हार्दिक पांड्या से मिलने के लिए साइकिल पर किया 12 घंटा का सफर, फैन को दिए 1.5 लाख

 

हार्दिक पांड्या के फैन ने ओडिशा से बैंगलूरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक का सफर अपने गृह राज्य से 12 दिनों तक साइकल पर पूरा किया। जब फैन के बारे में हार्दिक पांड्या को जानकारी मिली तो उन्होंने नखरा दिखाने के बजाए ना केवल उसे मिले  बल्कि उसके आने जाने का खर्चा दिया और विराट कोहली के वनएट जूते दिए साथ ही 1.5 लाख रुपए देकर वापस रवाना किया।

गौरतलब है कि हार्दिक पांड्या ने बैंगलूरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे। पंड्या मूल रूप से गुजरात के बड़ौदा के रहने वाले हैं लेकिन उन्होंने पिछले दशक में अधिकतर समय मुंबई में बिताया है और मुख्य रूप से अपनी आईपीएल टीम मुंबई इंडियन्स की घंसोली स्थित सुविधा में ट्रेनिंग की है। हालांकि अब बैंगलूरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रिहैबिलिटेशन को अपना स्थायी ट्रेनिंग केंद्र बनाने के मकसद से बेंगलुरु में रहने का फैसला किया है।

पंड्या का यह कदम इसलिए सभी का ध्यान खींच रहा है क्योंकि भारत के केंद्रीय अनुंधित खिलाड़ी आम तौर पर चोट से उबरने (रिहैबिलिटेशन), फिटनेस परीक्षण या राष्ट्रीय शिविर के लिए ही सीओई जाते हैं।अभी जांघ की चोट से उबर रहे 32 वर्षीय पंड्या ब्रिटेन के सीमित ओवरों के मौजूदा दौरे से बाहर हो गए थे। उन्होंने पिछले छह महीने में सीओई में काफी समय बिताया है।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने ने कहा, ‘‘हार्दिक मुंबई से बाहर जाना चाहते थे क्योंकि ट्रेनिंग के लिए रोजाना अपने लोअर परेल स्थित घर से आना-जाना एक समस्या बन गई थी। केंद्रीय अनुबंध वाले क्रिकेटर के तौर पर उन्हें सीओई में चोट के इलाज से लेकर कौशल ट्रेनिंग तक सभी सुविधाएं मिलेंगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए जब भी वह आईपीएल, राज्य या राष्ट्रीय टीम के साथ नहीं हों तो उन्होंने सीओई को अपना स्थायी आधार बनाने का फैसला किया है।’’

माना जा रहा है कि हार्दिक के पास अपने फिजियोथेरेपिस्ट और निजी स्ट्रेंथ एवं अनुकूलन कोच भी होंगे जो सीओई के बाहर ट्रेनिंग में उनकी मदद करेंगे।सूत्र ने कहा, ‘‘यह जब तक वह भारत के लिए सीमित ओवरों का क्रिकेट खेलते हैं तब तक बेंगलुरु में बसने जैसा है और उनका इरादा कम से कम अगले पांच से छह साल तक खेलने का है।’’