Ram Mandir Chanda Chori: चढ़ावे के सोने को बना दिया बिस्कुट और फिर… राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सनसनीखेज खुलासा

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस बात की जांच कर रही है कि क्या मंदिर से कथित तौर पर चोरी किए गए सोने के आभूषणों को पहचान मिटाने के लिए उसे गलाकर सोने के बिस्किट (Gold Biscuits) में बदल दिया गया। फिलहाल, SIT इस पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है। यह अभी संदेह और जांच का विषय है कि कथित तौर पर चोरी किए गए सोने को वास्तव में गलाकर बिस्किट बनाया गया था या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। ‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपियों ने चोरी किए गए सोने और चांदी के गहनों को पिघला दिया होगा ताकि उनकी पहचान मिटाई जा सके। कई बार छापेमारी और तलाशी के बाद भी सोने-चांदी के गायब गहने नहीं मिले, जिसके बाद जांच की दिशा में तेजी आई है।

मंदिर के इंचार्ज से पूछताछ तेज

जांच के सिलसिले में राम मंदिर गए SIT अधिकारियों ने मंदिर के इंचार्ज KD बाबू से गहनों और अन्य कीमती चढ़ावे के रखरखाव, उनकी इन्वेंट्री, स्टोरेज और देखभाल के बारे में पूछताछ की। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच टीम ने गहनों और अन्य कीमती दान का रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही सरकारी कंपनी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Mint) के साथ हुए लेन-देन का रिकॉर्ड भी मांगा है।

जांचकर्ताओं ने अभी तक के जांच में पाया है कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की तिमाही बैठकों में ज्यादातर ध्यान कैश दान और रेवेन्यू पर होता था। जबकि सोने, चांदी और अन्य कीमती चढ़ावे की डिटेल्स इन्वेंट्री बनाए रखने या उसकी समीक्षा करने पर बहुत कम ध्यान दिया जाता था। ‘इंडिया टुडे’ ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

आभूषण नहीं मिले, इसलिए SIT ने बदली जांच की दिशा

जांच एजेंसियों को लगातार छापेमारी और तलाशी के बावजूद कथित तौर पर गायब सोने-चांदी के आभूषण नहीं मिले। इसके बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को शक है कि आरोपियों ने आभूषणों को पिघलाकर उनकी पहचान खत्म कर दी, जिससे उन्हें बरामद करना मुश्किल हो जाए।

मंदिर प्रशासन से मांगे गए रिकॉर्ड

जांच के दौरान SIT ने राम मंदिर पहुंचकर मंदिर प्रभारी केडी बाबू से पूछताछ की। अधिकारियों ने आभूषणों के रखरखाव, स्टोरेज, इन्वेंट्री और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कीमती दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे। इसके साथ ही सरकारी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Mint) के साथ हुए लेन-देन का ब्यौरा भी जांच के दायरे में लिया गया है।

7 जून को सामने आया थआ मामला

राम मंदिर में कथित दान गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया। प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई। मंदिर में दान गिनने के काम से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चंपत राय ने खुद को बताया व्हिसलब्लोअर

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कथित गड़बड़ी का सबसे पहले पता उन्होंने ही लगाया था। उन्होंने दावा किया कि चोरी पकड़ने के लिए उन्होंने मंदिर परिसर में सीक्रेट CCTV कैमरे लगवाए थे। उन्हीं कैमरों की फुटेज से कथित चोरी का खुलासा हुआ।

‘मुझे मेरे ही लोगों ने धोखा दिया’

पुलिस पूछताछ के दौरान चंपत राय ने कहा कि उनका दान के कथित गबन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे मेरे ही भरोसेमंद लोगों ने धोखा दिया। चोरी पकड़ने के लिए छिपे हुए कैमरे मैंने ही लगवाए थे।”

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच का आदेश दें। पणजी में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, क्योंकि मंदिर में दान के मैनेजमेंट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने BJP को भारत के मंदिरों पर आक्रमणकारियों द्वारा किए गए अतीत के कथित लूटपाट संबंधी उसके अक्सर दिए जाने वाले बयानों की भी याद दिलाई।

वेणुगोपाल ने पूर्व केंद्रीय गृह सचिव के उन दावों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि मंदिर में दान किए गए एक किलोग्राम सोने का सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया था। इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “यह किसी आम आदमी का आरोप नहीं है। यह आरोप केंद्र सरकार के एक सेवानिवृत्त गृह सचिव ने लगाया है। अयोध्या राम मंदिर में जो कुछ हो रहा है, वह हम सभी के लिए बहुत दुखद है। यह देश के सभी आस्था रखने वालों के लिए दुखद है।”

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वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लोग आस्था के कारण ईश्वर में विश्वास करते हैं। लेकिन BJP के लोग ईश्वर में विश्वास नहीं करते और वे लोगों को बांटने और मंदिर को लूटने के मकसद से धर्म की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या मंदिर में हुई चोरी के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को लूटने वालों को केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें बचा रही हैं।

SBI Bank Holiday: कल 6 जुलाई, सोमवार को देश के कई राज्यों में बंद रहेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday on 6 July: अगर सोमवार, 6 जुलाई को आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कल देश के कुछ राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, 6 जुलाई को कुछ चुनिंदा राज्यों में सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है। आइए जानते हैं कि कल किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

इन राज्यों में कल बंद रहेंगे बैंक

6 जुलाई 2026 को देश के दो प्रमुख राज्यों में विशेष क्षेत्रीय त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा:

पश्चिम बंगाल: देश के महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के विशेष अवसर पर कल पश्चिम बंगाल के सभी बैंक बंद रहेंगे।

मिजोरम: मिजोरम में कल ‘MHIP Day’ (मिजो ह्मेइछे इंसुइखौम पावल दिवस) मनाया जाएगा, जिसके चलते राज्य सरकार और आरबीआई के निर्देशानुसार वहां के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

क्या दिल्ली-मुंबई और अन्य शहरों में भी बंद रहेंगे बैंक?

नहीं, कल पूरे देश में छुट्टी नहीं है। दिल्ली, मुंबई, नोएडा, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ, पटना और उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र समेत देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक अपने सामान्य समय पर खुलेंगे। यह छुट्टी केवल पश्चिम बंगाल और मिजोरम में ही है।

जुलाई 2026 में बैंक की छुट्टियां(RBI)

  1. 5 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  2. 6 जुलाई (सोमवार): MHIP डे / डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती (मिजोरम और पश्चिम बंगाल में बंद)
  3. 9 जुलाई (गुरुवार): बेहदेहिनखलाम (मेघालय में बंद)
  4. 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार (पूरे देश में)
  5. 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  6. 16 जुलाई (गुरुवार): रथ यात्रा / कांग / हरेला (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर में बंद)
  7. 17 जुलाई (शुक्रवार): यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि (मेघालय में बंद)
  8. 18 जुलाई (शनिवार): द्रुकपा त्शे-जी (सिक्किम में बंद)
  9. 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  10. 22 जुलाई (बुधवार): खारची पूजा (त्रिपुरा में बंद)
  11. 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार (पूरे देश में)
  12. 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)

डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू

बैंक की शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में सभी ऑनलाइन सेवाएं चौबीसों घंटे काम करेंगी:

  • UPI पेमेंट सामान्य रूप से काम करेंगे।
  • इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  • एटीएम (ATM) से कैश निकालने और जमा करने की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अगर आपको चेक क्लीयरेंस, बैंक लॉकर या ड्राफ्ट जैसे ब्रांच से जुड़े जरूरी काम हैं, तो राज्यों की छुट्टियों की इस लिस्ट को ध्यान में रखकर ही अपनी योजना बनाएं।

Aaj Ka Mausam 5 July: भारी बारिश-आंधी का डबल अटैक, IMD ने इन राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने पूरे शबाब पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब-हरियाणा के शेष इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9।4 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक ऑफ-शोर ट्रफ, मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ और एक मौसमी ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन सबकी वजह से जुलाई को देश के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का डबल अटैक देखने को मिलेगा।

इन राज्यों में एक्स्ट्रीम भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 जुलाई को देश के कुछ प्रमुख राज्यों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है-

  • गुजरात राज्य
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा

राजस्थान, एमपी और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, 5 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की भारी गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • पूर्वी राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • विदर्भ
  • उत्तराखंड
  • गंगीय पश्चिम बंगाल
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक

इन राज्यों में होगी भारी बारिश

5 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून की भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है-

  • उत्तर और मध्य भारत: हिमाचल प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र का मराठावाड़ा क्षेत्र।
  • दक्षिण भारत: केरल और माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक।
  • उत्तर-पूर्व भारत: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दिल्ली-पंजाब से राजस्थान-यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ ही देश के एक बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है-

40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार वाला अंधड़: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली तेज़ झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है।

30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार वाली आंधी: बिहार और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

तीव्र बिजली की चेतावनी: गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ केवल आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

तेज सतही हवाएं: कर्नाटक, केरल और माहे और रायलसीमा में कुछ स्थानों पर बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

पूर्वी यूपी और उत्तर-पूर्व में भारी उमस, अरुणाचल में गर्म दिन

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ राज्यों को असहज करने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम और मेघालय, और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने अलग-अलग हिस्सों में गर्म दिन रहने की आशंका जताई है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त हिदायत

खराब मौसमी प्रणालियों के चलते समंदर में तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके कारण मछुआरों को पानी में न उतरने की सलाह दी गई है। सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर भी यही स्थिति रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से मौसम खराब रहेगा।

मध्य बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और अंडमान सागर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है।

Monsoon Watch 4 July: अगले 4 दिनों में आक्रामक होकर इस ओर बढ़ेगा मानसून, IMD ने इन इलाकों में तूफानी बारिश का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को जानकारी दी है कि अगले चार दिनों के भीतर मानसून आक्रामक रूप दिखाते हुए उत्तर अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लेगा। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है। इस मजबूत मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों के दौरान देश के मध्य भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के लगातार सक्रिय चरण में रहने की संभावना है। इसके कारण कई राज्यों में गरज-चमक, आंधी और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

इन 5 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

आईएमडी के विशेष बुलेटिन के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में बादलों का रौद्र रूप दिखेगा जहां छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है-

  • कोंकण एवं गोवा और गुजरात क्षेत्र: 4 से 7 जुलाई के दौरान अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 4 से 6 जुलाई के बीच रिकॉर्डतोड़ बारिश की संभावना।
  • सौराष्ट्र और ओडिशा: 4 और 5 जुलाई को छिटपुट इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश: 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-हरियाणा में व्यापक बारिश, यूपी में भारी वर्षा

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 4-7 जुलाई और पूर्वी यूपी में 4-6 जुलाई के दौरान छिटपुट से बिखरी हुई बारिश होगी। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जुलाई के दौरान मौसम बदलेगा और व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-10 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: इन क्षेत्रों में 4-5 जुलाई और 9-10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 6 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही 4-5 जुलाई को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 5-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। यहां 4-7 जुलाई और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 8 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 4-10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 4-6 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी चलेगी। ये 7-10 जुलाई को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में बदलेगी। पश्चिमी राजस्थान में 4 जुलाई और 6-8 जुलाई को भारी बारिश होगी।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: दोनों राज्यों में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 4 जुलाई और 6-10 जुलाई को भारी बारिश जबकि 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 4-5 जुलाई और 8-9 जुलाई को भारी बारिश जबकि 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: यहां 4-5 जुलाई को छिटपुट और 6-9 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी में आफत की बारिश, झारखंड में कड़केगी बिजली

मध्य प्रदेश: पूरे राज्य में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 5-8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-8 जुलाई के बीच बहुत भारी और 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। दोनों हिस्सों में 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: दोनों क्षेत्रों में 4-10 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 6-7 और 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार: बिहार में 4 से 10 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश होगी। हालांकि 6-7 जुलाई और 10 जुलाई को बिहार में भारी बारिश का अलर्ट है। 4-8 जुलाई के दौरान यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी।

झारखंड: यहाँ 4-10 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 4 जुलाई को झारखंड में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने का विशेष अलर्ट दिया गया है। यहां 5-7 जुलाई के बीच भारी बारिश और 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की आंधी चल सकती है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: ओडिशा में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी, 6-7 जुलाई को बहुत भारी और 10 जुलाई को भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 व 6 जुलाई को भारी और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पश्चिमी भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में बाढ़ जैसे हालात

गुजरात, कोंकण और गोवा: कोंकण और गोवा में 4-10 जुलाई तथा गुजरात क्षेत्र में 4-8 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा): मध्य महाराष्ट्र में 4-6 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। मराठावाड़ा में 4-5 जुलाई को भारी बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान तेज आंधी-बिजली (40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं) चलने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में 50-60kmph का बवंडर

तेलंगाना: तेलंगाना में 4 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी दी गई है। यहां 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 5 जुलाई को भारी बारिश होगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 4-10 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4-8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। कर्नाटक के सभी हिस्सों में 4-7 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी चलेगी।

केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: केरल और माहे में 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी का अलर्ट है। रायलसीमा में 4-10 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

उत्तर-पूर्व भारत: सातों राज्यों में भारी वर्षा

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम और मेघालय में 7-9 जुलाई और अरुणाचल प्रदेश में 7-8 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 4 से 10 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। इस पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) यहाँ भारी बारिश और 4-8 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

भारी उमस और गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच कुछ राज्यों में भारी उमस लोगों को परेशान करेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 4 और 5 जुलाई को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। असम और मेघालय में 4 से 7 जुलाई के दौरान लोगों को तीखी गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।

कल का मौसम 5 जुलाई: राजस्थान से MP तक आंधी-तूफान, IMD ने इन 20+ राज्यों में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार, बठिंडा से होकर गुजर रही है। अगले 4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब व हरियाणा के बाकी बचे इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इस सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से मौसम विभाग ने 5 जुलाई को देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 5 जुलाई को देश के चार राज्यों में बादलों का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। यहां छिटपुट स्थानों पर मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है-

  • गुजरात
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र
  • ओडिशा

मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के मुताबिक, 5 जुलाई को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • छत्तीसगढ़
  • विदर्भ
  • उत्तराखंड
  • गंगीय पश्चिम बंगाल
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक

इन 10 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई अन्य हिस्सों में भी 5 जुलाई को भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा:

उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे राज्य झारखंड में भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है। केरल और माहे, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। महाराष्ट्र के मराठावाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है। असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

दिल्ली-पंजाब से राजस्थान और एमपी तक आंधी-तूफान और बिजली का कहर

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर-पश्चिम भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में भी बिजली गिरने की चेतावनी है।

मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र व मराठावाड़ा क्षेत्र, झारखंड, और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। बिहार और विदर्भ में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

दक्षिण भारत और अन्य क्षेत्र: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है। इसके अलावा गुजरात क्षेत्र में भी बिजली गिरने की संभावना है।

कर्नाटक, केरल और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं

बारिश और आंधी के अलावा, आईएमडी ने कर्नाटक, केरल व माहे और रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

उत्तर-पूर्व और यूपी में भारी उमस, अरुणाचल में गर्म दिन का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच कुछ राज्यों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। असम व मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर गर्म दिन रहने की आशंका जताई है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनी

अरब सागर: सोमालिया तट, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों और मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। यही स्थिति महाराष्ट्र और गोवा के तटों पर भी रहेगी। इसके अलावा गुजरात, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों और लक्षद्वीप क्षेत्र व उससे सटे पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: मध्य बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा के तटों, आंध्र प्रदेश, उत्तरी व मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

पत्नी का खौफनाक खेल! पहले खीर में मिलाई नींद की गोलियां, फिर बाथरूम में पति को दफनाया

उत्तर प्रदेश में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 40 वर्षीय रूबी ने अपने 44 वर्षीय पति सुरेंद्र की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले उसने पति को नींद की गोलियां मिलाकर खीर खिलाई थी। इसके बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर नई टाइलें लगवा दीं। हैरानी की बात यह है कि वह कई हफ्तों तक उसी घर में रहती रही और लोगों से कहती रही कि उसके पति अचानक लापता हो गए हैं।

दर्ज कराई थी लापता की रिपोर्ट

यह मामला तब सामने आया जब 26 मई को सिकंदरा थाने में सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो परिवार के लोगों के बयानों में कई विरोधाभास मिले। साथ ही, परिवार के बैंक खाते से हुए कुछ संदिग्ध लेन-देन ने भी पुलिस का शक बढ़ा दिया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस आगरा के देहतोरा इलाके में स्थित रेणुका धाम कॉलोनी के घर पहुंची। वहां बाथरूम का फ़र्श तोड़ने पर नीचे से कंकाल जैसे अवशेष मिले, जिन्हें सुरेंद्र का माना जा रहा है। पुलिस ने मौत की असली वजह जानने के लिए इन अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बाथरूम में दफनाई लाश

इस मामले की जानकारी देते हुए एसीपी अमीषा ने बताया कि जांच में पता चला कि सुरेंद्र की हत्या उनकी पत्नी रूबी ने की थी। आरोप है कि हत्या के बाद उसने शव को घर के बाथरूम के फ़र्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर उसे ढक दिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद फ़र्श तुड़वाकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल रूबी पुलिस हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

पत्नी ने किया खौफनाक खुलासा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रूबी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि सुरेंद्र कुछ समय से बेरोजगार थे और उन्हें शराब की लत थी। आरोप है कि वह शराब के लिए अक्सर रूबी से पैसे मांगते थे और पैसे न मिलने पर उसके साथ मारपीट करते थे। पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते रहते थे। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र और रूबी की शादी को करीब 16 साल हो चुके थे और उनकी दो बेटियां हैं। परिवार का खर्च सुरेंद्र के दिवंगत पिता की पेंशन से चलता था, जिसे सुरेंद्र और उनके भाई अनिल के बीच बांटा जाता था। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह वारदात 18 मई को हुई थी।

खीर में मिलाई नींद की गोली

पुलिस के मुताबिक, रूबी ने खीर में काफी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर सुरेंद्र को खिलाई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि जब उनकी बेटियों ने सुरेंद्र को लंबे समय तक बेहोश पड़ा देखा, तो उन्हें कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह शराब पीने के बाद अक्सर कई घंटों तक सोए रहते थे। पुलिस का मानना है कि सुरेंद्र की हत्या उनके बेहोश होने के बाद की गई। हालांकि, मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। जांच के अनुसार, अगले दिन रूबी अपनी बेटियों को उनके मामा के घर छोड़ आई। इसके बाद उसने घर के बाथरूम में गड्ढा खोदा, सुरेंद्र के शव को उसमें दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर नई टाइलें लगवा दीं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक न लगे।

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद रूबी खुद थाने पहुंची और सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, ताकि लोगों को लगे कि वह कहीं गायब हो गए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया, जब सुरेंद्र के भाई अनिल ने देखा कि उनके लापता होने के बाद भी पेंशन वाले खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। एटीएम कार्ड सुरेंद्र के पास ही रहता था, इसलिए अनिल को शक हुआ और उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने दोबारा घर की गहन जांच की और मामला खुल गया।

फर्श तोड़कर निकाली लाश

जब पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली, तो बाथरूम के नए बने फर्श को तोड़ने पर नीचे से दफनाया गया कंकाल मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में रूबी अकेली शामिल थी या किसी और ने भी उसका साथ दिया। पुलिस अधिकारी सैयद अली अब्बास ने कहा कि किसी महिला के लिए अकेले एक व्यक्ति की हत्या करना और फिर घर के अंदर शव को दफनाना आसान नहीं लगता। इसलिए पुलिस इस मामले में दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

India Heavy Rain Alert: दिल्ली से यूपी-बिहार तक इन 25+ राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान और आएगा 50-60kmph स्पीड वाला बवंडर

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अब बेहद व्यापक और आक्रामक हो चुका है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक वेल-मार्क लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों तक देश के मध्य हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय चरण में रहेगा।

मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 25 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाले तूफानी बवंडर का अलर्ट जारी किया है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है, और अगले 4 दिनों में इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के बचे हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक कुछ राज्यों में मानसून का सबसे भयंकर रूप देखने को मिलेगा। यहां मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट है:

  • कोंकण और गोवा व गुजरात क्षेत्र: 4 से 7 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका।
  • मध्य महाराष्ट्र: 4 से 6 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।
  • सौराष्ट्र और ओडिशा: 4 और 5 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 4 जुलाई को कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में आंधी और बारिश का दौर

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: इन राज्यों में 4 और 5 जुलाई तथा फिर 9-10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। 6 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश और 6-8 जुलाई के बीच ही भारी बारिश का दौर आएगा। 4 और 5 जुलाई को यहाँ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 4-7 जुलाई तक और पूर्वी यूपी में 4-6 जुलाई तक छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद पूर्वी यूपी में 7 से 10 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 8 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-10 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई तथा 7-8 जुलाई को दोनों हिस्सों में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 5 से 9 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में 4 से 10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी/बवंडर का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 6-8 जुलाई और पूर्वी राजस्थान में 8 व 10 जुलाई को भारी बारिश होगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 4 जुलाई और 6-10 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी जबकि 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: यहां 4-5 जुलाई को छिटपुट और 6-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ ही पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी तबाही की आशंका

मध्य प्रदेश: पूरे मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। इसके साथ ही 4-8 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 5-8 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 6-7 व 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 6 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। इन क्षेत्रों में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी भारत: बिहार-झारखंड और बंगाल में मौसम का मिजाज

बिहार: बिहार में 4 से 10 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश दर्ज की जाएगी। 6, 7 और 10 जुलाई को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है। 4 से 8 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।

झारखंड: झारखंड में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 4 जुलाई को झारखंड में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने का विशेष अलर्ट है। यहां 5-7 जुलाई के बीच भारी बारिश और 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की आंधी चल सकती है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 और 6 जुलाई को भारी बारिश और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6-8 जुलाई को भारी और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

पश्चिमी भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में आफत की बारिश

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण व गोवा में 4-10 जुलाई और गुजरात क्षेत्र में 4-8 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 4-6 जुलाई को अत्यंत भारी और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। मराठावाड़ा में 4-5 जुलाई को भारी बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान तेज आंधी-बिजली का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में 50-60kmph का थंडरस्कॉल और भारी बारिश

तेलंगाना: तेलंगाना में 4 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तीव्र थंडरस्कॉल यानी बवंडर आने की सख्त चेतावनी दी गई है। 4 जुलाई को यहाँ बहुत भारी बारिश और 5 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

कर्नाटक: तटीय, उत्तरी आंतरिक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 7 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में 4-10 जुलाई तक लगातार भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी। इन क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: केरल और माहे में 4-5 जुलाई को भारी और 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी-तूफान का अलर्ट है।

उत्तर-पूर्व भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी वर्षा का अनुमान

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश: असम और मेघालय में 7-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 4-10 जुलाई के बीच लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश में 6-10 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश और इस पूरे हफ्ते भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 4-8 जुलाई के बीच गरज-चमक का अलर्ट है।

उमस और गर्मी की चेतावनी

भारी बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में असहज करने वाले मौसम की भी चेतावनी दी है। 4 और 5 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं असम और मेघालय में 4 से 7 जुलाई के दौरान भी लोगों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

Agra Murder Case: पत्नी ने पति को मारकर बाथरूम में दफनाया, फिर ऊपर से कर दिया प्लास्टर, कई दिनों तक ढ़ंढती रही पुलिस

Agra Murder Case: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को अपने पति की कथित तौर पर हत्या करने और उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि हत्या और सबूत छिपाने में और भी लोग शामिल थे या नहीं।

पुलिस ने बताया कि शव को निकालने के लिए उन्होंने कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर बाथरूम के फर्श पर लगी प्लास्टर की परत को तोड़ा। बता दें कि यह पूरा मामला पिछले 45 दिनों से चल रही जांच के बाद सामने आया, जब पति को लापता बताया गया था।

बाथरूम के फर्श के नीचे  मिली लाश

जांच के दौरान आरोपी महिला, जिसकी पहचान रूबी के रूप में हुई है, पुलिस के साथ अपने पति सुरेंद्र शर्मा की तलाश में सहयोग करने का नाटक करती रही। साथ ही खुद को दुखी दिखाने के लिए पड़ोसियों के सामने रोती रहती थी, ताकि लोगों को लगे कि वह बहुत टूट चुकी है।

लेकिन इस मामले में बड़ा सुराग तब मिला जब मृतक के भाई ने रूबी पर शक जताया और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने गहराई से तफ्तीश शुरू की। पुलिस की टीम जब मजदूरों के साथ सुरेंद्र के घर की तलाशी लेने पहुंची, तो उन्हें बाथरूम के फर्श पर प्लास्टर की एक नई परत दिखाई दी। संदेह होने पर जब पुलिस ने उस प्लास्टर को तुड़वाया, तो उसके नीचे से सुरेंद्र का शव बरामद हुआ।

शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया

फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग शामिल थे, या क्या किसी और ने रूबी की मदद शव को दफनाने में की थी।

क्या है पूरा मामला?

अधिकारियों के अनुसार, सुरेंद्र बेरोजगार था और उसे शराब की लत थी। पुलिस ने बताया कि वह अक्सर शराब पीकर घर आता था और कथित तौर पर रूबी के साथ मारपीट करता था। खबरों के मुताबिक, परिवार घर का खर्च चलाने के लिए सुरेंद्र की मां को मिलने वाली पेंशन पर निर्भर था।

पूछताछ के दौरान, रूबी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से घरेलू हिंसा का शिकार हो रही थी। उसने दावा किया कि 26 मई को पति द्वारा एक और हिंसक हमले के बाद, उसने उसे मारने का फैसला किया।

पुलिस ने बताया कि अपराध को छिपाने की कोशिश में उसने कथित तौर पर शव को घर के बाथरूम में खोदे गए एक गड्ढे में दफना दिया।

2025 के ‘ब्लू ड्रम’ जैसा हत्याकांड

इन सबके अलावा, यह मामला फरवरी 2025 के ‘ब्लू ड्रम’ हत्याकांड से मिलता-जुलता बताया जा रहा है, जिसमें मर्चेंट नेवी के अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में उसकी पत्नी मुस्कान राजपूत और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर शव के टुकड़े किए और उसे एक नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया था।

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‘यूपी की नौकरशाही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार नहीं’: CM योगी का बड़ा बयान, 464 करोड़ की प्रशासनिक अकादमी का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

टीमवर्क व सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार

सीएम ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अकादमी का निर्माण कराया गया है। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।

 

नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा स्वयं बहुत कुछ कहती है। शासन व आमजन के बीच प्रशासनिक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। यदि यह सेतु मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता की धारणा भी सकारात्मक बनेगी। वर्ष 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी। लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती। इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।

 

अब पहचान का संकट नहीं, टॉप-3 अर्थव्यवस्था में यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। सुरक्षा, सुशासन, क्राउड मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई इसे बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश लगातार छह वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है।

 

मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भी यूपी नंबर-1

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से अब देश में पहले स्थान पर है। यह हमारे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता का प्रमाण है। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक चर्चा हुई। 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और पूर्व अधिकारियों ने विभिन्न वर्गों के बीच जाकर संवाद किया। प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया।

 

तकनीक ने खत्म किया भ्रष्टाचार, गरीब को मिला अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। राशन वितरण में ई-पॉस मशीनें लागू होने से शिकायतें समाप्त हो गईं और गरीबों को उनका पूरा अधिकार मिलने लगा। पहले राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और जनता संतुष्ट है। गन्ना किसानों को पहले पर्ची, ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल पर ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

 

इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। फोर लेन और सिक्स लेन सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। मेट्रो, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं और यह सब डबल इंजन सरकार की ताकत का परिणाम है।

 

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

8th Pay Commission extends deadline: 8वें वेतन आयोग ने अब 31 जुलाई की आखिरी डेडलाइन फिक्स की, सैलरी और भत्तों पर आया लेटेस्ट अपडेट!

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन को लेकर आठवें केंद्रीय वेतन आयोग से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। वेतन आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे पर केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से सिफारिशें और जरूरी डेटा लेने की आखिरी तारीख को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। अब इसके लिए 31 जुलाई की डेडलाइन तय की गई है।

15 जून से बढ़ाकर 31 जुलाई की गई आखिरी तारीख

इससे पहले आठवें वेतन आयोग ने अपने आधिकारिक ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से सुझाव और मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की थी। वेतन आयोग द्वारा जारी किए गए एक सर्कुलर के मुताबिक चूंकि कई मंत्रालय, विभाग और केंद्र शासित प्रदेश तय समय सीमा के भीतर आवश्यक डेटा जमा करने का काम पूरा नहीं कर पाए थे, इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से डेटा जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 जुलाई, 2026 कर दिया जाए।

सिर्फ ऑनलाइन स्वीकार होंगे मेमोरेंडम

आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मंत्रालयों और विभागों को अपने मेमोरेंडम विशेष रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही जमा करने होंगे। आयोग ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। फिजिकल सबमिशन मान्य नहीं होंगे। ईमेल के जरिए भेजे गए सुझावों पर भी आयोग विचार नहीं कर सकता है।

अगले 10 वर्षों के लिए तैयार की जा रही हैं सिफारिशें

समय सीमा बढ़ाए जाने पर ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल का भी रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने कहा कि जब पूरी स्पीड से काम चल रहा होता है तो आयोग के लिए भी समय सीमा को बार-बार आगे बढ़ाना आसान फैसला नहीं होता। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग को देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और दूसरे हितधारकों की असल जरूरतों का विश्लेषण करने के लिए मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय स्वायत्त निकायों से संबंधित डेटा की जरूरत होती है। इसी डेटा के आधार पर आयोग अगले 10 वर्षों के लिए निष्पक्ष, व्यावहारिक और दूरदर्शी सिफारिशें पेश की जा सकेंगी।

लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता का दौरा करेगा वेतन आयोग

इस बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चल रहे परामर्श दौरों के क्रम में आठवें वेतन आयोग ने अपने अगले दौर के दौरों का भी ऐलान कर दिया है। आयोग लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता के दौरे करेगा। भुवनेश्वपर में बैठक 6-7 जुलाई और कोलकाता में 9-10 जुलाई को तय की गई है।

आयोग से मिलने और अपॉइंटमेंट लेने के लिए केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थानों, कर्मचारी संघों और यूनियनों को आयोग की वेबसाइट के माध्यम से एक ऑनलाइन अनुरोध जमा करना होगा।

इन राज्यों में पहले ही हो चुका है परामर्श

आठवां वेतन आयोग लगातार अलग अलग क्षेत्रों के हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। हाल ही में आयोग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद (तेलंगाना) और महाराष्ट्र में हितधारकों के साथ चर्चा की है। इससे पहले, आयोग ने 26 अप्रैल को उत्तराखंड के कर्मचारी संघों के साथ अपनी पहली बातचीत की थी।