CNG वाहनों पर ईथेनॉल का क्या असर होगा? CNG Blending से फायदा या नुकसान?

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भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पेट्रोल में 20% इथेनॉल (E20) मिलाने की सफलता के बाद, अब सरकार CNG में भी इथेनॉल ब्लेंडिंग (CNG Blending) पर तेज़ी से काम कर रही है। देश की दिग्गज गैस कंपनियां और रिसर्च इंस्टिट्यूट्स इस पर लगातार ट्रायल कर रहे हैं।

लेकिन एक आम गाड़ी मालिक के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है—”क्या CNG में इथेनॉल मिलने से मेरी गाड़ी का इंजन खराब हो जाएगा? इससे मुझे फायदा होगा या नुकसान?” आइए, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और साइंटिफिक रिपोर्ट्स के आधार पर इसे आसान भाषा में समझते हैं।
 
1. क्या है CNG ब्लेंडिंग? (What is CNG Blending with Ethanol?)
आमतौर पर कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) में मुख्य रूप से मीथेन (CH4) होती है। CNG ब्लेंडिंग के तहत, इसमें एक निश्चित मात्रा में बायो-इथेनॉल या हाइड्रोजन जैसी गैसों को मिक्स किया जाएगा। शुरुआती चरणों में इसे 5% से 10% तक ब्लेंड करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य महंगे गैस आयात (Import) को कम करना और पर्यावरण को साफ रखना है।

2. CNG वाहनों पर इथेनॉल का क्या असर होगा? (The Impact)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, CNG में इथेनॉल ब्लेंडिंग का असर पेट्रोल के मुकाबले थोड़ा अलग होगा।

•    इंजन की परफॉर्मेंस: इथेनॉल का ऑक्टेन नंबर काफी हाई होता है। जब इसे CNG के साथ सही अनुपात में मिलाया जाएगा, तो यह इंजन के कम्बशन (Combustion) यानी ईंधन जलने की क्षमता को बेहतर कर सकता है।

•    पार्ट्स पर असर (Corrosion): इथेनॉल की एक खूबी होती है कि वह नमी (Moisture) को सोखता है। अगर ब्लेंडिंग की मात्रा तय लिमिट से ज्यादा हुई, तो यह पुराने CNG किट्स और इंजन के पाइप्स में जंग (Corrosion) का कारण बन सकता है। हालांकि, मौजूदा BS6 और आने वाले नए वाहनों को इसी को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

3. CNG Blending के फायदे (The Pros)
इस नई तकनीक से देश और आम जनता दोनों को बड़े फायदे होने की उम्मीद है:

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* कम हो सकती हैं कीमतें
भारत अपनी ज़रूरत की आधी से ज़्यादा नेचुरल गैस बाहर से खरीदता है। स्थानीय स्तर पर बने इथेनॉल को CNG में मिलाने से गैस की लागत कम होगी, जिससे आने वाले समय में CNG की कीमतें घट सकती हैं या स्थिर रह सकती हैं।

* पर्यावरण के लिए बेहद फायदेमंद
CNG पहले से ही एक क्लीन फ्यूल है, लेकिन इथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद इससे होने वाला कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) और भी कम हो जाएगा। यह शहरों में बढ़ते प्रदूषण से निपटने में गेम-चेंजर साबित होगा।

* बेहतर इंजन एफिशिएंसी
सही मात्रा में ब्लेंडिंग से इंजन के अंदर फ्यूल ज्यादा अच्छी तरह बर्न होता है, जिससे गाड़ी का पिक-अप थोड़ा बेहतर हो सकता है।

4. CNG Blending के नुकसान और चुनौतियाँ (The Cons)
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। इस तकनीक के साथ कुछ चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं:

* माइलेज में मामूली गिरावट संभव
इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी (Energy Density) शुद्ध CNG के मुकाबले थोड़ी कम होती है। इसका मतलब है कि ब्लेंडेड CNG से आपकी गाड़ी का माइलेज 3% से 5% तक कम हो सकता है।

* पुरानी गाड़ियों के लिए चुनौती
जिन लोगों ने बाहर से (Aftermarket) पुरानी और सस्ती CNG किट लगवाई है, उन्हें थोड़ी समस्या हो सकती है। इथेनॉल के कारण पुरानी रबर सील और पाइप जल्दी खराब हो सकते हैं।

क्या आपको डरने की ज़रूरत है?
घबराएं नहीं! ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और आईआईटी जैसे बड़े संस्थान इस ब्लेंडिंग का कड़ा परीक्षण कर रहे हैं। सरकार केवल उतनी ही मात्रा (संभावित 5%) ब्लेंड करेगी, जिससे मौजूदा CNG इंजनों को कोई नुकसान न पहुंचे।

सलाह: यदि आप आने वाले समय में नई CNG कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो हमेशा कंपनी-फिटेड (Company-fitted) CNG को प्राथमिकता दें, क्योंकि ये कारें भविष्य के हर तरह के फ्यूल बदलावों को झेलने के लिए पहले से ही अपग्रेड होती हैं।
आपको क्या लगता है, क्या CNG में इथेनॉल मिलाने का फैसला सही है? नीचे कमेंट करके अपनी राय ज़रूर शेयर करें!
Edited By: Naveen R Rangiyal

विराट कोहली के निवेश वाली एजिलिटास Sports365 का कर सकती है अधिग्रहण, दोनों में चल रही बातचीत

एजिलिटास स्पोर्ट्स जल्द स्पोर्ट्स365 का अधिग्रहण कर सकती है। इस बारे में बातचीत अंतिम चरण में है। एजिलिटास एक स्टार्टअप है, जो स्पोर्ट्स गुड्स बनाती है। स्पोर्ट्स365 स्पोर्ट्स एक्सेसरीज की रिटेलिंग में मदद करती है। एजिलिटास अपने प्रोडक्ट्स ज्यादातर कस्टमर्स तक ले जाना चाहती है। इस काम में स्पोर्ट्स365 उसकी मदद कर सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने मनीकंट्रोल को यह बताया।

स्पोर्ट्स365 की शुरुआत 2012 में हुई थी

स्पोर्ट्स365 की शुरुआत 2012 में हुई थी। इसे शेखर गारिसा और विशाल गुप्ता ने शुरू किया था। यह स्पोर्ट्स गुड्स पर फोकस करने वाली देश के शुरुआती स्टार्टअप्स में से एक थी। शुरुआत में इसे इंडियन टेनिस स्टार महेश भूपति का भी सपोर्ट हासिल था। बाद में कई हाई प्रोफाइल क्रिकेटर्स और दूसरे खिलाड़ी भी इस कंपनी से जुड़ गए। इनमें युवराज सिंह, एक्टर लारा दत्त और इंटरनेशनल स्कवैश प्लेयर दीपिका पल्लीकल शामिल थी।

पहले साल स्पोर्ट्स365 का रेवेन्यू 7 करोड़

स्पोर्ट्स365 का रेवेन्यू इसके पहले साल यानी FY14 में करीब 7 करोड़ रुपये था। FY21 में रेवेन्यू बढ़कर 46 करोड़ हो गया। लेकिन, कोविड की महामारी शुरू होने पर कंपनी के कारोबार पर तगड़ी चोट लगी। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर करीब 2 करोड़ रुपये रह गया था। यह जानकारी Tracxn के डेटा पर आधारित है।

अधिग्रहण की शर्तों के बारे में जानकारी नहीं

दोनों कंपनियों के बीच अधिग्रहण की शर्तों के बारे में अभी पता नहीं चला है। लेकिन, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि अधिग्रहण के लिए स्पोर्ट्स365 की वैल्यूएशन इसके रिकॉर्ड 46 करोड़ रुपये के रेवेन्यू के मुकाबले काफी कम रह सकती है। स्पोर्ट्स365 ने पावरहाउस वेंचर्स और कुछ इनवेस्टर्स से 15 करोड़ रुपये से कम जुटाए थे। इसे YouWeCan का भी सपोर्ट हासिल था, जो क्रिकेटर युवराज सिंह का नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है।

पहले कर चुकी है Mochiko Shoes का अधिग्रहण 

Agilitas और Sports365 ने इस बारे में मनीकंट्रोल के सवालों के जवाब नहीं दिए। एजिलिटास के लिए स्पोर्ट्स365 नया अधिग्रहण होगा। कंपनी पहले Mochiko Shoes का अधिग्रहण कर चुकी है। इस कंपनी के पास काफी समय से Lotto का लाइसेंसिंग राइट्स रहा है। एजिलिटास ने बाद में क्रिकेटर विराट कोहली के स्पोर्टिंग ब्रांड One8 को भी दोबारा शुरू किया था।

यह भी पढ़ें: Hardik Pandya: मुंबई इंडियंस और हार्दिक पांड्या की राहें होंगी जुदा! क्रिकेटर को लेने के लिए इन 7 टीमों के बीच मची होड़

अभिषेक गांगुली ने की थी एजिलिटास की शुरुआत

एजिलिटास की शुरुआत अभिषेक गांगुली ने की थी। वह पहले Puma India और इसके साऊथईस्ट एशिया बिजनेस के एमडी थे। उन्होंने अतुल बजाज और अमित प्रभु के साथ मिलकर एजिलिटास की शुरुआत की थी। तब से कंपनी अब तक 850 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड जुटा चुकी है। कंपनी ने यह पैसा विराट कोहली, एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा, रेनमैटर, युवराज सिंह, कनवर्जेंट सहित कई इनवेस्टर्स से जुटाए हैं।

WhatsApp Username फीचर पर फंसा पेंच, सरकार फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के खतरे को लेकर Meta से करेगी चर्चा

केंद्र सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) WhatsApp के आगामी Username फीचर को लेकर Meta के साथ जल्द ही बैठक कर सकता है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) ने इस फीचर के जरिए फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी और प्रतिरूपण (Impersonation) की आशंका जताई है। सूत्रों के अनुसार, दूरसंचार विभाग (DoT) और दिल्ली पुलिस ने इस फीचर को लेकर गंभीर चिंताएं सरकार के सामने रखी हैं।

 

फर्जी प्रोफाइल बनाकर हो सकती है धोखाधड़ी

 

दूरसंचार विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, WhatsApp का नया Username फीचर साइबर अपराधियों को नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों को ठगने का मौका दे सकता है। अधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे देश के नंबर या किसी प्रतिष्ठित अधिकारी की फोटो और उससे मिलता-जुलता यूजरनेम इस्तेमाल कर लोगों को धोखाधड़ी वाले कॉल या मैसेज भेज सकता है।

 

अधिकारी ने बताया कि यदि फोन नंबर सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देगा तो जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाएगा कि आरोपी भारत में है या विदेश में। पहले यदि किसी WhatsApp नंबर की शुरुआत +91 से होती थी तो जांच शुरू करना अपेक्षाकृत आसान होता था, लेकिन Username आधारित सिस्टम में यह प्रक्रिया और जटिल हो सकती है।

 

जांच एजेंसियों ने डेटा मिलने में देरी पर भी जताई चिंता

 

दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने यह भी कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने में WhatsApp कई बार पांच दिन या उससे भी अधिक समय लेता है। इससे साइबर अपराधों की जांच प्रभावित होती है और समय पर कार्रवाई करना कठिन हो जाता है।

 

दिल्ली पुलिस ने भी जताई चिंता

 

दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा कि Username फीचर लागू होने के बाद संदिग्धों की पहचान करना और मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि उपयोगकर्ता अपनी वास्तविक पहचान और फोन नंबर छिपाकर बातचीत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि WhatsApp का यह कदम काफी हद तक Telegram और Signal की तर्ज पर है, जहां पहले से Username के जरिए बातचीत की सुविधा उपलब्ध है।

 

Meta और WhatsApp से करेगी सरकार चर्चा

 

सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय जल्द ही Meta और WhatsApp के अधिकारियों के साथ इस फीचर पर विस्तृत चर्चा करेगा। सरकार यह आकलन करेगी कि Username फीचर का दुरुपयोग सरकारी संस्थाओं, अधिकारियों या प्रतिष्ठित संगठनों की नकली पहचान बनाकर लोगों को ठगने के लिए तो नहीं किया जा सकता।

 

सरकारी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि फीचर से सुरक्षा संबंधी जोखिम सामने आते हैं तो सरकार आवश्यक कदम उठा सकती है।

 

क्या है WhatsApp का नया Username फीचर?

 

Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp इस साल अपने प्लेटफॉर्म पर Username फीचर लॉन्च करने जा रहा है। इस फीचर के जरिए यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। कंपनी ने Username रिजर्व करने की शुरुआती सुविधा शुरू कर दी है और आधिकारिक रोलआउट इस वर्ष के अंत तक किया जाएगा।

 

WhatsApp का कहना है कि इस फीचर का उद्देश्य यूजर्स की गोपनीयता (Privacy) को और मजबूत बनाना है। खासकर ग्रुप चैट या नए लोगों से बातचीत के दौरान अब मोबाइल नंबर साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे व्यक्तिगत जानकारी अधिक सुरक्षित रहेगी। Edited by : Sudhir Sharma

Hardik Pandya: मुंबई इंडियंस और हार्दिक पांड्या की राहें होंगी जुदा! क्रिकेटर को लेने के लिए इन 7 टीमों के बीच मची होड़

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या इन दिनों काफी चर्चा में हैं। खबर है कि हार्दिक पांड्या आईपीएल के आने वाले सीजन से पहले मुंबई इंडियंस का साथ छोड़ सकते हैं। हार्दिक ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत 2015 में मुंबई इंडियंस से की थी और कई साल तक टीम का हिस्सा रहे। इसके बाद वह गुजरात टाइटंस में गए, जहां उन्होंने कप्तान के तौर पर एक टीम को एक ट्रॉफी भी जिताई। वहीं फिर बाद में मुंबई इंडियंस में बतौर कप्तान उनकी वापसी हुई। लेकिन हार्दिक के कप्तान बनने के बाद टीम का प्रदर्शन पिछले तीन सीजन में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

हार्दिक को टीम में लेना चाहती है ये टीमें

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल की ट्रेड विंडो के दौरान हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करने में सात फ्रेंचाइजी रुचि दिखा रही हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद को छोड़कर बाकी सभी टीमें इस स्टार ऑलराउंडर को अपने साथ जोड़ने की संभावनाएं तलाश रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, “हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करने की दौड़ में चेन्नई सुपर किंग्स सबसे आगे बताई जा रही है, वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स भी उन्हें हासिल करने की कोशिश में है। राजस्थान रॉयल्स का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है।”

बेंगलुरु में हुए शिफ्ट

दूसरी ओर PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, “हार्दिक ने अपने भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) को अपना स्थायी ट्रेनिंग सेंटर बना लिया है।” रिपोर्ट के मुताबिक, “हार्दिक पांड्या का यह फैसला काफी अलग माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) का इस्तेमाल सिर्फ चोट से उबरने, फिटनेस टेस्ट या राष्ट्रीय टीम के कैंप के दौरान ही करते हैं। हार्दिक मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से वह मुंबई में रह रहे थे और अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस के घनसोली स्थित ट्रेनिंग सेंटर में प्रैक्टिस करते रहे हैं।”

32 वर्षीय हार्दिक पांड्या इस समय क्वाड्रिसेप्स की चोट से उबर रहे हैं, जिसके कारण वह इंग्लैंड दौरे की मौजूदा सीमित ओवरों की सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब छह महीनों में उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम करने के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में काफी समय बिताया है।

खेत में उतरे-बोया धान, किसानों से इस अंदाज में सीएम डॉ. मोहन ने की ‘दिल की बात’

भोपाल। 'खेत में उतरे, धान बोया, हाथ में लेकर खाना खाया और किसानों से आत्मीय संवाद किया,' मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी जिले में अनोखे अंदाज में नजर आए। उन्होंने जनता को एक बार फिर बताया कि वे भी आम इंसान ही हैं। वे लगातार जनकल्याण का सोचते हैं। उनकी सादगी किसानों और आम लोगों को भा गई। लोग उनसे बातचीत करके उत्साहित नजर आए।

सीएम डॉ. मोहन ने बुधवार को सिवनी के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने सिवनी में धान महोत्सव में शिरकत की, कोदो कुटकी बोनस का वितरण किया और विकास कार्यों की सौगात दी। सीएम डॉ. यादव ने सिवनी में 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.8 करोड़ के भूमि-पूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन और कन्या पूजन किया। इसके अलावा सीएम यादव ने बालाघाट से सिवनी फोर लेन सड़क निर्माण, सिवनी के चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय और स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धान की फसल को जीआई टैग मिला है। मां लक्षमी की कृपा से रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आज प्रदेश के 3941 किसानों को 1000 रुपए मान से कोदो कुटकी बोनस के रूप में 282.99 करोड़ राशि दी गई है। राज्य सरकार श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस भी दे रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए अभियान शुरू हुआ है। इसके साथ ही आज मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की है। 

 

गरीबों का ध्यान रख रही राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष की सरकारों ने गरीब-जरूरतमंदों को कभी संबल योजना का नाम नहीं दिया। संबल योजना में सरकार दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और अपंगता आने पर 1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करती है। श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक के फ्री इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। राज्य सरकार हर वर्गों के गरीब, वंचित और आखिरी पंक्ति में बैठे लोगों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे सभी पात्र लोगों को आवास देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज सिवनी जिले के समग्र विकास के लिए 349.33  करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 144.8 करोड़ के 43 कार्यों के भूमि-पूजन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का को गरीबों की फसल कहा जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना शुरू कर देश-दुनिया में इसका मान बढ़ाया। श्रीअन्न में मौजूद तत्व सबसे जल्दी पचता है। राज्य सरकार ने पिछले साल से श्रीअन्न खरीदने की शुरुआत की है। इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का प्रभाव नजर आ रहा है। अगर बारिश कम होती है तो किसानों को तैयार रहना चाहिए कि वे कोदो कुटकी सहित सभी फसलों को तैयार कर लें। 

 

किसानों को कई योजनाओं का लाभ दे रही सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 3941 किसानों को 2829 मीट्रिक टन कोदो कुटकी के लिए 1000 रुपए मान से 2 हजार 83 लाख रुपए बोनस राशि दी गई है। राज्य में कोटो कुटकी के ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए भी काम जारी हैं। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगनी अरहर को जीआई टैग मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में अन्नदाता को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना के माध्यम से लाभ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धान की फसल के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी। राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के अंतर का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार खेत से लेकर बाजार तक हर क्षेत्र में मूल्य संवर्धन पर काम कर रही है।

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

Market Outlook: पिछले करीब तीन महीने से भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट, लेकिन कोई बड़ा मूव देखने को नहीं मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या जुलाई का महीना बाजार के लिए कुछ नया लेकर आएगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए अक्सर अच्छा साबित हुआ है। वहीं, मौजूदा आर्थिक हालात भी बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?

SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े जुलाई के पक्ष में इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘साल 2001 से 2025 के बीच 25 साल में निफ्टी 50 ने जुलाई में 18 बार बढ़त दर्ज की है। यानी करीब 72% बार बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान औसत रिटर्न 2.19% रहा। दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई निफ्टी के लिए तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना रहा है।’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुराने ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। लेकिन जुलाई में हर साल कुछ ऐसे फैक्टर देखने को मिलते हैं, जो बाजार को सपोर्ट देते हैं। इनमें सामान्य मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी शामिल हैं।

मौजूदा हालात भी बाजार के लिए अच्छे

जहोल प्रजापति का कहना है कि इस समय कई ऐसे फैक्टर हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर हो सकते हैं।

  • भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है।
  • कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
  • इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।
  • साल की शुरुआत में कमजोर पड़ा रुपया अब संभलता दिख रहा है।
  • विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो ये सभी बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।

चार्ट क्या बता रहे हैं?

SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि 1 जुलाई को निफ्टी ने अच्छी मजबूती दिखाई और बुलिश कैंडल बनाई। इंडेक्स ने 23,850-23,900 के सपोर्ट जोन को बचाए रखा। यही इलाका हालिया ब्रेकआउट एरिया और 50-DEMA के आसपास भी है। हालांकि, 24,000 के ऊपर पहुंचने के बावजूद निफ्टी को 100-DEMA के पास मजबूत रुकावट मिल रही है। यही वजह है कि बाजार अभी भी एक छोटी रेंज में फंसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि RSI अब धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और फिलहाल 55.13 पर है। जब तक RSI 50 से ऊपर रहेगा, तब तक बाजार का रुख पॉजिटिव माना जाएगा। हालांकि, असली तेजी का संकेत तभी मिलेगा, जब निफ्टी मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर निकल जाएगा। धामेजा ने यह भी कहा कि India VIX 2.63% गिरकर 13.24 पर आ गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशक फिलहाल ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं।

क्या 24,200 तक जा सकता है निफ्टी?

LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि 1 जुलाई को भी निफ्टी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स 24,000 के आसपास ही घूम रहा है, जिससे साफ है कि बाजार को अभी नई दिशा नहीं मिली है।

हालांकि, उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह सपोर्ट नहीं टूटता है, तो आने वाले दिनों में निफ्टी धीरे-धीरे 24,200 और उससे ऊपर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 1 जुलाई को निफ्टी 50 में 0.59% की तेजी आई और यह 24,005.85 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 0.58% चढ़कर 76,922.64 के स्तर पर पहुंच गया।

Vedanta Oil & Gas का शेयर 20% भागा, समूह की बाकी तीन कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

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वाशिंग मशीन में डाला, स्प्रे मारा और बाथरूम में… बेंगलुरु के डेकेयर में मासूमों के साथ हैवानियत

Viral News: आईटी दिग्गज कंपनी कैपजेमिनी के एचएएल परिसर स्थित डेकेयर सेंटर में दो-तीन साल के मासूम बच्चों के साथ कथित शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ईशान किशन बने नंबर 1 T-20I बल्लेबाज, अभिषेक शर्मा ने इस कारण खोया ताज

ईशान किशन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं। ईशान किशन आयरलैंड में खेले गए दोनों मैचों में सस्ते में आउट हो गए थे वहीं अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में 49 और दूसरे मैच में 0 रन बनाए थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अभिषेक शर्मा की नंबर एक रैंक कैसे छिन गई। दरअसल बीते टी-20 विश्वकप में भी अभिषेक शर्मा अमेरिका, पाक, नीदरलैंड्स, के खिलाफ 0 पर आउट हुए थे।

उन्होंने सिर्फ जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था। ऐसे में वह कुल इस साल 9 बार 0 पर आउट हो चुके हैं जिसके कारण उनको अपनी नंबर 1 रैंक गंवानी पड़ी।हालांकि उनको खुश होना चाहिए क्योंकि पहली रैंक अभी भी उनके हमवतन के साथ है।किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था।


अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 848 अंक के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।नवीनतम सूची में भारत के नए उपकप्तान तिलक वर्मा (747) छठे स्थान पर बने हुए हैं जबकि पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव एक स्थान नीचे आठवें स्थान पर खिसक गए हैं।

गेंदबाजों में भारत के वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह एक-एक स्थान के नुकसान से क्रमशः तीसरे और छठे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान शीर्ष पर बने हुए हैं।पुरुषों की टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में ट्रेविस हेड शीर्ष पर पहुंच गए हैं जबकि जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए।भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल एक स्थान के फायदे से छठे पायदान पर हैं जबकि यशस्वी जायसवाल एक स्थान नीचे खिसककर नौवें स्थान पर हैं। शीर्ष 10 से बाहर बल्लेबाजों में ऋषभ पंत 13वें स्थान के साथ सबसे अच्छी रैंकिंग वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। गेंदबाजों में बुमराह भारत के शीर्ष खिलाड़ी हैं।

इन 5 iPhones पर मिल रहा शानदार ऑफर, कीमत बढ़ने से पहले चेक करें डील

अगर आप नया iPhone खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे सही समय हो सकता है। जही हां, दरअसल कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple जल्द ही iPhone की कीमतें बढ़ा सकता है, और इसकी सबसे बड़ी वजह AI-बेस्ड मेमोरी चिप की कमी है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ रही है। हालांकि, Cupertino की इस टेक कंपनी ने कीमतों में बदलाव की जानकारी तो नहीं दी है, लेकिन हालिया लीक्स से संकेत मिलता है कि आने वाली iPhone 17 लाइनअप काफी महंगी हो सकती है। अब चलिए कीमतों की बढ़ोतरी से पहले, iPhone की बेहतरीन डील्स के बारे में सब कुछ जानते हैं।

iPhone की कीमतें क्यों बढ़ सकती हैं

टिपस्टर संजू चौधरी की ओर से सामने आई हालिया जानकारी से पता चलता है कि Apple के अगले iPhone लाइनअप की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। इस जानकारी के अनुसार, iPhone 17 Pro Max की कीमत ₹1,49,900 से बढ़कर लगभग ₹1,99,900 हो सकती है, जबकि स्टैंडर्ड iPhone 17 की कीमत ₹82,990 से बढ़कर ₹94,900 हो सकती है। हाल ही में पेश किए गए iPhone 17e की कीमत भी ₹64,900 से बढ़कर ₹74,900 होने की उम्मीद है। हालांकि, Apple ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है, इसलिए फिलहाल इन्हें सिर्फ अटकलें ही माना जाना चाहिए। लेकिन, यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब DRAM और NAND मेमोरी की बढ़ती लागत के बीच iPhone बनाने वाली कंपनी ने कई बाजारों में MacBook, iPad और HomePod के कई मॉडल्स की कीमतें बढ़ाई हैं। इंडस्ट्री के जानकारों ने इन कीमतों में बढ़ोतरी को AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग से जोड़ा है, जिसकी वजह से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में सप्लाई की दिक्कतें पैदा हुई हैं।

अभी देखने लायक पांच iPhone डील्स

अगर खबरों के मुताबिक कीमतें बढ़ती हैं, तो अभी मिल रहे इन ऑफर्स से ग्राहकों के काफी पैसे बच सकते हैं।

  1. iPhone 17 Pro Max

Flipkart ने कन्फर्म किया है कि 4 जुलाई से शुरू होने वाली Flipkart Goat Sale 2026 के दौरान, फ्लैगशिप iPhone 17 Pro Max 1,27,900 रुपये की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध होगा। इस फोन को कंपनी ने 1,49,900 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया था, यानी इस हैंडसेट पर सीधे 22,000 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है।

  1. iPhone 17 Pro और iPhone 17

iPhone 17 Pro असल में ₹1,12,900 में मिलेगा, जिस पर ₹22,000 की छूट भी मिल रही है। वहीं, स्टैंडर्ड iPhone 17 को ₹70,900 में खरीदा जा सकता है, जबकि लॉन्च के समय इसकी कीमत ₹82,900 थी।

  1. iPhone Air

Apple का सबसे पतला स्मार्टफोन, iPhone Air, अभी ₹95,900 में मिल रहा है, जो इसकी लॉन्च कीमत ₹1,19,900 से काफी कम है।

  1. iPhone 17e

जो लोग कम कीमत वाला ऑप्शन ढूंढ रहे हैं, वे iPhone 17e को ₹60,900 में खरीद सकते हैं, जो इसकी रिटेल कीमत से ₹4,000 कम है।

  1. iPhone 16

पिछले साल लॉन्च हुआ iPhone 16, जिसकी कीमत ₹79,990 थी, अभी Croma पर ₹66,490 में लिस्टेड है। यानी इस पर लगभग ₹13,500 की छूट मिल रही है।

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Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में 1 जुलाई को सोने में गिरावट आई। डॉलर में मजबूती और विदेशी बाजारों के ट्रेंड का असर भारत में सोने की कीमतों पर पड़ा। यह 1,300 रुपये गिरकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। उधर, चांदी की चमक बढ़ी। यह 5000 रुपये चढ़कर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश में लगातार तीसरे दिन सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.54 फीसदी गिरकर 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 1 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर रही। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “बुधवार को भारत में सोने पर दबाव दिखा। इसकी वजह डॉलर में मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। इसका असर कीमती मेटल की डिमांड पर पड़ा। “

डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने पर बनाया दबाव

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। यह 0.15 फीसदी चढ़कर 101.34 पर पहुंच गया।” डॉलर में मजबूती से विदेशी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

भारत में एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी

इधर, कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.46 फीसदी यानी 659 रुपये चढ़कर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.64 फीसदी यानी 1,461 रुपये की कमजोरी के साथ 2,25,582 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 30 फीसदी गिर चुका है सोना

इस साल गोल्ड की कीमतें जनवरी के आखिर में करीब 5600 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। इस लेवल से गोल्ड करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून तिमाही में गोल्ड में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ जून में यह 11 फीसदी गिरा। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने बुलियन पर दबाव बढ़ा दिया।

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अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से भी गिरा सोना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल में गोल्ड में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। बढ़ते इंटरेस्ट रेट के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है।