गया और महामंडलेश्वार विष्णु दास ने उनकी जीभ काटने वाले को 5 लाख के इनाम देने का एलान कर दिया। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

 

स्वामी प्रसाद मौर्य ने 23 जून को गाजीपुर में कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपये लुटेरे लूट ले गए। चांदी-सोना भी उड़ा ले गए। लेकिन, भगवान राम उन लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, तो आपका भला क्या करेंगे? जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकता, वह आपकी क्या रक्षा करेगा? सवाल उठता है।

 

उन्होंने हनुमान को लेकर भी विवादित दिया। उन्होंने कहा कि हनुमानजी पृथ्वी पर पैदा हुए। भगवान राम भी अयोध्या में पैदा हुए। जमीन पर रहने वाले राजा का कोई सेवक है, तो वह भी जमीन पर ही रहेगा। पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा सूर्य है। इस पृथ्वी पर पैदा होने वाला छोटा-सा बंदर सूर्य भगवान को निगल गया। यही अज्ञानता है। ALSO READ: हे राम! चढ़ावा चोरी के बाद अब 40% कमीशन के आरोप से गरमाई अयोध्या

 

क्या बोले महामंडलेश्वर विष्‍णु दास?

भगवान राम पर दिए इस बयान को लेकर बवाल मच गया। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटकर लाने वाले को पांच लाख रुपये का इनाम देने का एलान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य को संस्कृति और सनातन धर्म के विषय में कुछ भी ज्ञान नहीं है। स्वामी प्रसाद मौर्य सनातन धर्म के खिलाफ बोलते हैं।

 

उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम भक्तों का मंदिर है और स्वामी प्रसाद मौर्य राम के भक्त नहीं हैं। वे संस्कृति, सनातन और राम मंदिर के दुश्मन हैं। उनकी जीभ कट जाएगी तो वे राम मंदिर और सनातन धर्म के खिलाफ नहीं बोल सकेंगे। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी कांड, अब सर्विलांस स्टाफ रडार पर! RMO की भी खुलेगी कुंडली

 

क्या है राम मंदिर चढ़ावा विवाद?

अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच के बाद प्राथमिक रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए।

 

जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।

edited by : Nrapendra Gupta

मौसम में बदलाव ने इंदौर में बढाए डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया समेत वायरल के मरीज, हेल्‍थ विभाग ने किया अलर्ट

bihar hospital

मौसम में बदलाव के चलते इंदौर में तमाम तरह की बीमारियों के मरीजों की संख्‍या में इजाफा हुआ है। इस बीच स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी कर लोगों को बचाव के लिए अलर्ट किया है। पिछले कुछ दिनों से इंदौर में मौसम की मार की वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर और पानी से होने वाली बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। इसके बाद अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, जांच किट की उपलब्धता, अतिरिक्त बेड की व्यवस्था और बीमारी की निगरानी के लिए विशेष सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इंदौर में डेंगू के 14 मरीज : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2025 में अप्रैल महीने में इंदौर में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला था, जबकि इस साल 2026 में अप्रैल तक 14 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि इस साल अब तक इंदौर में डेंगू के 25 मरीज और मलेरिया के 8 मरीज मिल चुके हैं। जहां मरीज सामने आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है।

कौन कौनसे क्षेत्र हैं संवेदनशील : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले वर्ष भंवरकुआं, चंदन नगर, खजराना, मुसाखेड़ी और देपालपुर क्षेत्रों में अधिक मरीज मिले थे। इस बार इन इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही नीचली बस्‍तियों में और जिन बस्‍तियों और इलाकों के आसपास गंदे नाले बह रहे हैं वहां भी निगरानी करने की योजना बनाई जा रही है।

46 हजार घरों में सर्वे, 381 जगह मिला लार्वा: मलेरिया विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए अब तक 46 हजार 231 घरों का सर्वे किया है। सर्वे के दौरान 381 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। वहीं 2 लाख 18 हजार 912 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें से 372 में लार्वा मिला। विभाग ने लार्वा नष्ट करने के साथ लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने की समझाइश दी है। जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग लगातार सर्वे कर रहा है। ड्रोन की मदद से भी जांच की जाएगी। लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण भी दिया गया है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

ब्राजील का FIFA वर्ल्ड कप में पावर शो: विनीसियस के डबल धमाके और नेमार की वापसी ने मचाई सनसनी

फीफा वर्ल्ड कप में ब्राजील ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसे खिताब का सबसे बड़ा दावेदार क्यों माना जा रहा है। स्कॉटलैंड के खिलाफ खेले गए अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में ब्राजील ने 3-0 की एकतरफा जीत दर्ज की। लेकिन इस जीत की सबसे बड़ी कहानी रहे विनीसियस जूनियर, जिन्होंने लगातार तीसरे मैच में गोल कर टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा। वहीं, तीन साल बाद ब्राजील की जर्सी में मैदान पर उतरे नेमार ने भी लाखों प्रशंसकों को भावुक कर दिया। मियामी स्टेडियम में मौजूद 64,478 दर्शकों ने ब्राजील की इस शानदार जीत का जमकर जश्न मनाया।

विनीसियस जूनियर का जलवा, फिर बने जीत के सबसे बड़े हीरो

मैच की शुरुआत से ही ब्राजील ने आक्रामक तेवर दिखाए। सिर्फ सातवें मिनट में स्कॉटलैंड की रक्षापंक्ति की एक गलती भारी पड़ गई। स्कॉट मैकेना गेंद को ठीक से क्लियर नहीं कर सके, जिसका फायदा उठाते हुए रायान ने गेंद विनीसियस जूनियर तक पहुंचाई। रियल मैड्रिड के स्टार फॉरवर्ड ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर ब्राजील को शुरुआती बढ़त दिला दी।

 

इसके बाद भी विनीसियस लगातार स्कॉटिश डिफेंस पर दबाव बनाते रहे। पहले हाफ के अंत में ब्रूनो गुइमारेस के शानदार क्रॉस पर उन्होंने हेडर के जरिए अपना दूसरा गोल दाग दिया। इस डबल स्ट्राइक के साथ टूर्नामेंट में उनके गोलों की संख्या चार हो गई है। अब वह किलियन एम्बाप्पे और एरलिंग हालैंड की बराबरी पर पहुंच चुके हैं और लियोनेल मेसी से सिर्फ एक गोल पीछे हैं।

 

स्कॉटलैंड को नहीं मिला वापसी का मौका

स्कॉटलैंड के कोच स्टीफन क्लार्क को पहले से अंदाजा था कि ब्राजील शुरुआत से हमला करेगा, लेकिन उनकी टीम ब्राजील की तेज गति और प्रेसिंग के सामने टिक नहीं सकी। सेट पीस के अलावा स्कॉटलैंड कोई बड़ा मौका नहीं बना पाया। पहले हाफ में टीम का एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं गया, जो उनकी संघर्षपूर्ण स्थिति को साफ दिखाता है।

 

ब्रूनो गुइमारेस ने किया कमाल, मैथियस कुन्हा ने लगाई जीत पर मुहर

दूसरे हाफ में भी ब्राजील का दबदबा जारी रहा। मिडफील्ड में शानदार खेल दिखाने वाले ब्रूनो गुइमारेस ने अपना दूसरा असिस्ट दर्ज किया। उन्होंने बेहतरीन मूव बनाते हुए गेंद मैथियस कुन्हा को दी, जिन्होंने टूर्नामेंट का अपना तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद मुकाबले का परिणाम लगभग तय हो गया।

 

नेमार की वापसी ने जीत को बना दिया यादगार

हालांकि ब्राजील ने शानदार फुटबॉल खेली, लेकिन रात का सबसे बड़ा पल तब आया जब कोच कार्लो एंसेलोटी ने नेमार को मैदान पर उतारा। अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार ब्राजील की जर्सी में खेलने उतरे 34 वर्षीय स्टार को देखते ही पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। नेमार की वापसी ब्राजील के लिए किसी बोनस से कम नहीं मानी जा रही है, क्योंकि नॉकआउट चरण में उनका अनुभव टीम के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

ग्रुप में टॉप पर पहुंचा ब्राजील

इस जीत के साथ ब्राजील ने ग्रुप सी में सात अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराकर दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाई। ब्राजील की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए अब बाकी टीमों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है, क्योंकि विनीसियस का तूफान और नेमार की वापसी उन्हें और भी खतरनाक बना रही है।

किराने के ऑर्डर में निकली ऐसी चीज कि Blinkit कस्टमर को नहीं हुआ अपनी आंखों पर यकीन!

दिल्ली में एक शख्स के साथ ऐसा अनोखा वाकया सामने आया जिसने उसे पहले तो पूरी तरह हैरान कर दिया और फिर कुछ देर के लिए सोच में डाल दिया। आमतौर पर लोग जब Blinkit जैसी क्विक डिलीवरी सर्विस से किराने का सामान ऑर्डर करते हैं, तो उन्हें वही चीजें मिलती हैं जो उन्होंने चुनी होती हैं। लेकिन इस बार डिलीवरी बैग में कुछ ऐसा मिला जो ऑर्डर का हिस्सा ही नहीं था। शुरुआत में यह एक साधारण सी बात लगी, लेकिन जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ा, यह एक दिलचस्प और चर्चा में आने वाला अनुभव बन गया।

इस घटना ने न सिर्फ ग्राहक को चौंकाया बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी। लोग यह समझने की कोशिश करने लगे कि आखिर डिलीवरी पैकेट में यह अतिरिक्त चीज कैसे और क्यों रखी गई। पूरी घटना ने एक सामान्य ऑर्डर को चर्चा का विषय बना दिया।

ऑर्डर के बीच मिला संदिग्ध लिफाफा, खुलते ही बढ़ी उत्सुकता

डिलीवरी बैग खोलते समय उस शख्स को एक ऐसा लिफाफा मिला, जो उसके ऑर्डर से बिल्कुल मेल नहीं खा रहा था। लिफाफे पर लिखा एक छोटा सा मैसेज था, जिसमें कहा गया था कि यह कोई गलती नहीं बल्कि “जानबूझकर रखा गया” हिस्सा है, जिसे पढ़ने के लिए कहा गया था।

खत खोलते ही निकला रेज़्यूमे’, बढ़ी हैरानी

जैसे ही उसने लिफाफा खोला, अंदर एक पूरा रिज्यूमे निकला। उसे देखकर ऐसा लगा जैसे कोई नौकरी का असली आवेदन हो। उसमें एक “सुशीला” नाम की महिला का परिचय था, जिसमें उसके घरेलू काम के अनुभव और स्किल्स का जिक्र किया गया था।

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सोशल मीडिया क्रिएटर का खुलासा

बाद में सामने आया कि यह कोई असली जॉब एप्लीकेशन नहीं था। इसे इंस्टाग्राम पर एक क्रिएटिव कैंपेन के तौर पर दिखाया गया था, जो Urban Company से जुड़े InstaHelp सर्विस के लिए बनाया गया था। इसका मकसद लोगों का ध्यान खींचना था।

मार्केटिंग का नया तरीका

इस अनोखे आइडिया ने लोगों को काफी प्रभावित किया। कई यूजर्स ने कहा कि पहले तो उन्हें भी लगा कि यह असली जॉब रिक्वेस्ट है। लेकिन बाद में पता चला कि यह एक स्मार्ट मार्केटिंग स्ट्रैटेजी थी, जिसने बिना विज्ञापन जैसा लगे लोगों का ध्यान खींच लिया।

Ketan Agarwal: हत्या से पहले गूगल पर क्या खोजा गया? पुणे केस में पुलिस का चौंकाने वाला दावा!

Ketan Agarwal Murder: मंगेतर सिया गोयल के प्रेमी के पिता ने तो अलग ही दावा कर दिया, बोले- असली सच कुछ और!

महाराष्ट्र के पुणे में बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई कथित हत्या के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जहां एक तरफ पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को खाई में धकेला था, वहीं अब इस मामले के दूसरे मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के परिवार ने सामने आकर एक बेहद अलग और बड़ा दावा कर दिया है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनके बेटे को इस पूरे मामले में जबरन फंसाया जा रहा है और असली सच्चाई वह नहीं है जो सामने आ रही है। आइए जानते हैं आरोपी चेतन के पिता और उसके रिश्तेदारों ने इस पूरे कांड को लेकर क्या बड़े दावे किए हैं।

पिता बाबूलाल चौधरी का दावा – बेटे ने केतन को धक्का नहीं दिया

बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने अपने बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताया है। बाबूलाल चौधरी का दावा है कि उनके बेटे ने खुद परिवार को इस घटना के बारे में जो बताया है, वह पुलिस की कहानी से बिल्कुल अलग है। बाबूलाल चौधरी के मुताबिक, ‘चेतन ने हमें साफ तौर पर बताया है कि उसने उस लड़के (केतन) को लोहगढ़ किले से धक्का नहीं दिया था। घटना के वक्त वह केतन से काफी दूर खड़ा था। जब केतन अग्रवाल खाई में गिरा, तो उस समय वह लड़की (सिया गोयल) ही बिल्कुल उसके पास खड़ी थी।’ हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बाबूलाल चौधरी ने आगे कहा कि मैं यह नहीं जानता कि लड़की ने उसे धक्का दिया या नहीं, लेकिन चेतन ने हमसे यही कहा था कि वह खुद उस वक्त थोड़ा पीछे की तरफ दूर खड़ा हुआ था।

‘हम तो सिया गोयल को जानते तक नहीं, कल ही सुना नाम’

आरोपी चेतन के पिता ने सिया गोयल के साथ किसी भी तरह के पारिवारिक संबंध या जानकारी होने से पूरी तरह इनकार किया है। बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनके परिवार को इस घटना से पहले सिया गोयल के बारे में कोई भनक तक नहीं थी। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन सुबह चेतन ने अपनी मां और मुझसे सिर्फ इतना कहा था कि उसकी एक मीटिंग है और वह उसी के लिए जा रहा है। घर से निकलने से पहले उसने हमें इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी थी। बाबूलाल ने आगे का कि हमने उस लड़की को कभी नहीं देखा और हम उसके बारे में बिल्कुल कुछ नहीं जानते। सच तो यह है कि मुझे कल ही उस लड़की का नाम सिया पता चला है, इससे पहले मैंने उसे कभी नहीं देखा था। पिता ने साफ तौर पर कहा कि उनके बेटे को इस पूरे मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और इस मामले में उसकी कोई संलिप्तता नहीं है।

रिश्तेदार बोले- चेतन स्पोर्ट्समैन है, मीडिया एकतरफा कहानी दिखा रहा है

चेतन चौधरी के एक रिश्तेदार उदाराम चौधरी ने भी चेतन का बचाव करते हुए उसे पूरी तरह बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि मीडिया इस पूरे मामले को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। उदाराम चौधरी ने कहा कि, ‘इस मामले में चेतन पूरी तरह से निर्दोष है। मीडिया इस मुद्दे को बहुत ज्यादा हवा दे रहा है और सिर्फ एकतरफा नजरिया ही दिखा रहा है, जबकि चेतन इसमें शामिल नहीं है। चेतन एक स्पोर्ट्समैन है और बेहद सीधा-साधा इंसान है। आज तक बाजार में किसी भी व्यक्ति की तरफ से उसके खिलाफ एक भी शिकायत सामने नहीं आई है।’ सिया के साथ रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के किसी भी सदस्य को चेतन और उस लड़की के बीच के किसी भी तरह के संबंध के बारे में कोई अंदाजा नहीं था।

पुलिस की थ्योरी: दोनों ने मिलकर की हत्या

चेतन चौधरी के परिवार के इन दावों के उलट पुलिस की जांच और थ्योरी कुछ और ही कहती है। पुणे पुलिस के अनुसार 18 जून को लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं थी बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेला था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों पुलिस कस्टडी में हैं।

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Mirzapur The Movie Teaser Out: सारी प्रजा को मार देंगे तो राज किस पर करेंगे…, कालीन भैया के भौकाल के साथ गरदा उड़ाने आ गई ‘मिर्जापुर टीम’

Mirzapur The Movie Teaser Out: पहली बार, मिर्जापुर की आइकॉनिक दुनिया ओटीटी से थिएटर्स का रुख कर रही है, जो अपने सिग्नेचर इंटेंसिटी, दमदार स्टोरीटेलिंग और बड़े पैमाने के साथ सिनेमाघरों में आ रही है।

2018 में सीजन 1 से शुरू हुई टाइमलाइन से जुड़े रहते हुए, यह फिल्म बड़े पर्दे के लिए तैयार की गई एक कमाल की अनसुनी कहानी के साथ इस सागा को और आगे बढ़ाती है। 4 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म, फैन्स की इस पसंदीदा फ्रेंचाइजी को एक बिल्कुल नए थिएट्रिकल अवतार में पेश की जा रही है।

​यह टीजर अली फज़ल, पंकज त्रिपाठी और दिव्येंदु के साथ दर्शकों का मिर्जापुर की दुनिया में वापस स्वागत करता है, वहीं जितेंद्र कुमार ‘बबलू पंडित’ के रोल में कदम रख रहे हैं, जिससे फैन्स का यह फेवरेट किरदार स्क्रीन पर वापस लौट आया है। इस सागा में रवि किशन भी शामिल हो रहे हैं, जिनकी दमदार नई प्रेजेंस मिर्जापुर यूनिवर्स में एक और दिलचस्प एंगल जोड़ती है। पूर्वांचल की गलियों से लेकर राजस्थान के रेगिस्तानों तक, यह सागा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा रूप ले रहा है, जो अपनी इस ग्रिपिंग दुनिया और लार्जर-देन-लाइफ स्टोरीटेलिंग को हर रीजन के सिनेमाघरों में लेकर आ रहा है।

​इस स्टार-कास्ट को और बड़ा करते हुए, फिल्म में अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौर, श्वेता त्रिपाठी और सोनल एस चौहान शामिल हैं, जो मिर्जापुर की दुनिया के एक शानदार अनसुने चैप्टर को जीने के लिए एक साथ आए हैं।

​’मिर्जापुर: द मूवी’ अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा प्रेजेंटेड है। गुरमीत सिंह द्वारा डायरेक्टेड, पुनीत कृष्णा द्वारा रिटेन, और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर द्वारा प्रोड्यूस्ड और कासिम जगमागिया और विशाल रामचंद्रनी द्वारा को-प्रोड्यूस्ड, यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में एक भव्य रिलीज के लिए तैयार है।

इस भौकाल को और भी बड़े ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए, ‘मिर्जापुर द मूवी’ को हिंदी और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किया जाएगा।

पासपोर्ट पर सरकार का बड़ा बयान: यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं, जानिए क्या कहा विदेश मंत्रालय ने

passport

Passport : विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं बल्कि एक यात्रा दस्तावेज है। सरकार के अनुसार इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा और विदेश में पहचान स्थापित करना है। 2025 में 1.5 करोड़ लोगों को पासपोर्ट सेवाएं प्रदान की गईं। ALSO READ: 1 जुलाई से ट्रेन में बेटिकट सफर पड़ेगा भारी, 500 रुपये जुर्माना; दूसरे के टिकट पर यात्रा करने वालों पर भी सख्ती

 

सरकार ने पासपोर्ट और मोबिलिटी इकोसिस्टम पर विस्तृत ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना और विदेश में पहचान स्थापित करना है।

गौरतलब है कि देशभर में अब 545 से अधिक पासपोर्ट केंद्र कार्यरत हैं। 2025 में 1.5 करोड़ लोगों को पासपोर्ट तथा संबंधित सेवाएं प्रदान की गई हैं। इनमें से केवल पासपोर्टों की संख्या 1.39 करोड़ रही। उल्लेखनीय है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा का दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाण। ALSO READ: E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा? सरकार ने बताई सचाई, क्या बोलीं बीमा कंपनियां

 

पुलिस सत्यापन को छोड़कर पासपोर्ट जारी करने में औसतन छह कार्य दिवस लगते हैं। पासपोर्ट सेवा केंद्रों और पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों में आवेदकों द्वारा बिताया जाने वाला समय 45 मिनट से भी कम है।

इससे पहले भी आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेजों को नागरिकता के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल करने पर सवाल उठाए जा चुके हैं।

edited by : Nrapendra Gupta

Nirjala Ekadashi 2026: आज निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती पर बन रहे 5 शुभ संयोग, आज इन 5 चीजों का दान माना जाता है सबसे शुभ

Nirjala Ekadashi 2026: आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्र माता भी ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन प्रकट हुई थीं। इसलिए हर साल इस दिन गायत्री जयंती का पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से पाप मिटते हैं, मोक्ष के साथ सालभर की सभी 24 एकादशी व्रतों का पुण्य लाभ मिलता है। इस व्रत में जल और अन्न का सेवन नहीं करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांडु पुत्र भीम ने सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत किया था, इसलिए इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। इस साल निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती के मौके पर 5 बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं और हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह शुभ योग 200 साल बाद बना है।

निर्जला एकादशी 2026 मुहूर्त

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ : 24 जून, शाम 06:12 बजे से

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी तिथि का समापन : 25 जून, रात 08:09 बजे पर

निर्जला एकादशी पूजा मुहूर्त : सुबह 05:25 बजे से 07:10 बजे तक, 10:39 बजे से दोपहर 02:09 बजे तक

निर्जला एकादशी पारण समय : 26 जून, सुबह 05:25 बजे से सुबह 08:13 बजे तक

द्वादशी का समापन : 26 जून, रात 10:22 बजे

निर्जला एकादशी पर बन रहे 5 शुभ और दुर्लभ महासंयोग

निर्जला एकादशी पर इस बार ज्योतिषीय गणना के अनुसार 5 बेहद शुभ और दुर्लभ महासंयोग बन रहे हैं। इन शुभ योगों की वजह से इस दिन की गई पूजा, व्रत और दान का महत्व कई गुना बढ़ गया है।

हंस राजयोग : इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण कुंडली में हंस महापुरुष राजयोग जैसे बड़े और शुभ राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह योग जातकों के जीवन में सुख, वैभव और भाग्य की वृद्धि करने वाला माना जाता है।

शिव योग : पंचांग के अनुसार, इस दिन शिव योग का निर्माण हो रहा है, जो सुबह से शुरू होकर पूरे दिन प्रभावी रहेगा। शिव योग को साधना, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों के लिए बेहद मंगलकारी माना जाता है। इसमें किए गए कार्यों से मानसिक शांति मिलती है।

सिद्ध योग : शिव योग के साथ ही इस दिन सिद्ध योग भी बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सिद्ध योग को बेहद शुभ माना गया है। इस योग में शुरू किया गया कोई भी कार्य या किया गया व्रत-अनुष्ठान निश्चित रूप से सफलता और सिद्धि प्रदान करता है।

रवि योग : 25 जून को सूर्योदय से लेकर दोपहर तक रवि योग का प्रभाव रहेगा। रवि योग को सभी प्रकार के दोषों को नष्ट करने वाला और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। इस योग में पूजा करने से मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

लक्ष्मी नारायण राजयोग : निर्जला एकादशी के दिन कर्क राशि में बुध और शुक्र ग्रह गोचर कर रहे हैं, जिससे लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह योग कुछ विशेष राशियों के लिए भाग्य बदलने वाला साबित होगा।

आज इन 5 चीजों का दान माना जाता है बेहद शुभ

जल से भरा घड़ा : ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को राहत देने के उद्देश्य से जल से भरा घड़ा दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह दान जीवन में शांति और पुण्य प्रदान करने वाला माना जाता है।

सत्तू का दान : निर्जला एकादशी पर सत्तू का दान विशेष फलदायी बताया गया है। गर्मी के मौसम में सत्तू शरीर को शीतलता प्रदान करता है और जरूरतमंदों की सहायता का माध्यम बनता है।

गुड़ का दान : धार्मिक ग्रंथों में गुड़ दान को सुख-समृद्धि और शुभ फल देने वाला माना गया है। निर्जला एकादशी के दिन गुड़ दान करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

छाता और पंखा : भीषण गर्मी से राहत दिलाने वाली वस्तुओं जैसे छाता और हाथ का पंखा दान करना भी इस दिन अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। यह दान सेवा और परोपकार का प्रतीक माना जाता है।

वस्त्र और अन्न : गरीब और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र, फल और अन्न का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Nirjala Ekadashi 2026 Vrat Katha: निर्जला एकादशी व्रत आज, व्रत के संपूर्ण फल के लिए पूजा में जरूर पढ़ें ये व्रत कथा

Earthquakes:भूकंप क्यों आते हैं? जानिए कब, कैसे और किन जगहों पर होता है सबसे ज्यादा खतरा

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Earthquakes: भूकंप प्रकृति की सबसे शक्तिशाली और डराने वाली घटनाओं में से एक है। सरल शब्दों में कहें, तो धरती की सतह के अचानक हिलने या कांपने को भूकंप (Earthquake) कहते हैं। आइए आपके चारों सवालों- क्यों, कब, कैसे और कहां के जवाब आसान भाषा में समझते हैं। 

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1. भूकंप क्यों और कैसे आते हैं? (Why and How)

हमारी पृथ्वी की ऊपरी सतह (क्रस्ट) एक सिंगल पीस में नहीं है। यह अंडे के छिलके की तरह कई टुकड़ों में बंटी हुई है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) कहा जाता है।

 

तनाव का बनना: ये प्लेट्स पृथ्वी के अंदर मौजूद पिघले हुए लावे (मैग्मा) पर बहुत धीरे-धीरे तैरती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर जाती हैं, या एक-दूसरे के ऊपर-नीचे रगड़ खाती हैं, तो इनके किनारों पर भारी तनाव (Stress) पैदा होता है।

 

ऊर्जा का निकलना: जब यह तनाव सहन करने की क्षमता से बाहर हो जाता है, तो चट्टानें अचानक टूट जाती हैं या खिसक जाती हैं। इससे भारी मात्रा में ऊर्जा (Energy) निकलती है।

 

तरंगों का फैलना: यह ऊर्जा सिस्मिक वेव्स (Seismic Waves – भूकंपीय तरंगों) के रूप में चारों तरफ फैलती है। जब ये तरंगें पृथ्वी की सतह पर पहुंचती हैं, तो हमें झटका महसूस होता है और धरती हिलने लगती है।

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मुख्य बिंदु: जिस जगह से भूकंप की शुरुआत धरती के अंदर होती है, उसे हाइपोसेंटर (Hypocenter/Focus) कहते हैं। और उसके ठीक ऊपर धरती की सतह पर स्थित बिंदु को एपिसेंटर (Epicenter/अधिकेंद्र) कहा जाता है, जहां सबसे तेज झटके महसूस होते हैं।

 

2. भूकंप कब आते हैं? (When)

इसका सीधा और सच्चा जवाब है: भूकंप कभी भी आ सकते हैं। विज्ञान ने आज बहुत तरक्की कर ली है, लेकिन आज भी हमारे पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो यह बता सके कि भूकंप किस दिन, किस समय या कितने बजे आएगा।

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कोई मौसम नहीं होता: भूकंप का मौसम या जलवायु से कोई लेना-देना नहीं होता। यह गर्मी, सर्दी, बरसात, दिन या रात कभी भी आ सकता है।

 

वैज्ञानिक अनुमान: वैज्ञानिक केवल यह बता सकते हैं कि किस इलाके (फॉल्ट लाइन) में लंबे समय से तनाव बढ़ रहा है और वहां भूकंप आने की आशंका है, लेकिन सटीक समय बताना फिलहाल असंभव है।

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3. भूकंप कहां आते हैं? (Where)

भूकंप आने के लिए कुछ खास इलाके सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं। इन्हें भूकंपीय क्षेत्र (Seismic Zones) कहा जाता है। दुनिया में सबसे ज्यादा भूकंप इन जगहों पर आते हैं:

 

प्लेटों के किनारों पर (Plate Boundaries): जहां दो टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में मिलती हैं।

 

रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire): प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के चारों ओर का एक ऐसा इलाका है जहां दुनिया के लगभग 80% से 90% भूकंप आते हैं। इसमें जापान, वेनेजुएला, फिलीपींस, और अमेरिका का पश्चिमी तट शामिल हैं।

 

हिमालय क्षेत्र (भारत): भारत की प्लेट (Indian Plate) लगातार एशिया की प्लेट (Eurasian Plate) को उत्तर की तरफ धकेल रही है। इसी वजह से हिमालय क्षेत्र (जैसे नेपाल, उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत) भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है।

 

संक्षिप्त सारांश (Quick Table)

क्यों? पृथ्वी के अंदर टेक्टोनिक प्लेट्स के हिलने और तनाव बढ़ने के कारण।

कैसे? चट्टानें टूटने से सिस्मिक तरंगें उठती हैं, जो धरती को हिला देती हैं।

कब? कभी भी। इसकी सटीक भविष्यवाणी करना फिलहाल असंभव है।

कहां? ज्यादातर टेक्टोनिक प्लेट्स की सीमाओं पर (जैसे रिंग ऑफ फायर और हिमालय क्षेत्र)।

Norton Atlas global launch next month, production begins

First Norton Atlas at the plant

Norton Motorcycles has marked the rollout of the first Atlas models at TVS Motor Company’s Hosur manufacturing facility ahead of the motorcycle’s global launch next month. The Atlas is set to go on sale in global markets in Q3 2026, with an India launch planned later in the year.

  1. Atlas and Atlas GT designed and engineered at Norton’s Solihull headquarters
  2. India launch expected later in 2026 through the TVS Paddock network
  3. 585cc parallel-twin produces 70hp and 57.5Nm

Norton Atlas production details

First Norton Atlas rolls off the production line at TVS Motor Company’s Hosur plant

Norton says its Solihull facility is currently operating at full capacity with production of the Manx R, making the Hosur plant the natural choice for manufacturing the Atlas. The move also reflects Norton’s operating model under TVS Motor Company ownership, with Norton responsible for the motorcycles’ design, engineering and riding character, while TVS provides the manufacturing infrastructure and supply chain support.

Commenting on the rollout, TVS Motor Company Director and CEO K. N. Radhakrishnan said the occasion brings together “British design and engineering capability with Indian manufacturing excellence.” Norton Motorcycles CEO Richard Arnold added that the Atlas name carries forward the heritage of the original 1962 model and that the company’s focus now shifts to customer deliveries over the coming months.

The Norton Atlas and Atlas GT are powered by a 585cc liquid-cooled parallel-twin, producing 70hp and 57.5Nm. Both motorcycles feature a Bosch six-axis IMU enabling lean-sensitive rider aids, five riding modes, fully adjustable KYB suspension, cornering cruise control and an 8-inch TFT display.

Norton has confirmed that the Atlas range will be launched in India later in 2026 through TVS Paddock TVS Motor Company’s new premium retail format, which is expected to begin operations in Q2 FY27. Customer deliveries are expected to commence once the network is operational.