कानपुर से कबरई जाने में 3.5 की बजाय लगेंगे डेढ़ घंटे, यूपी में BOT मोड में NH-34 पर 4/6 लेन का एक्सेस सेक्शन पास, जानिए डिटेल

Kanpur–Kabrai section: केंद्र सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने नेशनल हाईवे-34 (NH-34) के कानपुर–कबरई सेक्शन पर 117.7 किलोमीटर लंबे 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब ₹7,145.14 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना बीओटी (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब कानपुर–कबरई सेक्शन पर आधुनिक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। 117.7 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना उत्तर प्रदेश के परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती देगी और क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगी।

सरकार ने बताया कि नया कॉरिडोर 16 आर्थिक नोड्स (Economic Nodes) और 9 सामाजिक नोड्स (Social Nodes) को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे औद्योगिक निवेश, रोजगार के अवसर और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही एजुकेशन, हेल्थ और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी।

प्रोजेक्ट की लागत

इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹7,145.14 करोड़ की अनुमानित लागत आएगी। इसका निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) (टोल) मॉडल के तहत किया जाएगा। इसमें निजी कंपनी सड़क का निर्माण और संचालन करेगी। वहीं, निर्धारित अवधि तक टोल वसूलेगी। इस हाईवे के निर्माण से कानपुर, कबरई, सागर, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के बीच तेज एवं सुरक्षित आवागमन संभव होगा।

समय की होगी बचत

इस हाईवे के बनने से कानपुर और कबरई के बीच यात्रा समय 3.5 घंटे से घटकर लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वहीं, तेज और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। इससे बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।

यह परियोजना सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक बेहतर और निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगी। साथ ही, कबरई के खनन क्षेत्र से खनिज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों के परिवहन को भी गति मिलेगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की संभावना है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की रफ्तार

सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर 16 आर्थिक नोड्स और 9 सामाजिक नोड्स को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे उद्योग, व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कबरई क्षेत्र अपनी खनिज संपदा और स्टोन माइनिंग के लिए जाना जाता है।

ये भी पढ़ें- Bullet train in Noida: गौतमबुद्ध नगर में बनेंगे बुलेट ट्रेन के 3 स्टेशन! दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट में बिग डेवलपमेंट

बेहतर सड़क संपर्क मिलने से खनिज, औद्योगिक सामान, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की ढुलाई तेज होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। कानपुर-कबरई एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना उत्तर प्रदेश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और तेज माल परिवहन के जरिए यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

प्रोजेक्ट की बड़ी बातें

  • 117.7 किमी लंबा हाईटेक 4/6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे बनेगा।
  • इस परियोजना की लागत ₹7,145.14 करोड़ है।
  • अब कानपुर–कबरई यात्रा का समय 3.5 घंटे से घटकर 1.5 घंटे रह जाएगा।
  • मध्य प्रदेश के सागर, भोपाल सहित कई शहरों तक बेहतर सड़क संपर्क बढ़ेगा।
  • खनन, कृषि और औद्योगिक उत्पादों के तेज परिवहन से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
  • 16 आर्थिक और 9 सामाजिक नोड्स की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

Bullet train in Noida: गौतमबुद्ध नगर में बनेंगे बुलेट ट्रेन के 3 स्टेशन! दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट में बिग डेवलपमेंट

Bullet train in Noida: दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना को लेकर गौतमबुद्ध नगर (NOIDA) में तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में तीन बुलेट ट्रेन स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने बनने वाला स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने अलाइनमेंट पर यूटिलिटी सर्वे का निरीक्षण पूरा कर लिया है। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है।

कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?

प्रोजेक्ट के तहत गौतमबुद्ध नगर जिले में कुल तीन स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें पहला स्टेशन दिल्ली के मयूर विहार से सटे क्षेत्र में होगा। जबकि दूसरा सेक्टर-96 में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने बनेगा। इसके अलावा तीसरा गौतमबुद्ध नगर (नॉलेज पार्क/विश्वविद्यालय क्षेत्र) के पास प्रस्तावित है। आगे चलकर बुलेट ट्रेन की यह लाइन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी।

राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने प्रस्तावित रूट पर यूटिलिटी का फिजिकल इंस्पेक्शन पूरा कर लिया है। अब डिजिटल मैपिंग और विस्तृत सर्वे के आधार पर यह तय किया जा रहा है कि निर्माण के दौरान जल, सीवर, बिजली, गैस पाइपलाइन, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य अंडरग्राउंड सेवाओं को किस प्रकार सुरक्षित तरीके से शिफ्ट किया जाएगा।

सेक्टर 96 में अंडरग्राउंड बनेगा स्टेशन

परियोजना के अनुसार दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-96 तक का हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा। इस अंडरग्राउंड सेक्शन की कुल लंबाई लगभग 8.8 किलोमीटर होगी। सेक्टर-96 में बनने वाला स्टेशन भी भूमिगत होगा, जबकि आगे का ट्रैक एलिवेटेड स्वरूप में विकसित किया जाएगा।

मयूर विहार से बुलेट ट्रेन की शुरुआत

रिपोर्ट के अनुसार, मयूर विहार से बुलेट ट्रेन की शुरुआत होगी। इसके बाद पहला प्रमुख स्टेशन सेक्टर-96 में बनाया जाएगा। यहां स्टेशन के लिए पहले प्रस्तावित स्थान को वर्टिकल गार्डन के पास से कुछ आगे शिफ्ट किया गया है ताकि पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो सके। इसके बाद दूसरा स्टेशन गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय एरिया के पास विकसित होगा। अंतिम चरण में लाइन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगी, जिससे एयरपोर्ट को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

350 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार

बुलेट ट्रेन की अधिकतम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा और औसत रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है। इसके संचालन के बाद दिल्ली से जेवर की यात्रा करीब 21 मिनट, जेवर से लखनऊ 1 घंटा 40 मिनट, जबकि दिल्ली से लखनऊ की दूरी लगभग 2 घंटे 10 मिनट में पूरी की जा सकेगी। दिल्ली से वाराणसी की यात्रा भी घटकर लगभग 3.5 से 4 घंटे रह जाएगी।

ये भी पढ़ें- दिल्ली की इस महिला के साथ उसके किराएदारों ने कर दिया ₹18 करोड़ का फ्रॉड! किराए पर देते हैं घर तो हो जाएं सावधान

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक, व्यावसायिक और निवेश गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। एक्सपर्ट का मानना है कि बुलेट ट्रेन स्टेशन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच बेहतर संपर्क बनने से क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख ट्रांजिट और आर्थिक हब के रूप में उभर सकता है।