ट्रेन छूट गई तो हंस की बस पकड़ी थी इंदौर की भूमि ने, पिता बेटी का इंतजार करते रह गए, वो नहीं उसकी मौत आ गई

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राजस्‍थान के दौसा में हुए दर्दनाक बस हादसे ने इंदौर के एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए चली गईं। इस हादसे में मसूरी घूमकर लौट रही 20 साल की भूमि भौर की भी जान चली गई। जबकि उसकी दो सहेलियां घायल हुई हैं। घर पहुंचने से पहले उसने पिता से कहा था कि सुबह तक घर पहुंच जाऊंगी, लेकिन पिता इंतजार ही करते रह गए और बेटी भूमि हमेशा के लिए चली गई।

राजस्थान के दौसा जिले में हुए भीषण बस हादसे में इंदौर की 20 वर्षीय भूमि भौर की दर्दनाक मौत हो गई। भूमि अपनी दो सहेलियों दिशा और लिसा के साथ छह दिन पहले मसूरी घूमने गई थी। वहां से मंगलवार को तीनों इंदौर लौट रही थीं।

ट्रेन छूट गई थी तो बस ली थी : सहेलियों ने पहले ऋषिकेश से ट्रेन से इंदौर आने के लिए टिकट बुक कराए थे, लेकिन समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाने के कारण उनकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद तीनों ने हंस ट्रैवल्स की बस से इंदौर लौटने का फैसला किया। रवाना होने से पहले भूमि ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि वह बस में बैठ चुकी है और बुधवार सुबह घर पहुंच जाएगी। परिवार उसके सुरक्षित लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

भूमि परिवार की सबसे बड़ी संतान थी। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन और एक छोटा भाई हैं। वह इंदौर के एक निजी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। करीब एक माह पहले उसने अपनी सहेलियों के साथ मसूरी घूमने का कार्यक्रम बनाया था।

भूमि की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों ने बताया कि भूमि बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव की थी और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थी। हादसे में भूमि की दोनों सहेलियां दिशा और लिसा घायल हुई हैं। उनका इलाज दौसा जिला अस्पताल में चल रहा है। उनके परिजन भी दौसा के लिए रवाना हो गए हैं। इसी हादसे में पत्रकार चंदू गुप्ता घायल हुए हैं, जबकि उनकी पत्नी निर्मला गुप्ता की मौत हो गई।
Edited By: Naveen R Rangiyal

हार्दिक पांड्या से मिलने के लिए साइकिल पर किया 12 घंटा का सफर, फैन को दिए 1.5 लाख

 

हार्दिक पांड्या के फैन ने ओडिशा से बैंगलूरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक का सफर अपने गृह राज्य से 12 दिनों तक साइकल पर पूरा किया। जब फैन के बारे में हार्दिक पांड्या को जानकारी मिली तो उन्होंने नखरा दिखाने के बजाए ना केवल उसे मिले  बल्कि उसके आने जाने का खर्चा दिया और विराट कोहली के वनएट जूते दिए साथ ही 1.5 लाख रुपए देकर वापस रवाना किया।

गौरतलब है कि हार्दिक पांड्या ने बैंगलूरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे। पंड्या मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं लेकिन उन्होंने पिछले दशक में अधिकतर समय मुंबई में बिताया है और मुख्य रूप से अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियन्स की घंसोली स्थित सुविधा में ट्रेनिंग की है। हालांकि अब बैंगलूरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रिहैबिलिटेशन को अपना स्थायी ट्रेनिंग केंद्र बनाने के मकसद से बेंगलुरु में रहने का फैसला किया है।

पंड्या का यह कदम इसलिए सभी का ध्यान खींच रहा है क्योंकि भारत के केंद्रीय अनुंधित खिलाड़ी आम तौर पर चोट से उबरने (रिहैबिलिटेशन), फिटनेस परीक्षण या राष्ट्रीय शिविर के लिए ही सीओई जाते हैं।अभी जांघ की चोट से उबर रहे 32 वर्षीय पंड्या ब्रिटेन के सीमित ओवरों के मौजूदा दौरे से बाहर हो गए थे। उन्होंने पिछले छह महीने में सीओई में काफी समय बिताया है।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने ने कहा, ‘‘हार्दिक मुंबई से बाहर जाना चाहते थे क्योंकि ट्रेनिंग के लिए रोजाना अपने लोअर परेल स्थित घर से आना-जाना एक समस्या बन गई थी। केंद्रीय अनुबंध वाले क्रिकेटर के तौर पर उन्हें सीओई में चोट के इलाज से लेकर कौशल ट्रेनिंग तक सभी सुविधाएं मिलेंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब भी वह आईपीएल, राज्य या राष्ट्रीय टीम के साथ नहीं हों तो उन्होंने सीओई को अपना स्थायी आधार बनाने का फैसला किया है।’’

माना जा रहा है कि हार्दिक के पास अपने फिजियोथेरेपिस्ट और निजी स्ट्रेंथ एवं अनुकूलन कोच भी होंगे जो सीओई के बाहर ट्रेनिंग में उनकी मदद करेंगे।सूत्र ने कहा, ‘‘यह जब तक वह भारत के लिए सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलते हैं तब तक बेंगलुरु में बसने जैसा है और उनका इरादा कम से कम अगले पांच से छह साल तक खेलने का है।’’

Ram Mandir Donation Scam: कुंभ में लूटा गया सबसे ज्यादा राम मंदिर का चढ़ावा! जीजा-साले की जोड़ी ने उड़ाई बड़ी रकम

Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर के लिए मिले दान की चोरी के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। अयोध्या पुलिस की जांच में पता चला है कि मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी 2025 की शुरुआत में कुंभ मेले के दौरान हुई थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से कुछ कुंभ से पहले भी छोटी-मोटी चोरियों में शामिल थे। लेकिन कुंभ के दौरान मंदिर में चढ़ावे और दान में भारी बढ़ोतरी हुई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इसका फायदा उठाया और मिलीभगत करके एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया।

फिलहाल इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव (जिन्हें टिन्नू यादव भी कहा जाता है) शामिल हैं। इन सभी से मंगलवार को कई घंटों तक पूछताछ की गई।

वहीं, पुलिस का दावा है कि पूरी साजिश सभी आठों आरोपियों ने मिलकर रची थी।

जीजा-साले की जोड़ी ने सबसे ज्यादा कैश चुराया

जांच में सामने आया है कि जीजा-साले की जोड़ी, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा ने सबसे ज्यादा रकम चुराई थी। पुलिस के मुताबिक, इस जोड़ी ने चोरी के पैसों से प्रॉपर्टी भी खरीदी। अब तक पुलिस ने इन दोनों से जुड़ी आधी दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी का पता लगाया है।

पैसे के लेन-देन की जांच के लिए, अयोध्या पुलिस अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ मिलकर आरोपी की संपत्ति और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। अधिकारी मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन) की विस्तृत जांच के लिए एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) से भी संपर्क करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, जांच के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी शक के घेरे में आ गई है।

ऐसा इसलिए क्योंकि, राम मंदिर में नकद चढ़ावे की गिनती SBI की देखरेख में होती है, जो इस काम के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को नियुक्त करता है। मंदिर में आने वाले दान को चार दान-पेटियों में जमा किया जाता है और इसकी गिनती 14 लोगों की एक टीम करती है, जिसमें बैंक के 11 कर्मचारी और मंदिर ट्रस्ट के तीन सदस्य शामिल होते हैं।

इस बीच, पुलिस ने बताया कि इस मामले में सबसे ज्यादा नकद राशि आरोपी अविनाश शुक्ला से जुड़ी कौशालपुरी की एक जगह से बरामद की गई थी। यह जगह उसके भाई अभिषेक से जुड़े एक योग केंद्र की है।

योग सेंटर चलाने वाली सीमा तिवारी ने बताया कि पुलिस ने 5 जून को सेंटर की तलाशी ली और भारी मात्रा में कैश बरामद किया। उन्होंने कहा कि वहां अभिषेक के चार बक्से रखे हुए थे, जिनमें कंबल के अंदर पैसे छिपाकर रखे गए थे। एक बक्से पर “राम राज्य कोष” लिखा हुआ था।

सीमा तिवारी के मुताबिक, जब अभिषेक से छापेमारी और कैश के बारे में पूछताछ की गई, तो उसने दावा किया कि उसका भाई अविनाश शुक्ला ड्रग्स के धंधे में शामिल है और इसी वजह से छापेमारी हुई।

आरोपियों के घरों से कैश बरामद

वहीं, जांच अब सभी आरोपियों के घरों तक भी पहुंच गई है। पुलिस ने तीन दिन पहले तलाशी ली और टिन्नू यादव के घर से कैश बरामद किया, जो पहले ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का ड्राइवर रह चुका है।

सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं को पता चला कि मंदिर में मिले दान की गिनती वाले कमरे की एक चाबी कथित तौर पर टिन्नू यादव के पास थी, जबकि दूसरी चाबी बैंक स्टाफ के पास रहती थी। सूत्रों ने आगे बताया कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से फंड का कथित तौर पर गबन किया गया और इसमें शामिल लोगों के बीच पैसे आपस में बांट लिए गए।

इसके साथ ही, पुलिस ने सभी आरोपियों की चल और अचल संपत्ति से जुड़े बैंक दस्तावेज और रिकॉर्ड भी इकट्ठा किए हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पिछले एक साल के उनके वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से कथित तौर पर ऐसे लेन-देन का पता चला है जो उनकी ज्ञात आय से कहीं ज़्यादा थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि, इस मामले में सबसे ज्यादा कैश की बरामदगी 89 लाख रुपये की हुई, जो आरोपी अविनाश शुक्ला द्वारा कथित तौर पर जगह बताने के बाद की गई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज होने से पहले ही मंदिर ट्रस्ट ने यह रकम बरामद कर ली थी।

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Monsoon Watch 1 July: पंजाब और हरियाणा में भी हुई मानसून की एंट्री पर दिल्ली में नहीं! अब IMD ने जारी किया ये नया अनुमान

Progress of SW Monsoon: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। 1 जुलाई को मानसून ने उत्तर भारत के कई नए इलाकों में धमाकेदार एंट्री मार ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली को इसने अभी थोड़ा तरसाया है। वैसे दिल्लीवालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दस्तक देने को लेकर बेहद राहत भरा नया अनुमान जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में बढ़ा मानसून, जानें कहां से गुजर रही सीमा

IMD के मुताबिक एक जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बचे हुए हिस्सों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून ने अपनी पहुंच दर्ज करा दी है। अभी मानसून की उत्तरी सीमापोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? IMD का नया अनुमान

भले ही 1 जुलाई की एंट्री में दिल्ली का नाम सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए मौसम का सिस्टम पूरी तरह तैयार है। यानी अगले 48 घंटों में दिल्ली में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय, सामान्य से 6 दिन की देरी

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है कि बुधवार को मानसून ने पूरे राज्य को आधिकारिक तौर पर कवर कर लिया है। हिमाचल में मानसून का यह आगमन सामान्य तारीख से 6 दिन की देरी से हुआ है। 1 जुलाई को मानसून ने शिमला जिले (शिमला शहर सहित), सिरमौर, मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और कांगड़ा के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लिया।

इसके साथ ही सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भी मानसून पूरी तरह फैल गया है। राज्य में इस पूरे हफ्ते व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हिमाचल समेत पूरे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।

जुलाई महीने के लिए पूरे देश का ओवरऑल वेदर आउटलुक

मौसम विभाग ने जुलाई 2026 के महीने के लिए देश भर में होने वाली औसत बारिश का भी एक अनुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है।

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1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में देश भर में वर्षा का लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) लगभग 280.4 मिमी हो सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है लेकिन उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश देखी जा सकती है।

Viral Post: ‘मेरी नौकरी जाने वाली है’, लेऑफ की चर्चा के बीच माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी का इमोशनल पोस्ट हुआ वायरल

माइक्रोसॉफ्ट के एक कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगता है कि आने वाली लेऑफ में उनका नाम भी शामिल हो सकता है। वहीं कंपनी ने अभी तक आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में बताया कि दफ्तर में पिछले कुछ समय से ऐसे कई संकेत मिल रहे थे, जिनसे उन्हें अंदाजा हो गया था कि उनकी नौकरी खतरे में है। इस पोस्ट पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

पोस्ट के मुताबिक काम करने के तरीके में बदलाव, प्रोजेक्ट्स का दूसरी टीमों को सौंपा जाना और मैनेजर की ओर से पहले जैसी बातचीत या प्रतिक्रिया न मिलना इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि उनकी भूमिका खत्म की जा सकती है।

कर्मचारी ने किया पोस्ट

कर्मचारी ने बताया कि, उन्हें पहले ही उनके नियमित प्रोजेक्ट से अलग कर दिया गया था और अब उनके मैनेजर की ओर से भी पहले जैसी बातचीत या मार्गदर्शन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि दफ्तर में हो रहे इन बदलावों को लेकर उनके सहकर्मी भी असमंजस में थे और किसी को स्पष्ट रूप से यह नहीं पता था कि आखिर इन फैसलों के पीछे क्या वजह है। कर्मचारी ने लिखा, “मेरे मैनेजर को 30 तारीख को लेऑफ लिस्ट मिल रही है। लेकिन मुझे पता है कि मुझे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि काम पर अनिश्चितता महीनों से चल रही थी और मानसिक रूप से थका देने वाली हो गई थी।

अफवाहें मेंटली थका देती है

उनके मुताबिक लगातार रीस्ट्रक्चरिंग और छंटनी की चर्चाओं के कारण काम पर ध्यान लगाना और खुद को सुरक्षित महसूस करना मुश्किल हो गया था। उन्होंने लिखा, “और सच कहूं तो? मुझे राहत महसूस हो रही है। इसलिए नहीं कि नौकरी छूटना मजेदार है। इसलिए नहीं कि मार्केट बहुत अच्छा है। इसलिए नहीं कि मैंने सब कुछ समझ लिया है। मुझे राहत इसलिए मिल रही है क्योंकि अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो रही है।” उनके मुताबिक कंपनी में छंटनी की अफवाहें, बार-बार होने वाले बदलाव, कामकाज में सुधार की चर्चाएं और अच्छे कर्मचारियों को जाते देखना मानसिक रूप से काफी थका देने वाला रहा। उन्होंने कहा कि हर कुछ महीनों में यह डर बना रहता था कि अगली बारी कहीं उनकी तो नहीं होगी।

लेऑफ होने पर कैसा होगा इमोशन

उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे माहौल में रहना इसे छोड़ने से भी ज्यादा बुरा लगने लगा था। “किसी समय आप लेऑफ होने की चिंता करना बंद कर देते हैं और इस बात की चिंता करने लगते हैं कि यहं रहने से आपका क्या होगा।” कर्मचारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि लेऑफ ऑफिशियली होने के बाद उनकी भावनाएं कैसी होंगी। उन्होंने लिखा, “हो सकता है कि जब यह असल में होगा, तब भी मुझे अलग तरह से महसूस हो। लेकिन अभी, एक नई शुरुआत की संभावना एक और साल की अनिश्चितता से बेहतर लग रही है। क्या कोई और उस पॉइंट तक पहुंचा है?”

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ ऐसा तब हुआ जब मैं कोविड से प्रभावित इंडस्ट्री में था। अपने रोल की वजह से मुझे ऐसी जानकारी थी जो दूसरों को नहीं थी (इसलिए मुझे फाइनेंशियल बातें पता थीं और यह भी कि कंपनी शायद टिक न पाए) और फिर मैंने अपने मैनेजर को एक माइक्रोमैनेजर के हाथों खो दिया। मुझे जाने में राहत मिली।” दूसरे व्यक्ति ने कमेंट लिखा, “जब आप नर्ड्स को मैनेज करने के लिए साइकोपैथ्स का एक झुंड लाते हैं तो यही होता है।”

एक व्यक्ति ने आगे कहा, “अभी अमेरिका में हर कॉर्पोरेशन में यही हो रहा है। और वे “प्रोफिशिएंसी को ऑप्टिमाइज करने” जैसी बकवास करते हैं। असल में यह अपने शेयरहोल्डर्स को खुश करने के लिए कॉस्ट कटिंग है।”

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

An image providing information on preparing hot, spicy, and special recipes for rainy days

Monsoon Special Recipes: रिमझिम बारिश की बूंदें, ठंडी हवा और खिड़की से आती मिट्टी की सोंधी खुशबू… मानसून का मजा तब तक अधूरा है, जब तक किचन से गरमा-गरम और चटपटी चीजों की महक न आए। मानसून का मौसम केवल ठंडी हवाओं और सुहाने मौसम का ही नहीं, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने का भी होता है। इस सुहाने मौसम का लुत्फ दोगुना करने के लिए यहां मानसून की 5 सबसे बेहतरीन और सदाबहार रेसिपीज दी गई हैं, जिन्हें देखते ही आपके मुंह में पानी आ जाएगा:

 

1. कड़क चाय के साथ 'चीज़ी ब्रेड पकौड़ा'

ब्रेड पकौड़ा तो आपने कई बार खाया होगा, लेकिन इस बार बारिश में इसे एक ट्विस्ट दें। आलू के चटपटे मसाले के साथ ब्रेड के बीच में मोज़ेरेला या स्लाइस चीज़/Cheese रखें। इसे बेसन के गाढ़े घोल में डुबोकर सुनहरा होने तक डीप फ्राई करें। जब आप इसे बीच से काटेंगे, तो पिघलता हुआ चीज़ और आलू का तीखापन मानसून का मजा बढ़ा देगा।

 

2. गरमा-गरम 'कॉर्न भजिया'

बारिश के मौसम में भुट्टा (स्वीट कॉर्न) हर गली-नुक्कड़ पर मिलता है। इस बार भुट्टे को उबालकर खाने के बजाय इसके क्रिस्पी भजिए बनाएं। ताजे मक्के के दानों को दरदरा पीस लें, फिर इसमें थोड़ा बेसन, चावल का आटा (क्रिस्पी बनाने के लिए), हरी मिर्च, बारीक कटा प्याज और हरा धनिया मिलाएं। तैयार गरमा-गरम मक्के के भजिए हरी चटनी के साथ लाजवाब लगते हैं।

 

3. मुंबई स्टाइल 'कांदा भजी' (चटपटी प्याज के पकौड़े)

अगर कुछ बेहद क्रिस्पी और झटपट खाने का मन है, तो लच्छेदार प्याज के पकौड़े (कांदा भजी) से बेहतर कुछ नहीं। प्याज को लंबा और पतला काटें, उसमें नमक डालकर 5 मिनट छोड़ दें ताकि प्याज पानी छोड़ दे। अब उसी पानी में बेसन, अजवाईन, कुटी हुई लाल मिर्च और थोड़ा सा गरम तेल डालकर बिना पानी के गूंथ लें और कुरकुरा होने तक तलें। तली हुई हरी मिर्च के साथ इसका स्वाद लाजवाब आता है।

 

4. सूजी का हलवा या 'गुलगुले' (मीठे पकौड़े)

चटपटे के बाद कुछ मीठा हो जाए! उत्तर भारत में बारिश के दिनों में 'गुलगुले', जो कि गेहूं के आटे और गुड़ से बने मीठे पकौड़े बनाने की पुरानी परंपरा है। अगर वो न बनाना चाहें, तो देसी घी में भुना हुआ गरमा-गरम सूजी का शीरा या हलवा बनाएं। इलायची की खुशबू और ड्राई फ्रूट्स से सजा यह हलवा बारिश के मौसम में आत्मा को तृप्त कर देता है।

 

5. चटपटा वेज सूप

बारिश में जब थोड़ी ठंडक बढ़ने लगती है, तो कुछ गरमा-गरम और हेल्दी पीने का मन करता है। ऐसे में स्पाइसी 'हॉट एंड सॉर सूप' या 'क्लियर सूप' एक बेहतरीन विकल्प है। ढेर सारी सब्जियां- जैसे गाजर, पत्तागोभी, शिमला मिर्च और अदरक-लहसुन के तड़के के साथ बना यह सूप न सिर्फ आपके मुंह का स्वाद बदलेगा, बल्कि मानसून की बीमारियों से भी बचाएगा।

 

मानसून स्पेशल टिप: इन सभी रेसिपीज के साथ अदरक, इलायची और लौंग वाली कड़क मसाला चाय बनाना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि इसके बिना हर मानसून रेसिपी अधूरी है!

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Lamborghini reveals Urus SE Performante as its hottest SUV yet

Lamborghini reveals Urus SE Performante as its hottest SUV yet

Lamborghini has revealed the Urus SE Performante, marking a comeback for the high-performance version of the Urus, after the non-PHEV Performante was discontinued in 2024. The new Lamborghini Urus SE Performante is currently the Italian manufacturer’s most powerful SUV and gets performance and design upgrades over the standard Urus SE. 

Advit Jewels Share Price: धमाकेदार लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट, अब खरीदें, बेचें या होल्ड करें? जानिए एक्सपर्ट्स से

Advit Jewels Share Price: ज्वेलरी कंपनी Advit Jewels की बुधवार को तगड़े प्रीमियम पर लिस्टिंग हुई, लेकिन उसके बाद जोरदार मुनाफावसूली भी देखने को मिली। इसमें 5% का लोअर सर्किट लग गया। कंपनी का शेयर BSE पर 138 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 35.5% प्रीमियम के साथ 187 रुपये पर लिस्ट हुआ। वहीं NSE पर इसकी एंट्री 188.90 रुपये पर हुई, जो इश्यू प्राइस से 36.88% ज्यादा थी।

लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैप 814.27 करोड़ रुपये रहा। हालांकि शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। मुनाफावसूली बढ़ने से शेयर 5% गिरकर 179.46 रुपये पर बंद हुआ। Advit Jewels का 165.16 करोड़ रुपये का IPO पिछले हफ्ते बोली के आखिरी दिन 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 130 से 138 रुपये प्रति शेयर तय किया था।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

Swastika Investmart की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याती का कहना है कि Advit Jewels की लिस्टिंग मजबूत रही है, क्योंकि कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे भी अच्छे रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘कंपनी ने पिछले दो साल में अपना रेवेन्यू लगभग तीन गुना कर लिया है। EBITDA मार्जिन 29-30% के आसपास बना हुआ है। रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) 43.6% रहा है। यही वजह है कि कंपनी का प्रीमियम वैल्यूएशन कुछ हद तक सही माना जा सकता है। हालांकि Advit Jewels अभी छोटी और नई कंपनी है। इसका कारोबार भी कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित है, इसलिए आने वाले समय में इसके शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।’

निवेशकों के लिए सलाह

शिवानी न्याती का कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे शॉर्ट से मीडियम टर्म के नजरिए से इसे होल्ड कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों ने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए निवेश किया था, वे चाहें तो थोड़ा या पूरा मुनाफा बुक कर सकते हैं।

नए निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि कम से कम एक-दो तिमाही के नतीजे आने का इंतजार करें, उसके बाद ही इस शेयर में बड़ा निवेश करें। उन्होंने 165 रुपये का क्लोजिंग स्टॉप-लॉस रखने की सलाह भी दी है।

Waterways Leisure की कमजोर

Cordelia Cruises चलाने वाली Waterways Leisure Tourism की लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शेयर बाजार में आते ही इसमें दबाव देखने को मिला और बाद में भी गिरावट जारी रही।

कंपनी का शेयर BSE पर 690 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो 808 रुपये के इश्यू प्राइस से 14.60% कम था। वहीं NSE पर इसकी शुरुआत 681 रुपये पर हुई, यानी यह 15.71% के डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ।

कमजोर लिस्टिंग की वजह क्या रही?

शिवानी न्याती का कहना है कि कंपनी की कमजोर लिस्टिंग से साफ है कि निवेशक इसके वैल्यूएशन और कारोबार से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

उन्होंने कहा, ‘हाल के समय में कंपनी का EBITDA मार्जिन घटा है। इसके अलावा इसका कारोबार फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, यात्रियों की संख्या में कमी और दूसरे ऑपरेशनल जोखिमों से भी प्रभावित हो सकता है। करीब 101 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) वैल्यूएशन पर यह IPO निवेशकों को ज्यादा मार्जिन ऑफ सेफ्टी नहीं देता। हालांकि, सेक्टर के लॉन्ग टर्म के संकेत अच्छे जरूर हैं।’

इस शेयर में क्या करें?

शिवानी का कहना है कि जिन निवेशकों को IPO में शेयर मिले हैं, वे लंबी अवधि के नजरिए से इसे होल्ड कर सकते हैं। वहीं, नए निवेशकों को बेहतर तिमाही नतीजों और आकर्षक कीमत का इंतजार करना चाहिए। फिलहाल इस शेयर पर उनकी राय ‘न्यूट्रल’ है। उन्होंने 640 रुपये का क्लोजिंग स्टॉप-लॉस रखने की सलाह दी है।

Waterways Leisure Tourism का 585 करोड़ रुपये का IPO पिछले हफ्ते बोली के आखिरी दिन 1.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 769 से 808 रुपये प्रति शेयर रखा था।

Vedanta Oil & Gas का शेयर 20% भागा, समूह की बाकी तीन कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

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VIDA gets a New Brand Logo alongside an Asia Book of Records Title

Hero Vida Old and New Logo
  1. The VIDA brand gets a refreshed logo
  2. Secures a spot in the Asia Book of Records for creating the largest brand logo  

Vida unveils refreshed logo: What’s new?

The brand also entered the Asia Book of Records for creating the largest brand logo, covering over 35,000 sq. ft

Since its launch in 2022, the VIDA brand has expanded from offering a premium electric scooter to a broader portfolio that now includes family and commuter electric scooters, the DIRT.E off-road range, and the NOVUS future mobility platform.

The refreshed logo introduces a geometric ‘V’ lettermark that is said to be inspired by Hero’s logo. According to the company, the design represents the connection between Hero’s legacy and VIDA’s future, while “powered by Hero” remains a key part of the brand identity.

To mark the launch, VIDA also entered the Asia Book of Records for creating the largest brand logo, covering over 35,000 sq. ft. The display was created using the VIDA VX2, VIDA DIRT.E K3, NOVUS NEX 1 and Hero XPulse.

The new brand identity will be introduced in phases across VIDA’s dealerships, digital platforms, connected interfaces and future products.

Market Outlook : जुलाई सीरीज का शानदार आगाज, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Market Outlook: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच, बुधवार, 1 जुलाई को घरेलू शेयर बाज़ार में अच्छी खरीदारी देखी गई। इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स 444 पॉइंट्स या 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 140 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 24,005.85 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी ऊपर गए; निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36% चढ़ा।

BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹474 लाख करोड़ से बढ़कर ₹476 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जिससे निवेशक एक ही सेशन में ₹2 लाख करोड़ से थोड़ा ज़्यादा अमीर हो गए।

निफ्टी पर इटरनल, अडानी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, HUL, एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में से थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील लूजर्स थे।

सेक्टोरल फ्रंट पर, रियल्टी इंडेक्स 3.5% ऊपर, FMCG और मीडिया इंडेक्स में 2-2%, ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर, IT इंडेक्स 2% गिरा, जबकि मेटल इंडेक्स 1% और फार्मा इंडेक्स 0.5% नीचे गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाज़ार 2026 के दूसरे हाफ़ में उम्मीद के साथ आए क्योंकि कई मुश्किलें कम होने लगीं, जिसमें US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना और तेल की कीमतें पॉज़िटिव सेंटिमेंट के मुख्य कारण बनकर उभरीं।” नायर ने बताया कि रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई, जिसमें लार्ज कैप्स ने अच्छे वैल्यूएशन और दो साल के आउटफ्लो के बाद FPI सेंटिमेंट में कुछ बदलाव की उम्मीद के कारण बेहतर परफॉर्म किया।

2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी रेंज-बाउंड रहा क्योंकि इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन में, यह 24,000 मार्क के आस-पास रहा है, जो डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है।

साइडवेज़ मूवमेंट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, इंडेक्स पूरे सेशन में मज़बूती दिखा रहा है। हालांकि, मोमेंटम अभी भी धीमा है।

आगे, जब तक निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक बुलिश बायस बना रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन स्थिर ऊपर की ओर बढ़ती रह सकती है, जिसमें शॉर्ट टर्म में 24,200 और उससे ऊपर जाने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने आज, बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखी गई। निफ्टी 140 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 444 पॉइंट्स ऊपर था। सेक्टर्स में, रियलिटी इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जिसमें 3.44 परसेंट की रैली हुई, जबकि IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा 2 परसेंट गिरा।

टेक्निकली, डेली चार्ट्स पर, मार्केट ने एक छोटा बुलिश कैंडल बनाया है, और इंट्राडे चार्ट्स पर, यह एक रिवर्सल फॉर्मेशन बनाए हुए है। डे ट्रेडर्स के लिए, 23900/76500 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। इसके ऊपर, बुलिश मोमेंटम जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, मार्केट 24150-24250/77500-77800 तक जा सकता है। दूसरी तरफ, 23900/76500 से नीचे, सेलिंग प्रेशर बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे, यह 23800/76200 और 20-दिन के SMA (सिंपल मूविंग एवरेज), या 23750/76000 को फिर से टेस्ट कर सकता है।

अभी मार्केट का टेक्सचर नॉन-डायरेक्शनल है, इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी होगी।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।