Venezuela Earthquake: इंडियन आर्मी ने 1 जुलाई (बुधवार) को ऑपरेशन अमिस्टैड के तहत वेनेजुएला के भूकंप प्रभावित इलाके में मलबे के नीचे फंसी एक 79 साल की बुजुर्ग महिला को सफलतापूर्वक निकाल लिया, ये बचाव ऑपरेशन अमिस्टैड के तहत चल रहे मानवीय अभियान का हिस्सा है। भारतीय आर्मी ने समय रहत
Kanpur–Kabrai section: केंद्र सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने नेशनल हाईवे-34 (NH-34) के कानपुर–कबरई सेक्शन पर 117.7 किलोमीटर लंबे 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब ₹7,145.14 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब कानपुर–कबरई सेक्शन पर आधुनिक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। 117.7 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना उत्तर प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती देगी और क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगी।
सरकार ने बताया कि नया कॉरिडोर 16 आर्थिक नोड्स (Economic Nodes) और 9 सामाजिक नोड्स (Social Nodes) को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे औद्योगिक निवेश, रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही एजुकेशन, हेल्थ और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी।
प्रोजेक्ट की लागत
इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹7,145.14 करोड़ की अनुमानित लागत आएगी। इसका निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) (टोल) मॉडल के तहत किया जाएगा। इसमें निजी कंपनी सड़क का निर्माण और संचालन करेगी। वहीं, निर्धारित अवधि तक टोल वसूलेगी। इस हाईवे के निर्माण से कानपुर, कबरई, सागर, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच तेज एवं सुरक्षित आवागमन संभव होगा।
समय की होगी बचत
इस हाईवे के बनने से कानपुर और कबरई के बीच यात्रा समय 3.5 घंटे से घटकर लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वहीं, तेज और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। इससे बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।
यह परियोजना सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक बेहतर और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगी। साथ ही, कबरई के खनन क्षेत्र से खनिज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों के परिवहन को भी गति मिलेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की संभावना है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की रफ्तार
सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर 16 आर्थिक नोड्स और 9 सामाजिक नोड्स को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे उद्योग, व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कबरई क्षेत्र अपनी खनिज संपदा और स्टोन माइनिंग के लिए जाना जाता है।
बेहतर सड़क संपर्क मिलने से खनिज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की ढुलाई तेज होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। कानपुर-कबरई एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और तेज माल परिवहन के जरिए यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
#Cabinet approves the construction of the 117.7-km, 4/6-lane access-controlled Kanpur–Kabrai section of NH-34 in Uttar Pradesh
The project has an estimated total capital cost of ₹7,145.14 crore#CabinetDecisions pic.twitter.com/aeWN6YwXIm
— Dhirendra Ojha (@DG_PIB) July 1, 2026
प्रोजेक्ट की बड़ी बातें
- 117.7 किमी लंबा हाईटेक 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे बनेगा।
- इस परियोजना की लागत ₹7,145.14 करोड़ है।
- अब कानपुर–कबरई यात्रा का समय 3.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा।
- मध्य प्रदेश के सागर, भोपाल सहित कई शहरों तक बेहतर सड़क संपर्क बढ़ेगा।
- खनन, कृषि और औद्योगिक उत्पादों के तेज परिवहन से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- 16 आर्थिक और 9 सामाजिक नोड्स की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

Share Market Update News : भारतीय शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों से जारी गिरावट पर आज विराम लग गया। भारतीय शेयर बाजार में आज जोरदार उछाल आया। बीएसई का सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76922.64 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24005.85 अंक पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 631.41 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 77110.08 अंक तक पहुंच गया था।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों से जारी गिरावट पर आज विराम लग गया। भारतीय शेयर बाजार में आज जोरदार उछाल आया। बीएसई का सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76922.64 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24005.85 अंक पर पहुंच गया।
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कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 631.41 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 77110.08 अंक तक पहुंच गया था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 तेजी के साथ बंद हुए। इटरनल में सबसे ज्यादा 5.89 फीसदी तेजी रही। इसके अलावा एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अडाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी उल्लेखनीय तेजी रही।
निफ्टी मिडकैप में 0.34 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.36 फीसदी तेजी आई। कच्चे तेल की कीमतों में कमी और भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदों से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कंपोजिट बढ़त में, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट में रहा। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने मंगलवार को 2556.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
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इससे पहले यानी मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। कारोबार के अंत में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। बिकवाली के दबाव में बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक गिरकर 76478.67 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी भी 80.50 अंकों की गिरावट के साथ 23865.75 के स्तर पर आ गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव रहा।
Sensex-Nifty Closes Green: शेयर मार्केट के लिए वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही ग्रीन रही। दो दिनों की गिरावट के बाद आज 1 जुलाई को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) ग्रीन रहे। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया था तो निफ्टी भी 24000 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर अच्छा माहौल दिखा और मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टरवाइज मार्केट को आज ऑटो, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर से अच्छा सपोर्ट मिला। निफ्टी रियल्टी 3% से अधिक तो निफ्टी एफएमसीजी 2% और निफ्टी ऑटो 1% से अधिक मजबूत हुआ। मार्केट पर आज आईटी सेक्टर ने दबाव डालने की काफी कोशिश की और सेंसेक्स के टॉप 3 लूजर इसी सेक्टर से रहे तो निफ्टी आईटी भी 2% से अधिक कमजोर हुआ। निफ्टी मेटल भी 1% कमजोर हुआ तो निफ्टी फार्मा भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। ओवरऑल मार्केट के इस मिल-जुले माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ढाई लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।
इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 631.41 प्वाइंट्स चढ़कर 77,110.08 और निफ्टी 50 भी 184.15 प्वाइंट्स उछलकर 24,049.90 तक पहुंचा था।
₹2.93 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत
एक कारोबारी दिन पहले यानी 30 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,73,57,184.467 करोड़ था। आज यानी 1 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,50,197.95 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,93,013.483 करोड़ का इजाफा हुआ है।
Sensex के 22 स्टॉक्स ग्रीन
सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 22 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज जोमैटो की पैरेंट एटर्नल, एशियन पेंट्स और एचयूएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा और टीसीएस में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

174 शेयर एक साल के हाई पर
बीएसई पर आज 4447 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2276 शेयर आज मजबूत हुए तो 1995 में गिरावट रही जबकि 176 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 174 शेयर एक साल के हाई और 92 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में शामिल जोफ्रा आर्चर को भारत के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से आराम दिया गया है। उनको शायद दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी मौका नहीं मिलेगा और अंतिम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ही वह इंग्लैंड का हिस्सा बनेंगे। उनको कार्यभार प्रबंधन के तहत बैंच पर बैठाया गया है।
इंग्लैंड ने टेस्ट मैचों की तरह ही T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच से 24 घंटे पहले अपनी अंतिम ग्याहर घोषित कर दी। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने विस्फोटक बल्लेबाजों को जगह दी है।इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम में कप्तान हैरी ब्रूक, जोस बटलर, जोर्डन कॉक्स, जैकब बेथेल, विल जैक्स, फिल सॉल्ट और टॉम बैंटन जैसे दमदार खिलाड़ी हैं।
भले ही इंग्लैंड के पास जोफ्रा आर्चर की सेवाएं नहीं है लेकिन, ल्यूक वुड साकिब महमूद जैसे बहुत तेज गति वाले गेंदबाज हैं और आदिल रशीद तथा रेहान अहमद जैसे चतुर स्पिन गेंदबाज भी हैं।
इसके अलावा काफी नजरें सैम करन पर भी होगी जो चोट के कारण आईपीएल नहीं खेल पाए थे। लेकिन उन्होंने टी-20 विश्वकप में कुछ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया था।
रिवरसाइड ग्राउंड पर औसत T20I अंतरराष्ट्रीय स्कोर 138 और उच्चतम स्कोर 195 है जो यहां खेले गए पिछले आठ मैच में गेंदबाजों के दबदबे की ओर इशारा करता है। इसलिए अगर बल्लेबाज विरोधी टीम की गेंदबाजी और यहां की पिचों के हिसाब से ढलने में अधिक समय लेते हैं तो इंग्लैंड बहुत तेजी से पांच मैच की सीरीज जीत सकता है।
England’s playing XI against India for tomorrow. pic.twitter.com/X9LzJNNVkE
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) June 30, 2026
इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम कुरन, लियाम डॉसन, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, और ल्यूक वुड।
Bullet train in Noida: दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना को लेकर गौतमबुद्ध नगर (NOIDA) में तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में तीन बुलेट ट्रेन स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने बनने वाला स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने अलाइनमेंट पर यूटिलिटी सर्वे का निरीक्षण पूरा कर लिया है। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है।
कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?
प्रोजेक्ट के तहत गौतमबुद्ध नगर जिले में कुल तीन स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें पहला स्टेशन दिल्ली के मयूर विहार से सटे क्षेत्र में होगा। जबकि दूसरा सेक्टर-96 में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने बनेगा। इसके अलावा तीसरा गौतमबुद्ध नगर (नॉलेज पार्क/विश्वविद्यालय क्षेत्र) के पास प्रस्तावित है। आगे चलकर बुलेट ट्रेन की यह लाइन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी।
राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने प्रस्तावित रूट पर यूटिलिटी का फिजिकल इंस्पेक्शन पूरा कर लिया है। अब डिजिटल मैपिंग और विस्तृत सर्वे के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि निर्माण के दौरान जल, सीवर, बिजली, गैस पाइपलाइन, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य अंडरग्राउंड सेवाओं को किस प्रकार सुरक्षित तरीके से शिफ्ट किया जाएगा।
सेक्टर 96 में अंडरग्राउंड बनेगा स्टेशन
परियोजना के अनुसार दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-96 तक का हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा। इस अंडरग्राउंड सेक्शन की कुल लंबाई लगभग 8.8 किलोमीटर होगी। सेक्टर-96 में बनने वाला स्टेशन भी भूमिगत होगा, जबकि आगे का ट्रैक एलिवेटेड स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
मयूर विहार से बुलेट ट्रेन की शुरुआत
रिपोर्ट के अनुसार, मयूर विहार से बुलेट ट्रेन की शुरुआत होगी। इसके बाद पहला प्रमुख स्टेशन सेक्टर-96 में बनाया जाएगा। यहां स्टेशन के लिए पहले प्रस्तावित स्थान को वर्टिकल गार्डन के पास से कुछ आगे शिफ्ट किया गया है ताकि पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो सके। इसके बाद दूसरा स्टेशन गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय एरिया के पास विकसित होगा। अंतिम चरण में लाइन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी, जिससे एयरपोर्ट को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
350 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार
बुलेट ट्रेन की अधिकतम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और औसत रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है। इसके संचालन के बाद दिल्ली से जेवर की यात्रा करीब 21 मिनट, जेवर से लखनऊ 1 घंटा 40 मिनट, जबकि दिल्ली से लखनऊ की दूरी लगभग 2 घंटे 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। दिल्ली से वाराणसी की यात्रा भी घटकर लगभग 3.5 से 4 घंटे रह जाएगी।
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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक, व्यावसायिक और निवेश गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। एक्सपर्ट का मानना है कि बुलेट ट्रेन स्टेशन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच बेहतर संपर्क बनने से क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख ट्रांजिट और आर्थिक हब के रूप में उभर सकता है।

Tata Motors has begun preparations to enter the UK passenger vehicle market, with the company estimating the process will take around two-and-a-half years. The move comes ahead of the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA), which will gradually allow duty-free exports of Indian-built electric vehicles to the UK through an annual quota system.
- Certification and dealer network planning already underway
- Duty-free EV quota to rise to 88,000 units annually under FTA
- Avinya EV range being developed with global markets in mind
Preparations underway for UK market entry
Speaking on the sidelines of the Sierra EV launch, Tata Motors Passenger Vehicles Managing Director and CEO Shailesh Chandra said the company has already started work on its UK market entry. “We are starting to tap that market opportunity. The go-to-market plan itself requires about two to two-and-a-half years of work, and that process has now begun,” Chandra said.
Chandra said preparing for the UK market involves a lengthy process that includes vehicle certification, compliance with local regulations and establishing distribution and after-sales operations. He did not indicate when commercial sales would begin.
Trade pact to open phased EV exports
Under the India-UK trade agreement, Indian-built electric vehicles will receive duty-free access to the UK through an annual quota from the sixth year of the agreement. The quota will begin at 17,600 vehicles a year and gradually increase to 88,000 units annually by the fifteenth year.
The UK is expected to be one of Tata Motors’ first new passenger vehicle export markets. As a right-hand-drive market, it requires fewer engineering changes than left-hand-drive markets for vehicles developed in India.
Exports to support future growth

The export plans come as Tata Motors expands its EV portfolio with the Sierra EV and the upcoming Avinya range. Our sister publication, Autocar Professional had earlier reported that the Avinya programme is being developed with global markets in mind, although Tata Motors has not yet disclosed which overseas markets it will enter first.
At its Investor Day earlier this year, Tata Motors said it plans to increase annual passenger vehicle sales to more than 1.2 million units by FY31 while expanding its portfolio from nine to 15 models. Exports are expected to play a bigger role in supporting that growth over the coming years.

After the Vespa Monaco edition, Mansory have revealed a customized Yamaha T-Max. The maxi scooter gets dual tone colour scheme pairing light blue and black along with a lot of carbon fibre parts all around.

Nayara Energy has slashed its petrol and diesel prices across India by Rs 5 per litre and Rs 3 per litre, respectively. With this, Nayara petrol price in Mumbai stands at Rs 111.66 per litre while diesel is Rs 97.99 per litre, both of which are similar to the fuel prices at the state-owned Indian Oil, HP and Bharat Petroleum pumps.
- First price cut after a reduction in global crude oil rates
- Marks a full reversal of Nayara’s fuel prices after March 2026 hike
Nayara is the country’s largest privately owned petrol pump network with over 7,000 fuel pumps, and the price cut is effective across India. The latest price cuts essentially reverse the previous hike from March 2026, when petrol and diesel prices rose by Rs 5 per litre and Rs 3 per litre, respectively. However, prices will vary from one state to another based on the taxes imposed on them.
This move comes after global oil prices have fallen due to easing geopolitical conflicts between Iran and the USA, and reduced concerns of oil supply disruptions. Notably, this is the first time retail fuel prices have been reduced after crude oil costs started falling. However, petrol and diesel prices at state-owned fuel pumps, such as Indian Oil, HP and Bharat Petroleum, are yet to be revised.

नॉर्वे के सितारा सॉकर खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड ने अपनी कुशलता दिखाते हुए 86वें मिनट में निर्णायक गोल किया जिससे नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर विश्वकप फुटबॉल में पहली बार नॉकआउट मैच जीता।जैसे ही नॉर्वे के पैट्रिक बर्ग गेंद लेकर पेनल्टी एरिया में पहुंचे, तीन डिफेंडर ने उन्हें घेर दिया। उन्होंने बड़ी कुशलता से इन तीनों डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को हालैंड की तरफ बढ़ा दिया जिन्होंने उसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। यह उनका मौजूदा टूर्नामेंट में तीन मैचों में पांचवां गोल है।
नॉर्वे की ओर से एंटोनियो नुसा ने 39वें मिनट में घुमावदार किक से गोल किया। आइवरी कोस्ट के लिए अमाद डियालो ने 74वें मिनट में बराबरी का गोल दागा।चौथी बार विश्व कप में भाग ले रहे नॉर्वे का अंतिम 16 में मुकाबला रविवार को ईस्ट रदरफोर्ड में पांच बार के चैंपियन ब्राजील से होगा जिसे उसने 28 साल पहले हराकर फुटबॉल जगत में तहलका मचा दिया था।
नॉर्वे 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रहा है। तब उसकी टीम ने ग्रुप के अपने अंतिम मैच में 83वें और 89वें मिनट में गोल करके ब्राजील के खिलाफ 2-1 से जीत के दम पर नॉकआउट राउंड में जगह बनाई थी।
हालैंड ने नॉर्वे के लिए 53 मैचों में रिकॉर्ड 60वां गोल किया। उनके इस गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी का गोल करने के लिए अथक प्रयास किए। उसे स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो के फ्री किक पर लिए गए शानदार शॉट से बराबरी करने का मौका भी मिला लेकिन नॉर्वे के गोलकीपर ओरजान नाइलैंड ने बड़ी खूबसूरती से उसे बचाकर खतरा टाल दिया। यह उनके चार बचाव में से आखिरी था।
मैनचेस्टर सिटी के लिए पिछले सत्र में प्रीमियर लीग में 27 गोल करके गोल्डन बूट जीतने वाले हालैंड ने लगातार 13 प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मैचों में गोल किए हैं। इस दौरान उन्होंने कुल 25 गोल किए हैं।
Erling Haaland and Martin Ødegaard lead the Viking Row at the World Cup in Dallas pic.twitter.com/ybWDwh0lfc
— Fox News (@FoxNews) June 30, 2026
नुसा ने 39वें मिनट में विश्व कप में अपना पहला गोल किया, जब उन्होंने पेनल्टी एरिया के बाएं कोने से कुछ कदम आगे बढ़ते हुए दो डिफेंडरों का गफलत में डालकर दाहिने पैर से लगाई गई जोरदार किक से गेंद को दूर वाले पोस्ट के अंदर भेज दिया था।आइवरी कोस्ट के गोलकीपर याहिया फोफाना ने गेंद को पकड़ने के लिए डाइव लगाई, लेकिन वह उनकी पहुंच से थोड़ी दूर थी। नॉर्वे के लिए खेले गए 28 मैचों में नुसा का यह नौवां अंतरराष्ट्रीय गोल था।
डियालो ने निकोलस पेपे के साथ मिलकर गेंद आगे बढ़ाई और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। पेपे ने पिछले मैच में आइवरी कोस्ट के दोनों गोल किए थे और 55वें मिनट में नाइलैंड ने उनके शॉट को रोक दिया था।हाफ टाइम से पहले आइवरी कोस्ट को गोल करने का मौका मिला जब नुसा को स्टॉपेज टाइम में पीला कार्ड दिखाया गया। पेपे ने फ्री किक ली लेकिन उनका हेडर गोलपोस्ट के बायीं ओर से बाहर निकल गया।

