Aastha Spintex IPO: तीन दिनों में 3 गुना भरा आईपीओ, पैसे लगाने से पहले चेक करें पूरी डिटेल्स

Aastha Spintex IPO: आईपीओ खुलने के तीसरे और आखिरी दिन आस्था स्पिटेंक्स तीन गुने से अधिक भर गया। इसके ₹170 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों की स्थिति प्रीमियम दिख रही है। फिलहाल यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹6 यानी 4.41% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई एंट्री होगी।

सब्सक्रिप्शन डिटेल्स

QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स)- 1.04 गुना

NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स)- 5.41 गुना

रिटेल इंवेस्टर्स- 1.73 गुना

टोटल- 3.06 गुना

(सोर्स: बीएसई, 01 Jul 2026 | 01:18:00 PM )

Aastha Spintex IPO: खास बातें

आस्था स्पिेंटक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून को खुला था और आज 1 जुलाई तक के लिए मौका खुला। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹125-₹126 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 110 शेयरों का है यानी कि खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,960 में बोली लगानी है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इन नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

कंपनी के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

OYO IPO का 75% पैसा कर्ज चुकाने में होगा खर्च! ₹6650 करोड़ के इश्यू को लेकर ये है ओयो का प्लान

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RRB Group D Result 2026: रेलवे बोर्ड ने ग्रुप डी परीक्षा 2024 का रिजल्ट आधिकारिक पोर्टल पर जारी किया, 32,000 से ज्यादा पदों के लिए हुई थी परीक्षा

RRB Group D Result 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा 2024 देने वाले परीक्षार्थियों के लिए यह जरूरी और अहम अपडेट है। रिजल्ट घोषित होने का इंतजार कर रहे परीक्षा में शामिल 01 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। आरआरबी ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर जारी कर दिया है। यह परीक्षा 32,438 पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसमें शामिल उम्मीदवार अपने क्षेत्रीय आधिकारिक पोर्टल पर जरूरी क्रेडेंशियल की मदद से रिजल्ट देख सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस परीक्षा में 1.08 करोड़ से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे।

आरआरबी ग्रुप डी सीबीटी परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद अब उम्मीदवारों को पीईटी, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। बोर्ड जल्द ही इसका शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घोषित करेगा। इससे पहले रेलवे भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में लेने वाले उन अप्रेंटिप्रें स अभ्यर्थियों से अपने अंक और डॉक्यूमेंट अपडेट करने के लिए 23 जून तक का समय दिया था।

कैसे और कहां से डाउनलोड कर सकेंगे रिजल्ट

आरआरबी ग्रुप-डी परीक्षा का रिजल्ट जल्द ही आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी किया गया है। उम्मीदवार यहां दिए स्टेप्स को फॉलो करके ग्रुप-डी परीक्षा का रिजल्ट डाउनलोड कर सकेंगे

  • ऑफिशियल वेबसाइट rrbcdg.gov.in पर विजिट करना होगा।
  • अब वेबसाइट के होमपेज पर रिजल्ट सेक्शन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद RRB Group D Result 2026 लिंक पर क्लिक करना होगा।
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।
  • अंत में इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।

रिजल्ट जारी होने के बाद

सीबीटी परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा PET, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। लिखित परीक्षा में पास होने के लिए जनरल एवं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत अंक, ओबीसी, एससी और एसटी उम्मीदवारों को 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है।

पीईटी के लिए नियम

लिखित परीक्षा पास करने के बाद चयन प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट का प्रावधान है। इसमें पुरुषों को एक बार में 35 किलोग्राम वजन के साथ 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में कवर करनी होगी। साथ ही 4 मिनट 15 सेकेंड में 1000 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। महिलाओं को एक बार में 20 किलोग्राम वजन के साथ 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में कवर करनी होगी। 5 मिनट 40 सेकेंड में 1000 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। लेकिन अप्रेंटाइसशिप ट्रेनिंग प्राप्त युवाओं को इस दौड़ से छूट होगी।

इस दिन हुई थी परीक्षा

आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के लिए सीबीटी परीक्षा का आयोजन 08, 09 जनवरी, 02, 03, 04, 05, 06, 09 और 10 फरवरी, 2026 को किया गया था। परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में संचालित की गई थी। इस परीक्षा के जरिये कुल 32,438 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

SBI Apprentice Admit Card 2026: एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से करें डाउनलोड, 7000 से ज्यादा पदों के लिए 11 जुलाई को है परीक्षा

सुकन्या समृद्धि योजना के नए इंट्रेस्ट रेट का हुआ ऐलान, बेटी के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक फंड बनाने के लिए करना होगा इतना निवेश

Sukanya Samriddhi Investment Calculator: सरकार ने छोटी बचत योजनाओं के नए ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। नए ऐलान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर मिलने वाले शानदार 8.2% के ब्याज को बरकरार रखा गया है। लगातार बढ़ती पढ़ाई की लागत और सुरक्षित भविष्य को देखते हुए माता-पिता के बीच इस सरकारी गारंटीड स्कीम का क्रेज तेजी से बढ़ा है।

अक्सर माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि बेटी की उच्च शिक्षा या शादी के लिए एक निश्चित टारगेट फंड जैसे- ₹10 लाख, ₹25 लाख या ₹50 लाख रुपये बनाने के लिए उन्हें हर महीने कितना पैसा बचाना होगा। आइए डेटा और सटीक कैलकुलेशन के जरिए इसका पूरा गणित समझते हैं।

टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित

वर्तमान 8.2% की सालाना ब्याज दर के आधार पर अलग-अलग फंड बनाने के लिए आपको हर महीने और सालाना इतना निवेश करना होगा:

टारगेट कैलकुलेटर: ₹10 लाख, ₹25 लाख और ₹50 लाख का फंड बनाने का गणित

नोट: इस स्कीम में आपको खाता खोलने के बाद केवल 15 वर्षों तक निवेश करना होता है, जबकि खाता 21 वर्ष पूरे होने पर मैच्योर होता है। तब तक बिना निवेश किए भी आपके बैलेंस पर कंपाउंडिंग ब्याज जुड़ता रहता है।

ब्याज दरों का बड़ा खेल: 0.3% के बदलाव से बदल जाते हैं लाखों रुपये

सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दरें सरकार द्वारा हर तिमाही रिव्यू की जाती हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि आधे या एक फीसदी के अंतर से क्या फर्क पड़ता है, लेकिन 21 साल के लंबे निवेश में यह मामूली बदलाव आपके फाइनल कॉर्पस को लाखों रुपये ऊपर-नीचे कर देता है।

अगर आप सालाना अधिकतम सीमा यानी ₹1.50 लाख का निवेश करते हैं, तो ब्याज दरों में बदलाव से आपके कुल फंड पर क्या असर पड़ता है:

7.7% ब्याज दर होने पर: 21 साल बाद मिलने वाली मैच्योरिटी राशि ₹66.88 लाख होगी।

8.2% होने पर: मैच्योरिटी पर कुल फंड बढ़कर लगभग ₹72 लाख हो जाता है।

8.5% ब्याज दर होने पर: यही फंड और ज्यादा रफ्तार पकड़कर करीब ₹75 लाख तक पहुंच जाता है।

इस प्रकार सिर्फ 0.3% से 0.5% का अंतर आपके फाइनल फंड में ₹3 लाख से ₹8 लाख तक का बड़ा अंतर पैदा कर देता है।

सुकन्या समृद्धि खाता खोलने की सबसे सही उम्र क्या है?

वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, बेटी के जन्म के तुरंत बाद या 1 वर्ष की उम्र के भीतर ही SSY खाता खुलवा लेना चाहिए। कानूनन आप बेटी के 10 वर्ष के होने से पहले कभी भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन जितनी देरी से आप शुरुआत करेंगे, आपके निवेश को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए उतना ही कम समय मिलेगा, जिससे मैच्योरिटी के वक्त मिलने वाली रकम काफी घट जाएगी।

क्या SSY अकेले बना सकती है ₹1 करोड़ का फंड?

अक्सर इंटरनेट पर लोग सर्च करते हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना से ₹1 करोड़ या उससे ज्यादा का फंड कैसे बनाएं। तकनीकी रूप से, सिर्फ सुकन्या योजना के भरोसे ₹1 करोड़ का कॉर्पस बनाना नामुमकिन है। इसका कारण यह है कि सरकार ने इस योजना में एक वित्तीय वर्ष के भीतर अधिकतम निवेश की सीमा ₹1.5 लाख तय कर रखी है। वर्तमान 8.2% की ब्याज दर पर भी अधिकतम निवेश करने के बाद फाइनल मैच्योरिटी वैल्यू ₹72 लाख से ₹75 लाख के बीच ही सिमट जाती है।

क्या है एक्सपर्ट्स की एडवाइस

अगर आपका टारगेट ₹1 करोड़ या उससे बड़ा है, तो आपको सुकन्या समृद्धि योजना के सुरक्षित और टैक्स-फ्री लाभ के साथ-साथ इक्विटी म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड में भी थोड़ा निवेश करना चाहिए। यह हाइब्रिड मॉडल आपके पोर्टफोलियो को सुरक्षा भी देगा और तगड़ा रिटर्न भी।

LIC Amritbaal Plan: LIC की इस धांसू स्कीम में हर ₹1000 पर ₹80 पक्का! बच्चों के फ्यूचर के लिए बेस्ट है ये प्लान

Govt clarifies stance on calling E20 programme an ‘experiment’ to Supreme Court

Fuel pump

The Office of the Attorney General for India has issued a clarification stating that media reports published on June 30 claiming the Government described the 20% Ethanol Blended Petrol (E20) programme as an “experiment” before the Supreme Court are incorrect. 

It was previously reported that while hearing Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL)’s appeal against a Karnataka High Court Order, the Attorney General told the court that the E20 programme was, quote unquote, an “experiment” and that its impact would be “clear by next year”. The Karnataka High Court’s order mandates that government-owned oil companies must honour their contractual agreements to purchase specific volumes of ethanol from a dedicated factory, preventing them from unfairly reducing orders. The Supreme Court, however, has put a hold on the order as oil companies argued that it could affect the nationwide E20 rollout policy proposed by the Central government.   

This comes at a time when the rollout of E20 has caused a lot of stir, especially among owners of older vehicles who have been experiencing drops in fuel efficiency. Moreover, it has been a year since the nationwide rollout of E20 blended petrol was implemented.

What did the clarification mention?

According to the statement, reports suggesting that the Attorney General told the Court the E20 programme was “still an ongoing experiment” or that “the impact of the policy would become clearer by next year” are “completely false” and do not reflect the submissions made on behalf of the Union of India. The Attorney General’s Office emphasised that “at no stage was any submission made that the Government’s Ethanol Blended Petrol (EBP) Programme or the E20 blending programme is an ‘experiment’.”

The Attorney General’s Office said that during the hearing, the submissions before the Supreme Court were confined to the litigation surrounding ethanol allocation to Dedicated Ethanol Plants. It informed the Court that similar writ petitions involving identical issues are pending before different High Courts and that Transfer Petitions are being filed to bring the matters before the Supreme Court for a common adjudication.

According to the clarification, the purpose of the proposed transfer is to avoid parallel proceedings and the possibility of conflicting judicial decisions, while enabling an expeditious resolution of the litigation so that ethanol supplies to Oil Marketing Companies for maintaining 20% ethanol blending with petrol under the national Ethanol Blended Petrol Programme are not affected.

The statement further said that, after considering these submissions, the Supreme Court held that the proposed Transfer Petitions should be filed and that status quo should continue with respect to ethanol allocation for the current Ethanol Supply Year 2025-26, insofar as the present matter is concerned.

With inputs from Mukul Yudhveer Singh

क्या एक हो जाएंगे पृथ्वी के सभी 7 महाद्वीप? वैज्ञानिकों ने बताया भविष्य का चौंकाने वाला नक्शा

7 continents

पृथ्वी पर मौजूद 7 महाद्वीप स्थिर नहीं हैं, बल्कि ये नीचे मौजूद पिघले लावे पर 'टेक्टोनिक प्लेटों' के जरिए तैर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, ये प्लेटें 2 से 10 सेंटीमीटर प्रति वर्ष (नाखून बढ़ने की रफ्तार) की गति से खिसक रही हैं। हर 30 से 50 करोड़ साल में ये महाद्वीप आपस में जुड़ते हैं और फिर अलग हो जाते हैं। आज से 30 करोड़ साल पहले ये 'पैंजिया' के रूप में एक थे और अब अगले 25 करोड़ सालों में दोबारा टकराकर एक नया 'सुपरकॉन्टिनेंट' बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।

 

1. महाद्वीपों की वर्तमान गति और बदलाव

ऑस्ट्रेलियाई प्लेट: यह सबसे तेज लगभग 7 सेमी प्रति वर्ष की दर से उत्तर (एशिया) की ओर बढ़ रही है।

अफ्रीकी प्लेट: यह यूरोप की तरफ बढ़ रही है, जिससे भूमध्य सागर लगातार सिकुड़ रहा है।

अमेरिकी प्लेट: उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका धीरे-धीरे यूरोप और अफ्रीका के करीब आ रहे हैं।

 

2. भविष्य की पृथ्वी: दो संभावित रूप (थ्योरी)

वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर मॉडल्स के जरिए भविष्य के सुपरकॉन्टिनेंट के दो रूप बताए हैं:

पैंजिया अल्टिमा/प्रॉक्सिमा: इसमें अटलांटिक और हिंद महासागर सिकुड़कर बंद हो जाएंगे। अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका सब एशिया से जुड़ जाएंगे। प्रशांत महासागर पूरी पृथ्वी को घेरने वाला इकलौता महासागर (Panthalassan Ocean) बन जाएगा।

अमासिया: इसमें प्रशांत महासागर सिमट जाएगा और उत्तरी अमेरिका सीधे एशिया से जाकर टकराएगा।

 

3. महामिलन के भयंकर परिणाम (आशंकाएं)

जब ये महाद्वीप आपस में टकराएंगे, तो पृथ्वी का भूगोल और पर्यावरण पूरी तरह बदल जाएगा, जो जीवन के लिए एक 'नरक' जैसा परिदृश्य तैयार कर सकता है:

विशाल पर्वतों का निर्माण: जैसे भारत और यूरेशिया की टक्कर से हिमालय बना, वैसे ही महाद्वीपों की इस महाटक्कर से आज के हिमालय से भी कई गुना ऊंचे पर्वत खड़े हो जाएंगे।

तीन तरफा मार (Triple Whammy): ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक अलेक्जेंडर फार्न्सवर्थ के अनुसार, भविष्य में तीन आपदाएं एक साथ आएंगी—महाद्वीपों के जुड़ने से अंदरूनी इलाकों का सूखना, बूढ़े हो रहे सूर्य की 2.5% अधिक तेज चमक, और भयंकर ज्वालामुखियों के कारण भारी मात्रा में $CO_2$ गैस का निकलना।

जानलेवा तापमान (50°C से 70°C): समुद्र की हवाएं अंदरूनी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाने के कारण केंद्र का भाग सूखा और भीषण गर्म रेगिस्तान बन जाएगा। गर्मियों में तापमान 70°C तक जा सकता है, जिससे अत्यधिक उमस के कारण स्तनधारी जीवों का पसीना सूख नहीं पाएगा।

सामूहिक विनाश (Mass Extinction): इस नए महाद्वीप का केवल 8% से 16% हिस्सा ही (ध्रुवों और तटों के पास) रहने योग्य बचेगा। बाकी 84% इलाका बंजर होने से इंसान, पेड़-पौधे और स्तनधारी जीव विलुप्त हो सकते हैं।

 

4. पृथ्वी की घूर्णन गति (रफ्तार) में बदलाव

महाद्वीपों के खिसकने के अलावा, पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूमने की गति भी लगातार सूक्ष्म रूप से प्रभावित हो रही है:

गति में कमी: चंद्रमा के ज्वारीय घर्षण (Tidal Friction) के कारण पृथ्वी की गति हर 100 साल में करीब 1.7 मिलीसेकंड धीमी हो जाती है।

हालिया तेजी: इसके विपरीत, 2020 के बाद से कोर की आंतरिक हलचल, ग्लोबल वार्मिंग (ग्लेशियरों का पिघलना) और मौसमी बदलावों (जैसे अल नीनो) के कारण पृथ्वी अस्थाई रूप से थोड़ी तेज घूम रही है। साल 2022 में इतिहास का सबसे छोटा दिन (24 घंटे से 1.59 मिलीसेकंड छोटा) दर्ज किया गया था।

 

निष्कर्ष: क्या डरने की जरूरत है?

भौगोलिक दृष्टि से यह प्रक्रिया “तेजी से” हो रही है, लेकिन इंसानी पैमाने पर यह बेहद धीमी है। महाद्वीपों को पूरी तरह आपस में टकराने में अभी 25 करोड़ साल का लंबा समय लगेगा। इसलिए, वर्तमान मानव सभ्यता को इससे डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।

SBI Apprentice Admit Card 2026: एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से करें डाउनलोड, 7000 से ज्यादा पदों के लिए 11 जुलाई को है परीक्षा

SBI Apprentice Admit Card 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में एप्रेंटिस के 7150 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवार अपने प्रवेश पत्र का इंतजार कर रहे हैं। बैंक इन उम्मीदवारों का इंतजार खत्म करते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर हॉल टिकट जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स अब अपने रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि का इस्तेमाल करके ऑफिशियल एसबीआई करियर पोर्टल से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

ऑफिशियल शेड्यूल के अनुसार, एसबीआई अप्रेंटिस ऑनलाइन परीक्षा 11 जुलाई, 2026 को होगी। एडमिट कार्ड में एग्जाम की तारीख, रिपोर्टिंग टाइम, शिफ्ट टाइमिंग, एग्जाम सेंटर का पता और एग्जाम के दिन के इंस्ट्रक्शन जैसी जरूरी डिटेल्स हैं। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पर दी गई सभी डिटेल्स को पहले ही डाउनलोड करके वेरिफाई कर लें।

एसबीआई अप्रेंटिस एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें?

कैंडिडेट्स अपना एसबीआई अप्रेंटिस 2026 हॉल टिकट डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • ऑफिशियल एसबीआई करियर वेबसाइट ibpsreg.ibps.in पर जाएं।
  • एसबीआई अप्रेंटिस एडमिट कार्ड 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि डालें।
  • सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।
  • आगे के लिए डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।

एसबीआई अप्रेंटिस एडमिट कार्ड 2026 पर दी गई जानकारी

उम्मीदवारों को एसबीआई अप्रेंटिस 2026 एडमिट कार्ड पर छपी ये जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए:

  • उम्मीदवार का नाम
  • रोल नंबर
  • रजिस्ट्रेशन नंबर
  • परीक्षा की तारीख
  • परीक्षा का समय और रिपोर्टिंग टाइम
  • परीक्षा केंद्र का नाम और पूरा पता
  • उम्मीदवार की फोटो और हस्ताक्षर

यदि एडमिट कार्ड में किसी भी प्रकार की गलती दिखाई दे, तो उम्मीदवार को तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।

एग्जाम के दिन के लिए जरूरी निर्देश

एसबीआई अप्रेंटिस 2026 एग्जाम में शामिल होने वाले उम्मीदवार जल्द से जल्द अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें। 11 जुलाई को होने वाली परीक्षा में सभी उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड की एक प्रिंटेड कॉपी परीक्षा केंद्र ले जाना होगा। यह एक जरूरी दस्तावेज है, जिसके बिना परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन लिखित परीक्षा और स्थानीय भाषा परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। अंतिम चयन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।

कितना मिलेगा स्टाइपेंड

एसबीआई अप्रेंटिस भर्ती के तहत देशभर में कुल 7150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को अलग-अलग एसबीआई शाखाओं में एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह भर्ती अप्रेंटिस अधिनियम 1961 के तहत आयोजित की जा रही है। साथ ही चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 15,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

Railway Technician Vacancy 2026: रेलवे में 10वीं पास के लिए बड़ा मौका, टेक्नीशियन के बंपर पदों पर भर्ती शुरू

चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से मासूम की मौत, क्या बोले जिम्मेदार?

chembur accident

मुंबई के चेंबूर में यूनिवर्सल हाई स्कूल की बस पर पेड़ गिरने से एक मासूम की मौत हो गई। हादसे में 10 बच्चे घायल हैं। सभी को अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। मुंबई पुलिस और BMC की टीम मामले की जांच कर रही है। जानिए मामले पर क्या कहते हैं जिम्मेदार? ALSO READ: Operation Tiger: क्या देवेंद्र फडणवीस के साथ भी वही हो रहा है जो कभी आडवाणी, गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के साथ हुआ था?

 

क्या है पूरा मामला?

मंगलवार दोपहर करीब 2:58 बजे चेंबूर इलाके में एक बड़ा पीपल का पेड़ स्कूल बस पर गिरने गिर गया। पेड़ गिरते ही बस चालक, कंडक्टर और स्थानीय नागरिकों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बचाने का प्रयास किया। 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की दोपहर 4:23 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।

 

मेयर ने दिए जांच के आदेश

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए, मेयर रितु तावड़े ने इस बात की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं कि क्या स्थानीय नागरिकों ने पहले इस पेड़ के संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराई थी। यदि अधिकारियों ने शिकायतों की अनदेखी की होगी, तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

क्या बोले मंत्री योगेश कदम?

महाराष्ट्र के मंत्री योगेश कदम ने चेंबूर हादसे पर कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटना दोबारा न हो; जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां सख्त कार्रवाई की जाती है। ALSO READ: केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़: सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि नोटिस

 

जनप्रतिनिधियों ने हादसे पर जताया दुख

शिवसेना MLC नीलम गोहे ने चेंबूर हादसे पर कहा कि यह बहुत ही बड़ी दुर्घटना है। जब कहीं बारिश होती है तो पेड़ अच्छे दिखते हैं लेकिन वो कब गिर जाएगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है जिसका मूल्यांकन किया जाता है। ऐसी घटनाएं बार-बार ना हों, इसे लेकर कुछ तो काम कर सकता है। इसे लेकर कुछ तो काम किया जा सकता है। इसे लेकर BMC का आपदा प्रबंधन विभाग और अधिक ध्यान दे सकता है।

 

भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि चेंबूर में पीपल का एक पेड़ स्कूल वैन पर गिरने के कारण एक बच्चे की मौत की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बरसात में समय पर पेड़ की छंटाई बहुत आवश्यक होती है और इसकी उपेक्षा करने के कारण इस तरह की घटनाएं होती हैं। पेड़ का जतन भी करना चाहिए लेकिन मनुष्य की जान की भी कीमत है। कल जो घटना हुई है उसकी भरपाई करना मुश्किल है। महानगरपालिका प्रशासन में पेड़ों की छंटाई करने की आवश्यकता है और जो पेड़ कमजोर हैं, उन्हें हटाने की भी आवश्यकता है।

भारत-PAK के 117 प्रमुख लोगों ने मोदी-शहबाज को पत्र लिखा:बोले- दुश्मनी खत्म करें, बातचीत और रिश्ते फिर शुरू हों

भारत और पाकिस्तान के 117 नेताओं, पूर्व अधिकारियों और सामाजिक हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खुली चिट्ठी लिखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चिट्ठी में दोनों देशों के रिश्ते सुधारने की अपील की गई है। भारत की ओर से फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मिर्वाइज उमर फारूक और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों ने इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने इसका समर्थन किया है। चिट्ठी में दोनों प्रधानमंत्रियों से कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके। लगातार तनाव से दोनों देशों के आम लोगों और खासकर युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

‘क्या हाइप है वैभव सूर्यवंशी? मुझे नहीं पता’श्रेयस अय्यर के बड़े बोल (Video)

 

श्रेयस अय्यर ने सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पदार्पण से दूर रखने के सवाल पर कहा है कि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि  वैभव सूर्यवंशी की कितनी हाइप है। इसका कारण यह है कि भारत के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान ना ही न्यूज ना ही इंस्टाग्राम फोलो करते हैं। ऐसे में उनके इस रवैये पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।

गौरतलब है कि सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ एक भी मैच खेलने का मौका नहीं दिया गया था। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा इस बात पर हो रही है कि क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करेंगे।

हालाँकि, श्रेयस ने भारत की योजनाओं के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “आप कभी नहीं जानते कि क्या होने वाला है। हम अभी अपनी योजनाओं के बारे में खुलकर बात नहीं कर सकते क्योंकि यह बहुत निजी मामला है। यह ऐसी चीज़ है जिस पर हम टीम के अंदर चर्चा करते हैं। हम सबको यह नहीं बता सकते कि हम किस संयोजन के साथ खेलेंगे और न ही विरोधी टीम को यह बता सकते हैं कि क्या होने वाला है।”निश्चित रूप से, वह एक बेहतरीन प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। और जब भी उन्हें खेलने का मौका मिलेगा, वे निश्चित रूप से शानदार प्रदर्शन करेंगे।”


श्रेयस ने कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियां बिल्कुल अलग चुनौती पेश करती हैं और उन्हें भरोसा था कि इस बार भारत बेहतर ढंग से तैयार है। “यहां आना हमारे लिए पूरी तरह से एक नया अध्याय है। हममें से कुछ लोग पहले इंग्लैंड में खेल चुके हैं, और हम वहां की परिस्थितियों, आइडिया और मैदान के आकार-प्रकार को जानते हैं। इसलिए हम एक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण सीरीज़ की उम्मीद कर रहे हैं।”

आयरलैंड में श्रेयस का बल्ला दोनों टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खामोश रहा, लेकिन कप्तान ने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें अपनी फ़ॉर्म की कोई चिंता नहीं है और उन्हें भरोसा है कि रन बनेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या कप्तानी की वजह से उनकी बल्लेबाज़ी पर दबाव बढ़ा है, तो उन्होंने कहा, “बिल्कुल नहीं।” “जिस तरह से मैं नेट्स में बॉल को टाइम कर रहा हूं, पिछले मैच में भी मुझे लगा कि मैं बहुत बढ़िया टाइमिंग कर रहा था, बस कभी-कभी कोई बॉल उछलकर अंदरूनी किनारे से लग गई। इससे यह साबित नहीं होता कि मेरी बल्लेबाज़ी कैसी है या मैं कितना दबाव ले रहा हूं।”

Trump Crypto Income: डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो से कितनी कमाई की? फाइलिंग के बाद सामने आया एक साल का ये आंकड़ा होश उड़ा देगा

Donald Trump Income news: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सालाना वित्तीय जानकारी सामने आई है। आंकड़े ऐसे हैं जो आपको चौंकने पर मजबूर कर सकते हैं। बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही साल में ट्रंप ने क्रिप्टो और मीमकॉइन से जुड़े बिजनेस के जरिए कम से कम $1.4 बिलियन (1.4 अरब डॉलर) की बंपर कमाई की है। ‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स’ के अनुसार, क्रिप्टो से हुई यह कमाई राष्ट्रपति ट्रंप की आय का अब तक का सबसे बड़ा जरिया बनकर उभरी है। इसके बाद उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर $7.6 बिलियन (7.6 अरब डॉलर) पर पहुंच गई है।

927 पन्नों के दस्तावेज में क्रिप्टो से बंपर कमाई का खुलासा

हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘सीएनबीसी टीवी 18’ की एक रिपोर्ट में एजेंसियों के इनपुट के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप की वित्तीय जानकारी के 927 पन्नों के आधिकारिक दस्तावेज सामने आए हैं। इससे पता चलता है कि डॉनल्ड ट्रंप की इस अरबों डॉलर की कमाई के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े क्रिप्टो सोर्स रहे हैं।

1- वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल: इस क्रिप्टो फर्म की सेल्स से ट्रंप ने $594 मिलियन (59.4 करोड़ डॉलर) से अधिक की कमाई की है। इस फर्म के को-फाउंडर्स में ट्रंप के बेटे और उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। विटकॉफ के बेटे जैक इस फर्म के सीईओ हैं।

2- मीमकॉइन बिजनेस और रॉयल्टी: ट्रंप के मीमकॉइन बिजनेस सीआईसी डिजिटल एलएलसी (CIC Digital LLC) ने $636 मिलियन (63.6 करोड़ डॉलर) की भारी इनकम की है। यह पूरी कमाई सेलिब्रेशन कॉइन्स के साथ हुए एक लाइसेंस समझौते से मिली रॉयल्टी के जरिए हुई है। सीआईसी ने डिजिटल वॉलेट में कम से कम $60 मिलियन (6 करोड़ डॉलर) मूल्य की विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी रखने का भी खुलासा किया है।

3- स्टेबलकॉइन होल्डको: इस कंपनी की हिस्सेदारी बेचने से अमेरिकी राष्ट्रपति को $197 मिलियन (19.7 करोड़ डॉलर) की मोटी रकम हासिल हुई है।

गोल्फ क्लब और मार-ए-लागो रिसॉर्ट से भी करोड़ों की आय

क्रिप्टो के अलावा डोनाल्ड ट्रंप के पारंपरिक बिजनेस और संपत्तियों से भी अच्छी खासी कमाई हुई है। ट्रंप के प्रसिद्ध ‘मार-ए-लागो’ रिसॉर्ट से उन्हें $77 मिलियन (7.7 करोड़ डॉलर) की आय हुई है। उनके नॉर्दर्न वर्जीनिया गोल्फ क्लब से $25 मिलियन (2.5 करोड़ डॉलर) की कमाई दर्ज की गई है।

एक साल में दोगुने हुए व्यक्तिगत निवेश, आलोचकों ने उठाए सवाल

वित्तीय फाइलिंग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 के अंत तक ट्रंप द्वारा किए गए व्यक्तिगत निवेशों की संख्या बढ़कर 6181 हो गई है। साल 2024 के अंत में यह संख्या 3314 थी। यानी निवेश की संख्या करीब दोगुनी हो चुकी है। निवेशों में आए इस भारी उछाल के बाद आलोचकों और विरोधियों ने एक बार फिर चिंता जताना शुरू कर दिया है। आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप राष्ट्रपति पद का फायदा उठाकर मुनाफा कमा रहे हैं और अपने राष्ट्रपति पद के दायित्वों तथा वित्तीय हितों को आपस में मिला रहे हैं।

ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन की सफाई: थर्ड-पार्टी संभाल रही है सारा काम

आलोचनाओं के बीच ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से इस पर सफाई दी गई है। कंपनी का कहना है कि ट्रंप की होल्डिंग्स और निवेश का प्रबंधन अब पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से थर्ड-पार्टी वित्तीय संस्थानों द्वारा किया जा रहा है। सभी निवेश संबंधी फैसले उन्हीं संस्थानों के पास सुरक्षित हैं। ट्रेडिंग पूरी तरह से एक ऑटोमेटेड प्रक्रिया के तहत की जा रही है। ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने दावा किया है कि इन लेन-देन में न तो खुद डॉनल्ड ट्रंप न उनके परिवार का कोई सदस्य और न ही उनकी कंपनी की कोई भूमिका है।

ट्रंप पर करोड़ों डॉलर का कर्ज और अदालती हर्जाना भी बकाया

इस बंपर कमाई और अरबों की नेटवर्थ के बीच ट्रंप की फाइलिंग में कई बड़े बकाए कर्ज भी सूचीबद्ध किए गए हैं। इसमें लेखिका ई जीन कैरोल द्वारा उनके खिलाफ जीते गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े दो अदालती फैसले शामिल हैं। इनका भुगतान होना बाकी है।

ट्रंप पर रियल एस्टेट से जुड़े तीन बड़े लोन भी बकाया हैं। इनमें ट्रंप टॉवर और ट्रंप नेशनल डोरल पर $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) से अधिक की रकम के मॉर्टगेज शामिल हैं। ट्रंप ने साल 2025 में ऐसे तीन मॉर्टगेज लोन पूरी तरह चुका दिए हैं, जिनकी वैल्यू कभी $50 मिलियन (5 करोड़ डॉलर) से अधिक हुआ करती थी।

ये भी पढ़ें- El Nino Shock: उबल रहे दुनिया के महासागर! जून में टूटा गर्मी का सारा रिकॉर्ड, सुपर अल नीनो मौसम को लेकर दे रहा खतरनाक संकेत