Gold Silver Rates 25 June : अमेरिका ईरान युद्ध थमने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट से सोने चांदी में नरमी का दौर जारी है। वैश्विक बुलियन बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से आज भी सोने चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले बाद क्रूड की कीमतें 72 डॉलर से नीचे पहुंची। ब्रेंट क्रूड 72.58 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 69.45 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 3.96 फीसदी गिरकर 75.28 डॉलर प्रति बैरल हो गए।
25 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुएं खुलते ही धड़ाम हो गईं और चांदी की वायदा कीमत तो गिरते हुए 2.10 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई। सोने की वायदा कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कुछ ही देर बाद बाजार ने रिकवरी की और सुबह 10:03 बजे MCX पर सोना 435 रुपए बढ़कर 1,41,705 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1807 रुपए की बढ़त के साथ 2,14,882 पर थी।
स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 3988.513 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.258 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,40,130 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,28,450 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,05,100 रुपए प्रति 10 ग्राम है। देश में चांदी की कीमत 235,000 रुपए प्रति किलो थी।
बुलियन मार्केट में आपके शहर में क्या है सोने के दाम?
आपके शहर में क्या है चांदी के दाम?
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 3 जुलाई को दुमका-गोविंदपुर 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और पाकुड़, जामताड़ा व पूर्वी सिंहभूम के 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिससे संताल परगना और कोयलांचल क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिजली लाइन के साथ-साथ तीन जिलों में नए बने बड़े पावर सबस्टेशनों को भी जनता के लिए शुरू करेंगे। इनमें पाकुड़ जिले के जियापानी स्थित 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन अमड़ापाड़ा, पूर्वी सिंहभूम के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन सुरदा और जामताड़ा के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन नारायणपुर शामिल हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 3 जुलाई को दुमका-गोविंदपुर 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और पाकुड़, जामताड़ा व पूर्वी सिंहभूम के 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिससे संताल परगना और कोयलांचल क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिजली लाइन के साथ-साथ तीन जिलों में नए बने बड़े पावर सबस्टेशनों को भी जनता के लिए शुरू करेंगे। इनमें पाकुड़ जिले के जियापानी स्थित 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन अमड़ापाड़ा, पूर्वी सिंहभूम के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन सुरदा और जामताड़ा के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन नारायणपुर शामिल हैं।
220 केवी दुमका-गोविंदपुर संचरण लाइन के चालू होने का सीधा और बड़ा फायदा आधा दर्जन जिलों को मिलेगा। इसमें दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, धनबाद तथा इनके आसपास के तमाम ग्रामीण और शहरी इलाके शामिल हैं। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली ट्रिपिंग, लोड शेडिंग और लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
झारखंड सरकार का मानना है कि इन सभी पावर प्रोजेक्ट्स के पूरी तरह चालू हो जाने से झारखंड की बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी। कोयले से पूरे देश को रोशन करने वाला झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुका है। पतरातू (PVUNL) की नई यूनिट के कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने से राज्य के पास 700 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो गई है।
Edited By : Chetan Gour
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में जांच ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह घटना अचानक हुई नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। आरोप है कि मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने वारदात से पहले इंटरनेट पर हत्या के तरीकों से जुड़ी जानकारी भी खोजी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, डिजिटल सबूतों और कॉल रिकॉर्ड्स से यह संकेत मिलता है कि दोनों के बीच लंबे समय से लगातार संपर्क बना हुआ था।
इस मामले ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है और लोग इस रिश्ते, विश्वासघात और कथित साजिश को लेकर हैरान हैं। फिलहाल पुलिस सभी तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की गहराई से जांच कर रही है और मामले की परतें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
लोणावला के लोहेगढ़ फोर्ट पर रची गई ‘मौत की पटकथा’
जांच के अनुसार, 18 जून को लोहेगढ़ फोर्ट पर केतन को कथित तौर पर धक्का देकर गहरी खाई में गिराया गया। पुलिस का कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पहले से तैयार किया गया एक सुनियोजित प्लान था, जिसे फोर्ट की सुनसान लोकेशन पर अंजाम दिया गया।
डिजिटल ट्रेल से खुला राज
पुलिस जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच महीनों तक बेहद गहन संपर्क था। जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2004 से अधिक कॉल्स रिकॉर्ड हुए, जिनमें घंटों लंबी बातचीत शामिल थी। व्हाट्सऐप और फेसटाइम कॉल्स ने उनके रिश्ते और कथित साजिश की परतें खोल दीं।
हत्या से पहले की तैयारी
जांचकर्ताओं के मुताबिक, दोनों ने घटना से पहले हत्या के तरीकों की ऑनलाइन खोज की थी। बताया गया कि वारदात वाले दिन दोनों पहले एक कैफे में मिले और फिर लोहेगढ़ फोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां कथित योजना को अंतिम रूप दिया गया।
संदेह बढ़ाने वाली हरकतें
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि चेतन ने 18 जून को अपना फोन कई घंटों तक बंद रखा और लोकेशन से बचने के लिए कर्मचारी का मोबाइल इस्तेमाल किया। इससे जांच एजेंसियों को शक और गहरा हो गया।
CCTV ने खोला बड़ा सुराग
फोर्ट इलाके की CCTV फुटेज में एक हुडी पहना व्यक्ति केतन और सिया का पीछा करता नजर आया। सोशल मीडिया और तस्वीरों के मिलान के बाद पुलिस ने इस व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में की।
रिश्ता, असमंजस और परिवार की मर्यादा
पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के बीच रिश्ते थे, जबकि सिया की सगाई केतन से हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि शादी से बचने और रिश्ते को छिपाने की वजह से यह कथित साजिश रची गई। हालांकि, सिया परिवार की बदनामी के डर से भागने के पक्ष में नहीं थी।
गिरफ्तारी और आगे की जांच जारी
पुलिस ने डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड्स और CCTV फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच अभी जारी है और और भी खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
Multi-Storey Apartment Vastu: आजकल शहरों में फ्लैट कल्चर बहुत तेजी से बढ़ा है। चूंकि फ्लैट पहले से बने-बनाए होते हैं, इसलिए इनमें पूरी तरह से वास्तु के नियमों का पालन करना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन छोटे-छोटे बदलावों और सही अरेंजमेंट से आप अपने फ्लैट के वास्तु दोष को दूर कर सकते हैं।ALSO READ: Vastu Lifestyle Tips: वास्तु के अनुसार कपड़े, जूते और हेयरकट चुनें, बदल सकती है किस्मत
यदि आप फ्लैट में रह रहे हैं, तो इन 5 महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स का ध्यान जरूर रखें:
1. मुख्य द्वार की दिशा
फ्लैट का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यहीं से घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। अत: फ्लैट का मुख्य दरवाजा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है।
उपाय: यदि आपका मुख्य द्वार गलत दिशा में है, तो दरवाजे के ठीक बाहर स्वास्तिक या ॐ का चिह्न लगाएं और प्रवेश द्वार को हमेशा साफ-सुथरा और अच्छी रोशनी से भरपूर रखें।
2. रसोई घर का सही कोना
रसोई घर हमारी सेहत और समृद्धि से जुड़ा होता है। फ्लैट्स में अक्सर किचन की दिशा को लेकर समझौता करना पड़ता है। बता दें कि वास्तु के अनुसार किचन हमेशा दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में होना चाहिए।
उपाय: यदि किचन इस दिशा में नहीं है, तो कम से कम अपना गैस स्टोव (चूल्हा) इस तरह रखें कि खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो। पानी का सिंक और गैस स्टोव कभी भी एक ही लाइन में या बिल्कुल पास-पास नहीं होने चाहिए।
3. मास्टर बेडरूम की स्थिति
बेडरूम हमारी मानसिक शांति और रिश्तों में मधुरता के लिए जिम्मेदार होता है। इसी कारण फ्लैट का मास्टर बेडरूम हमेशा दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशा में होना चाहिए।
फ्लैट्स में वेंटिलेशन और धूप के लिए बालकनी सबसे बड़ा जरिया होती हैं। इसीलिए फ्लैट की बालकनी और बड़ी खिड़कियां उत्तर या पूर्व दिशा में होनी चाहिए ताकि सुबह की ताजी हवा और सकारात्मक सूर्य की किरणें घर में आ सकें।
उपाय: यदि बालकनी दक्षिण या पश्चिम में है, तो वहां भारी गमले या पौधे रखें ताकि नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो सके। बालकनी में कभी भी कबाड़ इकट्ठा न होने दें।
5. टॉयलेट और वॉशरूम की दिशा
मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स में अक्सर टॉयलेट गलत जगह बने होते हैं, जो सबसे बड़ा वास्तु दोष पैदा करते हैं। टॉयलेट कभी भी घर के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान या उत्तर-पूर्व अर्थात् ईशान कोण में नहीं होना चाहिए।
उपाय: यदि टॉयलेट गलत दिशा में है, तो उसके अंदर एक कांच की कटोरी में सेंधा नमक (Rock Salt) भरकर रख दें। यह नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। हर 15 दिन में इस नमक को बदल दें और टॉयलेट का दरवाजा हमेशा बंद रखें।
क्विक टिप: फ्लैट में सकारात्मकता बढ़ाने के लिए हर कोने में दिन में कम से कम एक बार रोशनी जरूर करें, और घर के उत्तर-पूर्व कोने में एक छोटा सा इनडोर प्लांट- जैसे मनी प्लांट या पीस लिली रखें।
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पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस (Ketan Agarwal Murder Case): महाराष्ट्र के पुणे में मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की इनसाइड स्टोरी में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिस मामले को पहले ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल बेहद ठंडे दिमाग से तैयार की गई एक खौफनाक मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस जांच में अब यह साफ हो गया है कि इस पूरे कांड को अंजाम देने के लिए सिया गोयल ने अपने प्रेमी को आखिरी सिग्नल दिया था। ये भी सामने आया है कि महज 50 मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था।
मंगेतर सिया का वह आखिरी सिग्नल और 50 मिनट का पूरा टाइमलाइन
हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिककेतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले से ही हत्या का पूरा प्लान तय कर रखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) गजानन तोमपे ने बताया कि दोनों के बीच पहले से सहमति थी कि जैसे ही वे सही जगह पहुंचेंगे, सिया गोयल जमीन पर बैठ जाएगी। यह बैठना ही प्रेमी चेतन चौधरी के लिए हमला करने का अलर्ट सिग्नल था। 18 जून को जैसे ही सिया पहाड़ी किले के एक सुनसान हिस्से में केतन के साथ पहुंची, वह तय प्लान के मुताबिक बैठ गई। इशारा मिलते ही पीछे से आ रहे चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को चट्टान से नीचे गहरी खाई में धकेल दिया और वहां से भाग निकला। लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और जांच से पता चला है कि हुडी पहने हुए आरोपी चेतन चौधरी किले के टॉप पर 10 मिनट से भी कम समय तक रुका था। उसने किले पर चढ़ने और नीचे उतरने की पूरी प्रक्रिया को महज 50 मिनट के भीतर पूरा कर लिया था। जब एक सुरक्षा गार्ड ने चेतन की एंट्री और हुडी को लेकर पूछताछ की, तो उसने बहुत ही शातिराना ढंग से झूठ बोलते हुए दावा किया कि वह वहां सिर्फ एक्सरसाइज करने के लिए आया है।
वारदात के लिए क्यों चुना गया लोहगढ़ किले का विंचू काटा?
जांचकर्ताओं के मुताबिक आरोपियों ने केतन की हत्या के लिए लोहगढ़ किले के विंचू काटा रिज के पास वाले हिस्से को बहुत ही सोच-समझकर चुना था। ये पवन बांध की तरफ खुलता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किले के अन्य हिस्सों की तुलना में यह स्थान बेहद अलग-थलग और सुनसान था। आरोपी जानते थे कि वीक डेज में इस जगह पर बहुत कम संख्या में पर्यटक या विजिटर्स आते हैं। इससे पकड़े जाने का खतरा न के बराबर था। पुलिस को अंदेशा है कि इस योजना को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपियों ने इस जगह की बकायदा रेकी भी की थी।
सिया के बयानों का विरोधाभास और फोन से खुली पोल
लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े ने बताया कि इस मामले में पहला शक तब गहराया जब सिया गोयल ने पुलिस को लगातार विरोधाभासी और बदलते हुए बयान दिए। सिया ने पहले दावा किया था कि केतन एक तस्वीर के लिए पोज दे रहा था और उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। बाद में उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि केतन उसे पानी की बोतल पकड़ा रहा था और तभी वह नीचे गिर गया। जब पुलिस ने सिया का मोबाइल फोन चेक किया तो उस पूरे दिन की एक भी तस्वीर फोन में मौजूद नहीं थी। इस बात ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। जब जांचकर्ताओं ने दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो हैरान करने वाला डेटा सामने आया। केतन से सगाई होने के बावजूद सिया और चेतन पिछले कई महीनों से रिलेशनशिप में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच दोनों ने एक-दूसरे से 2000 से अधिक बार फोन पर 238 घंटे बात की थी। पुलिस के मुताबिक प्रेमी चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए ट्रिप के दौरान अपना खुद का मोबाइल फोन घर छोड़ दिया था और ट्रैकिंग के समय वह अपने एक कर्मचारी के हैंडसेट का इस्तेमाल कर रहा था।
अंतिम संस्कार के बाद केतन की बहन को हुआ था शक
इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने और जांच में तेजी लाने का एक बड़ा श्रेय केतन अग्रवाल की बहन को भी जाता है। अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद जब सिया गोयल केतन के परिवार से मिलने उसके घर आई हुई थी, तब केतन की बहन को सिया के हाव-भाव और बातों पर संदेह हुआ। बातचीत के दौरान केतन की बहन ने सिया से उस हादसे और पहाड़ी से गिरने से ठीक पहले की कड़ियों को लेकर सिलसिलेवार तरीके से कई सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिया के जवाब इतने संदिग्ध थे कि बहन को भांपते देर नहीं लगी कि कुछ तो गड़बड़ है। परिवार ने तुरंत इसकी सूचना जांचकर्ताओं को दी। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से तफ्तीश शुरू की और यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज बढ़त साथ खुले और निफ्टी 24250 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में ईरान-संघर्ष से पहले के स्तर तक आई भारी गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.2% ऊपर है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन,श्रीराम फाइनेंस,M&M,मारुति सुजुकी और आयशर मोटर्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में हिंडाल्को,एटरनल,ONGC, टाइटन कंपनी और JSW स्टील शामिल हैं। एनर्जी,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,मीडिया और मेटल सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं,जिसमें ऑटो इंडेक्स 2% से ज्यादा ऊपर है।
ऐसे में बाजार के आगे के ट्रेंड पर बात करते हुए ग्लोबल कैपिटल (Globe Capital) के गौरव शर्मा ने कहा कि कल का कारोबारी सत्र काफी इंटरेस्टिंग था। बाजार के अंदर परसों जियोपॉलिटिकल टेंशन और साउथ कोरिया से जुड़े इश्यूज की वजह से जितनी गिरावट देखने को मिली थी उसकी कल के सेशन में लगभग पूरा भरपाई हो गई। बाजार एक क्लियर यूटर्न लेकर पीक पर जाकर बंद हुआ है। यह एक बहुत अच्छा संकेत है। एक और अच्छी बात यह हुई कि कल के सेशन में आई तेजी को बैंक निफ्टी ने लीड जो वास्तव में कल के मूव के लिए एक बड़ कैटलिस्ट रहा। जिस प्रकार से बैंक निफ्टी की फॉर्मेशन बनी हुई है उसे देखते हुए लगता है कि आगे और तेजी आ सकती है।
अब निफ्टी को अपनी तेजी जारी रखने के लिए 24200 के ऊपर जाकर मजबूती दिखानी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो इसको इन स्तरों के आसपास फिर से रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। आज के सेशन के लिए 24200 का लेवल बहुत अहम बन गया है। ऐसा लगता है कि आज यह लेवल पार हो सकता है क्योंकि बाजार को बैंक निफ्टी से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। बैंक्स की पोजीशन काफी ज्यादा स्ट्रांग नजर आ रही है। ब्रेकउ बहुत मजबूत है। कल इसने आउटपरफॉर्म भी किया है। बैंक निफ्टी में 58168 के लेवल के ऊपर की क्लोजिंग आई है। अब बैंक निफ्टी में 58,800 और उसके हायर लेवल्स की उम्मीद दिख रही है।
गौरव शर्मा ने कहा कि उनको आज के लिए दो शेयर बहुत पसंद आ रहे है। इनमें दोनों लॉन्ग साइड से है। पहला शेयर है LTF (एल एंड टी फाइनेंस)। इसमें 297 रुपए के आसपास, 290 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 310/315 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनका दूसरा शेयर है सीमेंट सेक्टर से श्री सीमेंट। इसमें 26105 रुपए के आसपास, 25200 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 27000/27500 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
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Bharat Dynamics share Price: एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्रीज की दिग्गज कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics) के शेयर गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। लेकिन ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने डिफेंस PSU पर अपना मंदी का रुख बनाए रखा यह कहते हुए कि एग्ज़िक्यूशन की चुनौतियां और शॉर्ट-टर्म मार्जिन का दबाव बेहतर ऑर्डर बुक के फायदों से ज़्यादा हैं।
सुबह 10.48 बजे भारत डायनेमिक्स का स्टॉक 0.77 फीसदी बढ़कर 1,394.80 पर कारोबार करता नजर आया। गोल्डमैन सैक्स ने स्टॉक पर अपनी “Sell” रेटिंग बनाए रखी और 1,275 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस रखा, जिसका मतलब है कि पिछले सेशन के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 8 फीसदी की गिरावट आई।
ब्रोकरेज ने कहा कि हाल ही में मिले ऑर्डर से कंपनी की रेवेन्यू विज़िबिलिटी में सुधार हुआ है, लेकिन चेतावनी दी कि एग्ज़िक्यूशन रिस्क एक बड़ी चिंता बनी हुई है। उसे उम्मीद है कि आने वाले प्रोजेक्ट्स में ज़्यादातर बाहरी खरीद शामिल होगी, जिससे प्रॉफिट पर असर पड़ सकता है और शॉर्ट टर्म में मार्जिन डिलीवरी ज़्यादा मुश्किल हो सकती है।
गोल्डमैन सैक्स ने हेलिना मिसाइल का ऑर्डर उम्मीद से पहले मिलने के बाद अपने अर्निंग्स पर शेयर अनुमान में 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज ने कहा कि इस ऑर्डर से भारत डायनेमिक्स के FY29 रेवेन्यू और अर्निंग्स आउटलुक में सुधार होगा, क्योंकि इसकी लॉन्ग-टर्म ऑर्डर बुक मजबूत होगी।
हालांकि, उसने यह भी कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से ऑर्डर 24 से 60 महीनों में पूरे होने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि रेवेन्यू में कोई खास योगदान FY28 से ही होने की संभावना है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, मजबूत ऑर्डर इनफ्लो से रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ती है, लेकिन यह एग्जीक्यूशन टाइमलाइन, प्रोजेक्ट मिक्स और मार्जिन से जुड़ी चिंताओं को पूरी तरह से दूर नहीं करता है।
ब्रोकरेज का यह सतर्क नजरिया तब आया है जब हाल के सेशन में डिफेंस स्टॉक्स को लेकर सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत डायनेमिक्स में बढ़त तब हुई जब ऐसी खबरें आई कि भारत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम सहित डिफेंस सिस्टम के संभावित एक्सपोर्ट के लिए यूनाइटेड अरब अमीरात के साथ बातचीत कर रहा है।
भारत डायनेमिक्स, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के तहत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम का मुख्य मैन्युफैक्चरर और इंटीग्रेटर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE के साथ बातचीत अभी शुरुआती स्टेज में है, लेकिन आगे बढ़ रही है। खाड़ी देश ने कई भारतीय डिफेंस प्लेटफॉर्म में दिलचस्पी दिखाई है।
हाल ही में आई तेजी के बावजूद, भारत डायनेमिक्स के शेयर पिछले साल लगभग 24 फीसदी नीचे रहे, जो निफ्टी 50 से काफी कम है, जिसमें इसी दौरान लगभग 5 फीसदी की गिरावट आई है। 1 हफ्ते में शेयर 6.16 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जबकि 1 महीने में 4.98 फीसदी बढ़त दिखा। शेयर का 52 वीक हाई 2,013.50 रुपये पर है जबकि 52 वीक लो 1,086.00 रुपये पर है।
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With the Dominar 400 now powered by a smaller-capacity 349cc engine, Bajaj’s cycle of downsizing all its products, along with the Triumph 400s and select KTM 390s it manufactures, is now complete – an exercise undertaken to benefit from the lower 18 percent GST on two-wheelers under the 350cc threshold. But has this downsizing affected the Dominar 400 in any significant way, and who exactly is this bike for today?
Design and Features – 7/10
It’s been nearly a decade since Bajaj launched the Dominar 400, and in that time, not much has changed visually. While you can call the Dominar a dated-looking machine, you certainly can’t accuse it of being a sparsely equipped one. I don’t mean fancy features and farkles like a laundry list of electronic rider aids or a huge TFT display; instead, the Dominar is well kitted out for its target audience. Things you usually have to purchase as extras on other bikes, such as a pillion backrest integrated into the luggage rack, a comprehensive engine guard, a big front windscreen and knuckle guards, come standard on the Dominar 400.
The Dominar is a very practical and comfortable machine.
The biggest change from the rider’s POV is the new Pulsar NS400Z-sourced display and switchgear, which the Dominar received a year ago. With this update, it also got four riding modes (Sport, Road, Rain and Off-road) with distinct ABS calibration for each. One thing that remains exclusive to the Pulsar is the bidirectional quickshifter, which seems like a strange miss on the more expensive Dominar.
The Dominar and Pulsar NS400Z share this display and switchgear.
Performance and Fuel Economy – 8/10
The Dominar’s 373cc engine was downsized to 349cc by reducing the stroke from 60mm to 56.1mm while retaining the 89mm bore. Barring some essential changes necessary for the downsizing process to the engine’s head, the mill retains everything from before, including its compression ratio. While the Dominar and Pulsar NS400Z share this engine, there are some differences. Both have distinct mapping and tuning to suit their different roles, and the Dominar also has different camshafts and a heavier flywheel for a stronger mid-range.
The Dominar’s engine is in a different state of tune from that of the Pulsar NS400Z.
In fact, the Dominar 400 is one of those rare cases where the same engine produces more power after being downsized! It never received the 43hp state of tune as the Pulsar did last year and stayed at 40hp, so now there’s a marginal 0.6hp improvement. Torque, however, has dropped from 35Nm to 33.2Nm on the 349cc version.
On the move, the 349cc Dominar 400 retains its predecessor’s relaxed character, although you do feel the drop in low- and mid-range compared to the 373cc version. Nevertheless, the Dominar 400 still has more than enough performance, and out on wide, open roads, sustaining 100-120kph in top gear is quite a placid affair, and commendable highway performance is one of its biggest USPs. Also worth mentioning is that its engine has a calmer and easier-to-use nature than the one in the NS.
Ride and Handling – 9/10
The Dominar 400 has never been about maximum thrills – look at the Pulsar NS400Z for that – and the engine’s relaxed demeanour carries over to the chassis front as well. This is a surefooted and predictable machine, but you wouldn’t call it a sporty one. Flowing through gentle corners is more up the Dominar’s alley than attacking fast switchbacks. Its foot pegs also touch down without too much effort, and it is best to ride this bike in a relaxed yet brisk fashion.
Two full-size adults fit comfortably on the Dominar.
What will put you in that zone is the Dominar’s relaxed riding triangle, plush, well-padded seats for both rider and pillion, and a pliant suspension that rounds off all but the harshest of bumps our roads will throw your way. At 190kg, the Dominar 400 is a heavy machine, and you will feel that at low speeds, but the low 800mm seat height will help most riders get their feet down confidently and manoeuvre the bike as they like.
The Dominar’s suspension isolates you from all but the worst bumps Indian roads have to offer.
Price and Verdict – 8/10
Summing up, of all the Bajaj-made bikes now downsized to 350cc, the Dominar 400 actually benefits the most because its key USP was scoring high on bang for the buck. That quotient has been further enhanced, and at Rs 2.04 lakh (ex-showroom, Delhi), it has very competitive pricing. As for outright performance, it has sacrificed some compared to before, but the big price advantage far outweighs the slight dip.
The Dominar is a sensible choice for those looking to go touring on a tight budget.
And when you look at the overall package as well as the standard equipment on offer, the Bajaj Dominar 400 is one of the most affordable and capable road-focused touring machines on sale at this price point.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सायबर खतरा एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है, जो बिना दस्तक दिए हमारे घरों तक पहुंच रहा है। सायबर खतरों को समझना ही उनसे बचने का सबसे बड़ा रास्ता है। सावधानी ही सुरक्षा है और जानकारी ही बचाव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की जनता को सायबर सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण सूत्र 'जागरूकता, सावधानी और सहभागिता' के बारे में बताकर कहा कि जो लोग सायबर सुरक्षा की जानकारी रखते हैं, वे दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान’ के तहत “सेफ क्लिक 2.0'' का शुभारंभ किया। यह अभियान 24 जून से शुरू होकर 8 जुलाई तक प्रदेश के 10 संभाग, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांव में एक साथ चलेगा। इस अभियान के तहत सायबर ठगी और अन्य अपराधों से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सायबर जागरूकता अभियान के पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार की गई सायबर जागरूकता बुकलेट्स तथा अभियान के ऑफिशियल वीडियो का विमोचन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सायबर जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय मध्यप्रदेश पुलिस हमेशा संकटमोचक हनुमान की भूमिका में रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में विभिन्न सायबर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। अब अभियान का विस्तार पंचायतों, स्कूलों, बैंकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1700 सेवाएं एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से सायबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सायबर खतरे अदृश्य रूप में हमारे जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले सायबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर अपराधों के प्रति प्रदेशवासियों को जागरुक करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस का “सेफ क्लिक 2.0'' सायबर जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अभियान से प्रदेश के सभी नागरिक जागरूक होंगे। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधी एक प्रकार से डिजिटल दौर के राक्षस हैं, जो दबे पाँव लैपटॉप, कम्प्यूटर और मोबाइल के जरिए हमारे साथ सेंधमारी और डकैती करते हैं। आजकल डिजिटल अरेस्ट, डीप फेक, डेटा ब्रीजिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, रेनसमवेयर अटैक जैसे अनेक प्रकार के सायबर अपराध संचालित हैं। लेकिन सायबर अपराधों के मामले में सावधानी ही बचाव है। मध्यप्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार सायबर डकैती का लाइव पर्दाफाश किया था। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस बधाई की पात्र है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने पिछले वर्ष अपने सायबर जागरुकता अभियान के माध्यम से लगभग 33 लाख से अधिक नागरिकों को सतर्क किया था। इस वर्ष 15 दिन तक चलने वाले “सेफ क्लिक 2.0'' अभियान में हर दिन अलग थीम रखी गई है। इस दौरान लोगों को बैंकिंग, महिला सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों में जागरुकता के बारे में बताया। यह अभियान बैंकों, बाजारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर संचालित किया जाएगा। इसके लिए लोकरंजन के रुचिकर कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। सायबर सुरक्षा को जागरूकता, सावधानी और सहभागिता के माध्यम से प्रभावी बनाया जाएगा। सायबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। यह नंबर सायबर अपराध के मामले में सबसे पहले पीड़ितों की ढ़ाल बनता है।
लालच और जल्दबाजी कर सकती है आर्थिक नुकसान- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि अगर आपको कोई अनजान लिंक मिले या डराने धमकाने की कॉल आए तो “रुको, सोचो और फिर एक्शन लो''। लालच और जल्दबाजी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। पुलिस के अभियान को जन जागरुकता अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में हम सभी सहभागी बनें। राज्य सरकार ने सायबर अपराध के विरुद्ध मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है। नागरिकों के डेटा संरक्षण के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा एक्ट को भारत सरकार ने लागू किया है। प्रदेश में कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। राज्य शासन के 56 विभागों की 1700 से अधिक सेवाओं को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। यह एक प्रशंसनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “सेफ क्लिक 2.0'' अभियान में बैकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों सबको जोड़ा गया है। अभियान को शुरू करने का यही सही समय है, क्योंकि हमारी युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालयों में प्रवेश ले रही है।