सावन व्रत में बनाएं ये 5 आसान सात्विक रेसिपीज, बिना प्याज-लहसुन मिलेगा भरपूर स्वाद

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, पूजा-पाठ और सात्विक लाइफस्टाइल अपनाने का समय माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और प्याज, लहसुन, मांसाहार व अंडे जैसी तामसिक चीजों से दूरी बनाए रखते हैं। ऐसे में शरीर को एनर्जी देने वाला हल्का भोजन खाना भी जरूरी होता है। आप भी इस सावन व्रत में बिना प्याज-लहसुन वाली आसान रेसिपीज आपकी व्रत की थाली को स्वादिष्ट और पौष्टिक बना सकती हैं:

1. सिंघाड़े की खीर (Singhara Kheer)

इसे बनाने के लिए दूध को एक भारी तले वाले बर्तन में उबालें। उसमें धीरे-धीरे सिंघाड़े का आटा मिलाते हुए लगातार चलाएं, ताकि गांठें न बनें। 8-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अब चीनी या गुड़, इलायची पाउडर और कटे हुए बादाम, काजू व पिस्ता डालकर 2-3 मिनट और पकाएं। सिंघाड़ा फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम और जरूरी मिनरल्स का अच्छा सोर्स माना जाता है। दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है तथा ड्राई फ्रूट्स हेल्दी फैट, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं। इसे गर्म या ठंडा, दोनों तरह से परोसा जा सकता है।

 

2. जीरा आलू (Jeera Aloo)

इसे बनाने के लिए कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें जीरा चटकाएं। फिर बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें। अब उबले और कटे हुए आलू डालें। सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर 5-7 मिनट तक मीडियम आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। फिर हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं। जीरा डाइजेशन को बेहतर बनाने और गैस जैसी प्रॉब्लम को कम करता है, जबकि आलू कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम का अच्छा सोर्स है। कम मसालों में बनने वाली यह डिश व्रत में हल्की होती है और शरीर को एनर्जी देती है।

 

 

3. साबूदाना खिचड़ी (Sabudana Khichdi)

इसे बनाने के लिए सबसे पहले साबूदाने का पानी निकाल लें। कड़ाही में घी गर्म करके जीरा चटकाएं और हरी मिर्च डालें। फिर उबले आलू डालकर 2-3 मिनट तक हल्का भूनें। अब साबूदाना, मूंगफली का पाउडर और सेंधा नमक डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए 3-4 मिनट पकाएं। हरा धनिया और थोड़ा-सा नींबू का रस डालकर परोसें। साबूदाना शरीर को तुरंत एनर्जी देता है, जबकि मूंगफली प्रोटीन, हेल्दी फैट और विटामिन ई का अच्छा सोर्स है। नींबू से विटामिन C मिलता है। यह रेसिपी व्रत में लंबे समय तक पेट भरा रखती है।

 

 

4. कुट्टू की पूरी (Kuttu Puri)

इसे बनाने के लिए उबले आलू को मैश करके कुट्टू के आटे में मिलाएं। सेंधा नमक डालें और जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर कड़क आटा गूंध लें। आटे को 10 मिनट ढककर रखें, फिर छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पूरियां बेलें। गर्म घी या तेल में इन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें। कुट्टू का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम तथा एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे दही, जीरा आलू या व्रत की किसी भी सब्जी के साथ परोसें।

 

 

5. साबूदाना टिक्की (Sabudana Tikki)

इसे बनाने के लिए पहले उबले आलू को अच्छी तरह मैश कर लें। अब इसमें भीगा हुआ साबूदाना, भुनी मूंगफली का पाउडर, बारीक कटी हरी मिर्च, सेंधा नमक और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं। तैयार मिक्सचर से छोटी साइज की टिक्कियां बनाएं और तवे पर थोड़ा घी लगाकर मीडियम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेक लें। साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट होता है, जबकि मूंगफली से प्रोटीन और हेल्दी फैट मिलते हैं। आलू में पोटैशियम होता है। इसलिए यह रेसिपी व्रत के मिए परफेक्ट है। इसे दही या व्रत की हरी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें।

सावन के व्रत में नहीं होगी थकान, ना बढ़ेगी ब्लड शुगर, बनाएं ये झटपट स्वादिष्ट और एनर्जेटिक फलाहार!

सावन (Sawan) 2026 की शुरुआत 30 जुलाई (July) से हो रही है। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान कई लोग पूरे महीने या सोमवार के व्रत रखते हैं और फलाहारी (falahari) भोजन का सेवन करते हैं। अगर आप भी इस सावन व्रत की थाली में स्वाद का तड़का लगाना चाहते हैं, तो ये 6 आसान और स्वादिष्ट फलाहारी व्यंजन जरूर ट्राई करें:

Sabudana Khichdi (साबूदाना खिचड़ी)

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साबूदाना खिचड़ी व्रत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले व्यंजनों में से एक है। साबूदाने को 5-6 घंटे भिगो दें। कड़ाही में घी डालकर जीरा, हरी मिर्च और करी पत्ता भूनें। इसमें उबले आलू और भुनी मूंगफली डालें। फिर भीगा साबूदाना, सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर 4-5 मिनट पकाएं। आखिर में नींबू का रस और हरा धनिया डालकर सर्व करें। यह डिश स्वादिष्ट होने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करती है।

 

Kuttu Atta Puri (कुट्टू के आटे की पूरी)

कुट्टू के आटे की पूरी(Kuttu ke atte ki poori recipe in Hindi)

अगर व्रत में कुछ कुरकुरा और पेट भरने वाला खाना चाहते हैं, तो कुट्टू के आटे की पूरी बेहतरीन ऑप्शन है। कुट्टू के आटे में उबले आलू, सेंधा नमक और थोड़ा पानी मिलाकर नरम आटा गूंध लें। छोटी-छोटी पूरियां बेलकर गर्म घी या तेल में सुनहरा होने तक तलें। इसे फलाहारी आलू की सब्जी या दही के साथ परोसें।

Singhare Ke Atte Ka Cheela (सिंघाड़े के आटे का चीला)

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सिंघाड़े के आटे में उबले आलू, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर तैयार किया गया चीला स्वाद और सेहत दोनों का अच्छा मेल है। सिंघाड़े के आटे में उबले आलू, बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, सेंधा नमक और थोड़ा पानी मिलाकर बैटर तैयार करें। तवे पर थोड़ा घी लगाकर दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेंक लें। इसे दही या फलाहारी चटनी के साथ खाएं।

Makhane Ki Kheer (मखाने की खीर)

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सावन व्रत में मीठा खाने का मन हो, तो मखाने की खीर शानदार ऑप्शन है। घी में मखानों को हल्का भून लें। एक पैन में दूध उबालें और उसमें मखाने डाल दें। 10-15 मिनट तक पकाएं। फिर चीनी, इलायची पाउडर और कटे हुए बादाम-पिस्ता डालकर 5 मिनट और पकाएं। गर्म या ठंडी दोनों तरह से इसका स्वाद बेहतरीन लगता है। यह खीर स्वादिष्ट होने के साथ पोषण से भी भरपूर होती है।

 

 

Sweet Potato Chaat (शकरकंद चाट)

Sweet Potato Chaat

शकरकंद को उबालकर या भूनकर छोटे टुकड़ों में काट लें। इसमें सेंधा नमक, काली मिर्च, भुना जीरा पाउडर, नींबू का रस और हरा धनिया मिलाएं। चाहें तो ऊपर से अनार के दाने डालकर सर्व करें। झटपट स्वादिष्ट फलाहारी चाट तैयार की जा सकती है। यह हल्की, हेल्दी और एनर्जी देने वाली डिश है।

 

Rajgira Tikki (राजगीरा टिक्की)

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राजगीरे के आटे और उबले आलू से बनी टिक्की व्रत के लिए बेहतरीन स्नैक है। राजगीरे के आटे में उबले आलू, हरी मिर्च, हरा धनिया और सेंधा नमक मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इसकी छोटी-छोटी टिक्कियां बनाकर तवे पर घी डालकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। इसे फलाहारी हरी चटनी या दही के साथ परोसें। इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है।

पत्नी का खौफनाक खेल! पहले खीर में मिलाई नींद की गोलियां, फिर बाथरूम में पति को दफनाया

उत्तर प्रदेश में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 40 वर्षीय रूबी ने अपने 44 वर्षीय पति सुरेंद्र की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले उसने पति को नींद की गोलियां मिलाकर खीर खिलाई थी। इसके बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर नई टाइलें लगवा दीं। हैरानी की बात यह है कि वह कई हफ्तों तक उसी घर में रहती रही और लोगों से कहती रही कि उसके पति अचानक लापता हो गए हैं।

दर्ज कराई थी लापता की रिपोर्ट

यह मामला तब सामने आया जब 26 मई को सिकंदरा थाने में सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो परिवार के लोगों के बयानों में कई विरोधाभास मिले। साथ ही, परिवार के बैंक खाते से हुए कुछ संदिग्ध लेन-देन ने भी पुलिस का शक बढ़ा दिया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस आगरा के देहतोरा इलाके में स्थित रेणुका धाम कॉलोनी के घर पहुंची। वहां बाथरूम का फ़र्श तोड़ने पर नीचे से कंकाल जैसे अवशेष मिले, जिन्हें सुरेंद्र का माना जा रहा है। पुलिस ने मौत की असली वजह जानने के लिए इन अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बाथरूम में दफनाई लाश

इस मामले की जानकारी देते हुए एसीपी अमीषा ने बताया कि जांच में पता चला कि सुरेंद्र की हत्या उनकी पत्नी रूबी ने की थी। आरोप है कि हत्या के बाद उसने शव को घर के बाथरूम के फ़र्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर उसे ढक दिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद फ़र्श तुड़वाकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल रूबी पुलिस हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

पत्नी ने किया खौफनाक खुलासा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रूबी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि सुरेंद्र कुछ समय से बेरोजगार थे और उन्हें शराब की लत थी। आरोप है कि वह शराब के लिए अक्सर रूबी से पैसे मांगते थे और पैसे न मिलने पर उसके साथ मारपीट करते थे। पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते रहते थे। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र और रूबी की शादी को करीब 16 साल हो चुके थे और उनकी दो बेटियां हैं। परिवार का खर्च सुरेंद्र के दिवंगत पिता की पेंशन से चलता था, जिसे सुरेंद्र और उनके भाई अनिल के बीच बांटा जाता था। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह वारदात 18 मई को हुई थी।

खीर में मिलाई नींद की गोली

पुलिस के मुताबिक, रूबी ने खीर में काफी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर सुरेंद्र को खिलाई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि जब उनकी बेटियों ने सुरेंद्र को लंबे समय तक बेहोश पड़ा देखा, तो उन्हें कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह शराब पीने के बाद अक्सर कई घंटों तक सोए रहते थे। पुलिस का मानना है कि सुरेंद्र की हत्या उनके बेहोश होने के बाद की गई। हालांकि, मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। जांच के अनुसार, अगले दिन रूबी अपनी बेटियों को उनके मामा के घर छोड़ आई। इसके बाद उसने घर के बाथरूम में गड्ढा खोदा, सुरेंद्र के शव को उसमें दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर नई टाइलें लगवा दीं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक न लगे।

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद रूबी खुद थाने पहुंची और सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, ताकि लोगों को लगे कि वह कहीं गायब हो गए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया, जब सुरेंद्र के भाई अनिल ने देखा कि उनके लापता होने के बाद भी पेंशन वाले खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। एटीएम कार्ड सुरेंद्र के पास ही रहता था, इसलिए अनिल को शक हुआ और उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने दोबारा घर की गहन जांच की और मामला खुल गया।

फर्श तोड़कर निकाली लाश

जब पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली, तो बाथरूम के नए बने फर्श को तोड़ने पर नीचे से दफनाया गया कंकाल मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में रूबी अकेली शामिल थी या किसी और ने भी उसका साथ दिया। पुलिस अधिकारी सैयद अली अब्बास ने कहा कि किसी महिला के लिए अकेले एक व्यक्ति की हत्या करना और फिर घर के अंदर शव को दफनाना आसान नहीं लगता। इसलिए पुलिस इस मामले में दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।