Trading Plan: क्या US-ईरान तनाव और तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद निफ्टी 24000 और बैंक निफ्टी 57300 के स्तर को बनाए रख पाएगा?

Trading Plan : पिछले दो सेशन में देखने को मिली अच्छी रिकवरी के बावजूद,निफ्टी लॉन्ग बेयरिश कैंडलस्टिक के दायरे में और पिछले बुधवार को बने बेयरिश गैप के नीचे ही बना रहा। इसलिए,जब तक इंडेक्स बेयरिश गैप को भर नहीं लेता और उसके ऊपर टिक नहीं जाता और साथ ही US-ईरान तनाव कम होने से तेल की कीमतें नीचे नहीं आ जातीं, तब तक मौजूदा कंसोलिडेशन और सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड ट्रेड) के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 24,000 पर त्तकाल सपोर्ट और उसके बाद 23,800 पर अगला बड़ा सपोर्ट देखने को मिल सकता है। अगर निफ्टी 24,400 के लेवल से ऊपर जाकर मजबूती दिखाता है तो अपट्रेंड के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

उधर बैंक निफ्टी में और तेजी की पुष्टि के लिए 58,600-58,700 के जोन से ऊपर लगातार क्लोजिंग की जरूरत है। जानकारों के मुताबिक,तब तक कंसोलिडेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसमें 57,500-57,300 के जोन में तत्काल सपोर्ट और उसके बाद 56,500 पर अगला अहम सपोर्ट दिख रहा है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

एक्सिस सिक्योरिटीज में रिसर्च हेड राजेश पालविया का कहना है कि पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव रहा,क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर टूटने से जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ गया और ब्रेंट क्रूड की कीमत $80 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। उतार-चढ़ाव के बावजूद,हफ्ते के आखिर में इंडेक्स 64 अंक गिरकर बंद हुआ। वीकली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक छोटी ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जिसके दोनों तरफ लंबी शैडो (परछाई) थीं। यह मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव और दुविधा की स्थिति को दिखाता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पिछले हफ्ते के 24,521 के हाई से ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 24,750 की ओर जा सकता है। यह लेवल फरवरी-अप्रैल 2026 की गिरावट के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के बराबर है। इसके बाद 24,846 पर स्थित 200-डे SMA अगला अहम लेवल होगा। नीचे की तरफ, 24,000 एक अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस लेवल के नीचे जाने पर 23,817-23,650 का बुलिश गैप जोन दोबारा टेस्ट हो सकता है।

वीकली RSI अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना हुआ है,जो दिखाता है कि मार्केट का ओवरऑल रुख पॉजिटिव है। हालांकि,अमेरिका-ईरान विवाद और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव ही आने वाले समय में मार्केट की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे।

अहम रेजिस्टेंस: 24,250, 24,400

अहम सपोर्ट: 24,100, 23,900

स्ट्रेटेजी: 24,080 के आसपास निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, स्टॉप-लॉस 23,950 रखें और 24,250–24,350 के जोन का टारगेट सेट करें।

Market cues : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रहने की उम्मीद, निफ्टी के लिए 24000 पर तत्काल सपोर्ट

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

राजेश पालविया का कहना है कि वीकली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई है,जो मार्केट में अनिश्चितता को दिखाती है। 58,500 और 57,000 के बीच चल रहा कंसोलिडेशन यह बताता है कि इंडेक्स अपनी अगली चाल के लिए किसी मजबूत ट्रिगर का इंतजार कर रहा है। तकनीकी तौर पर अगर इंडेक्स 58,500 के ऊपर बना रहता है, तो खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,700–60,000 के जोन की ओर जा सकता है। इसके उलट,अगर यह 57,500 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 57,000–56,500 के सपोर्ट एरिया की ओर गिर सकता है।

तकनीकी तौर पर अगर बैंक निफ्टी 58,500 के ऊपर बना रहता है तो खरीदारी का मोमेंटम फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,700–60,000 के जोन की ओर जा सकता है। इसके उलट,अगर यह 57,500 के नीचे जाता है तो प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 57,000–56,500 के सपोर्ट एरिया की ओर गिर सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,350, 58,550

अहम सपोर्ट: 57,800, 57,500

रणनीति: 57,850 के आसपास बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,600 पर स्टॉप-लॉस और 58,200–58,400 के जोन का टारगेट रखें।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बाजार में लगातार दूसरे दिन दिखी तेजी, जानिए 13 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 10 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,HDFC लाइफ,अदाणी एंटरप्राइजेज,SBI लाइफ इंश्योरेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,एटरनल,भारती एयरटेल,नेस्ले और सिप्ला शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रहा और सभी बड़े इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 3 प्रतिशत की तेजी आई। जून तिमाही के नतीजों के बाद TCS में बढ़त की वजह से निफ्टी IT इंडेक्स में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

अन्य सेक्टरों में,निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़े। जबकि ऑयल एंड गैस,प्राइवेट बैंक,एनर्जी,इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत के बीच बढ़त हुई। ऑटो इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.59 प्रतिशत और 1.41 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि थोड़े समय के करेक्शन के बाद,मार्केट में जबरदस्त रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। बैंकों के पॉजिटिव बिजनेस अपडेट,IT सेक्टर के उम्मीद के मुताबिक गाइडेंस और AI से जुड़े मौकों के साथ-साथ ग्लोबल खर्च में बढ़त की उम्मीद ने पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन की अच्छी शुरुआत के लिए माहौल तैयार कर रहे है। उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों का सिलसिला अर्निंग में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंताओं को कम करने में मदद करेगा। इससे मौजूदा तेजी को और सपोर्ट मिल सकता है।

ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतों में नरमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिकवरी ने भारत के प्रति सेंटीमेंट को और बेहतर बनाया है,जिससे FII निवेश में रिकवरी को सपोर्ट मिला है। अहम बात यह है कि FOMC मीटिंग के सख़्त रुख का ग्लोबल मार्केट पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है,क्योंकि हालिया डेटा से पता चलता है कि महंगाई का दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही,US, EU और चीन से आ रहे सुस्त आर्थिक आंकड़ो से संकेत मिल रहा है कि सेंट्रल बैंक आगे चलकर कम सख्त रुख अपना सकते हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिख। कारोबार के अंत में यह 1.02% की बढ़त के साथ 24,207 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने स्मॉल अपर विक (wick) वाली एक स्मॉल बॉडी बुलिश कैंडल बनाई,जो इंट्राडे में अनिश्चितता को दिखाती है। इसने सफलतापूर्वक अपना 100-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है और बुधवार को आई 516 अंको की भारी गिरावट का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया है। RSI थोड़ा ऊपर गया है,जो धीरे-धीरे बुलिश मोमेंटम के बढ़ने का संकेत है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24400 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24550 और उसके बाद 24700 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24050-24000 के जोन में है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजों की अहम भूमिका होगी। अच्छी अर्निंग, घरेलू निवेशकों की तरफ से हो रहा मजबूत निवेश और अच्छे मॉनसून से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी बाजार के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला और पहले हाफ में एक रेंज में ट्रेड किया। फिर दूसरे हाफ की शुरुआत में ब्रेकआउट दिया और ऊपर बंद हुआ। आखिर में इंडेक्स 1.39% की बढ़त के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी ने सफलतापूर्वक अपना 20-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है,जबकि RSI 60 के लेवल के करीब पहुंच रहा है। इससे पता चलता है कि इस हफ्ते की शुरुआत में दिखे सेलिंग प्रेशर को झेलने के बाद बुल्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI− को पार कर लिया है,जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58500-58600 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 59000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59500 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57600-57500 के जोन में है।

 

 

Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

Investment Mantra: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों के बीच लड़ाई जैसे ही बढ़ती है सोने की कीमतों में तेज गिरावट आती है। ऐसे में सोना रिकॉर्ड हाई से करीब 25% टूट चुका है। ऐसे में इतनी भारी गिरावट के बाद क्या सोने में निवेश का सही समय आ गया है? क्या आगे गोल्ड में फिर चमक लौटेगी? सिर्फ इतना ही नहीं पोर्टफोलियो की चमक बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग एक बड़ी थीम बनकर उभरी है। 2 साल की लगातार रैली के बाद क्या अब भी एक आम निवेशक ग्लोबल इन्वेस्टिंग की तरफ फोकस कर सकता है? इस सब सवालों के जबाव देनें के लिए हमारे साथ हैं ट्रुवांटा वेल्थ (Truvanta Wealth) के फाउंडर और CEO कीर्तन शाह

सोने में गिरावट के कारण

मार्च में कई सेंट्रल बैंकों ने करीब $30 bn का सोना बेचा है। तुर्की और रूस ने आगे बढ़कर सोना बेचा है। तुर्की ने अपनी गिरती करेंसी लीरा को संभालने के लिए सोना बेचा है। रूस ने यूक्रेन युद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए सोना बेचा है। मार्च में कच्चा तेल महंगा होने से बॉन्ड यील्ड बढ़ीं हैं। यील्ड बढ़ने से फिक्स्ड इनकम निवेश की तरफ रुझान बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया है। सोने की कीमत डॉलर में तय होती है,मजबूत डॉलर से इसकी मांग घटती है।

अब सोने पर नजरिया?

कीर्तन शाह ने कहा कि अब धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने का समय है। ग्लोबल स्तर पर युद्धों में कमी आई है। करेंसी मैनेजमेंट और फंडिंग की जरूरतें घटेंगी। सेंट्रल बैंक फिर से अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर ध्यान देंगे। डी-डॉलराइजेशन का ट्रेंड भी सोने के पक्ष में है। सेंट्रल बैंकों की बैलेंस शीट में सोने की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 27% हो गई है। डॉलर रिजर्व की हिस्सेदारी 25% से घटकर 23% हो गई है। अप्रैल से सेंट्रल बैंकों ने फिर से सोने की खरीद शुरू की है। चीन ने पिछले महीने 19 महीनों में सबसे ज्यादा सोना खरीदा है। वह लगातार 19 महीनों से सोने की खरीद कर रहा है। US में दरें उतनी नहीं बढ़ेंगी,जितनी बाजार को आशंका थी। जिन कारणों से सोना गिरा था वही अब आगे सोने की कीमतों को सहारा देंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी है, क्या पोर्टफोलियो में हिस्सा होना चाहिए?

इस पर बात करते हुए कीर्तन शाह ने कहा कि पिछले दो सालों ने साफ किया है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग बहुत जरूरी है। कई ऐसे निवेश थीम और अवसर हैं जो भारत में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी हो जाती है। रुपये की सालाना लगभग 4% गिरावट भी इसका एक बड़ा कारण है।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी, क्या इस समय करें निवेश?

कीर्तन शाह ने कहा कि फिलहाल अभी हम ऐसा नहीं करेंगे। ग्लोबल बाजारों में पहले ही अच्छी तेजी आ चुकी है,सब भाव में है। ग्लोबल स्तर पर AI थीम की तेजी अब चुनिंदा शेयरों में ही है। अगर LLMs ( Large Language Models) शेयर देखें तो उनके सामने अब प्राइसिंग का दबाव है। टोकन प्राइस इंडेक्स 2.5 डॉलर प्रति मिलियम टोकन से घटकर 1.8 डॉलर पर आ गया है। चीन के ओपन-सोर्स मॉडल US कंपनियों पर भी दबाव बना रहे हैं।

तो अभी कहां करें निवेश?

कीर्तन शाह की राय है कि AI थीम में करेक्शन आया तो निवेशकों का रुख फिर से भारत की ओर होगा। भारतीय बाजारों में 2 साल से टाइम और वैल्यूएशन करेक्शन देखने को मिल रहा है। कई सेक्टर अब आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखाई दे रहे हैं।

 

 

Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

 

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Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

Trading Plan : आज बाजार में तेजी का मोमेंटम बढ़ा है। मिडकैप इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर दिख रहा है। इधर डबल सेंचुरी लगाकर निफ्टी 24200 के पास दिख रहा है। निफ्टी 20 DEMA, 50 DMA और 100 DMA के पार निकल गया है। वहीं 700 प्वाइंट से ज्यादा के उछाल के साथ बैंक निफ्टी आज आउटपरफॉर्म कर रहा है। यह 58000 के अहम लेवल के पार कारोबार कर रहा है। स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त मोमेंटम देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 8% फिसला है।

TCS के उम्मीद से अच्छे नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश भर दिया है। निफ्टी IT इंडेक्स करीब दो फीसदी चढ़ा है। दो फीसदी के उछाल के साथ इन्फोसिस निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही रियल्टी और मेटल शेयरों में भी जोरदार तेजी है। लेकिन फार्मा और FMCG में हल्का दबाव है।

बाजार: शानदार चाल

बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि खुलते ही लेने की बोल्ड कॉल आज सही रही। निफ्टी अब कल के हाई के ऊपर सेटल हो गया है। बैंक निफ्टी पर ज्यादा भरोसा काम आया है। बैंक निफ्टी में खुलने के बाद भी बड़ी रैली आई है। IT भी ऊपर खुला लेकिन थोड़ा ठंडा पड़ा है। मिडकैप में शानदार तेजी देखने को मिली है। MF डेटा में फिर से उछाल आया है। एमएफ निवेश एक महीने की गिरावट के बाद उछाल है। इंडियन बैंक नतीजों के बाद भागा है। कच्चा तेल $75 के करीब आ गया है। India VIX 7.5% नीचे आया है। पुट कॉल रेश्यो भी ओवरबॉट नहीं है।

बाजार: अब क्या?

बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं। आज की क्लोजिंग शायद हाईज पर हो। वीकेंड का रिस्क लगे तो थोड़ा हेज कर लें। PSU बैंकों में मोमेंटम लौट रहा है। अभी भी शानदार स्टॉक स्पेसिफिक मौके हैं। वक्त पर एंट्री और एक्जिट बेहद अहम है। डिक्सन टेक पर हमने तब लॉन्ग नजरिया रखा जब सबने शॉर्ट कहा और आज सिर्फ CNBC-आवाज़ का डिक्सन पर मुनाफा बुक करने का नजरिया था।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,250-24,350 पर रेजिस्टेंस और 24,100-24,150 पर सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 58,500-58,800 पर रेजिस्टेंस और 57,800-58,000 पर सपोर्ट है।

 

म्यूचुअल फंड से वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, जानिए निफ्टी 50 और Nifty50 Equal Weight में से किसमें निवेश रहेगा फायदेमंद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy : बाजार में बुल्स ने की दमदार वापसी, अनुज सिंघल से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे बनेगा मोटा पैसा

Trading Strategy : बाजार में बुल्स की दमदार वापसी देखने को मिल रही है। निफ्टी 140 अंक से ज्यादा चढ़कर 24025 के करीब कारोबार कर रहा है। निफ्टी एक दिन बाद ही 20 DEMA, 100 DMA हासिल करने में कामयाब रहा है। बैंक निफ्टी में 600 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स आउटपरफॉर्म कर रहे हैं। दोपहर 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 632.03 अंक या 0.83% बढ़कर 77,135.63 पर और निफ्टी 186.40 अंक या 0.78% बढ़कर 24,068.45 पर दिख रहा था। अज सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं, जिसमें रियल्टी इंडेक्स 3% से ज़्यादा चढ़ा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.5% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2% ऊपर है।

बाजार: शानदार रिकवरी

बाजार की आगे की चाल और रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज बढ़िया रिकवरी का सत्र रहा। पूरे दिन कोई भी इंट्राडे गिरावट नहीं आई। हालांकि निफ्टी 24,050-24,100 के जोन में आकर अटका है। आज की क्लोजिंग काफी अहम रहेगी। मिडकैप्स में शानदार रिवर्सल है। Advance/Decline 4:1 से भी बेहतर रहा। कोई बड़ा सेक्टोरल मूव नहीं, सभी सेक्टर्स चले हैं। उम्मीद के मुताबिक इंटरग्लोब और श्रीराम फाइनेंस ने लीड किया। EMS और ज्वेलरी शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

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बाजार: अब क्या?

बाजार में 24,050 के ऊपर की क्लोजिंग जरूरी है। 24,150 के ऊपर क्लोज हो जाए तो सबसे बढ़िया रहेगा। अब निफ्टी को 23,950 के नीचे नहीं फिसलना चाहिए। इसके नीचे क्लोज हुआ तो दिक्कत होगी। बैंक निफ्टी ने शानदार लीडरशिप दिखाई है। कच्चा तेल भी फिसलकर $77 पर आ गया है। रुपये में भी मजबूती है। ट्रंप ने भी कहा है कि वे दोबारा लड़ाई नहीं चाहते। लग रहा है कि कल की गिरावट सिर्फ एक दिन की गिरावट थी

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर रेजिस्टेंस और 23,950-24,050 पर सपोर्ट है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है।

कल के लिए रणनीति

बाजार में भरोसा हिल गया है। इसलिए क्लोजिंग दिन के हाई से काफी नीचे हो रही है। अभी कुछ दिन इंट्रा-डे ही रहना बेहतर है।

 

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Trading Plan: कल की बड़ी गिरावट के बाद आज निफ्टी में दिख रही रिकवरी, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Trading Plan : कल के सेशन में जबरदस्त बिकवाली के बाद,निफ्टी के 24,000-24,100 के जोन की तरफ वापसी करने की कोशिश करने की उम्मीद है,लेकिन यह तेजी कितनी टिकाऊ होगी, इस पर नजर रखनी होगी। नीचे की तरफ 23800 का लेवल (बुधवार का निचला स्तर और हालिया तेजी का 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट) तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल से नीचे जाता है,तो गिरावट 23,600-23,500 की तरफ बढ़ सकती है। वहीं,जून के हाई लेवल तक वापस पहुंचने के लिए बैंक निफ्टी को 57,300 के ऊपर वापस आना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,इंडेक्स के कंसोलिडेशन फेज में रहने की संभावना है, जिसमें 56,300 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। जानकारों के मुताबिक,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 55,700 तक गिर सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

SBI सिक्योरिटीज के हेड -टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि बुधवार के ट्रेडिंग सेशन के दूसरे हिस्से में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निफ्टी बड़ी बिकवाली देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का रुझान बढ़ गया है। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जो बिकवाली के भारी दबाव और कमजोर मार्केट सेंटीमेंट का संकेत है।

कल पूरे मार्केट में कमजोरी दिखी और सभी सेक्टर के इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इससे पता चलता है कि निवेशकों के बीच जोखिम से बचने का माहौल है। खास बात यह है कि इंडिया VIX में 26 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई,जो हाल के महीनों में एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त है। यह मार्केट में अनिश्चितता और डर के तेज से बढ़ने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो भारी गिरावट ने निफ्टी को उसके सभी अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे धकेल दिया है। यह मौजूदा ट्रेंड में कमजोरी का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के एवरेज से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे मोमेंटम में कमजोरी का पता चलता है। इसके अलावा,फास्ट स्टोकेस्टिक अभी भी स्लो स्टोकेस्टिक लाइन से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो नेगेटिव ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे चलकर,23,800-23,750 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,क्योंकि इस रेंज में पहले के कई स्विंग लो (swing lows) बने हैं। अगर इंडेक्स लगातार 23,750 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 और उसके बाद 23,450 के लेवल तक गिर सकता है।

ऊपर की तरफ,24,000-24,050 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। इस जोन के ऊपर की चाल,मौजूदा मंदी के दबाव को कम करने और शॉर्ट-टर्म मार्केट सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी होगी। तब तक,ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है,क्योंकि उतार-चढ़ाव के ज्यादा बने रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,000, 24,050

अहम सपोर्ट: 23,800, 23,750, 23,600

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को 23,900 के नीचे बेचें,स्टॉप-लॉस 24,090 और टारगेट 23,600 रखें।

Market cues : 23800 का सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में बढ़ सकती है गिरावट, ऊपर की तरफ 24000 पर होगा पहला रेजिस्टेंस

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सुदीप शाह का कहना है कि बैंकिंग बेंचमार्क इंडेक्स बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग और मार्केट सेंटीमेंट में तेजी से आई गिरावट को दिखाती है।

तकनीकी तौर पर देखें तो तेजी से आई गिरावट ने इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। बैंक निफ्टी 8 जून,2026 के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA से नीचे आ गया है,जो शॉर्ट-टर्म में तेजी के मोमेंटम के कम होने का संकेत है। डेली RSI अपने 9-दिन के औसत से नीचे आ गया है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मोमेंटम नेगेटिव हो गया है। मोमेंटम इंडिकेटर्स में यह बदलाव संकेत देता है कि आने वाले समय में और कंसोलिडेशन या गिरावट हो सकती है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56,400-56,300 का 200-डे EMA जोन तत्काल सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर यह 56,300 के नीचे टूटता है,तो नई बिकवाली का दबाव बन सकता है,जिससे 55,700 तक और गिरावट आ सकती है और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 55,000 का साइकोलॉजिकल लेवल भी देखने को मिल सकता है।

ऊपर की तरफ,57,200-57,300 का 20-डे EMA जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। मौजूदा कमजोरी को खत्म करने और शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट को बेहतर बनाने के लिए इंडेक्स को इस रुकावट को पार करना होगा और वहां टिके रहना होगा। तब तक,कुल मिलाकर बाजार का रुख सतर्क रहने की संभावना है और जारी ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच उतार-चढ़ाव के भी ज्यादा रहने की उम्मीद है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,200, 57,300

अहम सपोर्ट: 56,400, 56,300, 55,700

स्ट्रैटेजी: 56,900 के नीचे बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,57,400 पर स्टॉप-लॉस और 55,700 का टारगेट रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Experts View : 24400 की दीवार पार होने पर निफ्टी में 24750 का लेवल मुमकिन, 24150-24100 के जोन में तत्काल सपोर्ट

सुदीप शाह

निफ्टी आज गैप-अप के साथ खुला और ज्यादातर समय एक सीमित दायरे में ही रहा,जिसमें 24370–24380 का ज़ोन एक मज़बूत इंट्राडे रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा था। दूसरे हाफ में,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से नीचे आ गया और खुलने के समय बने गैप का एक छोटा हिस्सा भर दिया और आखिर में 0.39% की बढ़त के साथ 24271 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने 13 सेशन और 477 अंकों के कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ दिया है। इससे अपट्रेंड के फिर से शुरू होने का संकेत मिल रहा है। RSI ने 60 का स्तर फिर से हासिल कर लिया है,जो बुलिश मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है,जिससे पता चलता है कि बुल्स धीरे-धीरे बेयर्स पर बढ़त बना रहे हैं।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। उसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर का नंबर रहा। दूसरी ओर,निफ्टी PSU बैंक सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसके बाद निफ्टी एनर्जी का नंबर रहा। स्टॉक्स की बात करें तो HCL टेक और मैक्स हेल्थ सबसे ज्यादा बढ़त वाले दो स्टॉक रहे,जबकि एक्सिस बैंक और SBI में गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने एक बड़ी’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिसने पिछले सेशन की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया। यह हालिया पुलबैक के बाद प्रॉफिट बुकिंग को दिखाता है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स की शुरुआत तो मज़बूत रही,लेकिन यह अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और धीरे-धीरे नीचे गिरकर फ्लैट नोट पर बंद हुआ।

ब्रॉडर मार्केट में प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं,जो दिखाता है कि तेजी का ट्रेंड मजबूती से बना हुआ है।

दिन के आखिर में मार्केट की ब्रेथ मज़बूत रही,हालांकि एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो थोड़ा मंदडियों के पक्ष में झुका हुआ था। निफ्टी 500 इंडेक्स के कुल शेयरों में से 257 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

आगे की बात करें तो,निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24400-24450 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24750 तक जा सकता है। वहीं दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 के जोन में है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी के मुकाबले कमजोर रहा। हालांकि इसकी शुरुआत अच्छी रही,लेकिन शुरुआती बढ़त पहली कैंडल में ही खत्म हो गई और पूरे सेशन के दौरान यह नीचे की ओर खिसकता रहा,अंत में 0.16% की गिरावट के साथ 57939 पर बंद हुआ।

डेली चार्ट पर,बैंक निफ्टी ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई। इंडेक्स रिलेटिव रोटेशन ग्राफ (आरआरजी) पर कमजोर होते क्वाड्रेंट में प्रवेश कर चुका है,जो ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले रिलेटिव स्ट्रेंथ बनाए रखने के बावजूद गति में कमी का संकेत देता है। वहीं,आरएसआई साइडवेज बना हुआ है,जो मौजूदा कंसोलीडेशन फेज को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58400-58500 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 58900 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59300 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57500-57400 जोन में है।

 

सुदीप शाह SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड हैं.

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 6 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 3 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,250 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 261.79 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 77,763.91 पर और निफ्टी 95.15 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर बंद हुआ। आज लगभग 2182 शेयरों में बढ़त हुई,1879 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,मैक्स हेल्थकेयर,बजाज फिनसर्व,अपोलो हॉस्पिटल्स और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि, गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,M&M, SBI,L&T और टेक महिंद्रा शामिल रहे।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। निफ्टी रियल्टी सबसे ज़्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी IT(1.7 प्रतिशत),निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत)और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) की बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी PSU बैंक में सबसे ज़्यादा गिरावट (1.5 प्रतिशत) आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत),निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत),निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का नंबर रहा।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट स्तर पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव और प्रॉफ़िट-बुकिंग के बावजूद,घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को अच्छे ग्लोबल संकेतों से मदद मिली। US लेबर मार्केट के नरम आंकड़ों के बाद ब्याज दरों के माहौल में नरमी आने की उम्मीदें बढ़ीं हैं। भारत-जापान समिट के अच्छे नतीजों और IT सेक्टर में लगातार रिकवरी से भी बाजार का मूड बेहतर हुआ। घरेलू मोर्चे पर,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी एक अहम पॉजिटिव फ़ैक्टर है। आगे चलकर बाजार का फोकस वित्त वर्ष 2027 के पहली तिमाही के नतीजों और कंपनियों के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर रहेगा। मॉनसून पर भी बाजार की नजर रहेगी। आगे बाजार में गिरावट पर खरीदारी का रुख बने रहने की संभावना है।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में अच्छी बढ़त रही। निफ्टी 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ है। जबकि सेंसेक्स में 663 अंकों की तेजी रही। सेक्टरों की बात करें तो रियल्टी इंडेक्स ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 7.20 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि एनर्जी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद निफ्टी ने एक बार फिर 23,800 के आसपास सपोर्ट लिया और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। वीकली चार्ट पर, इसने एक बुलिश कैंडल बनाया है और’हायर बॉटम’फॉर्मेशन भी बनाए रखा है,जो काफी हद तक पॉजिटिव संकेत है।

शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज पॉजिटिव है,लेकिन ट्रेडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति गिरावट पर खरीदारी और तेज़ी पर बिकवाली की होगी। नीचे की तरफ,24,150-24,000 अहम सपोर्ट जोन होंगे। जबकि बुल्स के लिए 24,500-24,700 अहम रेजिस्टेंस एरिया होंगे। हालांकि,24,000 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटीमेंट बदल सकता है। 24,000 के नीचे गिरावट आने पर 23,800-23,750 के लेवल दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी ने वीकली चार्ट पर एक छोटी कैंडलस्टिक बनाकर हफ़्ते की क्लोजिंग की। जबकि डेली चार्ट हालिया तेजी के बाद एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव (रेंज-बाउंड कंसोलिडेशन) का संकेत दे रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद,मार्केट का ओवरऑल रुख बुलिश बना हुआ है। इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट 57,500–57,200 के लेवल पर हैं। जबकि रेजिस्टेंस 58,500–58,800 के आसपास दिख रहा है। अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो के लिए ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के पास पहुेचे तो प्रॉफ़िट बुकिंग करने की सलाह होगी।

अमोल अठावले का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए हायर बॉटम सपोर्ट 57,500 के आस-पास है। इस लेवल के ऊपर,पॉजिटिव मोमेंटम 58,700-59,000 की तरफ जारी रह सकता है। इसके विपरीत,57,500 के नीचे गिरावट आने पर अपट्रेंड कमजोर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे,ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।

 

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ICICI प्रूडेंशियल के चिंतन हरिया से जानें वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, बाजार में अब कहां से निकलें और कहां बढ़ाएं निवेश

बाजार में आज तेजी का मोमेंटम बढ़ा है,निफ्टी 150 अंक से ज्यादा चढ़कर 7 मई के बाद पहली बार 24300 के पार निकला है। ICICI BANK, HDFC BANK, BHARTI और टाटा स्टील ने जोश भरा है। आज बैंक निफ्टी भी चला है। लेकिन मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की बढ़त है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 3% से ज्यादा फिसलकर 12 के नीचे आ गया है। रियल्टी,मेटल और फार्मा में आज सबसे ज्यादा खरीदारी आई है। तीनों सेक्टर इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़े हैं। साथ ही IT में लगातार दूसरे दिन तेजी है। आईटी इंडेक्स 1.5 फीसदी चढ़ा। वहीं दूसरी ओर सरकारी बैंकों में आज दबाव है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1 फीसदी फिसला है। बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक 3 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं।

निवेशक चाहें तो कर सकते हैं लार्जकैप में एकमुश्त निवेश

ऐसे में बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए ICICI प्रूडेंशियल AMC के प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट चिंतन हरिया ने कहा कि 2 साल से भारतीय बाजार और रुपये ने अंडरपरफॉर्म किया है। RBI के कदमों से रुपया काफी संभला है। कच्चे तेल के दाम युद्ध से पहले के भाव पर आ गए हैं। कमजोर मॉनसून से भी ज्यादा चिंता नहीं है। ऐसे में लार्जकैप में अच्छे मौके बन रहे हैं। निवेशक चाहें तो लार्जकैप में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें, लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें

चिंतन हरिया ने आगे कहा कि लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप ने आउटपरफॉर्म किया है। मिडकैप और स्मॉलकैप के वैल्युएशन अभी भी सस्ते नहीं हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप की ग्रोथ का अनुमान लगाना मुश्किल है। मिडकैप और स्मॉलकैप में एक्टिव फंड चुनें। लार्जकैप में पैसिव फंड्स में निवेश करें।

हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव

उन्होंने आगे कहा कि जून तिमाही के नतीजों में कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालात स्थिर रहे तो दीवाली तक लार्जकैप में उछाल संभव है। FCNB डिपॉजिट का फायदा बैंकों को मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर अच्छा लग रहा है। एनर्जी सेक्टर भी पसंद है। इस सेक्टर कोकच्चे तेल की कीमतें घटने का फायदा मिलेगा। वहीं, डिफेंस और मेटल शेयर काफी चल चुके हैं। अब इनमें मुनाफावसूली संभव है।

चिंतन हरिया का मानना है कि लंबी अवधि में ऑटो सेक्टर अच्छा कर सकता है। ऑटो सेक्टर को एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी का भी फायदा मिलेगा। निवेशकों के लिए लार्जकैप एक्टिव और पैसिव फंड्स में निवेश करने का मौका है। मल्टी एसेट बैलेंस्ड एडवांटेज फंड में निवेश कर सकते हैं। किसी भी फ्लैक्सीकैप फंड्स में SIP कर सकते हैं। आज जो निवेश करेंगे उसका फायदा 3-5 साल में मिलेगा।

 

 

Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : अगले 6-8 हफ्ते में निफ्टी में देखने को मिल सकता है 25500 का लेवल, IT में 10-15% रिकवरी की उम्मीद

Market Insight : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में IT और फार्मा शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। NSE पर सबसे ज्यादा एक्टिव शेयरों में PB फिनटेक,ज़ेनसार टेक,CG पावर और हिताची एनर्जी शामिल हैं। IT,फार्मा और रियल्टी शेयरों ने तेजी को आगे बढ़ाया है। मेटल शेयरों में भी अच्छी बढ़त दिख रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

इस बीच वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है,जो बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने का संकेत है। फिलहाल सेंसेक्स 573.33 अंक या 0.74 प्रतिशत बढ़कर 78,075.45 पर और निफ्टी 188.85 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 24,364.55 पर दिख रहा है।

ऐसे में बाजार के टेक्निकल सेटअप और कमाई वाले सेक्टर पर चर्चा करते हुए गोल्डीलॉक्स ग्लोबल रिसर्च(Goldilocks Global Research) के फाउंडर और चीफ स्ट्रेटेजिस्ट गौतम शाह ने कहा कि कुछ समय से बाजार कंसॉलिडेशन के फेज में है। 6-8 हफ्ते में निफ्टी 24600-25500 तक जा सकता है। टेक्नोलॉजी इंडेक्स में बड़े मूव के संकेत मिल रहे हैं। RIL में आगे भी मजूबती दिख सकती है। बाजार में गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। बैंक और IT शेयर निफ्टी को ऊपर ले जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि IT में 10-15% रिकवरी आ सकती है। 12-18 महीने के लिए IT बॉस्केट खरीदने की रणनीति कारगर साबित हो सकती है। कुछ समय से मेटल में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति काम कर रही है। लेकिन लंबी अवधि के लिए मेटल ठीक लग रहा है। रियल एस्टेट,PSU,फार्मा और केमिकल शेयर भी बेहतर पोजीशन में नजर आ रहे हैं।

गौतम शाह की सलाह है कि मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप में बने रहना चाहिए। मिड-स्मॉल और माइक्रोकैप रिकॉर्ड हाई बना सकते हैं। बैंक निफ्टी में यहां बड़ा रिटर्न नहीं बनेगा। बैंकिंग में टॉप 3 सरकारी बैंक पसंद हैं।

गौतम शाह ने बताया कि वे पिछले 12 महीने से FMCG पर अंडरवेट हैं। रियल्टी इंडेक्स में 20-25% की बड़ी तेजी संभव है। होटल और ट्रैवल स्टॉक भी अच्छा कर सकते हैं। लंबी अवधि के नजरिए से हॉस्पिटल शेयर भी बेहतर दिख रहे हैं।

 

 

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(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।