Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Silver Price Outlook: इस साल चांदी ने निवेशकों को निराश किया है। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमत करीब 23% गिर चुकी है। सिर्फ जून महीने में ही इसमें 22% की बड़ी गिरावट आई। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारत में इसका भाव करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी ₹65,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

हालांकि, पिछले एक साल में चांदी ने 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। लेकिन अब कीमतें दिसंबर 2025 के स्तर के आसपास लौट आई हैं। सवाल यह है कि आखिर चांदी पर दबाव क्यों बना हुआ है?

तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा है। इससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें चढ़ गईं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो तेल महंगा हो सकता है। इससे महंगाई बढ़ेगी और दुनिया भर के बाजारों पर दबाव आएगा।

फेड की ब्याज दरें क्यों हैं अहम?

तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बनता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। ऐसे समय में निवेशक सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले एसेट छोड़कर डॉलर आधारित निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहता है।

चांदी सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली

चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और पावर ग्रिड जैसे सेक्टरों में होता है। इसलिए औद्योगिक मांग में थोड़ा भी बदलाव कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

गोल्ड सिल्वर रेशियो क्या होता है

जून 2026 में जब सोना 4,000-4,060 डॉलर प्रति औंस के बीच था, तब चांदी 60-61 डॉलर प्रति औंस पर थी। उस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 67 था। इससे पहले मई में यह 55 और जनवरी में 50 तक आ गया था।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो बताता है कि 1 औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी चाहिए। इसे सोने की कीमत को चांदी की कीमत से भाग देकर निकाला जाता है। अगर रेशियो 75 या उससे ज्यादा हो, तो इसका मतलब माना जाता है कि चांदी सोने के मुकाबले सस्ती है। वहीं, अगर यह 50-60 या उससे नीचे हो, तो सोना सस्ता माना जाता है।

क्या अभी चांदी सस्ती है?

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेन्द्र यादव का कहना है कि 70 का रेशियो अपने लंबे समय के औसत के करीब है। यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी चांदी सोने के मुकाबले थोड़ी सस्ती नजर आती है। खासकर तब, जब औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहे। भारत में दिसंबर 2025 से चांदी की कीमत लगातार ₹2 लाख प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है।

आगे किस धातु में ज्यादा दम?

निरपेन्द्र यादव का मानना है कि फिलहाल गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65 से 75 के बीच रह सकता है। यह काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर फेड ब्याज दरें घटाता है, डॉलर कमजोर पड़ता है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार आता है, तो चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इससे Gold-Silver Ratio घटकर 60-65 तक आ सकता है।

वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, मंदी का खतरा गहराता है या निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं, तो सोना चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में यह रेशियो 70 से ऊपर बना रह सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में सिर्फ सोना या सिर्फ चांदी चुनने के बजाय दोनों में संतुलित निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

अगर आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है और आप कम जोखिम लेना चाहते हैं, तो सोना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन अगर आप थोड़ा ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धीरे-धीरे चांदी में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से चांदी में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

Gold Price Today: अगस्त के पहले दिन सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ गया भाव

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: चांदी एक हफ्ते में ₹5000 फिसली, चेक करें लेटेस्ट रेट

देश के अंदर चांदी की कीमत में वीकली बेसिस पर गिरावट आई है। एक सप्ताह में चांदी 5000 रुपये सस्ती हुई है। 2 अगस्त की सुबह चांदी की कीमत 235000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.76 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

चांदी का इस्तेमाल ज्वेलरी, सिल्वर आइटम्स और निवेश के विकल्प के रूप में तो होता ही है, साथ ही यह कई इंडस्ट्रीज के लिए भी बेहद जरूरी मेटल है। प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), सेमीकंडक्टर, स्विच, फोटोवोल्टिक (PV) सोलर पैनल, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मेडिकल व फार्मा इंडस्ट्री आदि में चांदी की बेहद अहम भूमिका है।

इस साल जनवरी महीने में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये के आंकड़े को क्रॉस कर गई थी। शनिवार, 1 अगस्त को इंदौर के सराफा बाजार में चांदी की मांग अच्छी रही। औसत भाव 200 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के साथ 2,20,200 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। चांदी सिक्का का औसत भाव 2700 रुपये प्रति नग रहा।

2 अगस्त को चांदी का भाव

शहरएक किलोग्राम चांदी का भाव (₹)
दिल्ली235000
मुंबई235000
अहमदाबाद235000
चेन्नई234900
कोलकाता235000
हैदराबाद234900
जयपुर235000
भोपाल235000
लखनऊ235000
तिरुवनंतपुरम234900

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹750 तक हुआ सस्ता, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक अब इतनी है कीमत

सोना भी एक सप्ताह में हुआ सस्ता

सोने की कीमत में भी वीकली बेसिस पर गिरावट आई है। एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 710 रुपये तक ​गिरी है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 750 रुपये तक नीचे आया है। आज 2 अगस्त को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 144370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई और कोलकाता में कीमत 144220 रुपये, वहीं चेन्नई में 144610 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

Gold Price Today: अगस्त के पहले दिन सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ गया भाव

देश में सोना और महंगा हो गया है। ज्यादातर शहरों में दाम बढ़ा है। 1 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 144760 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसकी वजह फुटकर और आभूषण विक्रेताओं की ओर से बढ़ी खरीद है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 300 रुपये बढ़कर 1,48,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना सस्ता हुआ है। कीमत गिरकर 4,049.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स भी गिरकर 4,107 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144760 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132710 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132560 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144610 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 144610 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144610 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132710144760
मुंबई132560144610
अहमदाबाद132610144660
चेन्नई132560144610
कोलकाता132560144610
हैदराबाद132560144610
जयपुर132710144760
भोपाल132610144660
लखनऊ132710144760
चंडीगढ़132710144760

LPG Price Cut: राहत भरी खबर, 1 अगस्त से गैस सिलेंडर हुआ ₹209 तक सस्ता

31 जुलाई को इंदौर के सराफा बाजार में सोने और चांदी की मांग अच्छी रही। सोने का औसत भाव 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का औसत भाव 2,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।

चांदी का भाव

चांदी की कीमत में देश के अंदर गिरावट बरकरार है। 1 अगस्त की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत गिरकर 57.76 डॉलर प्रति औंस हो गई है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना 300 रुपये महंगा, चांदी की कीमतें स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 31 जुलाई को 300 रुपये इजाफा हुआ। चांदी की कीमतें स्थिर रहीं। रिटेलर्स और ज्वेलर्सी की खरीदारी से सोने को सपोर्ट मिला। सोने की कीमत 1,48,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुईं। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.18 फीसदी गिरकर 4,055 डॉलर प्रति औंस था। चांदी भी 2 फीसदी की गिरावट के साथ 57.98 डॉलर प्रति औंस रही। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला ने कहा, “गुरुवार रात के लेवल से कीमत में नरमी आई है। यह 4,060 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। सिल्वर में भी नरमी दिखी है।”

सोने की कीमतों पर दबाव की दो वजहें 

एनालिस्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने पर पड़ा है। हालांकि, फरवरी के बाद जुलाई पहला महीना है, जब सोने की कीमतें चढ़ी हैं। स्वतंत्र विश्लेषक रॉस नॉरमैन ने कहा, “सोना चढ़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अभी यह कंसॉलिडेशन फेज में है।”

सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर दबाव में आएगा सोना

फेडरल रिजर्व ने 29 जुलाई को इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया। इससे सोने को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन, माना जा रहा है कि फेड सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है। क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हुआ है।

क्रूड में तेजी से महंगाई का खतरा बढ़ रहा

महंगाई को काबू में करने के लिए फेड सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होता नहीं दिख रहा है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं। 31 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 1.76 फीसदी चढ़कर 88.37 डॉलर पर चल रहा था। क्रूड में तेजी जारी रहने पर सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा

Gold Silver Price Today: सोना ₹1000 उछलकर ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹600 सस्ती हुई

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। ज्वेलर्स और रिटेल खरीदारों की ताजा खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक बाजार में मजबूती से सोने को सहारा मिला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले इसका भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

कारोबारियों के मुताबिक, ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट की बढ़ी खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये में मजबूती की वजह से तेजी सीमित रही।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद डॉलर में कमजोरी आई है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र में करीब 1% गिरने के बाद 101 के आसपास कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1% चढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

Kotak Neo की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम्स के डेटा पर है। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि सितंबर में फेड ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कितनी मजबूत होती है। साथ ही, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं।

भारत में घटी सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 139.7 टन थी। मौसमी सुस्ती, ऊंची कस्टम ड्यूटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर मांग पर देखने को मिला।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। यह 1,269 टन रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 1,268.6 टन थी।

MCX गोल्ड प्राइस का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि COMEX Gold 4,030 से 4,080 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं, MCX Gold करीब ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया और इसमें करीब ₹700 की तेजी आई।

आगे कैसी रहेगी चाल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके बयान का रुख अब भी सख्त (Hawkish) रहा। तीन FOMC सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों में बदलाव के समय को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर अमेरिका के Core PCE Price Index पर रहेगी। यह फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक है और इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने की कीमतों में अगली बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

Money Management: हर महीने होगी मोटी बचत! जानिए बजट बनाने के ये 10 सिंपल टिप्स

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today: यूएस ट्रेजरी यील्ड में बढ़त से गिरा सोने के भाव, क्या आगे भी कीमतों पर दिखेगा कोई असर

Silver Gold Price Today:  सोने की कीमतें आज 30 जुलाई को गिर गई है। सोने की कीमतों में यह दबाव अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण आई। साथ ही बाजार फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की महंगाई से निपटने संबंधी टिप्पणियों का आकलन कर रहे थे क्योंकि इस हफ्ते सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।

पिछले सत्र में सोने की कीमतें 2% बढ़ने के बाद, 0445 GMT पर स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर $4,048.39 प्रति औंस पर आ गया। अगस्त डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,045.70 हो गया। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट पर यील्ड बढ़ने से बुलियन (सोना) रखने की अवसर लागत (opportunity cost) बढ़ गई।

ANZ की एनालिस्ट सोनी कुमारी ने कहा, “यील्ड दर की उम्मीदों का नतीजा होती है और अगर बाजार को उम्मीद है कि महंगाई का डर ऊंची दरों में बदल जाएगा, तो यील्ड भी ऊंची होगी,” और इससे सोने पर दबाव पड़ रहा है।

बुधवार को बंटे हुए फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि वॉर्श ने महंगाई को काबू में लाने के लिए सेंट्रल बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई है, जिससे बाजार इसके अगले नीतिगत कदम को लेकर अनिश्चितता में है। हालांकि सोने को महंगाई से बचाव (हेज) के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ऊंची ब्याज दरों वाले माहौल में बिना रिटर्न (non-yielding) वाली संपत्ति के तौर पर इसका आकर्षण कम हो जाता है।

CME ग्रुप के FedWatch टूल के अनुसार, बाजार अभी भी सितंबर में दरें बढ़ने की 65% संभावना मानकर चल रहे हैं, हालांकि नीतिगत फैसले से पहले यह संभावना लगभग 81% थी। निवेशक जून के अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा का भी इंतजार कर रहे हैं, जो 1230 GMT पर आने वाला है।

जियोपॉलिटिकल मोर्चे पर, अमेरिकी सेना ने कहा कि बुधवार को अमेरिका ने ईरान में नए हमले किए, जिससे पांच महीने से चल रहा युद्ध और तेज हो गया है। यह युद्ध पहले ही अपने मुख्य मोर्चों से आगे बढ़कर क्षेत्र के अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा था। गुरुवार को तेल की कीमतों में हुई कुछ बढ़त कम हो गई क्योंकि तेल टैंकर मध्य पूर्व से बाहर निकल रहे थे।

TD सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा, “पीली धातु (सोना) के दाम वापस $3,900 प्रति औंस के स्तर पर आ सकते हैं, क्योंकि गर्मियों के दौरान तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी का दबाव बना हुआ है।” स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% गिरकर $57.30 प्रति औंस हो गई और प्लैटिनम 1.1% गिरकर $1,593.77 पर आ गया। पैलेडियम की कीमत 0.6% बढ़कर $1,253.25 हो गई।

Silver Price Today: चांदी हुई और भी सस्ती, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर का ताजा रेट

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Rate Today: देश में सोना हुआ और सस्ता, फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद विदेश में कीमत बढ़ी; चेक करें नए रेट

देश में सोने की कीमत और नीचे आ गई है। 30 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव और कम हो गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 143650 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। भारतीय रुपये की मजबूती से देश के अंदर कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। रुपया मजबूत होने पर विदेशी मुद्रा में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इससे सर्राफा कारोबारियों के लिए लागत कम रहती है। लिहाजा भारत में सोने के खुदरा भाव में कमी दिखने लगती है।

रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के भाव में तेजी है। यह बढ़कर 4,080.38 डॉलर प्रति औंस हो गया है। अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स भी बढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी जुलाई की मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के 3.50%-3.75% पर ही छोड़ दिया है। ब्याज दरों में कमी या इसे स्थिर रखा जाना, सोने और चांदी जैसे एसेट्स के लिए पॉजिटिव ट्रिगर का काम करता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132990143650
मुंबई131540143500
अहमदाबाद131590143550
चेन्नई131540143500
कोलकाता131540143500
हैदराबाद131540143500
जयपुर131690143650
भोपाल131590143550
लखनऊ131690143650
चंडीगढ़131690143650

चांदी का भाव

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी देश के अंदर गिरावट है। 30 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत बढ़कर 58.20 डॉलर प्रति औंस हो गई है।

Gold silver Prices Today: दिल्ली में सोने का भाव अपरिवर्तित, नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 जुलाई को सोने की कीमतें अपरिवर्तित रही। हालांकि, चांदी में 500 रुपये की रिकवरी दिखी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोने की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी 500 रुपये चढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 फीसदी यानी 503 रुपये गिरकर 1,41,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.38 फीसदी यानी 820 रुपये गिरकर 2,15,020 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी, चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी गिरकर 4,019 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी चढ़कर 57.25 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों पर डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर पड़ा। हालांकि, ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात फेड अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। लेकिन, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री से केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत मिलेगा।

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का सोने पर असर

अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज में मार्केट एनालिस्ट जिम वायकॉफ ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड गोल्ड के लिए निगेटिव हैं। लेकिन, गोल्ड और सिल्वर मार्केट्स को FOMC के फैसले और चेयरमैन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।” उधर, क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले का ऐलान हो सकता है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Today: दो वजहों से और टूटा गोल्ड, 10 शहरों में अब इस भाव पर बिक रहा 24 से 18 कैरट सोना

क्रूड में उछाल से सोने पर बढ़ सकता है दबाव 

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे बैंक इंटरेस्ट रेट उम्मीद से पहले बढ़ा सकते हैं। फेडरल रिजर्व पहले ही इनफ्लेशन कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बता चुका है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

Thangamayil Jewellery Share Price: Q1 मुनाफे में जबरदस्त उछाल के बाद भी शेयर में लगा 10% का लोअरसर्किट, आखिर क्या है इसकी वजह

Thangamayil Jewellery Share Price: ज्वैलरी रिटेलर थंगामयिल ज्वैलरी  (Thangamayil Jewellery) के शेयरों में 29 जुलाई को भारी गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में दमदार मुनाफे के बाद भी शेयर में आज 10 फीसदी का लोअरसर्किट लग गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों ने कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बजाय मौजूदा तिमाही के लिए कंपनी के सतर्क नजरिए पर ज्यादा ध्यान दिया, जिससे सेंटीमेंट पर असर पड़ा।

जून तिमाही के दौरान कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने मांग में लगातार कमजोरी की ओर इशारा किया। इसके पीछे उन्होंने वेस्ट एशिया में युद्ध की अनिश्चितता, सोने पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी, रुपये की गिरती कीमतों को टहराया है। साथ ही सोने की कीमतें कम होने की उम्मीद में ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने का हवाला भी दिया है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

थंगामयिल ज्वैलरी  ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए ₹85 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹45.7 करोड़ से 86% ज्यादा है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 71.2% बढ़कर ₹2,666.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में यह ₹1,558 करोड़ था।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी मजबूत रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 66.2% बढ़कर ₹144.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹87 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 5.4% रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 5.6% था।

अच्छे फाइनेंशियल नतीजे दिखाने के बावजूद, कंपनी ने निकट भविष्य में मांग को लेकर सतर्क रुख दिखाया।

30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही के दौरान सेम-स्टोर सेल्स (SSS) ग्रोथ 44.4% रही, जबकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 72.3% थी। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि सोने की बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) अपेक्षाकृत कम रही, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें पिछली तिमाही (जब कीमतें काफी ऊंची थीं) की तुलना में कम थीं। कंपनी के अनुसार, मांग पर मुख्य रूप से 13 मई, 2026 से सोने पर आयात शुल्क (import duty) 6% से बढ़कर 15% होने और भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट का असर पड़ा। इन घटनाक्रमों के कारण कई ग्राहकों ने गहनों की खरीदारी टाल दी, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें कम हो सकती हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता का ग्राहकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा। कंपनी ने बताया कि जिन इलाकों में वह काम करती है, वहां से आने वाले पैसे (remittances) में कमी के कारण विदेशों में रहने वाले भारतीयों (expatriates) द्वारा सोने की खरीदारी में सुस्ती आई, जिससे तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बिक्री और कम हुई।

मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में भी यह कमजोरी बनी हुई है। थंगामयिल ज्वैलरी  ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के पहले 28 दिनों में बिक्री में कोई खास सुधार नहीं दिखा। बिक्री में लगातार सुस्ती की वजह युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता और ग्राहकों की यह उम्मीद रही कि अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आएगी, जिसके चलते उन्होंने खरीदारी को और टाल दिया।

कंपनी को उम्मीद है कि जियोपॉलिटिकल हालात स्थिर होने और सोने की कीमतों को लेकर नजरिया बेहतर होने पर यह टली हुई मांग वापस आएगी। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में सुधार होगा।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

हालांकि बुधवार के कारोबार में स्टॉक 10% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। थंगामयिल ज्वैलरी  के शेयरों में पिछले 1 महीने में 10%, 3 महीनों में 62% और पिछले 6 महीनों में 85% की बढ़त हुई है। एक साल के आधार पर, स्टॉक ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और इसमें 249% की उछाल आई है, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसने 1,370% का रिटर्न दिया है।

स्टॉक ने पिछले कारोबारी सत्र में 28 जुलाई को ₹7,429 का अपना 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹1,774.35 पिछले साल जुलाई में दर्ज किया गया था।

Devyani International share Price: Q1 मुनाफे में 4 गुना की दमदार बढ़ोतरी, शेयर 9% भागा, मार्जिन में भी दिखा सुधार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: फेड फैसले से पहले सोने-चांदी में उठा-पटक, चांदी ‌₹2200 हुई महंगी, अब क्या करें निवेशक

Gold Silver price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज 29 जुलाई को उठा- पटक देखने को मिल रही है। बुधवार को स्पॉट मार्केट में मांग घटने की वजह से फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमतें 158 रुपये गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। उसके विपरीत, चांदी की कीमतें 0.69 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 158 रुपये या 0.11 प्रतिशत गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुए, जिसमें 375 लॉट का कारोबार हुआ। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी की कीमतें 2250 रुपये या 1.04 फीसदी बढ़कर 2,18,649 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

बाजार जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग के कारण आई है। ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स 4,031.22 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर ट्रेड कर रहे थे। मार्केट में नई पोजीशन बनने से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

आज रात US फेड पॉलिसी को होगा ऐलान

US फेड का पॉलिसी फ़ैसला आज रात 11:30 बजे (IST) आएगा, जबकि फेड चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणी रात 12:00 बजे (IST) होनी है।

जून में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद, ऐसी पूरी उम्मीद है कि US सेंट्रल बैंक आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की नई चिंताओं की वजह से फेड सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, FedWatch टूल बताता है कि बाज़ार को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 76% संभावना और 29 जुलाई को 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की 30% संभावना दिख रही है।

क्या कहते है बाजार जानकार

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह ने कहा, “बाज़ार अभी ब्याज दरें बढ़ने की लगभग एक-तिहाई संभावना मानकर चल रहा है। सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों ने US डॉलर इंडेक्स को 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे बुलियन (सोने-चांदी) पर दबाव पड़ा है।” US फेड के अलावा, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) भी क्रमशः गुरुवार और शुक्रवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं।

बढ़ी हुई ब्याज दरें सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि ऊंची दरों से इस पीली धातु (जो कोई रिटर्न नहीं देती) को अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है।

इस बीच, डॉलर इंडेक्स 0.10% गिरकर 101.30 पर आ गया, जबकि US 10-साल के बॉन्ड का यील्ड पिछले सेशन के 4.60% से बढ़कर 4.61% हो गया।

अब क्या हो रणनीति

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सेशन में सोने के लिए $4,010 और $3,974 पर सपोर्ट और $4,070 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी के लिए $56.80 और $56 पर सपोर्ट और $58.40 और $59.10 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

MCX पर, जैन ने बताया कि सोने के लिए सपोर्ट ₹1,40,800 और ₹1,40,000 पर है और रेजिस्टेंस ₹1,42,200 और ₹1,43,100 पर है, जबकि चांदी के लिए सपोर्ट ₹2,14,000 और ₹2,12,200 पर है और रेजिस्टेंस ₹2,17,700 और ₹2,20,000 पर है।जैन ने कहा, “हम लंबे समय के निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार में आई इस गिरावट के दौरान SIP मोड में सोना और चांदी खरीदें, और ट्रेडर्स FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले इससे दूर रहें।

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में मामूली बढ़त, खरीदारी से पहले जानें 10 प्रमुख शहरों के ताजा रेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।