Market Trend : बाजार में तेजी कायम, एक्सपर्ट के सुझाए इन दो शेयरों में हो सकती हैं अच्छी कमाई

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी बढ़त देखने को मिल रही है। निफ्टी 24100 पर वापस आ गया है। निफ्टी में इंफोसिस, HCL टेक्नोलॉजीज,TCS,टेक महिंद्रा ओर इटरनल टॉप गेनर्स में शामिल हैं। जबकि NTPC,पावर ग्रिड कॉर्प,बजाज फाइनेंस,भारती एयरटेल और ONGC टॉप लूजर्स में से हैं। पावर,कैपिटल गुड्स और टेलीकॉम को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। IT इंडेक्स लगभग 3% ऊपर है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में आज के लिए अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24097-24128 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24176-24209/24261 पर है। इसके लिए पहला बेस 23859-23910 पर और बड़ा बेस 23719/23766-23809 पर है। जैसा कल कहा था,नई सीरीज के पहले दिन काउंटर चाल दिखी। निफ्टी रजिस्टेंस-1 (24038) तक पहुंचा। FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली जारी रही। निफ्टी और बैंक निफ्टी फ्यूचर्स में भी बिकवाली रही। FIIs का नेट शॉर्ट 4000 बढ़कर 2.60 लाख हो गया। 24000 पर या 100DEMA के नीचे कंसोलिडेशन के संकेत हैं।

कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बाजार के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है। फिलहाल रजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच ट्रेडिंग रेंज संभव है। 24000 पर ऑप्शन राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 पर 20 DEMA और 50 DEMA है। रजिस्टेंस-1 पर 100 DEMA है। इस रेंज में ऊपर बेचें, नीचे खरीदने की रणनीति रखें। निफ्टी IT कमजोर है। जबकि बैंक निफ्टी मजबूत है। 24128 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट संभव है। 23809 के नीचे कमजोरी और बढ़ सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58241-58423/58567 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58733-58839/59080 पर है। इसके लिए पहला बेस 57517 (10DEMA)-57710 पर है। बड़ा बेस 57710-57341 पर है। जैसा कहा था,बेस-1(10 DEMA)से शानदार रिवर्सल मिला। रेजिस्टेंस-1 का लक्ष्य भी हासिल हुआ। आखिरी घंटे में PSU बैंकों में जोरदार खरीदारी दिखी। मूविंग एवरजेज के क्लस्टर से मजबूत रिवर्सल आया। कच्चा तेल 71 डॉलर पर है। यह बैंकिंग के लिए बड़ा पॉजिटिव है। IT में कमजोरी के बीच,बैंक निफ्टी सबसे सुरक्षित दांव हो सकता है। 58000 पर कॉल-पुट की मजबूत पोजिशनिंग है। फिलहाल इंडेक्स 57710-58241 की रेंज में रह सकता है। 58241 के ऊपर निकलते ही 58567 तक तेजी की उम्मीद है। 58567 पर मजबूती की अगली बड़ी परीक्षा होगी। 58567 के ऊपर टिका तो रजिस्टेंस-2 का रास्ता खुलेगा फिलहाल बड़ी गिरावट की संभावना कम है। 57517-57438 के नीचे ही कमजोरी बढ़ेगी।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनका अदाणी एंटरप्राइजेज के फ्यूचर्स में 3152-3153 रुपए के आसपास, 3125 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 3220 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। एटरनल (जोमैटो) में भी इनकी 281.60 रुपए के ऊपर, 277 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 290 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Trading Plan: जारी रह सकता है बुल्स का जोश, निफ्टी फिर से हासिल कर सकता है 24200 का लेवल, बैंक निफ्टी भी 58700 के लिए तैयार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट: अविनाश शुक्ल के घर से मिले 1,121 अमेरिकी डॉलर, चंपत राय पर FIR की मांग

Ayodhya Ram Mandir donation theft

Ayodhya Ram Mandir donation theft : राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में जांच को आगे बढ़ाते हुए विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बुधवार को आरोपित अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की अवधि के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। अविनाश के घर से 1121 अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए हैं। अयोध्या के अभिवक्ता आज पुलिस से चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे। ALSO READ: अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

 

विवेचक ने बीते सोमवार को अविनाश से जेल में पूछताछ किए जाने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी थी। माना जा रहा कि दो दिनों की पूछताछ में उसके पास से कुछ ऐसी जानकारी मिली है, जिसके आधार पर चोरी हुए सामान की बरामदगी की जा सकती है।

न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को पत्र जारी कर आरोपित को विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। पुलिस अभिरक्षा की मांग और आरोपित के आवेदन पर सुनवाई आज होगी।

 

अविनाश के घर से क्या क्या मिला?

अविनाश के पास से ही अब तक सर्वाधिक 20 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है। उसकी निशानदेही पर ट्रस्ट की मौजूदगी में 20 लाख 39 हजार 220 रुपए, 1,121 अमेरिकी डॉलर, चांदी जैसी धातु की एक वस्तु, दो सोने की चेन और एक अंगूठी बरामद की गई। चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान चोरी और गबन किया गया था। उसी के खाते से 5 लाख रुपए ट्रस्ट के खाते में वापस भी कराए गए थे। ALSO READ: अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी जांच की समय सीमा बढ़ाई, 15 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
 

चंपत राय की मुश्किलें बढ़ी 

चढ़ावा चोरी मामले में अधिवक्ता गुरुवार को रामजन्मभूमि थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे। यह तहरीर अब तक पुलिस विवेचना से दूर रखे गए महासचिव चंपतराय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र व व्यवस्थापक गोपाल राव के विरुद्ध दी जाएगी। इसमें दोनों को विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

 

गौरतलब है कि इस मामले में अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष कुमार यादव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

Reel बनाते-बनाते फिल्म तक पहुँची ये नन्ही कलाकार । Priyanshi Jatwa | Rajasthan | Child Artist Pihu

5 साल की एक बच्ची। ना acting, ना setup, ना सुविधाएँ। सिर्फ गांव की सादगी, टूटा tripod, छत पर खड़े होकर upload होती reels…और मन से किया गया छोटा सा खेल। आज वही खेल उसे फिल्म के Lead Role तक ले आया। ये कहानी बताती है—सपनों को luxury नहीं, लगन चाहिए।
@priyanshi_vlogs07
@iampihuofficial

(Priyanshi Pihu Jatwa, Pihu Rajasthan, child content creator India, village girl film lead role, reel to real story, Rajasthan village talent, mini vlog viral India, rural India success story, child artist from village, inspirational village story, Rajasthani mimicry girl)

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

Crude Oil Price: US-ईरान बातचीत के बीच लगातार तीसरे सेशन में गिरे क्रूड के दाम, $71 के नीचे आया ब्रेंट का भाव

Crude Oil Price: ईरान और अमेरिका के बीच पॉजिटिव बातचीत की खबरों से कच्चे तेल में लगातार तीसरे सेशन में नरमी देखने को मिल रहा। क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल की शिपमेंट बढ़ी और US और ईरान के बीच इनडायरेक्ट बातचीत में प्रोग्रेस के संकेत दिखे।

सितंबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड पिछले दो सेशन में 3% से ज़्यादा गिरने के बाद $71 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $68 प्रति बैरल के आसपास था।

आज कच्चे तेल की कीमतों को क्या चला रहा है?

ब्लूमबर्ग ने US अधिकारी के हवाले से कहा कि स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट से तेल शिपमेंट बढ़कर 10 मिलियन बैरल प्रति दिन से ज़्यादा हो गया है, जो समुद्री ट्रैफिक को रोकने की ईरान की घटती क्षमता को दिखाता है। इस बीच, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चल रही बातचीत में हुई प्रोग्रेस का स्वागत किया।

कतर ने कहा कि अगले राउंड की बातचीत ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद जल्द से जल्द तय की जाएगी, जो लड़ाई शुरू होने पर एक एयर स्ट्राइक में मारे गए थे। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि ये सेरेमनी 4 जुलाई से शुरू होंगी और कई दिनों तक चलेंगी।

2020 के बाद से तिमाही में सबसे बड़ी गिरावट के बाद तेल की कीमतों में गिरावट जारी है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल का शिपमेंट – जो फारस की खाड़ी के प्रोड्यूसर्स को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने वाला एक ज़रूरी रास्ता है – वीकेंड में हुई झड़पों के बावजूद बिना रुके जारी रहा। हालांकि कुल सप्लाई कुछ हद तक सीमित है, यूनाइटेड अरब अमीरात ने अल्टरनेटिव लॉजिस्टिक्स के ज़रिए एक्सपोर्ट को लड़ाई से पहले के लेवल पर वापस ला दिया है, जबकि अमेरिकी तेल की कमज़ोर मांग के बीच अमेरिका के बड़े कच्चे तेल के बेंचमार्क डिस्काउंट पर आ गए हैं।

कतर में बातचीत से पहले, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग पर कंट्रोल बनाए रखने के अपने इरादे को फिर से पक्का किया, और अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम और लेबनान में लड़ाई सहित कुछ खास रुकावटों पर ज़ोर दिया, जो 60-दिन के सीज़फ़ायर पीरियड के दौरान बातचीत को मुश्किल बना रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को वर्जीनिया में रिपोर्टर्स से बात करते हुए दोहराया कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए।

Crude Oil Price: US-ईरान बातचीत में अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, ब्रेंट क्रूड $73 के पास

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LPG Price Today: एलपीजी सिलेंडर का नया रेट जारी, जानें- कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की आज कितनी है कीमत

LPG Rate Today: आज यानी 2 जुलाई को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों की तरफ से जारी ताजा दरों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942 और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,930 रुपये पर बनी हुई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 1 जुलाई से ₹183.50 की कटौती लागू है। इसका लाभ होटल, रेस्तरां, ढाबा और अन्य छोटे-बड़े कारोबारियों को मिल रहा है।

हालांकि, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। आम उपभोक्ताओं को अभी राहत का इंतजार है। फिलहाल, आम परिवारों को 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर पहले की कीमत पर ही मिलेगा। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 2 जुलाई को उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई को लागू की गई दरें ही प्रभावी हैं।

अब कब होगा रेट में बदलाव?

शहरवार कीमतों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण मामूली अंतर हो सकता है। गैस सिलेंडर की कीमतों में अगला संभावित बदलाव अब 1 अगस्त को होगा। शहरवार कीमतों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण मामूली अंतर हो सकता है। कमर्शियल एलपीजी के दामों में इस साल की पहली कटौती है।

कमर्शियल एलपीजी की नई कीमत अब 2,930 रुपये प्रति सिलेंडर होगी। जबकि पिछले महीने यह बढ़कर 3,113 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जब भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं।

चारों महानगरों में 19 किलोग्राम (कमर्शियल) सिलेंडर के नए दाम

1 जुलाई 2026 के अपडेट के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों में संशोधित कीमतें इस प्रकार हैं:-

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹183.50 घटकर अब ₹2,930.00 हो गई है (जो पहले ₹3,113.50 थी)।

कोलकाता: कोलकाता में इस सिलेंडर के दाम घटकर ₹3,081.50 पर आ गए हैं (पिछले महीने यह ₹3,255.50 पर था)।

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमत ₹2,885.50 तय की गई है।

चेन्नई: चेन्नई में भी कीमतों में कटौती के बाद नया भाव ₹3,100.00 के स्तर पर पहुंच गया है।

घरेलू गैस (14.2 किलोग्राम) उपभोक्ताओं को क्या मिला?

जहां एक तरफ कमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी कटौती की गई है। वहीं, आम जनता के रसोई बजट यानी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम अपने पुराने स्तर पर ही स्थिर बने हुए हैं:-

दिल्ली: ₹942.00कोलकाता: ₹968.00

मुंबई: ₹941.50

चेन्नई: ₹957.50

कीमतों में कटौती की मुख्य वजह

बाजार विशेषज्ञों और पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध के चलते पिछले कुछ महीनों में गैस की आपूर्ति बाधित हुई थी। इसके कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। हालांकि, अब अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में आई स्थिरता और भारत में एलपीजी के घरेलू उत्पादन में सुधार के चलते सरकार ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर लगे आपूर्ति प्रतिबंध हटा दिए हैं। इसका सीधा फायदा इस कटौती के रूप में सामने आया है।

इसके अलावा तेल कंपनियों ने छोटे व्यापारियों के लिए उपयोग में आने वाले 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी ₹13 की कमी की है। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹808.50 हो गई है। व्यावसायिक गैस सस्ती होने से बाजार में खाद्य वस्तुओं और रेस्टोरेंट के बिलों में थोड़ी नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

ये भी पढ़ें- जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Trading Plan: जारी रह सकता है बुल्स का जोश, निफ्टी फिर से हासिल कर सकता है 24200 का लेवल, बैंक निफ्टी भी 58700 के लिए तैयार

Trading Plan : कुछ दिनों की प्रॉफिट बुकिंग के बाद पिछले सेशन में अच्छी रिकवरी के आई। निफ्टीअपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा। तेल की कीमतों में और गिरावट के साथ ही Nifty 50 के ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना नजर आ रही है। हालांकि,बाजार जानकारों का कहना है कि मोमेंटम इंडिकेटर पूरी तरह से इसके पक्ष में नहीं हैं और 24,200 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो यह 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है। हालांकि,23,900-23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। वहीं,बैंक निफ्टी को 58,500-58,700 के जोन में रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। इस रेंज के ऊपर जाने पर ही 59,200-59,300 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। जानकारों का कहना है कि इसके लिए नीचे की तरफ,57,500 के लेवल पर सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी एक सीमित दायरे में ही बना रहा। यह इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन से यह 24,000 के स्तर के आसपास ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने की गति की कमी है। दायरे में उतार-चढ़ाव के बावजूद,शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है और इंडेक्स ने पूरे सेशन के दौरान मजबूती दिखाई है।

हालांकि,तेजी की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। हालांकि, जब तक निफ़्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है,तब तक तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ,इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन लगातार ऊपर की ओर बढ़ने की चाल जारी रख सकता है और निकट भविष्य में 24,200 या उससे भी ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,200, 24,500

अहम सपोर्ट: 23,800

स्ट्रैटेजी: 7 जुलाई की एक्सपायरी वाली Nifty 24,000 कॉल 152 रुपये पर खरीदें। स्टॉप-लॉस 120 रुपये और टारगेट 210 रुपये रखें।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

रूपक डे का कहना है कि बैंक निफ्टी ने बुधवार का सेशन बढ़त के साथ खत्म किया और एक बुलिश कैंडलस्टिक बनाया। यह निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाता है। इंडेक्स अभी भी एक कंसोलिडेशन रेंज में ट्रेड कर रहा है और अपने अहम मूविंग एवरेज (जैसे 20-दिन और 200-दिन के DMA) से ऊपर बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

अपट्रेंड के नए दौर की पुष्टि के लिए 58,500 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। ऐसे में ट्रेडर्स मौजूदा दायरे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57,800 और 57,500 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,500 और 58,700 पर दिख रहा है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 58,700

अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500

स्ट्रैटेजी: जुलाई एक्सपायरी का Bank Nifty 58,500 कॉल 795 रुपए के ऊपर खरीदें। स्टॉप-लॉस 680 रुपए और टारगेट 1,000 रुपए रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

भारत में डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (STT GDC इंडिया) अपना IPO लाना चाहती है। कंपनी इसे अगले साल लॉन्च करने की तैयारी में है। यह बात मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चली है। कंपनी AI-रेडी को-लोकेशन डेटा सेंटर सर्विस देने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के बीच एक जॉइंट वेंचर है। ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स के पास 74 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस के पास 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सूत्रों का कहना है कि STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर के बीच फंड जुटाने की योजना बना रही है। अभी के लिए इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल और सिटी को एडवाइजर रखा गया है। IPO पर काम शुरू हो गया है। बाद के स्टेज में और एडवाइजर्स को भी शामिल किया जा सकता है।

कितनी वैल्यूएशन पर नजर

कंपनी 6-7 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है। हालांकि अभी प्लानिंग शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मार्केट की स्थितियों के आधार पर इश्यू का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है।

2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य

STT GDC इंडिया 2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। कंपनी के पास कई फॉर्च्यून 500 कंपनियों सहित अलग-अलग तरह के कस्टमर हैं। इस साल की शुरुआत में, STT GDC इंडिया ने चेन्नई में अपने चौथे डेटा सेंटर को लॉन्च करने की घोषणा की थी। डेटा सेंटर सेगमेंट में घरेलू लिस्टिंग की तैयारी करने वाली अन्य कंपनियों में सिफी इनफिनिट स्पेस लिमिटेड और योटा डेटा सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

OYO IPO का 75% पैसा कर्ज चुकाने में होगा खर्च! ₹6650 करोड़ के इश्यू को लेकर ये है ओयो का प्लान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या भविष्य में बचा रहेगा इंडिया गठबंधन?

india alliance

-शिवांगी सक्सेना

भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता का प्रतीक रहा इंडिया गठबंधन अब आंतरिक चुनौतियों से जूझता दिखाई दे रहा है। सहयोगी दलों के बीच बढ़ती दूरियां और नेतृत्व को लेकर असहमति इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

हाल ही में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने साफ किया कि वह इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं रहेगी। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान डीएमके इस गठबंधन की प्रमुख सहयोगी थी। लेकिन 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। डीएमके 8 जून को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई। उसके साथ आम आदमी पार्टी ने भी गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है। 

 

डीएमके का कहना है कि कांग्रेस ने पिछले महीने उसके साथ दो दशक पुराने अपने राजनीतिक रिश्ते से अलग होकर अभिनेता से राजनेता बने विजय की टीवीके सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था, जो 'विश्वासघात' है। 

 

साल 2023 में 28 विपक्षी दलों ने मिलकर बीजेपी और उसके एनडीए गठबंधन के खिलाफ इंडिया नाम का गठबंधन बनाया था। हालांकि हाल की बैठक में सिर्फ 23 दल शामिल हुए। इस दौरान निर्णय लिया गया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ना और साझा रणनीति अपनाना जरूरी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या अगले लोकसभा चुनाव तक इंडिया गठबंधन अपनी एकजुटता बनाए रख पाएगा या नहीं? ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

इंडिया गठबंधन का जन्म

विपक्षी एकजुटता की पहल की शुरुआत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और अब एनडीए में शामिल हो चुके नीतीश कुमार ने की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समाजवादी पृष्ठभूमि से आने के कारण उनकी पहली कोशिश आरजेडी, जेडीयू, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल जैसे समाजवादी दलों को एक मंच पर लाने की थी। हालांकि इस प्रयास में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

 

2022 में नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाई। उन्होंने दिल्ली में विभिन्न विपक्षी नेताओं से मुलाकातें भी कीं। नीतीश, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ साझा विपक्षी मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहे थे। उसी साल महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था। एकनाथ शिंदे और शिवसेना के अन्य विधायकों ने बगावत कर दी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे को इस्तीफा देना पड़ा। महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई।

 

नीतीश कुमार ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), डीएमके, शिवसेना (उद्धव गुट), एनसीपी, आम आदमी पार्टी (आप) और वाम दलों सहित सभी क्षेत्रीय विपक्षी दलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। 17 और 18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई बैठक में विपक्षी गठबंधन को आधिकारिक रूप से 'इंडिया अलायंस' नाम दिया गया।

 

शुरुआत से चली आ रही अस्थिरता

इंडिया गठबंधन की नींव 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने के उद्देश्य से रखी गई थी। इसके गठन के दौरान नेतृत्व को लेकर मतभेद सामने आए। राजनीतिक विश्लेषक सुनील कश्यप डीडब्ल्यू हिंदी को बताते हैं कि ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल, दोनों नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। बाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गठबंधन का अध्यक्ष चुना गया।

 

राज्य विधानसभा चुनावों में इसके सहयोगी दल अक्सर अलग-अलग रास्तों पर चलते दिखाई दिए। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में आप और सपा ने कांग्रेसके साथ सीटों का समझौता न होने पर अकेले चुनाव लड़ा। हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और आप के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन सकी। वहीं पश्चिम बंगालमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने हर चुनाव बिना गठबंधन के लड़ा। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

कांग्रेस प्रवक्ता गौतम सेठ डीडब्ल्यू हिंदी से कहते हैं, “हरियाणा जैसे राज्यों में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़कर कांग्रेस के वोट काटे, जिसका फायदा भाजपा को मिला। डीएमके को भी तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद क्षेत्रीय दलों को यह समझना चाहिए कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मौजूद कांग्रेस के नेतृत्व वाले व्यापक विपक्षी मंच के साथ आना होगा।”

 

इंडिया गठबंधन का कितना फायदा  

2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं। यह 2014 में मिली 44 सीटों और 2019 में मिली 52 सीटों के मुकाबले बड़ी बढ़त थी। अब 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने भी कांग्रेस को मौका दिया है।

 

सुनील कश्यप याद दिलाते हैं कि 2021 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को केरल, पश्चिम बंगाल, पुद्दुचेरी और असम में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद, 2024 के लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन का अहम हिस्सा बनकर कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की।

 

डीडब्ल्यू हिंदी ने राजनीतिक विश्लेषक और 'वोटवाइब इंडिया' के संस्थापक अमिताभ तिवारी से भी बातचीत की। उनका कहना है कि राहुल गांधी अपनी ऐसी छवि बनाने में सफल रहे हैं कि वे भाजपा का लगातार विरोध करते हैं और कभी भाजपा में शामिल नहीं होंगे।

 

क्या इंडिया गठबंधन आगे बढ़ पाएगा?

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने एक इंटरव्यू में कहा कि संगठनात्मक सीमाओं के बावजूद कांग्रेस आज भी देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर वाली विपक्षी पार्टी है। केवल एक चुनाव के नतीजों के आधार पर क्षेत्रीय दलों को अप्रासंगिक मान लेना भारतीय मतदाताओं की समझदारी और राजनीतिक परिपक्वता के साथ न्याय नहीं होगा। क्षत्रीय दलों की राष्ट्रीय दृष्टि और समावेशी सोच, उन कुछ तथाकथित राष्ट्रीय दलों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक है।

 

लेखक और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई के अनुसार, किसी भी गठबंधन में सभी दल बराबरी की स्थिति में नहीं होते। ऐसे में गठबंधन अक्सर किसी एक विचारधारा से नहीं, बल्कि चुनाव जीतने के उद्देश्य से बनते हैं। उन्हें चलाने के लिए मजबूत और प्रभावशाली दल की जरूरत होती है जो पूरे गठबंधन का नेतृत्व कर सके। ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, एमके स्टालिन, अरविंद केजरीवाल और पिनराई विजयन जैसे नेता चाहते थे कि गठबंधन में उन्हें बराबरी का दर्जा मिले, यानी उन्हें कांग्रेस से कम न आंका जाए। 

 

किदवई उदाहरण देते हुए समझाते हैं, “इंजन आगे बढ़ता है और बाकी डिब्बे उसके साथ चलते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की डोर भाजपा और केरल में यूडीएफ की रस्सी कांग्रेस के हाथ में है। वे अपने-अपने गठबंधन की सबसे मजबूत पार्टियां हैं। 1977 की जनता पार्टी से लेकर 1996 के नेशनल फ्रंट तक, ज्यादातर बड़े गठबंधन सत्ता हासिल करने या सरकार बदलने के लक्ष्य के साथ बने। लेकिन जैसे ही यह लक्ष्य पूरा हुआ या पूरा नहीं हो सका, धीरे-धीरे उनके सहयोगी अलग होते चले गए।”

 

किदवई का मानना है कि गठबंधन के लगभग सभी दलों की पहली प्राथमिकता अपनी पार्टी को मजबूत करना होती है। यही वजह है कि गठबंधन में साथ काम करने की इच्छा तो है लेकिन एक-दूसरे पर पूरा भरोसा अभी भी नहीं बन पाया है। 

 

डीडब्ल्यू हिंदी से बातचीत में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सर्वेश मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी का अब इंडिया गढ़बंधन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उसने दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल में अपने ही गठबंधन के सहयोगी दलों के खिलाफ चुनाव लड़ा, “जिस प्रकार भाजपा क्षेत्रीय दलों को खत्म करती है, उसी तरह कांग्रेस भी क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की राजनीति कर रही है।”

 

उत्तर प्रदेश चुनाव हो सकता है निर्णायक 

अमिताभ तिवारी मानते हैं कि कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों के कमजोर होने का फायदा सीधे कांग्रेस को मिला। केरल में वाम दलों के कमजोर होने का लाभ कांग्रेस को मिला। जबकि डीएमके की हार के बावजूद टीवीके को उन्होंने समर्थन दिया।

 

वह आगे बताते हैं, “इस गठबंधन का भविष्य आने वाले विधानसभा चुनावों, खासकर पंजाब और सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश, पर काफी हद तक निर्भर करेगा। अगर उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव अच्छा प्रदर्शन करते हैं और समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो इंडिया गठबंधन को नई मजबूती मिलेगी।”

 

अमिताभ की मानें तो इससे आप और डीएमके जैसे दलों पर भी गठबंधन में दोबारा शामिल होने का राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। लेकिन अगर यूपी में भाजपा की सरकार लौटी, तो इंडिया गठबंधन का अस्तित्व खत्म मुश्किल में पड़ सकता है।

 

समाजवादी पार्टी प्रवक्ता दीपक रंजन कहते हैं, “कांग्रेस के साथ हमारा सिर्फ गठबंधन है, विलय नहीं। उत्तर प्रदेश में सपा सबसे बड़ी पार्टी है। सीट बंटवारे के समय कांग्रेस को यह ध्यान रखना चाहिए। उसी के अनुरूप फैसला होगा।”

 

अमिताभ का कहना है कि इंडिया गठबंधन का कोई स्पष्ट ढांचा नहीं है। इसमें न तो कोई तय नेतृत्व है और न ही कोई लिखित दस्तावेज है, जिससे उसके उद्देश्यों की स्पष्टता पता चल सके।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Noida Airport News: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए 9 नए शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा की है। इस नए विस्तार के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जुड़ने वाले शहरों की कुल संख्या अब 15 हो जाएगी। एयरलाइन ने बुधवार 1 जुलाई को इन नई सेवाओं की शुरुआत की। इनमें जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़ (अजमेर), पंतनगर और जम्मू शामिल हैं।

एयरलाइन ने 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर बिजनेस ऑपरेशन शुरू किया था। उद्घाटन उड़ान लखनऊ से नोएडा के बीच संचालित हुई थी। इसके बाद से एयरलाइन बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ानें चला रही है। इंडिगो का यह विस्तार केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। यात्रियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नेटवर्क और मजबूत होगा

1 जुलाई से शुरू हुई नई सेवाओं के बाद नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो द्वारा जुड़े शहरों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। इसी दिन से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नोएडा से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो जहां अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं, बरेली के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा किशनगढ़ (अजमेर) के लिए मंगलवार, गुरुवार और रविवार को फ्लाइट उपलब्ध रहेगी।

इन नए शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें

इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए रूटों में देश के कई प्रमुख और पर्यटन शहर शामिल हैं:-

जयपुर, जोधपुर और देहरादून

धर्मशाला, बरेली और किशनगढ़ (अजमेर)

देहरादून, पंतनगर और चंडीगढ़

अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट

इंडिगो अधिकांश नए शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, बरेली के लिए उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेंगी। जबकि किशनगढ़ (अजमेर) के लिए उड़ानें मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उपलब्ध होंगी।

10 जुलाई से श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

इंडिगो 10 जुलाई से नोएडा-श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान सेवा भी शुरू करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि फिलहाल नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए उड़ानें चंडीगढ़ के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर लेगा। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू किए जाने की उम्मीद है।

नई किराया कैटेगरी ‘IndiGo Lite Fare’

इसी बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘IndiGo Lite Fare’ नाम से नई एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया श्रेणी शुरू की है। इसमें केवल केबिन बैगेज शामिल होगा और सीट चयन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस किराए में फ्री चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत होगी, उन्हें इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।

अकासा एयर के बाद इंडिगो की बड़ी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को अकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं, जो वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अब इंडिगो ने भी लखनऊ से नोएडा के बीच अपनी उद्घाटन उड़ान के साथ परिचालन का विस्तार कर दिया है। इसके अलावा कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें चला रही है।

नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

एनआईए (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 10 जुलाई से नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इसके साथ ही श्रीनगर के लिए भी सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान में एयरलाइन के पास नोएडा-जयपुर-मुंबई रूट का लेओवर (Layover) विकल्प है। जबकि नोएडा से नवी मुंबई और नोएडा से श्रीनगर की उड़ानें चंडीगढ़ होकर रूट की जाएंगी।

इंडिगो के नोएडा एयरपोर्ट से 9 नए रूट शुरू होने के प्रमुख फायदे

यात्रियों को अधिक विकल्प: नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को अब कई शहरों के लिए सीधे या बेहतर कनेक्टिविटी वाली उड़ानें मिलेंगी। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

समय की बचत: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे।

पर्यटन को बढ़ावा: जयपुर, धर्मशाला, देहरादून, जम्मू और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा: नए हवाई संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेशकों के लिए नोएडा तथा आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।

रोजगार के अवसर: उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरपोर्ट, एयरलाइन, होटल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्षेत्रीय विकास: बरेली, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से उनका आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी: कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शुरू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ होगा, जिससे विदेश यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

सस्ती यात्रा का विकल्प: इंडिगो की नई IndiGo Lite Fare योजना के तहत केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को कम किराए में टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

ये भी पढ़ें- IMD Weather Forecast Update: दिल्ली-NCR से लेकर यूपी-बिहार तक…पूरे देश में मानसून का कहर! कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश, आंधी-तूफान और बाढ़ का भी खतरा